Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें अपडेट, जानें आपके शहर का रेट

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 15 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 15 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के हल्की बढ़त के साथ सपाट खुलने की संभावना दिख है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,045.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में भारी गिरावट आई। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत रहे। कल बाजार की शुरुआत कमजोर रही और निफ्टी गिरकर 24,100 के नीचे आ गया। पूरे सेशन के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता दिखा। खासकर IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही,जिससे इंडेक्स 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दिन के अपने निचले स्तरों के आस-पास बंद हुए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ।

हॉर्मुज पर 20% टोल टैक्स से पलटे ट्रंप

हॉर्मुज पर 20 परसेंट टोल से ट्रंप पलट गए हैं। उन्होंने खाड़ी देशों के दबाव के बाद फैसला बदला है। उन्होंने कहा है कि इसके बदले में गल्फ के देश US में बड़ा निवेश करेंगे। इधर अमेरिका ने फिर ईरान की नाकेबंदी कर दी है। 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात करते हुए ईरानी ठिकानों पर भीषण हमले जारी हैं।

कच्चा तेल $86 के करीब कायम, सोने में करीब 1% की बढ़त

ट्रंप के टोल टैक्स से पीछे हटने के बावजूद कच्चे तेल में तेजी कायम है। इसका भाव 86 डॉलर के करीब दिख रहा है। उधर US में अनुमान से कम रिटेल महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में करीब एक फीसदी की बढ़त है।

एक दिन में 25% फिसला IBM, 3% से ज्यादा फिसले इंफोसिस और विप्रो के ADR

IT शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी। Q2 के कमजोर कारोबारी अपडेट के बाद IBM एक दिन में ही 25% टूट गया। इस स्टॉक में 58 साल में पहली बार एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट आई। इंफोसिस और विप्रो के ADR भी तीन फीसदी से ज्यादा फिसले हैं।

टाटा एलेक्सी का Q1 मुनाफा 22.6% घटा

पहली तिमाही में टाटा एलेक्सी के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसके मुनाफे में 23 फीसदी की कमी आई है। मार्जिन पर भी करीब 3 फीसदी का दबाव दिखा है। हालांकि आय में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आज आएंगे HDFC LIFE के नतीजे, वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

नतीजों के लिहाज से आज का दिन अहम है। आज निफ्टी में शामिल HDFC LIFE के नतीजे आएंगे। Q1 में इसका Annual Premium Equivalent 7% बढ़ सकता है। हालांकि VNB MARGIN पर दबाव दिख सकता है। साथ ही ICICI PRU, HDFC AMC समेत वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 20.50 अंक यानी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,037 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए सुस्ती का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.59 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.38 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.07 फीसदी की बढ़त दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 1.72 फीसदी की मजबूती नजर आ रही है। वहीं,कोस्पी 6.23 फीसदी भागा है। शांघाई कंपोजिट में 0.05 फीसदी की हल्की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और नैस्डैक में बढ़त देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद,बड़े बैंकों के अच्छे नतीजों और उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की जोखिम लेने की भूख बढ़ाई। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 अंक या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया। S&P 500 में 28.55 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,543.89 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 233.83 अंक या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर पहुंच गया।

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डॉलर इंडेक्स

डॉलर अपने सभी ‘ग्रुप-ऑफ-10’साथियों के मुकाबले कमजोर हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.80 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से घटकर 4.58% और 4.18% हो गई है।

एशियन करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसी में पिछली क्लोज़िंग के मुकाबले मामूली बढ़त दिख रही है। इसमें मलेशियाई रिंगित सबसे आगे है,जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर में 0.196% और जापानी येन में 0.154% की बढ़त हुई है। फिलीपीन पेसो में 0.123 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर (0.109 प्रतिशत),इंडोनेशियाई रुपया (0.099 प्रतिशत), चीनी रेनमिनबी (0.097 प्रतिशत) और दक्षिण कोरियाई वॉन (0.088 प्रतिशत) का नंबर है। थाई बहत में सबसे कम बढ़त देखी जा रही है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.045 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 14 जुलाई को 739 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,927 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान पर एयरस्ट्राइक की:ट्रम्प बोले- अगले हफ्ते बिजलीघर और पुल उड़ाएंगे, समझौता नहीं किया तो कुछ नहीं बचेगा

अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम मंगलवार रात भी हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी करेंगे। अगले हफ्ते ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी चलाया जा सकता है, हालांकि इसके लिए सहयोगी देशों की मदद ली जा सकती है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान पर एयरस्ट्राइक की:ट्रम्प बोले- अगले हफ्ते बिजलीघर और पुल उड़ाएंगे, समझौता नहीं किया तो कुछ नहीं बचेगा

अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम मंगलवार रात भी हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी करेंगे। अगले हफ्ते ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी चलाया जा सकता है, हालांकि इसके लिए सहयोगी देशों की मदद ली जा सकती है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

US-Iran War News: होर्मुज को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान! ईरानी जहाजों पर पूरी नाकाबंदी, शुल्क लगाने की धमकी से पीछे हटे

US-Iran War News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान को छोड़कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी देशों के लिए खुला रहेगा। जबकि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी नाकाबंदी लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘ए अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।

टैरिफ वाले बयान से पीछे हटे

डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी योजना से एक दिन बाद ही पीछे हटते हुए कहा कि इसके बजाय पश्चिम एशियाई देश अमेरिका के साथ निवेश और व्यापार समझौते करेंगे।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा. “पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ अत्यंत सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने 20 प्रतिशत अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क को उन व्यापार और निवेश समझौतों से बदलने का फैसला किया है। उन्हें विभिन्न खाड़ी देश अमेरिका में करेंगे।”

राष्ट्रपति ने कहा कि ये निवेश बहुत बड़े पैमाने पर होंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उन नई प्रतिबद्धताओं से अलग होंगे या नहीं, जिनकी घोषणा ट्रंप ने पिछले साल पश्चिम एशिया यात्रा के बाद की थी।

ईरान का हिंसक दौर अब खत्म होगा?

ट्रंप ने दुनिया को भरोसा दिलाते हुए संकल्प लिया है कि अमेरिका, ईरान को कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने दावा किया है कि इन कड़े कदमों के बाद अब क्षेत्र में ईरान का हिंसक और आक्रामक दौर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

होर्मुज में हमले में एक भारतीय की मौत

भारत ने कमर्शियल पोत ‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।

संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए। ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष में पश्चिम एशिया में 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।

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विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। साथ ही प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।

दिल्ली-NCR रैपिड रेल नेटवर्क से जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश ‘नमो भारत कॉरिडोर’, जानें इसका रूट और पूरा प्लान

Namo Bharat corridor: दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश की यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाली है। केंद्र सरकार ने मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का डीपीआर (DPR) तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर यह कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के मौजूदा नमो भारत नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और रोजाना सफर करने वालों को बड़ा फायदा मिलेगा।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा का समय कम होगा। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक तेज, सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा संभव होगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कहां से कहां तक बनेगा यह रूट?

यह नया कॉरिडोर करीब 150 किलोमीटर लंबा होगा, जो दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के आखिरी स्टेशन मोदीपुरम से आगे बढ़ाया जाएगा:-

उत्तर प्रदेश में हिस्सा: यूपी में यह 72 किलोमीटर लंबा होगा, जो मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों से होकर गुजरेगी।

उत्तराखंड में हिस्सा: उत्तराखंड में इसकी लंबाई 78 किलोमीटर होगी, जिसके तहत रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश को कवर किया जाएगा।

इन प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी रैपिड रेल

यह रैपिड रेल मोदीपुरम से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, हरिद्वार में हर की पौड़ी और ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास तक जाएगी।

उत्तराखंड और यूपी सरकार मिलकर करेंगी काम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच हुई एक बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इस कॉरिडोर को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC), उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार मिलकर संयुक्त रूप से विकसित करेंगे।

काम में तेजी लाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, समय पर जमीन अधिग्रहण और रूट सर्वे के लिए NCRTC और यूपी सरकार ने भी अपने तालमेल अधिकारी तैनात कर दिए हैं।

दिल्ली-NCR और पूरे नेटवर्क से कैसे जुड़ेगा यह कॉरिडोर?

यह नया रूट मोदीपुरम में पहले से बन रहे 82.15 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से सीधे जुड़ जाएगा। इसके फायदे कुछ इस तरह होंगे:-

दिल्ली-एनसीआर से डायरेक्ट एंट्री: यात्री सीधे साहिबाबाद, दुहाई, गुलधर, आनंद विहार और सराय काले खां जैसे स्टेशनों तक आ-जा सकेंगे। नोएडा और गाजियाबाद के लोगों के लिए भी हरिद्वार-ऋषिकेश जाना बेहद आसान हो जाएगा।

सराय काले खां बनेगा महा-हब: सराय काले खां स्टेशन दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब बनने जा रहा है। यहां से यात्री दिल्ली-गुरुग्राम-शाहजहाँपुर-नीमराना-अलवर कॉरिडोर के लिए ट्रेन बदल सकेंगे। यानी उत्तराखंड से आने वाले लोग सीधे गुरुग्राम या अलवर जा पाएंगे।

पानीपत और जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी: यात्री सराय काले खां या हजरत निजामुद्दीन से दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर के लिए भी ट्रेन बदल सकेंगे। इसके अलावा, गाजियाबाद के रास्ते प्रस्तावित गाजियाबाद-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरिडोर से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सकेगा।

मेट्रो और रेलवे से सीधा जुड़ाव: आनंद विहार स्टेशन पर नमो भारत नेटवर्क से उतरकर यात्री सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और पिंक लाइन, आनंद विहार रेलवे टर्मिनल और आनंद विहार ISBT (बस अड्डा) तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सकेंगे।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इस कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद न केवल सफर का समय बचेगा, बल्कि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों (हरिद्वार-ऋषिकेश), पर्यटन केंद्रों और वाणिज्यिक (कमर्शियल) शहरों तक पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।

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Stocks to Watch: 15 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 15 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। वहीं कुछ को बड़े ऑर्डर, नई मंजूरी और अहम कॉरपोरेट अपडेट मिले हैं। इसके अलावा विदेशी बाजारों से आए संकेत भी कुछ सेक्टरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। बाजार खुलने से पहले जानिए किन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियों Infosys और Wipro के ADR में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी टेक कंपनी IBM के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। इसका असर बुधवार को घरेलू बाजार में Infosys, Wipro, TCS, HCLTech जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Elxsi का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी पहली बार ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। इससे पहले कंपनी ने तिमाही नतीजों में बेहतर ग्रोथ दर्ज की थी।

L&T Technology Services

आईटी कंपनी L&T Technology Services (LTTS) ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू, मार्जिन और कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। वहीं, मुनाफा अनुमान के लगभग बराबर रहा।

Anand Rathi Shares & Stock Brokers

ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Shares & Stock Brokers ने FY27 की शुरुआत अच्छी की है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.2% बढ़ा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम, मार्जिन फंडिंग और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank ने कहा है कि 18 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में विदेशी बाजारों से फंड जुटाने की सीमा बढ़ाने पर विचार होगा। इसके तहत बैंक बॉन्ड, नोट्स और ऑफशोर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी कर पूंजी जुटा सकेगा।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank ने कहा है कि वह Fairfax Financial की संशोधित बोली से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता। बैंक ने कहा कि रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) की प्रक्रिया गोपनीय है। यह सफाई शेयर कीमत में हलचल के बाद NSE की ओर से मांगे गए जवाब के बाद दी गई।

Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank ने बताया कि उसकी सब्सिडियरी Axis Finance में प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा हो गया है। इसके बाद बैंक की हिस्सेदारी घटकर 94.92% रह गई है। हालांकि, हिस्सेदारी कम होने के बावजूद Axis Bank कंपनी की होल्डिंग कंपनी बना रहेगा।

Capacit’e Infraprojects

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Capacit’e Infraprojects को मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में सुपर हाई-राइज टावर T5 के निर्माण का ₹482 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट में बेसमेंट, पोडियम, क्लबहाउस, सर्विस फ्लोर, पेंटहाउस और टेरेस समेत सिविल निर्माण का काम शामिल है।

DEN Networks

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड कंपनी DEN Networks ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹54 करोड़ से घटकर ₹37 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में मामूली बढ़त रही और यह ₹241.3 करोड़ से बढ़कर ₹242.8 करोड़ हो गया।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery को बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने उसकी सब्सिडियरी Delhivery Financial Services को NBFC-ND (Type II) के तौर पर काम करने की अनुमति दे दी है। इससे कंपनी अब फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार को आगे बढ़ा सकेगी।

Kirloskar Brothers

पंप बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी Kirloskar Brothers की ब्रिटेन स्थित सब्सिडियरी SPP Pumps को बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है। कंपनी को Saipem Offshore Construction से 11.67 मिलियन पाउंड (करीब ₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है। इसके तहत वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई की जाएगी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी IOL Chemicals and Pharmaceuticals को चीन से बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के Clopidogrel Bisulfate API को चीन की National Medical Products Administration (NMPA) से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी के निर्यात कारोबार को मजबूती मिल सकती है।

Easy Trip Planners

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Easy Trip Planners (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत डिजिटल कैंपेन के जरिए राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही देशभर के यात्रियों के बीच झारखंड की पहचान मजबूत करने पर काम होगा।

Jain Resource Recycling

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Jain Resource Recycling के तमिलनाडु प्लांट में भट्टी में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद प्लांट के प्रभावित हिस्से का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) के बोर्ड ने उसकी सब्सिडियरी HSCC (India) के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। यह विलय ‘गोइंग कंसर्न’ आधार पर किया जाएगा।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral News: पोते को संभालने की बजाय बॉयफ्रेंड से मिलने गई सास! गुस्साई बहू ने तोड़ दीं 4 पसलियां

Viral News: पूर्वी चीन (Eastern China) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भारत के पड़ोसी देश में एक महिला ने अपनी बुजुर्ग सास पर इसलिए हमला कर दिया क्योंकि सास ने पोते-पोतियों की देखभाल करने के बजाय अपने बॉयफ्रेंड के साथ बाहर घूमने चली गई। इस हिंसक हमले में बुजुर्ग महिला की चार पसलियां टूट गईं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। इस मामले ने पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना झेजियांग प्रांत के जियाक्सिंग शहर की है। इसे हाल ही में झेजियांग टेलीविजन द्वारा रिपोर्ट किया गया है। मामला तब और विवादित हो गया जब बेटे ने भी अपनी मां का साथ देने के बजाय पत्नी का समर्थन कर दिया। उसने कहा कि उसकी मां इसकी हकदार थी। इस घटना ने चीन में दादा-दादी की जिम्मेदारियों और बुजुर्गों के निजी जीवन को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

अलग शहरों में रहते थे पति-पत्नी: पीड़ित बुजुर्ग महिला का उपनाम ‘शेन’ है। वह अपने बेटे ‘जियाओ’ के दो बच्चों की देखभाल करती थीं। जबकि बेटा और बहू दोनों अलग-अलग शहरों में काम करते थे।

पति की मौत के बाद बदली जगह: पति के निधन के बाद, शेन अपना गृहनगर छोड़कर जियाक्सिंग में अपनी एक बेटी के साथ रहने आ गई थीं। विवाद तब शुरू हुआ जब एक बच्चे ने घर में लगे सर्विलांस कैमरे (CCTV) के जरिए अपनी मां को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। उसकी दादी उसका तापमान (फीवर) भी नहीं नाप रही हैं। यह सुनकर मां घबरा गई और तुरंत हाई-स्पीड ट्रेन पकड़कर जियाक्सिंग पहुंची और सास से भिड़ गई।

‘बच्चों को संभालने से अच्छा तो मैं मर जाऊं…’

बहू के आरोपों पर सास शेन ने बाद में सफाई देते हुए कहा, “बच्चे को संभालना बहुत मुश्किल हो रहा था। उस वक्त उनके खुद के दांत में बहुत तेज दर्द था। जब बहू ने उन्हें अस्पताल ले जाने की बात कही, तो शेन ने मना कर दिया और कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड से मिलने जाना चाहती हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि बच्चों की देखभाल करने से बेहतर है कि मैं मर जाऊं।”

इसी बात पर दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बहू ने बुजुर्ग शेन पर हमला कर दिया। इससे उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उनकी चार पसलियां फ्रैक्चर हो गईं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्चों की देखभाल को लेकर शेन पर बहू द्वारा हमला किए जाने की यह पहली घटना नहीं थी।

बेटे का चौंकाने वाला बयान

इस पूरे मामले ने तब और भी भयानक मोड़ ले लिया जब पीड़ित महिला के सगे बेटे (जियाओ) ने सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी का बचाव किया। बेटे ने अपनी ही मां को अनैतिक करार दिया। उसने कहा कि वह इस पिटाई के ही लायक थी, क्योंकि उसने अपने पोते-पोतियों को छोड़कर अपने अफेयर पर ध्यान देना चुना।

आर्थिक मदद की मांग: बेटे ने दलील दी है कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में उसकी मां को या तो बच्चों को पालने में मदद करनी चाहिए या फिर उसे पैसे (फाइनेंशियल सपोर्ट) देने चाहिए।

बेटियों ने किया मां का समर्थन

दूसरी तरफ, शेन की बेटियों ने अपने भाई और भाभी की इस हरकत का कड़ा विरोध किया है। बेटियों का कहना है कि उनकी मां ने सालों तक बेहद कम सैलरी पर एक सफाई कर्मचारी के रूप में काम किया है। इसलिए जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें एक साथी के साथ खुश रहने और अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक है।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

चीनी सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर काफी बहस हो रही है। लोगों का कहना है कि दादा-दादी या नाना-नानी की यह कानूनी या नैतिक जिम्मेदारी नहीं है कि वे जबरन बच्चों की देखभाल करें। यूजर्स ने बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है।

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Haldiram’s London food prices: भारत में कई परिवारों के पसंदीदा और सबसे भरोसेमंद रेस्टोरेंट ‘हल्दीराम’ (Haldiram’s) ने अब लंदन में भी अपना नया आउटलेट खोल लिया है। सोशल मीडिया पर इस नए आउटलेट के बाहर लगी लोगों की लंबी लाइन के वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं। लेकिन जिस बात ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा है, वह है इसके खाने की कीमतें…। भारत में जहां एक प्लेट पानी पुरी करीब ₹75 में मिल जाती है। वहीं, लंदन के Haldiram’s में इसकी कीमत £6.50 (करीब ₹830) रखी गई है।

इसी तरह पाव भाजी के लिए ग्राहकों को £9.90 (करीब ₹1,270) और गार्लिक नान के लिए £5 (करीब ₹640) चुकाने पड़ रहे हैं। यानी लंदन में Haldiram’s के अधिकांश व्यंजनों की कीमतें भारत के मुकाबले लगभग सात गुना अधिक हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन में रेस्तरां चलाने की भारत के मुकाबले अधिक लागत, आयात शुल्क, टैक्स और कर्मचारियों पर होने वाला खर्च भारत की तुलना में काफी अधिक है। यही वजह है कि वहां कीमतें भी ज्यादा रखी गई हैं।

इसके अलावा, Haldiram’s ने लंदन में खुद को एक प्रीमियम भारतीय कैजुअल डाइनिंग ब्रांड के रूप में पेश करने की रणनीति अपनाई है, न कि भारत की तरह किफायती फैमिली रेस्तरां के रूप में…। लंदन आउटलेट का मेन्यू भी भारत की तुलना में छोटा और चुनिंदा व्यंजनों वाला है। इसमें हर डिश का डिटेल्स दिया गया है ताकि विदेशी ग्राहकों को भारतीय व्यंजनों को बेहतर ढंग से समझने में आसानी हो।

किसका था आइडिया?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘लेस्टर स्क्वायर’ (Leicester Square)  स्थित इस रेस्तरां में 110 लोगों के बैठने की क्षमता है। Haldiram’s के इस अंतरराष्ट्रीय विस्तार के पीछे परिवार की 24 वर्षीय रिया अग्रवाल की अहम भूमिका बताई जा रही है। रिया ने करीब 11 वर्षों तक लंदन में पढ़ाई की है। उनका मानना है कि ब्रिटेन में भारतीय भोजन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए Haldiram’s को वहां एक घरेलू नाम बनाया जा सकता है। इसी सोच के साथ कंपनी ने ब्रिटेन के मार्केट में कदम रखा है।

लंदन और भारत के दामों में जमीन-आसमान का अंतर 

पानी पूरी: भारत में जहां एक प्लेट पानी पूरी के लिए आपको अमूमन ₹75 देने पड़ते हैं। वहीं लंदन में इसके लिए लोगों को 830 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।

पाव भाजी: भारत में मिलने वाली बजट-फ्रेंडली ‘पाव भाजी’ के लिए लंदन में 9.90 पाउंड यानी करीब ₹1,270 ढीले करने होंगे।

गार्लिक नान: इसी तरह एक गार्लिक नान की कीमत 5 पाउंड यानी लगभग ₹640 है।

लंदन स्टोर में हल्दीराम के खाने की कीमतें देश की राजधानी दिल्ली के मुकाबले आसानी से 7 गुना ज्यादा हैं। इसके अलावा, विदेशियों को भारतीय व्यंजनों के बारे में बेहतर ढंग से समझाने के लिए वहां का मेन्यू काफी छोटा और हर डिश के डिस्क्रिप्शन (description) के साथ तैयार किया गया है।

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आखिर इतने महंगे क्यों हैं दाम?

आपको बता ही है कि लंदन जैसे शहर में रेस्टोरेंट चलाने का ऑपरेटिंग खर्च (किराया, स्टाफ की सैलरी), मसालों और सामग्रियों के इंपोर्ट का खर्च और टैक्स भारत के मुकाबले बहुत अधिक है। इसके साथ ही, हल्दीराम खुद को वहां एक रोजमर्रा के बजट रेस्टोरेंट के बजाय एक प्रीमियम इंडियन कैजुअल डाइनिंग स्पॉट के रूप में स्थापित करना चाहता है।

अब देश को मिलेगी पहली सरकारी AI यूनिवर्सिटी! जानिए इसे लेकर क्या हुआ ऐलान, कैसी है तैयारी

AI university in India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत एक नया इतिहास रचने जा रहा है। देश को जल्द ही अपनी पहली सरकारी एआई यूनिवर्सिटी मिलने वाली है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार (14 जुलाई) को यह बड़ा ऐलान किया कि राज्य देश की पहली सरकारी स्तर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2026 के उद्घाटन के दौरान की। इस कार्यक्रम में देश और दुनिया भर से टेक्नोलॉजी लीडर्स, इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स, डेवलपर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी मेकर्स हिस्सा ले रहे हैं।

एआई यूनिवर्सिटी और AI Hub की होगी स्थापना

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार जिम्मेदार एआई इनोवेशन के मामले में कर्नाटक को एक वैश्विक लीडर बनाना चाहती है। इसके लिए दो बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पहला सरकारी एआई यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी विश्व स्तरीय एआई टैलेंट तैयार करने, रिसर्च को आगे बढ़ाने और अकादमिक जगत, इंडस्ट्री एवं सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दूसरा AI Hub भी स्थापित होगा जो स्टार्टअप्स, कंपनियों और अन्य संस्थानों द्वारा एआई के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में काम करेगा। सीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तुलना भाप के इंजन, बिजली, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी से करते हुए कहा कि यह इस पीढ़ी की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है।

आईटी सेक्टर में कर्नाटक की मजबूत हिस्सेदारी

बेंगलुरु और कर्नाटक के मौजूदा तकनीकी दबदबे को बताते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में अकेले कर्नाटक की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। बेंगलुरु वर्तमान में 17000 से अधिक स्टार्टअप्स और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का घर है जो वैश्विक बाजार के लिए प्रोडक्ट्स डिजाइन और इंजीनियर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य को एक AI-native राज्य बनाना है। ऐसा राज्य जहां एआई केवल एक तकनीकी नारा बनकर न रहे बल्कि इसका इस्तेमाल सुशासन और लोगों के रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारी से किया जाए।

इन 5 क्षेत्रों में गूगल के साथ साझेदारी का न्योता

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कर्नाटक के साथ दो दशकों से अधिक समय की गूगल की साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स, क्रोम, जीमेल और गूगल पे जैसे गूगल के प्रोडक्ट्स ने भारतीयों के ज्ञान प्राप्त करने, व्यापार करने और सरकारी सेवाओं के साथ जुड़ने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।

मुख्यमंत्री ने गूगल को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु अनुकूलन, अर्बन मोबिलिटी और सुशासन के लिए एआई समाधान बनाने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सहयोग के लिए 5 प्रमुख क्षेत्रों का खाका पेश किया:-

1- एआई टूल्स का विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और छोटे व्यवसायों के लिए विशेष एआई टूल्स विकसित करना।

2- भारतीय स्टार्टअप्स को सपोर्ट: बड़े पैमाने पर भारतीय चुनौतियों का समाधान खोजने वाले स्टार्टअप्स को सहायता देना।

3- एआई लर्निंग का विस्तार: पूरे कर्नाटक में छात्रों के लिए एआई सीखने के अवसरों को बढ़ाना।

4- ग्लोबल लैबोरेटरी बनाना: कर्नाटक को जिम्मेदार टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक प्रयोगशाला के रूप में स्थापित करना।

5- लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप: इकोसिस्टम पार्टनर के रूप में गूगल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और गहरा करना।

भविष्य के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

कर्नाटक सरकार देश के इस तकनीकी हब के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य सरकार डेटा सेंटर्स सहित अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखेगी ताकि एआई इनोवेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं को जरूरी सपोर्ट मिल सके।

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समारोह के अंत में डेवलपर्स और युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्रांतियां हमेशा जिज्ञासा और ‘क्या हम इसे अलग तरीके से कर सकते हैं?’ पूछने की इच्छा से शुरू होती हैं। उन्होंने डेवलपर्स को निडर होकर निर्माण करने, उद्यमियों को बड़े सपने देखने और शोधकर्ताओं को नवाचार जारी रखने का आग्रह किया।