आज का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 23 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली-यूपी से बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश के बड़े हिस्से में मॉनसून का बवाली रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई को देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण के मुताबिक उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश व उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया में बदल चुका है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आगे कमजोर होने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिससे देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

देखें मौसम का पूर्वानुमान:

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इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के छह क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां आकाशीय बिजली चमकने के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है:

  • तटीय कर्नाटक
  • गुजरात राज्य
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • विदर्भ (महाराष्ट्र)
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश

इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश होने से जलभराव और नदी-नालों में उफान जैसे हालात बन सकते हैं।

बिहार, एमपी और राजस्थान में होगी बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, देश के मध्य, पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है:

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: पूर्वी भारत के इन हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: लो प्रेशर एरिया के असर की वजह से इन दोनों राज्यों में बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट रहेगा।

पूर्वी राजस्थान: यहां मॉनसून की सक्रियता के कारण बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश: उत्तर भारत के इस पहाड़ी राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

मराठवाड़ा (महाराष्ट्र) और आंतरिक कर्नाटक इन दोनों क्षेत्रों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी

मौसम विभाग ने कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ ही बिजली चमकने और तेज आंधी का डबल अटैक होने का पूर्वानुमान जताया है-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: दिल्ली-NCR और हरियाणा के इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पंजाब और पश्चिमी राजस्थान: इन क्षेत्रों में मानसून की सामान्य से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद: इन पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन राज्यों में भारी बारिश के साथ ही तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) और बिजली गिरने की चेतावनी है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर के राज्यों में बिजली कड़कने का भी अलर्ट है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी आंधी-बारिश की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के राज्यों के लिए तेज आंधी का विशेष अलर्ट जारी किया है:

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान आने की आशंका है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफान: मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। कोंकण और गोवा तट पर 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की गति से तूफानी मौसम रहने के आसार हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडिशा तटों, और केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

मॉनसून की प्रगति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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कल का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, बिहार से MP तक बवाली मौसम, यहां रेड जोन जैसे हालात

India Weather Update for 7th July: देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड वॉच अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। इससे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बवाली मौसम के आसार बन गए हैं।

यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश व पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिसके कारण अगले 3 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून बेहद एक्टिव फेज (सक्रिय चरण) में रहेगा।

रेड जोन जैसे हालात: इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं:-

तटीय कर्नाटक

गुजरात राज्य

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

इन सभी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह अलर्ट बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

बिहार से मध्य प्रदेश तक बहुत भारी बारिश

7 जुलाई को मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बवाली मौसम का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है:-

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: यहां मानसून की मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र): इन क्षेत्रों में डिप्रेशन के असर से बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

आंतरिक कर्नाटक: तटीय इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रखी है।

हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान: उत्तर-पश्चिम भारत के इन दोनों पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे वज्रपात की भी आशंका है।

येलो अलर्ट: दिल्ली-NCR, यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में 7 जुलाई को भारी बारिश के साथ तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने का डबल अटैक देखने को मिलेगा:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

पंजाब और राजस्थान: पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन दोनों राज्यों में भारी बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के दो राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:-

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान की संभावना है जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उठेगा तूफान

समुद्र में बेहद खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:-

उत्तरी कोंकण तट और अरब सागर: उत्तरी कोंकण तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दक्षिण कोंकण, गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) दर्ज की जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

5ःह

मॉनसून की स्थिति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप में इस साल गर्मी का लोगों की जिंदगी व अर्थव्यवस्था, दोनों पर सीधा असर पड़ा। यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हीटवेव दर्ज की गई। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा और कई शहरों में अस्पतालों, बिजली ग्रिड, परिवहन और खेती पर दबाव बढ़ गया। अलग-अलग अनुमानों में इस गर्मी से 20 हजार से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है। भीषण गर्मी का यूरोप की जीडीपी पर भी असर हुआ है। एलियांज रिसर्च मॉडल के आधार पर की गई गणनाओं के अनुसार, गर्मी यूरोपीय अर्थव्यवस्था को ₹11 लाख करोड़ तक का झटका दे सकती हैं। वहीं, 2030 तक यूरोप को 61 लाख करोड़ रु. तक का आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उत्पादकता में गिरावट, बिजली की मांग में उछाल, फसल नुकसान, पर्यटन पर असर और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। विशेषज्ञों के मुताबिक संकट यहीं नहीं रुकेगा। यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का अनुमान है कि अगले साल तक यूरोप की करीब 34% आबादी जल संकट की चपेट में आ सकती है। दक्षिणी यूरोप में यह संकट और गहरा होगा, जहां गर्मियों में पानी की मांग और बढ़गी। भारत में 45 डिग्री झेल लेते हैं फिर यूरोप में 36 आफत क्यों? भारत में 45 डिग्री तापमान सूखी गर्मी में होता है, इसलिए पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है। यूरोप में 36° डिग्री गर्मी भी उमस के साथ आती है, तो पसीना सूख नहीं पाता और शरीर गर्म रहता है। इसे वेट-बल्ब खतरा कहते हैं। वेट-बल्ब तापमान लंबे समय तक रहे तो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं। उछाल… ब्रिटेन में एसी बिक्री 330%, फ्रांस में 1000% बढ़ी भीषण गर्मी ने एसी को लग्जरी से जरूरत बना दिया है। ब्रिटेन में एसी की बिक्री 330% तक तो फ्रांस में 1000% तक बढ़ी। तापमान बढ़ते ही कई बाजार में स्टॉक घटने लगा। पंखों व पोर्टेबल कूलर की मांग भी कई गुना तेजी से बढ़ी। 23 देशों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, स्पेन में पारा 45 डिग्री पार हुआ यूरोप की हीटवेव ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कम से कम 23 देशों में जून की गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पेन में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स व ब्रिटेन में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज हुई। भास्कर एनालिसिस भीषण हीटवेव के पीछे ओमेगा ब्लॉक; इसमें गर्म हवा फंसकर बढ़ा रही तबाही ओमेगा ब्लॉक क्या पैटर्न होता है? यह मौसम का ऐसा पैटर्न है, जिसमें हाई-प्रेशर सिस्टम दो लो-प्रेशर सिस्टम के बीच फंस जाता है। इसका आकार ग्रीक अक्षर ओमेगा जैसा दिखता है। इस पैटर्न से गर्मी क्यों बढ़ने लगती है? हाई-प्रेशर सिस्टम गर्म हवा को एक जगह रोक देता है। बादल कम बनते हैं, बारिश रुकती है और जमीन लगातार गर्म होती रहती है। इससे यह संकट होता है। यूरोप की हीटवेव इस पैटर्न से कैसे जुड़ी है? ओमेगा ब्लॉक ने उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागर की गर्म हवा को यूरोप के ऊपर रोक दिया। इसलिए कई देशों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहा। इस पैटर्न से और क्या असर पैदा होता है? जहां हाई-प्रेशर रहता है, वहां गर्मी और सूखा बढ़ता है। लो-प्रेशर में भारी बारिश-बाढ़ का खतरा बढ़ता है। जलवायु बदलाव से खतरा क्यों बढ़ गया है? ओमेगा ब्लॉक पहले भी बनते थे, लेकिन अब धरती ज्यादा गर्म है। इसलिए ऐसे पैटर्न में फंसी हवा पहले से ज्यादा गर्म और जानलेवा होने लगी हैं। यूरोप दुनिया में सबसे तेजी से गर्म हो रहा है। इसलिए ओमेगा ब्लॉक यहां ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। यूरोप के 20% घरों में ही एसी; इसलिए भी संकट ज्यादा यूरोप में हीटवेव इसलिए भी ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि वहां सिर्फ 20% घरों में ही एसी है। अमेरिका में एसी 90% से भी ज्यादा घरों में है। यूरोप की ज्यादातर इमारतें ठंडे मौसम के हिसाब से बनी हैं। इसलिए तापमान ज्यादा होने पर घर, अस्पताल व नर्सिंग होम तक गर्म हो जाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार लोगों पर खतरा और बढ़ जाता है।

ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मानसून का रौद्र रूप! इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

ISRO Satellite Images: देश के कई हिस्सों में अभी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस साल मनसून के देरी से आने की वजह से लोगों को गर्मी से अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। वहीं भीषण गर्मी से परेशान और फसलों के लिए बारिश की राह देख रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में है। नई तस्वीरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर घने बादलों का बड़ा क्षेत्र दिखाई दे रहा है। इन बादलों की वजह से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई जगह तेज बारिश हो रही है।

सामने आई ISRO की ये तस्वीरें 

इसरो के INSAT-3DR उपग्रह से मिली तस्वीरों के अनुसार, बादलों का एक बड़ा समूह पूर्वी-मध्य अरब सागर से लेकर कोंकण तट तक फैला हुआ है। वहीं, दूसरा बड़ा बादल तंत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है, जिसका असर पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी देखा जा रहा है। सैटेलाइट की थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों में दोनों बादल तंत्रों के ऊपरी हिस्से चमकीले सफेद दिखाई दे रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि इन इलाकों में तेज़ बादल बनने की प्रक्रिया चल रही है और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कई जगह बहुत ज़्यादा बारिश होने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने दी ये जानकारी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। भारत के पश्चिमी हिस्से में अरब सागर के ऊपर बना मौसम तंत्र कोंकण तट के पास और अधिक मजबूत हो गया है। समुद्र का गर्म पानी और मानसून की तेज़ हवाएं इसे लगातार ताकत दे रही हैं। पिछले कुछ दिनों से तटीय इलाकों में कई जगह लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। कई सड़कों पर जलभराव होने और बारिश के कारण कम दिखाई देने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और ऊपरी स्तर की हवाओं के कारण बादल तेजी से ऊपर उठ रहे हैं और बड़े तूफानी बादलों का रूप ले रहे हैं। इसी वजह से पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई जगह तेज़ बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

शुरुआत में मानसून की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब इसके फिर से सक्रिय होने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। हालांकि, लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण शहरों में जलभराव, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और लोगों के आने-जाने में दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज़ हो सकती है। ऐसे में जिन इलाकों में बाढ़ या भूस्खलन का खतरा है, वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

Mumbai-Pune traffic: भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर बह गई पटरियां! 16 ट्रेनें रद्द, Mumbai-Pune expressway भी बंद

Mumbai-Pune traffic: मुंबई-पुणे के व्यस्त रेल रूट्स पर मूसलाधार बारिश के कारण करजत-लोनावला घाट सेक्शन में भूस्खलन हो गया है। इससे रेल ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य रेलवे के मुंबई मंडल के ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन के बीच अप मेन लाइन पर मलबा और बड़े पत्थर गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर ट्रेन की पटरियां पानी में बह गई हैं।

मुंबई डिवीजन में ठाकुरवाड़ी (TKW) और मंकी हिल लूप केबिन (MHLC) के बीच ‘अप मेन लाइन’ पर मलबा गिरने के बाद सेंट्रल रेलवे ने सोमवार को 16 ट्रेनों को रद्द करने और 9 अन्य ट्रेनों का रूट बदलने की घोषणा की।

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, घाट इलाके में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त रेलवे कॉरिडोर में से एक पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि भारी भूस्खलन और ट्रैक पर गिरे बोल्डरों के कारण राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

उन्होंने पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम कर जल्द से जल्द रेल सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) की ओर से सोमवार यानी 6 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें

CSMT–पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

पुणे–सोलापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

CSMT–पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

सिंहगढ़ एक्सप्रेस

CSMT–धुले एक्सप्रेस

इसके अलावा अहमदाबाद-कोल्हापुर एक्सप्रेस, अहमदाबाद-पुणे दुरंतो, बीदर-CSMT एक्सप्रेस, हज़ूर साहिब नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस, एलटीटी-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस, चेन्नई एग्मोर-CSMT मेल समेत नौ लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक रूट्स से चलाया जा रहा है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले दो दिनों में 327 मिमी और 162 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

जबकि सोमवार को केवल चार घंटे में 140 मिमी बारिश हुई, जिससे भूस्खलन और गंभीर हो गया। प्रभावित ट्रैक से मलबा हटाने और रेल सेवाएं सामान्य करने के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, क्योंकि करजत-लोनावला घाट सेक्शन में बहाली का कार्य अभी जारी है।

यात्रियों के लिए हेल्पलाइन

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

लोनावला: 8356854238

दादर: 9136452387

पनवेल: 9004410777

एलटीटी: 9321336835

कल्याण: 8356848078

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे पुराना हाईवे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोमवार को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नागरिकों से अगले आदेश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा से बचने की अपील की है।

पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है, “लोगों से अनुरोध है कि अगले निर्देश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा करने से बचें। जो लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करने और सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी ट्रैवल एजवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।”

वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित

पुलिस ने बताया कि मावल और ताम्हिणी घाट के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे पुणे और मुंबई को जोड़ने वाले वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को एक कंक्रीट का खंभा गिर जाने के बाद ‘कनेक्टिंग लिंक’ और ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन के बीच ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण मुंबई-पुणे पुराने हाईवे को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन हुआ है, जहां प्रभावित इलाके में एक परिवार के फंसे होने की सूचना है।

स्कूल बंद

उन्होंने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, भारी बारिश को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों के लिए छुट्टी की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तड़के खोपोली-कुसगाव ‘मिसिंग लिंक’ की सुरंग-दो के निकास के पास भूस्खलन होने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बाधित हो गया।

दो महीने पहले शुरू किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 13 किलोमीटर लंबा बाईपास है। इस रूट के बन जाने से अब यात्रा में 25 से 30 मिनट तक कम समय लगता है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरडीसी) ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर सोमवार तड़के चार बजे से मार्ग में परिवर्तन किया गया।

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निगम ने कहा कि वह हाईवे ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही इस मार्ग से यात्रा करें।पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली से मुंबई जा रहे एक वाहन चालक ने पीटीआई को बताया कि वह तड़के चार बजे से लोनावला के पास फंसे हुए हैं, क्योंकि मिसिंग लिंक बंद होने के बाद मुंबई जाने वाले रूट में परिवर्तन कर दिया गया है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 6 जुलाई को दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिसको देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और दिन भर तेज बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन भर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

आज का पूरा मौसम का हाल देखें

मौसम के अनुमान के मुताबिक, आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही मौसम के हालात ऐसे ही बने रहेंगे, जिसमें आंधी-तूफान और तेज हवाएं भी शामिल हैं।

वहीं, बीते दिन यानी रविवार को दिल्ली के मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस बनी रही। मौसम में आए इस बदलाव का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। खराब मौसम की वजह से कुछ उड़ानों में देरी हुई, जिसके बाद कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।

दिल्ली में मॉनसून का आगमन

खास बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया। यह अपने सामान्य समय से पांच दिन देरी से पहुंचा, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि दिन भर बादल छाए रहने के कारण तापमान सामान्य से काफी कम रहा।

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था। इसके अलावा, 2024 में मानसून 28 जून, 2023 में 25 जून, 2022 में 30 जून और 2021 में 13 जुलाई को आया था।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें और बेवजह यात्रा करने से बचें, खासकर उन इलाकों में जहां पानी भरने की संभावना हो। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही लें और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

मानसून के आगे बढ़ने के साथ IMD लगातार मौसम पर नजर रखे हुए है। विभाग ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान और एडवाइजरी नियमित रूप से देखने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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Mumbai Weather Update: महाराष्ट्र में मानसून ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर सहित राज्य के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मुंबई ने मुंबई, पालघर, रायगढ़ और ठाणे जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।

मौसम विभाग ने लोगों को बेहद सतर्क रहने और सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी है। भारी बारिश और सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई में 6 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया गया है। मुंबई-पुणे रेल रूट पर भूस्खलन होने से ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है।

कर्जत-लोनावला रूट पर लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे ट्रेन सेवाएं ठप

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग के बेहद संवेदनशील कर्जत-लोनावला भोर घाट (खंडाला घाट) सेक्शन में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते सोमवार तड़के से ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी के पास भारी लैंडस्लाइड हुआ है। इसके अलावा तड़के करीब 3:05 बजे खंडाला और मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भी एक और लैंडस्लाइड की रिपोर्ट मिली है।

भोर घाट सेक्शन में तीन रेलवे लाइनें हैं अप लाइन (मुंबई की तरफ), डाउन लाइन (पुणे की तरफ) और मिडिल लाइन। लगातार हो रही बारिश और मलबे के कारण ये तीनों ही लाइनें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे सेंट्रल रेलवे को कई लंबी दूरी की ट्रेनों को कैंसिल, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा है।

कैंसिल की गई प्रमुख ट्रेनों की लिस्ट

सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

धुले एक्सप्रेस

पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेस

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि युद्धस्तर पर मलबा हटाने और ट्रैक बहाली का काम जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। यात्रियों की मदद और रीयल-टाइम अपडेट के लिए मध्य रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए हैं-

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

दादर: 9136452387

लोनावला: 8356854238

पुणे में रेड अलर्ट: सभी स्कूल बंद, नदियों से दूर रहने की अपील

पुणे जिले के लिए मौसम विभाग द्वारा ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुणे के जिलाधिकारी श्री जितेंद्र डुडी ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। पुणे नगर निगम (PMC) ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि लोग नदियों, नालों और अन्य खतरनाक या जलजमाव वाले स्थानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई: BMC ने भारी बारिश और तेज हवाओं के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए मुंबई के सभी सरकारी, निजी और नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों और कॉलेजों में सोमवार को छुट्टी घोषित की है। बीएमसी ने साफ किया है कि सरकारी और निजी दफ्तर हमेशा की तरह सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।

ठाणे: ठाणे के जिला कलेक्टर श्रीकृष्णनाथ पांचाल ने भी सुरक्षा के मद्देनजर जिले की सभी आंगनबाड़ियों, बालवाड़ियों, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश दिया है।

नवी मुंबई: नवी मुंबई नगर निगम ने भी सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल और एनएमएमसी कमिश्नर कैलास शिंदे ने नागरिकों से बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की भावुक अपील की है।

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Mumbai Rains: मुंबई के मानखुर्द इलाके में रविवार (5 जुलाई) रात भारी बारिश के बीच तीन मंजिला चॉल ढह जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे खोजने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के कर्मियों सहित कई एजेंसियों द्वारा एक संयुक्त बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, चार महिलाओं और एक पुरुष को नगर निकाय द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। एक अन्य पुरुष को राजावाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने बताया कि एक घायल पुरुष का इलाज बीएमसी द्वारा संचालित राजावाड़ी अस्पताल में किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा रात करीब साढ़े आठ बजे हनुमान मंदिर के पीछे स्थित जनता नगर की चॉल नंबर-5 में हुआ। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ग्राउंड सहित तीन मंजिला इमारत के दो-तीन कमरे अचानक ढह गए। इसके बाद, मुंबई अग्निशमन दल (एमएफबी), पुलिस, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वार्ड कार्यालय तथा 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।

एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका

अधिकारियों ने बताया कि मलबे में एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे बाहर निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है तथा एनडीआरएफ की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने का पता लगाने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय पार्षद नवनाथ बान ने भी कहा कि एक और व्यक्ति लापता है। उन्होंने बताया कि चॉल का हिस्सा पास की एक झोपड़ी पर गिर गया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से बचाव कार्य में व्यवधान आ रहा है।

आज बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सोमवार 6 जुलाई को सभी सरकारी, निजी और नगर निगम के स्कूलों तथा कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने रविवार शाम एक बयान में कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसके मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। आईएमडी ने भारी बारिश के अलावा तेज हवा चलने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

अब तक बारिश से 3 की मौत

बयान में कहा गया है कि सरकारी और निजी दफ्तर सामान्य रूप से काम करेंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बहुत भारी बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया है। पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं। 30 जून से अब तक इन घटनाओं में एक स्कूली छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि पुणे, ठाणे और पालघर जिलों के शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी इसी तरह का एडवाइजरी जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पुणे जिला प्रशासन ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने यह जानकारी दी।

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इस बीच, IMD द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने छह जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड द्वारा रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है

IMD Heavy Rain Alert : भारी बारिश के बीच सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज, BMC ने की ये अपील

मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोमवार को सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में सोमवार को तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मुंबई में हो रही भारी बारिश

मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव हो गया है और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। 30 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में एक स्कूली छात्र सहित तीन लोगों की जान जा चुकी है। रविवार को ठाणे और पालघर जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला। ठाणे में 17 साल का एक लड़का तेज बहाव वाली नदी में डूब गया, जबकि पालघर में एक इमारत की बालकनी का हिस्सा गिरने से दो लोग घायल हो गए।

हाल ही में हुए हैं कई हादसे 

नवी मुंबई के वाशी इलाके में राम निवास बिल्डिंग की दूसरी मंजिल की बालकनी का कंक्रीट स्लैब अचानक गिर गया। इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, महिला को इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पुरुष को वाशी के एनएमएमसी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत के बाकी कमजोर हिस्सों को भी सुरक्षित तरीके से हटा दिया। वहीं, भिवंडी में 17 साल का एक लड़का उफनती कामवारी नदी में बह गया। वह अपने दोस्तों के साथ केकड़े पकड़ने गया था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि उसकी तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

ठाणे के दिवा इलाके में एक दो मंजिला इमारत के अंदर सीढ़ियों का कंक्रीट स्लैब गिर गया। इससे बाहर निकलने का मुख्य रास्ता बंद हो गया और पांच लोग इमारत में फंस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद इमारत में पड़े खतरनाक मलबे को भी हटा दिया गया। वहीं, ठाणे पश्चिम के पचपखाड़ी स्थित यशोदा निवास सोसाइटी में एक बड़ा पेड़ गिरने से दो घरों की छत को नुकसान पहुंचा।

रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल (RDMC) के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण पालघर जिले के वसई में निर्माणाधीन एक कंपाउंड वॉल ढह गई। दीवार पास की एक रिहायशी कॉलोनी में गिरने से बाउंड्री के पास खड़ी 15 मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर वसई-विरार नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर स्थिति को सुरक्षित किया।