झरनों की आवाज और हरियाली, जहां हर बूंद के साथ बढ़ जाती है खूबसूरती, ऐसी है भारत की ये बेस्ट जगह!

मानसून का मौसम नेचर लवर और घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए सबसे खास माना जाता है। पहाड़, जंगल और नदियां हरियाली से भर जाते हैं, जबकि झरने अपने पूरे वेग और खूबसूरती के साथ बहने लगते हैं। बारिश के बाद इन वॉटरफॉल्स का नज़ारा बहुत मनमोहक होता है। अगर आप भी इस मानसून यादगार नेचर ट्रिप की प्लानिंग बना रहे हैं, तो भारत के इन खूबसूरत झरनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें:

ओडिशा का बरेहीपानी फॉल्स

Majestic Barehipani Waterfall – Odisha's Tourist Gem

सिमलीपाल नेशनल पार्क में बरेहीपानी फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है। यह करीब 1,309 फीट की ऊंचाई से दो चरणों में गिरता है। मानसून में इसका तेज बहाव और चारों ओर फैले घने जंगल इसे बेहद अट्रैक्टिव बना देते हैं। वाइल्डलाइफ और नेचुरल ब्यूटी के कारण यह नेचर लवर की पसंदीदा जगह है।

महाराष्ट्र का कुने फॉल्स

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लोनावला के पास कुने फॉल्स तीन टियर में गिरने वाला बेहद खूबसूरत झरना है। मानसून में यहां चारों ओर हरियाली और बादलों का नज़ारा देखने लायक होता है। यह मुंबई और पुणे से वीकेंड ट्रिप के लिए पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। बारिश के मौसम में इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है।

कर्नाटक का शिवनसमुद्र फॉल्स

Shivanasamudra Falls, Karnataka - N Travel Advisor

कावेरी नदी से बनने वाला शिवनसमुद्र फॉल्स गगनचुक्की और भराचुक्की नाम के दो हिस्सों में बंटा हुआ है। बारिश के मौसम में दोनों झरनों का तेज फ्लो बेहद शानदार दिखाई देता है। आसपास की हरियाली और चट्टानों का दृश्य इसकी खूबसूरती बढ़ा देता है। यह दक्षिण भारत के सबसे फेमस झरनों में गिना जाता है।

छत्तीसगढ़ का चित्रकोट फॉल्स

Shivanasamudra Images – Browse 202 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

चित्रकोट फॉल्स को इसकी चौड़ाई के कारण ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है। यह इंद्रावती नदी पर है और मानसून में इसका विशाल रूप देखने लायक होता है। बारिश के दौरान पानी का बहाव कई गुना बढ़ जाता है। नेचुरल ब्यूटी और इंद्रधनुष जैसा व्यू इसे खास बनाता है।

हिमाचल प्रदेश का भागसू वॉटरफॉल

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मैक्लोडगंज के पास भागसू वॉटरफॉल मानसून में सबसे खूबसूरत दिखाई देता है। देवदार के जंगल, ठंडी हवाएं और पहाड़ों का नज़ारा यहां की खूबसूरती बढ़ा देते हैं। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी यह पसंदीदा जगह है। बारिश के मौसम में यहां का शांत माहौल सुकून का एहसास कराता है।

उत्तराखंड का केम्प्टी फॉल्स

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मसूरी के पास स्थित केम्प्टी फॉल्स उत्तराखंड के सबसे पॉपुलर झरनों में से एक है। मानसून में इसका वाटर फ्लो काफी बढ़ जाता है, जिससे इसका व्यू और भी मनमोहक हो जाता है। यहां टूरिस्ट झरने के पास नेचुरल माहौल का आनंद लेते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए यह बेहतरीन जगह है।

मानसून ट्रिप पर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

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जर्नी शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश की चेतावनी होने पर ट्रिप टाल दें। फिसलन वाली जगहों पर ज्यादा सावधानी बरतें। झरनों के पास बने सुरक्षा बैरियर पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि वाटर फ्लो खतरनाक हो सकता है। अपने साथ रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते, जरूरी दवाइयां और मोबाइल को सेफ रखने के लिए वाटरप्रूफ बैग जरूर रखें।

14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई जगहों पर आंधी-तूफान, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही 13 जुलाई को मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर भी चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

अभी कहां कितनी हुई बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति?

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और तेज हवाएं दर्ज की गईं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज हुई। अरुणाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (7-11 सेमी) देखी गई।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज/झंझावाती हवाएं चलीं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात राज्य, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, केरल और माहे, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं।

क्षेत्रीय मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के करीब है जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश का मौसम कुछ ऐसा रहेगा-

उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जुलाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-17 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 18-19 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड में 13-19 जुलाई तक व्यापक बारिश और 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश में 18-19 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 13-19 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 16-19 जुलाई के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 13-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16-19 जुलाई को छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 13-14 जुलाई को बिहार में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश और 14, 15, 18 व 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 13-17 जुलाई के दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

झारखंड में 13, 18 और 19 जुलाई को छिटपुट बारिश और 14-17 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 13-14 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 14-15 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 13 व 16 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

मेघालय में 13 जुलाई को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 13-15 जुलाई और 17-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश तथा 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 13-19 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का अनुमान है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 और 17 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 14-16 और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पश्चिमी भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 14-15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 13-16 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 17-19 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)

तटीय कर्नाटक में 17-19 जुलाई और केरल व माहे, लक्षद्वीप में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13-17 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

हीटवेव और उमस भरी गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 जुलाई के दौरान अलग-अलग इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। ओडिशा में 13-14 जुलाई और रायलसीमा व तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 13-15 जुलाई के दौरान मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

IMD की चेतावनी 13 जुलाई: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बिहार-बंगाल में मूसलाधार बरसात, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today 13 July: देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है और कई राज्यों में बादलों ने डेरा डाल रखा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जुलाई के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव की वजह से आज बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और असम समेत देश के लगभग 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा:

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इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज कुछ प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन राज्यों में खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

यूपी-उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

बुलेटिन के मुताबिक, देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज मानसूनी हवाओं की वजह से भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों और क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्र)

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं का पूर्वानुमान

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में धरातल पर तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का कहर

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं कुछ तटीय इलाकों में सूरज की तपिश और उमस लोगों को परेशान करेगी। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी का हाल

समंदर में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की हिदायत दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है, जो बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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नीला समंदर भूल जाइए, दुनिया की इन 6 खूबसूरत झीलों का देखे नजारा जहां बहता है गुलाबी पानी!

क्या आपने कभी ऐसी झील के बारे में सुना है, जिसका पानी नीला नहीं बल्कि प्राकृतिक रूप से गुलाबी दिखाई देता हो? दुनिया में कई ऐसी झीलें हैं, जिनका अनोखा गुलाबी रंग लोगों को पहली ही नजर में हैरान कर देता है। आइए जानते हैं दुनिया की सबसे खूबसूरत गुलाबी झीलों के बारे में और समझते हैं कि आखिर इनके पानी का रंग गुलाबी क्यों होता है:

टोर्रेविजा पिंक लैगून, स्पेन

Maharloo Lake: Nature's Palette, Geological Wonder - EavarTravel

स्पेन की टोर्रेविजा पिंक लैगून अपने चमकीले गुलाबी रंग के लिए दुनियाभर में मशहूर है। जून से अक्टूबर के बीच धूप वाले दिनों में इसका रंग सबसे ज्यादा निखरकर दिखाई देता है यहां बड़ी संख्या में फ्लेमिंगो पक्षी आते हैं और यह झील स्पेन के प्रमुख नमक प्रोडक्शन में भी शामिल है। यहां से निकला नमक दुनिया के कई देशों में भेजा जाता है।

डस्टी रोज़ लेक, कनाडा

Australia Has More Than One Pink Lake (Many More!) | HowStuffWorks

कनाडा की डस्टी रोज़ लेक बाकी गुलाबी झीलों से काफी अलग है। यह खारे पानी की नहीं बल्कि मीठे पानी की झील है। इसका गुलाबी रंग आसपास की गुलाबी और बैंगनी चट्टानों के महीन कणों से बनता है। यह झील बहुत दूर है, इसलिए यहां पहुंचना आसान नहीं है। इसे देखने के लिए ज्यादातर लोग हेलीकॉप्टर या स्माल एयरक्राफ्ट का सहारा लेते हैं।

हट्ट लैगून, ऑस्ट्रेलिया

200+ Hutt Lagoon Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

ऑस्ट्रेलिया का हट्ट लैगून दुनिया की सबसे खूबसूरत गुलाबी झीलों में गिना जाता है। यह करीब 9 मील लंबी झील है और समुद्र से केवल रेत के टीलों की एक पतली पट्टी इसे अलग करती है। झील के किनारों पर सफेद नमक की मोटी लेयर जम जाती है, जिससे इसका नजारा और भी अट्रैक्टिव हो जाता है। सुबह से दोपहर के बीच इसका रंग सबसे ज्यादा साफ और चमकीला दिखाई देता है।

लेक रेटबा (लैक रोज़), सेनेगल

लेक रेटबा

सेनेगल की राजधानी डकार के पास लेक रेटबा, जिसे लैक रोज़ भी कहा जाता है, अपने बेहद खारे पानी के लिए जानी जाती है। साल 2022 की बाढ़ के बाद इसका रंग कुछ समय के लिए बदल गया था, लेकिन अब यह धीरे-धीरे फिर से गुलाबी होता जा रहा है। नवंबर से मई के बीच इसका रंग सबसे ज्यादा खूबसूरत नजर आता है।

लेक हिलियर, ऑस्ट्रेलिया

Lake Hillier Stock Photos, Images and Backgrounds for Free Download

ऑस्ट्रेलिया की लेक हिलियर दुनिया की सबसे पॉपुलर गुलाबी झीलों में से एक है। इसकी सबसे खास बात यह है कि झील का पानी किसी बर्तन में निकालने पर भी अपना गुलाबी रंग नहीं बदलता। भारी बारिश से रंग हल्का हुआ है, लेकिन समय के साथ इसका चमकीला गुलाबी रंग फिर लौट आएगा। यही वजह है कि यह झील दुनिया भर के टूरिस्ट को अपनी ओर अट्रैक्ट करती है।

महारलू झील, ईरान

 Lipar lake - Pink lake in Chabahar Iran - IRAN Travel Experience | Baluchestan iran, Iran central desert,

ईरान के फ़ार्स प्रांत में शिराज़ शहर के पास महारलू झील चारों ओर से पहाड़ों से घिरी हुई है। गर्मियों में झील का पानी काफी सूख जाता है और किनारों पर सफेद नमक की परत जम जाती है। यहां फ्लेमिंगो समेत कई प्रवासी पक्षी भी आते हैं, क्योंकि उन्हें यहां भरपूर भोजन मिलता है। वसंत और शुरुआती पतझड़ में इस झील का गुलाबी रंग सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

पिंक लेक्स का अनोखा राज

Maharloo Lake - Visit Our Iran - Discover Iran

इन सभी झीलों की सबसे बड़ी पहचान इनका नेचुरल पिंक कलर है, लेकिन हर झील के पीछे इसकी वजह एक जैसी नहीं होती। झीलों में पानी में मौजूद ज्यादा नमक के कारण खास तरह के सूक्ष्मजीव और शैवाल पनपते हैं, जो गुलाबी रंग पैदा करते हैं। वहीं डस्टी रोज़ लेक का रंग हिमनदीय चट्टानों के महीन कणों से गुलाबी दिखाई देता है ये झीलें बताती हैं कि पानी का रंग हमेशा नीला नहीं होता, बल्कि उसके भीतर मौजूद नेचुरल एलिमेंट, मिनरल और सूक्ष्मजीव भी उसके रंग को पूरी तरह बदल सकते हैं।

कल का मौसम 13 जुलाई: पूर्वी यूपी, बिहार-बंगाल तक मूसलाधार बरसात, IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 13 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक जा रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:

इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बवंडर जैसी तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का असर

एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम विपरीत रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का हाल

समंदर में उठने वाले तूफान और तेज हवाओं को लेकर मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

Kashmir Cloudburst : अनंतनाग में बादल फटने से मची तबाही, घरों में घुसा पानी; फसलें और सेब के बाग बर्बाद

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिटरगुल स्थित नाला चोटीहाल (Nala Chotihall) क्षेत्र में रविवार को बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में कृषि भूमि, सेब के बाग, धान की फसलें और कई रिहायशी इलाकों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा। टीमें नुकसान का आकलन करने के साथ राहत कार्य और आवश्यक एहतियाती कदम उठा रही हैं। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों को रातों-रात अपने घर छोड़ने पड़े। धान के खेत जलमग्न हो गए और सेब के बागों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

 

भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने किसानों की आजीविका पर गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि सेब के बाग और धान की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने सरकार से फसलों और पेड़ों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की अपील की।

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पहाड़ों से तेज बहाव के साथ पानी नीचे आया और चिटरगुल अपर में बहने वाले नाले का रास्ता बदल गया। इससे आसपास के खेतों, बागों और मकानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि कई परिवारों को तत्काल घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से निष्पक्ष सर्वे कर जल्द मुआवजा देने की मांग की है।

 

इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आधी रात तक लोग अपने घर छोड़कर सड़कों और मस्जिदों में शरण लेने को मजबूर हो गए क्योंकि बाढ़ का पानी लगातार घरों में घुस रहा था। उन्होंने संबंधित विभागों से बागवानी, कृषि भूमि, पशुधन और सड़क को हुए नुकसान का तत्काल निरीक्षण कर राहत पैकेज जारी करने की मांग की।

Heavy rain alert: मुंबई में समंदर से उठने लगीं ऊंची लहरें, IMD ने जारी कर दिया इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है। मुंबई के मरीन ड्राइव पर रविवार 12 जुलाई को समंदर में ऊंची लहरें यानी हाई टाइड देखने को मिली हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों के लिए बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की विस्तृत चेतावनी दी है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज 12 जुलाई को देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। IMD ने नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है:-

बिहार

असम और मेघालय

पूर्वी उत्तर प्रदेश (यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की विशेष चेतावनी है)

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

दिल्ली-एनसीआर के करीब समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

देश के कई अन्य राज्यों में भी आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में शामिल हैं:-

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

हरियाणा और चंडीगढ़ (उत्तरी हिस्से)

पंजाब (उत्तरी हिस्से)

जम्मू और कश्मीर-लद्दाख

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और गरज-चमक का भी अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की गतिविधि हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है।

अरब सागर में मौसम का हाल और तटीय आंध्र प्रदेश में लू

अरब सागर के ऊपर मौसम खराब रहने की आशंका है। मध्य और उससे सटे उत्तरी अरब सागर, उत्तरी गुजरात तट के कुछ हिस्सों, उत्तर-पूर्वी अरब सागर, सोमालिया से सटे दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इन सबके बीच मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आज लू की स्थिति बनी रह सकती है।

आज का मौसम 12 जुलाई: IMD ने यूपी संग इन 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन इलाकों में आएगी बवंडर वाली आंधी

India Weather today: देश भर में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 12 जुलाई के लिए देश का ताजा मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी इस बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत समेत देश के कुल 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बवंडर जैसी तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जबकि दक्षिण के एक राज्य में लू का असर भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के तीन प्रमुख राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:-

बिहार

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

इन क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे नदी जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने आज उत्तर प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज तेज मानसूनी बारिश देखने को मिलेगी:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

पंजाब

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है। इसे हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:-

1. 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार बवंडर वाली हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

2. 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।

3. इन राज्यों में केवल आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तराखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के एक इलाके के लिए गर्मी की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, आज तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे यहां के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।

कल का मौसम 12 जुलाई: दिल्ली से यूपी-बिहार तक भारी बारिश का तांडव, IMD ने आंधी तूफान का ये अलर्ट दिया

Weather Forecast for July 12: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 12 जुलाई को मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुल मिलाकर, 12 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि कई राज्यों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा:-

  • बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • झारखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
  • गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा में भी भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा। जबकि मेघालय और असम के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कोंकण और गोवा में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत

केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके अलावा तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर लू (हीट वेव) जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक बारिश मेघालय के चेरापूंजी क्षेत्र में लगभग 19 सेंटीमीटर दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 सेंटीमीटर, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 8 से 16 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

राज्यों के अनुसार कल (12 जुलाई) का वेदर फोरकास्ट

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कीर्तिनगर में 13 सेमी और हिमाचल के नाहन में 16 सेमी बारिश के बाद कल भी पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी (Heavy to Very Heavy) बारिश का अलर्ट है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में कल भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना, बेगूसराय और खगड़िया समेत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR: पंजाब के लुधियाना और कपूरथला में भारी बारिश (7 सेमी) के बाद कल भी पंजाब और हरियाणा-दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा: पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी स्थानों पर मानसून सक्रिय है। चेरापूंजी और मौसिनराम में भारी तबाही के बाद कल भी इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड: गंगा के मैदानी इलाकों (Gangetic West Bengal) और झारखंड (जामताड़ा, गोड्डा) के अधिकांश हिस्सों में कल भी भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम थोड़ा शुष्क या छिटपुट बारिश वाला रह सकता है।

दक्षिण भारत व तटीय कर्नाटक: तटीय कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में कल मानसून मेहरबान रहेगा। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान और गुजरात: राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी) और गुजरात क्षेत्र के अलग-अलग (Isolated) स्थानों पर ही कल केवल छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यानी यहां मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी है।

तापमान का हाल: उमस और गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है:-

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से भी अधिक दर्ज किया गया, जिससे वहां भीषण गर्मी का माहौल है।
  • यूपी, बिहार, ओडिशा, असम और राजस्थान के कई इलाकों में भी रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ठंडा स्थान

देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश के खरगोन में 19.4°C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में कल यात्रा करते समय सावधानी बरतें। आकाशीय बिजली (Lightening) चमकने के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।

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लोगों के लिए सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
  • स्थानीय प्रशासन और भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।