Happy Steels की ठीकठाक शुरुआत, शेयर 3% प्रीमियम पर लिस्ट

हैप्पी स्टील्स की गुरुवार, 16 जुलाई को लिस्टिंग ठीकठाक रही। NSE SME पर शेयर 3 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 68 रुपये पर लि​स्ट हुआ। IPO प्राइस 66 रुपये था। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर 5 प्रतिशत उछला और 71.40 रुपये पर अपर प्राइस बैंड हिट किया। कंपनी का 25 करोड़ रुपये का IPO 54.54 गुना भरकर बंद हुआ था। इसमें 38 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का मार्केट कैप 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

1996 में इनकॉरपोरेट हुई हैप्पी स्टील लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है। यह सेफ्टी-क्रिटिकल, फोर्ज्ड और मशीन्ड ट्रांसमिशन और ड्राइवलाइन पार्ट्स बनाती है। ये पार्ट्स ऑन-हाइवे, ऑफ-हाइवे, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और डिफेंस सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन में काम करती है। इसकी क्षमताओं में कच्चा माल खरीदना, फोर्जिंग, हीट ट्रीटमेंट, प्रिसिजन मशीनिंग, गियर कटिंग, ड्रिलिंग, सरफेस हार्डनिंग, ग्राइंडिंग, इंस्पेक्शन और पैकिंग शामिल हैं।

हैप्पी स्टील्स के प्रोडक्ट्स में कई तरह के एक्सल, लंबे स्प्लाइन शाफ्ट, स्पिंडल और दूसरे सेफ्टी-क्रिटिकल और लोड-बेयरिंग पार्ट्स शामिल हैं। ये पार्ट्स गाड़ियों की परफॉर्मेंस और सेफ्टी में अहम भूमिका निभाते हैं। ये प्रोडक्ट्स भारत और विदेशों में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और टियर-I सप्लायर्स को सप्लाई किए जाते हैं।

Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Paytm के Q1 नतीजे 20 जुलाई को, पहली बार बोनस शेयरों का भी हो सकता है ऐलान

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का बोर्ड 20 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की मीटिंग खत्म होने के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही कंपनी का बोर्ड बोनस शेयरों के इश्यू को भी मंजूरी दे सकता है। पेटीएम इस बारे में शेयर बाजारों को जानकारी दे चुकी है।

साल 2021 में लिस्टिंग के बाद कंपनी पहली बार बोनस शेयरों का तोहफा दे सकती है। Paytm के अभी 7.5 लाख से ज्यादा रिटेल शेयरहोल्डर हैं। इनके पास कंपनी में जून 2026 के आखिर तक 8 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी थी। पेटीएम का IPO 18300 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी नवंबर 2021 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई।

मार्च तिमाही में 183 करोड़ रुपये रहा था Paytm का मुनाफा

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान One97 Communications ने 183 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया था। एक साल पहले कंपनी 545 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये रहा था। मार्च 2025 तिमाही में यह 1,912 करोड़ रुपये था।

शेयर 2 साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर बुधवार को BSE पर 1367.90 रुपये पर बंद हुआ।पेटीएम का मार्केट कैप 87600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का शेयर एक महीने में 22 प्रतिशत, एक साल में 38 प्रतिशत और 2 साल में 190 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,407 रुपये और एडजस्टेड लो 947.10 रुपये है।

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Q1 नतीजों को लेकर क्या उम्मीद

JM फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Paytm का जून 2026 तिमाही में प्रदर्शन अच्छा रहेगा, जिसकी वजह मुख्य बिजनेस की मजबूती है। Paytm जून तिमाही में भी मुनाफा देख सकती है। EBITDA मार्जिन के तिमाही आधार पर बढ़ने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Caliber Mining IPO: 17 जुलाई को खुलेगा कैलिबर माइनिंग का आईपीओ, ग्रे मार्केट में शेयर ने मचाया धमाल

Caliber Mining IPO: कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स का आईपीओ 17 जुलाई को खुलेगा। कंपनी ने इश्यू के लिए 402-424 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। 450 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 21 जुलाई को बंद होगा। इस आईपीओ में कंपनी 400 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत 50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे।

शेयरों का एलॉटमेंट 22 जुलाई को

Caliber Mining and Logistics के शेयरों का एलॉटमेंट 22 जुलाई को हो सकता है। शेयर बाजारों में शेयर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं। ओएफएस में चड्ढ़ा फैमिली अपने शेयर बेचेगी। पहले ओएफएस के तहत 100 करोड़ रुपये के शेयर बेचने का प्लान था। कंपनी ने दिसंबर 2024 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। तब इश्यू का साइज 600 करोड़ रुपये था। सेबी ने डीआरएचपी मई 2025 में एप्रूव कर दिया था।

ग्रे मार्केट में शेयर पर चल रहा 19% प्रीमियम

कैलिबर माइनिंग के शेयर को ग्रे मार्केट में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 80 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर शेयर बाजार में प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल से करीब 19 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टरगेन ने भी इस शेयर का जीएमपी 80 रुपये बताया है।

कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,772 करोड़ रुपये

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,772 करोड़ रुपये है। रिटेल इनवेस्टर्स को शेयरों के कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 35 शेयरों का है, जिसकी कीमत प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 14,840 रुपये होगी। इश्यू के आधे शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व हैं। 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 35 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हैं।

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माइनिंग से जुड़ी सर्विसेज ऑफर करती है कंपनी 

यह कंपनी माइनिंग से जुड़ी कई तरह की सर्विसेज ऑफर करती है। इनमें कोल एक्सट्रैक्शन, ओवरबर्डेन रिमूवल, रोड ट्रांसपोर्टेशन और रेल कोऑर्डिशन शामिल हैं। कंपनी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सेवाएं देती है। कोल इंडिया की सब्सिडियरीज इसके सबसे बड़े ग्राहकों में हैं। इनमें वेस्टर्न कोलफील्ड्स और नॉर्दन कोलफील्ड्स शामिल हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

SBI Funds IPO: दूसरे दिन शेयर पर 16% जीएमपी, क्या पैसे लगाने से होगी जबर्दस्त कमाई?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Kusumgar के शेयरों की धांसू लिस्टिंग, IPO को 135 गुना बोली मिलने के बाद 37% का लिस्टिंग गेन

Kusumgar IPO Listing: एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए खास तरह के फैब्रिक्स बनाने वाली मुंबई की दिग्गज कंपनी कुसुमर की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 135 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹419 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹574.00 और NSE पर ₹569.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹597.00 (Kusumgar Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 42.48% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹39 के डिस्काउंट पर मिला है।

Kusumgar IPO को मिला था धांसू रिप्सांस

कुसुमगर का ₹650 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 299.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 174.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 27.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 11.09 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1,55,21,698 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है।

Kusumgar के बारे में

कुसुमगार एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव, और आउटडोर और लाइफस्टाइल सेगमेंट के लिए एडवांस्ड इंजीनियरिंग फैब्रिक्स बनाती है। इसके पास गुजरात में 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उत्तर प्रदेश में 1 फैब्रिकेशन यूनिट है। यह कंपनी डिफेंस सेक्टर के लिए पैराशूट सिस्टम, स्टील्थ सॉल्यूशंस और रैपिड डिप्लॉयमेंट सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके अलावा ऑटोमोटिव और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यह खास फैब्रिक तैयार करती है। कंपनी की कुल कमाई में एयरोस्पेस और डिफेंस फैब्रिक्स की 32%, एयरोस्पेस और डिफेंस सॉल्यूशंस की 23%, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव फैब्रिक्स की 24% और आउटडोर और लाइफस्टाइल फैब्रिक्स की 19% हिस्सेदारी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹84.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹111.99 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹98.20 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹474.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹790.21 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹711.78 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹223.58 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹491.05 करोड़ पड़े थे।

अमेरिका से आई राहत की खबर पर मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: खुल गया ₹9813 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में गिरी सेहत, निवेश से पहले जान लें ये 10 अहम बातें

SBI Funds Management IPO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल चुका है। पहले यह आईपीओ ₹11,693 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 बड़े निवेशकों से ₹1880 करोड़ जुटाने के बाद यह आईपीओ अब ₹9813 करोड़ है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के ₹9813 करोड़ के आईपीओ में ₹545-₹574 के प्राइस बैंड और 26 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और एसबीआई के एंप्लॉयीज को हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिलेगा। एसबीआई के शेयरहोल्डर्स के लिए कोई छूट नहीं है।

2. अहम डेट्स

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ आज 14 जुलाई को खुला है और 16 जुलाई को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 21 जुलाई को एंट्री होगी।

3. एंकर बुक

आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 129 एंकर निवेशकों से ₹2663 करोड़ जुटाए। इसके तहत ब्लैकरॉक, अबूधाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, मॉर्गन स्टैनले, गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर समेत अन्य एंकर निवेशकों को ₹574 के भाव पर 17.09 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। इसमें से ₹991 करोड़ के 1.72 करोड़ शेयर एचडीएफसी एएमसी, एक्सिस म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल एएमसी समेत 23 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 70 स्कीम्स के जरिए जारी हुए हैं।

4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की स्थिति कमजोर हुई है और आईपीओ खुलने से पहले इसकी जीएमपी ₹110 तक चली गई थी। हालांकि अब यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹93 यानी 16.20% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हो रही है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग बेच रहा है।

6. रजिस्ट्रार

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिन टेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिलेगा बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिलेगा।

8. कंपनी के बारे में?

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

9. कैसी है कारोबारी सेहत?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

10. क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ पर ब्रोकरेजेज का रुझान पॉजिटिव है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लीडरशिप पोजिशन, एसबीआई के दमदार डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के सपोर्ट, मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और हाई ऑपरेटिंग मार्जिन के चलते ब्रोकरेजेज इसे लेकर बुलिश हैं। स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है तो अरिहंत कैपिटल ने भी लॉन्ग टर्म के लिए इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी

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त्योहारों में महंगे हवाई टिकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए एयरफेयर नियम

supreme court on air fare

त्योहारों और छुट्टियों के दौरान एयरलाइंस कंपनियों द्वारा बढ़ाए जाने वाले हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों के भीतर नए एयरफेयर नियम सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। ALSO READ: हार्मुज स्ट्रेट में UAE के 2 तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला, 1 भारतीय की मौत; अमेरिका ने नाकेबंदी का किया ऐलान

 

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियम संसद में पेश हों या न हो, लेकिन सरकार को अगले 2 हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी 'सीलबंद लिफाफे' में कोर्ट में जमा करनी होगी।

 

क्या थी याचिकाकर्ता की मांग?

सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी।

याचिका में किराए की अधिकतम सीमा तय करने, यात्रियों के मुफ्त चेक इन सामान का वजन दोबारा 25 किलोग्राम करने जैसी मांगें भी की गई हैं। उन्होंने देश में एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाने की मांग की थी, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। ALSO READ: SBI Funds Management IPO खुला: 11,693 करोड़ के इश्यू पर दांव लगाने से पहले जानें GMP, प्राइस बैंड और लिस्टिंग डेट

 

किरायों में भारी उछाल यात्रियों का शोषण

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए। कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान किरायों में भारी उछाल को यात्रियों का शोषण करार दिया था। ALSO READ: 900 साल पुरानी मूर्ति का रहस्य सुलझा, सरस्वतीजी की समझी जाने वाली मूर्ति निकली देवी गायत्री की दुर्लभ प्रतिमा

कोर्ट ने केंद्र और डीजीसीए से इस पर विचार के लिए कहा था। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि 'भारतीय वायुयान कानून, 2024' लागू हो चुका है। उसके आधार पर नए नियम बनाए जा रहे हैं।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बुल्स ने जोरदार तरीके से वापसी की है। निफ्टी नीचे से करीब 200 अंक रिकवर होकर 24200 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी नीचे से 500 अंकों का सुधार हुआ है। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रिकवरी आई है। हालांकि फीयर इंडेक्स INDIA VIX अभी भी करीब 9 फीसदी ऊपर है। लेकिन यह कंफर्ट जोन के नीचे है। IT शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी IT इंडेक्स 4% दौड़ा है। TCS, इंफोसिस,टेक महिंद्रा और HCL टेक करीब 4-5 फीसदी उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर बने हैं। TCS 2 दिनों में करीब 7 फीसदी उछला है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। कल्याण ज्वेलर्स में आज भी10% का अपर सर्किट लगा है। यह शेयर 4 दिनों में करीब 50 फीसदी चढ़ा है। हालांकि रियल्टी,मेटल और FMCG में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

बाजार: शानदार रिकवरी

बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने खरीदारी जोन का सम्मान किया है। सुबह घबराहट में ना बेचने की सलाह काम आई है। उम्मीद के मुताबिक निफ्टी IT ने रिकवरी को लीड किया है। TCS आज का स्टॉक ऑफ द डे रहा। इसने 2 दिनों में शानदार रिटर्न्स दिए। बैंक निफ्टी में भी निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी दिखी। मिडकैप आज कम चले,लेकिन यहां भी अच्छी रिकवरी रही। इंडिया VIX 9% भागा लेकिन कम्फर्ट जोन के नीचे है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार में ट्रंप फैक्टर का डर खत्म हो गया है?

बाजार: अब क्या?

यह कहना कि ट्रंप फैक्टर खत्म हो गया है, जल्दबाज़ी होगा। लेकिन एक बात साफ है कि बाजार में अब घबराहट नहीं है। पिछले बुधवार का लो अब पत्थर की लकीर बन चुका है और आज तो निफ्टी ने 24,000 तक नहीं तोड़ा। बैंक निफ्टी ने ठीक 20 DEMA से रिवर्सल दिखाया। बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का बन चुका है। ऐसे में बने रहें और गिरावट में सौदे और जोड़ें। ओवरनाइट पोज़िशन को चाहें तो थोड़ा हेज करें। शुक्रवार के हेज ने आज सुबह शानदार काम किया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,000-24,050 पर सपोर्ट और 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,700 पर सपोर्ट और 58,200-58,500 पर रेजिस्टेंस है।

IT: अब क्या है नजरिया?

पिछले कुछ दिनों से लगातार IT पर पॉजिटिव नजरिया था। इस महीने निफ्टी IT 11% चल चुका है। आज सुबह भी हमने खुलते ही IT लेने का नजरिया रखा था। TCS पर भी शुक्रवार सुबह से पॉजिटिव राय रखी गई थी। शुक्रवार को शुरुआत ही हमने TCS के एनालिसिस से की थी। IT में इस बार की रैली थोड़ी अलग लग रही है। पहले दो रैलियां बुरी तरह से फेल हुई थीं। लेकिन इस बार कंपनियों के पॉजिटिव इरादे के बाद तेजी आई है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।

इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।

यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।

UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।

PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।

इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।

 

 

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