HD Fire Protect IPO Listing: 23% प्रीमियम पर शुरुआत, फिर चंद पलों में शेयर 9% ​फिसला

मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट की 21 अक्टूबर को लिस्टिंग तो अच्छे गेन में हुई लेकिन कुछ ही पलों में शेयर लाल निशान में आ गया। BSE पर शेयर ने लगभग 23.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹334.40 और NSE पर 23.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹335 पर शुरुआत की। कुछ ही पलों में शेयर ​लिस्टिंग प्राइस से 9 प्रतिशत तक नीचे आ गया। IPO प्राइस ₹271 था। कंपनी का ₹712.31 करोड़ का IPO 131.73 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 256.65 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 203.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 30.55 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 23.61 गुना भरा।

HD फायर प्रोटेक्ट ने IPO खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।

कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ढहते मार्केट में 20% के अपर सर्किट पर शेयर, Q1 में मुनाफा और रेवेन्यू डबल तो आया जोश

Kanohar Electricals Q1 Result: लिस्टिंग के बाद पहली बार रिजल्ट पेश करने के बाद कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयर रॉकेट बन गए। ऐसे समय में, जब मार्केट में अफरा-तफरी मची थी, इसके शेयरों ने आज जून तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफा के डबल होने का जश्न मनाया और 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे और अब आज मार्केट खुला तो शेयर उछल पड़े। फिलहाल बीएसई पर यह 15.84% की बढ़त के साथ ₹1090.25 (Kanohar Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 20% के अपर सर्किट ₹1,129.35 पर पहुंचा था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल भी है।

Kanohar Electricals Q1 Result: खास बातें

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही और इसका मुनाफा-रेवेन्यू दोगुने से अधिक रफ्तार से बढ़ गया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 140.0% उछलकर ₹27.3 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 103.5% बढ़कर ₹137.1 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा और EBITDA इस दौरान 152.2% बढ़कर ₹38.8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.8% से 28.3% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक तिमाही आधार पर 11% बढ़कर ₹2026.0 करोड़ पर पहुंच गया, जिसमें से 88.4% ऑर्डर गवर्नमेंट सेक्टर से हैं।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने कम समय में ही निवेशको की ताबड़तोड़ कमाई कराई है, वह भी ऐसे समय में, जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था। पिछले महीने 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर यह महज ₹672.05 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से एक ही महीने में यह 68.06% उछलकर आज 7 अक्टूबर 2026 को ₹1,129.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस दौरान निफ्टी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आया।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की पिछले महीने 16 सितंबर को एंट्री हुई थी। इसके ₹1056 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹632 के भाव पर शेयर जारी हुए थे और निवेशकों को 8% तक का लिस्टिंग गेन मिला।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Honasa Consumer Share Price: Q2 में नेट सेल्स वैल्यू 30-33% बढ़ने की उम्मीद, शेयर ने लगाई 11% तक की छलांग

मामाअर्थ और डर्मा कंपनी ब्रांड की पेरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स के लिए 6 अक्टूबर का दिन बेहद अच्छा जा रहा है। शेयर शुरुआती कारोबार में ही पिछले बंद भाव से 11.5 प्रतिशत तक चढ़ा। BSE पर कीमत 492.90 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 15900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में बिजनेस कैसा रह सकता है, इस पर अपडेट जारी किया है।

होनासा कंज्यूमर ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे सितंबर 2026 तिमाही (Q2) में भी परफॉरमेंस काफी अच्छी रहने की उम्मीद है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में बनी ग्रोथ की रफ्तार Q2 में भी जारी रह सकती है। कंपनी की नेट सेल्स वैल्यू (NSV) की ग्रोथ अर्ली थर्टीज में रह सकती है। मतलब कह सकते हैं कि सालाना आधार पर करीब 30-33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। NSV का मतलब है रिटर्न, टैक्स, डिस्काउंट और कैंसिलेशन को घटाने के बाद कंपनी की वास्तविक बिक्री की वैल्यू।

मामाअर्थ ब्रांड की ग्रोथ भी मजबूत रहने की उम्मीद है। Q2 में इसकी NSV में सालाना आधार पर करीब 17-19 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। लोकप्रियता बढ़ने और ऑफलाइन स्टोर्स में पहुंच बढ़ने से Mamaearth को फायदा मिलेगा। होनासा कंज्यूमर के नए और छोटे ब्रांड जैसे द डर्मा कंपनी, एक्वालॉजिका, बीब्लंट, डॉ. शेठ्स, स्टेज, ल्यूमिनेव और Reginald Men भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इन ब्रांड्स की NSV ग्रोथ सितंबर तिमाही में करीब 40-45 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

ऑफलाइन बिक्री का रहेगा बड़ा योगदान

कंपनी की ग्रोथ में ऑफलाइन बिक्री का हाथ सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। सामान्य दुकानों और बड़े रिटेल आउटलेट्स, दोनों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। सामान्य दुकानों में सीधे डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने और दुकानों पर प्रोडक्ट की बेहतर बिक्री से कंपनी को फायदा मिल सकता है। ऑनलाइन बिक्री में भी ग्रोथ की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है।

होनासा कंज्यूमर EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) मार्जिन में सुधार पर लगातार काम कर रही है। Q2 में भी कंपनी को ऑपरेटिंग मार्जिन 10 प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है।

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जून तिमाही में कैसी रही थी परफॉरमेंस

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में होनासा कंज्यूमर लिमिटेड का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 118 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 90.25 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 755.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA सालाना आधार पर 140.7 प्रतिशत बढ़कर 110 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो गया।

Honasa Consumer का शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। होनासा कंज्यूमर में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 35.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत हुआ है। साल 2026 में अब तक यह 70 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। होनासा कंज्यूमर नवंबर 2023 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1701.44 करोड़ रुपये का था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मार्केट लाल, Sensex डे-हाई से टूट गया 750 प्वाइंट्स, Nifty आया 22400 के नीचे

Share Market Crash: 25 साल में लगातार आठ हफ्ते की सबसे लंबी गिरावट के बाद इस हफ्ते की शुरुआत सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत की लेकिन फिर ये ढह गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर बातचीत फिलहाल स्थिर हो गई है। इससे मार्केट को शॉक लगा और सेंसेक्स डे-हाई से 750 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22400 के नीचे के आ गया।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 722.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,631.93 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 791.75 प्वाइंट्स टूटकर 71,840.18 और निफ्टी 199.85 प्वाइंट्स उछलकर 22,621.80 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 224.70 प्वाइंट्स गिरकर 22,397.10 तक आ गया।

क्या है वित्त मंत्री ने? 

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली में एक इवेंट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत अभी भी चल रही है लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से काफी बातचीत और समझौते के बाद ऐसी स्थिति हासिल कर ली है, जहां आगे कुछ देना या लेना दोनों के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्षों के लिए आगे बढ़ने की कोई गुंजाइश बची है, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के लिए अब आगे और समझौता करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होगा। इस पर मार्केट धड़ाम हो गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस अभी भारत के पक्ष में है अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सौदे को लेकर बातचीत अभी चल रही है।

वित्त मंत्री ने दिया चीन का उदाहरण

भारत के साथ सौदे को लेकर अमेरिका चाहता है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड इनबैलेंस यानी कारोबारी अंसतुलन कम हो यानी कि भारत अधिक से अधिक चीजें अमेरिका से खरीदे। वित्त मंत्री ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच भी ऐसा ही असंतुलन है और 2014 के बाद से व्यापार घाटा लगातार बहुत तेजी से बढ़ा है लेकिन केवल व्यापार घाटे को कम करना ही अगर किसी समझौते की मुख्य शर्त बन जाए, तो सवाल यह है कि बातचीत के जरिए इसे किस हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले कारोबारी बातचीत का उद्देश्य यह होता था कि दोनों देश अपनी समस्याएं और असमानताएं सामने रखते थे और फिर बातचीत के जरिए समाधान निकालते थे लेकिन अब व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी बातचीत में किसी देश को अपने बाजार में कुछ चीजों की पहुंच बढ़ानी होती थी तो बदले में वह दूसरे देश की कुछ चीजों को अपने यहां अधिक पहुंच देता था यानी दोनों तरफ से कुछ देना और कुछ लेना होता था लेकिन अब टैरिफ बड़ा हथियार बन गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि पहले टैरिफ यानी आयात शुल्क का इस्तेमाल कारोबारी बातचीत के दौरान एक ढांचे के तहत होता था लेकिन अब इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या कहना है अमेरिका का

भारत के साथ कारोबारी सौदे को लेकर अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमीसन ग्रीर (Jamieson Greer) का कहना है कि ट्रंप सरकार इसे लेकर आखिरी दौर में है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता जल्द होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि G20 की बैठक के दौरान भारत के कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ अच्छी बातचीत हुई। ग्रीर के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच जिन मुद्दों को लेकर मतभेद है, उसकी पहचान कर ली गई है और अब उन्हें सुलझाने के लिए काम किया जा रहा है।

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Orient Cables IPO Listing: ₹450 पर लिस्ट ₹272 का शेयर, 97 गुना भरा था आईपीओ

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

German Green Steel IPO Listing: निवेशक मायूस, शेयर बढ़त में लिस्ट होकर 8% तक लुढ़का

जर्मन ग्रीन स्टील एंड पावर की 5 अक्टूबर को शेयर बाजार में शुरुआत हल्की बढ़त में हुई। लेकिन फिर शेयर लाल निशान में आ गया। शेयर बीएसई पर 3 प्रतिशत से ज्यादा गेन के साथ 143.50 रुपये और एनएसई पर 2 प्रतिशत बढ़त के साथ 142 रुपये पर लिस्ट हुआ। तुरंत ही शेयर में 8 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 139 रुपये प्रति शेयर था। IPO 303.90 करोड़ रुपये का था और 30.42 गुना भरा था।

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 21.91 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 56.77 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 23.98 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने इश्यू की ओपनिंग से पहले 91.17 करोड़ रुपये जुटाए।

Darjeeling में पहले होटल का जश्न, 7% उछल पड़ा इस होटल कंपनी का शेयर

Lemon Tree Share Price: देश की दिग्गज हॉस्पिटैलिटी कंपनियों में शुमार लेमन ट्री होटल्स के शेयर आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में भी चमक गए। शुरुआती कारोबार में आज सेंसेक्स (Sensex) लाल हो गया तो निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 22500 के करीब आ गया। वहीं दूसरी तरफ लेमन ट्री के शेयर 7% से अधिक उछल पड़े। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी ने पश्चिम बंगाल में विस्तार करते हुए मशहूर हिल स्टेशन दार्जीलिंग में 65 कमरों वाला अपना पहला होटल खोलने का ऐलान किया है। इस ऐलान पर निवेशक चहक उठे। अभी इसके शेयर बीएसई पर 6.24% की मजबूती के साथ ₹110.75 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.05% की बढ़त के साथ ₹111.60 तक पहुंच गया था।

दार्जीलिंग में Lemon Tree के पहले होटल की क्या है खास बात

लेमन ट्री होटल्स ने Keys Prima by Lemon Tree Hotels, Darjeeling की ओपनिंग का ऐलान किया है।

यह दार्जीलिंग में लेमन ट्री ग्रुप का पहला होटल है।

इसे लेमन ट्री होटल्स के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स मैनेज करेगी।

यह होटल ओल्ड कचहरी रोड पर है।

कंपनी की तरफ से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई डिटेल्स के मुताबिक इसमें 65 कमरे हैं।

इसमें बार और फिटनेस सेंटर की भी सुविधा है।

इस होटल में 100 मेहमानों तक की व्यवस्था के लिए एक आउटडोर लॉन भी है।

यह होटल बागडोगरा एयरपोर्ट से करीब 70 किमी, दार्जीलिंग रेलवे स्टेशन से 2.5 किमी और लोकल बस स्टेशन से 1.7 किमी दूरी पर स्थित है।

दार्जीलिंग में अहम आकर्षण की बात करें तो यहां टाइगर हिल पर सनराइज, जू, हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, तेनजिंग रॉक, जापानीज टेंपल और पीस पगोडा, रॉक गार्डेन, टी गार्डेन, रोपवे और बतासिया लूप हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

लेमन ट्री होटल्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल बीएसई पर 6 अक्टूबर 2025 को यह ₹174.25 पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 महीने में यह 42.78% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹99.70 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स का फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट! NSE को SEBI की हरी झंडी, अब इस सिग्नल का है इंतजार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Elevate Campuses Share Price: ₹362 के शेयरों ने दिया शॉक, डिस्काउंट एंट्री के बाद और आया नीचे

Elevate Campuses IPO Listing: स्टुडेंट्स के लिए रहने की व्यवस्था करने वाली एलीवेट कैंपसेज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। इसके आईपीओ के तहत ₹362 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹356.50 और NSE पर ₹355.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर डेढ़ फीसदी से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹345.50 (Elevate Campuses Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.56% घाटे में हैं।

Elevate Campuses IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलीवेट कैंपसेज का ₹2100 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.07 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 5,80,11,049 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,100.00 करोड़ के-12 एंटिटीज और कैंपसेज के अधिग्रहण, ₹750.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरी का कर्ज हल्का करने, ₹129.61 करोड़ इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹120.39 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Elevate Campuses के बारे में

एलीवेट कैंपसेज एक एडुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर/स्टुडेंट हाउसिंग कंपनी है। यह उच्च शिक्षा से जुड़े स्टुडेंट्स के आवास की व्यवस्था करती है तो इसके पास के-12 स्कूल एसेट्स भी हैं। इसका स्टुडेंट अकमडेशन बिजनेस गुड होस्ट स्पेसेज और स्कॉलरजेड ब्रांड्स के तहत चलता है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी के प्री-एक्विजिशन ग्रुप के पास देश के 15 शहरों और यूएई के 1 शहर में 80,255 स्टुडेंट्स को रखने की क्षमता थी। इसमें खुद के 7 कैंपस में 20,368 बेड थे तो 14 मैनेज्ड कैंपस में 55,487 बेड। एकेडमिक वर्ष 2025-26 में इसका अकुपेंसी रेट 89.37% था।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 109% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹173.76 करोड़ और टोटल इनकम 29% के सीएजीआर से ₹603.39 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹4,120.53 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹947.45 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adroit Industries Share Price: IPO को 176 गुना बोली, अब ₹134 का शेयर 87% प्रीमियम पर लिस्ट

Adroit Industries IPO Listing: गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाने वाली एंड्रॉयट इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 176 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹134 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹250.00 और NSE पर ₹235.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 87% तक का लिस्टिंग गेन (Adroit Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹248.35 (Adroit Industries Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 85.34% मुनाफे में हैं।

Adroit Industries IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज का ₹151 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 176.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 195.04 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 332.35 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.81 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹133 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹140 करोड़ के 13.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.91 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ियों की खरीदारी, ₹43.96 करोड़ सब्सिडियरी में मशीनरी और गाड़ियों खरीदारी के लिए निवेश, ₹24.12 करोड़ सब्सिडियरी में कर्ज हल्का करने के लिए निवेश और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adroit Industries के बारे में

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाती है। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स प्रोपेलर शॉफ्ट्स, टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, फॉर्ज्ड कंपोनेंट्स, प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स और कंप्ल्टी प्रोपेलर शॉफ्ट एसेंबलीज हैं। यह एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी है यानी कि कच्चे माल से लेकर फाइनल प्रोडक्ट की टेस्टिंग तक का अधिकतर काम अपने मैन्युफैक्चरिंग सेटअप में करती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल गाड़ियों, एसयूवी, डिफेंस वेईकल्स, इमरजेंसी/सर्विस वेईकल्स, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाईवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का 32 से अधिक देशों को निर्यात भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹26.16 करोड़ और टोटल इनकम 7% के सीएजीआर से ₹143.04 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹52.40 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹105.59 करोड़ पड़े थे।