3 नो बॉल और 60 रन देने वाले रवि विश्नोई का तीसरे T-20I से बाहर होना लगभग तय

भले ही श्रेयस अय्यर ने लेग स्पिनर रवि विश्नोई का बचाव किया हो लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से उनका अंतिम ग्यारह से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की चार विकेट से हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वें ओवर में 29 रन लुटाने वाले स्पिनर रवि बिश्नोई का बचाव किया।

इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी लेकिन बिश्नोई ने 17वें ओवर में दो नॉ बॉल के साथ 29 रन लुटा दिये और मैच पूरी तरह से भारत के हाथ से निकल गया।इससे पहले विश्नोई ने अपने स्पैल की पहली ही गेंद नो बॉल की थी।चार ओवर में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने के बाद उनकी टीम में जगह पर सवाल उठने लगे हैं।

ट्रेंट ब्रिज की परिस्थितियों को देखते हुए बिश्नोई का अंतिम एकादश में शामिल होना मुश्किल माना जा रहा है। उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है। स्विंग और पिच से अतिरिक्त हरकत हासिल करने की उनकी क्षमता उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा से बेहतर विकल्प बनाती है, जिनकी ‘बैक-ऑफ-द-लेंथ’ गेंदें टी20 क्रिकेट में अपेक्षाकृत आसान साबित होती हैं।

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में शुरुआती ओवर में दो विकेट समेत कुल तीन विकेट झटके थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक द्वारा उनके एक ओवर में बनाए गए 27 रन भी भारत की हार का बड़ा कारण बने। इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था।

टीम के मुख्य गेंदबाज को मैच के अंतिम लम्हों पर कंधो पर चोट लगी थी लेकिन फिर भी अर्शदीप ने 19वां  ओवर पूरा किया। टीम प्रबंधन की निगाह उनकी चोट पर भी होगी अगर ऐअर्शदीप सिंह फिट नहीं होते हैं तो प्रसिद्ध कृष्णा को भी मौका मिल सकता है।

IND vs ENG: ‘अगला नंबर हमारा हो सकता है’ गौतम गंभीर और टीम के माहौल पर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम इस समय 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। पहला मुकाबला बारिश में रद्द होने के बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की आगे है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वहीं फैंस पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की मांग कर रहे थे। वहीं वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और संजू सैमसन को बाहर करने पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना रिएक्शन दिया है।

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, टीम चयन केवल प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और यह नहीं लगना चाहिए कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का असर फैसलों पर पड़ रहा है।

वैभव ने किया डेब्यू

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में कम रन बनाने के बाद संजू सैमसन को मैनचेस्टर टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला, जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। वहीं वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 14 रन ही बना सके और भारत को इस मैच में इंग्लैंड के हाथों चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई, मंगलवार को खेला जाएगा। भारत सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी बढ़त और मजबूत करना चाहेगा।

संजू के निकाले जाने के फैसले से हुए हैरान

अपने YouTube चैनल ऐश की बात पर बात करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किया जाना उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। अश्विन ने कहा, “अभी मैं काफी परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर क्यों कर दिया गया। अब संजू क्या सोच रहे होंगे? जब वह नेट्स में अभ्यास करने जाएंगे तो उनके मन में कितनी प्रेरणा होगी?” उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि भारत को संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी कराने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए।

संजू को तीसरे नंबर पर बैटिंग करना चाहिए

अश्विन ने कहा, “अभी टीम के टॉप ऑर्डर में पहले से ही तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं—अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। ऐसे में मुझे लगता है कि अब संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए जरूर विचार किया जाएगा। मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह रहा हूं। कोचिंग स्टाफ और गौतम गंभीर समेत सभी जानते हैं कि संजू के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। अब उन्हें इस स्थिति को किसी न किसी तरह संभालना होगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद अब संजू भी बाहर हो गए, ऐसे में सभी खिलाड़ियों को लग सकता है कि अगला नंबर उनका होने वाला है। ये टीम के लिए अच्छा नहीं है।’

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टीम चुनते समय कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, उन्हें थोड़ा ज्यादा भरोसा और मौके मिलने चाहिए।

FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल की 4 टीमें हुई तय, जानें बाकी मैचों का शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और खिताब की जंग पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक हो गई है। टूर्नामेंट में अबतक कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत 48 टीमों के साथ हुई थी, लेकिन अब आधे से भी कम टीमें ट्रॉफी जीतने की दौड़ में बची हैं। नॉकआउट मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और क्वार्टर फाइनल की शुरुआत के साथ आखिरी आठ में जगह बनाने वाली चार टीमों के नाम भी तय हो चुके हैं।

क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का सफर एक जैसा नहीं रहा। कुछ टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आसानी से जीत हासिल की, जबकि कुछ को आखिरी समय तक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन, मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया और अगले दौर में जगह पक्की कर ली।

अबतक कौन-कौन सी टीमें पहुंची क्वार्टर फाइनल में

मोरक्को

फ्रांस

नॉर्वे

इंग्लैंड

राउंड ऑफ 16 के बाकी मुकाबले

राउंड ऑफ 16 के बाकी मुकाबले भी बेहद रोमांचक होने वाले हैं। 6 जुलाई को दोपहर 2 बजे पुर्तगाल की भिड़ंत स्पेन से होगी, जबकि उसी दिन अमेरिका का सामना बेल्जियम से होगा। इसके बाद 7 जुलाई को स्विट्जरलैंड और कोलंबिया आमने-सामने होंगे। वहीं, एक और बड़े मुकाबले में अर्जेंटीना की टीम मिस्र के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इन मैचों के बाद क्वार्टर फाइनल की सभी टीमें तय हो जाएंगी।

किस दिन होगा किसका मुकाबला

क्वार्टर फाइनल का आगाज भारत में 10 जुलाई से होगा। पहले मुकाबले में फ्रांस और मोरक्को की टीमें आमने-सामने होंगी। ये मैच अमेरिका के बोस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों के बीच मुकाबले की शुरूआत सुबर 1:30 पर होगी। इसके बाद 11 जुलाई को दूसरा क्वार्टर फाइनल लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें पुर्तगाल और स्पेन के विजेता का मुकाबला अमेरिका और बेल्जियम के विजेता से होगा।

तीसरा क्वार्टर फाइनल 12 जुलाई को मियामी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां नॉर्वे और इंग्लैंड की टीमें भिड़ेंगी। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 2 बजे से शुरू होगा। वहीं, चौथा और आखिरी क्वार्टर फाइनल 12 जुलाई को कैनसस सिटी स्टेडियम में होगा। इस मुकाबले में अर्जेंटीना और मिस्र के मैच के विजेता का सामना स्विट्जरलैंड और कोलंबिया के मैच के विजेता से होगा। यह मैच भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा।

भारत में कहां पर देखें मुकाबला

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का प्रसारण भारत में जी एंटरटेनमेंट के नए स्पोर्ट्स नेटवर्क Unite8 स्पोर्ट्स पर किया जाएगा। दर्शक मैचों का आनंद Unite8 स्पोर्ट्स 1 (हिंदी कमेंट्री), Unite8 स्पोर्ट्स 1 HD (हिंदी कमेंट्री), Unite8 स्पोर्ट्स 2 (इंग्लिश कमेंट्री), और Unite8 स्पोर्ट्स 2 HD (इंग्लिश कमेंट्री) पर मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। वहीं इनकी लाइव स्ट्रीमिंग जी5 ऐप और जी5 की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकेगी।

ईशान किशन ने बताया इंग्लैंड में जीत का स्वाद चखना है तो बल्लेबाजों को करना होगा यह (Video)

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मानना ​​है कि भारत को इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहतर तरीके से ढलना होगा और बीच के ओवरों में धीमी गति से बल्लेबाजी करने की समस्या से निजात पाना होगा जिसके कारण उसे दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।भारत अपने पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत हासिल नहीं कर पाया है।

आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला का पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था जबकि दूसरे मैच में वह चार विकेट से हार गया था। इस मैच में भारतीय टीम बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाई थी।

किशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बिल्कुल उनके पास गेंदबाजी के सबसे अच्छे विकल्प होंगे। उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी। लेकिन हम भी सुधार की कोशिश कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाड़ी हमारे खिलाफ क्या कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ज्यादा जानकारी है। हमें यह समझना होगा कि हम एक टीम के रूप में 20 अतिरिक्त रन कहां बना सकते हैं। हम इस पर बात करेंगे और आगे इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैच शुरू से ही हमारी पकड़ में था। मैच हमारे हाथ में था लेकिन दो फ्री हिट मिलने से इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव कम हुआ। उन्होंने इसका फायदा उठाया।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छी गेंदबाजी की। हमारी अपनी रणनीति थीं, लेकिन साथ ही, हमें बेथेल को इसका श्रेय देना होगा क्योंकि वह लंबे समय तक टिके रहे और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया।’’

किशन ने स्वीकार किया कि लगातार हार से मानसिकता में बहुत बड़ा फर्क पड़ता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इतने परिपक्व हैं कि वे एक टीम के रूप में हार को समझ सकते हैं और उससे उबर सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘भले ही हम जीत नहीं पाए लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम यह समझें कि हम कहां सुधार कर सकते हैं। हम सब सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

किशन ने कहा, ‘‘हारने से भी सोच पर प्रभाव पड़ता है लेकिन हम सभी इतने परिपक्व हैं जो यह समझते हैं कि क्या हो रहा है और एक टीम के रूप में हम कहां सुधार कर सकते हैं।’’

नॉवें के हालैंड ने अकेले दम पर ब्राजील को हराकर किया विश्वकप से बाहर

एर्लिंग हालैंड अंतिम क्षणों में किये गये दो गोलों की बदौलत नॉर्वे ने पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया है। इस जीत के साथ नॉर्वे ने टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। इस रोमांचक मुकबाले के हीरो एर्लिंग हालैंड ने मैच के आखिरी क्षणों (79वें और 90वें मिनट) में दो शानदार गोल दागकर नॉर्वे को जीत दिलाई। इंजरी टाइम में ब्राजील के लिए नेमार ने पेनल्टी से एक गोल किया, लेकिन यह हार टालने के लिए नाकाफी था।

पहले हाफ में खेल का रुख बिल्कुल अलग हो सकता था, जब ब्राजील के फॉरवर्ड मैथियस कुन्हा ने पेनल्टी हासिल की, लेकिन नॉर्वे के ओरजान नाइलैंड ने ब्रूनो गुइमारेस के कमजोर प्रयास को बचा लिया। कई मौको के बावजूद पहला हॉफ गोल रहित रहा। मुकाबले के तीनों गोल मैच के दूसरे हॉफ में आये।

ब्रेक के बाद नॉर्वे ने आक्रामक खेल दिखाया, जिसका श्रेय सोलबैकन के दो बड़े और शायद अप्रत्याशित बदलावों को जाता है। उन्होंने अलेक्जेंडर सोरलॉथ और एंटोनियो नुसा की जगह एंड्रियास शेल्डरुप और ऑस्कर बॉब को मैदान पर उतारा । वहीं ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी के बदलाव – जिनमें एंड्रिक और नेमार जैसे खिलाड़ी शामिल थे – ने शायद दर्शकों को खुश किया हो, लेकिन खेल पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
नॉर्वे का क्वार्टर फाइनल में मुकाबला मियामी में इंग्लैंड बनाम मैक्सिको के मैच के विजेता से होगा । ब्राजील के लिए, यह 36 वर्षों में विश्व कप से उनका सबसे जल्दी बाहर होना है।

कमजोर दिल वालों के लिए नहीं था Mexico-England मैच: मैक्सिको का दबदबा, इंग्लैंड का जज्बा: 10 खिलाड़ियों से खेलकर भी जीता ब्लॉकबस्टर मुकाबला

England Vs Mexico

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अगर अब तक किसी मुकाबले ने दर्शकों की धड़कनें सबसे ज्यादा बढ़ाई हैं, तो वह इंग्लैंड और मेजबान मैक्सिको के बीच खेला गया राउंड ऑफ 16 का मुकाबला रहा। यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं बल्कि रोमांच, संघर्ष, विवाद और साहस की ऐसी कहानी थी, जिसमें हर कुछ मिनट बाद मैच का रंग बदलता नजर आया। दो पेनल्टी, एक रेड कार्ड, पांच गोल और अंतिम सीटी तक बना सस्पेंस, इस मुकाबले में वह सब कुछ देखने को मिला जिसकी उम्मीद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले से की जाती है। आखिरकार इंग्लैंड ने 10 खिलाड़ियों के साथ लंबा समय खेलने के बावजूद 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया।

 

मुकाबले की शुरुआत खराब मौसम के कारण करीब एक घंटे की देरी से हुई, लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ, दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज दिखाया। शुरुआती आधे घंटे तक मैक्सिको ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाया। हालांकि असली धमाका 36वें मिनट में हुआ, जब बुकायो साका के शानदार मूव के बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

 

मैक्सिको इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि सिर्फ 98 सेकंड बाद 38वें मिनट में हैरी केन के शानदार पास पर बेलिंघम ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। दो मिनट के भीतर दो गोल ने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया और इंग्लैंड 2-0 से आगे निकल गया।

 

हालांकि मेजबान टीम ने हार नहीं मानी। 42वें मिनट में फ्री-किक के बाद जूलियन क्विनोनेस ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में फिर जान डाल दी और हाफ टाइम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ दिखाई दिया।

 

दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए मुश्किलों से भरी रही। डिफेंडर जारेल क्वांसाह ने जीसस गालार्डो पर खतरनाक टैकल किया। VAR समीक्षा के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। रेड कार्ड के फैसले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

England Vs Mexico

 

संख्यात्मक कमी के बावजूद इंग्लैंड ने हार नहीं मानी। 60वें मिनट में उसे पेनल्टी मिली और कप्तान हैरी केन ने कोई गलती नहीं करते हुए गेंद को गोल में भेज दिया। इंग्लैंड ने फिर दो गोल की बढ़त हासिल कर ली और स्कोर 3-1 हो गया।

 

लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था। 69वें मिनट में इंग्लैंड के बॉक्स में फाउल के बाद मैक्सिको को भी पेनल्टी मिली। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद पूरे स्टेडियम में रोमांच चरम पर पहुंच गया।

 

आखिरी 20 मिनट और फिर 11 मिनट के अतिरिक्त समय में मैक्सिको ने लगातार हमले किए। गेंद पर उसका नियंत्रण भी ज्यादा रहा और उसने इंग्लैंड के गोल पर कई खतरनाक मौके बनाए। लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव किए, जबकि डेक्लान राइस और जूड बेलिंघम ने डिफेंस में भी अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने हर हमले के सामने दीवार बनकर खड़े रहते हुए आखिर तक बढ़त बचाए रखी।

 

यह मुकाबला सिर्फ स्कोरलाइन के लिए नहीं, बल्कि इंग्लैंड के जज्बे के लिए भी याद रखा जाएगा। एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया और विश्व कप के सबसे कठिन नॉकआउट मुकाबलों में से एक जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं मैक्सिको ने पूरे मैच में दबाव तो बनाया, लेकिन मिले अवसरों को गोल में बदलने में वह इंग्लैंड जितना प्रभावी साबित नहीं हो सका। यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर बन गया।

डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन के बारे में 10 रोचक तथ्य

A photograph of Dr. Syama Prasad Mookerjee, a renowned educationist and the founder of the Bharatiya Jana Sangh

Dr Syama Prasad Mukherjee History: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के उन प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और राजनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक प्रख्यात शिक्षाविद, विधिवेत्ता, सांसद और दूरदर्शी राजनीतिक नेता थे। कम आयु में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने से लेकर स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य करने तक, उनका सार्वजनिक जीवन अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरा रहा। 

 

वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई वैचारिक दिशा देने का प्रयास किया, जिसका प्रभाव आगे के दशकों में भी दिखाई दिया। आज भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके राष्ट्रसेवा के संकल्प, शिक्षा के प्रति समर्पण, प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक योगदान के लिए याद किया जाता है। 

 

1. सबसे कम उम्र के कुलपति

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मेधावी छात्र थे। उन्होंने केवल 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता (कोलकाता) विश्वविद्यालय के कुलपति का पद संभाला था। वह इस पद पर बैठने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।

 

2. स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री

जब 1947 में भारत आजाद हुआ, तो प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। वे देश के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री (Minister for Industry and Supply) बने। सन् 1943 से 1946 तक वे अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष भी रहे थे।

 

3. नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा

जब नेहरू सरकार ने 1950 में पाकिस्तान के साथ 'नेहरू-लियाकत समझौते' पर हस्ताक्षर किए, तो डॉ. मुखर्जी इसके सख्त खिलाफ थे। पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

 

4. भारतीय जनसंघ की स्थापना

मंत्रिमंडल से हटने के बाद, उन्होंने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ (BJS) की स्थापना की। यही संगठन आगे चलकर 1980 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रूप में पुनर्गठित हुआ।

 

5. एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे

वे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 के घोर विरोधी थे। उन्होंने कश्मीर में अलग झंडे, अलग संविधान और वहां जाने के लिए परमिट (Permit) की व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' का यह प्रसिद्ध नारा दिया।

 

6. बिना परमिट कश्मीर में प्रवेश और गिरफ्तारी

उस समय भारत के नागरिकों को भी कश्मीर जाने के लिए परमिट की जरूरत होती थी। डॉ. मुखर्जी ने इस कानून को चुनौती देने के लिए मई 1953 में बिना परमिट के कश्मीर में प्रवेश किया, जिसके बाद उन्हें वहां की सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

 

7. बैरिस्टर की उपाधि और राजनीति में प्रवेश

उन्होंने इंग्लैंड (लंदन) के 'द ऑनरेबल सोसाइटी ऑफ लिंक्न्स इन' से कानून की पढ़ाई की और 1927 में बैरिस्टर बने। भारत लौटने के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए।

 

8. बंगाल विभाजन में अहम भूमिका

जब 1947 में भारत का विभाजन हो रहा था, तब उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ा संघर्ष किया कि मुस्लिम लीग पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल न कर पाए। उन्हीं के प्रयासों के कारण हिंदू बहुल पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा।

 

9. 'महाबोधि सोसाइटी' के अध्यक्ष

वे केवल राजनीति तक सीमित नहीं थे। वे बौद्ध धर्म और संस्कृति के प्रति गहरा सम्मान रखते थे। वे महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे और उन्होंने सांची में बौद्ध अवशेषों को सुरक्षित रखने और एशियाई देशों में इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

 

10. रहस्यमयी परिस्थितियों में निधन

23 जून 1953 को कश्मीर में नजरबंदी के दौरान ही अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु आज भी एक रहस्य बनी हुई है, क्योंकि उनकी मां और कई बड़े नेताओं ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसे तत्कालीन सरकार ने स्वीकार नहीं किया था। उन्हें 'महान देशभक्त और शहीद' के रूप में याद किया जाता है।

 

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7 विकेट से इंग्लैंड को हराकर 7वीं बार T-20I विश्व चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलिया

AUSvsENG ऑस्ट्रेलिया ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चिर-प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को रविवार को एकतरफा अंदाज में सात विकेट से हराकर सातवीं बार महिला टी 20 चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।इंग्लैंड ने नैटली सिवर-ब्रंट (नाबाद 58) के शानदार अर्धशतक और उनकी फ़्रेया केंप (नाबाद 44) के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 गेंदों में 80 रन की अविजित साझेदारी की बदौलत चार विकेट पर 150 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने बेथ मूनी (64) के बेहतरीन अर्धशतक से 17.1 ओवर में तीन विकेट पर 153 रन बनाकर खिताब अपने नाम किया। इंग्लैंड ने पांच वाइड रन दिए और ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन बन गया। ऑस्ट्रेलिया इससे पहले 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 में चैम्पियन रहा था।

बेथ मूनी ने फ़ीबी लिचफ़ील्ड (48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 100 रन की मैच विजयी साझेदारी की। बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की अपनी पारी में 10 चौके लगाए। इस हार के साथ इंग्लैंड का 2009 के बाद दूसरी बार यह खिताब जीतने का सपना टूट गया।इससे पहले इंग्लैंड ने 150 रन बना लिए थे, लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया को रोकने के लिए काफी नहीं थे।

ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में दो विकेट मिले और उन्होंने दबाव भी बनाए रखा। कप्तान नैटली सिवर-ब्रंट ने संभलकर खेलने का फैसला किया। कैपसी ने उनका अच्छा साथ दिया और जब उन्होंने तेज़ी से रन बनाना शुरू किया, तो मोलिनक्स ने उन्हें आउट कर दिया।

गार्थ ने शानदार स्लोअर बॉल डालकर नाइट को जल्दी आउट कर दिया। फ्रेया केम्प क्रीज़ पर आईं और इंग्लैंड को जिस तेज़ी की ज़रूरत थी, वह उन्होंने दी। 80 रन की नाबाद साझेदारी में उन्होंने आक्रामक भूमिका निभाई। सिवर ब्रंट ने कोशिश की लेकिन अंत में तेज़ी से रन नहीं बना सकीं।

एक छोर संभाले रखते हुए उन्होंने अपना 20वां टी 20 अर्धशतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम फील्डिंग में उतनी सटीक नहीं रही; उन्होंने कुछ रन-आउट के मौके गंवाए और कुछ रन भी आसानी से दे दिए। गार्थ और हैमिल्टन ने कसी हुई गेंदबाजी की।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर उठे सवालों का BCCI ने दिया जवाब, चयन प्रक्रिया पर तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड के पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला था। टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों पर भरोसा जताया था। दूसरे टी20 में वैभव को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। वहीं अपने पहले मैच में वैभव 14 रन बनाकर आउट हुए। टीम में वैभव के सेलेक्शन पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे।

वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद टीम चयन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में मौका सिर्फ अच्छे प्रदर्शन और काबिलियत के आधार पर मिलता है, किसी दबाव या सिफारिश से नहीं।

राजीव शुक्ला ने क्या कहा

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ANI से कहा, “वैभव सूर्यवंशी को उनके डेब्यू और यह मौका मिलने पर मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। BCCI किसी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं करता। जो खिलाड़ी अपनी काबिलियत के दम पर मौका पाने के हकदार होते हैं, उन्हें टीम में जगह जरूर मिलती है। सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही थी कि कुछ खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जा रहा है और इसके लिए कोच व कप्तान की आलोचना भी की जा रही थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था।”

जब टीम को सही लगा तब दिया मौका

BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ किया था कि वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर जरूर मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जब टीम मैनेजमेंट को सही समय लगेगा, तब उसे मौका दिया जाएगा और अब ऐसा ही हुआ। मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव आगे चलकर शानदार प्रदर्शन करेगा और भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगा। टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।”

पहले मैच में 14 रन बनाकर हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही बड़ी पारी से शुरू नहीं हुआ। अपने पहले मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और इस दौरान दो शानदार छक्के भी लगाए। विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। वहीं इस मुकाबले में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी होगी। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी होगी। बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम दिया गया है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के लिए भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आगामी क्रिकेट सीजन की तैयारी तेज कर दी है।

प्रैक्टिस करते नजर आए बुमराह

हाल ही में वह अहमदाबाद में प्रैक्टिस के दौरान लाल गेंद से गेंदबाजी करते नजर आए। बुमराह ने अपने इंस्टाग्राम पर ट्रेनिंग सेशन की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें वह पूरी लय के साथ प्रैक्टिस करते दिखे। आईपीएल के बाद छोटे ब्रेक के बाद वह गुजरात की घरेलू टीम के खिलाड़ियों के साथ लगातार नेट्स में पसीना बहा रहे हैं, ताकि आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।

 

इंग्लैड के खिलाफ खेलेंगे मुकाबला

जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज से आराम दिया गया है, ताकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट संभाला जा सके। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। यह सीरीज 14 जुलाई से बर्मिंघम में शुरू होगी, जबकि इसके बाद बाकी मुकाबले 16 जुलाई को कार्डिफ और 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेले जाएंगे।

इससे पहले कब खेले थे वनडे मैच

इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह लंबे समय बाद 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद कोई वनडे मैच नहीं खेला था, क्योंकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट रखने के लिए उन्हें आराम दिया गया था। हाल ही में वह अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टेस्ट और वनडे सीरीज का भी हिस्सा नहीं थे। अब बुमराह सितंबर में जापान के एशियन गेम्स में टी20 टीम से जुड़ेंगे और इसके बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी भारतीय गेंदबाजी की अहम जिम्मेदारी संभालते नजर आएंगे।

न्यूजीलैंड से होगा भारत का मुकाबला

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दोनों मुकाबले स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होंगे। इसके बाद भारत नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की अहम सीरीज खेलेगा। फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारत नौ मैचों के बाद 48.15 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह का अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम की नजर WTC फाइनल में जगह बनाने पर होगी।

जसप्रीत बुमराह का टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अब तक 52 टेस्ट मैचों में 234 विकेट और 89 वनडे मुकाबलों में 149 विकेट अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि श्रीलंका दौरा उनके करियर का पहला मौका होगा, जब वह वहां टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे।