NICL Recruitment 2026: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में असिस्टेंट के 500 पदों पर भर्ती शुरू, जानें कौन कर सकता है आवेदन

NICL Recruitment 2026: अगर आप ग्रेजुएट हैं और बीमा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो देश की प्रमुख नेशनल बीमा कंपनी (NICL) असिस्टेंट के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कंपनी 500 पदों पर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करेगी। इन पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एनआईसीएल की आधिकारिक वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in/recruitment पर 07 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी।

एनआईसीएल भर्ती 2026: एक नजर में

ऑनलाइन आवेदन शुरू : 18 जुलाई 2026

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 7 अगस्त 2026

आवेदन शुल्क जमा करने की अवधि : 18 जुलाई 2026 से 7 अगस्त 2026 तक

फेज-1 (प्रारंभिक) ऑनलाइन परीक्षा : 27 अगस्त 2026

फेज-2 (मुख्य) ऑनलाइन परीक्षा : 30 अक्टूबर 2026

500 पदों पर राज्यवार की जाएगी भर्ती

एनआईसीएल के इस भर्ती अभियान के तहत कुल 500 असिस्टेंट पद भरे जाएंगे, जिनकी नियुक्ति राज्यवार की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार सिर्फ एक ही राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। सबसे अधिक रिक्तियां महाराष्ट्र (57), तमिलनाडु (49), पश्चिम बंगाल (46), राजस्थान (36), केरल (35), गुजरात (34), उत्तर प्रदेश (24), दिल्ली (20) और बिहार (12) में निकाली गई हैं।

आवेदन के नियम और शर्तें

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही जिस राज्य के लिए उम्मीदवार आवेदन करेगा, वहां की क्षेत्रीय भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने का ज्ञान होना जरूरी है। अंतिम चयन से पहले क्षेत्रीय भाषाकी परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।

आयु सीमा : 1 जुलाई 2026 के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और अन्य आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा।

  • ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा
  • ऑनलाइन मुख्य परीक्षा
  • क्षेत्रीय भाषा परीक्षा

रीजनल लैंग्वेज टेस्ट केवल क्वालिफाइंग होगा। अंतिम मेरिट सूची केवल मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

प्रारंभिक परीक्षा में 100 अंकों के 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें अंग्रेजी भाषा, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड से प्रश्न होंगेहों गे। परीक्षा की कुल अवधि 60 मिनट होगी। मुख्य परीक्षा में 200 अंकों के 200 प्रश्न होंगेहों गे। इसमें रीजनिंग, अंग्रेजी भाषा, न्यूमेरिकल एबिलिटी, जनरल अवेयरनेस और कंप्यूटर नॉलेज से प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी।

दोनों ऑनलाइन परीक्षाओं में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई (1/4) अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी, जबकि बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर श्नों कोई अंक नहीं काटे जाएंगे।

आवेदन शुल्क

एससी, एसटी, दिव्यांग (PwBD) और भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) वर्ग के उम्मीदवारों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 850 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा।

एनआईसीएल असिस्टेंट भर्ती 2026 आवेदन करने के स्टेप्स

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर अपलोड करें।
  • बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्तलिखित घोषणा अपलोड करें।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन पत्र को ध्यान से जांच लें।
  • पात्रता के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
  • ध्यान रखें कि फाइनल सबमिट के बाद आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा।

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अपार आईडी निर्माण में यूपी नंबर-1, स्कूल और उच्च शिक्षा में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

UP ranks first in APAAR ID: उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देशभर में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। डिजिटल इंडिया के तहत अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी निर्माण में उत्तर प्रदेश ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों श्रेणियों में देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

 

विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, उच्च शिक्षा में उत्तर प्रदेश ने 73,20,603 अपार आईडी बनाकर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र (55,52,064) और तीसरे स्थान पर राजस्थान (42,16,422) हैं। वहीं स्कूल शिक्षा में भी उत्तर प्रदेश ने 2,95,90,359 अपार आईडी तैयार कर देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। महाराष्ट्र (2,09,53,061) दूसरे और बिहार (1,58,86,050) तीसरे स्थान पर हैं।

डिजिटल शिक्षा अभियान को मिली नई गति

योगी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को एकीकृत करने और भविष्य में प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा तथा रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से अपार आईडी निर्माण अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश दोनों श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

छात्र-छात्राओं की स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है अपार आईडी

अपार आईडी प्रत्येक छात्र-छात्राओं के लिए एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है। इसके माध्यम से छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है, जिससे स्कूल बदलने, उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सेवाओं में सुविधा मिलती है।

 

दरअसल, अभी हाल ही में हुई मुख्य सचिव की बैठक के दौरान बताया गया कि सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड (डिग्री, डिप्लोमा, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण पत्र आदि) को अपार आईडी से मैप किया जा रहा है। छात्र-केंद्रित सेवाओं को सक्षम करने के लिए एनएडी एवं एबीसी जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाना है। शैक्षणिक वर्ष 2025 के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड जुलाई 2026 तक समय पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

सभी परीक्षाओं एवं मूल्यांकनों के लिए निर्धारित 6 महीने की समयसीमा का सख्ती से पालन करें। लंबित कार्यों की निगरानी और समय पर अपलोड सुनिश्चित करने के लिए मजबूत आंतरिक निगरानी तंत्र स्थापित करें। अपार आईडी के साथ पूर्ण मैपिंग करें और सभी शैक्षणिक दस्तावेजों (मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण पत्र) को व्यापक रूप से अपलोड करना सुनिश्चित किया जा रहा है। उच्च शिक्षा में 73.20 लाख अपार आईडी (देश में प्रथम) और स्कूल शिक्षा में 2.95 करोड़ से अधिक अपार आईडी (देश में प्रथम) दोनों श्रेणियों में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

 

योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश में प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल अकादमिक पहचान उपलब्ध कराना है, ताकि नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा सके।

आज का मौसम: 7 चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, IMD ने बिहार-यूपी समेत इन 16+ राज्यों में धुंआधार बारिश का अलर्ट दिया, 2 जगहों पर रेड वॉर्निंग

India Weather Update: देश भर में मानसून का सबसे रौद्र और व्यापक रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 18 जुलाई के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 7 बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इन प्रणालियों के आपस में जुड़ने के कारण देश के 16 से अधिक राज्यों में धुंआधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 2 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड वॉर्निंग यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

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आसमान में सक्रिय हैं ये 7 बड़े सिस्टम

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ सात बड़ी मौसमी प्रणालियां मानसून को अत्यधिक तीव्र और खतरनाक बना रही हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उसके पड़ोस पर बना कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अमृतसर, करनाल, बरेली, लखनऊ, पटना, उत्तरी झारखंड व पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र और डायमंड हार्बर से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: पूर्वी यूपी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच लगातार बना हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाकों पर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।

उत्तरी केरल पर चक्रवाती सिस्टम: उत्तरी केरल और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली ट्रफ लाइन समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर बनी हुई है। उत्तर-पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी असम का सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ लाइन अभी भी सक्रिय है।

इन 2 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’

मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज का दिन सबसे भारी रहने वाला है। यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, यहां बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। असम और मेघालय में कई जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

बिहार-यूपी और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मैदानी और तटीय इलाकों के कुल 11 राज्यों में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में आज भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कई जगहों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में आज बादल जमकर बरसेंगे। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय राज्य ओडिशा में आज भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज भारी वर्षा होने की उम्मीद है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में आज मानसून की छिटपुट से लेकर व्यापक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

तेलंगाना में थंडरस्क्वाल; कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में आज गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की बहुत संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में आज गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज दिन भर काफी तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आज जारी रहेगा उमस का कहर

मौसम के इस अनोखे पैटर्न के बीच देश का एक हिस्सा ऐसा भी होगा जहाँ बारिश न होने से लोग परेशान रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग जगहों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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पीएम सूर्य घर योजना : CM योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा UPPM

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

– सूर्य घर योजना में 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापित, गुजरात के बाद देश में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

– योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित

– प्रदेश में तेजी से विकसित हुई सोलर इकोनॉमी, 85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।

   
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

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2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपए मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।

यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।

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7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार

पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

   
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

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मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।

 

9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत

घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती।

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रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है। 

 

हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है।

इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड  उत्सर्जन से बचाव हो सकता है। पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है।

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इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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बुलेट-ट्रेन प्रोजेक्ट लेट होने से जापान के पूर्व मंत्री नाराज:कहा- हमने पूरी मेहनत की लेकिन भारतीय मंत्री का रवैया खराब, उन्होंने वादा नहीं निभाया

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारतीय मंत्री का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गए। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलते रहे। इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। ‘प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला’ माकिहारा के मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला। दरअसल, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1-3 जुलाई 2026 में भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान दोनों देशों ने 129 समझौतों का ऐलान किया था। इन समझौतों का मकसद निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। माकिहारा ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 100% यकीन है कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है। हालांकि, भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी के पूर्व PM शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इस प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया था। दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर बुलेट ट्रेन तीन घंटे में तय करेगी। अभी नॉर्मल ट्रेन से यह सफर तय करने में सात-आठ घंटे लगते हैं। रूट पर 12 स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती हो सकते हैं। इनमें मुंबई स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में ₹88 हजार करोड़ जापानी निवेश मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पहले अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है। इसमें से लगभग ₹88 हजार करोड़ जापान दे रहा है। यह पैसा जापान की सरकारी एजेंसी JICA बेहद सस्ती शर्तों पर दे रही है। इस कर्ज पर सिर्फ 0.1% सालाना ब्याज लगेगा, इसे चुकाने के लिए 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक इस परियोजना के लिए 1,150 अरब येन (करीब ₹55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। इसके अलावा वह बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन तकनीक, ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को उपलब्ध करा रहा है। रूट का 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा 508 किमी के रूट में से 351 किमी हिस्सा गुजरात और 157 किमी हिस्सा महाराष्ट्र से गुजरेगा। कुल 92% यानी 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। मुंबई में 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। 13 किमी हिस्सा जमीन पर होगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे। शुरुआत 10 कोच वाली 35 बुलेट ट्रेनों से होगी। ये ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। 2050 तक इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 105 करने का प्लान है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही:जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे; PM ताकाइची को बहन कहा भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत PMO के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

5 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से अगले 7 दिन भारी! IMD ने यूपी-बिहार, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Alert: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 बड़े चक्रवाती सिस्टम और वेदर प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके संयुक्त प्रभाव के कारण अगले 7 दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों के दौरान मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 5 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ कई शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जो मानसून को अत्यधिक तीव्र बना रहे हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ कमजोर होकर अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 17 जुलाई को गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड व उत्तरी ओडिशा के ऊपर है, जो अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे और कमजोर होगा।

एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर उत्तरी पाकिस्तान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, असम के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम एक्टिव हैं। उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है और पूर्वी सिरा निचले क्षोभमंडल स्तर में अपनी सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

अत्यंत भारी और मूसलाधार बारिश की चेतावनी (17-19 जुलाई)

इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। राज्य में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जुलाई और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी।

अगले 7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल)

पश्चिमी यूपी में 17-18 जुलाई और पूर्वी यूपी में 17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद 19 से 23 जुलाई के दौरान पश्चिमी यूपी में और 18 से 23 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी में अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होगी। 19 से 21 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 20 से 22 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 18 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को पूर्वी यूपी में और 19 व 23 जुलाई को पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में 17 से 23 जुलाई तक और हिमाचल प्रदेश में 18 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। उत्तराखंड में 18 से 21 जुलाई के बीच और हिमाचल प्रदेश में 19 से 22-जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा उत्तराखंड में 17 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को तथा हिमाचल में 18 व 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 20 से 22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश भी हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 17-19 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश और फिर 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 17-23 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 18-23 जुलाई के बीच छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और बंगाल)

बिहार में आज 17 जुलाई और 22-23 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि 18 से 21 जुलाई के दौरान राज्य में व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 19 और 20 जुलाई को बिहार में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 17-18 जुलाई और 21-23 जुलाई को भारी बारिश की भी संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। झारखंड में 17 से 20 जुलाई तक और गांगेय पश्चिम बंगाल में आज भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 17 से 20 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। इस दौरान 17-18 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में और 17-19 जुलाई के दौरान असम व मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 22 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य और पश्चिम भारत (एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में आज भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज भारी बारिश होने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत (कर्नाटक, केरल और तेलंगाना)

तटीय कर्नाटक में 17 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (17 जुलाई) बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में आज भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और कड़कड़ाती हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ ही मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी-बवंडर का भी अलर्ट दिया है। जम्मू-कश्मीर (17-23 जुलाई), मध्य प्रदेश (17-21 जुलाई), झारखंड (17-21 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा (17-19 जुलाई), उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (17-19 जुलाई), तटीय आंध्र प्रदेश व यानम (17-21 जुलाई), रायलसीमा (17 जुलाई), गोवा (17 जुलाई) और तेलंगाना (19-23 जुलाई) में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की आशंका है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी आज ऐसी ही स्थिति रहेगी। तेलंगाना में 17 और 18 जुलाई को अत्यंत तीव्र थंडरस्क्वाल आने की चेतावनी है।

बिहार, अंडमान और निकोबार, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 17 से 21 जुलाई के बीच और केरल व माहे में 17-19 जुलाई के बीच तेज हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आने वाले दिनों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

उमस और गर्म मौसम

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में बारिश की कमी के कारण उमस परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहेंगी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी अगले 3 दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी।

इसके प्रभाव से आज 17 जुलाई को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के लोगों को 18 जुलाई को भी इस उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, क्या बोले पवन खेड़ा?

sonam wangchuk hunger strike

NEET परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन भी जारी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। धीरे धीरे राजनीतिक पार्टियां सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, राज ठाकरे समेत कई राजनीतिक दिग्गज सोनम वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं। ALSO READ: 'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील

 

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं। हमारा सामना एक बेहद असंवेदनशील सरकार से है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती। ऐसी सरकार के सामने विरोध के तरीकों में बदलाव लाना होगा। इस सरकार के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि हम छात्रों की गूंज के नाम से एक अभियान चला रहे हैं। हमारे लोग सक्रिय रूप से सड़क, कैम्पस, हर जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हम सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे बल्कि परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी कर रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, किसी भी स्थिति में देश के इस अनमोल रत्न को खो नहीं सकते है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य को भी अधर में नहीं छोड़ सकते हैं। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

 

क्या बोले राज ठाकरे?

पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोनम वांगचुक को लेकर एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने शायद देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है। राज ठाकरे ने कहा कि यदि यह सरकार अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दौरान मूक दर्शक बनी रह सकती है, तो नागरिकों के विरोध प्रदर्शन का उस पर आखिर क्या असर हो सकता है।

 

ठाकरे ने कहा कि वांगचुक के स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट और टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरें निश्चित रूप से चिंताजनक हैं। यह कहना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को कुर्बान करने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही शायद देश में विरोध प्रदर्शन के लिए मौजूद लोकतांत्रिक अधिकार को भी समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। 

केजरीवाल ने की वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।

Weather Update : फिर बदलेगा मौसम, यहां उमस से मिलेगी राहत, इन राज्‍यों में बारिश का अलर्ट

Weather to change again, rain alert for these states

Weather Update News : एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

 

कुछ राज्यों में ओले गिरने की आशंका

एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।

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तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट

एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

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इन राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज ओडिशा में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, कुलगाम, कठुआ, मुजफ्फराबाद, किश्तवाड़, अनंतनाग और उधमपुर में आज और कल भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो, सिमडेगा, खूंटी, दुमका, देवघर, हजारीबाग, धनबाद और पलामू में आज भारी बारिश की चेतावनी है।

 

बिहार के गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, पटना, कैमूर, बक्सर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया और मुंगेर में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली में आज और कल भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। 

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मध्य प्रदेश के 31 जिलों में बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में करीब 9 दिन से थमा तेज बारिश का दौर अब फिर लौटने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने आज बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 31 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

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पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश से नदियों में जल स्तर बढ़ सकता है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका है। महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय है। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है, वहीं पुणे और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी है।

Rain Alert: 4 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! यूपी से लेकर बिहार और बंगाल तक आज भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Today 17 July: देश भर में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 जुलाई उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations / चक्रवाती सिस्टम) सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम ने विकराल रूप ले लिया है।

इसके साथ ही तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कुछ मैदानी इलाकों में अत्यधिक उमस व गर्मी का भी पूर्वानुमान है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 4 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसी सिस्टम से लेकर छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात राज्य होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

4 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम: पहला सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के इलाके में सक्रिय है। दूसरा सिस्टम उत्तरी हरियाणा और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर सक्रिय है। चौथा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्र में बना हुआ है। इन प्रणालियों के बीच 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने के लिए एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ भी तैयार हो रहा है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने तीन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तरी ओडिशा और झारखंड से सटे इलाकों में बने सिस्टम के कारण यहाँ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहांआज बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आज कुछ जगहों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के 11 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी यूपी और बिहार से सटे इलाकों में चक्रवाती सिस्टम की मौजूदगी के चलते आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज झमाझम भारी बारिश का दौर चलेगा। गांगेय पश्चिम बंगाल के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में आज भारी बारिश आफत बन सकती है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (पूर्वी) में आज कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) का खतरा

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-बवंडर और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आज बिजली कड़कने और गरज-चमक का अलर्ट है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज काफी तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

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कुछ इलाकों में लू और उमस भरी गर्मी का टॉर्चर

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच कुछ राज्यों के लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ अलग-अलग हिस्सों में आज लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और अत्यधिक उमस भरा रहने वाला है।

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