Lionel Messi: 13 साल की उम्र में बदली किस्मत, आज हैं 9,400 करोड़ के मालिक… जानिए मेसी की पूरी कहानी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब सेमीफाइनल के मुकाबले खेले जाएंगे। क्वार्टर फाइनल के रोमांचक मुकाबलों के बाद फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फीफा वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। टूर्नामेंट में अब तक वह 8 गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे बने हुए हैं। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना इस समय शानदार फॉर्म में नजर आ रही है। फैंस को उम्मीद है कि अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब उठा सकती है।

हाल ही में मिस्र के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। अर्जेंटीना एक समय 0-2 से पीछे था, लेकिन आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस वापसी के साथ मेसी की दीवानगी और बढ़ गई।

कैसे होती है मेसी की कमाई

फुटबॉल की दुनिया में अपने शानदार खेल से पहचान बनाने वाले लियोनेल मेसी सिर्फ मैदान के ही नहीं, बल्कि कारोबार और निवेश की दुनिया के भी बड़े नाम हैं। खेल से होने वाली कमाई के अलावा उन्होंने कई सफल बिजनेस और निवेश के जरिए अरबों रुपये की संपत्ति बनाई है। आइए जानते हैं कि कैसे एक साधारण शुरुआत करने वाले मेसी आज दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल हो गए। जानें कितनी है फुटबॉल के दिग्गज मेसी की नेटवर्थ

आसान नहीं था मेसी का सफर

आज लियोनेल मेसी का नाम दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में लिया जाता है, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद साधारण माहौल से हुई थी। अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में पले-बढ़े मेसी के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे, जबकि उनकी मां परिवार की मदद के लिए छोटी-मोटी नौकरी करती थीं। बचपन में उन्हें ग्रोथ हार्मोन की समस्या का सामना करना पड़ा, जिसका इलाज कराना परिवार के लिए आसान नहीं था। ऐसे मुश्किल समय में उनके टैलेंट ने उन्हें स्पेन के क्लब एफसी बार्सिलोना तक पहुंचाया। महज 13 साल की उम्र में बार्सिलोना ने उन्हें अपनी अकादमी में शामिल किया और उनके इलाज की जिम्मेदारी भी उठाई। यहीं से मेसी के करियर ने नई उड़ान भरी और।

कितनी है मेसी की कुल संपत्ति

फोर्ब्स के मुताबिक, जून 2026 तक लियोनेल मेसी की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 1.1 बिलियन डॉलर (लगभग 9,400 करोड़ रुपये) आंकी गई है। फुटबॉल क्लबों के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स से उन्होंने करीब 1.2 बिलियन डॉलर की कमाई की है। इसके अलावा विज्ञापनों, ब्रांड एंडोर्समेंट, लाइसेंसिंग और अन्य व्यावसायिक निवेशों से भी उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे उनकी कमाई कमाई करीब 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाती है। एडिडास के साथ उनकी आजीवन साझेदारी के अलावा मास्टरकार्ड, लेज और मिशेलॉब अल्ट्रा जैसे कई बड़े वैश्विक ब्रांड भी उनकी कमाई का अहम हिस्सा हैं।

कारोबार में भी लगाए पैसे

लियोनेल मेसी ने अपनी कमाई को अलग-अलग कारोबार में भी लगाया। उन्होंने रियल एस्टेट, होटल और खेल से जुड़े बिजनेस में निवेश कर अपनी संपत्ति को लगातार बढ़ाया। उनकी प्रमुख कारोबारी कंपनियों में एडिफिसियो रोस्टावर सोसिमी भी शामिल है, जो स्पेन की एक सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी है। इस कंपनी के पास होटल, ऑफिस, कमर्शियल बिल्डिंग और कई अन्य प्रॉपर्टियां हैं। हाल ही में कंपनी ने बार्सिलोना में करीब 11.5 मिलियन यूरो की कीमत वाली एक बड़ी कॉर्पोरेट बिल्डिंग भी खरीदी है।

इंटर मियामी क्लब में भी हिस्सेदारी

रियल एस्टेट के अलावा लियोनेल मेसी ने हॉस्पिटैलिटी, फूड और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़ा निवेश किया है। वह एमआईएम होटल्स समूह में हिस्सेदार हैं और अर्जेंटीना की एल क्लब डे ला मिलानेसा रेस्टोरेंट चेन में भी उनकी हिस्सेदारी (इक्विटी) है। इसके साथ ही उन्होंने उरुग्वे के डेपोर्टिवो एलएसएम और स्पेन के यूई कॉर्नेला फुटबॉल क्लबों में भी निवेश किया है। साल 2023 में मेसी ने कथित तौर पर सऊदी अरब के बेहद बड़े प्रस्ताव को ठुकराकर अमेरिका के इंटर मियामी क्लब का दामन थामा। इस समझौते में उन्हें भविष्य में क्लब में हिस्सेदारी लेने का ऑप्शन भी मिला।

मेसी के क्लब से जुड़ने के बाद इंटर मियामी की लोकप्रियता और बाजार मूल्य में तेज बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह फैसला उनके सबसे सफल निवेशों में गिना जाने लगा।

ब्रिटेन में मंदिर की जगह मुस्लिमों को बेचने पर विवाद:हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई; नीलामी की प्रक्रिया गलत होने का आरोप

लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…

ब्रिटेन में मंदिर की जगह मुस्लिमों को बेचने पर विवाद:हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई; नीलामी की प्रक्रिया गलत होने का आरोप

लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…

IND vs ENG: क्या बारिश डालेगी रोहित-विराट की वापसी में खलल? जानें कैसी होगी बर्मिंघम की पिच

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। वहीं वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं दोनों ने नेट्स पर जमकर पसीना बहा रहे हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है। बुमराह 2023 वनडे विश्व कप के बाद पहली बार इस फॉर्मेट में मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। आइए मैच से पहले जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट। क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

कैसी होगी एजबेस्टन की पिच

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला मुकाबला एजबेस्टन के बर्मिंघम में खेला जाएगा। एजबेस्टन की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े शॉट खेलना आसान रहता है। वहीं नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकती है। मैच आगे बढ़ने पर स्पिन गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिलने की उम्मीद है, खासकर बीच के ओवरों में, जहां गेंद हल्का टर्न ले सकती है।

भारत और इंग्लैंड ODI में हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

  • मैच खेले: 110
  • भारत जीता: 61
  • इंग्लैंड जीता: 44
  • कोई रिजल्ट नहीं: 3
  • टाई: 2

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (c), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (vc), केएल राहुल (wk), ईशान किशन, शिवम दुबे/अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (c), जोस बटलर (wk), विल जैक्स, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जोश टंग, आदिल राशिद

कैसा होगा मौसम

पहले वनडे के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। वहीं पूरे मैच के रद्द होने की आशंका कम है, लेकिन मौसम के कारण कुछ समय के लिए खेल प्रभावित हो सकता है।

वर्ल्ड कप 2027 में विराट-रोहित के खेलने को लेकर सस्पेंस खत्म! कप्तान का बड़ा बयान

इंग्लैंड और भारत के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं ये सीरीज अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी अभी से कर रही है। उन्होंने बताया कि वह विराट कोहली के साथ मिलकर टीम के सही कॉम्बिनेशन पर लगातार बात कर रहे हैं।

गिल के मुताबिक, विराट का अनुभव टीम के लिए बहुत अहम है और आने वाले विश्व कप की तैयारियों में उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

वर्ल्ड कप को लेकर कर रहे तैयारी

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने बताया कि वह 2027 वनडे विश्व कप को लेकर विराट कोहली के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “दो दिन पहले ही हमारी 2027 विश्व कप की तैयारियों को लेकर बातचीत हुई थी। हमने टीम के संयोजन पर विचार किया और यह भी चर्चा की कि कौन-कौन से खिलाड़ी भविष्य में टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। साथ ही यह भी देखा कि कौन सा खिलाड़ी किस भूमिका में टीम के लिए सबसे बेहतर रहेगा, भले ही वह अभी टीम का हिस्सा न हो।”

रोहित-विराट ने किया शानदार प्रदर्शन

अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली की बढ़ती उम्र को लेकर लगातार चर्चा हो रही है, लेकिन शुभमन गिल ने कहा कि, दोनों खिलाड़ी अब भी भारतीय वनडे टीम के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले 10 साल से भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी रहे हैं। दोनों आज भी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। उनके पास जो अनुभव और खेल की समझ है, वह टीम के लिए बहुत मूल्यवान है। हमने वर्षों से देखा है कि उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।”

भविष्य की योजना का हिस्सा है विराट

शुभमन गिल के बयान से साफ पता चलता है कि विराट कोहली अभी भी भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं। हाल ही में विराट ने कहा था कि वह ऐसी टीम में नहीं खेलना चाहते, जहां उन्हें बार-बार खुद को साबित करना पड़े। ऐसे में गिल का उनके साथ टीम की रणनीति पर चर्चा करना दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट विराट के अनुभव और सलाह को काफी महत्व दे रहा है।

कोहली का रिकॉर्ड

भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली नेतृत्व की भूमिका में कम नजर आए थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 95 मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया, जिनमें से 65 मैचों में भारत को जीत मिली। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 68.42 रहा, जो एक से अधिक वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सभी कप्तानों में सबसे बेहतर माना जाता है।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में टीम इंडिया ने कर दी जल्दबाजी? इंग्लैंड के सीरीज हारने के बाद फूटा इस पूर्व खिलाड़ी का गुस्सा

इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खत्म हो गई है। इस सीरीज को इंग्लैंड ने 4-0 से अपने नाम किया है। वहीं इस सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इस सीरीज में वैभव कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। शुरुआती तीन मैचों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन की ही पारी खेल सके। वहीं वैभव के डेब्यू पर पूर्व भारतीय वसीम जाफर ने अपनी राय रखी है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के मुताबिक कि, युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थोड़ा और समय देकर मौका दिया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट ने उनकी लोकप्रियता और पब्लिक हाइप को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लिया, जबकि पहले से टीम का बल्लेबाजी क्रम तय था। जाफर का कहना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को इंटरनेशनल स्तर पर उतारने से पहले उसे घरेलू और दूसरे स्तर पर पर्याप्त अनुभव हासिल करने का मौका मिलना चाहिए।

जल्द ही करवा दिया डेब्यू

वसीम जाफर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने में थोड़ी जल्दबाजी की। उनके आसपास काफी चर्चा और उत्साह था, इसलिए लोग उन्हें जल्द खेलते हुए देखना चाहते थे। लेकिन मेरा मानना है कि भारत को संजू सैमसन के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “वैभव अभी बहुत युवा हैं। अगर वह कुछ समय तक भारतीय टीम के साथ रहते, माहौल को समझते और सही मौके का इंतजार करते, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता। इतनी जल्दी उन्हें अंतिम एकादश में जगह देना सही फैसला नहीं था।”

हाइप की वजह से किया गया शामिल

वसीम जाफर ने भारत के टॉप ऑर्डर में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की बढ़ती मांग और उनके आसपास बने माहौल से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगा कि हम मीडिया में बनी चर्चा के साथ बह गए। जब भी वैभव प्लेइंग इलेवन में नहीं होते थे, तो इसे लेकर काफी बातें होती थीं। अगर टीम को लगता था कि संजू सैमसन फॉर्म में नहीं हैं, तो वह अलग बात है। लेकिन आखिर में ऐसा महसूस हुआ कि वैभव को टीम में शामिल करने का फैसला कुछ ज्यादा जल्दी कर लिया गया।”

संजू को लेकर कही ये बात

वसीम जाफर ने संजू सैमसन के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पांचवें टी20 मैच के लिए उन्हें दोबारा टीम में शामिल किया गया, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन भारत के लिए सिर्फ टी20 फॉर्मेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। मुझे लगता है कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा होंगे, लेकिन जिस तरह उनके साथ फैसले लिए गए, वह काफी हैरान करने वाला था।”

इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज कल से शुरु, इन 3 भारतीय चेहरों पर रहेगी नजर

ENGvsIND इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसको की उम्मीदें एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ अच्छी खबर सुनने की तरफ होगी क्योंकि इस प्रारुप में वरिष्ठ खिलाड़ी फैंस को हार के सिलसिले को तोड़ने का माद्दा रखते हैं क्योंकि उन्होंने भरपूर आराम लिया है।कोहली, रोहित और जसप्रीत बुमराह उस प्रारूप में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं।

रोहित हाल ही में अफगानिस्तान सीरीज में शिरकत करते देखे गए थे। लेकिन विराट कोहली ने फरवरी में इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच खेला था। बुमराह की बात की जाए तो वह तो 2 साल से टी-20 विश्वकप के लिए तैयारी कर रहे थे। 2 बार टीम को कप जिताने के बाद अब वह अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अंतिम एकदिवसीय मैच भी विश्वकप फाइनल 2023 खेला था।

रोहित और कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है और वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित और कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल ज़रूर बढेगा।

कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है जिसे बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी।

भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है।

वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 श्रृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया। लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए यह फायदे की बात होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है।बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा हालांकि टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा।

बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है।

भारतीय दल में अब दाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा रहेंगें इस कारण सैम करन और लियाम डॉसन की भूमिका ज्यादा होगी। इंग्लैंड ने लगभग टी-20 का दल ही एकदिवसीय मैचों के लिए रखा है इस कारण कागज पर भारत बेहतर दल लग रहा है।फिल साल्ट की जगह बेन डकेट सलामी बल्लेबाजी संभालेंगे।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद।

समय: दोपहर 3:30 बजे

लॉर्डस पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रनों से हराया

ENGvsIND लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों से हराकर एकमात्र टेस्ट में जीत अर्जित की। इस जीत से भारत का टी-20विश्वकप में सेमीफाइनल में जगह ना बना पाने का दुख थोड़ा कम हुआ। भारत की ओर से यस्तिका भाटिया ने शतक जड़ा और क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट लिए और कुल 7 विकेट झटके। स्मृति मंधाना ने दोनों पारियों में अर्धशतकीय पारी खेली।

भारत को यह मैच जीतने के लिए सोमवार को सिर्फ 4 विकेट की दरकार थी। कल 130 पर 6 विकेट गंवाने वाली इंग्लैंड आज इस स्कोर में 50 रन और जोड़ पाई। सोफी इकेस्लिटन ने अर्धशतक बनाया और वह अंतिम विकेट के रुप में गिरी।

इससे पहले यास्तिका भाटिया (113), स्मृति मंधाना (70) और ऋचा घोष (नाबाद 50) की शानदार पारियों के बाद भारतीय महिला टीम ने एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन रविवार को अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन के स्कोर बनाने के बाद पारी घोषित कर दी। भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रनों की बढ़त मिली थी और अब इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य मिला।

टॉस जीतकर गेंदबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भारत को तो 285 रनों पर रोक दिया। लेकिन पहली पारी में मेजबान टीम 170 रनों पर सिमट गई। यहां से मैच का रुख भारत की ओर पलट गया।

T20I की हार से रोहित का गंभीर पर पलड़ा भारी, इँग्लैंड में फ्लॉप होने पर भी रहेंगे बरकरार

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है। माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी। लेकिन अब युवा टीम के टी-20 सीरीज में वाइटवॉश होने के बाद वह इँग्लैंड में फ्लॉप भी हुए तो एकदिवसीय टीम में बने रहेंगे।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।लेकिन शायद इस बार इसकी जरुरत ना पड़े क्योंकि गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

यामल बनाम एमबाप्पे, क्या स्पेन रोक पाएगा फ्रांस के विश्वकप फाइनल जाने का सिलसिला?

फीफा विश्वकप में फ्रांस की टीम बेहतरीन दिखाई दी है। अगर सेनेगल का मैच हटा दे तो हर मैच में टीम का दबदबा रहा है। वहीं स्पेन की बात करें तो टीम ने सातवें मुकाबले में अपना पहला गोल खाया था। मतलब मंगलवार को पहले सेमीफाइनल का मुकाबला बेहतरीन आक्रमण पंक्ति और सुदृढ रक्षात्मक पंक्ति के बीच होगा।

फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था।

लेकिन इस बार उसके सामने खड़ी है स्पेन जो कई मौकों पर फ्रांस के सामने बड़े मुकाबले में आकर खड़ी हो जाती है। इन दोनों टीमों का मुकाबला अक्सर टूर्नामेंट के ऐसे ही मोड़ पर होता है।फ्रांस जब विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगा तो दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है।

फ्रांस और स्पेन किसी बड़ी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीम दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में एक दूसरे से भिड़ी थीं।स्पेन ने उस मैच में 2-1 से जीत हासिल की थी। उस मैच में यामल ने गोल किया था जो तब 16 वर्ष के थे। स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब अपने नाम किया।

नाक में चोट लगने के बाद एमबाप्पे उस टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे जबकि माइकल ओलिस और डेसिरे डोए जैसे उभरते सितारों को अभी सफलता हासिल करनी बाकी थी।दो साल बाद फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे प्रभावशाली टीम माना जा रहा है जिसकी अग्रिम पंक्ति में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सबकी निगाह हालांकि एमबाप्पे पर टिकी रहेगी जिन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल किए हैं।

स्पेन को टूर्नामेंट में आने से पहले यामल और साथी विंगर निको विलियम्स की चोटों से जूझना पड़ा। स्पेन को पिछले दो दौर में पुर्तगाल और बेल्जियम को हराने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल पर निर्भर रहना पड़ा।विश्व कप या यूरो कप में ये दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को हराया था।