Xtranet Technologies IPO: आईटी सेक्टर के इस आईपीओ में निवेश का मौका! क्या आपको करना चाहिए अप्लाई? यहां जानें

Xtranet Technologies IPO Details: आईपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए आज से एक और नया मौका खुल गया है। मध्य प्रदेश की आईटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ₹167 करोड़ का आईपीओ आज यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल गया है। कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं ब्रोकरेज की राय सहित इस आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी बात।

Xtranet Technologies IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹120 से ₹127 प्रति शेयर।
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹13,970
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹50 करोड़

यह ₹167 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें 1.31 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹50.04 करोड़ जुटाए हैं। प्रमुख एंकर इनवेस्टर्स सेंट कैपिटल फंड, विनी ग्रोथ फंड, लॉन्गथ्राइव कैपिटल और टॉरस म्यूचुअल फंड शामिल हैं।

आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी ₹102 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों, ₹20.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹8.48 करोड़ नए सिस्टम व हार्डवेयर खरीदने पर खर्च करेगी।

कंपनी की वित्तीय सेहत और ऑर्डर बुक

2002 में स्थापित यह कंपनी एंटरप्राइज एप्लीकेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के क्षेत्र में एंड-टू-एंड आईटी सॉल्यूशंस प्रदान करती है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) साल-दर-साल 35.6% बढ़कर ₹40.73 करोड़ हो गया। इस दौरान कुल रेवेन्यू 32.3% बढ़कर ₹365.3 करोड़ पर पहुंच गया। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के पास ₹356.96 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है GMP?

IPO मार्केट पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, 23 जुलाई को एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹13 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹140 रह सकता है। अगर GMP के अनुमानों के मुताबिक लिस्टिंग होती है तो इसमें पैसा लगाने वाले निवेशकों को करीब 10% से ज्यादा का मुनाफा हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या लगाएं पैसा?

ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को मध्यम अवधि और मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ काफी मजबूत है और इसका वैल्यूएशन मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन के हिसाब से सही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कल से खुलेगा लोहिया कॉर्प का ₹1101 करोड़ का आईपीओ, पैसा लगाने से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय

Lohia Corp IPO GMP and Details: प्राइमरी मार्केट में निवेशकों को पैसा बनाने का एक और जबरदस्त मौका मिलने जा रहा है। टेक्निकल टेक्सटाइल और वोवन प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प लिमिटेड का करीब ₹1,101 करोड़ का आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल रहा है।

बाजार में एंट्री से पहले ही ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने भी इस इश्यू को लंबी अवधि के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं इस आईपीओ का प्राइस बैंड, जीएमपी, जरूरी तारीखें, कंपनी की वित्तीय सेहत और ब्रोकरेज की राय।

Lohia Corp IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹404 से ₹425 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,875
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। इश्यू का साइज ₹1,101.28 करोड़ है जिसमें प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे है। चूंकि यह पूरी तरह से OFS है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स को जाएगी, कंपनी के खाते में कोई फंड नहीं आएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और वित्तीय सेहत

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल और Raffia इंडस्ट्री के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली ग्लोबल दिग्गज है। यह सीमेंट, उर्वरक, केमिकल्स, फूड ग्रेंस और बैग्स की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक और बोरे बनाने की मशीनें बनाती है।

वित्त वर्ष 2025 में भारतीय वोवन राफिया मशीनरी बाजार में कंपनी की 40.7% की हिस्सेदारी थी, जबकि वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 15.4% है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 64.16% बढ़कर ₹193.45 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹117.84 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.70% बढ़कर ₹1,717 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई को लोहिया कॉर्प का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसका अपर प्राइस बैंड ₹425 है इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹465 प्रति शेयर (₹425 + ₹40) रह सकता है। इस GMP पर निवेशकों को करीब 10% का लिस्टिंग गेन मिलने की संभावना है।

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ब्रोकरेज की राय क्या है?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने इस आईपीओ को ‘Subscribe for Long Term’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालांकि कंपनी का राजस्व मुख्य रूप से एक ही सेगमेंट पर निर्भर है, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत पकड़ और ग्रोथ क्षमता को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Indo MIM IPO Details & GMP: अगर आप आईपीओ मार्केट में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो बेंगलुरु बेस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर इंडो-एमआईएम का बड़ा आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से खुल रहा है। ₹3,811.21 करोड़ का यह मेनबोर्ड आईपीओ बाजार में दस्तक देने से पहले ही ग्रे मार्केट में धमाल मचा रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में करीब 40% के तगड़े प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं, जो लिस्टिंग के दिन शानदार रिटर्न का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें, वित्तीय सेहत और अन्य प्रमुख बातें।

Indo-MIM IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

  • एंकर इनवेस्टर्स के लिए बिडिंग: 22 जुलाई
  • इश्यू ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 23 से 27 जुलाई
  • प्राइस बैंड: ₹461 से ₹485 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,550
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

इश्यू साइज और फंड का इस्तेमाल

यह आईपीओ कुल ₹3,811.21 करोड़ का है जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3,312 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) है। ओएफएस के तहत ग्रीन मीडोज इन्वेस्टमेंट्स 6.05 करोड़ शेयर, अनुराधा कोडुरी 54.59 लाख शेयर और आईआईटी मद्रास 23.07 लाख शेयर बेच रहे हैं।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹500 करोड़ में से ₹400 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,212.3 करोड़ का बकाया कर्ज था। बाकी फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बिजनेस

1996 में स्थापित इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ऑटोमोटिव, डिफेंस, मेडिकल, कंज्यूमर और एयरोस्पेस सेक्टर्स के लिए काम करती है। फाइनेंशियल ग्रोथ की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) 26% बढ़कर ₹533.5 करोड़ हो गया। इसी अवधि में परिचालन राजस्व भी 26% बढ़कर ₹4,193 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

आईपीओ मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 22 जुलाई की सुबह इंडो-एमआईएम के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹194 से ₹195 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसकी संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹485 (अपर प्राइस बैंड) + ₹195 (GMP) = ₹680 प्रति शेयर हो सकती है। निवेशकों को इस आईपीओ की लिस्टिंग पर ही करीब 40.21% का मुनाफा हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

जब इंफोसिस के ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन बने करोड़पति! जानें नारायण मूर्ति का वो फैसला जो बनी कॉरपोरेट इंडस्ट्री की सबसे अनोखी कहानी

Infosys Drivers-Electricians Became Crorepatis: भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में जब भी संपत्ति बनाने की बात आती है, तो इंफोसिस का नाम सबसे ऊपर आता है। यह कहानी सिर्फ एक आईटी कंपनी के सफल होने की नहीं है, बल्कि एक दूरदर्शी संस्थापक के उस फैसले की है जिसने आम मध्यमवर्गीय कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि ऑफिस के ड्राइवर्स और इलेक्ट्रिशियन तक की किस्मत हमेशा के लिए बदल दी।

साल 1999 में जब इंफोसिस के कर्मचारी करोड़पति बने, तो पूरा भारतीय कॉरपोरेट जगत हैरान रह गया था। आइए जानते हैं कि नारायण मूर्ति के उस एक फैसले ने कैसे इतिहास रच दिया।

1993 में आया था IPO, जब मॉर्गन स्टेनली बनी ‘मददगार’

बहुत कम लोग जानते हैं कि 1993 में जब इंफोसिस का IPO ₹95 प्रति शेयर के भाव पर आया था, तो शुरुआत में इसे पर्याप्त सब्सक्रिप्शन नहीं मिला था। उस समय ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली आगे आई और इश्यू प्राइस पर कंपनी की 13% हिस्सेदारी खरीदकर इसे बचाया। किसी को अंदाजा नहीं था कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में यह अब तक का सबसे सफल दांव साबित होने वाला है।

ESOP पर 1994 का वो ऐतिहासिक फैसला जिससे पलटी किस्मत 

साल 1994 में इंफोसिस ने ‘एंप्लॉय स्टॉक ऑप्शन प्लान’ (ESOP) शुरू किया। इंफोसिस ऐसा करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। पूर्व सीएफओ टी.वी. मोहनदास पाई के अनुसार, इस योजना का दायरा इतना बड़ा था कि यह केवल सीनियर इंजीनियर्स और मैनेजरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कंपनी के निचले स्तर के कर्मचारियों को भी दी गई।

नारायण मूर्ति का स्पष्ट मानना था कि, ‘कंपनी का विकास तभी सार्थक है, जब उसे बनाने वाले हर एक स्टेकहोल्डर और कर्मचारी का विकास उसके साथ हो।’

1999 में Nasdaq पर लिस्टिंग और शेयर में छप्परफाड़ तेजी

मार्च 1999 में इंफोसिस अमेरिका के नेस्डैक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस ग्लोबल लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों की मांग पूरी दुनिया में रातों-रात बढ़ गई।

इश्यू प्राइस (1993): ₹95 प्रति शेयर

शेयर प्राइस (1999): ₹8,100 के करीब

मात्र 6 साल के भीतर शेयर की कीमत में आई इस ऐतिहासिक तेजी ने कागजी संपत्ति को असली पैसों में बदल दिया।

जब ड्राइवर और बिजली मिस्त्री भी बन गए ‘करोड़पति’

1999 के समय में जहां एक औसत इंजीनियर की सैलरी लगभग ₹8,000 प्रति महीना होती थी, वहीं इंफोसिस के लगभग 1,800 कर्मचारी ESOP की बदौलत डॉलर मिलियनेयर बन चुके थे। इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि कंपनी में काम करने वाले ड्राइवर्स, इलेक्ट्रिशियन और सपोर्ट स्टाफ, जिन्हें स्टॉक ऑप्शंस मिले थे, वे भी रातों-रात करोड़पति बन गए थे।

भारत के मध्यमवर्ग के लिए केवल सैलरी से नहीं, बल्कि कंपनी के शेयर लंबे समय तक होल्ड करके इतनी बड़ी संपत्ति बनाने का यह बिल्कुल नया और आंखें खोल देने वाला विचार था।

₹10,000 से ₹4 लाख करोड़ तक का सफर

मात्र ₹10,000 की उधारी पूंजी से शुरू हुई इंफोसिस ने आगे चलकर ₹4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के आंकड़े को पार किया। 1999 का दौर वह मोड़ था जिसने यह साबित किया कि यदि कंपनी अपनी सफलता में हर योगदान देने वाले को हिस्सेदार बनाती है, तो साधारण लोग भी असाधारण रूप से समृद्ध हो सकते हैं।

Alpine Texworld IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, फ्लैट एंट्री के बाद शेयर धड़ाम

Alpine Texworld IPO Listing: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केट में अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपाओ लॉन्च हुआ था। एक तरफ एसबीआई फंड्स के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी तो दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ को ओवरऑल 1.40 गुना बोली मिली थी। अब दोनों के शेयर आज लिस्ट हुए हैं। एसबीआई फंड्स के शेयर तो 6% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुए तो अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयर एकदम फ्लैट।

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयर आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹105.00 और NSE पर ₹105.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹99.75 (Alpine Texworld Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5% घाटे में हैं।

Alpine Texworld IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का ₹126 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का सुस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.09 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,20,24,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.08 करोड़ प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नई वीविंग यूनिट लगाने, ₹52.20 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Alpine Texworld के बारे में

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड कपड़ों की डाईंग और प्रोसेसिंग के बिजनेस में है। इसके पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। इसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 6 हजार टन के कॉटन और ब्लेंडेड यार्न की है। इसके पास 112 हाई-स्पीड लूम हैं जो डेनिम, सूटिंग शर्टिंग, और RFD (रेडी-फॉर-डाईंग) फैब्रिक बनाते हैं। कंपनी को फिलहाल फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध 151.68% बढ़कर ₹21.72 करोड़ और टोटल इनकम 47.34% उछलकर ₹350.18 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹177.60 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹46.32 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds IPO Listing: 6% प्रीमियम पर शेयर लिस्ट, आईपीओ को तगड़ी बोली के बाद प्रीमियम लिस्टिंग

SBI Funds IPO Listing: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹574 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹610.00 और NSE पर ₹613.30 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 6% से अधिक लिस्टिंग गेन (SBI Funds Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹622.80 (SBI Funds Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 8.50% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिला है।

SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds Management के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds IPO GMP: कल बाजार में मचेगा तहलका? लिस्टिंग से ठीक पहले GMP में भारी उछाल! जानें कितना हो सकता है मुनाफा

SBI Funds Management IPO GMP Update: देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड मैनेजर, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की कल यानी मंगलवार, 21 जुलाई को घरेलू शेयर बाजार में एंट्री होने जा रही है। बाजार में कदम रखने से ठीक पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है और यह करीब 18 फीसदी के मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के मामले में देश का पांचवां सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका है। जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसा लगाया है, वे बेसब्री से कल सुबह की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं ग्रे मार्केट का ताजा हाल क्या है और संभावित लिस्टिंग प्राइस क्या हो सकती है।

देश का 5वां सबसे बड़ा आईपीओ, लगी थी बोलियों की झड़ी

₹9,813 करोड़ के इस विशाल आईपीओ को लेकर निवेशकों में गजब का क्रेज देखा गया। 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुले इस आईपीओ को रिकॉर्ड तोड़ रिस्पांस मिला था। यह आईपीओ कुल मिलाकर 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा रिकॉर्ड 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

आईपीओ से जुड़ी कुछ अन्य बड़ी बातें

₹545 से ₹574 के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसके तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) ने मिलकर 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे हैं। चूंकि यह ओएफएस था, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम प्रमोटर्स के पास जाएगी, कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा।

मार्केट लीडर है कंपनी

साल 1992 में स्थापित हुई यह कंपनी देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड ‘एसबीआई म्यूचुअल फंड’ का इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट संभालती है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹16.32 लाख करोड़ था और भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी 15.5 फीसदी की है।

ग्रे मार्केट में दमदार प्रदर्शन, 18% मुनाफे के संकेत

आईपीओ पर नजर रखने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ‘इन्वेस्टरगेन’ और ‘आईपीओ वॉच’ के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹103 प्रति शेयर चल रहा है। इस जीएमपी के हिसाब से देखें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹574 के मुकाबले यह शेयर बाजार में ₹677 पर लिस्ट हो सकता है।

यानी कल पहले ही दिन निवेशकों को प्रति शेयर करीब 18% का तगड़ा लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है। कल सुबह 10 बजे जैसे ही बाजार खुलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह शेयर ग्रे मार्केट के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए कोई नया रिकॉर्ड बनाता है या नहीं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: ₹404-₹425 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 23 जुलाई से खुलेगा ₹1100 करोड़ का इश्यू

कानपुर की कंपनी लोहिया कॉर्प ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹404-₹425 प्रति इक्विटी शेयर रहेगा। निवेशक कम से कम 35 शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, लोहिया कॉर्प का लक्ष्य अपने पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,102.08 करोड़ जुटाने का है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें लोहिया परिवार की ओर से 2.59 करोड़ इक्विटी शेयरों को ​बिक्री के लिए रखा जाएगा। कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। नतीजतन, IPO से हासिल होने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वालों को मिलेगी।

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टेप एक्सट्रूजन लाइंस, सर्कुलर लूम्स, कोटिंग और लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग और कनवर्जन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन, ट्विस्टर वाइंडर, मोनोफिलामेंट एक्सट्रूजन लाइंस, रीसाइक्लिंग मशीन और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं। पॉलीप्रोपाइलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) से बुने हुए फैब्रिक और बोरे (राफिया) बनाने वाली मशीनरी के मामले में कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। लोहिया कॉर्प के प्रमोटर राज कुमार लोहिया, गौरव लोहिया, अमित कुमार लोहिया हैं।

30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

IPO में एंकर इनवेस्टर 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 जुलाई को होगी। लिस्टिंग के बाद लोहिया कॉर्प का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹4,490.13 करोड़ होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगस्त 2025 में अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर फिर से फाइल किए थे और दिसंबर 2025 में SEBI से मंजूरी मिली थी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में OFS का साइज 4.22 करोड़ इक्विटी शेयरों का था। यह अब घटकर 2.59 करोड़ इक्विटी शेयर रह गया है।

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IPO में रिजर्व हिस्सा

इस IPO में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए और बाकी 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। लोहिया कॉर्प के लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में राजू इंजीनियर्स, लक्ष्मी मशीन वर्क्स (LMW) और ममता मशीनरी जैसे नाम शामिल हैं। इश्यू के लिए इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लोहिया कॉर्प का शुद्ध मुनाफा 64.2% बढ़कर ₹193.5 करोड़ हो गया। यह एक साल पहले ₹117.8 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू 24.7% बढ़कर ₹1,717 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹1,376.9 करोड़ था।