62 की उम्र में कर्टली एम्ब्रोस का गेंदबाजी करते हुए वीडियो वायरल

तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है।

एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी।

एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है।

एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप  आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का  विषय है।

वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।

पहली बार जर्मनी ब्राजील के बिना होगा क्वार्टरफाइनल, इस महाद्वीप की 6 टीमें

पहली बार 48 टीम की भागीदारी में हो रहे विश्व कप में अब आखिरी आठ टीम बची हैं जो 19 जुलाई को फाइनल तक पहुंचने के लिये जोर आजमाइश करेंगी लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब क्वार्टर फाइनल में ब्राजील और जर्मनी दोनों नहीं हैं।

सत्रह में से दस विश्व कप में ब्राजील और जर्मनी दोनों क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे हैं। जर्मनी 1938, 1950, 2018 और 2022 में अंतिम आठ में नहीं था जबकि ब्राजील 1934, 1966 और 1990 में नहीं पहुंच सका था लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों दिग्गज एक साथ अंतिम आठ से गायब हों ।ब्राजील को अंतिम 16 के दौर में नॉर्वे ने और जर्मनी को अंतिम 32 में पराग्वे ने हराया।विश्व कप 1930, 1950, 1974, 1978 और 1982 में क्वार्टर फाइनल नहीं हुए थे।

8 में से 4 टीम ने नहीं जीता है खिताब :

इस विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली आठ टीम में से चार पहले भी खिताब जीत चुकी हैं जिनमें अर्जेंटीना ने तीन, फ्रांस ने दो , इंग्लैंड और स्पेन ने एक एक बार ट्रॉफी अपने नाम की है।बेल्जियम और मोरक्को कभी सेमीफाइनल से आगे नहीं गए। वहीं स्विटजरलैंड 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है और नॉर्वे इससे पहले अंतिम 16 से आगे नहीं गया था। यानी 2010 में स्पेन के बाद पहली बार कोई नया चैम्पियन मिल सकता है।

यूरोप का दबदबा, छह टीम अंतिम आठ में :

क्वार्टर फाइनल में इस बार यूरोप की छह टीम हैं जबकि चार साल पहले कतर में पांच यूरोपीय टीम अंतिम आठ में थीं। इसके अलावा अफ्रीका की एक (मोरक्को) और दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना) की एक टीम है।मोरक्को कतर में 2022 विश्व कप में अंतिम चार में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम थी। वह लगातार दो विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भी अफ्रीका की पहली टीम बन गई है।

फ्रांस ने निर्धारित समय में ही जीते सारे मैच :

खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही कीलियन एमबाप्पे की फ्रांस टीम ने टूर्नामेंट में अभी तक पांचों मैच निर्धारित 90 मिनट के भीतर ही जीते हैं। लियोनेल मेस्सी की अर्जेंटीना ने भी पांचों मैच जीते हैं लेकिन केप वर्दे के खिलाफ अंतिम 32 का उसका मुकाबला अतिरिक्त समय तक खिंचा था जिसमें उसने 3-2 से जीत दर्ज की।

स्पेन और इंग्लैंड ने चार मैच जीते और एक ड्रॉ खेला। नॉर्वे ने चार मैच जीते लेकिन फ्रांस ने उसे हराया था। बेल्जियम, मोरक्को और स्विटजरलैंड ने तीन मैच जीते और दो ड्रॉ खेले।

स्पेन ने अभी तक नहीं गंवाया एक भी गोल :

इस बार विश्व कप में स्पेन एकमात्र टीम है जिसका डिफेंस अभेद रहा है और उसने एक भी गोल नहीं गंवाया। गोलकीपर उनाइ सिमोन ने विश्व कप में 600 मिनट से अधिक समय मैदान पर रहकर गोल नहीं गंवाने का रिकॉर्ड बनाया है।

ग्रुप चरण में केप वर्दे ने स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोका था। स्पेन ने सउदी अरब को 4-0 और उरूग्वे को 1- 0 से हराया। अंतिम 32 में आस्ट्रिया को 3-0 से और अंतिम 16 में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को स्पेन ने 1-0 से हराया।इससे पहले 1990 में इटली की टीम एक भी गोल गंवाये बिना सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैचों के लिए शुरु की नेट प्रेक्टिस (Video)

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय सीरीज के  लिए नेट्स पर पसीना बहाना शुरु कर दिया है। वैसे तो हर सीरीज ही रोहित शर्मा के लिए अहम होती है लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की एकदिवसीय सीरीज उनके लिए काफी अहम है क्योंकि वह एकदिवसीय  विश्वकप 2027 के लिए हर सीरीज में अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

एक अग्रणी डिजिटल खेल यूट्यूब चैनल ने यह बताया कि रोहित शर्मा को टीम प्रबंधन ने साफ साफ बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप के लिए टीम की योजनाओं में शामिल नहीं है। ऐसे में टीम  प्रबंधन रोहित जैसे सितारे को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रबंधन चाहता है कि रोहित शर्मा खुद ही संन्यास के बारे में सोचे।

लॉर्ड्स में होने वाला है एतिहासिक भारत इंग्लैंड टेस्ट मैच, क्या बोले कोच

ENGvsIND इंग्लैंड के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में भारत बनाम इंग्लैंड की महिला टीम दो दो हाथ करने वाली है। लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम लाल गेंद का क्रिकेट खेलेगी। महिला विश्वकप के बीच और भारत  पुरुष इंग्लैंड दौरे और आयरलैंड दौरे की सुर्खियों के बीच यह टेस्ट दब सा गया था लेकिन इस टेस्ट के लिए भी लगभग 30 हजार लोगों ने टिकट खरीद रखा है।

भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले ऐतिहासिक चार-दिवसीय मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा। मेहमान टीम वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नई शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया से उपविजेता रहने के बाद इस टेस्ट मैच में उतरेगी।

मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि लॉर्ड्स में पहले कभी महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया। उन्होंने इस मौके को एक ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “बिल्कुल, मेरा मतलब है, लेकिन यह बात मुझे हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला टेस्ट मैच है। फिर भी, हम बहुत भाग्यशाली हैं और मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो इसमें शामिल हैं। यह एक शानदार मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा कि लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलना किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है और उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही ड्रेसिंग रूम में इस मैच के बारे में बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा, “किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलने की तो बात ही अलग है। मुझे यकीन है कि जो भी खिलाड़ी सफ़ेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेगा, उसे इस बात पर गर्व होगा। हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही बात कही है कि हमने पारंपरिक रूप से टेस्ट मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच की बात कर रहे थे, अब वह समय आ गया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे इसे लेकर उत्साहित होंगे।”

भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने पिछला चार दिन का मैच चार महीने पहले खेला था – वाका में पिंक-बॉल टेस्ट, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, उन्होंने 2025 में कोई टेस्ट नहीं खेला था; उनका पिछला टेस्ट 2024 में था, जब उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लैंड ने भी हाल के समय में बहुत कम रेड-बॉल क्रिकेट खेला है; उनका पिछला टेस्ट जनवरी 2025 में था, जब उन्हें एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पारी से हार का सामना करना पड़ा था।

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला भूकंप: मृतकों की संख्या 3,811 पहुंची; पुनर्निर्माण के लिए विदेशों में फंसे फंड जारी करने की मांग

वेनेजुएला में 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,811 हो गई है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बुधवार को यह जानकारी दी। उनके अनुसार, इस आपदा में 16,740 लोग घायल हुए हैं, जबकि 17,907 लोग बेघर हो चुके हैं। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने की अपील दोहराई है। उनका कहना है कि विदेशों में वेनेजुएला की बड़ी मात्रा में संपत्तियां और धनराशि फंसी हुई है। यदि इन्हें जारी कर दिया जाए तो भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के साथ रोजगार और शिक्षा कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स को पत्र लिखकर बैंक ऑफ इंग्लैंड में जमा वेनेजुएला का सोना जारी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के प्रमुख से बातचीत की गई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास वेनेजुएला का करीब 31 टन सोना जमा है, जिसकी रिहाई को लेकर लंबे समय से ब्रिटेन की अदालतों में कानूनी विवाद चल रहा है। वेनेजुएला पर पिछले दो दशकों में अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने विभिन्न प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, भूकंप के बाद अमेरिका ने राहत कार्यों से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए चार महीने की सीमित छूट दी है, ताकि मानवीय सहायता और पुनर्वास कार्य प्रभावित न हों।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।

इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो के मैच से पहले संजू सैमसन को फिट करने जुटा टीम मैनेजमेंट

ENGvsIND इंग्लैंड दौरे से पहले, भारत एक ऐसी टीम लग रही थी जो अपनी टी 20 वर्ल्ड कप जीत के बाद और बेहतर करने को तैयार थी। पांच मैच बाद, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से टी 20 सीरीज़ हार भी शामिल है, श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज़ में 0-2 से पीछे है (पहला मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था) और अब एक और सीरीज़ हारने के कगार पर है।

भारतीय टीम अब गुरुवार को ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टी20 खेलने जा रही है। वे जानते हैं कि सिर्फ़ जीत ही मेज़बान टीम को साउथम्प्टन में एक मैच बाकी रहते हुए पांच मैचों की सीरीज़ जीतने से रोक सकती है।

ट्रेंट ब्रिज में 125 रन की बड़ी हार ने कई कमियों को उजागर किया, जिससे हेड कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन को इस अहम मुकाबले से पहले काफी कुछ सोचने पर मजबूर होना पड़ा। हार के अंतर से ज़्यादा, पूरे दौरे के दौरान भारतीय टीम का इंग्लिश हालात के हिसाब से खुद को न ढाल पाना चिंता का विषय बना हुआ है।

सबसे बड़ी चर्चा टीम संयोजन को लेकर है, जिसमें संजू सैमसन को बाहर रखने का मुद्दा छाया हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी, उन्हें दूसरे और तीसरे टी20 से बाहर रखा गया क्योंकि टीम प्रबंधन ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका देने का फैसला किया।इस युवा खिलाड़ी ने कुछ अच्छी झलकियां दिखाई हैं लेकिन भारत के बाकी बल्लेबाज़ों की तरह वह भी कोई बड़ा असर नहीं डाल पाए हैं। सीरीज़ दांव पर लगी होने के कारण, गंभीर ने सैमसन की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया है, जिससे अंतिम XI में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।

इंग्लैंड के बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ी अटैक के खिलाफ पूरी सीरीज़ में भारत की बल्लेबाज़ी संघर्ष करती रही है। जोफ्रा आर्चर और जोश टोंग ने अपनी गति, उछाल और मूवमेंट से लगातार मेहमान टीम को परेशान किया है, जबकि भारत का अनुभवी मिडिल ऑर्डर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में नाकाम रहा है।

अगर सैमसन की वापसी होती है, तो टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि शीर्ष पर सूर्यवंशी की भूमिका को प्रभावित किए बिना उन्हें बल्लेबाज़ी क्रम में कैसे फिट किया जाए। ईशान किशन की विकेटकीपिंग की वजह से उनकी जगह बनी रहने की उम्मीद है, जबकि बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के बाद उप-कप्तान तिलक वर्मा पर दबाव बढ़ सकता है।

ENGvsIND

 टीम इस प्रकार है :

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स।

समय: रात 10:00 बजे शुरू होगा। 
 

FIFA World Cup 2026: पुर्तगाल-अमेरिका के बाहर होते ही सस्ते हुए क्वार्टर फाइनल के टिकट! जानें अब कितनी है कीमत

FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 अब अपने रोमांचक दौर में पहुंच गया है। इस हफ्ते से फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत होने जा रही हैं। वहीं टूर्नामेंट से पुर्तगाल और अमेरिका के बाहर होने के बाद बड़े नॉकआउट मैचों के टिकटों की मांग कम हो गई है। इसका असर टिकटों की कीमतों पर भी पड़ा है और कई मुकाबलों के टिकट पहले के मुकाबले काफी सस्ते हो गए हैं। टिकट बेचने वाले सेकेंडरी प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, स्पेन और बेल्जियम के बीच शुक्रवार को खेले जाने वाले फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की कीमत में भारी गिरावट आई है। मंगलवार दोपहर तक जहां एक टिकट करीब 2,950 डॉलर में मिल रहा था, वहीं बाद में इसकी कीमत घटकर लगभग 1,200 डॉलर रह गई।

पुर्तगाल की टीम हुए बाहर

टिकटों की कीमत में आई ये बड़ी कमी अमेरिका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद देखने को मिली। राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर उसका सफर खत्म कर दिया। माना जा रहा है कि अगर मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंच जाती, तो घरेलू प्रशंसकों की भारी मांग के कारण टिकटों के दाम काफी ज्यादा बने रहते। टिकटों के दाम घटने की एक बड़ी वजह पुर्तगाल का टूर्नामेंट से बाहर होना भी माना जा रहा है।

स्पेन ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर उसकी चुनौती खत्म कर दी। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी समाप्त हो गया। पुर्तगाल के बाहर होने से टूर्नामेंट की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक नॉकआउट चरण से बाहर हो गई, जिससे टिकटों की मांग पर भी असर पड़ा।

अभी कितने में मिल रहा टिकट

कई लोगों को उम्मीद थी कि क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल और अमेरिका की भिड़ंत होगी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की लोकप्रियता और अमेरिका के मेजबान होने की वजह से इस मुकाबले के टिकटों की मांग काफी ज्यादा रहने का अनुमान था। लेकिन दोनों टीमों के बाहर होने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में सबसे कम कीमत वाले टिकट फ्रांस और मोरक्को के बीच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए उपलब्ध हैं। टिकट बिक्री प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, फ्रांस और मोरक्को के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की शुरुआती कीमत 989 डॉलर रखी गई है। यानी इस मैच के लिए दर्शक 989 डॉलर से टिकट खरीद सकते हैं।

क्वार्टर फाइनल में होगा इनका आमना सामना

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। वहीं दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का सामना बेल्जियम से होगा। क्वार्टर फाइनल में रविवार को एरलिंग हालैंड की नॉर्वे का सामना हैरी केन की इंग्लैंड से होगा। इसके बाद मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड से भिड़ेगी। इन चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के विजेता अगले सप्ताह सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। ये मैच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम, इंगलवुड के सोफी स्टेडियम, मियामी गार्डन्स के हार्ड रॉक स्टेडियम और कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में खेले जाएंगे।

Dada The Sourav Ganguly Story: गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार नहीं आयुष्मान खुराना थे मेकर्स की पहली पसंद! फिल्म का पोस्टर हुआ रिलीज

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है। फिल्म में राजकुमार राव पूर्व भारतीय कप्तान का किरदार निभाते नजर आएंगे। सौरव गांगुली के जन्मदिन के मौके पर जारी किए गए इस फर्स्ट लुक के साथ मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। ये फिल्म 14 मई 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं फिल्म के फर्स्ट लुक को देखकर फैंस बेसब्री से इसके रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे।

राव नहीं थे पहली पंसद

रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरव गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे। शुरुआत में आयुष्मान खुराना को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन किसी वजह से बात आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में यह अहम भूमिका राजकुमार राव को मिल गई।

 

रिलीज हुआ फिल्म का पहला पोस्टर

फिल्म के फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में राजकुमार राव ने सौरव गांगुली के करियर के सबसे चर्चित पल को पर्दे पर रीक्रिएट किया है। इसमें सौरव गांगुली साल 2002 में इंग्लैंड पर मिली ऐतिहासिक नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराते नजर आते हैं। उनका ये जश्न आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार लम्हों में गिना जाता है। सौरव गांगुली की बेखौफ कप्तानी और टीम इंडिया के नए दौर की पहचान माना जाता है।

सौरव गांगुली की कहानी

राजकुमार राव का इस ऐतिहासिक पल को पर्दे पर दोबारा जीवंत करना क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ में सौरव गांगुली के एक युवा क्रिकेटर से भारतीय टीम के सफल और प्रभावशाली कप्तान बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा। फिल्म में उनकी मेहनत, संघर्ष, बेखौफ नेतृत्व और भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने वाली कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।

विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को टी-सीरीज, डीबीएल और लव फिल्म्स प्रस्तुत कर रहे हैं। फर्स्ट लुक सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फैंस बेसब्री से बड़े पर्दे पर सौरव गांगुली की कहानी देखने का इंतजार है।