NHC Foods का रेवेन्यू 73% बढ़कर ₹601 करोड़ पहुंचा, एग्री कमोडिटी कारोबार में विस्तार

एग्री कमोडिटी सेक्टर की कंपनी NHC Foods Ltd ने पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 73% बढ़कर ₹601 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹348 करोड़ था। कंपनी का बिना ऑडिट वाला कंसोलिडेटेड मुनाफा ₹12 करोड़ से ज्यादा रहा।

कंपनी का EBITDA बढ़कर ₹21.95 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹16.42 करोड़ था। यानी इसमें 34% की बढ़ोतरी हुई। बेसिक EPS ₹0.20 प्रति शेयर रहा।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सत्यम शिरीषचंद्र जोशी ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत बिजनेस फंडामेंटल्स को दिखाते हैं। उनके मुताबिक ऑपरेशनल दक्षता और क्वालिटी पर फोकस का असर सीधे वित्तीय प्रदर्शन में दिखा है। उन्होंने कहा कि बाजार की प्रतिक्रिया निवेशकों के भरोसे को भी मजबूत करती है।

FCCB कन्वर्जन से बढ़ा कैपिटल बेस

कंपनी ने Global Focus Fund को 10.41 करोड़ पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। यह आवंटन 11 लाख डॉलर के FCCB के आंशिक कन्वर्जन के बाद हुआ। इसके बाद कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़कर ₹76.19 करोड़ हो गई।

एग्री कमोडिटी कारोबार में विस्तार

कंपनी के बोर्ड ने AgriConnect Solutions Pvt Ltd में प्रस्तावित निवेश और अधिग्रहण के लिए लेटर ऑफ इंटेंट को मंजूरी दी है। यह कंपनी एग्री कमोडिटीज की सप्लाई और ट्रेडिंग के कारोबार में है। कंपनी का मानना है कि इससे इस सेगमेंट में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी।

कंपनी का बिजनेस क्या है

NHC Foods Ltd एग्री कमोडिटी एक्सपोर्ट और फूड ट्रेडिंग सेक्टर की कंपनी है। यह मसाले, तिलहन, अनाज, दालें, चीनी, चाय, कॉफी और दूसरी कृषि जिंसों की खरीद, प्रोसेसिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी B2B मॉडल के जरिए कुछ देशों में फूड प्रोडक्ट्स का निर्यात करती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NTPC Green की सब्सिडरी को बड़ी सफलता, बिजली सप्लाई की बड़ी डील पर भागेगा शेयर! 24 अगस्त को रहेगी नजर

NTPC Green Energy Share Price: एनटीपीसी के एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी को बड़ी सफलता मिली है। कंपनी ने 22 अगस्त को इसके बारे में एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी। इसे सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) की 6000 MWh की एश्योर्ड पीक वार टेंडर में 500 मेगावाट की कॉन्ट्रैक्टेड कैपेसिटी मिली है। इसके लिए प्रति किलोवाट घंटा का टैरिफ ₹6 तय किया गया है। ऐसे में जब सोमवार 24 अगस्त को मार्केट खुलेगा तो शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 21 अगस्त को बीएसई पर यह 0.57% की गिरावट के साथ ₹91.33 पर बंद हुआ था।

इसके शेयर 27 नवंबर 2024 को मार्केट में लिस्ट हुए थे और आईपीओ निवेशकों को यह ₹108 के भाव पर जारी हुआ था। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर 4 दिसंबर 2024 को ₹155.30 के रिकॉर्ड हाई लेवल और 2 फरवरी 2026 को ₹84.08 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर थे।

किस नीलामी में मिली सफलता

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक टेंडर के लिए ई-रिवर्स ऑक्शन शुक्रवार 21 अगस्त को हुआ। यह टेंडर इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) से जुड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। इसमें सेबी ने हाई डिमांड वाले टाइम में 4 घंटे के लिए 1500 मेगावाट के हिसाब से से 6 हजार मेगावाट बिजली की व्यवस्था करने का टेंडर निकाला यानी कि ऐसी कंपनियां चुनने के लिए टेंडर निकाला गया जो बिजली की हाई डिमांड वाले समय में चार घंटे तक हर घंटे के हिसाब से 1500 मेगावाट बिजली की सप्लाई कर सकें। इसमें से 500 मेगावाट की सप्लाई के लिए बोली एनटीपीसी ग्रीन की सब्सिडरी ने जीत ली है और इसके तहत यह सेकी को प्रति यूनिट ₹6 के हिसाब से बिजली सप्लाई करेगी।

कैसी है NTPC Green Energy की सेहत

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा शानदार रेवेन्यू के दम पर 38.3% बढ़कर ₹304.84 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 62.7% बढ़कर ₹1,106.86 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी के लिए जून तिमाही अच्छी रही। जून तिमाही में सालाना आधार पर कंरनी का ईबीआईटीडीए 63.8% बढ़कर ₹988.7 करोड़ और EBITDA मार्जिन 88.7% से 89.3% पर पहुंचा।

इसके अलावा बोर्ड ने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट के लिए एक पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी या स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाने को मंजूरी दी है। सभी मंजूरी मिलने के बाद कंपनी का मानना है कि यह एसपीवी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर के ग्राहकों के लिए कैप्टिव या ग्रुप कैप्टिव स्ट्रक्चरिंग के तहत बाद में हिस्सेदारी कम करने में मदद करेगा। बोर्ड ने एनटीपीसी ग्रीन और न्यू एंड रिन्यूएबल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ आंध्र प्रदेश लिमिटेड की आधी-आधी हिस्सेदारी वाले ज्वाइंट वेंचर एपी एनजीईएल हैरिट अमृति लिमिटेड (AP NGEL Harit Amrit Ltd) में ₹28.78 लाख तक निवेश करने की मंजूरी भी दी। इस निवेश के बाद ज्वाइंट वेंचर में एनटीपीसी ग्रीन की हिस्सेदारी बढ़कर 51% हो जाएगी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देने जा रही हैं बोनस शेयर, डिविडेंड देने का भी प्लान

Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर और डिविडेंड देने जा रही हैं। इनमें मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। दोनों कंपनियों ने 21 अगस्त को इसका ऐलान किया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। मोल्ड-टेक के शेयर कारोबार के अंत में शेयर 3.60 फीसदी चढ़कर बंद हुए। मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज के शेयर 1.21 फीसदी चढ़कर 191.35 रुपये पर बंद हुए।

FY26 के लिए होगा डिविडेंड का ऐलान 

Mold-Tek Packaging और Mold-Tech Technologies के बोर्ड की बैठक 26 अगस्त यानी बुधवार को होगी। इस मीटिंग में फाइनल डिविडेंड देने के बारे में भी फैसला होगा। यह डिविडेंड 31 मार्च, 2026 को खत्म फाइनेंशियल ईयर के लिए होगा। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंजों को इस बारे में 21 अगस्त को बता दिया।

बोर्ड की बैठक में एजीएम की तारीख का फैसला

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का बोर्ड अगर बोनस इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग के बाद यह पहला बोनस इश्यू होगा। इससे पहले कंपनी ने फरवरी 2016 में अपने शेयरों को स्प्लिट किया था। दोनों कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों को अलग जानकारी में यह भी बताया है कि उनके बोर्ड की बैठक में एनुअल जनरल मीटिंग की तारीख और समय के बारे में भी फैसला होगा। इसके अलाव रिकॉर्ड डेट पर भी विचार होगा।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का जून तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 24.9 फीसदी बढ़कर 300.45 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 19.1 फीसदी बढ़कर 56.43 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का टैक्स से पहले प्रॉफिट 13.9 फीसदी बढ़कर 34.17 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 30.01 करोड़ रुपये था।

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रॉफिट बढ़कर 10 करोड़ हुआ

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंपनी की नेट सेल्स 45.52 फीसदी बढ़ी। नेट प्रॉफिट बढ़कर 10.03 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 0.59 करोड़ रुपये था। EBITDA 14.92 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.34 करोड़ रुपये था।

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बीते छह महीने में दोनों शेयरों में अच्छी तेजी 

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का शेयर बीते 6 महीनों में 44 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान मोल्ड-टेक पैकेजिंग का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 21 अगस्त को इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तब अच्छी तेजी आई, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।

Lenskart Block Deal: पीयूष बंसल की कंपनी में SVF II Lightbulb बेच सकती है ₹2871 करोड़ के शेयर

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में ब्लॉक डील के तहत लगभग 30 करोड़ डॉलर के शेयर बिक सकते हैं। CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब केमैन 2.6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री कर सकती है। ट्रांजेक्शन के लिए फ्लोर प्राइस 635 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। शेयर बेचने वाले के लिए बाकी हिस्सेदारी बेचने को लेकर 45 दिन का लॉक-अप पीरियड होगा।

लेंसकार्ट में जून 2026 तिमाही के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 17.53 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 82.05 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, इसमें से SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd के पास 9.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अगर ट्रांजेक्शन हुआ तो सोमवार, 24 अगस्त को लेंसकार्ट के शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 661.55 रुपये है।

कंपनी का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये है। लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO 7278.02 करोड़ रुपये का था। शेयर साल 2026 में अब तक 50 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 32 प्रतिशत उछली है। हाल ही में MSCI इंडिया इंडेक्स में लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस के साथ-साथ लॉरस लैब्स, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स की एंट्री हुई है।

जून तिमाही में Lenskart का मुनाफा 269 प्रतिशत बढ़ा

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 269.24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद 221.84 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3 प्रतिशत बढ़कर 2,714.18 करोड़ रुपये हो गया। भारत से रेवेन्यू 30.7 प्रतिशत बढ़कर 1,531 करोड़ रुपये रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 1,203 करोड़ रुपये हो गया।

लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने जून 2026 तिमाही के दौरान 132 नए स्टोर खोले। इसके बाद इसके एक्टिव स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 3,459 हो गई है। कुल खर्च 2483.52 करोड़ रुपये के दर्ज किए गए, जो जून 2025 तिमाही में 1836.58 करोड़ रुपये के थे।

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स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

लेंसकार्ट के शेयर को कवर कर रहे 21 एनालिस्ट्स में से 17 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 3 ने ‘होल्ड’ और एक ने ‘सेल’ की सलाह दी है। जेफरीज ने स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि मांग के बजाय आपूर्ति कंपनी के लिए प्रमुख बाधा बनी हुई है। सिटी ने 650 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि लेंसकार्ट के मार्जिन को हायर एवरेज सेलिंग प्राइस, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज से लाभ होता है।

सिटी को उम्मीद है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार अच्छी बनी रहेगी। इसे स्टोर्स में बढ़ोतरी और कस्टमर एक्वीजीशन का सपोर्ट मिलेगा। HSBC ने स्टॉक के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और ​2028 के लिए EBITDA अनुमानों को क्रमशः 6 प्रतिशत और 5 प्रतिशत बढ़ाया है।

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Stocks To Watch: रेलटेल, एचएएल से मणिपाल हेल्थ तक, 21 अगस्त को इन 13 शेयरों पर रहेगी मार्केट की नजर

Stocks to Watch 21 August: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 21 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। कॉर्पोरेट नतीजों, बड़े ऑर्डर्स, लीडरशिप बदलाव और ब्लॉक डील्स के चलते कई दिग्गज शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त के ट्रेडिंग सेशन के दौरान इन 13 प्रमुख शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी:

1- मणिपाल हेल्थ (Manipal Health Enterprises)

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिर साल-दर-साल आधार पर 7.7% घटकर 231 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 250 करोड़ रुपये था। वैसे कंपनी का रेवेन्यू 38.1% बढ़कर 3091 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA 25.6% बढ़कर 736.5 करोड़ रुपये रहा जबकि EBITDA मार्जिन घटकर 23.8% रह गई। ये पिछले साल 26.2 फीसदी थी।

2- सात्विक ग्रीन एनर्जी (Saatvik Green Energy)

सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज को एक घरेलू स्वतंत्र बिजली उत्पादक/EPC प्लेयर से सोलर पीवी मॉडल्स की सप्लाई के लिए 190 करोड़ रुपये का कॉमर्शियल ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर को मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

3- केआईएमएस (KIMS – Krishna Institute of Medical Sciences)

कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने हैदराबाद के गचीबोवली में 250 बिस्तरों वाले अरेते अस्पताल के विशेष संचालन और प्रबंधन (O&M) के लिए औरेविया हॉस्पिटल्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह शुरुआती समझौता 5 साल के लिए है, जिसे आगे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। केआईएमएस को अस्पताल के नेट रेवेन्यू का 9% शुल्क के रूप में मिलेगा।

4- रेलटेल (RailTel Corporation of India)

नवरत्न पीएसयू रेलटेल को वेस्टर्न कोलफील्ड्स से 164.79 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर एमपीएलएस वीपीएन नेटवर्क स्थापित करना है। इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करना है।

5- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors PV)

कंपनी ने जानकारी दी है कि भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुजरात के साणंद प्लांट और आसपास के सप्लायर फैसिलिटीज में आई मुश्किलें खत्म हो गई हैं और कामकाज चालू हो गया है। कंपनी का अनुमान है कि इस प्राकृतिक आपदा से 35-40 करोड़ रुपये का नॉन मैटेरियरल नुकसान हुआ है, जबकि बीमा दावा 30 करोड़ रुपये से कम रहने की उम्मीद है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे उत्पादन, संचालन या वित्तीय स्थिति पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ा है।

6- लेमन ट्री होटल्स (Lemon Tree Hotels)

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की इस प्रमुख कंपनी ने गुजरात के भरूच में नया होटल खोलकर अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है। ये गुजराज में कंपनी का 12वां एक्टिव होटल है। कंपनी के 20 और होटल पाइपलाइन में हैं। नए होटल का प्रबंधन कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कार्नेशन होटल्स करेगी।

7- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)

NCLT की बेंगलुरु पीठ ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और साइएंट (Cyient) के 50:50 हिस्सेदारी वाले डॉरमेंट जॉइंट वेंचर इन्फोटेक एचएएल लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया है। इसके लिक्विडेशन की प्रक्रिया मार्च 2024 में शुरू हुई थी और इस वेंचर के क्लोजर होने की वजह से एचएएल के रक्षा कार्यक्रमों या बैलेंस शीट पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

8- टॉरेंट पावर (Torrent Power)

टॉरेंट पावर के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सौरभ मशरूवाला ने 20 अगस्त 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 21 अगस्त 2026 से विकास पोद्दार को नया सीएफओ नियुक्त किया है।

9- रैलिस इंडिया (Rallis India)

कंपनी ने बताया है कि उसके सीएफओ भास्कर स्वामीनाथन टाटा समूह की दूसरी कंपनी में शामिल होने के लिए 4 नवंबर 2026 से अपने पद से इस्तीफा देंगे। कंपनी उसी तारीख से श्रीधर राधाकृष्णन को नया सीएफओ नियुक्त करेगी।

10- एफएमसीजी शेयर (Adani Wilmar, Patanjali, Marico, Agro Tech)

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा उपभोक्ताओं को खुला खाद्य तेल न खरीदने की सलाह देने के बाद अडानी विल्मर, पतंजलि फूड्स, मैरिको और एग्रो टेक फूड्स के शेयर फोकस में रहेंगे। एफडीए ने मिलावट सहित दूसरे उल्लंघनों को देखते हुए खाद्य तेल क्षेत्र के लिए कंप्लायंस ऑर्डर भी जारी किया है।

11- निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस (Niva Bupa Health Insurance)

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने बताया है कि बीमा नियामक IRDAI ने FY25 के लिए लागू एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट (EoM) सीमाओं का उल्लंघन करने के लिए उसे चेतावनी दी है। इसके साथ ही 19 अगस्त 2026 से 6 महीने की अवधि के लिए कंपनी के नए व्यावसायिक स्थान खोलने पर रोक लगा दी है।

12- अमागी मीडिया लैब्स (Amagi Media Labs)

क्लाउड-आधारित SaaS कंपनी अमागी मीडिया लैब्स के शेयर फोकस में रहेंगे क्योंकि कंपनी ने गुरुवार को 600 करोड़ रुपये का ब्लॉक डील लॉन्च किया है। यह डील कंपनी की कुल इक्विटी का 5% रिप्रेजेंट करती है।

13- केफिन टेक्नोलॉजीज (KFin Technologies)

केफिन टेक में एक बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली, जहां जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने 925 रुपये प्रति शेयर के औसत मूल्य पर 1400 करोड़ रुपये में 1.51 करोड़ शेयर (8.8% हिस्सेदारी) बेचे। इस डील में इंवेस्को म्यूचुअल फंड ने 400 करोड़ रुपये में 2.5% हिस्सेदारी खरीदी, जबकि मिराए एसेट MF (1.5%), कोटक महिंद्रा MF (1.2%) और एचएसबीसी MF (1%) ने भी खरीदारी की।

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Stock To Buy: सिक्योरिटी सर्विलांस प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी में 53% की तेजी मुमकिन, इस साल अब तक 125% चढ़ा, क्या है आपके पास

Stock To Buy: CP Plus की पैरेंट कंपनी, आदित्य इन्फोटेक (Aditya Infotech) के शेयर गुरुवार, 20 अगस्त को 4.9% बढ़कर ₹3,464 पर पहुंच गए। स्टॉक में तेजी मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज द्वारा इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करने के बाद आई है। मोतीलाल ओसवाल ने आदित्य इन्फोटेक के लिए “Buy” (खरीदने की सलाह) की सलाह दी है और इसके लिए ₹4,200 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग लेवल से 27% की तेजी दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के ‘बुल केस’ (सबसे अच्छे हालात) रन के अनुसार, स्टॉक ₹5,066 तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि इसमें 53% तक की बढ़ोतरी की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि आदित्य इन्फोटेक भारत के वीडियो सर्विलांस मार्केट में होने वाली ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 44% से ज़्यादा है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत का सर्विलांस मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹106 अरब से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2030 तक ₹227 अरब से ज़्यादा हो जाएगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक का रेवेन्यू FY26 और FY28 के बीच 44% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा, जो इंडस्ट्री की अनुमानित 16%-18% ग्रोथ से काफी ज़्यादा है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) के नियम कॉम्पिटिशन को कम कर सकते हैं और कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपनी मार्केट हिस्सेदारी 58% से ज़्यादा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी FY26-FY28 के दौरान रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद प्रॉफिट में क्रमशः 44%, 58% और 64% की ग्रोथ हासिल करेगी। उन्होंने कॉस्ट एफिशिएंसी और मार्जिन बढ़ाने के लिए लेंस, केबल, प्लास्टिक और मेटल कंपोनेंट्स में बैकवर्ड इंटीग्रेशन को भी एक अहम वजह बताया है।

कंपनी ने ₹1,500 करोड़ जुटाने को मंज़ूरी दी

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 19 अगस्त को इक्विटी शेयर जारी करके ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। फंड जुटाने का काम एक या उससे ज़्यादा मंज़ूर तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या फिर इन तरीकों का मिला-जुला इस्तेमाल।

फंड जुटाने का यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स और दूसरी रेगुलेटरी मंज़ूरी पर निर्भर है। कंपनी पोस्टल बैलेट के ज़रिए शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी लेगी और उसने इस प्रस्तावित इश्यू से जुड़े मामलों को देखने के लिए एक बोर्ड कमिटी भी बनाई है।

19 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने मुंबई में 24 से 26 अगस्त और सिंगापुर में 1 से 3 सितंबर के बीच इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ वन-ऑन-वन ​​और ग्रुप मीटिंग्स भी तय की हैं।

मार्जिन गाइडेंस

जून तिमाही के नतीजों के बाद, आदित्य इन्फोटेक ने FY27 के लिए अपने EBITDA मार्जिन गाइडेंस (14-15%) को फिर से दोहराया है, जबकि Q1FY27 में EBITDA मार्जिन 14.5% था। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वे FY27 की पहली छमाही के बाद आउटलुक का फिर से आकलन करेंगे, साथ ही वे तय गाइडेंस से बेहतर परफॉर्मेंस का इंटरनल टारगेट भी बनाए रखेंगे।

शेयर पर एनालिस्ट की राय

IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ भी आदित्य इन्फोटेक को लेकर पॉजिटिव है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च रेनू बैद पुगलिया का कहना है कि कंपनी ने भारत के IP कैमरा मार्केट में मज़बूत जगह बनाई है। उन्होंने कैमरा वैल्यू चेन के बड़े हिस्से के लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) पर ज़ोर दिया और कहा कि कंपनी को घरेलू प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 18-24 महीने की बढ़त हासिल है, जिसका इस्तेमाल वह एंटरप्राइज़ और सरकारी ग्राहकों के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स में विस्तार करने के लिए कर रही है।

उन्हें उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक 40-45% रेवेन्यू CAGR हासिल करेगी, जिसमें मार्जिन 14.5-15% के आसपास रहेगा, जिससे अगले दो सालों में कमाई में 45-50% की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने सरकारी सर्टिफिकेशन की नई ज़रूरतों के बाद चीनी कंपनियों के बाहर निकलने को भी कंपनी के ग्रोथ आउटलुक के लिए एक मददगार कारक बताया।

यह स्टॉक “कंसेंसस बाय” (सबकी सहमति से खरीदने लायक) की श्रेणी में है, क्योंकि इस स्टॉक को ट्रैक करने वाले सभी सात एनालिस्ट इसे लेकर बुलिश (तेज़ी की उम्मीद रखने वाले) हैं।

गुरुवार को आदित्य इन्फोटेक के शेयर 4.71% बढ़कर ₹3,459.2 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 125% की बढ़ोतरी हो चुकी है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Maruti Suzuki Share Price: प्राइस हाइक के बाद शेयर 1% तक उछला; नोमुरा बोली- मार्जिन बचाने के लिए और बढ़ानी पड़ सकती हैं कीमतें

मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में औसतन लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह 18 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। नोमुरा का मानना है कि अगर कंपनी को अपने मार्जिन को बचाना है तो आगे कीमतें और बढ़ाने की जरूरत होगी। अगस्त की प्राइस हाइक के तहत मारुति सुज़ुकी की कारें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से 2,500 से 30,000 रुपये तक महंगी हो रही हैं। इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कंपनी ऐसा कर रही है।

इससे पहले मारुति सुजुकी ने जून 2026 में भी कारों की कीमत बढ़ाई थी। उस वक्त भी कीमतें 30000 रुपये तक बढ़ाने की बात कही गई थी। नई बढ़ोतरी के बाद मौजूदा वित्त वर्ष 2026—27 में अब तक मारुति सुजुकी की ओर से कीमतों में की गई कुल बढ़ोतरी लगभग 0.9 प्रतिशत हो गई है।

नोमुरा का मानना है कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को अभी भी ज्यादा लागत का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह है कि रबर, कॉपर, एनर्जी और वेंडर लेबर की लागत में बढ़ोतरी का असर कुछ समय बाद दिखाई देता है।

लगभग 150-200 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी जरूरी

नोमुरा के मुताबिक, मारुति सुजुकी को FY27/28/29F के लिए 10.5 प्रतिशत/11.8 प्रतिशत/11.9 प्रतिशत के EBITDA मार्जिन के बाजार अनुमानों को पूरा करने के लिए कीमतों में लगभग 150-200 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। नोमुरा का कहना है कि कंपनी की रणनीति समय-समय पर सोच-समझकर कीमतें बढ़ाने की लगती है, ताकि मांग पर कम से कम असर पड़े। डीलरों का कहना है कि मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन ब्रोकरेज का कहना है कि वह छोटी कारों के सेगमेंट पर कीमत में बढ़ोतरी और महंगाई के असर पर नजर रखेगी, क्योंकि इस सेगमेंट में ग्राहक कीमतों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

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नोमुरा ने मारुति सुजुकी के लिए 14,071 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। मध्यम अवधि में, EV यानि इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की बढ़ती रफ्तार मारुति सुजुकी के लिए मार्केट-शेयर के लिहाज से एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। इंडस्ट्री में पैसेंजर व्हीकल EV की पैठ लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अगर EV की पैठ तेजी से बढ़ती है, तो कंपनी के मार्केट-शेयर पर असर पड़ सकता है। इसकी वजह है कि EV मार्केट में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से काफी कम रहने की संभावना है।

Maruti Suzuki के शेयर में तेजी

मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर में 20 अगस्त को दिन में लगभग 1 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 13809.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 4.34 लाख करोड़ रुपये हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tempsens Instruments IPO: खुलते ही छा गया यह IPO! 1 घंटे में फुल, लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे का बड़ा इशारा

Tempsens Instruments IPO: राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया के 650 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से पहले ही दिन जबरदस्त रिस्पांस मिला है। 20 अगस्त को बोली खुलने के पहले ही घंटे में यह इश्यू 1.20 गुना सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट में भी इसके अनलिस्टेड शेयरों की भारी डिमांड देखने को मिल रही है।

Tempsens Instruments IPO: सब्सक्रिप्शन स्टेटस

एनएससी (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ में ऑफर पर रखे गए 1,51,81,667 शेयरों के मुकाबले 1,89,88,300 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 2.31 गुना सब्सक्रिप्शन

रिटेल निवेशक (RII): 1.50 गुना सब्सक्रिप्शन

₹650 करोड़ रुपये के इस कुल आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। निवेशक इस आईपीओ में 24 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के लिए ICICI Securities और JM Financial बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹194.5 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले 19 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹194.5 करोड़ जुटाए। अरंडा इन्वेस्टमेंट्स और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज इंटरनेशनल फंड्स के साथ एचडीएफसी, निप्पॉन लाइफ, कोटक महिंद्रा और टाटा जैसे 8 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स को भी शेयर अलॉट किए गए।

जुटाये गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए। ₹55 करोड़ कंपनी का कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट जरूरतों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी की कमाई और बिजनेस प्रोफाइल

राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स टेम्परेचर सेंसर्स बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी है। दुनिया भर में इसके 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और भारत के टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में इसका 10.5% व नॉन-कॉन्टैक्ट टेम्परेचर सेंसर मार्केट में 21.3% मार्केट शेयर है।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में इसका कुल रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹378.5 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 11.2% की बढ़त के साथ ₹60.6 करोड़ से बढ़कर ₹67.3 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी को अपनी कुल कमाई का 71.5% हिस्सा घरेलू बाजार से और बाकी 28.5% हिस्सा एक्सपोर्ट्स से मिलता है।

GMP से तगड़ा लिस्टिंग गेन का इशारा

इन्वेस्टरगेन के अनुसार, Tempsens Instruments का शेयर ग्रे मार्केट में ₹220 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर इसका अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹520 (₹300 + ₹220) बैठता है। इस हिसाब से निवेशकों को करीब 73% का लिस्टिंग गेन की संभावना है।

सब्सक्राइब करें या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

दिग्गज ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के नजरिए से ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर यह शेयर FY26 की कमाई के आधार पर 35.4x P/E और 25.64x EV/EBITDA के वैल्यूएशन पर उपलब्ध है।

कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, टेम्परेचर सेंसर्स व केबल्स का डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में फैलता बिजनेस इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी सतर्क किया है कि अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन पूरी तरह से फेयरली प्राइज्ड नजर आ रहा है, लेकिन इसके लंबे समय के बिजनेस फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं।

SBI Securities ने भी Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के लिए ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर पोस्ट-इश्यू बेसिस पर कंपनी का वैल्यूएशन 37.3x FY26 P/E पर आंका है। ब्रोकरेज ने थर्मल इंजीनियरिंग सेगमेंट में कंपनी की मार्केट लीडरशिप, प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस (MRO) के बीच बैलेंस रेवेन्यू मिक्स और FY24 से FY26 के बीच एक्सपोर्ट में मिली 46.5% की सालाना ग्रोथ को बड़ा पॉजिटिव बताया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Patanjali Foods: ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG सेक्टर की कंपनी Patanjali Foods (PFL) पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹560 का टारगेट प्राइस दिया है। यह ₹351 के मौजूदा स्तर से ₹560 करीब 60% तक की तेजी का संकेत है।

Patanjali Foods पर क्यों बुलिश है Jefferies?

Jefferies के मुताबिक, Patanjali Foods अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले करीब 23 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का PAT 23% CAGR से बढ़ सकता है। साथ ही ROCE में करीब 590 बेसिस पॉइंट का सुधार होकर यह 18% तक पहुंच सकता है।

इन्हीं अनुमानों के आधार पर Jefferies ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल से ₹560 का टारगेट तय किया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

Patanjali Foods ने FY27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का रेवेन्यू 29% बढ़कर करीब ₹11,300 करोड़ पहुंच गया, जो Jefferies के अनुमान से करीब 20% ज्यादा रहा। वहीं EBITDA में 69% और PAT में 86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एडिबल ऑयल बिजनेस बना सबसे बड़ा सहारा

एडिबल ऑयल सेगमेंट ने अब तक की सबसे मजबूत तिमाही दर्ज की। इस कारोबार का रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹8,500 करोड़ पहुंच गया। खासकर सरसों तेल की बिक्री बेहतर रही। पश्चिम एशिया में तनाव और कमोडिटी महंगाई के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसका फायदा कंपनी को मिला। इस सेगमेंट का EBIT सालाना आधार पर लगभग पांच गुना बढ़ गया।

कंपनी के प्लांटेशन बिजनेस में भी 25% की ग्रोथ रही। खेती वाला क्षेत्र बढ़कर 1.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। मैनेजमेंट ने FY27 में एडिबल ऑयल बिजनेस में 3-5% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।

Foods & FMCG बिजनेस में क्या रहा?

पतंजलि फूड्स के Foods & FMCG सेगमेंट का रेवेन्यू भी 28% बढ़ा। बिस्किट कारोबार ने सबसे मजबूत तिमाही दर्ज करते हुए ₹560 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया और इसका मार्जिन बढ़कर 15.4% पहुंच गया।

हालांकि इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ी और कंपनी पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों तक नहीं पहुंचा सकी। Jefferies का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में लागत का दबाव कम होने पर इस सेगमेंट की मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

‘निफ्टी के लिए 27000 टारगेट बरकरार’, JP Morgan को इन सेक्टरों में दिख रहा बड़ा मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म ने रेटिंग की अपग्रेड, 18% ऊपर का दिया टारगेट, क्या आप करेंगे निवेश

Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म HSBC से AC बनाने वाली कंपनी ब्लू स्टार (Blue Star) के शेयर की रेटिंग अपग्रेड कर दी। HSBC ने अब ब्लू स्टार के लिए अपनी पिछली “hold” रेटिंग को बदलकर “buy” (खरीदने) की सलाह दी है और प्रति शेयर ₹1,780 का प्राइस टारगेट तय किया है। इसका मतलब है कि पिछले क्लोजिंग प्राइस से इसमें 18% की बढ़ोतरी हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि जून तिमाही में रूम एयर कंडीशनर (RAC) इंडस्ट्री में 25% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें वॉल्यूम में अनुमानित बढ़ोतरी 20% – 22% रही। उसने यह भी कहा कि पहली तिमाही में ब्लू स्टार के मुकाबले वोल्टास का प्रदर्शन बेहतर रहा।

HSBC ने कहा कि गर्मियों की बिक्री (जनवरी से जून) को देखें तो, ऊंचे बेस (high base) के बावजूद धीमी ग्रोथ के बावजूद ब्लू स्टार के मार्जिन स्थिर रहेकम मार्जिन गाइडेंस के कारण ब्रोकरेज ने अपने अनुमानों में कटौती की है।

उसने कहा कि मजबूत ऑर्डर बुक, डेटा सेंटर बिजनेस में मौजूदगी, मार्जिन बढ़ने की गुंजाइश और अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस को देखते हुए उसने ब्लू स्टार की रेटिंग बढ़ाई है।

इस साल अब तक ब्लू स्टार के शेयर की कीमत में 23% की गिरावट आई है, जबकि वोल्टास के शेयरों में 8% की गिरावट देखी गई है। HSBC का कहना है कि इससे कंपनी का वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गया है।

इस महीने की शुरुआत में, कंपनी ने अपनी पहली तिमाही की कमाई की रिपोर्ट दी थी, जिसमें उसका रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹3,378 करोड़ हो गया, लेकिन यह CNBC-TV18 के ₹3,547 करोड़ के अनुमान से कम था। इसका EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल के मुकाबले 12% घटकर ₹175 करोड़ रह गया और यह बाजार के ₹247 करोड़ के अनुमान से भी काफी कम था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 6.7% से घटकर 5.2% हो गया और यह बाजार के 7% के अनुमान से भी कम था।

हालांकि, कंपनी ने कहा कि डेटा सेंटर MEP प्रोजेक्ट ऑर्डर का आना इस हाई-ग्रोथ सेगमेंट में लगातार बनी हुई तेजी को दिखाता है।

ब्लू स्टार पर नज़र रखने वाले 27 एनालिस्ट में से 13 ने “buy” रेटिंग, 9 ने “hold” रेटिंग और 5 ने “Sell” रेटिंग दी है। ब्लू स्टार के शेयर बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाद में वह बढ़त खत्म हो गई और मंगलवार को शेयर 0.3% गिरकर ₹1,503.2 पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल अब तक शेयर में 15% की गिरावट आई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।