भारतीय ODI और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल उतरे छात्रों के समर्थन में

Shubhman Gill

भारतीय एकदिवसीय और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने अपनी इंस्टा पोस्ट के जरिए नीट पेपर लीक पर जंतर मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। पिछले साल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टीम इंडिया की बागडोर टेस्ट और एकदिवसीय प्रारुप में थामी थी।

गिल ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि युवा पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और देश के भविष्य को आकार देने के लिए हर मौका मिलना चाहिए।

गिल ने लिखा, ‘‘एक युवा भारतीय के रूप में मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को बनाने के लिए हर अवसर मिलना चाहिए जिसकी हम सभी आकांक्षा रखते हैं। ’’छब्बीस साल के गिल ने कहा कि वह उन युवाओं का सम्मान करते हैं, जिन्होंने पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का रास्ता चुना है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हर उस युवा के लिए बहुत सम्मान है जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास रखता है। ’’किसी विशेष प्रदर्शन या राजनीतिक मुद्दे का उल्लेख किए बिना गिल ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और छात्रों की चिंताओं से निपटने के दौरान सहानुभूति रखने की अपील की।

उन्होंने लिखा, ‘‘शिक्षा में हमारे देश के भविष्य को आकार देने की ताकत है। मुझे उम्मीद है कि हम संवेदनशीलता, आपसी सम्मान और हर छात्र के सर्वश्रेष्ठ हित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे। ’’गिल ने लिखा, ‘‘भारत के भविष्य के लिए। ’’

लंदन के लग्जरी होटल में 29 साल के सऊदी प्रिंस की मौत के पीछे क्या घातक कॉकटेल था? जांच में सामने आई ये बात

यूनाइटेड किंगडम में हुई एक अदालती जांच में खुलासा हुआ है कि 29 वर्षीय सऊदी प्रिंस अब्दुल्लाह बिन फहद बिन अब्दुल्लाह बिन अब्दुलअजीज बिन जलावी अल सऊद की मौत लंदन के एक लग्जरी होटल में शराब, पार्टी ड्रग और एंटी-एंजाइटी दवाइयों के एक जानलेवा और घातक कॉकटेल के सेवन से हुई थी। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस अब्दुल्लाह का शव पिछले साल 25 नवंबर को केंसिंग्टन स्थित पांच सितारा मैरियट होटल में उनके कमरे के बाथरूम के फर्श पर पड़ा मिला था। एक क्लीनर जब उनके बंद कमरे में आया तो प्रिंस की संदिग्ध मौत की जानकारी सामने आई। पैरामेडिक्स द्वारा उन्हें बचाने के तमाम प्रयासों के बावजूद मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।

होटल में अकेले लौटे थे प्रिंस

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंस 19 नवंबर को एक हफ्ते के लिए इस 5-स्टार होटल में चेक-इन हुए थे। मौत से ठीक एक रात पहले सीसीटीवी फुटेज में उन्हें आखिरी बार देखा गया था, जब वे सिगरेट पीने के लिए बाहर निकले थे और फिर अकेले ही होटल वापस लौट आए थे। जांचकर्ताओं के लिए यह सीसीटीवी फुटेज बेहद अहम सबूत साबित हुआ, जिससे यह साफ हो गया कि घटना के वक्त उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था और मामले में किसी तीसरे पक्ष की संलिप्तता नहीं थी।

जांच में क्या निकला? शराब, GHB और जैनैक्स का ‘जानलेवा कॉकटेल’

इनर वेस्ट लंदन कॉरोनर्स कोर्ट में हुई जांच के बाद असिस्टेंट कॉरोनर जीन हरकिन इस नतीजे पर पहुंचे कि प्रिंस की मौत मल्टी-ड्रग इंजेशन यानी एक साथ कई तरह के नशीले पदार्थों और दवाओं के सेवन से हुई है। उन्होंने इसे दुर्घटनाजन्य मौत का मामला करार दिया। इसका मतलब है कि यह मौत अनजाने में हुई एक दुर्घटना थी। टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट में प्रिंस के खून में अल्कोहल का कंसंट्रेशन 222 mg प्रति 100 ml पाया गया, जो इंग्लैंड में ड्रिंक-एंड-ड्राइव की कानूनी सीमा से करीब तीन गुना अधिक था। विशेषज्ञों ने अदालत को बताया कि सिर्फ शराब का इतना स्तर ही किसी इंसान को कोमा में भेजने के लिए काफी था।

जांचकर्ताओं को उनके शरीर में गामा-हाइड्रॉक्सीब्यूटाइरेट (GHB – जिसे आमतौर पर पार्टी ड्रग कहा जाता है) का संभावित रूप से जानलेवा स्तर मिला। इसके अलावा गांजा, जैनैक्स और दूसरे एंटी-एंजाइटी दवाओं के अंश भी मिले। पोस्ट-मॉर्टम जांच में पाया गया कि प्रिंस को कोई पुरानी या गंभीर बीमारी नहीं थी। मेडिकल साक्ष्यों ने निष्कर्ष निकाला कि शराब और कई दवाओं के इस घातक कॉकटेल ने कार्डियक अरेस्ट को ट्रिगर किया, जिससे उनकी मौत हो गई।

नशे की लत से जूझ रहे थे सऊदी प्रिंस

सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों से पता चला कि मौत से पहले प्रिंस अब्दुल्लाह शराब के अत्यधिक सेवन और जैनैक्स दवा पर निर्भरता की समस्या से जूझ रहे थे। द टेलीग्राफ के मुताबिक उन्हें पिछले साल अगस्त में रोहैम्पटन के प्रायरी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने शराब, बेंजोडायजेपाइन और प्रेगाबालिन से डिटॉक्सिफिकेशन का इलाज कराया था। प्रायरी क्लीनिक छोड़ने के बाद, उन्होंने मर्सियासाइड के रेनफोर्ड हॉल क्लीनिक में रेसेपरेट्री ट्रैक्ट इंफेक्शन का इलाज कराया और अक्टूबर में वहां से डिस्चार्ज हुए थे।

कंसलटेंट मनोचिकित्सक डॉ. विक्टोरिया चमोरो ने अदालत को बताया कि प्रिंस को एंजाइटी के लक्षणों के साथ भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्होंने इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दी थी। डिस्चार्ज के समय उन्हें आत्महत्या के जोखिम वाला नहीं माना गया था, हालांकि बाद में वे निर्धारित ऑनलाइन फॉलो-अप अपॉइंटमेंट में शामिल नहीं हुए थे।

न आत्महत्या का सबूत, न ही किसी साजिश का अंदेशा

असिस्टेंट कॉरोनर जीन हरकिन ने कहा कि ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे यह लगे कि प्रिंस अब्दुल्लाह अपनी जान खुद लेना चाहते थे। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक कॉरोनर ने नोट किया कि प्रिंस ने कभी खुदकुशी के विचार व्यक्त नहीं किए थे, होटल के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और न ही ऐसा कोई सबूत मिला जो यह दर्शाता हो कि उनकी मौत से पहले वहां कोई और व्यक्ति मौजूद था। अकेले होटल लौटने की सीसीटीवी फुटेज ने भी किसी तीसरे पक्ष की संलिप्तता की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया।

सऊदी शाही दरबार ने कुछ दिनों बाद की थी मौत की घोषणा

सऊदी रॉयल कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर 2 दिसंबर को प्रिंस अब्दुल्लाह के निधन की सार्वजनिक घोषणा की थी। सऊदी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रिंस के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में राजकुमारों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था।

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19 गेंदों में 4 चौके और छक्के, जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का पहला अर्धशतक

टी-20 अंतरराष्ट्रीय के सबसे युवा बल्लेबाजों में शुमार वैभव सूर्यवंशी ने पहला अर्धशतक जड़कर अपने आगमन की खबर सुनाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने पहले पॉवरप्ले में ही अपनी तूफानी बल्लेबाजी के बलबूते पर मैच को खत्म कर दिया।

उन्होंने 18 गेंदो में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। हालांकि अगली ही गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और छक्के लगाए। उनको रिचर्ड नगवारा ने बेन करन के हाथों कैच आउट करवाया।

इससे पहले वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के दौरे पर मौका मिला था लेकिन वह वहां पर 15 रनों के स्कोर को पार नहीं कर पाए।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदो में 2 चौके मारकर सिर्फ 14 रन बना पाए। तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 5 गेंदो में 2 छक्के की मदद से 13 रन बना पाए। चौथे  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदों में 1 चौका और छक्का लगाकर सिर्फ 15 रन बना पाए।हालांकि आज उन्होंने अपना विकेट नहीं फेंका और 50 पार जाकर ही रुके।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का स्थल बदला, इस मैदान पर होगा खिताबी मुकाबला

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र का फाइनल अब लॉर्ड्स की जगह द ओवल पर 9 से 13 जून के बीच खेला जाएगा। इससे पहले पिछले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका का फाइनल मैच लॉर्ड्स पर खेला गया था। अब तक खेले गए डब्ल्यूटीसी के तीनों फाइनल भी ब्रिटेन में ही आयोजित हुए हैं। 2023 में जब भारत उपविजेता बना था तो द ओवल के मैदान पर ही खिताबी मुकाबला खेला गया था। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा (मेस) अपने नाम की थी।साल 2021 में साउथहैम्पटन में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा (मेस) अपने नाम की थी।

मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के समाप्त होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है और फाइनल में जगह बनाने की दौड़ रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। अब भी सभी नौ टीमें फाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं।ऑस्ट्रेलिया ने अपने आठ में से सात टेस्ट जीतकर 87.50 प्रतिशत अंक के साथ तालिका में शीर्ष स्थान पर मजबूत पकड़ बना रखी है। उसके बाद मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।

न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत अंक के साथ दक्षिण अफ्रीका के करीब बना हुआ है जबकि बांग्लादेश ने मई में पाकिस्तान को 2-0 से हराकर 58.33 प्रतिशत अंक के साथ फाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।

दो बार डब्ल्यूटीसी फाइनल खेल चुकी भारतीय टीम नौ टेस्ट में चार जीत के बाद 48.15 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके ठीक पीछे श्रीलंका 41.67 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ छठे स्थान पर है।इंग्लैंड (24.36 प्रतिशत), वेस्टइंडीज (15 प्रतिशत) और पाकिस्तान (8.33 प्रतिशत) को फाइनल में पहुंचने के लिए अंक तालिका में लंबी छलांग लगानी होगी।

जुलाई और अगस्त के दौरान डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ और भी तेज होने वाली है क्योंकि कई महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखलाएं अंक तालिका की तस्वीर बदल सकती हैं।वेस्टइंडीज 25 जुलाई से अपने घर में पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला खेलेगा। दोनों टीमों के लिए यह अंक हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

वहीं ऑस्ट्रेलिया 13 अगस्त से बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच की घरेलू श्रृंखला में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगा।इसके बाद ध्यान एशिया पर रहेगा जहां 15 अगस्त से श्रीलंका और भारत के बीच दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। इसी दौरान पाकिस्तान अगस्त और सितंबर में इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगा।

छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे


रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

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इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

टीम से बाहर बैठे कुलदीप अब इंग्लैंड काउंटी की इस टीम से जुड़े

भारतीय एकदिवसीय टीम की अंतिम ग्यारह से बाहर बैठे चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव अभी भी इंग्लैंड में है और जल्द ही काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर की ओर से शिरकत करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में वह भारत के इंग्लैंड दौरे पर एकदिवसीय टीम का हिस्सा थे लेकिन उनको तीन एकदिवसीय मैचों में से 1 में भी अंतिम ग्यारह का हिस्सा नहीं बनाया गया था। नतीजा यह हुआ कि भारत को 3 मैचों की सीरीज1-2 से गंवानी पड़ी उनको मैदान पर ना उतारने पर कई फैंस खफा थे।

कुलदीप को काउंटी में दो बार खेलना होगा।  वह पहले एकदिवसीय प्रारुप खेलेंगे। वह संभवत भारत के श्रीलंका दौरे दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। इसके बाद सितंबर में उनको फिर इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना पड़ेगा।अब तक कुलदीप तीन बार इंग्लैंड का दौरा कर चुके हैं, लेकिन वहां उन्होंने केवल एक ही टेस्ट मैच खेला है। 2018 में उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में खेलने का मौक़ा मिला था, जहां उन्होंने सिर्फ़ नौ ओवर की गेंदबाजी की थी।

कुलदीप ने एक बयान में कहा, “मुझे हमेशा इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की चुनौती पसंद रही है। टीम प्रबंधन से बातचीत के बाद मैं यॉर्कशायर से जुड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैं हेडिंग्ली में टीम के लिए सकारात्मक योगदान देने का इंतज़ार कर रहा हूं।”

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काउंटी  में खेलने वाले दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर

इस सीजन काउंटी चैंपियनशिप में खेलने वाले कुलदीप दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर होंगे। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार फिलहाल वॉरिकशायर की ओर से खेल रहे हैं। शुक्रवार को ग्लैमॉर्गन के खिलाफ पर्दापण करते ही कुलदीप यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व करने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, चेतेश्वर पुजारा और मयंक अग्रवाल इस क्लब के लिए खेल चुके हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने 2025 में यॉर्कशायर से अनुबंध किया था, लेकिन बाद में व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।


युवराज सिंह ने किया छात्रों का समर्थन पर दी यह हिदायत, इंस्टा पर डाली पोस्ट

भारत को दो विश्वकप जिता चुके युवराज सिंह ने नीट पेपर लीक के विवाद से उत्पन्न हुए छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखी। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि हर स्त्री पुरुष और विद्यार्थी को अपना सपना पूरा करने के लिए एक शांतिपूर्ण वातावरण में समय व्यत्तीत करने का हक है। आपकी भलाई भारत की बुनियाद है। इस कारण हर मसले को बैठकर शांति से सुलझाया जा सकता है।

पिता भी थे क्रिकेटर

युवराज भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 ट्वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने क्रमश: 1900, 8701 और 1177 रन बनाए हैं। युवराज ने अपना आखिरी ट्वंटी-20 मैच फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ और वनडे जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।

उम्दा बल्लेबाज युवराज ने गेंदबाजी में हाथ आजमाए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 9, वनडे मैचों में 111, टी-20 में 28 और आईपीएल में 36 विकेट लिए। संन्यास के बाद कैंसर के खिलाफ जंग लड़ने वाले युवराज कैंसर पीड़ितों समय समय पर मदद भी करते हैं।

12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ शहर में जन्‍मे युवराज सिंह के पिता योगराज भी भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं। बचपन में स्केटिंग का शौक रखने वाले युवराज को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली। उन्‍होंने बेहद कड़ाई से युवराज को इस खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवराज के लिए घर में ही पिच बनवा दी थी। युवराज ने बचपन में एक पंजाबी फिल्‍म 'मेहंदी शगणा दी' में भी काम किया था।

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उनके करियर का मुख्य आकर्षण केंद्र स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के लगाना और एकदिवसीय विश्वकप 2011 का मैन ऑफ द टूर्नामेंट पाना रहा। इसके अलावा वह अभी टीम में मौजूद अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की कोचिंग कर रहे हैं।

‘टैलेंट में विराट के बराबर हैं राहुल, लेकिन…’ वसीम जाफर ने बताया दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर लंबे समय तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े रहे। टीम के मेंटर रहते हुए उन्होंने केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ काम किया। इस दौरान उन्हें इन खिलाड़ियों के खेल और उनकी बल्लेबाजी को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केएल राहुल के साथ काम करने का अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास बेहतरीन तकनीक और शानदार बल्लेबाजी क्षमता है। जाफर ने कहा केएल राहुल बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हैं।

क्या है दोनों के बीच फर्क

जाफर के अनुसार, राहुल अपनी क्षमता के हिसाब से अभी उतने रन नहीं बना पाए हैं, जितने उनसे उम्मीद की जाती है। जाफर ने कहा कि राहुल के पास विराट कोहली जैसी बल्लेबाजी करने की काबिलियत है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी सोच और बड़े मौके पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता का है।

राहुल को लेकर क्या कहा

जाफर ने कहा, “केएल राहुल बेहतरीन खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में शानदार क्रिकेट खेलते हैं। उनकी तकनीक मजबूत है और वह मैदान पर काफी शांत रहते हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह अभी तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वह भारत और अपनी आईपीएल टीम, दोनों के लिए इससे भी ज्यादा रन बना सकते हैं। मेरे हिसाब से टैलेंट और क्वालिटी के मामले में वह विराट कोहली के बराबर हैं, लेकिन विराट की मजबूत मानसिकता ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।”

इंग्लैंड सीरीज में राहुल का प्रदर्शन

केएल राहुल ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई। राहुल उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की है और हर फॉर्मेट में शतक भी लगाया है। फिलहाल केएल राहुल टेस्ट टीम में भारत के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहले और तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी की, लेकिन सिर्फ 1 और 12 रन ही बना सके।

IND vs ZIM: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मिलेगा मौका? जानें कैसी होगी प्लेइंग 11

IND vs ZIM: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम की शुरुआत अब तक अच्छी नहीं रही है। उनकी कप्तानी में टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई और फिर इंग्लैंड के दौरे पर चारों मुकाबले गंवा बैठी। टी20 टीम की कमान संभालने के बाद अय्यर अभी तक पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं।

टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली सीरीज को भी टीम इंडिया हल्के में नहीं लेना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मुकाबले के लिए कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11 औवर पिच रिपोर्ट

वर्ल्ड कप में किया था बड़ा उलटफेर

इस साल फरवरी में कोलंबो में खेले गए ICC टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन टीम नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इसके बावजूद इस साल जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों को भी हराकर अपनी ताकत का एहसास कराया है।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है और उसने 11 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबले अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई नहीं रहा है और न ही किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है।

कैसी होगी मौसम

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर टी20 मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 से 160 रन के बीच रहता है। मैच की शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन समय बीतने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं रहती। वहीं, आउटफील्ड भी ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बल्लेबाजों को सही टाइमिंग के साथ शॉट खेलने पड़ते हैं। ऐसे में इस मैदान पर अनुशासित गेंदबाजी करने वाली टीमों को अक्सर बढ़त मिलती है।

कैसा होगा हरारे का मौसम

हरारे में भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना बेहद कम है, इसलिए पूरे मैच के बिना किसी रुकावट के होने की उम्मीद है। मुकाबले के समय तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि हवा में नमी लगभग 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को मौसम काफी अनुकूल मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: श्रेयस अय्यर (c), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (vc), ईशान किशन (wk), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा, मयंक यादव

जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11: सिकंदर रजा (c), तदिवानाशे मारुमानी (w), ब्रायन बेनेट, मिल्टन शुम्बा, डियोन मायर्स, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुज़रबानी, न्यूमैन न्यामहुरी, वेस्ली मधेवेरे

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