Siddharth Saxena: कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना? जिन्होंने 26 साल की उम्र में एक दिन में कमाए 76.99 करोड़ रुपये!

Who is Siddharth Saxena: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय टेक एंटरप्रेन्योर की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। इस शख्स का नाम है सिद्धार्थ सक्सेना। इन्होंने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने महज 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (करीब 76.99 करोड़ रुपये) की कमाई की थी। कंटेंट क्रिएटर विराज अला के साथ हुए एक स्ट्रीट इंटरव्यू में सिद्धार्थ ने भारत के एक छोटे से शहर से अमेरिका में मल्टी-मिलियन डॉलर की कंपनियां खड़ी करने तक के अपने इस शानदार सफर के बारे में खुलकर बात की है। आइए जानते हैं कि कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना और उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया।

IIT कानपुर से की पढ़ाई, बोले- हार्वर्ड से 20 गुना मुश्किल है एडमिशन

विराज अला को दिए इंटरव्यू में सिद्धार्थ सक्सेना ने अपनी पढ़ाई और करियर के बारे में कई दिलचस्प बातें साझा कीं। सिद्धार्थ ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बी. टेक की डिग्री हासिल की है। वह साल 2019 में आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट हुए थे। इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ ने दावा किया कि आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला पाना अमेरिका की प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलने से 20 गुना ज्यादा कठिन है।

एक दिन में ₹76.99 करोड़ की कमाई का सच

जब इंटरव्यूअर विराज अला ने सिद्धार्थ से पूछा कि उन्होंने एक साल में अधिकतम कितनी कमाई की है, तो सिद्धार्थ ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्होंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (लगभग 76.99 करोड़ रुपये) कमाए हैं। इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि वह रातों-रात करोड़पति बन गए, तो उन्होंने कहा कि हां, कुछ ऐसा ही कह सकते हैं। उन्होंने महज 26 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल कर लिया था। सिद्धार्थ ने बताया कि जब वह 16 साल के थे तब उन्होंने अपने भविष्य में इस तरह की सफलता की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की थी।

कैसा रहा है सिद्धार्थ का करियर और बिजनेस?

आईआईटी कानपुर से 2019 में पास आउट होने के बाद सिद्धार्थ ने मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम किया। उनके करियर के सफर में Envestnet, Yodlee, Wadhwani AI जैसी कंपनियों और एल्टो यूनिवर्सिटी, जूमियो कॉर्पोरेशन जैसे संस्थान रहे।

Merlin और Thine के को-फाउंडर

नौकरी के बाद सिद्धार्थ ने एंटरप्रेन्योरशिप की राह चुनी। साल 2022 में सिद्धार्थ ने अपने आईआईटी कानपुर के बैचमेट्स प्रत्यूष राय और शीर्षेंदु सरकार के साथ मिलकर Merlin नाम की एक एआई-पावर्ड क्रोम एक्सटेंशन कंपनी की सह-स्थापना की। रिपोर्ट्स के मुताबिक आज इस कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 50 मिलियन डॉलर (करीब 418 करोड़ रुपये से अधिक) है। इसके अलावा सिद्धार्थ एक दूसरे स्टार्टअप Thine के भी को-फाउंडर हैं।

स्टार्टअप्स को लेकर क्या है उनकी सोच?

स्टार्टअप और बिजनेस को लेकर सिद्धार्थ का मानना है कि भारत में सीमित संसाधनों की वजह से बहुत से लोग स्कार्सिटी माइंडसेट (कमी की सोच/सुरक्षित चलने की मानसिकता) के साथ बड़े होते हैं। उनका कहना है कि सफल उद्यमी बनने के लिए इस मानसिकता को बदलकर अबंडेंस माइंडसेट (प्रचुरता की सोच) अपनाना बेहद जरूरी है, जहां लोग खुलकर जोखिम लेने और नए अवसरों की तलाश करने के लिए तैयार रहें।

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सिद्धार्थ ने दोनों देशों के वर्क-कल्चर की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में लोग अक्सर काम को इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे उसे पसंद करते हैं जबकि भारत में कई बार लोग मजबूरी या जरूरत की वजह से काम करते हैं।

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी प्रशासन का सीधा परिणाम हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी शासन का परिणाम हैं। स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता का सहारा लिया है। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा।”

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PoK भारत का अभिन्न हिस्सा

 

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत लगातार पाकिस्तान पर इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके अधिकारों के दमन का आरोप लगाता रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। MEA ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

 

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाल ही में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत पर भारत ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत

सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं।

 

शेख हसीना की वापसी पर भारत का जवाब

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। यदि प्रत्यर्पण (Extradition) से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उसका निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

 

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर क्या बोला भारत?

भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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निज्जर हत्याकांड पर भी भारत की प्रतिक्रिया

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जोड़ने पर भारत ने कहा कि RCMP की टिप्पणियां हाल ही में सार्वजनिक हुए अमेरिकी अभियोग (US Indictment) के अनुरूप हैं। भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

19 नवंबर 2023 के बाद वनडे खेला जसप्रीत बुमराह ने, बनाया यह रिकॉर्ड (Video)

जसप्रीत बुमराह ने मंगलवार को अपने उल्लेखनीय करियर में एक और शानदार अध्याय जोड़ा, वह इंग्लैंड में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के सबसे सफल विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए और 150 एकदिवसीय विकेट के मील के पत्थर तक भी पहुंच गए।

तेज़ गेंदबाज़ ने वनडे के दौरान इंग्लैंड के हैरी ब्रूक को आउट करके दोहरी उपलब्धि हासिल की, और इंग्लैंड में 31 विकेट के साथ भारत के सर्वकालिक वनडे विकेट चार्ट में रवींद्र जड़ेजा के 30 विकेटों को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंच गए।

जसप्रीत बुमराह का ऐतिहासिक विकेट अलग  अंदाज़ में आया। तेज गेंदबाज ने चतुराई से छिपी धीमी गेंद से ब्रुक को धोखा दिया जो पिच से अजीब तरीके से उछल गयी। इंग्लैंड का बल्लेबाज केवल गेंद का बचाव कर सका, जो गेंद से टकराकर पहली स्लिप में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के पास पहुंची।

ब्रुक तीन गेंदों में एक रन बनाकर आउट हो गए और बुमराह ने भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। इस विकेट से वनडे क्रिकेट में बुमराह का 150वां विकेट भी जुड़ गया, जो भारत के महानतम सफेद गेंद गेंदबाजों में से एक के रूप में उनकी स्थिति को रेखांकित करता है।

उच्च दबाव वाली परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए माने जाने वाले, बुमराह ने लगातार सभी परिस्थितियों में भारत के तेज आक्रमण का नेतृत्व किया है, इंग्लैंड में उनके कारनामे सीम-अनुकूल वातावरण में उनकी महारत के प्रमाण के रूप में सामने आए हैं।

इंग्लैंड में भारत के प्रमुख एकदिवसीय विकेट लेने वालों की अद्यतन सूची अब इस प्रकार है: जसप्रीत बुमराह (31), रवींद्र जड़ेजा (30), भुवनेश्वर कुमार (28), मदन लाल (27) और मोहम्मद शमी (26)। ये दोनों मील के पत्थर भारत के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक के रूप में बुमराह की विरासत को और मजबूत करते हैं, 32 वर्षीय गेंदबाज जब भी मैदान पर उतरते हैं तो रिकॉर्ड बुक को फिर से लिखना जारी रखते हैं।

7 Electric Scooters, कम हाइट वालों को ट्रैफिक में भी नहीं होगी परेशानी, देखें List

electonic scooter

अगर आपकी हाइट कम है और इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो सीट हाइट (Seat Height) सबसे अहम चीजों में से एक होती है। कम सीट हाइट होने से स्कूटर रोकते समय दोनों पैर आसानी से जमीन पर टिक जाते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और शहर के ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है। जानिए 7 स्कूटर्स- 

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1. Bajaj Chetak (30 और 35 Series) – सीट हाइट: 775mm

 

Bajaj Chetak भारत के सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक है। C3001, C3501, C3502 और C3503 जैसे सभी वेरिएंट्स में 775mm की सीट हाइट मिलती है। इन मॉडलों में बैटरी, रेंज और फीचर्स का अंतर है, लेकिन सीट की ऊंचाई समान रहती है।

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2. TVS iQube – सीट हाइट: 770mm

 

TVS iQube फिलहाल भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर है। इसके सभी वेरिएंट्स—iQube, iQube S और iQube ST—में 770mm सीट हाइट दी गई है, जिससे यह छोटे कद के राइडर्स के लिए अच्छा विकल्प बन जाता है।

 

3. Kinetic DX – सीट हाइट: 770mm

 

Kinetic DX का डिजाइन पुराने Kinetic Honda DX से प्रेरित है। इसमें रेट्रो स्टाइलिंग के साथ मेटल बॉडी दी गई है। इसकी 770mm सीट हाइट के अलावा इसमें 37 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जो इस सेगमेंट में काफी बड़ा माना जाता है।

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4. Yamaha EC-06 – सीट हाइट: 770mm

 

Yamaha EC-06 का प्लेटफॉर्म River Indie पर आधारित है, लेकिन इसका डिजाइन अलग है। इसमें 770mm सीट हाइट और 24.5 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है।

 

5. Suzuki e-Access – सीट हाइट: 765mm

 

Suzuki e-Access की 765mm सीट हाइट इसे और भी आरामदायक बनाती है। इसमें की-लेस एक्सेस, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 95 किमी की दावा की गई IDC रेंज मिलती है। हालांकि इसकी कीमत करीब 1.88 लाख रुपये है, जो कई प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा है।

 

6. Ampere Nexus – सीट हाइट: 765mm

 

Ampere Nexus EX और ST दोनों वेरिएंट्स में उपलब्ध है। दोनों में 765mm सीट हाइट दी गई है। अंतर केवल डिस्प्ले और कनेक्टिविटी फीचर्स का है।

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7. TVS Orbiter – सीट हाइट: 763mm

 

TVS Orbiter के V1 और V2 वेरिएंट्स में 763mm सीट हाइट मिलती है। दोनों मॉडलों में बॉडी डिजाइन समान है, जबकि बैटरी और कनेक्टिविटी फीचर्स अलग-अलग हैं।

भारी बारिश की रेड वॉर्निंग 15 जुलाई: बिहार संग इन 14 राज्यों में भयानक बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से आंधी-तूफान का भी खतरा

IMD Red alert for heavy rain on July 15: देश के कई हिस्सों में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज वॉनिंग जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और कई दूसरे वेदर सिस्टम्स की वजह से बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों समेत कुल 14 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बनेगा कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइन एक्टिव हैं। समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बांकुरा, कैनिंग से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में भी 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और बिहार में ‘वेरी हैवी’ रेन का अलर्ट

ओडिशा (रेड वॉर्निंग): मौसम विभाग ने 15 जुलाई को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई है।

वहीं बिहार के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही राज्य में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

इन 12 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड

छत्तीसगढ़

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने के कारण देश के कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

इन राज्यों में सताएगी हीट वेव और उमस भरा मौसम

एक तरफ जहां कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए चेतावनी

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है।

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दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

जल्द क्रिकेट खेल पाएंगी अफगानिस्तान की महिलाएं, ICC ने बनाई योजना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एडिनबर्ग में अपनी वार्षिक कॉन्फ्रेंस में अफ़गान शरणार्थी महिला क्रिकेटरों  के विकास के लिए एक योजना बनाई है। एक विशेष टास्कफोर्स को भी फिर से बनाया और उसे 2030 तक आईसीसी के क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेने के लिए अफ़गान रिफ्यूजी महिला टीम के लिए एक योजना बनाने की ज़िम्मेदारी दी।

ICC ने अपने  डायरेक्टर डॉ. रोस रिवाज़ और चीफ एग्जीक्यूटिव्स समिति की सदस्य सारा कीन को स्पेशल टास्क फोर्स में अपॉइंट करने को भी मंज़ूरी दी। वे टास्क फोर्स में इसके मौजूदा मेंबर्स (BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB) के साथ शामिल होंगे और प्रोग्राम की चल रही निगरानी में मदद करेंगे, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व और प्रतियोगी की ज़रूरतों को को संतुलित किया जा सके।

डॉ. रोस रिवाज़ ने कहा: “मुझे ICC Special task force में शामिल होकर और इस ज़रूरी पहल में योगदान देकर गर्व महसूस हो रहा है। टास्क फ़ोर्स को एक साफ़ और टिकाऊ रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है जो अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लगातार विकास में मदद करे, इसके लिए सही कोचिंग, सार्थक सोच-विचार वाले प्रोग्राम और मौकों के हिसाब से सही प्रोग्राम हों। आईसीसी क्रिकेट के ज़रिए मौके बढ़ाने के लिए कमिटेड है, और मैं अपने साथी टास्क फ़ोर्स मेंबर्स, मेंबर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ ताकि यह पक्का हो सके कि इसे मकसद, ईमानदारी और लंबे समय तक चलने वाली सस्टेनेबिलिटी के साथ दिया जाए।”

अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर नाहिदा सपन ने कहा: “इस प्रोग्राम ने हमारे लिए पहले ही बहुत बड़ा बदलाव किया है, न सिर्फ़ हमें क्रिकेट खेलते रहने में मदद करके, बल्कि हमें एक साथ आकर एक टीम के तौर पर खेलने में काबिल बनाकर। हमें दूसरे देशों के खिलाड़ियों जैसे ही अधिकार और मौके मिले हैं।”

अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर फ़िरोज़ा अफ़गान ने कहा: “पिछले एक साल में, एक ग्रुप के तौर पर एक साथ आने और भारत और इंग्लैंड का दौरा करने के मौकों ने हमें अपनी ज़िंदगी के कुछ सबसे यादगार अनुभव दिए हैं। हम इस दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं, और हम इस सफ़र में हर मौके का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।”

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और It's Game On के सह संस्थापक मेल जोन्स ने कहा: “इन शानदार महिलाओं को लगातार सपोर्ट, साथ ही 2030 तक आईसीसी क्वालिफ़िकेशन के रास्तों के लिए एक साफ़ रोडमैप, उनके और उनके भविष्य के लिए एक ज़रूरी कमिटमेंट दिखाता है। यह एक मज़बूत संदेश देता है कि प्रतिभा और पक्के इरादे वाले लोग दुनिया भर में मॉडल और मौके के हक़दार हैं, और यह देखना रोमांचक है कि एक ऐसा दीर्ध कालिक रास्ता जो डेवलपमेंट और मतलब वाले प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाता है, साथ ही उनके अनोखे सफ़र को पहचानता है। पिछले साल उन्होंने जो विकास किया है, वह बहुत बढ़िया रही है, और मैं यह देखने के लिए इंतज़ार नहीं कर सकता कि यह टीम 2030 तक क्या हासिल करती है।”

अभी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में मौजूद प्लेयर्स को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में जोड़ा जाता रहेगा, जो उन्हें ट्रेनिंग और खेलने के मौके देता है।इस योजना के तहत में कोचिंग के साथ-साथ उनके स्थानीय मैदान पर फ़िज़ियोथेरेपी तक की सुविधा दी जाएगी, साथ ही धीरे-धीरे गेम टाइम बढ़ाने की भी योजना है।

इसके अलावा, इस प्रोग्राम में खिलाड़ियों को एक ग्रुप के तौर पर ट्रेनिंग और मुकाबला करने के मौके मिलते रहेंगे, जैसा कि पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड के टूर में हुआ था। ऐसे सामूहिक खेलने के मौके भी धीरे-धीरे बनाए जाएंगे और 2030 तक ICC क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट्स के लिए उनके विकास में मदद करने के लिए योजनाबद्ध नज़रिए से चुनी गई टीमों के खिलाफ होंगे।

Nitin Gadkari VIDEO: ‘अब हवा में उड़ने वाली बस लाऊंगा…’; केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान, जानें- किन शहरों में होगी शुरुआत

Nitin Gadkari VIDEO: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह भविष्य में ऐसी बस लाने जा रहे हैं, जो हवा में उड़ेगी। जी हां, उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक परिवहन तकनीकों को अपनाना जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे।

उन्होंने कहा कि जैसे वह पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, वैसे ही जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे। नितिन गडकरी ने कहा, “अब मैं ऐसी बस लाने जा रहा हूं जो हवा में उड़ती हुई चलेगी।” उनका यह बयान भविष्य की एरियल पब्लिक ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी की ओर इशारा माना जा रहा है। उनका इशारा रोपवे आधारित सार्वजनिक परिवहन, स्काई बस, पॉड टैक्सी और अन्य एरियल मोबिलिटी सिस्टम जैसी परियोजनाओं की ओर माना जा रहा है, जिन पर केंद्र सरकार लंबे समय से काम कर रही है।

ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत

केंद्रीय मंत्री लंबे समय से देश में रोपवे, स्काई बस, पॉड टैक्सी और अन्य एरियल ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत करते रहे हैं। उनका मानना है कि जमीन के ऊपर चलने वाली सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम कम होगा। साथ ही यात्रा का समय घटेगा और प्रदूषण पर भी कंट्रोल पाया जा सकेगा।

गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को सस्ता, सुरक्षित, तेज और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसके लिए नई तकनीकों पर लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने जिस ‘हवा में उड़ने वाली बस’ का जिक्र किया, उसके बारे में अभी कोई डिटेल्स प्लान, प्रोजेक्ट या लॉन्च की तारीख घोषित नहीं की गई है। फिलहाल इसे भविष्य की आधुनिक परिवहन सिस्टम के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है उड़ने वाली बस का मतलब?

गडकरी ने पहले भी कई बार कहा है कि भारत के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए जमीन के ऊपर चलने वाली आधुनिक परिवहन सिस्टम विकसित की जाएंगी। इनमें शामिल हैं:-

रोपवे आधारित बस सिस्टम

स्काई बस

पॉड टैक्सी

एरियल इलेक्ट्रिक ट्रांजिट

केबल-कार आधारित शहरी परिवहन

इन सिस्टम में वाहन सड़क पर नहीं बल्कि ऊंचे ट्रैक, केबल या सस्पेंडेड सिस्टम पर चलते हैं। इससे ऐसा लगता है मानो बस हवा में उड़ रही हो।

किन शहरों में हो सकता है प्रयोग?

परिवहन मंत्रालय पहले से कई शहरों में वैकल्पिक एरियल ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाएं तलाश रहा है। इनमें शामिल हो सकते हैं: नागपुर, वाराणसी, मुंबई, दिल्ली और देहरादून।

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पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान

नितिन गडकरी अक्सर नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए चर्चित बयान देते रहे हैं। वे इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन ईंधन, फ्लेक्स-फ्यूल, रोपवे और जल परिवहन जैसी परियोजनाओं के बड़े समर्थक माने जाते हैं। हालांकि, उन्होंने जिस ‘हवा में उड़ने वाली बस’ की बात कही, उसके लिए अभी कोई विस्तृत सरकारी परियोजना या लॉन्चिंग डेट घोषित नहीं की गई है।

Railway reforms : रेल मंत्री का रेलवे में 8 बड़े रिफॉर्म का एलान, किसानों से लेकर इंडस्ट्री तक को होगा फायदा

Railway reforms : रेलवे ने आज 8 बड़े रिफॉर्म का एलान किया है। अब प्राइवेट कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से खुद वैगन तैयार कर सकेंगी। साथ ही फ्लाई ऐश,कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोलियम और फर्टिलाइजर के लिए रेल ढुलाई के नियमों को भी सरल बनाया गया है। रेलवे की रिफॉर्म पॉलिसी के तहत फ्लाई ऐश की ढुलाई के लिए नई लोडिंग तकनीक अपनाई जाएगी। पावर प्लांट्स से उत्पन्न होने वाले फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्टेशन को सुरक्षित बनाया गया है। अब इसे खुले हुए वैगन में ट्रांसपोर्ट करने के बजाय कंटेनरों में ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। खुले वैगन की जगह फ्लाई ऐश की कंटेनर में टॉप लोडिंग होगी। कंटेनर फ्रेट के लिए यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम होगा।

 कंटेनर के जरिए होगा फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन

फर्टिलाइजर ट्रांसपोर्ट के लिए नया सिस्टम होगा। जिससे फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्टेशन को तेज किया जा सकेगा। इस सुधार के तहत फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन अब कंटेनर के जरिए होगा।

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त किए गए है। भारतीय रेल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी के लिए कॉन्ट्रैक्टर के कामों की जांच होगी। कॉन्ट्रैक्टरों से परफॉरमेंस सिक्यॉरिटी के रूप में 10 फीसदी राशि ली जाएगी। स्ट्रांग एलिजिबिलिटी के लिए पेंडिंग लिटिगेशन नेटवर्थ के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऑल रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी सिस्टम लागू होगा। रेल भूमि पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।

 निजी स्टील कंपनियां डिजाइन कर सकेंगी वैगन 

अब निजी स्टील कंपनियां वैगन डिजाइन कर सकेंगी। अलग-अलग इंडस्ट्री भी आसान इस्तेमाल के लिए वैगन को डिजाइन कर सकेंगी। इन वैगनों को RDSO चेक करेगा। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के सुरक्षित और आसान ट्रांसपोर्टेशन के लिए अब पेट्रोलियम कंपनियां अपना खुद का टैंक वैगन तैयार करा सकती हैं। अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन लिए रेलवे द्वारा बनाए गए टैंक वैगन ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

अब सिर्फ कुशल लोगों को ही मिलेंगे रेल इंफ्रा से जुड़े काम

रेलवे इंफ्रा सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए स्किल का सर्टिफिकेशन और स्किल का टेस्ट,दोनों जरूरी कर दिया है। अब सिर्फ कुशल लोगों को ही रेल इंफ्रा से जुड़े काम दिए जाएंगे।

लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री होगी आसान 

एक और रिफॉर्म के तहत फूडग्रेन्स,आटा,मैदा,बेसन,दालों आदि के ट्रांसपोर्टेशन को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अब कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार के इस कदम से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री आसान होगी।

 इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेलवे में किए जा रहे इन सुधारों के बारे में अहम जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 2-3 चरणों में रेलवे में 9 बड़े सुधार किए गए हैं। आज उन्होंने रेलवे में किए गए इन 8 नए सुधारों की जानकारी दी। इसके साथ ही,भारतीय रेल में अब तक कुल 17 बड़े सुधार किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य रखा है।

 

 

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Indian Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, रिफंड का नियम बदला, नया स्लैब जानिए

Railway Ticket Cancel Rule: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने और अपनी व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने के लिए टिकट कैंसिलेशन, रिफंड और बोर्डिंग नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव रेलवे द्वारा शुरू किए गए 52 हफ्तों में 52 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसके तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, टिकट कैंसिलेशन, यात्री बोर्डिंग और माल परिवहन को कवर करने वाले पांच नए सुधारों की घोषणा की गई है। सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन बड़े सुधारों की जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि टिकट कैंसिल कराने पर अब आपको कितना रिफंड मिलेगा और रेलवे के अन्य नए नियम क्या हैं।

टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नए नियम: जानें नया स्लैब

रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को पूरी तरह से बदल दिया है। अब ट्रेन छूटने के समय के आधार पर रिफंड के लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं-

ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले: Dij कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे से अधिक समय पहले अपना टिकट कैंसिल करता है तो उसे सिर्फ प्रति यात्री एक फ्लैट न्यूनतम कैंसिलेशन शुल्क देना होगा।

72 घंटे से 24 घंटे के बीच: अगर टिकट को ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे और 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है तो टिकट किराए का 25% हिस्सा कैंसिलेशन शुल्क के रूप में काटा जाएगा।

24 घंटे से 8 घंटे के बीच: ट्रेन छूटने से 24 घंटे और 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को सिर्फ 50% किराया ही रिफंड के रूप में वापस मिलेगा (यानी 50% चार्ज कटेगा)।

8 घंटे से कम समय बचे होने पर: अगर ट्रेन प्रस्थान करने में 8 घंटे से कम का समय बचा है और तब टिकट कैंसिल किया जाता है तो यात्री को कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।

देश के किसी भी काउंटर से कैंसिल होगा टिकट

यात्रियों की सुविझा के लिए रेलवे ने नियम बनाया है कि अब काउंटर टिकटों को देश के किसी भी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर कैंसिल कराया जा सकेगा। पहले यह सुविधा सिर्फ उसी स्टेशन पर उपलब्ध थी जहां से टिकट बुक किया गया था।

चार्ट बनने का झंझट खत्म, 30 मिनट पहले तक बदलें बोर्डिंग स्टेशन

अब यात्री ट्रेन के प्रस्थान करने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इससे पहले का नियम यह था कि बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव केवल रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से पहले तक ही किया जा सकता था।

रेलवे ठेकेदारों के लिए नियम हुए सख्त

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ठेकेदारों की पात्रता के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल प्रासंगिक अनुभव वाले ठेकेदार ही प्रमुख रेलवे कार्यों को अपने हाथ में लें। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों के पास अब अतीत में कम से कम 20% समान कार्य पूरा करने का अनुभव होना अनिवार्य है।

निविदा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बिड सिक्योरिटी को परियोजना मूल्य का 2% तय किया गया है। इसके अलावा ₹10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए निविदा में भाग लेने की अनुमति देने से पहले ठेकेदारों की बोली लगाने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

माल परिवहन में सुधार: नमक के लिए विशेष कंटेनर

रेलवे ने माल परिवहन को और बेहतर बनाने के लिए भी सुधारों की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल के परिवहन के लिए सिंगल-स्टैक और डबल-स्टैक वैगनों की शुरुआत की जा रही है। नमक के परिवहन के लिए मंत्रालय नए स्टेनलेस स्टील कंटेनर पेश कर रहा है जिन्हें ऊपर से लोड और साइड से अनलोड किया जा सकता है। इस नई प्रणाली से जंग, पानी के रिसाव और रखरखाव के नुकसान को कम करने की उम्मीद है। इससे नमक को सीधे उत्पादन स्थलों पर लोड कर विभिन्न परिवहन माध्यमों से अधिक कुशलता से भेजा जा सकेगा।

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Income Tax Return: अगर ITR फाइल करने में की ये गलती तो 200% तक पेनाल्टी के साथ जेल भी हो सकती है!

ITR Update: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन आते ही कई टैक्स पेयर्स अपनी टैक्स देनदारी को कम करने के जुगाड़ में लग जाते हैं। कई बार लोग बिना उचित डॉक्युमेंट्स के या फिर फर्जी बिल और रसीदें लगाकर टैक्स छूट का दावा कर देते हैं। शॉर्ट टर्म में यह तरीका भले ही टैक्स बचाने का आसान रास्ता लगे लेकिन इनकम टैक्स एक्ट के तहत इसके बेहद गंभीर और कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

मनी कंट्रोल पर्सनल फाइनेंस सेगमेंट में आषुष मिश्रा की रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि टैक्स चोरी या गलत वेरिफिकेशन के मामलों में करदाताओं पर भारी-भरकम जुर्माने से लेकर आपराधिक मुकदमा और जेल की सजा तक हो सकती है। आइए जानते हैं कि आईटीआर दाखिल करते समय की गई कौन सी गलतियां आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती हैं।

क्या है धारा 270A और कब लगती है भारी पेनाल्टी?

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 270A असेसिंग ऑफिसर (AO), कमिश्नर (अपील), प्रिंसिपल कमिश्नर या कमिश्नर को यह अधिकार देती है कि अगर कोई टैक्स पेयर अपनी इनकम को कम दिखाता है या गलत जानकारी देता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। डिफॉल्ट की गंभीरता के आधार पर यह पेनाल्टी कम दिखाई गई आय पर देय टैक्स के 50 प्रतिशत से लेकर 200 प्रतिशत तक हो सकती है।

इनकम को कम दिखाना क्या है?

1- धारा 270A के तहत नीचे दी गई परिस्थितियों में यह माना जाता है कि टैक्स पेयर ने अपनी इनकम कम दिखाई है:

  • जब आय का कोई हिस्सा बही-खातों या इनकम टैक्स रिटर्न में घोषित न किया गया हो।
  • आयकर विभाग द्वारा आकलित की गई आय फाइल किए गए ITR में दिखाई गई आय से अधिक हो।
  • कोई टैक्स रिटर्न दाखिल ही न किया गया हो, विभाग द्वारा निर्धारित की गई आय मूल छूट सीमा से अधिक हो।
  • सामान्य प्रावधानों के तहत आकलित की गई आय, धारा 115JB या 115JC के विशेष प्रावधानों के तहत गणना की गई आय से अधिक हो।

2- इनकम को गलत तरीके से पेश करना क्या है?

यह बेहद गंभीर मामला है जिसमें जानबूझकर गलत या भ्रामक जानकारी दी जाती है। धारा 270A के तहत इसे मिसरिपोर्टिंग माना जाता है:

  • तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना या उन्हें छिपाना।
  • बही-खातों में निवेश को दर्ज न करना।
  • बिना किसी पुख्ता सबूत या सहायक दस्तावेजों के खर्चों का दावा करना।
  • बही-खातों में झूठी या फर्जी एंट्रियां दर्ज करना।
  • खातों में प्राप्तियों को दर्ज करने में विफल रहना।
  • किसी अंतरराष्ट्रीय लेनदेन या ऐसे ही किसी माने गए लेनदेन को रिपोर्ट न करना।

फर्जी दस्तावेज दिखाए तो हो सकती है जेल

टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक अगर टैक्स बचाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया जाता है तो यह सिर्फ टैक्स विवाद नहीं रह जाता बल्कि इनकम टैक्स एक्ट के तहत एक आपराधिक अपराध बन जाता है। इसके लिए नीचे दी गई धाराएं लगाई जाती हैं-

धारा 276C (जानबूझकर टैक्स चोरी का प्रयास): अगर टैक्स चोरी की रकम 25 लाख रुपये से अधिक है तो दोषी पाए जाने पर 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सश्रम जेल और जुर्माना हो सकता है। अगर यह राशि 25 लाख रुपये से कम है तो जेल की अवधि 3 महीने से 2 साल तक और साथ में जुर्माना हो सकता है।

धारा 277 (सत्यापन में झूठे बयान): यह धारा तब लागू होती है जब कोई करदाता जानबूझकर झूठे दस्तावेजों को सत्यापित करता है या जमा करता है। टैक्स चोरी के प्रयास की राशि के आधार पर इसमें 3 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

धारा 278 (उकसाना या बढ़ावा देना): इसके तहत केवल टैक्स भरने वाला ही नहीं बल्कि अपराध को बढ़ावा देने या सुविधाजनक बनाने वाला कोई भी व्यक्ति (जैसे कन्सल्टेंट, एजेंट, या फर्जी डोनेशन/किराया रसीद जारी करने वाली संस्था) भी कानूनी कार्रवाई और सजा का भागीदार बनेगा।

अन्य कानूनी शिकंजे और री-असेसमेंट का खतरा

अगर जालसाजी के लिए नकली स्टांप, फर्जी सील या जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं भी लागू हो सकती हैं। इसके अलावा अगर बड़े पैमाने पर संगठित रूप से धारा 80G के तहत फर्जी डोनेशन रसीदें जारी करने या बड़े कैश ट्रेल का मामला सामने आता है तो प्रवर्तन एजेंसियां प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत भी कार्रवाई कर सकती हैं। अगर किसी एक वित्त वर्ष में आपके दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो आयकर विभाग पिछले वर्षों के मामलों को भी दोबारा खोल सकता है ताकि यह जांचा जा सके कि क्या अतीत में भी ऐसे फर्जी दावे किए गए थे।

एक्सपर्ट की राय: विभाग के पास है आपका पूरा डेटा

एचजे अग्रवाल एंड कंपनी (चार्टर्ड अकाउंटेंट्स) के पार्टनर हर्षित अग्रवाल के मुताबिक, वर्तमान में आयकर विभाग के पास एक दशक पहले की तुलना में वित्तीय जानकारी के कहीं अधिक व्यापक स्रोत हैं। वह कहते हैं कि विभाग एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जैसे सिस्टम के जरिए आपकी सैलरी, बैंकिंग, इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय डेटा को आसानी से क्रॉस-वेरिफाई कर सकता है। ऐसे में गलत या फर्जी डिडक्शन के दावों को पकड़ना अब बेहद आसान हो चुका है।

हर्षित अग्रवाल ने सलाह दी कि वित्तीय जुर्माने से कहीं अधिक दर्दनाक और लंबी चलने वाली आपराधिक प्रक्रियाएं होती हैं जो सालों ले सकती हैं और अत्यधिक मानसिक तनाव व कानूनी खर्च का कारण बनती हैं। ऐसे में अगक किसी करदाता को यह अहसास होता है कि उसने कोई गलत दावा कर दिया है तो विभाग द्वारा पकड़े जाने का इंतजार करने के बजाय खुद से आगे आकर रिवाइज्ड (संशोधित) या अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर उसे सुधार लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

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