अर्जेंटीना के आलोचकों का मेस्सी का करारा जवाब, नहीं मिला थाल सजाकर

अर्जेंटीना का यह विश्वकप शानदार रहा है। टीम अविजित रही है और लियोनेल मेस्सी ने 8 गोल कर किसी भी विश्वकप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। लेकिन किसी चीज ने अर्जेंटीना का पीछा नहीं छोड़ा है तो वह है आलोचना।

अर्जेंटीना के खिलाफ FIFA World Cup के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।

विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी।

यह सिलसिला स्विटजरलैंड के खिलाफ हुए मैच में भी जारी रहा। स्विजटरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल मैच के दूसरे हाफ में वीडियो रिव्यू के बाद रेडकार्ड दिखाये जाने के फैसले पर विवाद के कारण पूरे टूर्नामेंट में रैफरियों द्वारा अर्जेंटीना का पक्ष लिये जाने की आलोचना करने वाले और मुखर हो गए।

अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस को एम्बोलो से टकराने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया लेकिन वीडियो रिव्यू में नजर आया कि पेरेडेस से टकराने से पहले ही एम्बोलो गिर रहे थे।लेकिन इन सब आलोचनाओं के बीच मेस्सी का बयान आया है कि उनके लिए किसी ने जीत को थाली में नहीं परोसा।

लियोनेल मेस्सी ने विश्व कप फुटबॉल में अर्जेंटीना की आलोचना करने वालों को संदेश देते हुए कहा कि ‘‘हमें कुछ भी थाली में सजाकर नहीं दिया गया।’’मेस्सी ने कहा कि मैच के अंतिम क्षणों में पिछड़ने के बाद वापसी करने की क्षमता से ही उनकी टीम ने लगातार जीत हासिल की तथा इसमें किसी और चीज का हाथ नहीं है।

मेस्सी ने इंग्लैंड पर जीत के बाद कहा, ‘‘पिछले चार साल में हमने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है फिर चाहे आपको यह पसंद हो या न हो और फिर चाहे आप कुछ भी कहें।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने फिर से खुद को दुनिया की शीर्ष दो टीमों में स्थापित कर लिया है। यह साबित करता है कि हमने जो कुछ भी किया है वह कोई संयोग नहीं है। हमें कुछ भी थाली में सजाकर नहीं दिया गया।’’

मेस्सी ने कहा, ‘‘लगातार दो विश्व कप के फाइनल में पहुंचने की उपलब्धि बहुत कम टीम ने हासिल की हैं और इस टीम ने यह कर दिखाया। अगर हम इंग्लैंड से हार जाते तो लोग तरह-तरह की बातें करने लगते, लेकिन हमने उन्हें मौका ही नहीं दिया।’’

विश्वकप 2027 की योजना में नहीं रविंद्र जड़ेजा, जल्द ले सकते हैं संन्यास

रोहित शर्मा के बाद भारत के एक दिग्गज ऑलराउंडर की बल्ला टांगने की खबर आ रही है। यह नाम भी रोहित शर्मा के समकालीन ही रहा है। रविंद्र जड़ेजा जो महेंद्र सिंह धोनी और फिर रोहित शर्मा की कप्तानी में चैंपियन्स ट्रॉफी जीते वह अब भारतीय एकदिवसीय टीम में जगह नहीं बना पाएंगे क्योंकि वह टीम प्रबंधन की विश्वकप 2027 की योजनाओं में नहीं है।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके।रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

फरवरी में फैंस की इस मांग को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने गंभीरता से लिया और माना कि वह उनके ही कलेवर के बल्लेबाज और गेंदबाज अक्षर पटेल को दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले एकदिवसीय विश्वकप में ले जाना चाहते हैं।इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में उनका चयन नहीं हुआ था लेकिन अब यह खबर सामने आ रही है। रविंद्र जड़ेजा चाहे तो संन्यास ले सकते हैं या फिर अगली एकदिवसीय सीरीज से खुद को ड्रॉप होते हुए देख सकते हैं।

ऐसा रहा है करियर

रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।

वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

जो रूट ने 99 नाबाद बनाकर इंग्लैंड को भारत पर दिलाई 5 साल बाद ODI जीत

joe  root

ENGvsIND इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट मैचों की भारत के खिलाफ एकदिवसीय मैच में भी एक छोर पकड़कर रखा और इंग्लैंड को भारत पर 5 साल बाद एकदिवसीय मैच में जीत दिला दी। इससे पहले अंतिम बार इंग्लैंड 2021 में भारत में अहमदाबाद में बाद में बल्लेबाजी कर मैच जीता था।

99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इंग्लैंड ने भारत को दूसरे वनडे में गुरूवार को 35 गेंद शेष रहते चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली।

भारत ने श्रेयस अय्यर (66) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों से 44 ओवर में 233 रन का स्कोर बनाया जबकि रूट की बेहतरीन पारी से इंग्लैंड ने 44.1 ओवर में छह विकेट पर 235 रन बनाकर सीरीज को बराबरी पर ला दिया। प्लेयर ऑफ द मैच बने रूट ने एक छोर संभालकर खेलते हुए 133 गेंदों की अपनी मैच विजयी पारी में नौ चौके लगाए।

जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा ने इंग्लैंड को शुरुआती झटका दे दिया था और फिर गुरनूर बराड़ ने भी इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया। लेकिन इसके बाद जो रूट डट गए और पहले हैरी ब्रूक(16) के साथ उन्होंने साझेदारी की। इसके बाद सैम करन (26) और जोस बटलर (17) के साथ साझेदारी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड को मुक़ाबले में बनाए रखा। विल जैक्स (30) के साथ वह इंग्लैंड को जीत के क़रीब ले गए लेकिन जैक्स बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए। हालांकि रूट अंत तक डटे रहे और गस एटकिंसन (नाबाद 23) के साथ इंग्लैंड को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।

एटकिंसन ने प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट गेंद को डीप स्क्वायर लेग की दिशा में पुल किया और बटोर लिया विजयी चौका, इसका मतलब है कि रूट 99 के स्कोर पर ही रहेंगे, बहरहाल इंग्लैंड ने सीरीज बराबर कर ली है। तीन मैचों की सीरीज़ अब 1-1 की बराबरी है जिसका फ़ैसला अब 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा।

फ्लाइट टिकट के पैसे बचाएं, ट्रेन और क्रूज से पहुंचें भारत के इन छिपे हुए आइलैंड्स पर!

अगर आप आइलैंड की सैर करना चाहते हैं, लेकिन फ्लाइट से ट्रैवल करना पसंद नहीं करते, तो दुनिया में कई ऐसे खूबसूरत आइलैंड हैं जहां सड़क, पुल या फेरी के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्कॉटलैंड के मनमोहक आइल ऑफ स्काई से लेकर भारत के ऐतिहासिक पंबन द्वीप तक, ये जगहें प्राकृतिक खूबसूरती और रोमांच का बेहतरीन संगम हैं। आइए जानते हैं ऐसे शानदार आइलैंड के बारे में, जहां बिना हवाई सफर के भी यादगार छुट्टियां बिताई जा सकती हैं:

Mozambique Island, Mozambique (मोजाम्बिक आइलैंड, मोजाम्बिक)

Ilha de Mozambique | Things to do | Crafted Africa

 

मोजाम्बिक के उत्तर में समुद्र के बीच बसा यह छोटा सा आइलैंड मोजाम्बिक आइलैंड ब्रिज से जुड़ा हुआ है। यहां पहुंचने के लिए पहले नामपुला शहर जाएं, फिर रोड के रास्ते पुल पार करके सीधे द्वीप पहुंच सकते हैं। पुल पार करने का अलग से कोई चार्ज नहीं लगता। यहां पुराने किले, चर्च और पुर्तगाली दौर की इमारतें देखने लायक हैं।

Mackinac Island, Michigan, USA (मैकिनाक आइलैंड, मिशिगन, अमेरिका)

A Michigander's Guide to Mackinac Island | Condé Nast Traveler

यह आइलैंड अमेरिका के मिशिगन राज्य में है। यहां पहुंचने के लिए मैकिना सिटी या सेंट इग्नेस से फेरी लेनी पडती है। फेरी का किराया करीब 35 से 45 डॉलर तक हो सकता है। यहां कार नहीं चलती, इसलिए लोग साइकिल,घोड़ा गाड़ी  या पैदल घूमते हैं। शांत माहौल और पुरानी इमारतें इसकी पहचान हैं।

 

Vancouver Island, Canada (वैंकूवर आइलैंड, कनाडा)

73,800+ Vancouver Island Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

कनाडा के पश्चिमी हिस्से में बसे इस आइलैंड तक वैंकूवर से बीसी फेरी के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। फेरी का किराया करीब 20 से 70 कनाडाई डॉलर तक हो सकता है। यहां घने जंगल, समुद्र किनारे के नजारे और व्हेल देखने का मजा मिलता है।

 

Key West, Florida, USA (की वेस्ट, फ्लोरिडा, अमेरिका)

"</p

अगर आप रोड ट्रिप के शौकीन हैं तो यह जगह आपके लिए है। मियामी से करीब 4 घंटे की ड्राइव करके ओवरसीज हाईवे के रास्ते की वेस्ट पहुंच सकते हैं। बीच में 42 पुल आते हैं, जिनमें मशहूर सेवन माइल ब्रिज भी शामिल है। इस रास्ते पर अलग से कोई टोल नहीं लगता।

 

 

Isle of Wight, England (आइल ऑफ वाइट, इंग्लैंड)

8,300+ Isle Of Wight Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

इंग्लैंड के दक्षिण में बसे इस आइलैंड तक पोर्ट्समाउथ, साउथेम्प्टन या लाइमिंगटन से फेरी मिल जाती है। फेरी का किराया करीब 20 से 35 पाउंड से शुरू होता है। यहां समुद्र तट, सफेद चट्टानें और छोटे-छोटे खूबसूरत कस्बे देखने लायक हैं।

 

 

 

Miyajima, Japan (मियाजिमा, जापान)

Miyajima Island Photos, Download The BEST Free Miyajima Island Stock Photos & HD Images

हिरोशिमा के पास स्थित इस आइलैंड तक मियाजिमागुची से सिर्फ 10 मिनट की फेरी लेकर पहुंच सकते हैं। फेरी का किराया करीब 200 से 300 येन है। यहां का मशहूर तैरता हुआ टोरी गेट, मंदिर और खुले घूमते हिरण पर्यटकों को खूब पसंद आते हैं।

 

 

 

Mont Saint-Michel, France (मोंट सेंट मिशेल, फ्रांस)

Mont saint-michel 1080P, 2K, 4K, 5K HD wallpapers free download | WallpaperFlare

फ्रांस के नॉरमैंडी इलाके में स्थित यह आइलैंड सडक से जुड़ा हुआ है। पेरिस से ट्रेन या कार से यहां पहुंच सकते हैं। गाडी पार्क करने के बाद शटल बस या पैदल द्वीप तक जाया जाता है। पार्किंग का चार्ज देना होता है, लेकिन शटल बस मुफ्त है। यहां का पुराना मठ और समुद्र का नजारा बेहद खूबसूरत लगता है।

 

 

Prince Edward Island, Canada (प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, कनाडा)

9,900+ Prince Edward Island Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

कनाडा का यह खूबसूरत द्वीप कॉन्फेडरेशन ब्रिज से जुड़ा है। आप सीधे कार चलाकर यहां पहुंच सकते हैं। आइलैंड में जाते समय कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन वापस लौटते समय पुल का टोल देना पडता है। यहां लाल रेत वाले बीच, लाइटहाउस और हरियाली देखने लायक है।

 

Isle of Skye, Scotland (आइल ऑफ स्काई, स्कॉटलैंड)

26,200+ Isle Of Skye Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

स्कॉटलैंड के पश्चिम में बसे इस खूबसूरत आइलैंड तक इनवरनेस या ग्लासगो से कार से स्काई ब्रिज पार करके पहुंच सकते हैं। चाहें तो मैलेग से फेरी भी ले सकते हैं। स्काई ब्रिज पर कोई टोल नहीं लगता। यहां की ऊंची पहाडियां, फेयरी पूल्स, ओल्ड मैन ऑफ स्टोर और समुद्र के शानदार नजारे इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत आइलैंड में शामिल करते हैं।

 

 

रोहित शर्मा की विदाई लगभग तय, लॉर्ड्स में हो सकता है अंतिम वनडे

ENGvsIND इंग्लैंड की 2 पारियों में फ्लॉप होने के बाद रोहित शर्मा के लिए वह घड़ी आ गई है जब वह या तो खुद से बल्ला टांगेंगे या फिर अगली सीरीज से ड्रॉप होंगे। मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है। 

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। 

रोहित ने कप्तानी गंवाने के बाद अपने आक्रामक रवैए पर अंकुश लगाया लेकिन उन्हें अभी तक इससे खास फायदा नहीं हुआ है।रोहित ने पिछले साल अक्टूबर से 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों की मदद से 46.91 के औसत से 563 रन बनाए हैं।यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम के मौजूदा हालात ने रोहित के लिए लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य बना दिया है।

रोहित अब इस स्थिति में है कि वह किसी भी चीज को भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि भारत के शीर्ष क्रम में इशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद है।अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

विश्व कप मैच के बाद फॉकलैंड पर फिर भिड़े अर्जेंटीना-ब्रिटेन:ब्रिटिश वॉरशिप के समुद्री इलाके में घुसने का आरोप; खिलाड़ियों के बैनर से विवाद बढ़ा

फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के कुछ घंटों बाद अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच फॉकलैंड द्वीप को लेकर नया विवाद शुरू हो गया। अर्जेंटीना ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की रॉयल नेवी का वॉरशिप HMS मेडवे बिना अनुमति उसके समुद्री क्षेत्र में घुस आया।

अर्जेंटीना ने इसे सैन्य घुसपैठ करार दिया। विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि इस मामले में ब्रिटिश दूतावास के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया है। वहीं ब्रिटेन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यात्रा की जानकारी पहले ही अर्जेंटीना सरकार को दे दी गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप थी। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर ‘लास माल्विनास सन अर्जेंटीना’ (माल्विनास अर्जेंटीना का है) लिखा बैनर लहराया। अर्जेंटीना में फॉकलैंड को माल्विनास कहा जाता है। इस घटना के बाद दोनों देशों का पुराना विवाद फिर चर्चा में आ गया। अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति ने इंग्लैंड को समुद्री लुटेरा कहा मैच से पहले अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया वियारुएल ने इंग्लैंड को आक्रमणकारी और कब्जा करने वाले समुद्री लुटेरे तक कहा था। मैच जीतने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “फॉकलैंड अर्जेंटीना का है। हमें स्टेडियम में यह बैनर ले जाने से रोका गया, लेकिन वे भूल गए कि माल्विनास हमारे खून और हमारे दिल में बसता है।” ब्रिटेन ने नाराजगी जताई, कहा- खेल में राजनीति न हो वहीं, ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी पीटर काइल ने खिलाड़ियों के बैनर को पूरी तरह अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और फीफा को जांच करनी चाहिए कि कहीं खिलाड़ियों ने राजनीतिक संदेश देने संबंधी नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया। उन्होंने कहा, “राजनीति को फुटबॉल से दूर रहना चाहिए। आगे क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला अब फीफा करेगा।” फॉकलैंड को लेकर अर्जेंटीना और ब्रिटेन में 44 साल से विवाद फॉकलैंड द्वीप का मामला ब्रिटेन और अर्जेंटीना दोनों के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। दोनों देश इस पर दावा करते हैं। अर्जेंटीना इस द्वीप को माल्विनास कहता है। फॉकलैंड दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित हैं और अर्जेंटीना से सिर्फ 500 किमी दूर है। वहीं ब्रिटेन से यह 13,000 किमी दूर स्थित है। अर्जेंटीना ऐतिहासिक रूप से इस द्वीप को अपना बताता आया है। अर्जेंटीना का कहना है कि ये द्वीप उसके पास होने चाहिए, क्योंकि ये उसके इलाके के करीब हैं। वहीं ब्रिटेन कहता है कि वहां रहने वाले लोग खुद को ब्रिटिश मानते हैं और उन्होंने वोट करके भी ब्रिटेन के साथ रहने की इच्छा जताई है, इसलिए यह उसका क्षेत्र है। 1982 में अर्जेंटीना ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने सेना भेजकर सिर्फ 10 हफ्ते में इन्हें वापस हासिल किया था। अर्जेंटीना के आत्मसमर्पण करने से पहले लगभग 650 अर्जेंटीनाई सैनिक और 255 ब्रिटिश सैनिक मारे गए थे। फॉकलैंड पर ब्रिटेन का रुख क्या है ब्रिटेन ने दोहराया कि फॉकलैंड द्वीप के लोगों ने कई बार जनमत के जरिए ब्रिटिश क्षेत्र बने रहने की इच्छा जताई है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा- ब्रिटेन का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। फॉकलैंड द्वीप के लोग ब्रिटिश हैं और अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार उन्हीं के पास है।

विराट और श्रेयस के अर्धशतक के बावजूद भारत इंग्लैंड के खिलाफ 233 रनों पर सिमटा

 

ENGvsIND श्रेयस अय्यर (66) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों से भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ गुरूवार को दूसरे वनडे में 44 ओवर में 233 रन का स्कोर बनाया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम के मध्यक्रम ने पूरी तरह से निराश किया है।

अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुन्दर और शिवम दुबे के विकेट गुच्छों में गिरे। उससे पहले ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारतीय टीम आसानी से 300 के स्कोर को पार कर सकती है। हालांकि जोफ़्रा आर्चर, साकिब महमूद और गस एटकिंसन ने कमाल का काउंटर अटैक किया। कोहली के विकेट पतन के बाद सबसे बड़ी साझेदारी 20 रनों की हुई, जो श्रेयस और बुमराह के बीच हुई। परिणाम यह रहा कि भारतीय टीम एक सम्मानजनक स्कोर से भी थोड़ी सी दूर रह गई।

श्रेयस ने 71 गेंदों पर 66 रन की पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए जबकि विराट कोहली ने 66 गेंदों पर 65 रन में आठ चौके लगाए। कप्तान शुभमन गिल ने 33 और ओपनर रोहित शर्मा ने 26 रन का योगदान दिया। जसप्रीत बुमराह ने 13 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 20 रन बनाकर भारत को 233 तक पहुंचाया। यह मेन इन ब्लू की तरफ से सबसे भरोसेमंद बैटिंग नहीं थी।

शुभमन गिल ने तेज़ शुरुआत दी, लेकिन रोहित शर्मा लय में नहीं दिखे और कुछ शुरुआती राहत मिलने के बावजूद इसका फ़ायदा नहीं उठा पाए। विराट कोहली ने एक अच्छी हाफ सेंचुरी के साथ पारी को संभाला, जबकि श्रेयस अय्यर ने एक कीमती पारी खेलकर भारत को एक सम्मानजनक टोटल तक पहुंचाया।

जसप्रीत बुमराह ने कुछ ज़रूरी रन जोड़े, जिससे भारत को आखिर में एक और धक्का मिला। इंग्लैंड की बॉलिंग पूरी टीम की परफॉर्मेंस थी। जोफ्रा आर्चर ने तीन अहम विकेट लेकर लीड किया, जबकि गस एटकिंसन ने भी तीन विकेट लेकर उनकी बराबरी की। साकिब महमूद ने भी दो विकेट लिए, जिससे यह पक्का हो गया कि भारत कभी भी कोई मोमेंटम न बना पाए। पहली पारी में पेसरों ने नौ विकेट लिए।

कार्डिफ में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भारत ने किया एक बदलाव

ENGvsIND कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स पर इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। वहीं टीम में दो बदलाव है। जोश टंग और लियाम डॉसन की जगह साकिब महमूद और गस एटिंकसन आए हैं। वहीं भारत की ओर से एक बदलाव है। विकेटकीपर केएल राहुल अस्वस्थ है और उनकी जगह ईशान किशन ने ली है।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतने के बाद कहा, ”हमें उम्मीद है कि इस सतह से हमें सीम मूवमेंट मिलेगा। बल्लेबाज़ी में सुधार करने की आवश्यकता है। इंग्लैंड में दो बदलाव है।गस एटकिंसन और साक़िब महमूद एकादश में शामिल हैं, जॉश टंग और लियाम डॉसन बाहर हैं।”

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ”हम भी पहले गेंदबाज़ी ही करते। मैं फ़िट हूं, पिछला गेम हमारे लिए परफ़ेक्ट गेम था इसलिए हम इस मैच में भी वही प्रदर्शन दोहराने का प्रयास करेंगे। जिस तरह से बाद में हमारे तेज़ गेंदबाज़ों ने वापसी की वो बेहतरीन था। हमारे एकादश में एक बदलाव है, केएल राहुल बीमार हैं इसलिए उनकी जगह पर इशान किशन आए हैं।”

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान),इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा,  गुरनूर बराड़

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, साकिब महमूद, आदिल राशिद

गोल्डन बूट की दौड़ में मेस्सी को मिलेगा एमबाप्पे से आगे निकलने का अंतिम मौका

अर्जेंटीना फीफा विश्वकप के फाइनल में पहुंच चुकी है। खिताबी मुकाबला 20 तारीख को स्पेन से है। लेकिन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फाइनल जीत सकती है या नहीं के सवाल से ज्यादा बड़ा सवाल यह रहेगा कि क्या लियोनेल मेस्सी गोल्डन बूट जीत सकते हैं या नहीं।

लियोनेल मेस्सी के टूर्नामेंट में 8 गोल है। यह विश्वकप उनका सबसे सफलतम आंकड़ा है। लियोनेल मेस्सी सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ एक भी गोल करने में सफल नहीं रहे थे। लेकिन उन्होंने 2 असिस्ट किए जिससे वह एमबाप्पे के बिल्कुल बराबर आकर खड़े हो गए। उनको फाइनल में गोल या असिस्ट करना पड़ेगा। तब जाकर उनके पास गोल्डन बूट आ पाएगा।

अगर वह फाइनल में असिस्ट भी नहीं कर पाते और गोल भी नहीं कर पाते तो फिर गोल़्डन बूट एमबाप्पे के खाते में आ जाएगा क्योंकि एमबाप्पे ने मेस्सी से 2 मैच कम खेले हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच विश्व कप करियर में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाने के लिए भी रोचक जंग चली। मेस्सी ने अभी तक सभी विश्व कप में कुल मिलाकर 21 गोल किए हैं जबकि एमबाप्पे के नाम पर 20 गोल दर्ज हैं।

मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में इन दोनों के बाद नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड का नंबर आता है जिन्होंने सात गोल किए हैं लेकिन उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।इसके अलावा इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम और हैरी केन ने भी  छह-छह गोल किए हैं। फ्रांस के औस्मान डेम्बेले ने पांच गोल किए हैं। फाइनल खेलने वाली स्पेन के मिकेल ओयार्ज़ाबल ने चार गोल किए हैं। उनका फाइनल में मेस्सी से पार जाना मुश्किल लगता है। ना केवल उनको 5 गोल करने हैं पर मेस्सी को भी एक भी गोल करने से रोकना है।

अति रक्षात्मक खेल पर इंग्लैंड के कोच और कप्तान के विरोधाभासी बयान

Harry Kane

अर्जेंटीना पर एक गोल करने के बाद इंग्लैंड ने रक्षात्मक रवैया अपना लिया। इंग्लैंड ने वह किया जो इस टूर्नामेंट में टीमों ने अर्जेंटीना के खिलाफ किया। मिस्र ने 2-0 की बढ़त के बाद अति रक्षात्मक रवैया अपना लिया जिसके बाद उसको 2-3 की हार देखनी पड़ी। वहीं स्विटजरलैंड ने भी एक -एक की बराबरी के बाद यह ही किया लेकिन अंत में अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने 2 गोल कर दिए और स्कोरलाइन 1-3 हो गई।  

इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल ने माना कि बढ़त लेने के बाद रक्षापंक्ति का गोलमुख के आगे खड़े हो जाना गलत नहीं था।ट्यूशेल ने कहा, ‘‘वे हर हेडर पर प्रहार कर रहे थे। वे लगातार क्रॉस पर क्रॉस दे रहे थे इसलिए हमने ‘बैक फाइव’ (रक्षा पंक्ति में पांच खिलाड़ी) वाली रणनीति अपनाई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे गोल के ठीक बाद हमने बहुत सारे क्रॉस और बहुत सारे मौके विरोधी टीम को दे दिए। इसलिए हमने मदद करने की कोशिश की। लेकिन जाहिर है कि जिम्मेदारी कोच की होती है। और अगर चीजें ठीक नहीं होतीं तो यह कहना आसान होता है कि फैसला गलत था।’’

गौरतलब है कि इंग्लैंड 1966 के बाद से एक भी बार फीफा विश्वकप फाइनल में प्रवेश नहीं ले पाई है। ऐसे में यह उसके लिए एक बेहतरीन मौका माना जा रहा था लेकिन अर्जेंटीना के मेस्सी के शानदार असिस्ट के कारण टीम 2 गोल खा बैठी।कप्तान हैरी केन ने अपने कोच से अलग बयान दिया और माना कि सिर्फ रक्षण करना अर्जेंटीना को रोकने के लिए नाकाफी था।

मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हैरी केन ने कहा “मेस्सी अभी भी उच्च कोटि के खेल का प्रदर्शन कर रहा है। मुझे लगा कि खेल के ज़्यादातर हिस्से में, हमने उसके साथ बहुत अच्छा खेला। लेकिन हमेशा की तरह दुनिया के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों के साथ, जब उनके पास आखिरी तीसरे हिस्से में बॉल होती है, तो वे जगह बना सकते हैं। और उसने आज फिर ऐसा ही किया। वह ज़ाहिर तौर पर किसी वजह से अब तक के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक है।”