‘आमिर खान Love Jihad के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं’; अभिनेता की तीसरी शादी पर भड़के महाराष्ट्र के मंत्री

Nitesh Rane on Aamir Khan: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता नितेश राणे ने बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह तय करना उनका काम नहीं है कि किसकी शादी में कौन जाए। लेकिन अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो आमिर खान को अपना आदर्श मानते हैं, इस पर विचार करें कि उन्हें उनसे कैसी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर खान ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बनते जा रहे हैं।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, शिरडी में आमिर खान की तीसरी शादी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री नितेश राणे ने कहा, “यह तय करना मेरा काम नहीं है कि कौन किसकी शादी में शामिल होगा। लेकिन, अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो उन्हें एक सेलिब्रिटी मानते हैं, इस पर सोचें कि उन्हें इससे किस तरह की प्रेरणा लेनी चाहिए। मेरा मानना ​​है कि जब सेलिब्रिटी अपनी निजी जिंदगी के बारे में ऐसे फैसले लेते हैं, तो हिंदू समाज को इस पर सोचना चाहिए। आमिर खान असल में ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं।”

राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, आमिर खान की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्री का कहना है कि ‘लव जिहाद’ संबंधी आरोप उनका व्यक्तिगत राजनीतिक बयान है। आमिर खान ने इसी महीने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की थी। रीना दत्ता और किरण राव के बाद यह आमिर खान की तीसरी शादी है।

आमिर खान ने 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी। दोनों के दो बच्चे अभिनेता जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद आमिर ने 2005 में किरण राव से दूसरी शादी की। इस शादी से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ। हालांकि, साल 2021 में दोनों ने अलग होने का ऐलान कर दिया। अब आमिर ने तीसरी शादी की है।

मुस्लिम विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं नितेश राणे

नितेश राणे पहले भी कई ऐसे सार्वजनिक बयान दे चुके हैं जिन्हें आलोचकों, विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने मुस्लिम विरोधी या सांप्रदायिक बताया है। इनमें मुस्लिम समुदाय, मस्जिदों, हलाल, लव जिहाद और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर उनकी तीखी टिप्पणियां शामिल रही हैं। दूसरी ओर, राणे और उनके समर्थकों का कहना है कि वे हिंदू हितों की बात करते हैं और उनके बयान कानून या सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर आधारित हैं।

Love Jihad क्या होता है?

‘लव जिहाद’ एक बेहद संवेदनशील और विवादित शब्द है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहसों में किया जाता है। इस शब्द का उपयोग उन मामलों को परिभाषित करने के लिए किया जाता है, जहां कथित तौर पर कोई मुस्लिम पुरुष किसी गैर-मुस्लिम महिला (आमतौर पर हिंदू या ईसाई) को शादी के माध्यम से इस्लाम में परिवर्तित करने के इरादे से प्रेम जाल में फंसाता है।

इस विषय से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोण और मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:-

1. आरोप और चिंताएं (दावा करने वालों का पक्ष)

धर्मांतरण का आरोप: दक्षिणपंथी संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों का आरोप है कि यह एक संगठित प्रयास है, जिसके तहत पहचान छिपाकर (जैसे गलत नाम बताकर) या शादी का झांसा देकर महिलाओं का जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

पारिवारिक और सांस्कृतिक चिंताएं: इन समूहों का मानना है कि इसके पीछे जनसांख्यिकीय (demographic) बदलाव या सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करने का इरादा होता है।

2. आलोचकों और कानूनी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

आरोप निराधार: आलोचकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कई विपक्षी दलों का कहना है कि ‘लव जिहाद’ जैसी कोई संगठित साजिश नहीं है। उनका मानना है कि इस शब्द का इस्तेमाल सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने और वयस्कों की अपनी मर्जी से की जाने वाली अंतरधार्मिक (interfaith) शादियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता: आलोचकों का तर्क है कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 के तहत हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

3. अदालतों और जांच एजेंसियों का रुख

एनआईए (NIA) और पुलिस जांच: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने कुछ मामलों की जांच की है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, व्यक्तिगत स्तर पर धोखाधड़ी या जबरन धर्मांतरण के मामले तो सामने आए हैं। लेकिन किसी केंद्रीयकृत या संगठित ‘लव जिहाद’ नेटवर्क या साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

संसद में बयान: भारत सरकार ने भी संसद में एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया था कि मौजूदा कानूनों में ‘लव जिहाद’ जैसी कोई परिभाषा नहीं है और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ऐसा कोई संगठित मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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4. राज्यों के कानून

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों ने ‘गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध कानून’ (Anti-Conversion Laws) पारित किए हैं। हालांकि, इन कानूनों में सीधे तौर पर ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं है। लेकिन इनमें शादी के लिए धोखाधड़ी, लालच या जबरन किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने और इसके लिए सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं।

कल का मौसम 12 जुलाई: दिल्ली से यूपी-बिहार तक भारी बारिश का तांडव, IMD ने आंधी तूफान का ये अलर्ट दिया

Weather Forecast for July 12: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 12 जुलाई को मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुल मिलाकर, 12 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि कई राज्यों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा:-

  • बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • झारखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
  • गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा में भी भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा। जबकि मेघालय और असम के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कोंकण और गोवा में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत

केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके अलावा तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर लू (हीट वेव) जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक बारिश मेघालय के चेरापूंजी क्षेत्र में लगभग 19 सेंटीमीटर दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 सेंटीमीटर, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 8 से 16 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

राज्यों के अनुसार कल (12 जुलाई) का वेदर फोरकास्ट

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कीर्तिनगर में 13 सेमी और हिमाचल के नाहन में 16 सेमी बारिश के बाद कल भी पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी (Heavy to Very Heavy) बारिश का अलर्ट है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में कल भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना, बेगूसराय और खगड़िया समेत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR: पंजाब के लुधियाना और कपूरथला में भारी बारिश (7 सेमी) के बाद कल भी पंजाब और हरियाणा-दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा: पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी स्थानों पर मानसून सक्रिय है। चेरापूंजी और मौसिनराम में भारी तबाही के बाद कल भी इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड: गंगा के मैदानी इलाकों (Gangetic West Bengal) और झारखंड (जामताड़ा, गोड्डा) के अधिकांश हिस्सों में कल भी भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम थोड़ा शुष्क या छिटपुट बारिश वाला रह सकता है।

दक्षिण भारत व तटीय कर्नाटक: तटीय कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में कल मानसून मेहरबान रहेगा। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान और गुजरात: राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी) और गुजरात क्षेत्र के अलग-अलग (Isolated) स्थानों पर ही कल केवल छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यानी यहां मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी है।

तापमान का हाल: उमस और गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है:-

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से भी अधिक दर्ज किया गया, जिससे वहां भीषण गर्मी का माहौल है।
  • यूपी, बिहार, ओडिशा, असम और राजस्थान के कई इलाकों में भी रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ठंडा स्थान

देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश के खरगोन में 19.4°C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में कल यात्रा करते समय सावधानी बरतें। आकाशीय बिजली (Lightening) चमकने के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।

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लोगों के लिए सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
  • स्थानीय प्रशासन और भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।

Bank Holiday: 13 जुलाई, सोमवार को बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on 13th July 2026: अगर आपको अगले हफ्ते के पहले ही दिन यानी सोमवार, 13 जुलाई को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए है। अक्सर लोग बिना छुट्टी चेक किए बैंक चले जाते हैं और वहां ताला लटका मिलने पर परेशान होना पड़ता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 13 जुलाई को देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में बैंकों में छुट्टी रहने वाली है। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में नहीं होगी। आइए जानते हैं कि सोमवार को किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से कामकाज होगा।

13 जुलाई को कहां बंद रहेंगे बैंक?

13 जुलाई को देश के कुछ राज्यों में विशेष स्थानीय त्योहारों और ऐतिहासिक दिवसों के कारण सरकारी और निजी दोनों तरह के बैंकों में अवकाश रहेगा:

भानु जयंती (Bhanu Jayanti): नेपाली भाषा के महान कवि भानुभक्त आचार्य की जयंती के अवसर पर सिक्किम में 13 जुलाई को बैंकों में आधिकारिक छुट्टी रहेगी।

शहीद दिवस (Martyrs’ Day): इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्थानीय अवकाश के कारण जम्मू और कश्मीर में भी इस दिन बैंक बंद रह सकते हैं।

ध्यान दें: सिक्किम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में 13 जुलाई, सोमवार को बैंक पूरी तरह से खुले रहेंगे और कामकाज सामान्य दिनों की तरह होगा।

इंटरनेट बैंकिंग और ATM रहेंगे चालू

भले ही इन चुनिंदा राज्यों में सोमवार को बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सब्सक्राइबर्स और ग्राहक अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए इन ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

  • नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी।
  • UPI जैसे- गूगल पे, फोन पे, पेटीएम के जरिए पैसों का लेन-देन हमेशा की तरह चालू रहेगा।
  • कैश निकालने के लिए एटीएम (ATM) की सेवाएं पूरी तरह खुली रहेंगी।

IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

Home Loan Rates: नया घर खरीदने का है प्लान? देखें जुलाई 2026 में सरकारी, प्राइवेट बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की ताजा ब्याज दरें

Home Loan Interest Rates July 2026 Comparison: अगर आप अपने सपनों का आशियाना खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। होम लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दरों की तुलना करना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि मामूली सा अंतर भी आपकी मंथली ईएमआई (EMI) और कुल ब्याज के खर्च को लाखों रुपये कम कर सकता है।

वर्तमान में कई सरकारी बैंक 7.10% की शुरुआती दर पर होम लोन की पेशकश कर रहे हैं। हालांकि, आपको किस दर पर लोन मिलेगा, यह आपके क्रेडिट स्कोर, लोन की राशि, आपकी आय और रीपेमेंट हिस्ट्री जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं देश के प्रमुख सरकारी, प्राइवेट बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) की जुलाई 2026 की ताजा ब्याज दरें।

RBI की नीति और होम लोन का कनेक्शन

होम लोन की ब्याज दरें सीधे तौर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति से जुड़ी होती हैं. आरबीआई ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है, जिसके चलते मार्केट में लोन की दरें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं.

1. सरकारी बैंकों की होम लोन दरें

सरकारी बैंक आमतौर पर सबसे किफायती दरों पर लोन ऑफर करते हैं. यहां प्रमुख सरकारी बैंकों की ब्याज दरों की लिस्ट दी गई है:

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 7.10% से 9.15%
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 7.10% से 9.90%
  • बैंक ऑफ इंडिया: 7.10% से 10.25%
  • यूको बैंक (UCO Bank): 7.15% से 9.25%
  • इंडियन बैंक: 7.15% से 9.55%
  • यूनियन Bank ऑफ इंडिया: 7.15% से 9.60%

1. सरकारी बैंकों की होम लोन दरें

2. प्राइवेट बैंकों की होम लोन दरें

प्राइवेट सेक्टर के बैंक बेहतर और फास्ट सर्विस के साथ इन दरों पर होम लोन दे रहे हैं:

  • साउथ इंडियन बैंक: 7.20% से शुरुआत
  • फेडरल बैंक: 7.35% से 10.25%
  • HSBC बैंक: 7.45% से शुरुआत
  • कर्नाटक बैंक: 7.49% से 11.72%
  • ICICI बैंक: 7.55% से शुरुआत
  • कोटक महिंद्रा बैंक: 7.60% से शुरुआत

2. प्राइवेट बैंकों की होम लोन दरें

3. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की दरें

अगर आप बैंकों के बजाय हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का रुख करना चाहते हैं, तो उनकी दरें इस प्रकार हैं:

  • LIC हाउसिंग फाइनेंस: 7.15% से शुरुआत
  • बजाज हाउसिंग फाइनेंस: 7.25% से शुरुआत
  • PNB हाउसिंग फाइनेंस: 7.50% से शुरुआत
  • ICICI होम फाइनेंस: 7.50% से शुरुआत
  • गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस: 7.65% से शुरुआत
  • आदित्य बिड़ला कैपिटल: 7.75% से शुरुआत

3. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की दरें

सबसे सस्ता लोन पाने के लिए ‘क्रेडिट स्कोर’ है सबसे जरूरी

अगर आप बैंकों द्वारा ऑफर की जा रही सबसे न्यूनतम ब्याज दर (जैसे- 7.10%) का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर 800 या उससे अधिक होना चाहिए। इसके अलावा ब्याज दरें इस बात पर भी निर्भर करती हैं कि आवेदन करने वाला व्यक्ति नौकरीपेशा है या सेल्फ-एंप्लॉयड। नौकरीपेशा लोगों को बैंक अक्सर ब्याज दरों में थोड़ी एक्स्ट्रा छूट देते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

यूपी में 10 हजार युवाओं की होगी भर्ती, प्रोजेक्ट गंगा से गांव में होगी 20 हजार से एक लाख तक की इनकम, जानिए पूरी स्कीम

Project Ganga Scheme Explained: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने और गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना प्रोजेक्ट गंगा लेकर आ रही है। सरकार का दावा है कि प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण डिजिटल भविष्य की आधारशिला बनने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की 57000 ग्राम पंचायतों, गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल असमानता को पूरी तरह खत्म करना है।

इस परियोजना के जरिए गांवों को शहरों जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेस, स्मार्ट कृषि, डिजिटल भुगतान और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खुलेगा। अब ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस योजना के तहत 8 से 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। इनकी मासिक आमदनी 1 लाख रुपये तक हो सकती है।

प्रोजेक्ट गंगा की प्रमुख विशेषताएं और बड़े माइलस्टोन

प्रोजेक्ट गंगा के सभी प्रमुख माइलस्टोन पूरे कर लिए गए हैं और सरकार व पार्टनर्स ने इसकी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस योजना की मुख्य बातें यहां नीचे दी गई हैं-

10 हजार युवाओं को रोजगार: डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में 8000 से 10000 युवाओं की भर्ती की जाएगी। युवाओं को अपने ही गांव में डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

₹20 हजार से ₹1 लाख तक की इनकम: शुरुआत में डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करने वाले युवाओं की मासिक आय करीब 20000 रुपये होगी। जैसे-जैसे ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी यह आमदनी बढ़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है।

महिलाओं की 50% भागीदारी: महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए गंगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनने वाले डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की सुनिश्चित की गई है। इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

ब्याज मुक्त लोन: अपने गांव या घर में इंटरनेट उद्यम शुरू करने के लिए सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त लोन उपलब्ध करा रही है।

पहले चरण में 21 जिले शामिल, नेपाल सीमा को प्राथमिकता

यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की जाएगी। योजना के पहले चरण में राज्य के 21 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले 2 से 3 वर्षों में इस परियोजना का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में कर दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 20 लाख परिवारों को सीधे तौर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पूरे प्रदेश में 1 लाख से अधिक रोजगार सृजन की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

गांवों में रुकगा पलायन, मिलेंगे फ्रीलांसिंग और रिमोट वर्क के अवसर

हाई-स्पीड इंटरनेट और फ्री वाई-फाई की उपलब्धता से ग्रामीण यूपी में डिजिटल क्रांति आएगी। इससे युवाओं को बड़े फायदे मिलेंगे। गांवों में ही ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी होने से युवाओं को फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क, ऑनलाइन वोकेशनल ट्रेनिंग और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से अब गांवों के युवाओं को कोडिंग सीखने, फ्रीलांसिंग करने या अपना खुद का टेक-स्टार्टअप शुरू करने के लिए दिल्ली या नोएडा जैसे बड़े शहरों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आसानी से जोड़ने के लिए सरकार बेहद किफायती दरों पर इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराएगी।

साइबर सिक्योरिटी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

इस प्रोजेक्ट का टारगेट सिर्फ इंटरनेट पहुंचाना ही नहीं है बल्कि गांवों को भविष्य की डिजिटल तकनीकों के लिए तैयार करना है। योजना के तहत सीसीटीवी आधारित सुरक्षा समाधान, साइबर सिक्योरिटी सेवाएं और विभिन्न संस्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत किया जाएगा। साइबर सुरक्षा, सीसीटीवी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण डेटा और परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहें।

हिंदुजा समूह की कंपनी है नॉलेज पार्टनर

इस विशाल और महत्वाकांक्षी डिजिटल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने मजबूत साझेदारी की है। दिग्गज हिंदुजा समूह की ब्रॉडबैंड इकाई वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड इस पूरे प्रोजेक्ट में नॉलेज पार्टनर और इम्प्लीमेंटेशन एनैबलर के रूप में शामिल है।

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Farm Loan Waiver: महाराष्ट्र में बदले किसानों की कर्जमाफी के नियम, 2 लाख की लिमिट खत्म, जानें अब किसे मिलेगा फायदा

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बहुत बड़ी राहत देते हुए अपनी कृषि कर्जमाफी योजना के नियमों में बदलाव करने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में घोषणा की कि सरकार की नई कर्जमाफी योजना से उस शर्त को पूरी तरह हटा दिया गया है जिसके तहत बकाया कर्ज की सीमा 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए थी। विपक्ष द्वारा लाए गए अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री (जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है) ने बताया कि 2 लाख रुपये की इस ऊपरी सीमा के हटने से उन हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा जो पहले इस शर्त के कारण योजना से बाहर हो गए थे।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नई योजना का नाम पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि कर्जमाफी योजना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इस फैसले से अब किन-किन किसानों को लाभ मिलेगा और योजना के नए नियम क्या हैं।

अब 2026-27 तक का बकाया कर्ज होगा माफ

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्जमाफी के दायरे को बढ़ाते हुए एक और बड़ी राहत की घोषणा की है। पहले यह योजना सिर्फ वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के बकाया कर्ज पर लागू होने वाली थी। अब इस समयसीमा को बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 तक के बकाया लोन के लिए विस्तारित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य में किसी भी सरकार द्वारा लिया गया यह ऐसा पहला फैसला है।

56 लाख किसानों को मिलेगा 36000 करोड़ रुपये का फायदा

इस योजना की आलोचनाओं को खारिज करते हुए वित्त मंत्री फडणवीस ने आंकड़े सदन के सामने रखे। विपक्ष के इस आरोप को उन्होंने खारिज कर दिया कि सिर्फ 12000-13000 करोड़ रुपये ही बांटे जाएंगे और 36 लाख किसान छूट जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक योजना के तहत राज्य के करीब 56 लाख किसानों को 36000 करोड़ रुपये की कर्जमाफी सहायता का लाभ मिलेगा। इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से सलाह ली गई थी। राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अपनी समग्र सहायता के हिस्से के रूप में पहले वर्ष में ₹20000 करोड़, दूसरे वर्ष में ₹22000 करोड़ और उसके बाद ₹25000 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव रखती है।

पुरानी कर्जमाफी योजनाओं से कैसे अलग है यह नियम?

मुख्यमंत्री ने साल 2019 की पुरानी ‘महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमाफी योजना’ का उदाहरण देते हुए मौजूदा बदलाव को समझाया। महात्मा फुले योजना में पात्रता की सीमा 2 लाख रुपये के ओवरड्यू लोन तक ही सीमित थी। अगर किसी किसान का बकाया इस सीमा से महज 1 रुपये भी ज्यादा होता था तो उसे योजना से पूरी तरह बाहर कर दिया जाता था। उस योजना से लगभग 32 लाख किसानों को लाभ मिला था।

सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने ₹50000 के पुनर्भुगतान से जुड़ी शर्त को हटाने से इनकार कर दिया क्योंकि इससे खजाने पर ₹4000-5000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ता। हालांकि उन्होंने बड़ी घोषणा की कि महात्मा फुले कर्जमाफी योजना के तहत आने वाले किसानों को भी अब 2 लाख रुपये तक का कर्जमाफी लाभ मिलेगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने 2017, 2020 और अब 2026 में बड़े पैमाने पर कृषि कर्जमाफी को लागू किया है।

कुछ लाभार्थियों को योजना से बाहर रखने पर क्या बोले CM?

नियमित कर्जमाफी से कर्जदारों में पुनर्भुगतान में देरी करने की प्रवृत्ति बढ़ने और सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने की बात मुख्यमंत्री ने स्वीकार की। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्जमाफी के लाभार्थियों को भविष्य की योजनाओं से बाहर रखने के सुझाव पर विचार किया था लेकिन अंततः किसानों की मदद करने और बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा के बीच एक संतुलन बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को बाहर रखने का फैसला कोई ऐसा नहीं है कि पहली बार लिया जा रहा हो। साल 2017 की कर्जमाफी के लाभार्थियों को 2019 की महात्मा फुले योजना से बाहर रखा गया था। ठीक इसी तरह साल 2008 की राष्ट्रीय कृषि कर्जमाफी योजना के दायरे में आए किसानों को महाराष्ट्र सरकार की 2009 की योजना से बाहर रखा गया था।

किसानों को संकट और साहूकारों से बचाना है मकसद: फडणवीस

योजना का बचाव करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संकटग्रस्त किसानों को फिर से संस्थागत ऋण (बैंकों से लोन) प्राप्त करने में मदद करने के लिए यह योजना बेहद जरूरी थी। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के कारण आज तक कोई भी किसान अमीर नहीं बना है लेकिन किसानों को निजी साहूकारों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए ऐसे कदम उठाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चाहती तो इस फैसले को टाल सकती थी क्योंकि राज्य में साल 2029 तक कोई चुनाव नहीं हैं लेकिन किसानों के वित्तीय संकट को देखते हुए सरकार ने चुनाव की परवाह किए बिना इस योजना की घोषणा की।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही किसानों को सालाना करीब ₹25000 करोड़ की बिजली सब्सिडी दे रही है। इसके साथ ही कृषि विभाग की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं का कुल परिव्यय लगभग ₹95000 करोड़ रुपये है।

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Stocks to Watch: आज 10 जुलाई को TCS, Dixon Tech समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 10 जुलाई को टीसीएस, आनंद राठी वेल्थ, डिक्सन टेक्नोलोजिज समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे और Q1 के लिए बिजनेस अपडेट जारी किया था। वहीं कुछ ने नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कई कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

आज इन कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे

इंडियन बैंक, एलएंडटी फाइनेंस, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस और जस्ट डायल

11 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी नतीजे

एवेन्यू सुपरमार्ट्स, LTM, अवंतेल और तिरुपति फिनलीज 11 जुलाई को अपनी तिमाही कमाई के नतीजे जारी करेंगी।

आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज: क्यू 1 में मुनाफा 4.6% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हुआ। रेवेन्यू 13.9% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हुआ। EBIT 11.6% बढ़कर 17,317 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 24.45% से घटकर 23.95% हो गया। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

आनंद राठी वेल्थ: Q1 में मुनाफा 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हुआ। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये हुआ।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: जून महीने में कुल प्रोडक्शन वॉल्यूम 30% बढ़कर 1,10,795 यूनिट हो गया। सेल्स वॉल्यूम 32.5% बढ़कर 1,03,502 यूनिट हो गया। एक्सपोर्ट वॉल्यूम 120.7% बढ़कर 5,954 यूनिट हो गया।

डिक्सन टेक्नोलोजिज: डिक्सन टेक ने भारत में एक जॉइंट वेंचर कंपनी बनाने के लिए वीवो मोबाइल इंडिया (VMI) के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के तौर पर काम करेगी। प्रस्तावित जॉइंट वेंचर में डिक्सन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी वीवो मोबाइल इंडिया के पास होगी।

विक्रम सोलर: कंपनी ने 130 MW की कुल क्षमता वाले मोनो-PERC 10BB DCR-कम्प्लायंट सोलर सेल खरीदने के लिए एवरवोल्ट सोलर टेक्नोलॉजी इंडिया के साथ सोलर सेल सप्लाई एग्रीमेंट किया है।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: पावर ग्रिड को भदला-III, रामगढ़ PS और कानपुर (PG) में ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) आधार पर क्षमता बढ़ाने और बे (bay) एक्सटेंशन के काम वाले प्रोजेक्ट के लिए इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम स्थापित करने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है।

हैवेल्स इंडिया: कंपनी ने भारतीय बाजार के लिए एडवांस्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) विकसित करने और पेश करने के लिए नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है।

कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और GAIL: कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अहमदाबाद के खोडियार में CONCOR के इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) में अत्याधुनिक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए GAIL (इंडिया) के साथ एक एग्रीमेंट किया है।

पेस डिजीटेक: कंपनी की सब्सिडियरी, Lineage Power ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई के लिए Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ दो रणनीतिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रीमियर एनर्जीज: कंपनी ने तेलंगाना के सीतारामपुर में अपनी नई 5.6 GW सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया है। इसने अपनी 6 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैसिलिटी और 18,000 मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाली एल्युमीनियम फ्रेम मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए भी शिलान्यास समारोह आयोजित किया।

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी: कंपनी ने 2015 में बने ‘लॉन्ग रेंज 2’ टैंकर, ‘जग लक्ष्मण’ की डिलीवरी ली है, जिसकी डेडवेट टनेज (DWT) क्षमता लगभग 109,990 है। कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में इस पोत को खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। इस खरीद के लिए पूरी तरह से कंपनी के अपने फंड (इंटरनल एक्रूअल्स) का इस्तेमाल किया गया है।

इस सौदे के बाद, कंपनी के अपने बेड़े में 41 पोत शामिल हो गए हैं, जिनमें 26 टैंकर और 15 ड्राई बल्क कैरियर हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.35 मिलियन DWT है। इसके बेड़े की मौजूदा क्षमता का इस्तेमाल लगभग 100 प्रतिशत हो रहा है।

बल्क डील्स

सनटेक रियल्टी: फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ने ‘फिडेलिटी सीरीज इमर्जिंग मार्केट्स अपॉर्चुनिटीज फंड’ के जरिए सनटेक रियल्टी में 32.33 करोड़ रुपये में 10.05 लाख शेयर खरीदे, जो 0.68 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। वहीं, श्रोडर इंटरनेशनल सिलेक्शन फंड इमर्जिंग एशिया ने 42.47 करोड़ रुपये में 13.2 लाख शेयर बेचे, जो 0.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। यह सौदा 321.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ।

नैक पैकेजिंग: बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने नैक पैकेजिंग में 196.59 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 7 लाख शेयर खरीदे, जो 0.57 प्रतिशत हिस्सेदारी (कुल 13.76 करोड़ रुपये) के बराबर है।

इस कंपनी की होगी लिस्टिंग

Kody Technolab

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

एक्सिस बैंक

डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज

नेस्ले इंडिया

एजिस लॉजिस्टिक्स

एजिस वोपाक टर्मिनल्स

अपोलो टायर्स

आर्टेमिस मेडिकेयर सर्विसेज

बिड़लासोफ्ट

कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज

कंट्रोल प्रिंट

डी-लिंक (इंडिया)

डायनामिक केबल्स

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज

ग्राइंडवेल नॉर्टन

जेके सीमेंट

जेएसडब्ल्यू सीमेंट

महिंद्रा लॉजिस्टिक्स

न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी

नीलकमल

न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स

ओरिएंट इलेक्ट्रिक

पीटीएल एंटरप्राइजेज

रोसारी बायोटेक

स्मार्टलिंक होल्डिंग्स

शोभा

वीएसटी इंडस्ट्रीज

वेल्सपन लिविंग

ZF कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया

ये शेयर करेंगे एक्स-बोनस ट्रेड

गोल्डियम इंटरनेशनल

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

यह शेयर करेगा एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले स्टॉक्स

मंगलम वर्ल्डवाइड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IMD Heavy Rain Alert: पूरे भारत में पहुंचा मानसून! दिल्ली में आज होगी भारी बारिश, UP-उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’, मुंबई में भी बरसेंगे बादल

Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई) के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में बारिश की तीव्रता कम रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिमी तटीय और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूरे देश में पहुंचा मानसून

IMD के अनुसार, 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है, जो सामान्य तारीख 8 जुलाई से एक दिन बाद हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाके, पश्चिमी तटीय क्षेत्र, प्रायद्वीपीय भारत और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

दिल्ली में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

IMD ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई की दोपहर और शाम के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने, तेज हवाओं से कमजोर ढांचों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है।

मुंबई में हल्की बारिश के आसार

मुंबई और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, पुणे और सतारा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि रायगढ़, कोल्हापुर, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में येलो अलर्ट लागू रहेगा।

यूपी के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल और ज्योतिबा फुले नगर शामिल हैं। वहीं सीतापुर, हरदोई, बुलंदशहर, सहारनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हापुड़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।

उत्तराखंड में भी ‘रेड अलर्ट’

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी ने बताया कि एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मध्य अक्षांशीय पश्चिमी हवाओं (Mid-Latitude Westerlies) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लोगों को जलभराव, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

IMD ने कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

साप्ताहिक बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान

हालांकि, कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। लेकिन आईएमडी का कहना है कि सप्ताहभर के दौरान देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। विशेष रूप से इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में औसत बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर जारी रहेंगे।

पिछले सप्ताह कैसा रहा मौसम?

पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बने इस सीजन के पहले डिप्रेशन के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। अब मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने और कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की आशंका है।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।