Rohit Sharma: ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता’ रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अफवाहों पर पूर्व साथी खिलाड़ी का बड़ा बयान

Rohit Sharma: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से हार मिली है। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि,लॉर्डस में होने वाले सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद रोहित शर्मा की रिटायरमेंट ले लेंगे। रोहित ने इस मुकाबले में शतक लगा कर इन खबरों को खारिज कर दिया है। इसी बीच रोहित शर्मा के साथी क्रिकेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर उठी चर्चाएं पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि, भले ही इन्हें बाहरी अफवाह बताया गया हो, लेकिन अक्सर ऐसी बातों के पीछे कुछ न कुछ वजह होती है।

बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को खारिज कर दिया था। लेकिन रविचंद्रन अश्विन के मुतबिक, इन चर्चाओं के पीछे कुछ न कुछ सच्चाई जरूर रही होगी। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी अटकलों और आलोचनाओं का करारा जवाब दे दिया।

अफवाह नहीं था रिटायरमेंट 

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “जब रोहित शर्मा के संभावित रिटायरमेंट की खबर सामने आई, तो कई लोगों ने इसे बाहरी शोर बताया। लेकिन मैं इसे सिर्फ अफवाह नहीं मानता। तमिल में एक कहावत है, ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता।'” अश्विन ने आगे कहा, “आग तो थी, लेकिन रोहित ने अपने बल्ले से जवाब दिया। उन्होंने दिखा दिया कि वह अब भी ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके मन में कोई संदेह है। मेरा मानना है कि वह 2027 वनडे विश्व कप तक खेल सकते हैं।”

रोहित-विराट करें फैसला

अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है कि ये चोट के बाद रोहित शर्मा की शानदार वापसी की शुरुआत है। अगर वह थोड़ी और बेहतर लय में होते या उनका आत्मविश्वास थोड़ा और ऊंचा होता, तो वह 180 रन तक भी पहुंच सकते थे और टीम को जीत दिला सकते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि रोहित शानदार फॉर्म में हैं। अगर रोहित और विराट खेलना चाहते हैं, तो उनके रिकॉर्ड और अनुभव के सामने कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। रोहित ने लगभग 12 हजार वनडे रन बनाए हैं, इसलिए उनके योगदान पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।”

रोहित ने आलोचकों को दिया जवाब

रोहित के रिटायरमेंट की चर्चा उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोहित की योजना 2027 वनडे विश्व कप तक खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने की थी। रोहित शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सभी चर्चाओं का जवाब दिया।

Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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रोहित शर्मा-विराट कोहली की पार्टनरशिप क्यों हैं खास? ‘हिटमैन’ ने खुद बताई इसकी वजह

टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा अब वनडे मैच में ही खेलते हैं। दोनों को साथ में मैदान पर खेलते हुए देखने के लिए फैंस काफी एक्साईटेड रहते हैं। वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक साथ खेलते हुए कई यादगार पारियां खेली है। दोनों ने अपने खेल से दुनिया भर में खास पहचान बनाई और टीम इंडिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हुए। वहीं हाल ही में दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मुकाबले में शानदार पारी खेली थी। वहीं हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी पार्टनरशिप को लेकर बयान दिया है।

लॉर्ड्स में की शतकीय साझेदारी

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से लगभग एक ही समय पर संन्यास लिया था। अब दोनों सिर्फ वनडे क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। उनकी नजर भारत के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतने पर है। वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसके बावजूद दोनों मैदान पर साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार तालमेल दिखा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में दोनों ने मिलकर 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की, जो वनडे में उनकी 21वीं शतकीय साझेदारी रही।

रोहित ने बताया अपना एक्सपीरिएंस

रोहित शर्मा ने BCCI से कहा, “मैं और विराट अपने पूरे करियर में साथ खेले हैं। इसलिए उनका क्रीज पर मेरे साथ होना हमेशा अच्छा लगता है। हमने कई बड़ी पार्टनरशिप की हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करने में काफी मजा आता है, क्योंकि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और लगातार अपने आइडिया शेयर करते रहते हैं।” इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। रोहित लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।

इंग्लैंड में खेलना पसंद

रोहित शर्मा ने कहा, “मुझे इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है। यहां का माहौल, मैदान और पिच हर बार अलग तरह की चुनौती देते हैं। चाहे कोई भी फॉर्मेट हो, यहां खेलते समय आपको खुद को हर बार साबित करना पड़ता है। एक क्रिकेटर के तौर पर आप ऐसी ही चुनौतियां चाहते हैं। मुझे मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए काफी मजा आया।”

गेंदबाजों की किया बचाव

मुकाबले में टीम के गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा। रोहित शर्मा ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि टीम में कई खिलाड़ी अभी वनडे क्रिकेट में नए हैं और उन्हें समय देने की जरूरत है। रोहित शर्मा ने कहा, “गेंदबाजी को लेकर यह समझना जरूरी है कि इन खिलाड़ियों ने अभी बहुत ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं। ऐसे में उन्हें समय देना होगा। हम इस मैच से सीख सकते हैं और अगली बार ऐसी स्थिति आने पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। सीरीज का नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि हम मैच को अपने नाम नहीं कर सके। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा।” भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से हार गई।

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

 

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

IND vs ZIM: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 और 3 वनडे सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड दौरे भारत के उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टी20 में व्हाइट वॉश के बाद वनडे में भी टीम 2-1 से सीरीज हार गई। वहीं इसके पहले आयरलैंड दौरे पर भी भारतीय टीम को 2-0 से करारी हार मिली थी। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से चैपिंयन टीम को टी20 में अपनी पहली जीत की तलाश है। वहीं श्रेयस अय्यर को भी अपनी कप्तानी में पहली जीत की तलाश है। अब भारतीय टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे कौ दौरा करेगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच इस सीरीज का पहला मैच 23 जुलाई, गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। वहीं दूसरा और तीसरा मुकाबला 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर होगा।

दोनों टीमों के बीच होगा कड़ा मुकाबला

इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि, भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को एकतरफा नहीं माना जाना चाहिए। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और मुकाबले उम्मीद से ज्यादा रोमांचक होंगे।

रजा ने क्या कहा

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, “इस सीरीज में भारत और जिम्बाब्वे, दोनों के पास जीत का बराबर मौका है। हमारी टीम पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा और मनोरंजक क्रिकेट खेल रही है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि यह सीरीज बेहद रोमांचक होगी और क्रिकेट फैंस को शानदार मुकाबले देखने को मिलेंगे।” रजा ने कहा, “हां, भारत इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है और कुछ ऐसा ही जिम्बाब्वे की टीम में भी देखने को मिलेगा। हम भी नई टीम तैयार कर रहे हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सीरीज एकतरफा होगी। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।”

टी20 वर्ल्ड में किया था बड़ा उलटफेर

सिकंदर रजा के मुताबिक, जिम्बाब्वे की टीम हाल के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के खिलाफ उतरेगी। इस साल टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके अलावा जिम्बाब्वे ने श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की है। रजा ने कहा कि भारत इस समय नई टीम तैयार कर रहा है, लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की मजबूत टीम बनाने पर काम कर रहा है।

लेकिन भारत के पास पिछली जिम्बाब्वे दौरे की अच्छी यादें हैं। साल 2024 में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने शुरुआती मैच हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। वहीं, इस बार दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

पहले हार अब इंजरी से जूझ रही है टीम इंडिया…वर्ल्ड कप 2027 के लिए कितना तैयार भारत?

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम में खिलाड़ियों का बार-बार चोटिल होना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए सभी खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देना होगा। 2027 वनडे वर्ल्ड कप शुरू होने में अब दो साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में खिलाड़ियों की लगातार बढ़ रही चोटें टीम की लंबी तैयारी के लिए चिंता का विषय हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा।

गिल के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे पर कई खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर हो गए, जिससे टीम का कॉम्बिनेशन बार-बार बदलना पड़ा और इसका असर प्रदर्शन पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर भारत को बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना है तो खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना बहुत जरूरी है।

ये खिलाड़ी हुए थे बाहर

भारत की मुश्किलें वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही बढ़ गई थीं। टीम के अहम ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी चोट की वजह से पूरी सीरीज से बाहर हो गए। इसके बाद टी20 सीरीज के दौरान हर्षित राणा भी हैमस्ट्रिंग की समस्या का शिकार हो गए, जिसके कारण वह वनडे मुकाबलों में नहीं खेल सके। वहीं सीरीज के दौरान भी भारतीय टीम की चोटों की समस्या कम नहीं हुई। दूसरे मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग की परेशानी से जूझते नजर आए, जबकि उसी मैच में जसप्रीत बुमराह भी चोटिल हो गए। इसकी वजह से बुमराह तीसरे और आखिरी वनडे में नहीं खेल सके।

इंग्लैंड सीरीज में चोट की वजह से बाहर हुए कई खिलाड़ी

इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद जब शुभमन गिल से लगातार बढ़ रही चोटों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि यह टीम के लिए चिंता की बात है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। शुभमन गिल ने आगे कहा, “अगर आप हमारी पहली घोषित टीम को देखें, तो उसमें शामिल कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल पाए। जब एक खिलाड़ी चोटिल होता है, तो आपको टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है। अगर दो खिलाड़ी बाहर हो जाएं, तो फिर एक अलग संयोजन बनाना पड़ता है। लेकिन मेरा मानना है कि हर मैच के बाद किसी न किसी खिलाड़ी के उपलब्ध नहीं होने से टीम कहीं न कहीं अपनी कुछ अहम ताकत खो देती है।”

दो-तीन मैचों की सीरीज भी नहीं खेला पा रहे

2027 वनडे वर्ल्ड कप शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में फाइनल तक पहुंचने वाली टीम को 11 मैच तक खेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में मजबूत बेंच स्ट्रेंथ के साथ-साथ खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा, “अगर हम वर्ल्ड कप को ध्यान में रखें, तो वहां हमें लगातार 11 मैच खेलने होंगे। लेकिन यहां खिलाड़ी दो-तीन मैचों की सीरीज भी पूरी नहीं खेल पा रहे हैं। कहीं न कहीं यह हमारे लिए चिंता की बात है कि खिलाड़ी लगातार उपलब्ध नहीं रह पा रहे हैं।”

फिटनेस में सुधार काफी जरूरी

गिल ने कहा, “खिलाड़ी एक या दो मैच खेलते हैं और फिर अगर किसी को हल्की-सी भी दिक्कत हो जाती है, तो हमें मजबूरी में टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है। ऐसे में योजना बनाना आसान नहीं होता। कई बार सुबह पता चलता है कि किसी खिलाड़ी को हल्की चोट या परेशानी है, तब फैसला करना मुश्किल हो जाता है कि उसे खिलाया जाए या नहीं। अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ 80 प्रतिशत फिट है और आप पांच गेंदबाजों के साथ उतर रहे हैं, तो जोखिम बढ़ जाता है। मुझे लगता है कि एक टीम के तौर पर हमें अपनी फिटनेस और इस पूरे पहलू में सुधार करने की जरूरत है।”

Rohit-Virat: अब कब टीम इंडिया की जर्सी में दिखेंगे रोहित-विराट, फैंस को करना होगा लंबा इंतजार

भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज खत्म हो गई है। भारत के लिए इंग्लैंड दौरा उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टी20 सीरीज में व्हाइटवॉश के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड से 2-1 से वनडे सीरीज भी हार गई। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में फैंस के लिए ये सबसे अच्छी बात रही कि सीरीज के आखिरी मुकाबले में रोहित शर्मा और विराट कोहली शानदार फॉर्म में नजर आए। वहीं इस सीरीज के खत्म होने के बाद से फैंस की नजर इस बात पर है कि रोहित और विराट अगली बार भारतीय टीम की जर्सी में कब मैदान पर उतरेंगे। आइए जानते हैं अब कब भारतीय जर्सी में मैदान पर उतरेंगे रोहित और कोहली।

रोहित-विराट के लिए होगा लंभा इंतजार

टी20 ओर टेस्ट से रिटायमेंट लेने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट में ही खेलते हैं। ऐसे में दोनों दिग्गजों की अगली वापसी सीधे भारत की अगली वनडे सीरीज में होगी। इससे पहले भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज, श्रीलंका दौरे पर टेस्ट मुकाबले और फिर एशियाई खेलों में हिस्सा लेना है। इसलिए क्रिकेट प्रेमियों को रोहित और विराट को दोबारा भारतीय जर्सी में देखने के लिए करीब दो महीने का इंतजार करना पड़ सकता है।

वेस्टइंडीज के साथ होगी अगली सीरीज

भारत की अगली वनडे सीरीज अब सितंबर के आखिर में खेली जाएगी। ऐसे में रोहित शर्मा और विराट कोहली को फिर से एक साथ मैदान पर देखने के लिए फैंस को कुछ समय और इंतजार करना होगा। वनडे और टी20 मुकाबलों के लिए भारतीय टीम अपने घर में वेस्टइंडीज की मेजबानी करेगी। दोनों टीमों के बीच 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएंगी। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी होगी। घरेलू सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर रवाना होगी।

भारत-वेस्टइंडीज वनडे सीरीज का पूरा शेड्यूल

  • पहला वनडे: 27 सितंबर 2026, तिरुवनंतपुरम
  • दूसरा वनडे: 30 सितंबर 2026, गुवाहाटी
  • तीसरा वनडे: 3 अक्टूबर 2026, न्यू चंडीगढ़

‘कैमरे के सामने कोई नहीं लड़ता’, रोहित-गंभीर के रिश्ते को लेकर अश्विन ने बताई ड्रेसिंग रूम के अंदर की बात!

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडी सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं तीसरे और आखिरी मुकाबले से पहले लॉर्ड्स की बालकनी में गौतम गंभीर और रोहित शर्मा हंसते हुए बातचीत करते नजर आए थे। वहीं अब इस पर पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर बड़ा बयान दिया है। अश्विन के मुताबिक, मैदान पर रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के हंसते-बात करते दिखने से ये नहीं माना जा सकता कि दोनों के बीच सब कुछ पूरी तरह नॉर्मल है।

उन्होंने कहा कि, भारतीय क्रिकेट टीम जैसे प्रोफेशनल माहौल में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ अच्छी तरह जानते हैं कि कैमरे हर समय उन पर नजर रखते हैं। ऐसे में वे सार्वजनिक तौर पर अपने व्यवहार को कंट्रोल में रखते हैं। इसलिए असली भावनाएं मुश्किल से ही बाहर आ पाती हैं।

अश्विन ने क्या कहा

पिछले कुछ समय से रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दोनों के बीच मतभेद और टीम में फैसलों को लेकर अलग-अलग राय होने की बातें सामने आई हैं। इसी बीच लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को कई मौकों पर साथ हंसते और बातचीत करते देखा गया, जिसके बाद लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो गया है। वहीं रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, किसी खिलाड़ी और कोच को साथ मुस्कुराते देखकर उनके रिश्तों के बारे में कोई पक्का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

टकराव से बचते हैं

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हर कोई प्रोफेशनल है। हर किसी को पता होता है कि कैमरे उनकी तरफ लगे हैं। कैमरे के सामने कोई बच्चों की तरह लड़ाई नहीं करता। सच तो यह है कि प्रोफेशनल माहौल में लोग इस तरह झगड़ते भी नहीं हैं। अगर दो लोगों के बीच सब कुछ ठीक नहीं भी हो, तो वे बस कम बात करते हैं, लेकिन टकराव से बचते हैं। आखिर बेवजह विवाद क्यों किया जाए?” उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो आपको कौन रोक सकता है? विराट कोहली ने प्रदर्शन किया, रोहित शर्मा ने भी प्रदर्शन किया और अपना काम किया। इसके बाद किसी के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचता।”

गौतम गंभीर और विराट कोहली के रिश्तों को लेकर भी समय-समय पर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों और मैचों के दौरान दोनों कई बार नॉर्मल अंदाज में साथ नजर आए हैं। इसी बीच रोहित टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट में बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।

Harsh Goenka ने शेयर किया Yamal और उनके छोटे भाई का Video, बोले- यही था फाइनल के बाद का सबसे पसंदीदा सीन

नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे।

लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है।

भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है।

सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था।

इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया।

निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं।

भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह

खुद की खराब फिटनेस से बचने के लिए गिल ने गेंदबाजों की खराब फिटनेस गिनाई

Shubhman Gill

भारतीय कप्तान शुभमन गिल की फिटनेस पहले भी और इस सीरीज में संदेह के घेरे में रही है। पहले एकदिवसीय मैच में उन्होंने नाबाद 80 रन जरूर बनाए थे लेकिन उन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण ड्रेसिंग रुम जाना पड़ा। लॉर्ड्स में कल इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतकीय पारी के दौरान चौका मारते हुए यह चोट फिर उभर गई और कुछ ही ओवर बाद वह पगबाधा आउट हो गए। हालांकि फिलहाल उनका ध्यान गेंदबाजों की फिटनेस पर है।  

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि इस मैच के पावरप्ले में हमारी गेंदबाजी अच्छी नहीं रही और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इसका फायदा उठाया और हमें वापसी का मौका नहीं दिया।

“इंग्लैंड के खिलाफ मिली 27 रनों की हार के बाद शुभमन गिल ने कहा कि 45वें ओवर तक हम पूरी तरह मुकाबले में थे। लेकिन आख़िरी तीन ओवरों में हमने बहुत ज़्यादा रन दे दिए और वहीं से मैच हमारे हाथ से निकल गया। हमारी योजना थी कि 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखें, ताकि अंत में लक्ष्य का पीछा कर सकें। साथ ही हम यह भी नहीं चाहते थे कि रन रेट बहुत ज़्यादा बढ़ जाए। पावरप्ले के बाद हमारी कोशिश थी कि 6 से 6.5 रन प्रति ओवर की रफ़्तार से बल्लेबाजी करें और आख़िरी 10 ओवरों में 10 रन प्रति ओवर के हिसाब से लक्ष्य हासिल करें।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह रही कि लगभग सभी बल्लेबाजो ने रन बनाए। लेकिन इस मैच में हमने पहले पावरप्ले में अच्छी गेंदबाज़ी नहीं की। इंग्लैंड ने वहीं मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाया और हमें वापसी का मौका नहीं दिया। डेथ ओवरों में उन्होंने बुहत अधिक रन बना लिए। रोहित और विराट ने वर्षों से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। आज रोहित ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे मैं बहुत खुश हूं। आखिर में पिच धीमी हो गई थी और बल्लेबाजी आसान नहीं थी, लेकिन उन्हें खेलते देखना किसी आनंद से कम नहीं था।”

3 मैचों की ODI सीरीज में नाबाद रहे जो रूट, 260 गेंदो में बनाए 249 रन

भारत के खिलाफ जो रूट इतनी बेहतरीन तरीके से खेले कि वह 3 मैचों में एक भी बार आउट नहीं हुए और कुल 260 गेंदों में 249 रन बनाए। दूसरे मैच में जो रुट ने एकदिवसीय प्रारुप में टेस्ट क्रिकेट का मुजायरा पेश किया था वहीं तीसरे मैच में उन्होंने 170 की स्ट्राइक रेट से 48 गेंदो में 74 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 9 चौके लगाए थे। यही कारण रहा कि उन्हें मैन ऑफ द सीरीज का पुरुस्कार मिला।

दूसरे मैच में 99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

यही नहीं वह लगातार 6 पारियों में हर पारी में 50 प्लस का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया है। उन्होंने कल 13वीं बार मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाया है।

भारतीय गेंदबाजों ने इन तीन मैचों में उनके खिलाफ करीब 43.2 ओवर गेंदबाजी की। लेकिन इन 260 गेंदों में एक बार भी जो रूट को परेशानी में नहीं डाल पाए। पहले दो एकदिवसीय मैचों में उन्होंने दूसरे छोर पर विकेट के पतन के बीच बल्लेबाजी की जबकि तीसरे एकदिवसीय मैच में उन पर दबाव कम था और कुछ टी-20 के दर्शनीय शॉट्स लगाए।