Asian Market Today : चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7% गिरा, निक्केई 2% से ज्यादा टूटा, जानें ग्लोबल मार्केट में कहां है हलचल

Asian Market : टेक्नोलॉजी शेयरों के ओवरवैल्यूएशन और मिडिल ईस्ट में चल रहे US-ईरान युद्ध की चिंताओं के बीच गुरुवार को एशियाई मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है । निक्केई करीब 2.69 फीसदी की गिरावट के साथ 66,903.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

ताइवान का बाजार 1.12फीसदी गिरकर 45,160.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.76 फीसदी की बढ़त के साथ 25,116.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 6.14 फीसदी की गिरावट के साथ 6,825.53 के स्तर पर कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 3,936.40 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार को US स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि महंगाई के नरम आंकड़ों ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को बेहतर बनाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 पॉइंट्स या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.83 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,572.42 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 162.22 पॉइंट्स या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 0.33% बढ़ी, AMD के शेयर 3.46% गिरे, इंटेल के शेयर 4.43% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 8.02% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.78% बढ़े, अमेज़न के शेयर 3.02% बढ़े, एप्पल के शेयर 4.01% बढ़े, मेटा के शेयर 3.07% बढ़े, पेपाल के शेयर 16.87% उछले, जबकि टेस्ला के शेयर 0.43% गिरे, और स्पेसएक्स के शेयर 0.60% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US ने हमलों की दो नई लहर शुरू की, जिसमें ईरानी मिलिट्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आज़ादी से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया गया था। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक US अपने “आक्रामक कामों” को खत्म नहीं कर देता, साथ ही चेतावनी दी कि दूसरे क्षेत्रीय तेल एक्सपोर्ट रूट भी निशाना बन सकते हैं।

US प्रोड्यूसर प्राइस

US प्रोड्यूसर प्राइस जून में अचानक गिर गए, जो 14 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट थी। फ़ाइनल डिमांड के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पिछले महीने 0.3% गिरा, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी, मई में 0.6% की कमी के बाद। रॉयटर्स द्वारा पोल किए गए अर्थशास्त्रियों ने मई में पहले बताई गई 1.1% की बढ़त के बाद PPI में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया था।

बैंक ऑफ़ कोरिया पॉलिसी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के सेंट्रल बैंक ने साढ़े तीन साल में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 2.75% कर दी। बैंक ऑफ़ कोरिया के सात सदस्यों वाले मॉनेटरी पॉलिसी बोर्ड ने सात दिन के रीपरचेज रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के लिए वोट किया।

कच्चे तेल की कीमतें

ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर US के नए हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई में रुकावट की आशंका के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $85.28 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.5% बढ़कर $80.02 प्रति बैरल हो गया।

आज सोने का रेट

हाल के US डेटा से पता चला कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है, इसलिए सोने की कीमतें स्थिर रहीं। स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,056.59 प्रति औंस पर थोड़ी बदली, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,062.50 हो गया। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.3% गिरकर $57.61 प्रति औंस हो गई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना स्थिर, चांदी लगातार तीसरे दिन गिरी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 जुलाई को सोने में स्थिरता रही। चांदी में हल्की गिरावट आई। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरी। इसकी वजह कमजोर लोकल मांग बताई जा रही है। सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर अपरिवर्तित रहा।

गोल्ड और फ्यूचर्स में मामूली नरमी

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 100 रुपये गिरकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। ट्रेडर्स ने बताया कि ज्वेलर्स और इंस्ट्रियल यूजर्स की कमजोर खरीदारी से बुलियन की कीमतें सीमित दायरे में रहीं। इधर, भारत में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.05 फीसदी नीचे चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.35 फीसदी नीचे था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिसला

विदेशी बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका-ईरान के बीच चल रही लड़ाई की वजह से अमेरिका सहित दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा है। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट आती है।

विदेश में चांदी में भी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है। 15 जुलाई को यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

ईंधन महंगा होने से इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान

यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “क्रूड ऑयल, पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से अगले महीने इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। इससे फेडरल रिजर्व की पॉलिसी आक्रामक रहने की उम्मीद है।” दरअसल, इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की डिमांड कम हो जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है। ट्रेडर्स को सितंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की 61 फीसदी उम्मीद है।

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बुलियन पर मध्यपूर्व में तनाव का असर 

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। 2025 में सोने ने 70 फीसदी रिटर्न दिया था। लेकिन, इस साल सोने और चांदी पर दबाव दिख रहा है। मध्यपूर्व में लड़ाई का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

सोना खरीदने वालों के लिए राहत! अब कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी? जानिए 5 बड़े कारण

Gold Price Outlook: सोने में हालिया गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी जरूर आई है। लेकिन 2026 में जनवरी जैसा रिकॉर्ड हाई दोबारा देखने को मिले, इसकी संभावना फिलहाल कम दिख रही है। Fitch Solutions की रिसर्च यूनिट BMI ने 2026 के लिए सोने के औसत भाव का अनुमान 4,600 डॉलर से घटाकर 4,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 4026 डॉलर के आसपास है। इस हिसाब से गोल्ड में करीब ज्यादा से ज्यादा 9% उछाल का अनुमान है। रिपोर्ट का कहना है कि मजबूत डॉलर, कम होते वैश्विक तनाव और बेहतर होती अर्थव्यवस्था की वजह से सोने पर दबाव बना रह सकता है।

मजबूत डॉलर से सोना महंगा पड़ता है

जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग पर असर पड़ता है।

BMI का अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स 98 से 102 के बीच रह सकता है। अगर यह बढ़कर 105 से 110 तक पहुंचा, तो सोने की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।

ब्याज दरें घटने की उम्मीद कम

सोना ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर ज्यादा जाते हैं।

BMI का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve 2026 के बाकी समय में ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। दरें 3.75% पर बनी रह सकती हैं। ऐसे में सोने की मांग पर दबाव रह सकता है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था संभल रही है

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद वैश्विक कारोबार और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है।

जब अर्थव्यवस्था बेहतर होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश छोड़कर शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले एसेट्स की तरफ बढ़ते हैं। BMI ने 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 2.4% रहने का अनुमान लगाया है।

कम होते वैश्विक तनाव का भी असर

पिछले एक साल में सोने की तेजी की बड़ी वजह वैश्विक तनाव रहे थे। लेकिन अब हालात पहले से कुछ शांत दिख रहे हैं।

BMI का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से सोने को मिलने वाला ‘सेफ हेवन’ सपोर्ट भी कमजोर पड़ सकता है। अगर हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य रहती है, तो सोने की मांग और घट सकती है।

महंगाई कम रही, तो मांग भी घट सकती है

महंगाई बढ़ने पर लोग अक्सर सोने में पैसा लगाते हैं। लेकिन अगर महंगाई काबू में रहती है, तो सोने की मांग भी कम हो सकती है।

BMI का कहना है कि ऊर्जा की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव घट रहा है। अगर आगे भी यही स्थिति रही, तो सोने को मिलने वाला एक और बड़ा सहारा कमजोर पड़ सकता है।

क्या फिर भी सोना टूट जाएगा?

BMI ऐसा नहीं मानता। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। इससे कीमतों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

हालांकि, अगर भविष्य में Federal Reserve ब्याज दरें घटाता है या डॉलर कमजोर पड़ता है, तो सोना फिर 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर जा सकता है। वहीं, अगर डॉलर और मजबूत हुआ या बॉन्ड यील्ड बढ़ी, तो कीमतें 3,500 डॉलर प्रति औंस तक भी आ सकती हैं।

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GIFT Nifty Indictor: ग्लोबल बाजारों की तेजी क्या भारतीय बाजार पर दिखाएगी अपना असर या करेगी निराश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indictor: भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के साथ धीमी शुरुआत कर सकते हैं। वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों ने मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंताओं को कम कर दिया।

GIFT निफ्टी सुबह करीब 8:15 बजे 28.50 पॉइंट यानी 0.12 फीसदी की बढ़त के साथ 24,047 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे पता चलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,052.05 के बंद स्तर के पास खुल सकता है।

यह सुस्त संकेत मंगलवार को भारतीय इक्विटी के तेजी से नीचे बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 561.46 पॉइंट या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर आ गया, जबकि निफ्टी 158.95 पॉइंट या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कमजोर ग्लोबल संकेतों से बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, खासकर IT, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में।

कम महंगाई और बैंकों की अच्छी कमाई से वॉल स्ट्रीट में सुधार

महंगाई के अच्छे आंकड़ों और बड़े बैंकों की अच्छी कमाई की वजह से US स्टॉक्स में बढ़त के बाद रातों-रात ग्लोबल सेंटिमेंट में सुधार हुआ। नैस्डैक 0.90 परसेंट बढ़ा, S&P 500 0.38 परसेंट बढ़ा, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.02 परसेंट बढ़ा।

US में उम्मीद से कम महंगाई की रीडिंग से इन्वेस्टर्स सेंटिमेंट को सपोर्ट मिला, जिससे तेज़ मॉनेटरी सख्ती की चिंता कम हुई। CPI रिपोर्ट के बाद, मार्केट में उम्मीद बढ़ गई कि फेडरल रिजर्व जुलाई की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव नहीं करेगा, हालांकि ट्रेडर्स को अभी भी साल खत्म होने से पहले कम से कम एक बार रेट हाइक की उम्मीद है।

बैंक की कमाई से भी सपोर्ट मिला, जबकि सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी आई, जिससे टेक्नोलॉजी-हैवी नैस्डैक को ऊपर उठने में मदद मिली।

एशियाई मार्केट्स में तेजी

बुधवार को एशियाई इक्विटीज ने पॉजिटिव मोमेंटम को बढ़ाया, जिसकी वजह US में कम महंगाई से ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स पर दबाव कम होने के बाद साउथ कोरियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में मजबूत बढ़त रही। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1.7 फीसदी बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI 6 परसेंट और जापान का निक्केई 0.4 परसेंट बढ़ा। शुरुआती एशियाई ट्रेड में US इक्विटी फ्यूचर्स भी थोड़ी ज़्यादा तेज़ी से ट्रेड हुए।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन से एनर्जी की बढ़ती कीमतों को सपोर्ट मिलता रहा, इसलिए मार्केट सतर्क रहे।

मिडिल ईस्ट में टेंशन जारी रहने से तेल $86 से ऊपर चढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच नई मिलिट्री कार्रवाई से होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में हाल की तेज़ी और बढ़ गई।ब्रेंट क्रूड 1.7 परसेंट बढ़कर लगभग $86.20 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $80 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था। इस हफ़्ते तेल अब 12 परसेंट से ज़्यादा बढ़ गया है, और ब्रेंट जून के बीच के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल पर बंद हुआ।

यह बढ़त तब हुई जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और ईरान ने उस इलाके में US इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए, जिससे ग्लोबल तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

जियोपॉलिटिक्स और क्रूड पर शिफ्ट हुआ बाजार का फोकस

मंगलवार को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स नेट सेलर बने रहे, उन्होंने Rs 739 करोड़ के भारतीय इक्विटी बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने सपोर्ट देना जारी रखा, Rs 2,927 करोड़ के इक्विटी खरीदे, जिससे विदेशों में बिकवाली को एब्जॉर्ब करने में मदद मिली।

हालांकि US में महंगाई कम होने और उम्मीद से ज़्यादा बैंक अर्निंग्स के बाद ग्लोबल इक्विटी सेंटिमेंट में सुधार हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय मार्केट के लिए मुख्य शॉर्ट-टर्म रिस्क बनी हुई हैं। एनर्जी की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं, भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ा सकती हैं और अगर जियोपॉलिटिकल हालात और बिगड़ते हैं तो कॉर्पोरेट प्रॉफिट पर असर डाल सकती हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Kusumgar की लिस्टिंग; EaseMyTrip, Biocon और Delhivery समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अमेरिका में अनुमान से कम महंगाई बढ़ने की रफ्तार के आंकड़ों ने ब्याज दरें बढ़ने की आशंका कम की तो वैश्विक मार्केट में रौनक छा गई। इन सबके बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में भी ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,041.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 14 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), एंजेल वन, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज, जीटीपीएल हैथवे, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, साई सिल्क (कलामंदिर), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, नेटवर्क 18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स, और स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

L&T Technology Services Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹356.6 करोड़ और रेवेन्यू 11.5% उछलकर ₹2,940.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 0.4% बढ़कर $30.99 करोड़ पर पहुंचा। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटी 28.1% बढ़कर ₹461.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 200 बीपीएस चढ़कर 15.7% पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ और रेवेन्यू 14.5% उछलकर ₹1,021.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.3% बढ़कर ₹23.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम 47.6% उछलकर ₹68.4 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹20.9 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प के बोर्ड ने अपनी सहयोगी कंपनी एथर एनर्जी में ₹1,000 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। इस प्रस्तावित निवेश से पहले हीरो मोटोकॉर्प की एथर एनर्जी में 29.48% हिस्सेदारी है।

Belrise Industries

बेलराइज इंडस्ट्रीज ने 14 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया, जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹230.79 तय किया गया। कंपनी इस पर 5% तक की छूट भी दे सकती है।

PDS

पीडीएस ने अपने मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस और इंडोनेशिया की कपड़े बनाने वाली दिग्गज कंपनी बुसाना अपैरल ग्रुप के बीच एक रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है।

Kirloskar Brothers

किर्लोस्कर ब्रदर्स की यूके सब्सिडियरी एसपीपी पम्प्स को साइपेम ऑफशोर कंस्ट्रक्शन SPA से वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई के लिए 1.17 करोड़ पौंड (₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है।

Easy Trip Planners

ईजमाईट्रिप (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ एक रणनीतिक एमओयू किया है।

Delhivery

आरबीआई ने डेल्हीवरी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी डेल्हीवरी फाइनेंशियल सर्विसेज को टाइप 2 एनबीएफसी-एनडी के तौर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (CoR) देने की मंजूरी दे दी है।

IOL Chemicals & Pharmaceuticals

चीन के नेशनल मेडिकल प्रोडक्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन (NMPA) के सेंटर फॉर ड्रग इवैल्यूएशन (CDE) ने आईओएल केमिकल्स के API प्रोडक्ट Clopidogrel Bisulfate को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इस प्रोडक्ट के लिए कंपनी के पास पहले से मौजूद वैलिड सर्टिफिकेट ऑफ सूटेबिलिटी (CEP) के अलावा है, जिससे इसका रेगुलेटरी पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ और अब चीन के फार्मा मार्केट में इसकी पहुंच बढ़ेगी।

Jain Resource Recycling

जैन रिसोर्सेज रिसाइकलिंग ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 14 जुलाई को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में भट्टी फटने से एक हादसा हुआ। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई और कई घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया।

Jammu and Kashmir Bank

जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के 1.02 करोड़ इक्विटी शेयर (0.50% इक्विटी) मेटलाइफ इंटरनेशनल होल्डिंग्स को प्रति शेयर ₹117.20 के भाव पर ₹120.1 करोड़ में बेचने का प्रस्ताव दिया है।

बल्क एंड ब्लॉक डील्स

Biocon

मिलान (Mylan) ने बायोकॉन में अपनी पूरी 5.64% हिस्सेदारी यानी 9.19 करोड़ शेयर ₹3,678.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹400 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, एबेकस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, मिरे एसेट MF, मोतीलाल ओसवाल AMC, सिटीग्रुप, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, सोसिएट जेनरल और वैनगार्ड इमर्जिंग मार्केट्स ने खरीदे।

SG Mart

पब्लिक सेक्टर की पेंशन इन्वेस्टमेंट बोर्ड ने हर शेयर ₹649.98 के भाव पर एसजी मार्ट के 10 लाख शेयर (0.79% हिस्सेदारी) ₹64.99 करोड़ और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने प्रति शेयर ₹650 के भाव पर कंपनी के 11.23 लाख शेयर (0.89% हिस्सेदारी) ₹72.99 करोड़ में खरीदे। वहीं दूसरी तरफ एचआर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ने SG मार्ट के 22 लाख शेयर (1.74% हिस्सेदारी) ₹143 करोड़ में प्रति शेयर ₹650.02 के भाव पर बेचे

Radiowalla Network

आशीष कचोलिया के निवेश वाली बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने रेडियोवाला के 1.44 लाख शेयर (2.04% हिस्सेदारी) ₹35.28 लाख में प्रति शेयर ₹24.50 के भाव पर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार बंगाल फाइनेंस के पास 2.22% हिस्सेदारी थी तो आशीष कचोलिया की कंपनी में 3.24% हिस्सेदारी थी। वहीं अमृतांशु अग्रवाल ने रेडियोवाला के 1.47 लाख शेयर (2.08% हिस्सेदारी) ₹36.12 लाख में प्रति शेयर ₹24.54 के भाव पर खरीद लिए।

लिस्टिंग

आज कुसुमगर के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज टीसीएस, ऑटोमोबाइल कॉरपोरेशन ऑफ गोवा, भारत बिजली, हेरिटेज फूड्स, केफिन टेक, सेंट गोबैन सेकुरिट इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो एनर्जी इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन और ऑर्बिट एक्सपोर्ट्स और रेडियोवाला नेटवर्क के बायबैक की एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 15 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के हल्की बढ़त के साथ सपाट खुलने की संभावना दिख है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,045.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में भारी गिरावट आई। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत रहे। कल बाजार की शुरुआत कमजोर रही और निफ्टी गिरकर 24,100 के नीचे आ गया। पूरे सेशन के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता दिखा। खासकर IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही,जिससे इंडेक्स 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दिन के अपने निचले स्तरों के आस-पास बंद हुए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ।

हॉर्मुज पर 20% टोल टैक्स से पलटे ट्रंप

हॉर्मुज पर 20 परसेंट टोल से ट्रंप पलट गए हैं। उन्होंने खाड़ी देशों के दबाव के बाद फैसला बदला है। उन्होंने कहा है कि इसके बदले में गल्फ के देश US में बड़ा निवेश करेंगे। इधर अमेरिका ने फिर ईरान की नाकेबंदी कर दी है। 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात करते हुए ईरानी ठिकानों पर भीषण हमले जारी हैं।

कच्चा तेल $86 के करीब कायम, सोने में करीब 1% की बढ़त

ट्रंप के टोल टैक्स से पीछे हटने के बावजूद कच्चे तेल में तेजी कायम है। इसका भाव 86 डॉलर के करीब दिख रहा है। उधर US में अनुमान से कम रिटेल महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में करीब एक फीसदी की बढ़त है।

एक दिन में 25% फिसला IBM, 3% से ज्यादा फिसले इंफोसिस और विप्रो के ADR

IT शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी। Q2 के कमजोर कारोबारी अपडेट के बाद IBM एक दिन में ही 25% टूट गया। इस स्टॉक में 58 साल में पहली बार एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट आई। इंफोसिस और विप्रो के ADR भी तीन फीसदी से ज्यादा फिसले हैं।

टाटा एलेक्सी का Q1 मुनाफा 22.6% घटा

पहली तिमाही में टाटा एलेक्सी के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसके मुनाफे में 23 फीसदी की कमी आई है। मार्जिन पर भी करीब 3 फीसदी का दबाव दिखा है। हालांकि आय में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आज आएंगे HDFC LIFE के नतीजे, वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

नतीजों के लिहाज से आज का दिन अहम है। आज निफ्टी में शामिल HDFC LIFE के नतीजे आएंगे। Q1 में इसका Annual Premium Equivalent 7% बढ़ सकता है। हालांकि VNB MARGIN पर दबाव दिख सकता है। साथ ही ICICI PRU, HDFC AMC समेत वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 20.50 अंक यानी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,037 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए सुस्ती का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.59 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.38 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.07 फीसदी की बढ़त दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 1.72 फीसदी की मजबूती नजर आ रही है। वहीं,कोस्पी 6.23 फीसदी भागा है। शांघाई कंपोजिट में 0.05 फीसदी की हल्की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और नैस्डैक में बढ़त देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद,बड़े बैंकों के अच्छे नतीजों और उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की जोखिम लेने की भूख बढ़ाई। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 अंक या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया। S&P 500 में 28.55 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,543.89 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 233.83 अंक या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर पहुंच गया।

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डॉलर इंडेक्स

डॉलर अपने सभी ‘ग्रुप-ऑफ-10’साथियों के मुकाबले कमजोर हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.80 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से घटकर 4.58% और 4.18% हो गई है।

एशियन करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसी में पिछली क्लोज़िंग के मुकाबले मामूली बढ़त दिख रही है। इसमें मलेशियाई रिंगित सबसे आगे है,जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर में 0.196% और जापानी येन में 0.154% की बढ़त हुई है। फिलीपीन पेसो में 0.123 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर (0.109 प्रतिशत),इंडोनेशियाई रुपया (0.099 प्रतिशत), चीनी रेनमिनबी (0.097 प्रतिशत) और दक्षिण कोरियाई वॉन (0.088 प्रतिशत) का नंबर है। थाई बहत में सबसे कम बढ़त देखी जा रही है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.045 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 14 जुलाई को 739 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,927 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में रौनक, कोस्पी 7% चढ़ा, US में कमजोर CPI डेटा और AI ट्रेड में नई तेजी से मिल रहा सपोर्ट

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। निक्केई एक परसेंट तो कॉस्पी 7% से ज्यादा उछला है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब 1 फीसदी चढ़ा है। डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली। दरअसल, उम्मीद से कम US महंगाई के आंकड़ों से फेड इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने और AI ट्रेड में नई तेजी से इन्वेस्टर्स के सेटीमेंट को सपोर्ट मिला है। यहीं वजह है कि आज एशिया बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है।

जापान का निक्केई 225 0.87% और टॉपिक्स 0.23% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.95% उछला, जबकि कोसडैक 5.08% चढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 1.10 फीसदी ऊपर ट्रेड करता नजर आ रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.57 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.43 फीसदी चढ़कर 45,379.03 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 3,974.02 के स्तर पर दिख रहा है।

कैसा रहा अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि बैंकों की अच्छी कमाई और उम्मीद से कम महंगाई रिपोर्ट ने सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 पॉइंट्स या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.55 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,543.89 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 233.83 पॉइंट्स या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 4.06% बढ़ी, AMD के शेयर 2.57% बढ़े, इंटेल के शेयर 4.50% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.92% उछले, SK हाइनिक्स ADR 27.29% उछला, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.55% गिरे, एप्पल के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के शेयर 0.36% बढ़े, जबकि IBM के शेयर 25.21% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और धमकी दी कि अगर तेहरान ने बातचीत फिर से शुरू नहीं की तो अगले हफ़्ते पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला किया जाएगा। US मिलिट्री ने भी लगातार चौथे दिन ईरान पर नए हमले किए। इस बीच, ईरान का कहना है कि पिछले हफ़्ते दुश्मनी फिर से शुरू होने के बाद उसने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है।

US इन्फ्लेशन

US कंज्यूमर इन्फ्लेशन जून में उम्मीद से ज़्यादा धीमी हुई। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स जून तक 12 महीनों में 3.5% बढ़ा, जो अब भी सबसे ज़्यादा है, मई में 4.2% बढ़ने के बाद। CPI मई में 0.5% बढ़ने के बाद महीने में 0.4% गिरा। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स ने अनुमान लगाया था कि CPI साल-दर-साल 3.8% बढ़ेगा और महीने के आधार पर 0.1% गिरेगा।

IBM शेयर्स

कंपनी के दूसरी तिमाही के निराशाजनक शुरुआती नतीजे जारी करने के बाद IBM के शेयर की कीमत 25% से ज़्यादा गिर गई। US की बड़ी टेक कंपनी ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर से डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉर्पोरेट खर्च में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में “लड़खड़ा” गई है और दूसरी तिमाही में उसकी कमाई में बड़ा नुकसान होगा।

LSEG के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, IBM ने कहा कि उसे उम्मीद है कि Q2 रेवेन्यू सिर्फ़ 1% बढ़कर $17.2 बिलियन हो जाएगा, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान $17.86 बिलियन था।

आज सोने का रेट

US में महंगाई उम्मीद से कम होने के बाद सोने की कीमतें स्थिर हो गईं। स्पॉट गोल्ड की कीमत थोड़ी बदली और $4,054.36 प्रति औंस रही, जबकि चांदी की कीमतें 0.2% बढ़कर $58.80 प्रति औंस हो गईं।

कच्चे तेल की कीमतें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नेवल नाकाबंदी लगाने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट तेल की कीमत 1.72% बढ़कर $86.19 प्रति बैरल हो गई, जबकि WTI क्रूड 1.4% बढ़कर $80.40 प्रति बैरल हो गया।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में ₹8900 सस्ती हुई चांदी, सोने का भी गिरा भाव

Gold Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹700 सस्ता होकर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका भाव ₹8,900 टूटकर ₹2,26,100 प्रति किलोग्राम रह गया। एक दिन पहले चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, ज्वैलर्स और औद्योगिक खरीदारों की मांग कमजोर रहने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी दबाव में रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?

वैश्विक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,020.13 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 58.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा असर?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद सोने में रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन तेजी ज्यादा नहीं टिक सकी।

उन्होंने कहा कि इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई बढ़ने की चिंता है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI और Core CPI महंगाई के आंकड़ों पर है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

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Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।