Weather Update Friday: बिहार, ओडिशा, सिक्किम संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

शुक्रवार, 18 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है, वहीं कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में बारिश को लेकर खास तौर पर नजर रहेगी। दूसरी ओर दिल्ली-NCR में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन गर्मी के साथ आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। ऐसे में जानिए शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

सिक्किम, पश्चिम बंगाल में तेज बारिश का असर

शुक्रवार को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। यहां 17 से 19 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। सिक्किम में इससे पहले भी काफी तेज बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में मंगन में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में भी यहां मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।

बिहार और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के बिहार और ओडिशा में भी शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के पीछे बने मौसमी सिस्टम का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा झारखंड समेत आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली-NCR में गर्मी के साथ छाए रहेंगे बादल

दिल्ली-NCR में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यानी दिल्ली वालों को फिलहाल तेज बारिश के बजाय गर्म और बादलों वाला मौसम देखने को मिल सकता है।

मुंबई और बेंगलुरु में भी हो सकती है बारिश

मुंबई और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में 18 और 19 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। गुजरात में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के दूसरे इलाकों में शुक्रवार को हल्की से छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा कई दूसरे राज्यों में भी हाल के दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है, इसलिए मौसम को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का दौर और बदल सकता है। उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना मौसमी सिस्टम आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर के पास पहुंच सकता है। इसके असर से 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में इन इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए भी मौसम की स्थिति धीरे-धीरे अनुकूल हो रही है। यानी देश में कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है, तो कुछ हिस्सों में मॉनसून की विदाई की शुरुआत देखने को मिल सकती है।

कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारी

IMD Mausam Bulletin: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर भारत के राजस्थान से लेकर पूर्व में बिहार, ओडिशा और दक्षिण भारत के तमिलनाडु व केरल तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार, राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 18 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर और पूर्व भारत की बात करें तो बिहार, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत और द्वीप समूह में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर भारी पानी बरसने के आसार हैं।

अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार, राजस्थान, गुजरात और बंगाल में 30 से 40 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

देश के उत्तर-पश्चिमी, पूर्वी, मध्य और पश्चिमी राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में अलग जगहों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड, असम और केरल में बिजली कड़कने की आशंका, यहां गर्म व नम रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ दक्षिणी क्षेत्रों में बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है। केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

Clipboard08कहुर

समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री इलाकों में तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

ये भी पढ़ें- UPI MDR Charges Row: यूपीआई पेमेंट पर चार्ज को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन में फूट! मोदी सरकार को मिला CM उमर अब्दुल्ला का साथ

दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे क्षेत्रों और दक्षिणी अंडमान सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

आज का मौसम: बिहार से बंगाल तक भारी बारिश और 50 kmph स्पीड तक आंधी! 17 सितंबर को इन राज्यों में बिगड़ेगा मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Weather Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के दौरान हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, गुजरात, तमिलनाडु और केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश होगी। इसके साथ ही कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहेगा। बिहार में 17 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, गांगेय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पृथक क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं। IMD ने 17 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी व्यापक बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर और पश्चिम भारत: आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

उत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ के क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना है। यहां आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में 40-50 kmph की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। केरल और माहे में व्यापक बारिश की संभावना है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-NCR का मौसम: हल्की बारिश और तापमान का हाल

दिल्ली-एनसीआर में 17 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर से पहले के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32°C से 34°C और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3°C तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाएं सुबह के समय 10 किमी/घंटे और दोपहर में 15 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। बाद में शाम के समय शांत हो जाएंगी।

17 सितंबर के बाद कैसा रहेगा देश का मौसम?

IMD के मुताबिक 17 सितंबर के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 18 और 19 सितंबर को व्यापक बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 19 सितंबर से व्यापक वर्षा की शुरुआत हो सकती है। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं।

उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर में उभरेगा। इसके प्रभाव से 19 सितंबर को उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें: Delhi NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह पलटा मौसम, तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर, IMD ने दिया ये अलर्ट

कल का मौसम 17 सितंबर: दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

Weather forecast for September 17: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों और मौसमी प्रणालियों के असर से झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर पूर्व में बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण में तमिलनाडु व केरल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

बिहार, बंगाल और केरल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 17 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 8 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर 40-50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने के आसार हैं।

राजस्थान, बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक मेंतेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।

यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार में बिजली चमकने की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 13 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। बिहार, उत्तर प्रदेश (पश्चिम राजस्थान व पूर्वी राजस्थान), मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की आशंका है।

समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

Clipboard09तरुकरुरत

दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिणी श्रीलंका तटों से लगे इलाकों तथा दक्षिणी अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

आज का मौसम: दिल्ली-एनसीआर समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बिहार से बंगाल तक जानिए कहां-कहां IMD ने दी आंधी-तूफान की चेतावनी

Weather Forecast Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण के केरल व तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल और झारखंड तक कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी पानी बरसने के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।

केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जताया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

बिहार से बंगाल, ओडिशा और राजस्थान तक आंधी-तूफान की चेतावनी

पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में पृथक स्थानों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली कड़कने का अनुमान

मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका है।

समुद्र में तूफानी हलचल: गुजरात तट से बंगाल की खाड़ी तक अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। यहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।

दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।

ये भी पढ़ें- Houthi attacks Mecca: सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच घातक युद्ध! पहली बार मक्का के हवाई क्षेत्र में घुसा ड्रोन, इमरजेंसी अलर्ट

ब्रिक्स की बातों से बनेगा क्या?

ब्रिक्स को लेकर कूटनीतिक और सामरिक जानकारों की राय बंटी हुई है। एक वर्ग ऐसा है, जो मानता है कि इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है और इससे भारत को कुछ भी हासिल नहीं होगा। सुरजीत भल्ला जैसे आर्थिक जानकार और राजेश राजगोपालन जैसे विश्व मामलों के जानकार इस श्रेणी में आते हैं। दूसरी ओर जानकारों का एक समूह है, जो मानता है कि यह पश्चिमी दुनिया के वर्चस्व के बीच संतुलन बनाने वाला मंच है और नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कि मौजूदा विश्व व्यवस्था के बीच एक वैकल्पिक बहुपक्षीय मंच उभरा है, जिसमें सबकी आवाज बराबर है और जो बहुत बड़े आर्थिक, राजनीतिक व सामरिक वजन वाला है। भाजपा और सरकार के लोगों के अलावा प्रतिष्ठित सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चैलानी इस राय के हैं। असल में वास्तविकता इन दोनों अतिवादी विचारों के बीच है। ब्रिक्स न तो बिल्कुल अप्रासंगिक है और न इतना प्रासंगिक है कि वह अमेरिका व यूरोप केंद्रित विश्व व्यवस्था को चुनौती दे सके या उसका विकल्प बन सके।

इस बात को समझने के लिए सबसे पहले ब्रिक्स सम्मेलन में बार बार दोहराए गए आंकड़ों की वास्तविकता समझने की जरुरत है। नई दिल्ली सम्मेलन की मेजबानी कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आंकड़ों को कई बार दोहराया तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इनका जिक्र किया। भारतीय मीडिया तो उन्हीं आंकड़ों पर खेल ही रहा है। जैसे कहा गया कि ब्रिक्स दुनिया की 50 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। यह मैटर ऑफ फैक्ट है, जिसे कोई चुनौती नहीं दे सकता। दुनिया के आठ अरब लोगों में से तीन अरब तो भारत और चीन में ही रहते हैं। लेकिन इसके बाद का जो आंकड़ा है उसे वस्तुनिष्ठ तरीके से देखने की जरुरत है। कहा गया कि ब्रिक्स देशों की जीडीपी 40 फीसदी है और जी 7 देशों की जीडीपी 29 फीसदी है। यह नहीं बताया गया कि यह आंकड़ा पीपीपी यानी परचेज पावर पैरिटी पर आधारित है। जब नॉमिनल जीडीपी यानी बाजार विनियम दर पर जीडीपी को देखते हैं तो  जी 7 देशों की जीडीपी 44 फीसदी है और ब्रिक्स की 29 फीसदी है। पीपीपी के आधार पर गणना में ब्रिक्स की जीडीपी इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि स्थानीय बाजार में कीमतें कम हैं और लोगों के जीवन यापन का खर्च भी बहुत कम है।

इन आंकड़ों का हवाला देने वाले इस सामान्य बात की भी अनदेखी कर देते हैं कि ब्रिक्स में से चीन की अर्थव्यवस्था को निकाल दें तो कुछ नहीं बचता है। अगर ब्रिक्स की ऩॉमिनल जीडीपी 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर की है तो उसमें अकेले चीन की जीडीपी करीब 21 ट्रिलियन की है। एक आंकड़ा यह भी दिया गया कि ब्रिक्स देशों की साझा आय़ 2011 में 21.9 फीसदी थी, जो 2025 में बढ़ कर 28.9 फीसदी हो गई। यानी करीब डेढ़ दशक में इसमें सात फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इसमें से चीन को निकाल दें तो बाकी दस देशों की साझा आय इसी अवधि में 11.9 से घट कर 11.5 फीसदी हो गई है। असल में विश्व की आय में चीन की हिस्सेदारी 2011 में 10 फीसदी थी, जो 2025 में बढ़ कर 17.4 फीसदी हुई है। जीडीपी, आय और व्यापार के आंकड़ों के बीच इस बात को भी छिपा दिया गया कि ब्रिक्स के देश आपस में सात से आठ सौ बिलियन डॉलर का कारोबार करते हैं, जबकि पश्चिमी देशों खास कर जी 7 देशों के साथ उनका व्यापार सात से आठ ट्रिलियन डॉलर का है। यानी आपसी व्यापार से दस गुने के बराबर। इसलिए आधे अधूरे आंकड़ों के आधार पर ब्रिक्स देशों को महान अर्थव्यवस्था या महान सामरिक ताकत वाला बताने की जरुरत नहीं है। उसकी असल ताकत चीन है।

ब्रिक्स देशों ने कुछ समय पहले बहुत जोर शोर से प्रचार किया था कि डॉलर का वर्चस्व खत्म करने के लिए ब्रिक्स की नई मुद्रा लाई जाएगी। कई देशों ने मिल कर चीन की मुद्रा को आपसी लेन देन का माध्यम बनाने का प्रयास भी किया था। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति की एक घुड़की के बाद सारे प्रयास बंद हो गए। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर किसी ने कोई वैकल्पिक मुद्रा बनाने का प्रयास किया तो सौ फीसदी टैरिफ लगाएंगे। उसके बाद सारे देश पीछे हट गए। अब बात स्थानीय मुद्रा में कारोबार की हो रही है। कुल मिला कर ब्रिक्स एक ऐसा मंच है, जिस पर व्यापार की बातें हो सकती हैं और कुछ सामरिक चर्चा भी संभव है। लेकिन सभी देशों को चीन की विस्तारवादी नीतियों से सावधान रहते हुए काम करना होगा। उनको ध्यान रखना होगा कि चीन और रूस मिल कर इस मंच को अमेरिका और पश्चिमी दुनिया के विरोध में न खड़ा कर दें। इससे उन दोनों को कोई खास नुकसान नहीं होगा लेकिन बाकी देशों के लिए मुश्किल होगी। पुतिन और जिनपिंग दोनों भी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दोस्ताना बढ़ा रहे हैं। इसी महीने जिनपिंग अमेरिका जाएंगे और नवंबर में राष्ट्रपति ट्रंप चीन का दौरा करेंगे, जहां पुतिन भी मौजूद रहेंगे।

बहरहाल, इसमें कोई संदेह नहीं है कि ब्रिक्स का नई दिल्ली में आयोजन सफल रहा। इस सफल आयोजन से भारत का वजन भी कुछ बढ़ा है लेकिन असल में क्या हासिल हुआ है या क्या हासिल होगा? ‘नई दिल्ली घोषणा’ के हवाले से कहा गया कि चीन और रूस संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद में सीट के लिए भारत का समर्थन करेंगे। हालांकि उसमें सिर्फ इतना लिखा हुआ है कि भारत की बड़ी भूमिका का समर्थन किया जाएगा। लेकिन सबको पता है कि 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन हुआ था, जिसमें यह मुद्दा उठा था और तब कहा गया था कि सुरक्षा परिषद में अफ्रीकी देशों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, यह तय नहीं है और इस आधार पर मामले को टाल दिया गया था। उसके पीछे चीन का हाथ था। चीन कतई नहीं चाहेगा कि भारत सुरक्षा परिषद का सदस्य बने।

चीन के साथ भारत के संबंध कैसे रहते हें इस पर भी ब्रिक्स का भविष्य टिका हुआ है। जहां तक चीन और भारत के संबंधों की बात है तो वह तीन मुद्दों से जुड़ा है। पहला, पाकिस्तान के प्रति चीन का क्या रुख रहता है। दूसरा, हिमालय में भारत व चीन के नियंत्रण वाली रेखा को लेकर उसका क्या रुख रहता है और तीसरा, व्यापार को लेकर वह भारत को छूट देता है या नहीं। गौरतलब है कि पाकिस्तान उसका ऑल वेदर फ्रेंड है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने उसकी मदद की थी। अगर उसका यही रवैया रहा तो भारत का विश्वास नहीं बहाल होगा। जहां तक सीमा की बात है तो चीन लगातार भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रहा है और अफसोस की बात है कि भारत सरकार उसके हिसाब से समझौते कर रही है। व्यापार के मामले में भी चीन दुर्लभ खनिज और प्रौद्योगिकी भारत को देने में हिचकता है। गौरतलब है कि भारत और चीन के व्यापार में भारत का घाटा बहुत बड़ा है। भारत के पास अपना विनिर्माण का इकोसिस्टम बहुत मजबूत नहीं है। चीन इसका फायदा उठाता है। सो, अगर चीन की शर्तों पर भारत उसके साथ संबंध रखे तब तो सारी चीजें ठीक चलेंगी, जिस दिन भारत ने अपनी शर्तें रखनी शुरू की उसी दिन से सब बिगड़ने लगेगा।

अब चारधाम जाना होगा बेहद आसान, दिल्ली से ऋषिकेश सिर्फ 2.5 घंटे में! इस प्रोजेक्ट का 75% काम पूरा

Delhi To Rishikesh Namo Bharat: दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड और चारधाम जाने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। आने वाले समय में दिल्ली से ऋषिकेश का सफर सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा, जबकि कर्णप्रयाग तक का सफर जो सड़क मार्ग से 12-13 घंटे लेता है, वह महज 5 से 6 घंटे में पूरा हो जाएगा।

यह मुमकिन होने जा रहा है सरकार के दो बड़े रेल प्रोजेक्ट्स के कारण। पहला, प्रस्तावित मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत कॉरिडोर और दूसरा, निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन। आइए आपको बताते हैं कि यह पूरा प्रोजेक्ट क्या है, इसका काम कहां तक पहुंचा है और इससे श्रद्धालुओं को क्या-क्या सहूलियतें मिलेंगी।

सिर्फ 2.5 घंटे में दिल्ली से ऋषिकेश

दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत (RRTS) ट्रेन की कनेक्टिविटी पहले से ही चालू है। अब सरकार इस कॉरिडोर को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। अगर यह प्रोजेक्ट तय योजना के तहत पूरा होता है, तो दिल्ली-एनसीआर के लोग महज 2 से 2.5 घंटे में ऋषिकेश पहुंच जाएंगे। वीकेंड पर दिल्ली-देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर लगने वाले घंटों के ट्रैफिक जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का 6 घंटे का सफर अब मात्र 2 घंटे में!

गढ़वाल के दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर सफर को आसान बनाने के लिए 127 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट का लगभग 75% सिविल वर्क पूरा हो चुका है। हाल ही में 11 सितंबर को 10 किमी लंबी ‘एस्केप टनल-1’ का ब्रेकथ्रू सफलता पूर्वक हासिल किया गया। हिमालय के कठिन और संवेदनशील इलाकों से गुजरने के कारण 127 किमी लंबे इस रूट का 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों के भीतर से गुजरेगा।

कब चालू होगी ट्रेन?

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवपुरी-ब्यासी तक का सेक्शन 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि कर्णप्रयाग तक की पूरी रेल लाइन 2029 तक शुरू हो जाएगी। बता दें कि वर्तमान में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग जाने में सड़क मार्ग से 6 से 7 घंटे लगते हैं, लेकिन ट्रेन शुरू होने के बाद यह दूरी सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में तय हो जाएगी।

केदारनाथ और बद्रीनाथ के श्रद्धालुओं को कैसे मिलेगा फायदा?

यह रेलवे लाइन सीधे केदारनाथ या बद्रीनाथ मंदिर तक तो नहीं पहुंचेगी, लेकिन यह श्रद्धालुओं को मुख्य बेस कैंप के बहुत करीब पहुंचा देगी:

बद्रीनाथ जाने वालों के लिए: यात्री ट्रेन से सीधे कर्णप्रयाग उतरेंगे और वहां से सड़क मार्ग (बस या टैक्सी) के जरिए जोशीमठ होते हुए बेहद कम समय में बद्रीनाथ पहुंच सकेंगे।

केदारनाथ जाने वालों के लिए: ट्रेन से रुद्रप्रयाग या तिलणी स्टेशन उतरकर यात्री सीधे सोनप्रयाग/गौरीकुंड के लिए सड़क मार्ग ले सकेंगे, जो केदारनाथ पैदल यात्रा का मुख्य पड़ाव है।

बुजुर्गों के लिए वरदान: पहाड़ों के संकरे और घुमावदार रास्तों पर घंटों बस या कार में सफर करना बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए काफी तकलीफदेह होता था। ट्रेन चलने से उनका सफर बेहद आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगा।

गढ़वाल के 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर

यह रेल लाइन उत्तराखंड के 5 प्रमुख पहाड़ी जिलों से होकर गुजरेगी: देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली।

12 नए रेलवे स्टेशन: इस रूट पर 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं जिनमें ऋषिकेश, मुनि की रेती, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, मलेथा, श्रीनगर गढ़वाल, तिलणी, गौचर और कर्णप्रयाग शामिल हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: यात्रा और पर्यटन के अलावा, इस रेल नेटवर्क से स्थानीय निवासियों, किसानों, व्यापारियों और सेब-फल उत्पादकों को अपनी उपज बड़े शहरों के बाजारों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

Namo Bharat: 3 घंटे नहीं अब 90 मिनट में पूरा होगा दिल्ली-करनाल का सफर! नमो भारत के नए रूट पर बड़ा अपडेट

चारधाम यात्रा के लिए रेलवे का यह इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट उत्तराखंड के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। जब दिल्ली से कर्णप्रयाग का पूरा सफर 12 घंटे से घटकर महज 5-6 घंटे रह जाएगा, तो इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं का समय और पैसा बचेगा, बल्कि मानसून और भूस्खलन के समय होने वाली दुर्घटनाओं में भी काफी कमी आएगी।

कल का मौसम: 16 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

Weather update for September 16: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। अलग अलग मौसमी प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में कई जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मूसलाधार पानी बरस सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आंधी व तेज हवाओं की चेतावनी

देश के विस्तृत मैदानी और तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली चमकने का अनुमान

मौसम विभाग ने देश के 9 से अधिक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने की पूरी संभावना जताई गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट: मछुआरों को हिदायत

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसमबना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।

Clipboard16करपकचर

दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। ये बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।

Weather Alert: गुजरात में बेहद भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी IMD का अलर्ट! 19 सितंबर से मानसून की वापसी

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसम

पूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

तटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़ें- अमेरिकी स्पेस फोर्स का बड़ा खुलासा, पहली बार माना कि अंतरिक्ष में भी उसने तैनात किए हथियार, ये कैसी तैयारी?

कल का मौसम: 15 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 सितंबर के लिए देश भर का ताजा मौसम पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत देश के 10 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की आशंका है। मानसून की विदाई चरण के बीच कई मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर, दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा समेत इन 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 15 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 10 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में बारिश का दौर तेज रहने वाला है, जहां अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार पानी बरस सकता है।

पश्चिम भारत में गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत में केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान, बिहार और जम्मू-कश्मीर में आंधी के साथ बिजली कड़कने का अनुमान

देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म के साथ 30-40 किमी/घंटे की गति से आंधी चलने का अलर्ट है।

यूपी, एमपी समेत 16 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की आशंका

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात तट और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्ट

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर से समुद्री स्थिति प्रतिकूल बनी रहेगी। सोमालिया तट के साथ और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तटों पर 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है।