Delhi protest: NEET आंदोलन से फिर करीब आए राहुल-अखिलेश? यूपी चुनाव से पहले युवाओं के मुद्दों पर BJP को घेरने की तैयारी

NEET protest: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब लगभग छह महीने का समय बचा है। ऐसे में NEET परीक्षा विवाद ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक नया और मजबूत राजनीतिक मुद्दा दे दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े विपक्षी अभियान का रूप ले चुका है। इसमें पेपर लीक, बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

दोनों दलों का मानना है कि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनका असर उत्तर प्रदेश के करोड़ों युवा मतदाताओं पर पड़ सकता है। आगामी चुनाव में यह बड़ा चुनावी हथियार साबित हो सकता है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच फिर दिखा तालमेल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच बढ़ता तालमेल ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति निर्णायक दौर में एंट्री  कर रही है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का चर्चित ‘दो लड़के’ अभियान मतदाताओं को प्रभावित करने में विफल रहा था। गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था।

लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कांग्रेस-सपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका दिया। इससे दोनों दलों का आत्मविश्वास बढ़ा और गठबंधन को नई राजनीतिक ऊर्जा मिली।

डिंपल यादव ने आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव जंतर-मंतर पहुंचीं। अपनी पहचान बन चुकी गुलाबी साड़ी में पहुंचीं डिंपल कई घंटों तक घायल छात्रों के बीच रहीं। उन्होंने घायल छात्रों का हौसला बढ़ाया। बेहोश हुए एक छात्र की मदद की की। योगत्यता उपलब्ध कराने में सहयोग किया और प्रदर्शनकारियों के साथ लगातार मौजूद रहीं।

सोशल मीडिया पर उनके पुलिस बैरिकेड पर चढ़ने, घायल छात्रों की मदद करने और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े रहने के वीडियो तेजी से वायरल हुए। सरकार के रवैये को असंवेदनशील बताते हुए उन्होंने कहा, “यह NEET नहीं, CHEAT है।” उनकी लगातार मौजूदगी ने समाजवादी पार्टी को युवाओं और छात्रों के प्रति संवेदनशील दल के रूप में पेश करने में मदद की।

युवाओं के जरिए बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार पहलों और राष्ट्रवादी राजनीति के जरिए पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के बीच मजबूत आधार बनाया है। विपक्ष का मानना है कि NEET विवाद बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के आरोप और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस और सपा इसी नाराजगी को राजनीतिक समर्थन में बदलना चाहती हैं। दोनों दल खुद को छात्रों और युवाओं की आवाज के रूप में स्थापित कर इस आंदोलन को चुनावी मुद्दे में बदलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ जॉइंट आंदोलन

NEET आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश में भी तेजी से दिखाई दिया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ सहित कई जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन किए। दोनों दलों के छात्र संगठनों ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कई जगह पुलिस के साथ झड़पें हुईं। विपक्षी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी हुई, जिससे यह आंदोलन लगातार सुर्खियों में बना रहा। अब दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी संयुक्त विरोध प्रदर्शन जारी रखने की योजना बनाई है।

सिर्फ NEET नहीं, कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

दोनों दलों के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अब अपने अभियान को केवल NEET तक सीमित नहीं रखेंगी।

गठबंधन की योजना में शामिल प्रमुख मुद्दे हैं:-

कथित पेपर लीक

बेरोजगारी

सरकारी भर्तियों में देरी

राम मंदिर दान चोरी विवाद

किसानों के लिए खाद की कमी

नकली दवाओं का मुद्दा

बढ़ते बिजली बिल और बिजली दरें

विपक्ष की रणनीति है कि चुनाव तक जनता का ध्यान इन मुद्दों पर केंद्रित रखा जाए, ताकि बीजेपी पहचान की राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए चुनावी एजेंडा तय न कर सके।

फिलहाल सीट बंटवारे का विवाद भी पड़ा ठंडा

कुछ समय पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बराबर सीटों की हिस्सेदारी चाहेगी। गौतम ने कांग्रेस को गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ तक बताया था।

इन बयानों से दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। हालांकि, छात्र आंदोलन के बाद फिलहाल बातचीत का केंद्र सीटों की बजाय संयुक्त राजनीतिक अभियान बन गया है। इससे दोनों दल एकजुटता का संदेश देने में सफल रहे हैं।

युवा वोट बना सबसे बड़ा चुनावी रणक्षेत्र

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं को सबसे बड़ा चुनावी मैदान मान रही हैं। सपा का पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) वोट बैंक अभी भी उसके साथ माना जाता है। जबकि कांग्रेस ऊंची जातियों, दलितों, शहरी मतदाताओं और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे जाति और धर्म से ऊपर उठकर लगभग हर वर्ग के छात्रों को प्रभावित करते हैं। इसलिए इन्हें राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावी माना जा रहा है।

बीजेपी भी करेगी कड़ा मुकाबला

हालांकि बीजेपी इस चुनौती को आसानी से स्वीकार करने वाली नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव में झटका लगने के बावजूद भगवा पार्टी ने बाद के विधानसभा उपचुनावों में अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया है। बीजेपी आगामी चुनाव में अपनी कल्याणकारी योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी भर्ती अभियानों और सुशासन के रिकॉर्ड को प्रमुखता से जनता के सामने रखेगी। पार्टी को भरोसा है कि उत्तर प्रदेश में उसका बूथ स्तर तक फैला मजबूत संगठन विपक्ष पर बढ़त बनाए रखेगा।

क्या NEET आंदोलन बनेगा चुनावी गेम चेंजर?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NEET आंदोलन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की दिशा बदल पाएगा। यदि राहुल गांधी और अखिलेश यादव युवाओं के गुस्से को चुनाव तक बनाए रखने और पेपर लीक, बेरोजगारी तथा छात्रों की आकांक्षाओं को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाने में सफल रहते हैं, तो कांग्रेस-सपा गठबंधन 2024 के बाद बीजेपी के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

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वहीं यदि बीजेपी बहस का केंद्र फिर से विकास, सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं और नेतृत्व पर ले जाने में सफल हो जाती है, तो जंतर-मंतर से उठी यह भावनात्मक लहर चुनाव तक पहुंचने से पहले कमजोर भी पड़ सकती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य के करोड़ों युवा मतदाता आखिर किस राजनीतिक दल पर सबसे अधिक भरोसा जताते हैं।

Delhi Metro का मेगा प्लान! 15 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, अब सफर होगा और आसान

दिल्ली मेट्रो आने वाले समय में यात्रियों के लिए 15 नए इंटरचेंज स्टेशन तैयार करने जा रही है। इनमें से 5 स्टेशन ऐसे होंगे, जहां एक साथ तीन मेट्रो लाइनों का आपस में जुड़ाव होगा। यह काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के तहत बनाए जा रहे आठ नए मेट्रो कॉरिडोर के जरिए किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं। इनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के दो स्टेशन भी शामिल हैं। अभी कश्मीरी गेट ही ऐसा इकलौता स्टेशन है, जहां तीन मेट्रो लाइनें आपस में मिलती हैं। सभी नए प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इसके बाद मैजेंटा लाइन पर सबसे ज्यादा 22 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। वहीं ब्लू लाइन पर 15 और पिंक लाइन पर 14 इंटरचेंज स्टेशन मौजूद होंगे।

5 नए ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन बनाने का प्लान

फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के बाद दिल्ली मेट्रो में पांच नए ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे। इनमें नई दिल्ली, इंद्रलोक, लाजपत नगर, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और आजादपुर स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर एक साथ तीन मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर किया जा सकेगा। नई दिल्ली स्टेशन पर अभी येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का इंटरचेंज है। नए विस्तार के बाद इसे मैजेंटा लाइन से भी जोड़ दिया जाएगा। वहीं इंद्रलोक स्टेशन, जहां अभी रेड और ग्रीन लाइन मिलती हैं, उसे भी मैजेंटा लाइन से जोड़ा जाएगा।

  • नई दिल्ली
  • इंदरलोक
  • लाजपत नगर
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • आजादपुर

लाजपत नगर स्टेशन भविष्य में वायलेट, पिंक और गोल्डन लाइन का प्रमुख जंक्शन बनेगा। वहीं आजादपुर स्टेशन येलो, पिंक और नई मैजेंटा लाइन को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन भी तीन लाइनों वाला इंटरचेंज बन जाएगा, जहां येलो, वायलेट और नई मैजेंटा लाइन के बीच यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।

फेज IV में बनेंगे 11 और इंटरचेंज स्टेशन

फेज-4 विस्तार योजना के तहत दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम को भी नए इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली एयरोसिटी और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 पर भी दो नए इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

  • दिल्ली गेट
  • इंद्रप्रस्थ
  • चिराग दिल्ली
  • साकेत G ब्लॉक
  • छतरपुर
  • तुगलकाबाद
  • पीरागढ़ी
  • मधुबन चौक
  • पुलबंगश
  • RK आश्रम मार्ग
  • नबी करीम

वहीं, फेज-5ए के नए मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे। इससे यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और सफर का समय भी कम होगा। डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि नए मेट्रो कॉरिडोर और इंटरचेंज स्टेशनों के बनने से पूरे एनसीआर में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन पहले से अधिक सुविधाजनक और बेहतर बन जाएगा।

  • DMRC नेटवर्क में अभी 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं
  • 15 नए इंटरचेंज स्टेशन
  • DMRC नेटवर्क में अभी 1 ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन है (कश्मीरी गेट)

नए इंटरचेंज से क्या फ़ायदा होगा:

  • तेजी से लाइन बदलना
  • बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी
  • यात्रियों के लिए ज़्यादा रूट ऑप्शन
  • दिल्ली-NCR में यात्रा का समय कम होगा

नए कॉरिडोर जुड़ने के बाद इन मेट्रो लाइनों में सबसे ज़्यादा इंटरचेंज होंगे:

  • मैजेंटा: 22
  • पिंक: 14
  • ब्लू: 15

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

mahesh jethmalani, tavleen singh and saurabh dass on CJP party viral video

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सीजेपी से जुड़े कई लोग एक होटल में पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं। इससे अलावा प्रदर्शनस्थल पर सीजेपी कार्यकर्ताओं के जश्न मनाते वीडियो भी जमकर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो पर मचे बवाल के बाद सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रख्यात लेखिका तवलीन सिंह के जवाब भी चर्चा में है। ALSO READ: धर्मेंद्र प्रधान पर पोस्ट से BJP में बवाल! अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता राहर घिरीं, पार्टी नेताओं ने जताई नाराजगी

 

महेश जेठमलानी ने उठाए फंडिंग पर सवाल?

इस वीडियो को सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है। वायरल वीडियो में CJP के कुछ लोग एक होटल में पार्टी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहां जश्न का माहौल है और नाच-गाना भी चल रहा है।

महेश जेठमलानी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'क्या सच में ऐसा हो रहा है? CJP की लीडरशिप दिल्ली के एक होटल में पार्टी दे रही है। राजधानी दिल्ली में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए। ऐसे में सवाल यह है कि इनके ट्रैवल, खाने और रहने का खर्च किसने उठाया? इनकी फंडिंग किसने की? ALSO READ: 'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

तवलीन सिंह ने दिया जवाब

तवलीन सिंह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, भाजपा अब कॉकरोच को एक 'फाइव-स्टार होटल' में पार्टी करते हुए दिखाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है। क्या हम यह पूछ सकते हैं कि इतने सारे भाजपा मंत्रियों और उनकी संतानों के पास डिजाइनर कपड़े और कार्टियर के चश्मे खरीदने के लिए पैसे कहाँ से आते हैं? ALSO READ: प्रधान के बाद अब गडकरी निशाने पर! 100% शुद्ध पेट्रोल के लिए 'E20 जनता पार्टी' मैदान में

 

क्या बोले सौरव दास?

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद सीजेपी के कार्यकर्ताओं साथ पार्टी और डांस करने के वायरल वीडियो पर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इससे एक बार फिर साफ़ हो जाता है कि सरकार और गोदी एंकर, जेन-ज़ी और नई पीढ़ी की सोच और भाषा को समझ ही नहीं पा रहे हैं।'

 

उन्होंने कहा कि हम जितने दिन जरूरत होगी, उतने दिन सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते-गाते हुए भी प्रदर्शन कर सकते हैं। हम हाथ में कोल्ड कॉफी लेकर भी आंदोलन को संगठित कर सकते हैं। बदलाव के लिए लड़ने के लिए हमारा वैसा दिखना जरूरी नहीं है, जैसा पिछली पीढ़ियां किसी आंदोलन से उम्मीद करती हैं।

सौरव दास ने कहा कि यही इस पीढ़ी की पहचान है-आत्मविश्वासी, रचनात्मक, जुझारू और ऐसी, जिसे किसी एक तयशुदा छवि में बांधा नहीं जा सकता। अंकल-आंटी चाहे जितनी शिकायत करते रहें, उन्हें हमारी इस पीढ़ी के साथ जीना और हमें स्वीकार करना ही होगा।

E20 Janta Party campaign demands choice of ethanol-free petrol

fuel dispensers

Not long after the success of the Cockroach Janta Party’s (CJP) protests, a new social media-led campaign calling itself the E20 Janta Party has cropped up. It demands that Indian vehicle owners be given the option to purchase ethanol-free petrol alongside E20 fuel, as well as the resignation of Union Road Transport and Highways Minister Nitin Gadkari, who is a major proponent of the government’s ethanol blending policy.

For context, the E20 rollout started in April 2025, and it was mandated as the baseline petrol blend exactly one year later – all in an effort to reduce dependence on crude oil imports. This is despite the fact that E20 compliance was mandated in April 2023 as part of the BS6 Phase 2 emission norms, which means a hefty chunk of vehicles plying on Indian roads are not E20-compliant.

E20 Janta Party wants more transparency and options for fuel

No demands for E20 to be discontinued

Inspired by the CJP’s satirical, meme-driven approach, E20 Janta Party declared itself as a consumer rights movement that is not seeking the withdrawal of E20 petrol, but instead greater transparency and freedom of choice at fuel stations. Although ethanol-free fuel has been available in the form of 100-octane premium petrol (XP100, Speed100, and Power100), it’s sold only at select fuel stations and costs significantly more than standard E20, limiting its feasibility for most motorists.

“Our demand is very clear. E20 Janta Party is a people-powered movement demanding transparency, accountability, and the right of every Indian to know how the E20 policy affects their vehicles, wallets, and consumer rights,” the group said in a social media post. The campaign even referenced CJP’s initial call to mobilisation with a post stating, “What if all bike/car owners come together?”

The E20 Janta Party says it is not opposed to ethanol blending, nor is it asking for subsidies or free fuel. Instead, it wants fuel stations to offer consumers the choice between unblended petrol and ethanol-blended fuel. E20 Janta Party is also demanding transparent fuel labelling, publication of government data on the costs and benefits of different fuel blends, and independent scientific studies into mileage, engine performance, emissions, and maintenance costs, with the findings made publicly available.

Support pouring in for E20 Janta Party

At the time of writing, E20 Janta Party’s Twitter and Instagram accounts have attracted over 31,000 followers cumulatively, and the campaign has even begun attracting support beyond social media. Political commentator Tehseen Poonawalla announced a “Gaadi March” on July 31 against the E20 policy, while the Delhi Taxi and Tourist Transporters and Tour Operators Association planned a march to Parliament on August 4. The taxi association has raised concerns over fuel efficiency, maintenance costs and engine performance, particularly in older vehicles.

Govt continues to stand strong on ethanol blending policy

In recent months, motorists have expressed heightened acrimony surrounding the impact of E20 petrol on fuel efficiency and vehicle durability, whereas the government remains steadfast in its defence of the policy, saying E20 is a safe and cleaner fuel backed by scientific evaluation. A few weeks ago, prominent manufacturers like Maruti Suzuki, Toyota, and Hero Motocorp also backed E20 at a government briefing, notably claiming that they have found no significant concerns regarding accelerated wear and tear in older, non-compliant vehicles.

Petroleum Minister previously ruled out offering pure petrol or E10 alongside E20

Replying to a question in Parliament last week, Minister of State for Petroleum Suresh Gopi said the government had not received any “widespread or substantiated” complaints linking E20 petrol to vehicle performance issues. Petroleum Minister Hardeep Singh Puri earlier shot down the prospect of offering unblended and E10 petrol alongside E20, citing tremendous logistical issues like separate storage, transportation, and dispensing infrastructures.

Ethanol content in petrol could increase; diesel likely to be blended with isobutanol

The government is even looking to increase the baseline ethanol blend in petrol, with the Automotive Research Association of India (ARAI) tasked to examine the effects of E25 on existing E10- and E20-compliant vehicles. Plans are also underway to blend ethanol-derived isobutanol into diesel in the near future, even though the government has not laid out any isobutanol compliance framework for any diesel-powered passenger vehicle in India.

दिल्ली पुलिस 2022 की तरह CJP प्रदर्शन से जुड़े छात्रों से वापस लेगी केस? सामने आया बड़ा अपडेट्स

Delhi Police: संसद परिसर के हाल में और जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों को वापस लेने के लिए दिल्ली पुलिस वर्ष 2022 में अपनाई गई प्रक्रिया को दोहरा सकती है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस संबंध में कानूनी सलाह ले रही है। मंगलवार 28 जुलाई तक इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2022 में किसान आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के दौरान दिल्ली पुलिस, तत्कालीन दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (LG) कार्यालय के बीच समन्वय स्थापित कर एक प्रक्रिया अपनाई गई थी। उसी मॉडल को इस बार भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

17 मामलों को वापस लेने का प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, उस समय पुलिस ने 17 मामलों को वापस लेने का प्रस्ताव तत्कालीन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को भेजा था। इसके बाद फाइल तत्कालीन उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय से तत्कालीन गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के पास पहुंची। गृह मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई। फिर 28 फरवरी को एलजी कार्यालय लौटने पर उसी दिन उसे मंजूरी मिल गई थी।

कानूनी विशेषज्ञों से मांगी राय 

अब संसद प्रदर्शन से जुड़े मामलों में भी दिल्ली पुलिस ने कानूनी विशेषज्ञों से राय मांगी है कि FIR वापस लेने की प्रक्रिया किस तरह अपनाई जाए। एक विकल्प यह भी माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इन मामलों को रद्द (Quash) कराने का अनुरोध करे।

15 FIR दर्ज

रिपोर्ट के मुताबिक, संसद प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक 15 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों की पहचान की गई है। जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और जिनकी भूमिका गंभीर नहीं पाई गई है। उन्हें फिलहाल जांच के दायरे से बाहर रखा जा सकता है। इन मामलों में गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश, निषेधाज्ञा का उल्लंघन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। कुछ मामलों में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल की गई हैं।

 पुलिस ने उठाकर मसूरी छोड़ दिया

टाइम्स ऑफ इंडिया की इस रिपोर्ट में एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया गया है। प्रदर्शनकारियों को खाना देने वाले एक स्वयंसेवक जुनैद ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मी उन्हें अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि उनसे पूछताछ की गई, आंखों पर पट्टी बांधी गई और अगले दिन उन्हें उत्तराखंड के मसूरी में छोड़ दिया गया।

जुनैद के अनुसार, पुलिस ने उनसे खाना बांटने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता और इतने बड़े स्तर पर भोजन की व्यवस्था के बारे में सवाल पूछे। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि जुनैद के लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, जुनैद ने दावा किया कि उन्हें भोजन और पानी समर्थकों से मिलने वाले दान और डिलीवरी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता था।

पीएम मोदी के मामले में होगी कार्रवाई?

दिल्ली पुलिस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है। एक सूत्र ने बताया कि पुलिस ऐसे पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियों को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सकती है।

सूत्र ने कहा, “विरोध-प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद अपलोड की गई सामग्री की समीक्षा के बाद पुलिस अपमानजनक प्रकृति की पोस्ट हटाने के लिए नोटिस जारी करेगी।” उन्होंने कहा, “विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री की पहचान करने का अभियान पहले ही शुरू किया जा चुका है।”

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सूत्र के मुताबिक, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी सामग्री में किसी कानून का उल्लंघन हुआ है या उससे सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने होने की आशंका थी। सूत्र ने बताया कि दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी टीम पूरे दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर नजर रखे हुए है, ताकि विरोध-प्रदर्शन से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री की पहचान की जा सके।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना, अगले 2 दिन और तेज होगा बारिश का दौर, देखें IMD का अपडेट

Delhi Weather Today: दिल्ली में रविवार (26 जुलाई) को मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहा और अधिकतम तापमान मौसमी औसत से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए हल्की से मध्यम बारिश और आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे उमस से केवल मामूली राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में रविवार का दिन सामान्य से ज्यादा गर्म रहा

IMD के अनुसार, रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा था, जबकि न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 0.3 डिग्री अधिक था।

वहीं, दिनभर हवा में नमी का स्तर भी ऊंचा बना रहा। शाम 5:30 बजे रिलेटिव ह्यूमिडिटी (सापेक्ष आर्द्रता) 63% दर्ज की गई, जिससे असल तापमान के मुकाबले ज्याद गर्मी महसूस हुई।

हालांकि, गर्मी के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) संतोषजनक बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 83 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है।

IMD का अनुमान: सोमवार तक बादल छाए रहेंगे और बारिश होगी

IMD ने सोमवार, 27 जुलाई के लिए शहर के कुछ हिस्सों में आम तौर पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि सुबह से दोपहर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, और उसके बाद रात में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।

इस दौरान अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, सुबह के समय दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो दोपहर और शाम तक बढ़कर 15-20 किमी प्रति घंटे हो सकती हैं।

आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और अगले दो दिनों में मौसम की गतिविधियां थोड़ी तेज हो सकती हैं। इसके अलावा, मंगलवार और बुधवार को राजधानी में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, मंगलवार से तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है और बाकी हफ्ते तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, बारिश से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बारिश के दौरान लोगों को धीमी रफ्तार वाले ट्रैफिक और निचले इलाकों में जलभराव का सामना करना पड़ सकता है।

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5 things to know before buying the TVS Raider 125

5 things to know before buying the TVS Raider 125

The TVS Raider 125 is one of the brand’s most popular motorcycles. Earlier this year, it crossed 19 lakh cumulative sales since its launch in 2021, accounting for nearly a third of TVS’ total motorcycle sales over that period. Here are answers to some of the most commonly asked questions about the sporty commuter.

1. What is the price of the TVS Raider 125?

The TVS Raider 125 is available in seven variants – Drum, Single Seat, Split Seat, iGO, SSE, SXC DD and TFT DD. Prices start at Rs 83,410 for the Drum variant and go up to Rs 99,620 for the range-topping TFT DD (both ex-showroom, Delhi).

2. What engine does the TVS Raider 125 use?

The Raider 125 is powered by a 124.8cc air and oil-cooled, single-cylinder engine producing 11.2hp at 7,500rpm and 11.75Nm at 6,000rpm. The Single Seat and Drum variants, which do not get TVS’ iGO Assist system, produce a slightly lower 11.2Nm of torque.

3. What features does the TVS Raider 125 have?

The Raider 125 is available with two instrument cluster options. All variants get an LCD display, while the range-topping TFT DD features a 5-inch TFT display with voice assist, call management, on-console notifications and turn-by-turn navigation. The TFT DD and SXC DD variants also disc brakes at both ends with single-channel ABS, while the remaining variants use a front disc and rear drum setup, except for the base Drum variant, which gets drum brakes at both ends. The Raider also comes with TVS’ Glide Through Technology, which allows the motorcycle to crawl forward at low speeds without any throttle input, similar to the creep function on an automatic car.

4. What is the kerb weight and ground clearance of the TVS Raider 125?

Kerb weight varies slightly across the range. The SSE, iGO and Split Seat variants weigh 123kg, the Drum and Single Seat variants weigh 124kg, while the TFT DD and SXC DD variants weigh 125kg. Ground clearance is rated at 180mm across the lineup.

5. What colours is the TVS Raider 125 available in?

The Raider 125 is available in 13 colour options across two alloy wheel finishes. Models with red alloy wheels are offered in Grey, Black and Red. Variants with black alloy wheels are available in Blue, Red, Purple, Yellow, Grey and Black, along with four Marvel-inspired liveries based on Black Panther, Iron Man, Deadpool and Wolverine.

Suzuki E-Access Performance Tested and Explained

Suzuki E-Access Tracking Shot Performance Story Lead Image

The Suzuki e-Access is the first electric two-wheeler from Suzuki Motorcycle India. It is powered by a hub-mounted permanent magnet synchronous motor producing 4.1kW of peak power and 15Nm of torque. The battery is a 3kWh LFP (Lithium Ferrous Phosphate) pack and Suzuki claims an IDC range of 95km on a full charge.

Suzuki e-Access: Acceleration

During our test, the conditions were dry.

Acceleration

Time

0-20kph

2.05 seconds

0-40kph

4.94 seconds

0-60kph

11.93 seconds

The e-Access gets three riding modes including Ride A, Ride B, and Eco. Ride A and Ride B modes offer similar performance with the only difference being level of regenerative braking. We conducted this acceleration test in Ride A with the battery state of charge above 97 percent. In this riding mode, acceleration to 20kph and 40kph took 2.05 seconds and 4.94 seconds respectively and acceleration becomes more gradual towards 60kph. Overall, the scooter offers decent performance for commuting in the city.

Suzuki e-Access: Roll-On Acceleration

The scooter delivers 6kW (8.04hp) of peak power.

Roll-On Acceleration

Time

20-50kph

5.46 seconds

30-70kph

17.01 seconds

In our roll-on acceleration tests, the scooter took 5.46 seconds to get from 20-50kph and 17.01 seconds from 30-70kph. In the city, it is able to make overtakes while riding in Ride A or Ride B mode. Eco mode is usable for the most part, but not the most potent for when you want to commute quickly.

Suzuki e-Access: Braking

Decent braking performance with good regenerative braking as well.

Braking

Distance

60-0kph

24.64 metres

The e-Access gets a disc brake at the front and a drum brake at the rear. The regenerative braking is also strong and at slow speeds, allows a rider to smoothly filter through stop-go traffic without having to constantly apply the brakes. From higher speeds, grabbing the rear brake lever too hard will cause the rear to lock up and slide.

Suzuki e-Access: Specifications and price

The Suzuki e-Access is built on an entirely new platform developed in-house rather than shared with the petrol Access 125.  

Peak Power

4.1kW

Max Torque

15Nm

Battery Capacity

3kWh

Kerb Weight

122kg

Brakes (F/R)

Disc / Drum

Tyres (F/R)

90/90-12  / 100/80-12 

Price (ex-showroom)

Rs 1.88 lakh (ex-showroom, Delhi)

The Suzuki e-Access is available in a single variant priced at Rs 1.88 lakh (ex-showroom, Delhi). 

‘जंतर-मंतर प्रोटेस्ट हैंडल करने में RAF से भारी गलती हुई…’ पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक के इस्तेमाल पर लगी रोक

RAF Bans Pellet Guns In Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान अपनी कार्रवाई की आंतरिक समीक्षा के बाद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने कड़ा रुख अपनाया है। आरएएफ ने अपनी कार्यशैली में गंभीर कमियां पाई हैं और राष्ट्रीय राजधानी में अपनी तैनाती के दौरान प्रोजेक्टाइल अटैक गन (PAG), एंटी-रायट गन (ARG), इलेक्ट्रिक शॉक वेपन्स और इलेक्ट्रिक शील्ड्स के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

22 जुलाई को इंस्पेक्टर जनरल (IG) सीमा धुंडिया की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह फैसला लिया गया। समीक्षा के दौरान भीड़ नियंत्रण, अनुशासन और जवाबदेही को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 26 सुधारात्मक कदमों को मंजूरी दी गई है।

बॉडी वार्न कैमरा अनिवार्य, अब हर एक्शन की होगी रिकॉर्डिंग

आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसे वीडियो सामने आए थे जिनमें बल प्रयोग की गंभीर कमियां दिखीं। वीडियो में सुरक्षाकर्मियों को उन लोगों पर भी बल प्रयोग करते देखा गया जो पहले ही तितर-बितर हो चुके थे। लोगों को जमीन पर पटकने और बैरिकेड्स के बाहर खड़े प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

इन गलतियों से सबक लेते हुए RAF ने अब सभी ऑपरेशन्स के लिए बॉडी वार्न कैमरा पहनना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा प्रमुख घटनाओं की समर्पित फोटोग्राफी/वीडियो-रिकॉर्डिंग और निगरानी को भी बढ़ाया जाएगा।

क्यों हुआ था 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर उग्र प्रदर्शन?

जंतर-मंतर पर 20 जुलाई का प्रदर्शन युवा संचालित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुआ था, जिसमें हजारों छात्र और युवा एकत्र हुए थे। छात्र NEET-UG पेपर लीक विवाद और बार-बार हो रही परीक्षा धांधलियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

संसद के मानसून सत्र के कारण लागू निषेधाज्ञा (Section 144) का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोका, जिससे दोनों पक्षों में तीखी झड़प हो गई। भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस, लाठीचार्ज और शारीरिक बल का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत करीब 180 लोग घायल हुए थे।

IG सीमा धुंडिया ने अधिकारियों की लगाई क्लास

आईजी सीमा धुंडिया ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से निपटने के आरएएफ के तरीके पर ‘गंभीर असंतोष’ व्यक्त किया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई जवान बिना किसी ब्रीफिंग के सीधे मौके पर पहुंच गए थे, जिससे तैनाती के दौरान भ्रम की स्थिति पैदा हुई। कमान अधिकारियों को हिदायत दी गई कि ऑपरेशन से पहले विस्तृत ब्रीफिंग और बाद में समीक्षा करना उनकी सीधी जिम्मेदारी है।

केवल ट्रेंड जवानों को ही मिलेगी भीड़ नियंत्रण की कमान

RAF ने अपनी प्रक्रियाओं में सुधार करते हुए यह नियम तय किया है कि अब से केवल वही जवान लॉ एंड ऑर्डर या क्राउड-कंट्रोल की ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे, जिन्होंने आरएएफ कंवर्जन ट्रेनिंग पूरी की है। मैनपावर की कमी के कारण अगर अन्य कर्मियों को तैनात किया जाता है, तो उन्हें ड्यूटी पर भेजने से पहले विशेष सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग दी जाएगी।

क्या अब जंतर-मंतर पर नहीं दिखेंगे अभिजीत दिपके? अस्पताल से बोलें- ‘सुबह-शाम चढ़ रही है आईवी ड्रिप, फिर भी धर्मेंद्र प्रधान…’

Delhi Weather Today: दिल्ली में फिर बरसेंगे बादल! बारिश और ठंडी हवाओं से मिलेगी उमस से राहत, जानें IMD का अपडेट

Delhi Weather Today: दिल्ली में शनिवार (25 जुलाई) को आसमान में बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है, जिस वजह से राजधानी में मौसम सुहावना बना रहेगा। बता दें कि इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बारिश और बूंदाबांदी से उमस भरे मौसम से राहत मिली थी, और शनिवार को भी बारिश के चलते तापमान के नियंत्रण में रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को दिल्ली में दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। इस दौरान सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। दिल्ली-एनसीआर के अन्य मौसम केंद्रों पर भी दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। पालम में अधिकतम तापमान 32.9°C, लोधी रोड और रिज में 33.3°C, जबकि आयानगर में भी 33.3°C रिकॉर्ड किया गया।

दिन भर हल्की बारिश के आसार

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 25 जुलाई को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से लेकर दोपहर से पहले तक बहुत हल्की से हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद दोपहर और शाम के समय भी हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर 20-30 किमी/घंटा की रफ्तार से सतही हवाएं चलने और इनके झोंके 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पूरे दिन मौसम सुहावना बना रहेगा।

इन सभी मौसमी घटनाओं के चलते शनिवार को अधिकतम तापमान 33°C से 35°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के बीच रह सकता है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। वहीं, शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों में सफदरजंग में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में 0.6 मिमी, लोधी रोड में 0.8 मिमी और रिज में 3.6 मिमी बारिश हुई।

इसके बाद सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच कई जगहों पर बारिश जारी रही। इस दौरान पालम में 3.3 मिमी, सफदरजंग में 0.6 मिमी, लोधी रोड में 0.5 मिमी और अयानगर में 0.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली में शुक्रवार को AQI

एयर क्वालिटी की बात करें तो, शुक्रवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में बनी रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 70 था, जो मानसून के हालात के बावजूद हवा के काफी साफ होने का संकेत देता है।

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