El Nino Impact: अल नीनो के खतरे पर PMO में हाई लेवल मीटिंग, खेती-जॉब से खाने-पीने के सामान तक अंदर से निकल कर आईं ये 5 बातें जानिए

El Nino Update: देश में खरीफ सीजन पर और इकॉनमी के दूसरे सेक्टर्स पर अल नीनो के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अलर्ट मोड में आ गया है। PIB की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की अध्यक्षता में 7 जुलाई पीएमओ में एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। इसमें कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, आर्थिक मामलों और उपभोक्ता मामलों सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक का उद्देश्य अल नीनो की वजह से पैदा होने वाले हालात और मंत्रालयों की तैयारियों का डिटेल में एनालिसिस करना था। आइए आपको बताते हैं कि इस बैठक से निकल कर क्या खास बातें सामने आई हैं:-

1- मानसून का हाल और अल नीनो का अनुमान

बैठक की शुरुआत में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून से लेकर 7 जुलाई तक देश में हुई बारिश का डिटेल पेश किया। मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून के आने में करीब 10 दिनों की देरी हुई। वैसे 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जुलाई और अगस्त में कमजोर से मध्यम अल नीनो रहने की उम्मीद है। चूंकि मानसून सीजन की 30% से अधिक बारिश जुलाई में ही होती है इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अल नीनो वर्ष का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उस साल सामान्य से कम या बहुत कम बारिश होगी।

2- कृषि और फसलों को लेकर सरकार की तैयारी

कृषि सचिव ने खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। देश के 262 संवेदनशील जिलों के लिए डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान को अपडेट किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने जिलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए भारतीय कृषि में अल नीनो जोखिमों के प्रबंधन पर SOP जारी की है।

बारिश, जलाशयों में पानी, फसल की बुवाई, बाजार के रुझान और कीट/बीमारी की स्थिति की निगरानी के लिए राज्यों के साथ फसल मौसम निगरानी समूह की वीकली बैठकें बुलाई जा रही हैं। कमजोर राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं।

3- खाद्य सामग्री और फर्टिलाइजर का बफर स्टॉक

देश में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खुदरा कीमतों की स्थिति और चावल, गेहूं और दालों के पर्याप्त बफर स्टॉक की जानकारी साझा की। उर्वरक विभाग ने बताया कि रबी सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। दोनों विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यक वस्तुओं और उर्वरकों की मैक्रो और माइक्रो दोनों स्तरों पर उपलब्धता की लगातार निगरानी करें।

4- पानी, बिजली और पशुओं के चारे पर फोकस

इस बैठक में पेयजल, सिंचाई और पशुपालन के मोर्चे पर भी मंत्रालयों ने अपनी रिपोर्ट पेश की। पेयजल और स्वच्छता विभाग ने बताया कि स्थिति स्थिर है लेकिन उन्हें संवेदनशील जिलों में माइक्रो लेवल पर प्लानिंग और निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्तमान में भूजल और जलाशयों की स्थिति स्थिर है लेकिन पूरे सीजन इस पर लगातार नजर रखी जाएगी। पशुपालन और डेयरी विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें। इसके लिए चारा विकास योजनाएं बनाने और राज्यों के साथ नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग ने भी उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति साझा की।

5- रोजगार, स्वास्थ्य और राज्यों के साथ तालमेल

बैठक में स्वास्थ्य अलर्ट और रोजगार योजनाओं पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि हीट वेव, हाई ह्यूमिडिटी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी के लिए एडवाइजरी जारी हुई हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने जानकारी दी कि 1 जुलाई से ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन’ के तहत काम शुरू हो गया है और अब तक 1 करोड़ मानव दिवस रोजगार पैदा किया गया है।

PMO का सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्थिति की लगातार निगरानी की जानी चाहिए। मंत्रालयों को कहा गया है कि वे राज्यों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर माइक्रो रणनीति के साथ काम करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कृषि और आर्थिक गतिविधियां अल नीनो से प्रभावित न हों।

‘अल नीनो’ का एनर्जी सिस्टम पर सबसे ज्यादा असर

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एक नए एनालिसिस के अनुसार, इस साल के अल नीनो का सबसे बड़ा ग्लोबल असर भारत के एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाला है। अल नीनो मौसम का एक ऐसा चक्र है जो बार-बार आता है। इससे दुनिया भर में तापमान बढ़ता है।

भारत के सामने दोहरी चुनौती

अल नीनो की वजह से हवा और बारिश कम होने से टरबाइन और हाइड्रोपावर से बिजली का उत्पादन घटेगा। जबकि तापमान बढ़ने से एयर कंडीशनिंग (AC) की मांग बढ़ेगी, जिसमें बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल भर कूलिंग अप्लायंसेज (ठंडा करने वाले उपकरण) के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की मांग 10 टेरावाट-घंटे (TWh) तक बढ़ सकती है, जो दिल्ली की सालाना बिजली खपत का एक-चौथाई हिस्सा है।

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यह एनालिसिस जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के लिए भारत के पावर सेक्टर पर ला नीना से अल नीनो में बदलाव के असर को दिखाता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत को बिजली देने में सौर ऊर्जा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अब यह दिन के समय बिजली की 24 प्रतिशत मांग को पूरा करती है। सौर ऊर्जा उत्पादन पर अल नीनो का बहुत कम असर पड़ता है, जिसका मतलब है कि भारत द्वारा लगाया गया हर अतिरिक्त सोलर पैनल और बैटरी ग्रिड को ऐसे खराब मौसम का सामना करने के लिए तैयार करने में मदद करता है।”

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Video: शेर के कब्जे में 30 मिनट तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा शख्स, आखिर कैसे बची जान? खुद सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी

गुजरात के एक छोटे से गांव में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक आम चरवाहे का सामना अचानक जंगल के सबसे खतरनाक शिकारी से हो गया। हालात ऐसे थे कि एक छोटी सी गलती उसकी जान ले सकती थी, लेकिन उसने डर और घबराहट के बजाय धैर्य और हिम्मत का सहारा लिया। कई मिनट तक चले इस खौफनाक आमने-सामने में उसकी नजरें शेर से मिली रहीं और हर पल जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई जैसा महसूस हुआ। इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया कि आखिर कैसे एक इंसान ने इतने खतरनाक हालात में खुद पर काबू रखा। अब इस अनोखे मुकाबले की कहानी सोशल मीडिया से लेकर हर जगह चर्चा का विषय बन गई है।

अचानक हुआ शेर से आमना-सामना

कालू परमार ने बताया कि घटना सोमवार सुबह की है। वह अपने घर के आंगन में गाय बांधने के बाद अंदर जाने वाले थे। तभी पीछे से किसी जानवर ने उन पर हमला कर दिया।

उन्होंने कहा, “मुझे समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। कुछ सेकंड बाद पता चला कि वह शेर था और मैं जमीन पर गिर चुका था।”

हमले के बाद शेर ने उनका हाथ अपने मुंह में पकड़ लिया। उस समय उनके पास बचने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था।

शेर को शांत करने के लिए अपनाई अनोखी रणनीति

परमार ने बताया कि उस खतरनाक पल में उन्होंने शेर से लड़ने के बजाय खुद को शांत रखने का फैसला किया। उन्होंने धीरे-धीरे शेर के सिर और गर्दन पर हाथ फेरना शुरू किया।

उनका मानना था कि इससे शेर को महसूस होगा कि वह उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। उन्होंने लगातार शेर की आंखों में देखते हुए खुद को शांत रखा।

करीब 30 मिनट तक दोनों के बीच एक अजीब सा सामना चलता रहा और आखिरकार शेर ने उनका हाथ छोड़ दिया।

आंखों के सामने घूम रहा था परिवार का चेहरा

परमार ने बताया कि उन 30 मिनटों में उन्हें अपनी पत्नी, पांच बेटियों और बेटे की याद आ रही थी। उन्हें लग रहा था कि शायद उनकी जिंदगी का यह आखिरी पल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से शेर ने उन्हें छोड़ दिया और वह सिर्फ पंजों की चोट के साथ बच गए।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी की सलाह

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि शेर के हमले के दौरान कोई एक तरीका हमेशा काम करेगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता। जानवर का व्यवहार, परिस्थिति और आसपास का माहौल नतीजे को प्रभावित करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शेर को छूना या उसके करीब जाना आमतौर पर जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि परमार के मामले में उनका शांत रहना और घबराहट से बचना मददगार साबित हुआ।

बीमारी से उबरने के बाद हुआ हमला

दिलचस्प बात यह है कि परमार हाल ही में बीमारी से ठीक हुए थे। घटना से सिर्फ 10 दिन पहले ही वह फ्लू के इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटे थे।

उन्होंने बताया कि गांव के लोग आसपास के जंगल में शेरों की आवाज सुनते रहते हैं, लेकिन गांव के अंदर किसी शेर को देखना उनके लिए पहली बार था।

वन विभाग ने शुरू किया शेर की तलाश अभियान

वन विभाग ने साफ किया है कि परमार पर हमला करने वाला जानवर शेर था, न कि शेरनी जैसा पहले बताया जा रहा था।

शेर को ढूंढने और सुरक्षित पकड़ने के लिए 32 सदस्यीय टीम को लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के कारण शेर आसपास के जंगल क्षेत्र में चला गया है।

वन विभाग के अधिकारी चिराग अमीन ने बताया कि टीम शेर की पहचान करने के साथ यह भी जांच रही है कि क्या उसे पहले कभी पकड़ा गया था। जरूरत पड़ने पर उसे दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।

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Delhi NCR Heavy Rain Alert: IMD ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इस बीच गुरुग्राम में WFH की एडवाइजरी जारी

Delhi NCR Heavy Rain Alert: मानसून की पहली ही भारी बारिश ने दिल्ली से सटे साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार (7 जुलाई) को हुई लगभग 82 मिमी बारिश के बाद हरियाणा के इस प्रमुख शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। सबसे बुरा हाल नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर देखने को मिला। यहां नरसिंहपुर के पास मुख्य हाईवे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसके बाद प्रशासन को दो लेन पूरी तरह बंद करनी पड़ीं।

इस हादसे के कारण दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर हीरो होंडा चौक से लेकर खेड़की दौला टोल प्लाजा तक लगभग 8 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इसमें हजारों वाहन चालक घंटों फंसे रहे। यह घटना दोपहर 3 से 4 बजे के बीच की है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) इस हिस्से के नीचे ड्रेनेज (जल निकासी) पाइप डालने का काम कर रहा था। खुदाई की वजह से सड़क के नीचे की मिट्टी पहले से ही कमजोर थी। इस वजह से भारी बारिश के पानी ने इसे पूरी तरह बहा दिया, जिससे मुख्य हाईवे बीच से धंस गया।

ट्रैफिक पुलिस की नई एडवाइजरी

भारी ट्रैफिक जाम को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए तुरंत रूट डायवर्ट कर दिया है। वाहन चालकों को इन रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है:-

राजीव चौक से: वाहन चालक राजीव चौक पर बाईं (Left) तरफ मुड़कर एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें।

हीरो होंडा चौक से: यहां से भी बाईं ओर मुड़कर एसपीआर रोड के जरिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ें।

दिल्ली से आने वाले वाहन: दिल्ली से आने वाले लोग नरसिंहपुर के जाम से बचने के लिए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) का रास्ता अपनाएं।

कॉरपोरेट कंपनियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील

मौसम विभाग के अनुमान और आने वाले दिनों में और जलभराव की आशंका को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने शहर के सभी निजी संस्थानों और कॉरपोरेट सेक्टर से अपील की है:-

  • आगामी कुछ दिनों तक मुख्य सड़कों और चौराहों पर जलभराव और भारी जाम की पूरी आशंका है। इसलिए हम कॉरपोरेट सेक्टर और निजी कंपनियों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे अपने कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की सुविधा दें, ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके और लोग सुरक्षित रहें।”
  • अगर आप भी गुरुग्राम या दिल्ली-एनसीआर में सफर कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक कर लें और संभव हो तो डिजिटल माध्यमों से ही अपना काम निपटाएं।

आज भी राहत मिलने की उम्मीद कम

यह वेदर फोरकास्ट साफ इशारा कर रहा है कि गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आज भी जलभराव (waterlogging) और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद थोड़ी कम है। कल के 82 मिमी वाले हाहाकार के बाद आज, 8 जुलाई 2026, का मौसम कुछ ऐसा रहने वाला है:-

  • सुबह और दोपहर से पहले (Morning/Forenoon): आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सबसे जरूरी बात-इस दौरान बिजली कड़कने, गरजने और 30 से 40 किमी/घंटा (जो बढ़कर 50 किमी/घंटा तक जा सकती है) की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
  • दोपहर के समय हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी (करीब 15 किमी/घंटा) पड़ेगी। लेकिन बादलों का डेरा बना रहेगा।
  • राहत की उम्मीद मत करिए, क्योंकि शाम होते ही हवाएं फिर से रफ्तार पकड़ेंगी (20 किमी/घंटा) और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का दूसरा दौर (another spell) शुरू हो जाएगा।

यात्रियों और ऑफिस जाने वालों के लिए जरूरी सलाह

  • कल NH-48 (नरसिंहपुर) पर हुए बड़े रोड केव-इन (सड़क धंसने) और 8 किलोमीटर लंबे जाम के बाद आज की यह बारिश स्थिति को और बिगाड़ सकती है। सुबह के समय चलने वाली तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है और जलभराव वाले चौराहों पर ट्रैफिक रेंग सकता है।
  • पुलिस ने पहले ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ की एडवाइजरी जारी कर रखी है। अगर आपकी कंपनी इजाजत दे तो आज घर पर रहकर ही काम करना सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा फैसला होगा।
  • जलभराव के बीच अगर निकलना ही पड़े, तो मुख्य हाईवे (NH-48) के बजाय द्वारका एक्सप्रेसवे या एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें और जलभराव वाले अंडरपास से दूर रहें।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जबकि कुछ स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखी गईं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

क्या करें और क्या न करें

  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और अपडेट का पालन करें।
  • बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
  • कार चलाते समय गति नियंत्रित रखें और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

Viral Post: ‘ऑफिस में सिर्फ 3 मिनट, रास्ते में 1 घंटा…’ मुंबई की बारिश पर महिला प्रोफेशनल का पोस्ट हुआ वायरल

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या की वजह से कई ऑफिस ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी है। वहीं हाल ही में एक महिला प्रोफेशनल ने बताया कि, उसको वर्क फ्रॉम होम मिलने के बावजूद सिर्फ लैपटॉप लेने के लिए ऑफिस जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि ऑफिस तक पहुंचने में कुल 1 घंटे का समय लगा। वहीं कई यूजर्स ने मुंबई में हर साल मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों और बारिश के बीच भी कर्मचारियों पर पड़ने वाले काम के दबाव को लेकर अपनी राय रखी।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

मार्केटिंग प्रोफेशनल और आईआईएम रायपुर से पढ़ाई कर चुकी इहिना डी ने मुंबई में रेड अलर्ट के दौरान अपना एक्सपीरिएंस लिंक्डइन पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि, भारी बारिश के बीच, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने लोगों को केवल जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से भी अपील की कि खराब मौसम को देखते हुए जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए। इहिना डी ने बताया कि उनकी कंपनी ने भी भारी बारिश के कारण कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू कर दी थी।

ऑफिस में भूल गई लैपटॉप

इहिना डी ने बताया कि उन्हें बाद में याद आया कि उनका लैपटॉप ऑफिस में ही रह गया है। उन्होंने लिखा, “मुंबई में कल रेड अलर्ट घोषित किया गया था, इसलिए आज मैं वर्क फ्रॉम होम कर रही हूं। लेकिन अपना लैपटॉप ऑफिस में ही छोड़ आई थी।” उन्होंने आगे लिखा, “जब पूरा शहर अपने प्लान रद्द कर रहा था और रेनकोट निकाल रहा था, तब मैं मजबूरी में कार से ऑफिस जा रही थी।” इहिना ने बताया कि ऑफिस पहुंचकर उन्होंने सिर्फ अपना लैपटॉप उठाया और करीब तीन मिनट में वापस निकल गईं। उन्होंने लिखा, “अपना लैपटॉप लिया, तीन मिनट में फिर कार में लौट आई। एक घंटे का सफर और ऑफिस में सिर्फ तीन मिनट।”

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इस एक्सपिरिएंस के बाद इहिना ने मुंबई में हर साल होने वाली बारिश को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, “ये सिर्फ बारिश नहीं है। यह हर साल होने वाला ऐसा ठहराव है, जिसके आने का सभी को पता होता है, लेकिन पूरा शहर मानो ये दिखावा करता है कि यह आने वाला ही नहीं है।” उन्होंने हर साल मानसून के दौरान होने वाली पानी भरी सड़कों, जलभराव और आखिरी समय में होने वाली वर्क-फ्रॉम-होम की घोषणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “हम जानते हैं कि बारिश जून में शुरू होगी। हमें यह भी पता है कि जुलाई में हालात और खराब होंगे। फिर भी हर साल ऐसा लगता है जैसे यह सब अचानक हो गया हो।”

उन्होंने ये भी माना कि हर किसी के पास घर से काम करने की सुविधा नहीं होती। उन्होंने लिखा, “आज मुझे वर्क फ्रॉम होम करने का मौका मिला, इसलिए मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। मेरा काम नहीं रुका और मेरा सफर सिर्फ मेरे बेडरूम से मेरी डेस्क तक था। लेकिन इससे मुझे यह भी एहसास हुआ कि लाखों मुंबईकरों के पास वर्क फ्रॉम होम का विकल्प नहीं है। वे फिर भी बारिश में, लोकल ट्रेन से और बाइक पर सफर करके काम पर पहुंचे। यह कोई ‘हसल कल्चर’ नहीं है, यह बस मुंबई है।”

Mumbai Building Collapse: हाय रि किस्मत! अगले दिन घर छोड़ने वाला था परिवार, उससे पहले ही भरभराकर गिर गई बिल्डिंग

मुंबई के मानखुर्द इलाके से एक दिल दहला देने वाले घटना घटी है। मानखुर्द इलाके में शनिवार रात एक गैर-कानूनी चार मंजिला इमारत अचानक गिरकर पास बने टिन की छत वाले घर पर आ गिरी। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई। पड़ोसियों के मुताबिक, चार बच्चों की मां अख्तर जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वाजिद अली शाह ने रविवार को घर छोड़ने का फैसला किया था। लगातार बारिश के कारण उस बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं। इसी वजह से दोनों ने रविवार को घर छोड़कर दूसरी जगह जाने की योजना बनाई थी। लेकिन वह समय पर घर खाली नहीं कर पाए। वहीं इस हादसे में अबतक कुल 6 लोगों की मौत हुई है।

एक पड़ोसी ने बताया, “बारिश के कारण लोगों को डर था कि बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है, इसलिए निवासी उसे खाली करने लगे थे। अख्तर जहां भी दूसरी जगह जाने के लिए अपना सामान पैक कर रही थीं, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

छोड़ने वाले थे घर

जनता नगर के न्यू मंडला इलाके में भारी बारिश के बीच एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई और उसके मलबे की चपेट में आसपास के कई घर आ गए। बताया जा रहा कि इमारत में रहने वाले लोग पहले ही दरारें, टाइलें गिरने और भवन के झुकने जैसे संकेत देखकर बाहर निकल गए थे, लेकिन पास के मकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। मोइनुद्दीन इस हादसे में इसलिए बच गए क्योंकि घटना से कुछ देर पहले ही वह घर से बाहर निकल गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने परिवार से कह दिया था कि अगले दिन वे दूसरी जगह रहने चले जाएंगे। लेकिन उससे पहले ही पास की इमारत अचानक उनके घर पर गिर गई, जिससे परिवार के लोग मलबे के नीचे दब गए।

दर्ज किया गया केस

हादसे के बाद पुलिस ने गिरी हुई इमारत के मालिक और उसके निर्माण से जुड़े ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का आरोप भी शामिल है। जांच एजेंसियां ये पता लगा रही हैं कि इमारत का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था या नहीं और क्या सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई थी। नगर निगम के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि गिरी हुई इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी। हादसे के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम और अन्य राहत दलों ने पूरी रात मलबे में फंसे लोगों को निकालने और मृतकों के शव बरामद करने के लिए बचाव अभियान चलाया।

कल का मौसम 8 जुलाई: इन 19 राज्यों में भारी बारिश और 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक IMD ने जारी की ये चेतावनी

India Weather Forecast for 8th July: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के शेष हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक दे देगा। मौसम प्रणालियों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाके पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और राजस्थान से लेकर बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ बनी हुई है। इन मजबूत सिस्टम्स के प्रभाव के चलते बुधवार 8 जुलाई को देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन 9 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 जुलाई को देश के 9 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ये अलर्ट नीचे दिए गए राज्यों के लिए जारी किया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

तटीय कर्नाटक

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

पूर्वी राजस्थान

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश

यूपी, दिल्ली-NCR और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

8 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस सूची में नीचे दिए गए राज्य शामिल हैं-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

पश्चिमी राजस्थान

सौराष्ट्र और कच्छ

विदर्भ (महाराष्ट्र)

केरल और माहे

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट (18 प्रभावित राज्य)

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी चेतावनी जारी की है:

1- 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल

गुजरात क्षेत्र, संपूर्ण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है।

2- 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप और पूरे राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

3- 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

बिहार, ओडिशा, संपूर्ण पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

4- गरज-चमक और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ सामान्य आंधी आ सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में सतह पर बेहद मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

समुद्री तटीय इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को न जाने की सलाह

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में तूफानी मौसम और भारी लहरें उठने की चेतावनी जारी की है:

उत्तरी कोंकण तट: यहां सबसे खतरनाक स्थिति रहने वाली है। यहां 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

दक्षिणी कोंकण और गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक छू सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। इससे मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ केंद्रीय, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में भारी बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम हुआ सुहावना, कई इलाकों में भरा पानी

Delhi Weather Update: मंगलवार, 7 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मानसून ने आखिरकार अपना असर दिखाई ही दिया। दोपहर में अचानक से काले बादल छा जाने के कारण मौसम सुहावना हो गया। जिसके बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत एनसीआर के कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ भारी बारिश देखने को मिली। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान दिल्लीवासियों को इस बारिश ने बड़ी राहत दी है।

वहीं, भारी बारिश से दिल्ली NCR के कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। जिससे लोगों का आना जाना मुश्किल हो गया है, साथ ही वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा है।

ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में गाड़ियों पर गिरा पेड़

तेज हवाओं के बीच दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में एक बड़ा पेड़ गाड़ियों पर गिर गया है। इस घटना में कम से कम 4-5 गाड़ियों को नुकसान हुआ है। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन गाड़ियों के मालिकों को बड़ा नुकसान हुआ है।

गुरुग्राम में बारिश से जलभराव

गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी है। यहां के कई इलाकों में बारिश की वजह से पानी भर गया है। जिससे वाहनों की रफ्तार पर असर पड़ा है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन आंधी-बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत रहेगी। बता दें कि पिछले करीब हफ्तेभर से हल्की वर्षा और आसमान में बादल छाए रहने के साथ तेज धूप की वजह से उमस भरी गर्मी का असर बना हुआ है।

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IMD Heavy Rain Alert: इन 23 राज्यों में भारी बारिश, 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, यूपी समेत पूरे देश में 13 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर एक बड़ा और विस्तृत अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 7 जुलाई गुजरात के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान व हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय रहा डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में आज आफत की बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को जबकि कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में आज अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देश भर के राज्यों का विस्तृत और क्षेत्रीय पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा का हाल

  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 13 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधि तेजी से बढ़ेगी जहां 11 और 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 7 जुलाई को पश्चिमी यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे और पूर्वी यूपी में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 7 से 9 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 7-9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। 10 से 13 जुलाई के बीच यहां छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 7 से 12 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी जबकि 13 जुलाई को छिटपुट बारिश के आसार हैं। यहां 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल और उत्तराखंड में 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 8 से 13 जुलाई के दौरान अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 8-9 जुलाई को व्यापक और बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 7 से 13 जुलाई तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान राजस्थान के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। दोनों हिस्सों में 7 से 9 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 10 से 12 जुलाई को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 7 और 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 7 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 7 से 9 जुलाई और फिर 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जहां 7 जुलाई को बहुत भारी और 8 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी क्षेत्रों में 7 जुलाई को बिजली चमकने की आशंका है।

पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बरसात

बिहार: बिहार में 7 और 10 जुलाई को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है जबकि 10 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 7, 8 और 11 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 8 से 13 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

झारखंड: झारखंड में 7-8 जुलाई और 10-13 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 7 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 7 से 11 जुलाई तक राज्य में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का येलो अलर्ट रहेगा।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा जिसमें 8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 13 जुलाई तक गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

अंडमान और निकोबार: यहां 11 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी, जबकि 7 से 9 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे) चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में आफत बनेगी बारिश

अरुणाचल प्रदेश: यहां 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 से 10 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 11 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: इन राज्यों में 7 से 12 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका जताई है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होने और 7 से 10 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गुजरात में 70 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाएं

कोंकण और गोवा: यहां 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही 7 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आ सकता है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात में 7 से 9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 7 से 9 जुलाई के बीच 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी है।

मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 7-8 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का कहर

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 7 से 13 जुलाई तक भारी बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी आंधी चलने और 7 से 13 जुलाई तक बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

केरल और लक्षद्वीप: केरल में 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें आज (7 जुलाई) अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। केरल, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में 7 से 9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने के साथ मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

तेलंगाना और तमिल नाडु: तेलंगाना में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल और 7 से 10 जुलाई तक तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट है। तमिल नाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 8-9 जुलाई को तेज आंधी-तूफान आने की आशंका व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की सलाह: भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने, कमजोर संरचनाओं के पास न जाने और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Mumbai Rains Tracker: मुंबई में बरस रही आफत, लोनावाला में 2 दिन में ही महीने भर की बारिश! पवई में 7 फीट का मगरमच्छ भी आया बाहर

Mumbai Rains Update: महाराष्ट्र में मॉनसून की भारी बारिश का कहर लगातार जारी है। सोमवार को हुई मूसलाधार बरसात ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया और राज्य भर में परिवहन व्यवस्था को ठप कर दिया। कई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इससे लोगों और यात्रियों के सामने बड़े संकट खड़े हो गए हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए मुंबई में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक मुंबई में अगले दो से तीन दिनों के भीतर ही पूरे महीने की औसत बारिश होने की संभावना है।

लोनावाला में 2 दिन में 1290 mm बारिश, बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

मौसम विभाग (IMD) के नाउकास्ट के मुताबिक मशहूर हिल स्टेशन लोनावाला में पिछले 48 घंटों में चौंकाने वाली रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। लोनावाला में महज दो दिनों के भीतर ही रिकॉर्ड 1290 मिमी बारिश दर्ज की गई। यहां 5 जुलाई को 670 मिमी और अगले दिन 6 जुलाई को 620 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि इस हिल स्टेशन ने सिर्फ दो दिनों में लगभग दो महीने के बराबर की बारिश दर्ज की है।

पवई झील के पास रिहायशी इलाके में घुसा 7 फीट का मगरमच्छ

भारी बारिश के बीच मुंबई के पवई झील के पास स्थित मोरारजी नगर में एक दरगाह के पास करीब सात फीट लंबा मगरमच्छ देखा गया। इससे स्थानीय निवासियों में भारी हड़कंप और दहशत मच गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग और एक बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया। पकड़े गए मगरमच्छ की फिलहाल मेडिकल जांच की जा रही है और स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।

हादसों में गई कई जान, मानखुर्द में गिरी 4 मंजिला इमारत

मुंबई में खराब और भीषण मौसम के कारण कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। मानखुर्द इलाके में एक चार मंजिला इमारत ढह गई। इसके मलबे में दबने से छह लोगों की मौत हो गई। पूरे शहर में पेड़ गिरने से संबंधित 200 से अधिक घटनाएं सामने आईं हैं। इनमें दो लोगों की जान चली गई। अगर पिछले पांच दिनों की बात करें तो मुंबई में काफी भारी बारिश हुई है। पुराने मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में पहले ही अपनी मासिक औसत 744.2 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। सांताक्रूज वेधशाला ने 805.6 मिमी बारिश दर्ज की है। ये जुलाई महीने की कुल औसत बारिश का लगभग 94 प्रतिशत है।

मुंबई एक्सप्रेसवे पर बंद हुआ था ट्रैफिक, अब लिंक रोड बहाल

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के मुताबिक लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने की वजह से सोमवार को पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराने पुणे-मुंबई हाईवे दोनों पर यातायात को सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में सड़कों से मलबे को साफ करने के बाद अधिकारियों ने ‘पुणे-मुंबई कनेक्टिंग लिंक रोड’ पर वाहनों की आवाजाही को दोबारा बहाल कर दिया है। इसके बावजूद मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) में भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है।

ठाणे, कल्याण समेत उत्तरी उपनगरों में हाई अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा नाउकास्ट के अनुसार, मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) के उत्तरी हिस्सों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। कांदिवली, बोरीवली, वसई, विरार, ठाणे और कल्याण में तेज हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मुंबई के इन उत्तरी उपनगरों में भारी बौछारें तेज होने के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की आशंका जताई गई है। इससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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तूफान में गिरा आंगन का पेड़, 85 साल के बुजुर्ग को बना गया लाखों का मालिक

तेज बारिश और आंधी के बाद पेड़ों का गिरना आमतौर पर नुकसान की खबर लेकर आता है, लेकिन बेंगलुरु के 85 वर्षीय एनजी केसरी की कहानी बिल्कुल अलग है। उनके घर के आंगन में करीब 40 साल से खड़ा एक चंदन का पेड़ तूफान में गिर गया, जो पहली नजर में एक बड़ी क्षति लग रही थी। लेकिन यही पेड़ बाद में उनके लिए किस्मत बदलने वाला साबित हुआ। वर्षों तक प्यार और जिम्मेदारी से इस पेड़ की देखभाल करने वाले केसरी को इसके बदले करीब 28 लाख रुपये मिले।

इतना ही नहीं, पेड़ के संरक्षण और नियमों का पालन करने के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मान भी मिला। यह कहानी बताती है कि प्रकृति की देखभाल और धैर्य का फल कई बार बेहद खास तरीके से मिलता है।

अपने आप उगा था चंदन का पौधा, प्यार से बनाया पेड़

करीब चार दशक पहले केसरी के घर के आंगन में चंदन का एक छोटा-सा पौधा अपने आप उग आया था। उन्होंने उसे हटाने के बजाय उसकी देखभाल करने का फैसला किया।

धीरे-धीरे वह छोटा पौधा एक विशाल चंदन के पेड़ में बदल गया। पेड़ की खुशबू आसपास के लोगों का ध्यान खींचने लगी और उसकी कीमत बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ गया।

चोरों से बचाने के लिए लगाया लोहे का सुरक्षा घेरा

चंदन की लकड़ी की कीमत और मांग को देखते हुए पेड़ पर तस्करों और लकड़ी चोरों की नजर पड़ने लगी। केसरी ने पेड़ की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर मजबूत लोहे का घेरा लगवा दिया।

उन्होंने कई वर्षों तक अपनी मेहनत और सतर्कता से इस अनमोल पेड़ को सुरक्षित रखा।

तूफान ने गिराया पेड़, लेकिन केसरी ने नहीं तोड़ा नियम

जून में भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान पास का एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आकर चंदन का पेड़ भी जमीन पर आ गया।

इतना कीमती पेड़ मिलने के बाद भी केसरी ने खुद उसे बेचने या काटने की कोशिश नहीं की। उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया।

एक टन वजन वाली चंदन की लकड़ी बनी बड़ी कमाई

वन विभाग की जांच के बाद पता चला कि गिरे हुए चंदन के पेड़ का वजन करीब एक टन था। इसके बाद लकड़ी को सरकारी चंदन डिपो, मैसूर भेजा गया। बाद में इसे कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (KSDL) ने खरीदा, जो चंदन आधारित उत्पादों के लिए जानी जाती है।

इस बिक्री से केसरी को करीब 28 लाख रुपये की राशि मिली।

पैसों के साथ मिला बड़ा सम्मान

केसरी के लिए यह सिर्फ आर्थिक लाभ नहीं था। चंदन के पेड़ को इतने लंबे समय तक सुरक्षित रखने और संरक्षण के प्रति उनकी जिम्मेदारी को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने उन्हें ‘चंदन शिरोमणि’ पुरस्कार से सम्मानित किया।

धैर्य और संरक्षण की मिसाल बनी कहानी

एनजी केसरी की कहानी बताती है कि प्रकृति की देखभाल और धैर्य का फल कभी-कभी अप्रत्याशित रूप से मिलता है। जिस पेड़ के गिरने को शुरुआत में नुकसान माना जा रहा था, वही पेड़ वर्षों की मेहनत के बाद उनके लिए सम्मान और बड़ी उपलब्धि लेकर आया।

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