ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मानसून का रौद्र रूप! इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

ISRO Satellite Images: देश के कई हिस्सों में अभी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस साल मनसून के देरी से आने की वजह से लोगों को गर्मी से अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। वहीं भीषण गर्मी से परेशान और फसलों के लिए बारिश की राह देख रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में है। नई तस्वीरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर घने बादलों का बड़ा क्षेत्र दिखाई दे रहा है। इन बादलों की वजह से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई जगह तेज बारिश हो रही है।

सामने आई ISRO की ये तस्वीरें 

इसरो के INSAT-3DR उपग्रह से मिली तस्वीरों के अनुसार, बादलों का एक बड़ा समूह पूर्वी-मध्य अरब सागर से लेकर कोंकण तट तक फैला हुआ है। वहीं, दूसरा बड़ा बादल तंत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है, जिसका असर पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी देखा जा रहा है। सैटेलाइट की थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों में दोनों बादल तंत्रों के ऊपरी हिस्से चमकीले सफेद दिखाई दे रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि इन इलाकों में तेज़ बादल बनने की प्रक्रिया चल रही है और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कई जगह बहुत ज़्यादा बारिश होने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने दी ये जानकारी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। भारत के पश्चिमी हिस्से में अरब सागर के ऊपर बना मौसम तंत्र कोंकण तट के पास और अधिक मजबूत हो गया है। समुद्र का गर्म पानी और मानसून की तेज़ हवाएं इसे लगातार ताकत दे रही हैं। पिछले कुछ दिनों से तटीय इलाकों में कई जगह लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। कई सड़कों पर जलभराव होने और बारिश के कारण कम दिखाई देने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और ऊपरी स्तर की हवाओं के कारण बादल तेजी से ऊपर उठ रहे हैं और बड़े तूफानी बादलों का रूप ले रहे हैं। इसी वजह से पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई जगह तेज़ बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

शुरुआत में मानसून की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब इसके फिर से सक्रिय होने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। हालांकि, लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण शहरों में जलभराव, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और लोगों के आने-जाने में दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज़ हो सकती है। ऐसे में जिन इलाकों में बाढ़ या भूस्खलन का खतरा है, वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

Shakti Pumps Share Price: ₹354 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर निवेशक गदगद, शेयर 8% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 6 जुलाई को दिन में 8 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त देखी गई। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार कम हो गई। शेयर में खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को 353.89 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी को यह ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से मिला है।

यह ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 15,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंपों के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 324.96 करोड़ रुपये और GST के साथ 353.89 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

2 साल में Shakti Pumps India शेयर 350 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया का मार्केट कैप बढ़कर 7300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 510 प्रतिशत और 3 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत 36 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 949.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 842.36 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 29.13 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शक्ति पंप्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 29 जुलाई 2026 है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पाकिस्तानी फेयरनेस क्रीम लगाने से 18 महिलाओं की किडनी पर संकट! भारत में बिक्री को लेकर उठे बड़े सवाल

बाजार में ऐसी कई स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम मौजूद हैं जो कुछ ही दिनों में गोरा और बेदाग रंग देने का दावा करती हैं। आकर्षक विज्ञापनों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन हर चमकदार पैकेज के पीछे सुरक्षित उत्पाद हो, यह जरूरी नहीं है। हाल ही में एक मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिना जांचे-परखे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही है। इस घटना के बाद स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, उनमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों और ऑनलाइन बिकने वाले कॉस्मेटिक सामान की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि त्वचा की देखभाल के लिए हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद उत्पादों का ही चुनाव करना चाहिए, क्योंकि सुंदर दिखने की जल्दबाजी कभी-कभी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

तीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लगा तत्काल बैन

महाराष्ट्र FDA ने जांच के बाद तीन स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी। इनमें Goree Beauty Cream, Face Fresh Gold (Beauty Cream और Beauty Serum) और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं। जांच में इन्हें Not of Standard Quality (NSQ) घोषित किया गया।

लैब टेस्ट में मिला जहरीला सच

एफडीए की लैब जांच में इन क्रीमों में मरकरी (पारा) और लेड (सीसा) की मात्रा तय मानकों से कई गुना ज्यादा पाई गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तत्व लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

चेंबूर से खुली पूरे मामले की कड़ी

इस कार्रवाई से कुछ दिन पहले मुंबई के चेंबूर में एक दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उसने आयात प्रतिबंध के बावजूद कथित तौर पर पाकिस्तान में बनी Goree Beauty Cream का स्टॉक रखा और उसकी बिक्री की।

18 मरीज… और एक जैसी आदत

डॉक्टरों ने जब नागपुर में दो साल के दौरान किडनी की बीमारी से जूझ रही 18 महिलाओं के मामलों का अध्ययन किया तो एक समानता सामने आई। सभी महिलाएं लंबे समय से एक ही स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम का इस्तेमाल कर रही थीं। इसी के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू हुई।

752 गुना ज्यादा मरकरी होने का दावा

हेल्थ कंटेंट क्रिएटर चिराग बरजात्या ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि महाराष्ट्र FDA की रिपोर्ट में Goree Beauty Cream में मरकरी की मात्रा कानूनी सीमा से 752 गुना अधिक पाई गई। उनका कहना है कि यही कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की वजह बन सकता है।

कैसे नुकसान पहुंचाती है मरकरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, मरकरी त्वचा में बनने वाले मेलानिन को कम कर देती है, जिससे रंग हल्का दिखाई देता है। लेकिन यह असली निखार नहीं बल्कि रासायनिक असर होता है। धीरे-धीरे यह धातु त्वचा के जरिए शरीर में पहुंचकर खासकर किडनी में जमा होने लगती है और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।

ऑनलाइन बिक्री पर उठे बड़े सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह क्रीम कई इंस्टाग्राम पेजों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Meesho पर भी उपलब्ध थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि प्रतिबंध और आयात नियमों के बावजूद ऐसा प्रोडक्ट भारतीय बाजार तक कैसे पहुंचा।

लोगों की बढ़ी चिंता, मीशो ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लोगों से बिना जांचे-परखे स्किन-व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स से दूर रहने की अपील की। वहीं Meesho ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उसने इसकी जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

विशेषज्ञों की सलाह

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य ऐसी स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम इस्तेमाल करता है, तो उसकी गुणवत्ता और सामग्री की जांच जरूर करें। बिना लेबल वाले या संदिग्ध स्रोत से खरीदे गए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

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8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! न्यूनतम पेंशन 67% और उम्र के साथ 100% हाइक की मांग, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission Pension Revision Demands: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ देश के करीब 65 लाख रिटायर्ड पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। आयोग इस समय विभिन्न राज्यों का दौरा करके कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और हितधारकों से मुलाकात कर सुझाव जुटा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग के कार्यक्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा करना भी शामिल है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने पेंशन को लेकर कई बड़ी और क्रांतिकारी मांगें रखी हैं। आइए समझते हैं कि पेंशनर्स के लिए क्या-क्या मुख्य मांगें की गई हैं और इन्हें कब तक लागू किया जा सकता है।

प्रमुख कर्मचारी संगठनों की क्या हैं मांगें?

नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) जैसे बड़े संगठनों ने आयोग को अपनी विस्तृत मांगें सौंपी हैं:

NC-JCM: संशोधित वेतन के साथ पेंशन का स्ट्रक्चरल अलाइनमेंट किया जाए।

महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार और इसे DA से जोड़ा जाए।

AIDEF: नए रिवाइज्ड पे-स्ट्रक्चर के आधार पर सभी पेंशनर्स के लिए एक समान पेंशन लागू की जाए।

पेंशन रिवीजन से जुड़ी 5 सबसे बड़ी मांगें

हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें नीचे दी गई हैं:

  1. न्यूनतम पेंशन में बंपर बढ़ोतरी: पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन को आखिरी बार मिले वेतन या आखिरी 10 महीनों के औसत वेतन का 67% किया जाए।
  2. फिटमेंट फैक्टर और डीआर में सुधार: पेंशन कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर को संशोधित किया जाए और डियरनेस रिलीफ (DR) के ढांचे की समीक्षा करके इसे पेंशन लाभों में जोड़ा जाए।
  3. फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी: फैमिली पेंशन के दायरे को बढ़ाया जाए, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी हो और पेंशन कम्यूटेशन यानी पेंशन की एकमुश्त रकम के नियमों में सुधार किया जाए।
  4. पेंशन स्कीम चुनने की आजादी: रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी सुविधा के अनुसार पुरानी पेंशन योजना (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए।
  5. उम्र बढ़ने के साथ बढ़ेगी पेंशन: जैसे-जैसे पेंशनभोगी की उम्र बढ़े, उसकी पेंशन में भी आनुपातिक बढ़ोतरी की जाए। 90 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए इसे आखिरी वेतन का 100% करने का प्रस्ताव है।

उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?

संगठनों ने बढ़ती उम्र के साथ पेंशनर्स की चिकित्सा और अन्य जरूरतों को देखते हुए इस प्रकार पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है:

उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?

आयोग का अगला शेड्यूल और देशव्यापी बैठकें

8वें वेतन आयोग ने अप्रैल, मई और जून में कई राज्यों का दौरा किया है। जुलाई में भी बैठकों का दौर जारी है:

भुवनेश्वर (ओडिशा): 6 और 7 जुलाई को आयोग यहां हितधारकों के साथ अहम चर्चा कर रहा है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 जून को ही बंद हो चुके थे।

कोलकाता (पश्चिम बंगाल): इसके बाद आयोग 9 और 10 जुलाई को कोलकाता का दौरा करेगा।

मुंबई दौरा: आयोग ने मुंबई में सेंट्रल रेलवे जोन के तहत विभिन्न रेलवे विभागों का दौरा करने की इच्छा भी जताई है, ताकि कर्मचारियों की कामकाजी परिस्थितियों को करीब से समझा जा सके।

कब तक लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?

आमतौर पर वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में गठन के बाद से करीब 18 महीने का समय लगता है, जो मध्य-2027 (फरवरी या अप्रैल 2027) के आसपास पूरा होगा।

रिपोर्ट सौंपने के बाद, पिछले ट्रेंड्स बताते हैं कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने और इसे पूरी तरह लागू होने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाली वेतन और पेंशन बढ़ोतरी साल 2029 या 2030 तक पूरी तरह से जमीन पर लागू हो पाएगी।

बारिश में इन किलों की खूबसूरती देखकर भूल जाएंगे हिल स्टेशन, जरूर बनाएं ट्रिप का प्लान!

बारिश का मौसम आते ही महाराष्ट्र के पहाड़, घाटियां और ऐतिहासिक किले हरियाली से भर जानते हैं। मानसून में इन किलों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है और बादलों, झरनों व ठंडी हवाओं के बीच ट्रेकिंग का एक्सपीरियंस बेहद यादगार बन जाता है। अगर आप नेचर और एडवेंचर का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ये किले आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हैं:

1. सिंहगढ़ किला, पुणे

पुणे में सिंहगढ़ किले का समय, प्रवेश शुल्क, टिकट की कीमत; सिंहगढ़ किले के खुलने और बंद होने का समय, छुट्टियां और फोन नंबर

सिंहगढ़ किला पुणे से लगभग 30 किलोमीटर दूर है और महाराष्ट्र के सबसे पॉपुलर ट्रेकिंग डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज और तानाजी मालुसरे के शौर्य से जुड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में यहां चारों तरफ घनी हरियाली, ठंडी हवाएं और बादलों से घिरी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं, जो पूरे माहौल को बेहद खूबसूरत बना देती हैं।

यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेक बहुत कठिन नहीं है, इसलिए परिवार और नए ट्रेकर्स भी आसानी से आ सकते हैं। रास्ते में छोटे-छोटे झरने जर्नी को और भी रोमांचक बना देते हैं। किले की ऊंचाई से पुणे शहर और आसपास की घाटियों का नजारा बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। सुबह जल्दी या शाम के समय यहां का मौसम सबसे ज्यादा सुहावना रहता है। दुकानों पर मिलने वाला पिठला-भाकरी, कांदा भजी और गर्म चाय इस ट्रिप का स्वाद और बढ़ा देते हैं।

2. रायगढ़ किला, महाड

File:Raigarh fort.jpg - Wikimedia Commons

रायगढ़ किला मराठा साम्राज्य की राजधानी रहा है और इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे महत्वपूर्ण किलों में गिना जाता है। मानसून के दौरान यह पूरा इलाका बादलों से ढक जाता है और हर तरफ फैली हरियाली इसे किसी स्वर्ग जैसा बना देती है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां से घाटियों और पहाड़ों का नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है।

यहां ट्रेकिंग के अलावा रोपवे की सुविधा भी अवेलेबल है, जिससे बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से किले तक पहुंच सकते हैं। किले के अंदर राजमहल, दरबार, बाजार और शिवाजी महाराज की समाधि देखने को मिलती है। बारिश के मौसम में किले के आसपास बहते झरने इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं और फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

3. हरिश्चंद्रगढ़ किला, अहिल्यानगर

महाराष्ट्र में हरिश्चंद्रगढ़ किला

हरिश्चंद्रगढ़ महाराष्ट्र के सबसे पुराने और रोमांचक किलों में से एक है। यह अपनी ऊंची पहाड़ियों, घने जंगलों और फेमस कोकणकडा के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां बादल इतने करीब आ जाते हैं कि कई बार पूरा किला धुंध में छिप जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली और झरने इसे नेचर लवर के लिए किसी जन्नत से कम नहीं बनाते।

यह ट्रेक थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां जाने से पहले अच्छी तैयारी करना जरूरी है। किले के पास प्राचीन मंदिर और गुफाएं भी देखने लायक हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का व्यू बेहद मनमोहक होता है और मानसून में बादलों का समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलता है।

4. टिकोना किला, कामशेत

टिकोना किला: त्रिकोणीय पहाड़ी किले के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका

टिकोना किला अपनी ट्राइएंगुलर शेप के कारण काफी पॉपुलर है। यह किला पवना झील के पास है और मानसून के समय इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बारिश में यहां की पहाड़ियां, हरियाली और बादलों से घिरी जगह टूरिस्ट को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है।

यह ट्रेक आसान है, इसलिए नए ट्रेकर्स के लिए भी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। किले की चोटी से पवना झील और आसपास की घाटियों का दृश्य बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। रास्ते में छोटे झरने और पत्थरों के बीच से गुजरने वाला ट्रेक रोमांच को और बढ़ा देता है।

5. राजगढ़ किला, पुणे

File:Rajgad Fort in Pune, Maharashtra.jpg - Wikimedia Commons

राजगढ़ किला कई वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रहा था। यह किला अपने विशाल क्षेत्र, मजबूत किलेबंदी और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां हर तरफ हरियाली फैल जाती है और बादलों के बीच से दिखाई देने वाले पहाड़ बेहद आकर्षक लगते हैं।

यह ट्रेक थोड़ा लंबा है, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद दिखाई देने वाला व्यू सारी थकान भुला देता है। किले के अलग-अलग जगहों से घाटियों और पर्वतों का नजारा बहुत शानदार दिखाई देता है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

6. लोहागढ़ किला, लोनावला

लौहगढ़ फोर्ट में ऐसा क्या है? कितनी हसीन हैं इसकी वादियां जो कपल के लिए है फेवरेट, कैसा है यहां का मौसम, दिल्ली से कैसे जाएं - News18 हिंदी

लोहागढ़ किला मानसून ट्रेकिंग के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। लोनावला के पास यह किला बारिश के मौसम में पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। बादलों के बीच से गुजरते रास्ते, छोटे-छोटे झरने और ठंडी हवाएं यहां आने वाले हर टूरिस्ट को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

यह ट्रेक आसान माना जाता है, इसलिए परिवार, बच्चे और पहली बार ट्रेकिंग करने वाले लोग भी आराम से यहां जा सकते हैं। किले का पॉपुलर ‘विंचूकाटा’ हिस्सा और ऊपर से दिखने वाला नटुरेल सीन मानसून में बेहद शानदार लगता है। फोटोग्राफी और नेचर लवर के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

बारिश वाली सैर पर जाने से पहले ये तैयारी जरूर करें

लोहगढ़ किला, लोनावला: एक संपूर्ण गाइड

बारिश के मौसम में ट्रेकिंग का आनंद तभी मिलता है, जब सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। हमेशा अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग जूते पहनें ताकि फिसलन वाले रास्तों पर बैलेंस बना रहे। मौसम देखकर ट्रिप की प्लानिंग बनाएं। अपने साथ रेनकोट, अतिरिक्त कपड़े, पानी, हल्का भोजन, प्राथमिक उपचार किट और मोबाइल के लिए वाटरप्रूफ कवर जरूर रखें। झरनों, तेज बहते पानी और खतरनाक चट्टानों के बहुत करीब जाने से बचें। साथ ही जिस जगह पर जाएं उसे साफ-सुथरा छोड़कर लौटें।

बारिश के मौसम में अगर आप ट्रेकिंग का आनंद लेना चाहते हैं, तो ये सभी किले आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। बस सही तैयारी और जरूरी सावधानियों के साथ ट्रैवल करें, ताकि आपका सफर सेफ और यादगार बन सके। यकीन मानिए, इन किलों की मानसूनी वादियां और बादलों से घिरे नज़ारे आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देंगे।

Mumbai-Pune traffic: भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर बह गई पटरियां! 16 ट्रेनें रद्द, Mumbai-Pune expressway भी बंद

Mumbai-Pune traffic: मुंबई-पुणे के व्यस्त रेल रूट्स पर मूसलाधार बारिश के कारण करजत-लोनावला घाट सेक्शन में भूस्खलन हो गया है। इससे रेल ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य रेलवे के मुंबई मंडल के ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन के बीच अप मेन लाइन पर मलबा और बड़े पत्थर गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर ट्रेन की पटरियां पानी में बह गई हैं।

मुंबई डिवीजन में ठाकुरवाड़ी (TKW) और मंकी हिल लूप केबिन (MHLC) के बीच ‘अप मेन लाइन’ पर मलबा गिरने के बाद सेंट्रल रेलवे ने सोमवार को 16 ट्रेनों को रद्द करने और 9 अन्य ट्रेनों का रूट बदलने की घोषणा की।

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, घाट इलाके में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त रेलवे कॉरिडोर में से एक पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि भारी भूस्खलन और ट्रैक पर गिरे बोल्डरों के कारण राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

उन्होंने पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम कर जल्द से जल्द रेल सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) की ओर से सोमवार यानी 6 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें

CSMT–पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

पुणे–सोलापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

CSMT–पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

सिंहगढ़ एक्सप्रेस

CSMT–धुले एक्सप्रेस

इसके अलावा अहमदाबाद-कोल्हापुर एक्सप्रेस, अहमदाबाद-पुणे दुरंतो, बीदर-CSMT एक्सप्रेस, हज़ूर साहिब नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस, एलटीटी-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस, चेन्नई एग्मोर-CSMT मेल समेत नौ लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक रूट्स से चलाया जा रहा है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले दो दिनों में 327 मिमी और 162 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

जबकि सोमवार को केवल चार घंटे में 140 मिमी बारिश हुई, जिससे भूस्खलन और गंभीर हो गया। प्रभावित ट्रैक से मलबा हटाने और रेल सेवाएं सामान्य करने के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, क्योंकि करजत-लोनावला घाट सेक्शन में बहाली का कार्य अभी जारी है।

यात्रियों के लिए हेल्पलाइन

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

लोनावला: 8356854238

दादर: 9136452387

पनवेल: 9004410777

एलटीटी: 9321336835

कल्याण: 8356848078

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे पुराना हाईवे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोमवार को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नागरिकों से अगले आदेश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा से बचने की अपील की है।

पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है, “लोगों से अनुरोध है कि अगले निर्देश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा करने से बचें। जो लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करने और सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी ट्रैवल एजवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।”

वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित

पुलिस ने बताया कि मावल और ताम्हिणी घाट के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे पुणे और मुंबई को जोड़ने वाले वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को एक कंक्रीट का खंभा गिर जाने के बाद ‘कनेक्टिंग लिंक’ और ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन के बीच ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण मुंबई-पुणे पुराने हाईवे को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन हुआ है, जहां प्रभावित इलाके में एक परिवार के फंसे होने की सूचना है।

स्कूल बंद

उन्होंने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, भारी बारिश को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों के लिए छुट्टी की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तड़के खोपोली-कुसगाव ‘मिसिंग लिंक’ की सुरंग-दो के निकास के पास भूस्खलन होने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बाधित हो गया।

दो महीने पहले शुरू किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 13 किलोमीटर लंबा बाईपास है। इस रूट के बन जाने से अब यात्रा में 25 से 30 मिनट तक कम समय लगता है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरडीसी) ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर सोमवार तड़के चार बजे से मार्ग में परिवर्तन किया गया।

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निगम ने कहा कि वह हाईवे ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही इस मार्ग से यात्रा करें।पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली से मुंबई जा रहे एक वाहन चालक ने पीटीआई को बताया कि वह तड़के चार बजे से लोनावला के पास फंसे हुए हैं, क्योंकि मिसिंग लिंक बंद होने के बाद मुंबई जाने वाले रूट में परिवर्तन कर दिया गया है।

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Mumbai Weather Update: महाराष्ट्र में मानसून ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर सहित राज्य के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मुंबई ने मुंबई, पालघर, रायगढ़ और ठाणे जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।

मौसम विभाग ने लोगों को बेहद सतर्क रहने और सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी है। भारी बारिश और सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई में 6 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया गया है। मुंबई-पुणे रेल रूट पर भूस्खलन होने से ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है।

कर्जत-लोनावला रूट पर लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे ट्रेन सेवाएं ठप

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग के बेहद संवेदनशील कर्जत-लोनावला भोर घाट (खंडाला घाट) सेक्शन में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते सोमवार तड़के से ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी के पास भारी लैंडस्लाइड हुआ है। इसके अलावा तड़के करीब 3:05 बजे खंडाला और मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भी एक और लैंडस्लाइड की रिपोर्ट मिली है।

भोर घाट सेक्शन में तीन रेलवे लाइनें हैं अप लाइन (मुंबई की तरफ), डाउन लाइन (पुणे की तरफ) और मिडिल लाइन। लगातार हो रही बारिश और मलबे के कारण ये तीनों ही लाइनें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे सेंट्रल रेलवे को कई लंबी दूरी की ट्रेनों को कैंसिल, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा है।

कैंसिल की गई प्रमुख ट्रेनों की लिस्ट

सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

धुले एक्सप्रेस

पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेस

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि युद्धस्तर पर मलबा हटाने और ट्रैक बहाली का काम जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। यात्रियों की मदद और रीयल-टाइम अपडेट के लिए मध्य रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए हैं-

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

दादर: 9136452387

लोनावला: 8356854238

पुणे में रेड अलर्ट: सभी स्कूल बंद, नदियों से दूर रहने की अपील

पुणे जिले के लिए मौसम विभाग द्वारा ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुणे के जिलाधिकारी श्री जितेंद्र डुडी ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। पुणे नगर निगम (PMC) ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि लोग नदियों, नालों और अन्य खतरनाक या जलजमाव वाले स्थानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई: BMC ने भारी बारिश और तेज हवाओं के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए मुंबई के सभी सरकारी, निजी और नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों और कॉलेजों में सोमवार को छुट्टी घोषित की है। बीएमसी ने साफ किया है कि सरकारी और निजी दफ्तर हमेशा की तरह सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।

ठाणे: ठाणे के जिला कलेक्टर श्रीकृष्णनाथ पांचाल ने भी सुरक्षा के मद्देनजर जिले की सभी आंगनबाड़ियों, बालवाड़ियों, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश दिया है।

नवी मुंबई: नवी मुंबई नगर निगम ने भी सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल और एनएमएमसी कमिश्नर कैलास शिंदे ने नागरिकों से बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की भावुक अपील की है।

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आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है

Prithvi-Akriti: पृथ्वी शॉ और मंगेतर आकृति के रिश्ते में आई दरार? एक्ट्रेस की ‘क्रिप्टिक’ पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई हलचल

भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल इन दिनों काफी चर्चा में हैं। हाल ही में उनकी मंगेतर और एक्ट्रेस-इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल ने इंस्टाग्राम पर एक ऐसी स्टोरी शेयर की है। इस स्टोरी में आकृति ने बिना किसी का नाम लिए “धोखा” मिलने का जिक्र किया है। वहीं इस पोस्ट के बाद फैंस ये कयास लगा रहे हैं कि क्या दोनों के रिश्ते में दरार आ गई है। वहीं इस पोस्ट के कुछ समय बाद आकृति ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल से ये स्टोरी हटा दी, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर तेजी से फैल चुका था। आकृति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

आकृति अग्रवाल की इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर करने के बाद इसे ये पोस्ट डिलीट कर दी। पोस्ट में लिखा था, “मेरे साथ कई बार धोखा हुआ, फिर भी मैंने कभी कुछ नहीं कहा। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि सगाई जैसा बड़ा कदम उठाने के बाद भी ऐसा हो सकता है। जो भी बातें सामने आ रही हैं, वे सच हैं। सोशल मीडिया पर उनके बारे में जो कुछ भी दिख रहा है, वह पूरी तरह सच है।” आकृति अग्रवाल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कहीं भी पृथ्वी शॉ का नाम नहीं लिया।

कब हुई थी दोनों की सगाई

वहीं उनकी सगाई और पोस्ट के समय को देखते हुए सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पोस्ट को सीधे क्रिकेटर से जोड़कर देखा। स्टोरी का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने के कुछ ही समय बाद आकृति ने उसे हटा दिया, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर लोगों के बीच और भी ज्यादा चर्चाएं शुरू हो गईं। खबरों के मुताबिक, कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने 8 मार्च 2026 को सगाई की थी। दोनों पहली बार 2025 में गणेश चतुर्थी के मौके पर साथ नजर आए थे, जिसके बाद उनके रिश्ते की चर्चा शुरू हो गई।

Prithvi Shaw

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। इसके बाद उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। अब तक न तो पृथ्वी शॉ और न ही आकृति अग्रवाल ने अपने रिश्ते या ब्रेकअप को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

कैसा था प्रदर्शन

क्रिकेटर पृथ्वी शॉ को कभी भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में गिना जाता था। उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी और 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक भी लगाया था। वहीं शुरुआती सफलता के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी शॉ का करियर लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरा है। खराब फॉर्म, फिटनेस और अनुशासन को लेकर उठे सवालों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

नए सिरे से शुरुआत करने के इरादे से उन्होंने 2025-26 के घरेलू सीजन से पहले मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र की टीम का रुख किया। वहीं, आईपीएल 2026 में वह दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा जरूर रहे, लेकिन पूरे सीजन के दौरान उन्हें खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिल सके।

Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब क्या होगा? पंचशील टेस्ट से जमानत तक, जानिए आगे की पूरी कहानी

पूरे देश को हिला देने वाले पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों की 11 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ की बजाय मामले से जुड़े सबूतों की जांच और उन्हें मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में अब जांच का सबसे बड़ा फोकस डिजिटल सबूतों पर है। जांच एजेंसियां सिया गोयल के मोबाइल से मिले डेटा और कोड में लिखे गए मैसेज को समझने की कोशिश कर रही हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस को हाल ही में स्नैपचैट की एक चैट मिली है। इसमें सिया ने कथित तौर पर अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की जानकारी मांगी थी ताकि टिकट बुक किया जा सके। चैट में उसने यह भी लिखा था कि यह “ऐसी शादी के लिए है जो कभी नहीं होगी।” अब जांचकर्ता दूसरे संदिग्ध कोड वाले मैसेज भी खंगाल रहे हैं। उनका पता लगाना है कि क्या इस कथित साजिश में सिया और चेतन के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था।

इन सबूतों पर टिकी जांच

इस मामले में लोहगढ़ किले से कथित तौर पर धक्का देने की घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। इसलिए पुलिस पूरे मामले को परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर मजबूत बनाने में जुटी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत अभियोजन पक्ष को ऐसे सबूत पेश करने होंगे, जिनसे घटनाओं की पूरी कड़ी साफ तौर पर जुड़ जाए और यह साबित हो सके कि आरोपियों की भूमिका ही अपराध की ओर इशारा करती है।

जांच में पुलिस कई अहम सबूतों को जोड़कर मामला मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसमें घटनास्थल का पंचनामा, घटना का री-क्रिएशन (दोबारा घटनाक्रम तैयार करना) और वह जगह भी शामिल है, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को धक्का देने की प्रैक्टिस की थी। इसके अलावा, घटना के समय पहने गए बताए जा रहे कपड़ों और केतन के जले हुए पासपोर्ट की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

क्या है पंचशील टेस्ट?

पंचशील टेस्ट सुप्रीम कोर्ट का एक अहम कानूनी सिद्धांत है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी मामले में सीधे गवाह नहीं होते और फैसला परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर करना होता है। साल 1984 में ‘शरद बिरधीचंद सारडा बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसके पांच मुख्य सिद्धांत बताए थे।इन पांच सिद्धांतों में यह जरूरी है कि सभी तथ्य पूरी तरह साबित हों, सबूत अपराध से साफ तौर पर जुड़े हों, उनकी विश्वसनीयता मजबूत हो, किसी दूसरी संभावना की गुंजाइश न बचे और सभी सबूत मिलकर ऐसी अटूट कड़ी बनाएं जो सीधे आरोपी की ओर इशारा करे।

शुरुआत में पुलिस दोनों आरोपियों के अलग-अलग बयानों की सच्चाई जानने के लिए उनका पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराना चाहती थी। लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों ने इन टेस्ट के लिए अपनी मंजूरी देने से इनकार कर दिया। भारतीय कानून के अनुसार, किसी आरोपी की सहमति के बिना पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस को इन टेस्ट की मांग वापस लेनी पड़ी और अब जांच दूसरे सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

कोर्ट में अब जमानत की लड़ाई शुरू

सिया गोयल और चेतन चौधरी अब पुलिस हिरासत की जगह न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में दोनों की ओर से जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके वकीलों का कहना है कि पुलिस जरूरी डिजिटल डिवाइस पहले ही जब्त कर चुकी है, इसलिए अब उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की जरूरत नहीं है। वहीं, सिया गोयल की ओर से अदालत में कौन वकील पेश होगा, इसे लेकर भी नया कानूनी विवाद सामने आया है। इस मामले में एक चर्चित वकील का नाम सामने आया है और 10 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस की भी चर्चा हो रही है।