Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

India Semiconductor Mission (ISM 2.0): केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को India Semiconductor Mission (ISM 2.0) को मंजूरी दे दी। इस मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है। यह पहले चरण के ₹76,000 करोड़ से करीब 68% ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। अब पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन भारत में तैयार करने पर जोर रहेगा, ताकि देश आयात पर कम निर्भर हो और दुनिया का बड़ा चिप हब बन सके।

आखिर ISM 2.0 में नया क्या है?

पहले चरण यानी ISM 1.0 का फोकस चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लाने पर था। अब ISM 2.0 का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। सरकार अब चिप डिजाइन से लेकर मशीनें, केमिकल, गैस, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग और रिसर्च तक पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करना चाहती है।

6 बड़े पिलर पर तैयार हुआ मिशन

सरकार ने ISM 2.0 को छह बड़े हिस्सों में बांटा है।

  • सबसे पहले भारत को चिप डिजाइन के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाएगा। सरकार स्टार्टअप और डिजाइन कंपनियों को मदद देगी, ताकि वे दुनिया के लिए चिप डिजाइन कर सकें।
  • दूसरा फोकस सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर रहेगा। चिप बनाने वाली मशीनें, स्पेशलिटी केमिकल, गैस और जरूरी कच्चा माल देश में ही तैयार करने की कोशिश होगी।
  • तीसरे चरण में नई सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब और दूसरी निर्माण इकाइयों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
  • चौथा लक्ष्य ATMP और OSAT यानी चिप की एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता को मजबूत करना है।
  • पांचवें हिस्से में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ मौजूदा तकनीक तक सीमित न रहे, बल्कि अगली पीढ़ी की चिप टेक्नोलॉजी भी विकसित करे।
  • छठा फोकस स्किल डेवलपमेंट पर होगा। इस सेक्टर के लिए बड़ी संख्या में इंजीनियर और एक्सपर्ट तैयार किए जाएंगे।

105 स्टार्टअप पहले से कर रहे हैं काम

सरकार के मुताबिक, देश में 105 स्टार्टअप पहले से सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं। नई योजना के तहत इन्हें तकनीकी और वित्तीय मदद दी जाएगी। सरकार चाहती है कि भारत चिप डिजाइन के क्षेत्र में भी दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो।

2028 तक शुरू हो सकती है पहली चिप फैक्ट्री

सरकार ने कहा है कि भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) यूनिट 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे देश में चिप निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी।

पहले चरण में क्या हासिल हुआ?

सरकार के मुताबिक, India Semiconductor Mission (ISM) 1.0 के तहत अब तक 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले फैब और 9 पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं। इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश को मंजूरी मिली है।

Micron, Kaynes और CG Semi में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। एक और यूनिट इस साल के अंत तक प्रोडक्शन शुरू कर सकती है।

68 हजार छात्रों को मिली ट्रेनिंग

सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए कुशल ह्यूमन रिसोर्स भी तैयार कर रही है। अभी 315 विश्वविद्यालयों में आधुनिक Electronic Design Automation (EDA) टूल्स के जरिए पढ़ाई हो रही है। अब तक 68,000 से ज्यादा छात्रों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

बड़ी कंपनियों की भी दिलचस्पी

भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में विदेशी कंपनियों का भरोसा भी बढ़ रहा है। AMD और Applied Materials ने 40-40 करोड़ डॉलर, Microchip Technology ने 30 करोड़ डॉलर, Lam Research ने 110 करोड़ डॉलर और KLA ने 40 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।

वहीं ASML, Merck और IBL Electron ने टाटा ग्रुप के साथ समझौते किए हैं। इनका मकसद भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि भारत सिर्फ चिप आयात करने वाला देश नहीं बनना चाहता। सरकार का लक्ष्य पूरी वैल्यू चेन भारत में तैयार करना है। आने वाले वर्षों में भारत की सेमीकंडक्टर मांग 50 अरब डॉलर से बढ़कर 100 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार चाहती है कि इस बढ़ती मांग का बड़ा हिस्सा देश में ही पूरा हो।मजबूत बनाना है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aurum Proptech Share Price : हाउसिंग डॉट कॉम को खरीद सकती है औरम प्रॉपटेक, सिर्फ 2 दिनों में 15% भागा शेयर

Aurum Proptech Share Price : CNBC-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औरम प्रॉपटेक (Aurum Proptech) एक और अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। कल फंड जुटाने के मुद्दे पर कंपनी की बोर्ड मीटिंग भी होने वाली है। कंपनी QIP,प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटा सकती है। इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में बड़े और नामचीन इनवेस्टर शामिल हो सकते हैं। कंपनी की हाउसिंग डॉट कॉम को खरीदने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी REA इंडिया से Housing.com के खरीद सकती है। कंपनी पिछले साल जुलाई में Housing.com की सिस्टर कंपनी PropTiger.com को खरीदा था। अब इसकी Housing.com को ही खरीदने की तैयारी है। बता दें कि औरम प्रॉपटेक रियल एस्टेट के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देती है। पिछले 2 दिनों में औरम प्रॉपटेक में 15% तक तेजी देखने को मिली है।

CNBC-आवाज़ ने औरम प्रॉपटेक और REA इंडिया को ईमेल भेजा है। अभी दोनों के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

औरम प्रॉपटेक की बड़ी शॉपिंग

औरम प्रॉपटेक की अब तक हुई शॉपिंग पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में कंपनी ने PropTiger को 86 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसने जून 2023 में NestAway को 90 करोड़ में खरीदा था। मई 2023 में इसने MYRE Capital को और 2021–22 में Sell.Do को भी खरीदा था। इसी तरह जुलाई 2021 में इसने K2V2 टेक को 40 करोड़ रुपए में खरीदा था। 2021 में ही इसने Integrow AM में 25 करोड़ रुपए में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में ऑरम प्रॉपटेक की नेट सेल्स 123.85 करोड़ रुपये रही,जो मार्च 2025 तिमाही के 70.41 करोड़ रुपये से 75.9% ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसकी नेट प्रॉफ़िट 16.64 करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 7.20 करोड़ रुपये से 331.11% ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसका EBITDA 38.47 करोड़ रुपये रहा,जो मार्च 2025 तिमाही के 23.25 करोड़ रुपये से 65.46% ज्यादा है। ऑरम प्रॉपटेक का EPS मार्च 2025 तिमाही के ₹1.33 से बढ़कर मार्च 2026 में ₹2.70 हो गया।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

एनएसई पर आज यह शेयर 11.18 रुपए यानी 4.67 फीसदी बढ़कर 250.82 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 264.64 रुपए और दिन का लो 237.51 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 264.64 रुपए और 52 वीक लो 151.90 रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 12.38 फीसदी और 1 महीने में 36.77 फीसदी भागा है। तीन महीने में इसमें 47.93 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक यह शेयर 33.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसने 32.34 फीसदी की और 3 साल में 90.38 फीसदी की तेजी दिखाई है।

औरम प्रॉपटेक एक भारतीय लिस्टेड प्रॉपटेक कंपनी है। यह अपने रेंटल ब्रांड हेलोवर्ल्ड और नेस्टअवे के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जबकि इसके डेटा,मार्केटिंग और सेल्स ऑटोमेशन ब्रांड औरम एनालिटिका और सेल.डू (Sell.Do), रियल एस्टेट सेक्टर को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देते हैं।

 

 

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : बुधवार को बैंकिंग,कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में आई खरीदारी के दम पर मेटल, IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी की भरपाई हो गई। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी सुबह की बड़ी बढ़त गंवाने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार तेजी आई थी,जिसमें सेंसेक्स 590 अंक से ज्यादा चढ़ा और निफ्टी ने 24,200 का स्तर पार किया। लेकिन बाद में प्रॉफिट-बुकिंग के कारण ज्यादातर बढ़त खत्म हो गई।

कारोबरी सत्र के अंत में सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर और निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 24,078.50 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा। आज 2,203 शेयरों में बढ़त देखने को मिली और 1,896 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3.49 प्रतिशत की गिरावट आई।

अल्ट्राटेक सीमेंट,एटरनल और HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और टाटा स्टील इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी पीएसयू बैंक 0.95% ऊपर,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.73% ऊपर) और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.69% ऊपर बंद हुए। बैंक निफ्टी में 0.51% की बढ़त हुई, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.59% ऊपर चढ़ा।

दूसरी ओर निफ्टी मेटल में 1.11% की गिरावट आई। IT,एफएमसीजी,मीडिया और रियल्टी इंडेक्स में 0.67%, 0.49%, 0.46% और 0.38% की गिरावट दर्ज की गई।

एक ही सेशन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹479.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹481 लाख करोड़ हो गया।

Trading Plan : इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं, अभी इंट्राडे ही रहना है

इक्विरस एसेट मैनेजमेंट के MD और CIO (पब्लिक इक्विटीज़) आशुतोष तिवारी का कहना है कि मध्यम अवधि के नज़रिए से रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा लग रहा है। हालिया उछाल इस बात का सबूत है कि जब वैल्यूएशन आकर्षक हो जाते हैं तो सेंटीमेंट कितनी तेजी से बदल सकता है।

टेक्निक व्यू

बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट है। पिछले सेशन में 24,052 पर बंद होने के बाद आज इंडेक्स में रिकवरी दिखी।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 (जो 20-डे मूविंग एवरेज के आसपास है)पर एक अहम सपोर्ट है। अगर यह सपोर्ट टूटता तो इंडेक्स में 23,900-23,800 की ओर कमजोरी बढ़ सकती है। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि 24,200 का स्तर अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है और अगर इंडेक्स लगातार इसके ऊपर बना रहता है तो यह 24,350-24,500 की ओर बढ़ सकता है।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता के मुताबिक निफ्टी के लिए तत्काल ट्रेडिंग रेंज 23,900 से 24,250 के बीच रहने की उम्मीद है। ऊपर की ओर, 24,250 के स्तर को पार करने पर इंडेक्स 24,400-24,500 की ओर बढ़ सकता है। जबकि नीचे की ओर 23,900 के स्तर के टूटने पर इंडेक्स 23,800-23,700 के अहम सपोर्ट जोन की ओर जा सकता है। बाजार के कुल मिलाकर साइडवेज रहने की उम्मीद है। इसलिए जब तक कोई नया ट्रिगर नहीं मिलता,इंडेक्स के इसी दायरे में बने रहने की संभावना है।

 

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 15 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के हल्की बढ़त के साथ सपाट खुलने की संभावना दिख है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,045.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में भारी गिरावट आई। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत रहे। कल बाजार की शुरुआत कमजोर रही और निफ्टी गिरकर 24,100 के नीचे आ गया। पूरे सेशन के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता दिखा। खासकर IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही,जिससे इंडेक्स 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दिन के अपने निचले स्तरों के आस-पास बंद हुए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ।

हॉर्मुज पर 20% टोल टैक्स से पलटे ट्रंप

हॉर्मुज पर 20 परसेंट टोल से ट्रंप पलट गए हैं। उन्होंने खाड़ी देशों के दबाव के बाद फैसला बदला है। उन्होंने कहा है कि इसके बदले में गल्फ के देश US में बड़ा निवेश करेंगे। इधर अमेरिका ने फिर ईरान की नाकेबंदी कर दी है। 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात करते हुए ईरानी ठिकानों पर भीषण हमले जारी हैं।

कच्चा तेल $86 के करीब कायम, सोने में करीब 1% की बढ़त

ट्रंप के टोल टैक्स से पीछे हटने के बावजूद कच्चे तेल में तेजी कायम है। इसका भाव 86 डॉलर के करीब दिख रहा है। उधर US में अनुमान से कम रिटेल महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में करीब एक फीसदी की बढ़त है।

एक दिन में 25% फिसला IBM, 3% से ज्यादा फिसले इंफोसिस और विप्रो के ADR

IT शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी। Q2 के कमजोर कारोबारी अपडेट के बाद IBM एक दिन में ही 25% टूट गया। इस स्टॉक में 58 साल में पहली बार एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट आई। इंफोसिस और विप्रो के ADR भी तीन फीसदी से ज्यादा फिसले हैं।

टाटा एलेक्सी का Q1 मुनाफा 22.6% घटा

पहली तिमाही में टाटा एलेक्सी के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसके मुनाफे में 23 फीसदी की कमी आई है। मार्जिन पर भी करीब 3 फीसदी का दबाव दिखा है। हालांकि आय में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आज आएंगे HDFC LIFE के नतीजे, वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

नतीजों के लिहाज से आज का दिन अहम है। आज निफ्टी में शामिल HDFC LIFE के नतीजे आएंगे। Q1 में इसका Annual Premium Equivalent 7% बढ़ सकता है। हालांकि VNB MARGIN पर दबाव दिख सकता है। साथ ही ICICI PRU, HDFC AMC समेत वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 20.50 अंक यानी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,037 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए सुस्ती का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.59 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.38 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.07 फीसदी की बढ़त दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 1.72 फीसदी की मजबूती नजर आ रही है। वहीं,कोस्पी 6.23 फीसदी भागा है। शांघाई कंपोजिट में 0.05 फीसदी की हल्की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और नैस्डैक में बढ़त देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद,बड़े बैंकों के अच्छे नतीजों और उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की जोखिम लेने की भूख बढ़ाई। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 अंक या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया। S&P 500 में 28.55 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,543.89 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 233.83 अंक या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर पहुंच गया।

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डॉलर इंडेक्स

डॉलर अपने सभी ‘ग्रुप-ऑफ-10’साथियों के मुकाबले कमजोर हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.80 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से घटकर 4.58% और 4.18% हो गई है।

एशियन करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसी में पिछली क्लोज़िंग के मुकाबले मामूली बढ़त दिख रही है। इसमें मलेशियाई रिंगित सबसे आगे है,जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर में 0.196% और जापानी येन में 0.154% की बढ़त हुई है। फिलीपीन पेसो में 0.123 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर (0.109 प्रतिशत),इंडोनेशियाई रुपया (0.099 प्रतिशत), चीनी रेनमिनबी (0.097 प्रतिशत) और दक्षिण कोरियाई वॉन (0.088 प्रतिशत) का नंबर है। थाई बहत में सबसे कम बढ़त देखी जा रही है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.045 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 14 जुलाई को 739 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,927 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

ISM 2.0 : सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का रास्ता साफ, चिप मैन्युफैक्चरिंग,डिजाइन और स्किल डेवलपमेंट पर होगा फोकस

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bank Nifty Trend : बैंक निफ्टी में तीन दिन की बढ़त थमी, 1% से ज्यादा टूटा इंडेक्स, केनरा बैंक और कोटक ने लगाई सबसे तगड़ी चपत

Bank Nifty Trend : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 14 जुलाई को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे इसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया है। आज ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई,जो 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते के बाद से सबसे ऊंची कीमत है। सोमवार को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर रोक फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से उधार लेने की लागत बढ़ सकती है,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है और ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है। इसके चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना है।

बैंक निफ्टी की इस गिरावट में केनरा बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। इनमें 2%,1.6% और 1.3% की गिरावट आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक भी उन बैंकों में शामिल थे जिनके शेयरों में गिरावट आई है। फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों श्रीराम फाइनेंस,बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में 1-2% की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 1.25 बजे के आसपास बैंक निफ्टी 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 57,475 के आसपास कारोबार कर रहा था।

बैंक निफ्टी व्यू

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ,58,700 (जून का हाई) अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद होता है,तो इससे चल रहे कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में 59,300 और फिर 60,000 के लेवल की ओर रैली शुरू हो सकती है। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर नहीं जा पाता है तो इसका मतलब होगा कि पिछले 4 हफ्तों से चल रहा कंसोलिडेशन और जारी रहेगा।

नीचे की तरफ,57,400-57,500 के लेवल के तत्कल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जो गुरुवार के गैप-अप जोन और सोमवार के निचले स्तर से मेल खाता है। अगला अहम सपोर्ट 56,500 पर है,जहां 20 हफ्ते और 50-हफ्ते के EMA और पिछले हफ्ते का निचला स्तर एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक मजबूत डिमांड जोन बन जाता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 57,500 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि 57,200 अगला अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। ऊपर की तरफ,58,500 मुख्य रेजिस्टेंस है और इस लेवल के ऊपर ब्रेकआउट से नई तेजी आ सकती है। जब तक इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि कुछ ऐसी मुश्किलें फिर से सामने आ रही हैं जिनका असर जल्द ही भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर तेल में यह तेजी जारी रहती है, तो इससे भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर फिर से खरीब असर पड़ सकता है। BoP (भुगतान संतुलन) की कमजोरी और रुपये पर संभावित असर फिर से ऐसी परेशानियां आ सकती हैं जिनसे बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि US में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.61% हो जाना एक और चिंता की बात है,जिसका असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। जून में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। इन चुनौतियों को देखते हुए,निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल और आर्थिक माहौल में निवेश से जुड़े फैसले लेना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। निवेशकों इस लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए रखनी चाहिए और खासकर कच्चे तेल की कीमतों के मामले में स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

 

 Stock Of The Day : ब्लॉक डील के बाद बायोकॉन में आई शानदार तेजी, 6% से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441

बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Airfare regulation : एयर लाइंस की मनमानी पर लगेगी लगाम, त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी पर लगेगी रोक

Airfare regulation : त्योहारों और छुट्टियों के दौरान अचानक बढ़ने वाले हवाई किराए से जल्दी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नए नियम तैयार कर लिए गए हैं और जल्दी ही संसद में पेश किए जा सकते हैं। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि अब हवाई किराया रेगुलेट होगा। त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी के मामले में सरकार की तरफ से बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया है कि हवाई किराए को रेगुलेट करने के नियम तैयार कर लिए गए हैं। ये नियम 30 दिन में संसद के दोनों सदनों के सामने रखे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नियमों की एक कॉपी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार से दो हफ्ते में कॉपी दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

कोर्ट में हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत बने नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये नियम एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए हैं, लेकिन इनके अमल पर अब कोर्ट नजर रख रहा है।

बता दें कि एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस बिना पर्याप्त नियमन के एल्गोरिदम आधारित डायनेमिक प्राइसिंग अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं। याचिका में कहा गया है कि यह व्यवस्था आम यात्रियों के हितों के खिलाफ है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में निजी एयरलाइंस बिना पर्याप्त रेग्युलेशन के डायनेमिक प्राइसिंग (Dynamic Pricing) अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

भारत में हवाई किराए को लेकर पैसेंजर्स की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कई बार त्योहारों या छुट्टियों में टिकट की कीमतें दोगुनी-तिगुनी हो जाती हैं। एयरलाइंस अतिरिक्त सामान, सीट चॉइस या खाने-पीने के लिए अलग से पैसे वसूलती हैं। यात्रियों की शिकायत होती है कि टिकट बुकिंग के समय सस्ता दिखता है, लेकिन अंत में कुल राशि बहुत ज्यादा हो जाती है। केंद्र सरकार को अब दो हफ्ते के अंदर नए नियम के बारे में बताना होगा। अगर नियम पहले ही संसद में रखे जा चुके हैं, तब भी कोर्ट उन्हें देखना चाहता है। यह फैसला आम यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।

डायनेमिक प्राइसिंग क्या है ?

आसान शब्दों में कहें तो डायनेमिक प्राइसिंग कीमतों को तय करने का एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए कंपनियां बाजार की मांग, ग्राहकों के व्यवहार और रियल टाइम डेटा के आधार पर अपने किराए में बदलाव करती रहती हैं। इसी के आधार पर हवाई जहाज कंपनियां, किसी एक उड़ान के लिए एक तय कीमत तय करने के बजाय, मांग के अनुसार हर घंटे या दिन टिकट के दाम बदलती हैं। अगर किसी खास रूट पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है या किसी सीट की मांग अधिक होती है, तो कीमतें बढ़ा दी जाती हैं।

 

 

Market Outlook : हल्के हरे निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 14 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Retail Inflation: महंगाई का झटका! जून में बढ़कर 4.38% पहुंची, RBI के लक्ष्य से ऊपर निकली

Retail Inflation: जून महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई। मई में यह 3.93% थी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से महंगाई में फिर तेजी आई है। यह पिछले 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है और RBI के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर निकल गई है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जून में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम रहे। फूड इंफ्लेशन मई के 4.78% से बढ़कर जून में 5.32% हो गई। चूंकि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में खाने-पीने की चीजों का हिस्सा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए इनके दाम बढ़ने का असर सीधे कुल महंगाई पर पड़ा।

होटल और रेस्तरां में खाने-पीने की सेवाएं भी 6.94% महंगी हुईं। वहीं, निजी गाड़ी चलाने का खर्च 7.35% और माल ढुलाई सेवाओं की लागत 7.70% बढ़ गई। इससे साफ है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी बढ़ा है।

गहनों की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

‘अन्य व्यक्तिगत सामान’ श्रेणी सबसे ज्यादा महंगी रही। इसमें सोने-चांदी और गहने शामिल हैं। इस श्रेणी में महंगाई दर 50.17% रही। हालांकि, मई में यह 56.35% थी, यानी बढ़ोतरी की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी कम हुई है।

कुछ चीजों के दाम घटे भी

हर चीज महंगी नहीं हुई। जून में कुछ टिकाऊ सामानों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई। गाड़ियों की खरीद पर महंगाई दर -4.59% रही। वहीं मनोरंजन से जुड़े टिकाऊ सामान और घर-बगीचे में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण भी सस्ते हुए। सरकार का कहना है कि GST में पहले की गई कटौती का असर इन प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखा।

गांवों में ज्यादा बढ़ी महंगाई

महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिला। जून में ग्रामीण महंगाई 4.74% रही, जो मई में 4.25% थी। वहीं शहरी महंगाई 3.53% से बढ़कर 3.92% हो गई। इससे पता चलता है कि खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर गांवों में ज्यादा पड़ा।

इस साल के पहले पांच महीनों में महंगाई लगातार कम हो रही थी, लेकिन जून में इसमें फिर तेजी आ गई। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें ही महंगाई की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

Market Outlook : हल्के हरे निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 14 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।