मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम 26 जुलाई: 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, 3 में ऑरेंज, गुजरात से बंगाल तक इन 17+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते आफत की बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, गुजरात और कोंकण-गोवा में ऑरेंज अलर्ट के तहत बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। साथ ही उत्तर, पूर्वोत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के 17 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 26 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

2 राज्यों के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 26 जुलाई को दो राज्यों में बादलों का भीषण जमावड़ा रहेगा और अत्यधिक बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है-

मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में गर्जना के साथ अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट, बहुत भारी बारिश का अनुमान

IMD ने देश के तीन प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश होगी, जिससे कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। गुजरात के इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा और बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

इन 17+ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 17 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है-

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी भारत: झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में भारी वर्षा की संभावना है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर सचेत किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात राज्य, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

तूफानी बारिश की चेतावनी: 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 7 दिन ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी व उससे लगे पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम बुलेटिन जारी कर ओडिशा और गुजरात में आफत की बारिश की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही देश के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात क्षेत्र में अत्यंत भीषण बारिश (≥30 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा सौराष्ट्र व कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और झारखंड में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) और गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण व गोवा, ओडिशा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आने वाले सात दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

2 राज्यों के लिए अत्यंत भारी बारिश की वॉर्निंग

गुजरात: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 25 जुलाई 2026 को गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी 25 और 26 जुलाई को ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।

ओडिशा: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा में 25 और 26 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। राज्य में 25 से 28 जुलाई के दौरान मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 25 से 31 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश और भारी वर्षा की संभावना है। 25 से 31 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 25-27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिशॉ हो सकती है। उत्तराखंड में 25-26 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश तथा 27 से 29 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: पंजाब में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को तथा हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में 28-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। पंजाब में 25, 27 और 30-31 जुलाई को तथा दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा में 27 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं 28 और 29 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 28-31 जुलाई और पूर्वी यूपी में 27-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी में 29-31 जुलाई को भारी बारिश और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान में 25 जुलाई को तथा पूर्वी राजस्थान में 30-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 जुलाई को पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान दोनों हिस्सों में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rain) हो सकती है।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश: पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-30 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 25-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-31 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 26-31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 25 से 31 जुलाई तक गरज-चमक का अलर्ट जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 25 और 28-31 जुलाई तथा विदर्भ में 29-31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 26 और 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गांगेय पश्चिम बंगाल में 25 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 26-27 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27-31 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 25-27 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चलेंगी।

झारखंड और बिहार: झारखंड में 25 से 28 जुलाई तक तथा बिहार में 27 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार में 27 से 31 जुलाई के बीच मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा के साथ 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 26 से 31 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।

असम और मेघालय: 27 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी, जबकि 30 और 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 25 से 31 जुलाई के दौरान पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहेगी। 25 और 26 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य महाराष्ट्र: 25 और 26 जुलाई को घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के अलावा 27 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

गुजरात क्षेत्र व सौराष्ट्र-कच्छ: 25 जुलाई को गुजरात राज्य में अत्यंत भारी बारिश के बाद 26 जुलाई को गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र एवं कच्छ दोनों जगह बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 27 व 31 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

तटीय व आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। तटीय और दक्षिण व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

केरल और माहे: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होगी। 27 से 29 जुलाई के दौरान 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा: 25 से 27 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में 25 से 29 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

कल भारी बारिश-आंधी तूफान वाला मौसम: गुजरात के लिए रेड कलर वॉर्निंग, बाकी इन 20 राज्यों में भी मूसलाधार का अलर्ट

Mausam update 25 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर गुजरात में लगातार तीसरे दिन हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि अहमदाबाद के पॉश बोपाल इलाके में पानी बढ़ने की वजह से भारतीय सेना को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। सेना ने शुक्रवार दोपहर तक करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देश के कई इलाकों में मानसूनी हवाओं के असर से मौसम का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है।

मौसम विभाग ने एक बार फिर गुजरात राज्य के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए बेहद भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र के तटीय अंचलों और ओडिशा से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 25 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

गुजरात के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 25 जुलाई को गुजरात राज्य में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव के साथ तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 4 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 25 जुलाई को देश के चार प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी-

  • राजस्थान: राज्य के पूर्वी और पश्चिमी भागों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके पहाड़ी (घाट) क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वाकलन है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।

इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 25 जुलाई को देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है:

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के तटीय अंचलों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

Monsoon Rain Update: 7000 किलोमीटर लंबी बारिश की पट्टी दिखी! क्या उत्तर भारत में फिर एक्टिव होगा मानसून? IMD ने जारी किया नया अलर्ट

Monsoon Rain Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के अपने सबसे एक्टिव स्टेज में पहुंचने के बाद देश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश हो रही है। असम सहित कई इलाकों में बाढ़ जानलेवा हो गई है। इस बीच उपग्रह से कुछ ऐसी तस्वीरें शामने आई हैं जो इशारा कर रही हैं कि बारिश की इंटेसिटी और बढ़ने वाली है। असल में इन तस्वीरों में एशिया महाद्वीप के ऊपर 7000 से 10000 किलोमीटर लंबी बारिश की एक विशाल पट्टी (Rain Band) दिखाई दी है।

‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल मानसूनी प्रणाली उत्तर भारत से शुरू होकर हिमालय, चीन और दक्षिण कोरिया तक फैली हुई है। ये आने वाले दिनों में भारत के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का संकेत दे रही है।

इस क्लाउड स्ट्रक्चर को ‘मानसून कन्वर्जेंस जोन’ कहा जाता है। हिंद महासागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पूरे एशिया में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के बीच टकराव की वजह से ये बनते हैं। इसी वजह से फिलहाल हजारों किलोमीटर के दायरे में बारिश लाने वाले बादलों का नया कॉरिडोर लगातार बन रहा है।

सामान्य से 170-180% अधिक हुई बारिश

मौसम की इस णाली के सक्रिय होने से पूरे देश में मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दिनों में दर्ज की गई बारिश दैनिक सामान्य औसत से करीब 170 से 180 प्रतिशत अधिक रही है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे मजबूत और आक्रामक बारिश का स्पेल साबित हो रहा है। इस मानसूनी दौर की वजह से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहले से ही भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है।

फसलों और जल स्तर को मिलेगा भारी फायदा

आपको बता दें कि मानसून के असमान शुरुआती दौर की वजह से देश के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन बारिश का यह ताजा दौर मौसमी प्रदर्शन में बड़ा सुधार लाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बारिश से उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कमी में काफी कमी आएगी। इसके अलावा जलाशयों का जल स्तर सुधरेगा और खरीफ की फसलों को भी इससे बड़ा फायदा पहुंचेगा।

बाढ़ और भूस्खलन का बढ़ा खतरा

लगातार हो रही भारी बारिश के फायदों के साथ-साथ प्रशासन इसके खतरों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है। पूर्वानुमान बताते हैं कि मानसून का यह सक्रिय चरण इस पूरे सप्ताह जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अचानक बाढ़ की स्थिति, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जल स्तर में तेज बढ़ोतरी का खतरा बड़ा हो गया है। खासकर पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इन खतरों को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पूरे एशिया से जुड़ी है भारतीय मानसून प्रणाली

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भारत का मानसून पूरे एशिया में फैले एक बहुत बड़े वायुमंडलीय तंत्र का हिस्सा है। वर्तमान परिसंचरण अरब सागर से लेकर पूर्वी एशिया तक फैला हुआ है, जो कई देशों की मौसमी प्रणालियों को आपस में जोड़ता है और एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में बारिश को प्रभावित कर रहा है।

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हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश की होगी एंट्री तो इन राज्यों को भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, IMD ने बताया कब बदलेगा मौसम

इस सप्ताह दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून और मजबूत होगा। इसके चलते हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है।

IMD ने बताया कि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है। वहीं, दिल्ली में भी बारिश के कारण पिछले सप्ताह की गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

दिल्ली में मौसम बदलेगा, बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

मौसम  विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश वाले बादलों के पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट आएगी और मंगलवार तक यह करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सप्ताह के बाकी दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, रविवार से दिल्ली में आंधी, गरज-चमक और रुक-रुक कर बारिश शुरू हो सकती है। वहीं, सोमवार से बुधवार के बीच बारिश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पूरे सप्ताह राहत भरा रहेगा दिल्ली का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के दिनवार पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में इस सप्ताह तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान 40°C, सोमवार को 37°C, मंगलवार को 30°C, बुधवार को 33°C, गुरुवार को 35°C, शुक्रवार को 36°C और शनिवार को 32°C रहने का अनुमान है। यह पिछले कुछ दिनों की तेज गर्मी और उमस की तुलना में काफी राहत देने वाला रहेगा।

दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में भी मौसम बदलने की संभावना है। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 34°C से 39°C, गुरुग्राम में 34°C से 40°C और फरीदाबाद में 29°C से 32°C के बीच रहने का अनुमान है। फरीदाबाद में बाकी शहरों की तुलना में मौसम थोड़ा ठंडा रहने की उम्मीद है। दिल्ली और एनसीआर के अलावा, मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। खासकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

वहीं, मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय मानसून के कारण लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का असर पश्चिमी और दक्षिण भारत में भी देखने को मिलेगा। कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कई जगह अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

Rain Alert: 4 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! यूपी से लेकर बिहार और बंगाल तक आज भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Today 17 July: देश भर में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 जुलाई उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations / चक्रवाती सिस्टम) सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम ने विकराल रूप ले लिया है।

इसके साथ ही तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कुछ मैदानी इलाकों में अत्यधिक उमस व गर्मी का भी पूर्वानुमान है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 4 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसी सिस्टम से लेकर छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात राज्य होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

4 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम: पहला सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के इलाके में सक्रिय है। दूसरा सिस्टम उत्तरी हरियाणा और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर सक्रिय है। चौथा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्र में बना हुआ है। इन प्रणालियों के बीच 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने के लिए एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ भी तैयार हो रहा है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने तीन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तरी ओडिशा और झारखंड से सटे इलाकों में बने सिस्टम के कारण यहाँ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहांआज बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आज कुछ जगहों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के 11 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी यूपी और बिहार से सटे इलाकों में चक्रवाती सिस्टम की मौजूदगी के चलते आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज झमाझम भारी बारिश का दौर चलेगा। गांगेय पश्चिम बंगाल के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में आज भारी बारिश आफत बन सकती है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (पूर्वी) में आज कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) का खतरा

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-बवंडर और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आज बिजली कड़कने और गरज-चमक का अलर्ट है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज काफी तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

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कुछ इलाकों में लू और उमस भरी गर्मी का टॉर्चर

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच कुछ राज्यों के लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ अलग-अलग हिस्सों में आज लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और अत्यधिक उमस भरा रहने वाला है।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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