1 अगस्त को आ रहा पोर्टल, महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने वाली दिल्ली लक्ष्मी योजना की पूरी टाइमलाइन

Lakshmi Yojana scheme: दिल्ली सरकार ने मंगलवार को महिलाओं को वित्तीय सहायता देने वाली अपनी महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को हरी झंडी दिखाई गई। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार इस योजना का पोर्टल 1 अगस्त को लॉन्च करने जा रही है और रक्षाबंधन तक पहली किस्त जारी करने की तैयारी में है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना की पूरी टाइमलाइन

28 जुलाई 2026: दिल्ली कैबिनेट और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा योजना को मंजूरी।

1 अगस्त 2026: योजना के लिए समर्पित आधिकारिक पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जहां आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन व सत्यापन: पोर्टल लॉन्च होने के बाद प्राप्त आवेदनों का वेरिफिकेशन किया जाएगा।

रक्षाबंधन: सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार को उम्मीद है कि रक्षाबंधन तक लाभार्थियों के खातों में योजना की पहली किस्त जारी कर दी जाएगी।

2500 रुपये का गणित: कैसे मिलेंगे पैसे?

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक इस योजना के तहत मिलने वाले 2500 रुपये को दो हिस्सों में बांटा गया है। हर महीने 1000 रुपये महिलाओं को खाते में सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। बाकी बचे 1500 रुपये हर महीने एक रिकरिंग डिपॉजिट (RD) खाते में जमा किए जाएंगे।

3 साल का लॉक-इन पीरियड

आरडी खाते में जमा होने वाले 1500 रुपये 3 सालों के लिए लॉक रहेंगे। 3 साल का समय पूरा होने के बाद, जमा हुआ पूरा पैसा और उस पर मिला ब्याज सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। महिलाओं में बचत को बढ़ावा देने और उनके लिए फाइनेंशियल सिक्यॉरिटी तैयार करने के उद्देश्य से इस सेविंग्स कंपोनेंट को जोड़ा गया है।

इस योजना के लिए क्या हैं पात्रता के नियम?

योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो यहां नीचे दी गई पात्रताओं को पूरा करती हैं-

  • दिल्ली की 10 साल की निवासी: आवेदक को कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है।
  • उम्र सीमा: परिवार की 21 से 60 वर्ष की आयु के बीच की महिलाएं ही पात्र होंगी।
  • परिवार से सिर्फ एक महिला: हर परिवार से सिर्फ एक महिला को लाभ मिलेगा। अगर किसी परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएं हैं, तो परिवार की सबसे बड़ी महिला को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • आय सीमा: परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • कोई पेंशन न मिलती हो: आवेदक को पहले से कोई अन्य सरकारी पेंशन न मिल रही हो।
  • कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो: आवेदक का स्वयं का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।

कौन-कौन सी महिलाएं होंगी योजना से बाहर?

  1. सरकारी कर्मचारी।
  2. इनकम टैक्स पेयर्स (करदाता)।
  3. पेंशनर्स (पेंशन पाने वाली महिलाएं)।
  4. जिन महिलाओं या उनके परिवार के पास चार पहिया वाहन है।
  5. जिन महिलाओं के परिवार में किसी भी सदस्य का आपराधिक रिकॉर्ड है।

योजना के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स

आवेदकों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज जमा करने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी कार्ड
  • परिवार के सदस्यों के दस्तावेज
  • सेल्फ-डिक्लेरेशन (Self-Declaration): इसमें आवेदक को यह शपथ पत्र देना होगा कि वे कम से कम 10 सालों से दिल्ली में रह रही हैं और उनके या उनके परिवार पर कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।

5110 करोड़ रुपये का बजट आवंटन

दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के सुचारू क्रियान्वयन और संचालन के लिए लगभग 5110 करोड़ रुपये का बड़ा बजट निर्धारित किया है।

HDFC बैंक को गवर्नेंस में बड़े सुधार करने होंगे, तभी बहाल होगा निवेशकों का भरोसा : एक्सपर्ट्स

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक को निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सिर्फ पुराने विवादों को बंद करना काफी नहीं होगा। कॉरपोरेट गवर्नेंस के जानकारों का कहना है कि बैंक को अपनी गवर्नेंस, आंतरिक प्रक्रियाओं और बोर्ड की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि निवेशक अब सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि बैंक के काम करने के तरीके को भी देख रहे हैं।

मामला क्या है?

यह चर्चा MSRDC डिपॉजिट मामले के बाद तेज हुई है। बैंक के बोर्ड ने इस मामले की आंतरिक जांच पूरी की। जांच में CEO शशिधर जगदीशन समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आर्थिक जुर्माना और चेतावनी जारी की गई।

हालांकि, बोर्ड ने यह भी माना कि मामले में किसी तरह की निजी कमाई, गलत मंशा या नियमों के उल्लंघन के सबूत नहीं मिले। इसके बाद बोर्ड ने जगदीशन की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश भी की।

एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

Institutional Investor Advisory Services (IiAS) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित टंडन का कहना है कि किसी एक मामले का निपटारा कर देना ही काफी नहीं है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या बैंक ने हाल के गवर्नेंस विवादों से सबक लिया है। क्या बोर्ड की निगरानी पहले से मजबूत हुई है। क्या आंतरिक कंट्रोल बेहतर हुए हैं। उनके मुताबिक गवर्नेंस में सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि उन तक पहुंचने की प्रक्रिया भी उतनी ही अहम होती है।

पुराने मामलों पर भी उठे सवाल

अमित टंडन का कहना है कि इस मामले को अकेले नहीं देखा जाना चाहिए। इसे पूर्व स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे और हाल के दूसरे गवर्नेंस विवादों के साथ जोड़कर देखना होगा। उनका मानना है कि अब बैंक की सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों को यह भरोसा दिलाना है कि उसकी गवर्नेंस सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।

बोर्ड का संदेश क्या है?

अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख का कहना है कि बोर्ड की स्वतंत्र जांच से साफ हुआ कि यह मामला नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि गवर्नेंस और कारोबारी पहुंच का था। इसलिए बोर्ड ने CEO की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की। हालांकि, अंतिम फैसला RBI को लेना है।

आगे बैंक के लिए क्या चुनौती?

अश्विन पारेख का मानना है कि CEO, CFO और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अपने आप में बड़ा कदम है। इससे बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी।

वहीं, अमित टंडन का कहना है कि अब बहस सजा की मात्रा पर नहीं होनी चाहिए। असली फोकस इस बात पर होना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए बैंक अपनी गवर्नेंस को कितना मजबूत बनाता है।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 0.38% गिरकर 736.75 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.01% गिरा है। वहीं, एक साल में यह 26.64% टूटा है। 5 साल की बात करें, तो निवेशकों को सिर्फ 3.30% रिटर्न मिला है। बैंक का मार्केट कैप 5.64 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : हल्के लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे एक्सपायरी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुए। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर और निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। लगभग 1539 शेयरों में बढ़त हुई,2543 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

TCS सबसे ज़्यादा बढ़त (4.466%) के साथ टॉप गेनर रहा,इसके बाद एटरनल (4.23%), टेक महिंद्रा (3.82%),नेस्ले इंडिया (3%) और सिप्ला (2.5%) रहे। दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनीलीवर (HUL) सबसे ज्यादा गिरावट वाला शेयर रहा। Q1 नतीजों के बाद इसमें 7% की गिरावट आई। इसके बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) (-4.24%), कोल इंडिया (-4%),टाटा कंज्यूमर (-2.2%) और NTPC (-2%) रहे।

सेक्टर के हिसाब से मिला-जुला प्रदर्शन रहा। निफ्टी IT सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 3.2% की बढ़त हुई; इसके बाद निफ्टी रियल्टी (2%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.08%) रहे। निफ्टी ऑटो भी बढ़त के साथ बंद हुआ (0.69%), जबकि निफ्टी फार्मा में 0.2% की बढ़त हुई।

दूसरी ओर,निफ्टी एनर्जी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.7% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी (-1.4%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (-0.9%) रहे। निफ्टी मेटल में 0.6% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी बैंक 0.58% गिरा। निफ्टी इंफ्रा (-0.5%),निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.4%) और निफ्टी मीडिया (-0.34%) में भी गिरावट रही।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.1% की मामूली बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स में 0.2% की गिरावट आई।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी आज दिन भर एक सीमित दायरे में रहा और मंथली एक्सपायरी के समय आमतौर पर दिखने वाली उतार-चढ़ाव की स्थिति नहीं दिखी। निफ्टी लगातार दूसरे दिन 50EMA के आसपास बंद हुआ,जो ट्रेडर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। ऊपरी स्तर पर 24,050 एक मजबूत रेजिस्टेंस बना रहा,जबकि निचले स्तर पर 23,920 के आसपास सपोर्ट देखा गया। अगर इंडेक्स जल्द ही 24,050 के स्तर को पार कर जाता है तो उसे 24,500 की ओर बढ़ने के लिए जरूरी मजबूती मिल सकती है। निचले स्तर पर सपोर्ट 23,800 पर है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह ने कहा कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24120-24150 के जोन में है,जो 100 डे EMA के पास स्थित है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24300 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24450 तक बढ़ सकता है। वहीं,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23850-23820 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडलस्टिक’के साथ सेशन खत्म किया,जो थोड़े नेगेटिव टेक्निकल सेटअप का संकेत है। आवरली चार्ट पर,RSI’बेयरिश क्रॉसओवर’में आ गया है और 50 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है। जबकि इंडेक्स अपने 20-पीरियड SMA से नीचे बना हुआ है,जो शॉर्ट टर्म के लिए कमजोर मोमेंटम दिखाता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,200 पर है,जबकि 57,300–57,500 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। जब तक इंडेक्स इस रेंज से बाहर नहीं निकलता,तब तक ट्रेडर्स को सलाह होगी कि वे लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाएं और एग्रेसिव डायरेक्शनल पोजीशन लेने से बचें।

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में यह नीचे की ओर गया। दिन के दौरान तेजी से हुई रिकवरी ने इंडेक्स को दिन के उच्चतम स्तर की ओर धकेला,लेकिन 57,030–57,060 का जोन एक मज़बूत रेजिस्टेंस के तौर पर उभरा,जिससे फिर से बिकवाली का दबाव बना। आखिर में इंडेक्स 0.58% गिरकर 56,756 पर बंद हुआ।

टेक्निकल तौर पर बैंक निफ्टी ने एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर की ओर एक लंबी विक (wick) दिखी जो ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग को दिखाती है। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (RRG) के ‘लैगिंग क्वाड्रेंट’में भी बना हुआ है जो बेंचमार्क की तुलना में कमजोर रिलेटिव स्ट्रेंथ और मोमेंटम को दर्शाता है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57,200-57,300 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57,700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58,000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की ओर बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,300-56,200 के जोन में है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Aurionpro Solutions Share Price: अपने पीक से 62% नीचे ये स्टॉक आज 12% गिरा, तिमाही नतीजों का दिखा असर

Aurionpro Solutions Share Price: सॉफ्टवेयर एंड आईटी सर्विसेस सेक्टर की कंपनी Aurionpro Solutions के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर आज 12.10% गिरकर ₹735.40 प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर में यह गिरावट कंपनी के जून तिमाही के बाद आई। शेयर 11 जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा।

जून तिमाही के लिए, Aurionpro ने ₹358 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹337 करोड़ से 6.3% और पिछली तिमाही के ₹346 करोड़ से 3.6% अधिक है। हालांकि, EBITDA सालाना आधार पर 9.1% घटकर ₹61 करोड़ रह गया, जबकि EBITDA मार्जिन 300 बेसिस पॉइंट्स घटकर 17.2% हो गया। नेट प्रॉफिट (PAT) सालाना आधार पर 12.6% घटकर ₹45 करोड़ रह गया (जो पहले ₹51 करोड़ था), और PAT मार्जिन भी एक साल पहले के 15.3% से घटकर 12.6% हो गया।

मार्जिन पर दबाव के बावजूद, कंपनी ने तिमाही के दौरान 23 नए कस्टमर जोड़े। रेवेन्यू में बढ़ोतरी को बैंकिंग और फिनटेक बिजनेस से सहारा मिला, जो सालाना आधार पर 4.7% बढ़कर ₹201 करोड़ हो गया, जबकि टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रुप ने 8.4% की बढ़ोतरी के साथ ₹157 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

तिमाही के दौरान, कंपनी ने बताया कि उसे अमेरिका से अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है। उसने एक प्रमुख डिजिटल इंश्योरेंस पेमेंट प्लेटफॉर्म के साथ 33 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। Aurionpro ने Ujjivan Small Finance Bank से अपने प्रमुख iCashpro+ इंटीग्रेटेड ट्रांजैक्शन बैंकिंग प्लेटफॉर्म को लागू करने के लिए 6 साल का कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया।

मल्टीबैगर रिटर्न के बावजूद स्टॉक अपने पीक से 62% नीचे

शेयर पर सितंबर 2024 से लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और इस दौरान इनकी वैल्यू में 55% से ज़्यादा की गिरावट आई है। मार्च 2023 और सितंबर 2024 के बीच आई जबरदस्त तेज़ी के बाद, जब स्टॉक ₹1,975 प्रति शेयर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था, इसकी रफ्तार कम हो गई और उसके बाद के ज़्यादातर महीनों में स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुआ।

शेयर अपने पीक से स्टॉक में 62% की गिरावट आई है। कैलेंडर ईयर के हिसाब से देखें तो 2025 में इसमें 40% की गिरावट आई और 2026 में अब तक यह 29% और गिर चुका है।

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Bank of Baroda Share Price: नोमुरा ने जून तिमाही के नतीजों के बाद घटाया टारगेट प्राइस, शेयर गिरा

बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के शेयर में 28 जुलाई को गिरावट दिखी। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने बीओबी के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। उसने बैंक के जून तिमाही के नतीजों के बाद ऐसा किया है। उसने टारगेट प्राइस को 300 रुपये से घटाकर 280 रुपये कर दिया है। हालांकि, शेयर पर उसने अपनी रेटिंग ‘न्यूट्रल’ बनाए रखी है।

नोमुरा ने कहा है, “बीओबी के जून तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। प्रोविजनिंग से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 6480 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 13 फीसदी ज्यादा है। लेकिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 19 फीसदी कम है। यह अनुमान से 4 फीसदी कम है।”

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “जून तिमाही में बैंक की फीस से इनकम कम रही। इसका असर मुनाफे पर पड़ा। हालाांकि, कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही दर तिमाही आधार पर स्टेबल रहा।” हालांकि, रिपोर्ट में यह कहा गया है कि बैंक को एनएमसी ग्रुप के साथ 56.8 अरब रुपये के सेटलमेंट के असर को बर्दाश्त करना पड़ा।

जून तिमाही में ऑपरेटिंग प्रदर्शन कमजोर रहने के बावजूद क्रेडिट कॉस्ट कम रहने से प्रॉफिट को सपोर्ट मिला। बैंक की ग्रॉस लोन ग्रोथ साल दर साल आधार पर 18 फीसदी रही। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर एडवान्सेज में 1 फीसदी गिरावट आई। डिपॉजिट ग्रोथ साल दर साल आधार पर 14 फीसदी रही। लेकिन, CASA रेशियो तिमाही दर तिमाही आधार पर 117 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 37.7 फीसदी पर आ गया।

नोमुरा ने बैंक ऑफ बड़ौदा के FY27 के प्रति शेयर अर्निंग्स के अनुमान को 13 फीसदी तक घटाया है। इसकी बड़ी वजह एनएमसी सेटलमेंट है। हालांकि, उसने FY28 के प्रति शेयर अर्निंग्स अनुमान को अपरिवर्तित रखा है। बीओबी का शेयर 25 जुलाई को 2.05 फीसदी गिरकर 239 रुपये पर बंद हुआ। 2026 में यह शेयर 20 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

28 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक कारोबार के अंतिम कुछ मिनटों में हरे से लाल निशान में आ गए। सेंसेक्स 0.05 फीसदी यानी 46 अंक गिरकर 76,796 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.02 फीसदी यानी 7 अंक गिरकर 23,990 पर क्लोज हुआ।

नौकरी ढूंढ़ने नहीं, नौकरी देने की सोच पैदा कर रहा ‘यूथ अड्डा’

CM Yuva Yojana: आज की जेनरेशन जेड (Gen Z) पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहती। यह पीढ़ी नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और आत्मनिर्भरता में अपना भविष्य देखती है। जिन युवाओं का जन्म 1997 के बाद हुआ, वे इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के साथ बड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें केवल रोजगार नहीं, बल्कि अवसर, मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और उद्यमिता का पूरा इकोसिस्टम चाहिए।

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बहुत पहले समझ लिया था। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने केवल रोजगार योजनाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनाने की सोच के साथ सीएम युवा और यूथ अड्डा जैसी अभिनव अवधारणा को विकसित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इस पहल का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं, बल्कि विचार, कौशल, तकनीक, मार्गदर्शन और बाजार सभी को एक मंच पर उपलब्ध करवा कर युवाओं के लिए उद्यमिता का नया इकोसिस्टम तैयार करना है। 

 

Gen Z की क्षमता और भविष्य की कार्यशक्ति में उसकी अहम भूमिका को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्ष पहले ही पहचान लिया था। इसी सोच के तहत युवाओं और उद्यमिता के बीच मौजूद दूरी को कम करने की पहल की गई। कॉफी या चाय पर सहज, खुले और व्यावहारिक संवाद के माध्यम से युवाओं को कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास हुआ। इसी अनौपचारिक लेकिन प्रभावी मॉडल को ‘यूथ अड्डा’ नाम दिया गया, जहां कॉफी शॉप जैसे माहौल में युवा अपने विचार साझा कर सकें, विशेषज्ञों से संवाद कर सकें और अपने उद्यमी सपनों को वास्तविक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

Gen Z की जरूरतों के अनुरूप तैयार हुआ यूथ अड्डा

आज का युवा केवल ऋण या अनुदान नहीं चाहता। वह चाहता है कि कोई उसके विचार को समझे, बिजनेस मॉडल बनाने में मदद करे, अनुभवी मेंटर्स से जोड़े, बैंकिंग प्रक्रिया आसान बनाए और बाजार तक पहुंच दिलाए। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है। यहां बिजनेस आइडिया से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।

 

यूथ अड्डा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सरकारी सेवा वितरण की पारंपरिक सोच को बदलता है। यहां युवा केवल किसी योजना का लाभार्थी नहीं, बल्कि अवसर का आकांक्षी है, जिसकी जरूरतों के अनुरूप सेवाएं विकसित की गई हैं। यह दृष्टिकोण शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

कॉलेज से सीधे स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर

प्रदेश सरकार ने महसूस किया कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के दिनों से ही होनी चाहिए। इसलिए यूथ अड्डा का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है। यहां छात्रों को प्रेरित किया जाता है कि वे डिग्री पूरी होने के बाद केवल नौकरी के लिए आवेदन करने की बजाय यह सोचें कि वे किस समस्या का समाधान कर सकते हैं और उससे किस प्रकार सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है। योगी सरकार ने यह भी समझा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी। इसी कारण यूथ अड्डा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल टूल्स पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेश का युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सके।

सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, पूरे बिजनेस सफर में साथ

यूथ अड्डा केवल प्रशिक्षण देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। यहां युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और व्यवसाय विस्तार तक लगातार मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम काफी कम हो सके।

ग्रामीण युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों पर विशेष फोकस

यूथ अड्डा की अवधारणा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाना है, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का सहयोग देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पूरे वर्ष चलता रहेगा उद्यमिता का अभियान

यूथ अड्डा को केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि वर्षभर सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला, कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम और सफल उद्यमियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनते हैं, तो इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी।

यूपीकॉन निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

इस पूरी पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के मुताबिक,  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत यूपीकॉन द्वारा संचालित यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में सहभागी बनाना है।

दतिया उपचुनाव में वोटिंग से 24 घंटे पहले भी वोटर्स खमोश, कुशवाह और जाटव वोटर्स बनेगा गेमचेंजर!

mohan yadav in datia

दतिया विधानसभा उपचुनाव में आज शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। वोटिंग के 48 घंटे से पहले विधानसभा का वोटर्स पूरी तरह खमोश है। विधानसभा के ग्रामीण और शहरी इलाकों का दौरा करने के बाद एक बात पूरी तरह साफ है कि चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों में साफ तौर पर भितरघात नजर आ रहा‌ है। ALSO READ: दतिया‌ उपचुनाव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशवाहा समाज को साधा, बोले भाजपा ने कुशवाह समाज को दिया सम्मान

 

वहीं उपचुनाव में जीत-हार का गणित अब जातीय समीकरणों पर आकर पूरी तरह टिक गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सबसे प्रभावशाली कुशवाहा और जाटव वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। दतिया विधानसभा में कुशवाहा समाज सबसे बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है  दतिया के ठंडी सड़क पर फल का ठेला लगाने वाले कुशवाहा समाज से आने वाले हरिराम कुशवाह साफ कहते है कि कुशवाह समाज का 60 फीसदी वोटर्स जिस तरफ जाएगा, वह पार्टी जीत हासिल करेगी। कुशवाह वोटर्स इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40 हजार कुशवाहा मतदाता चुनाव का रुख तय करने की स्थिति में हैं।

 

कुशवाहा वोटर्स को साधने के लिए सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशवाहा समाज के सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन की अहमियत इससे समझी जा सकती है कि उपचुनाव में पहली बार मुख्यमंत्री किसी समाज के समाजिक सम्मेलन को संबोधित किया और भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में जीतू पटवारी ने लगाया गले तो आशुतोष तिवारी ने मंच से ही मांग लिए बीजेपी के लिए वोट

 

दतिया उपचुनाव में वार्ड-1 के भाजपा पार्षद रहे कल्लू कुशवाह की हत्या भी बड़ा चुनावी मुद्दा बनी हुई है। 

वेबदुनिया से खास बातचीत में कल्लू कुशवाह के भाई शेरू कुशवाह ने भाजपा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। उनका कहना है कि वे अपने समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। 

 

mohan yadav election campaign in datia

भाजपा की रणनीति छोटे-छोटे सामाजिक सम्मेलनों और समाजवार बैठकों पर केंद्रित है। पार्टी आखिरी दौर में जाटव, अहिरवार, कुशवाह, लोधी, पाल, बघेल, रावत, यादव और सेन समाज के बीच अलग-अलग स्तर पर संपर्क अभियान चला रही है।

 

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार जाटव और अहिरवार समाज के एक हिस्से का झुकाव अब भी कांग्रेस की ओर माना जा रहा है। वहीं कुशवाह, बघेल और यादव समाज के कुछ वर्गों में भी स्थानीय राजनीतिक कारणों से नाराजगी की चर्चा है। ऐसे में भाजपा इन वर्गों के प्रभावशाली नेताओं के माध्यम से संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

 

दतिया विधानसभा में सोमवार रात मुख्यमंत्री ‌डॉ मोहन यादव के रोड शो के दौरान वेबदुनिया ने शहर के लोगों से जब बात की तो नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के बाहरी होने का मुद्दा भी चुनाव में खासा दिखाई दिया।

Silver Gold Price Today : MCX पर गोल्ड और सिल्वर में 1% तक की गिरावट, जानिए कमोडिटी मार्केट में आज कहां होगी कमाई

Silver Gold Price Today : मंगलवार, 28 जुलाई को MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में 1% तक की गिरावट देखने को मिली है। कमजोर ग्लोबल संकेत की वजह से ये गिरावट आई है। 29 जुलाई को US फेडरल रिजर्व के मॉनेटरी पॉलिसी फैसले से पहले डॉलर इंडेक्स 101.5 के आसपास बना हुआ है। ग्लोबल बाजार में US फेड के फैसले से पहले प्रेशियस मेटल्स में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

10.50 बजे के आसपास एमसीएक्स पर भी गोल्ड का अगस्त वायदा 1,144 रुपए यानी 0.80 फीसदी की कमजोरी के साथ 141,913 रुपए पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 3,892 रुपए यानी 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 217,297 रुपए पर नजर आ रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें कम हुईं। US और ईरान के बीच जवाबी हमलों के रुकने से जियोपॉलिटिकल तनाव कम हुआ और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग घट गई है। इसका असर सोने के भाव पर देखने को मिला है।

29 जुलाई को आने वाले US फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले पर भी बाजार की नजर है। उम्मीद है कि US का सेंट्रल बैंक बेंचमार्क दरों को 3.50%-3.75% की रेंज में ही बनाए रखेगा।

एक्सपर्ट की राय

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने के लिए 4,034 और 4,000 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 4,110 और 4,140 डॉलर प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है। आज के सेशन में चांदी के लिए 57.20 और 56.60 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 59.40 और 60 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं MCX पर सोने के लिए ₹1,42,200 और ₹1,41,400 पर सपोर्ट है और ₹1,44,000 और ₹1,45,150 पर रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए ₹2,19,100 और ₹2,17,000 पर सपोर्ट है और ₹2,24,000 और ₹2,26,600 पर रेजिस्टेंस है।

मनोज कुमार जैन की सलाह है कि ₹1,43,650 के टारगेट के लिए ₹1,42,000 के आसपास गिरावट पर सोना खरीदें, स्टॉप लॉस ₹1,41,000 के नीचे रखें और ₹2,24,400 के टारगेट के लिए ₹2,19,000 के आसपास गिरावट पर चांदी खरीदें, स्टॉप लॉस ₹2,16,600 के नीचे रखें ।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का जुलाई वायदा 7.75 रुपए यानी 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 1,316.55 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं,क्रूड ऑयल का अगस्त वायदा 117 रुपए यानी 1.47 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,840 रुपए पर दिख रहा था। वहीं,नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 3.50 रुपए यानी 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 265 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं,ELECDMBL का अगस्त वायदा 16 रुपए यानी 0.35 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,545 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Prithvi Finmart के मनोज कुमार जैन। इनको आज गोल्ड मिनी और सिल्वर मिनी में कमाई के मौके दिख रहे हैं। इनकी एमसीएक्स गोल्ड मिनी सितंबर फ्यूचर्स में 143100 रुपए के आसपास,142550 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 144200 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर मिनी अगस्त वायदा में भी इनकी 221500 रुपए के आसपास,219100 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 226000 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Gold Price Today: इस कारण लगातार दूसरे दिन चमका सोना, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का गोल्ड का भाव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Insight : इस बार IT रैली फेल होती नहीं दिख रही, बाजार में अभी भी शानदार स्टॉक स्पेसिफिक मौके

Market Insight : एशियाई बाजारों को देखकर डरने की कोई जरूरत नहीं है। हम कोस्पी के चलने से नहीं चले तो गिरे क्यों? बल्कि कोरिया और नैस्डेक का गिरना हमारे लिए पॉजिटिव होता है। हमारे लिए सबसे बड़ा फैक्टर कच्चा तेल है। वो वहीं है जहां हम कल छोड़कर गए थे,थोड़ा नीचे ही है। FIIs की बिकवाली जरूर थोड़ा सा सेंटीमेंट निगेटिव है। आज बड़ी वाली एक्सपायरी है तो थोड़ी वोलाटिलिटी संभव है। चिप शेयरों में गिरावट भी हमारे लिए एक और पॉजिटिव है। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार में रिकॉर्ड शॉर्ट्स हैं और हमने रेंज के निचले स्तर बचाए हैं। अगर कल का हाई पार हुआ तो बड़ी वाली कवरिंग संभव है। बाजार में अब वापस पैसा लॉन्ग साइड पर बनने की उम्मीद है। आज हमारे बाजार के पास चलने के लिए सब कुछ है। IT शेयरों में तूफानी तेजी है जो जारी रहनी चाहिए। कल चिप शेयरों में बड़ी गिरावट आई सॉफ्टवेयर शेयरों में बड़ी रैली रही।

चिप शेयरों में फिर बड़ी गिरावट क्यों आई?

AI डील्स को लेकर चिंताओं के बीच Nvidia में 5% की गिरावट देखने को मिली है। Nvidia का कहना है कि 750 अरब डॉलर की नई AI डील्स पर काम चल रहा है। Nvidia के कर्ज को डिफॉल्ट से बचाने की लागत रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है। SK Hynix ADR सोमवार को अपने IPO भाव 149 डॉलर से नीचे फिसल गया। चीन की एक सरकारी कंपनी चिप बनाने वाली मशीनें बना रही है। इससे ASML की बिक्री पर खतरा हो सकता है। इस खबर के बाद ASML NV में 6% की गिरावट आई।

बाजार: क्या आज होगी बड़ी रैली?

इसके अलावा बैंकों में भी आज पॉजिटिव संकेत हैं। कच्चे तेल का नीचे आना बैंकों के लिए एल्गो पॉजिटिव है। कल रुपये में भी शानदार तेजी आई थी। हां,बस FIIs की कैश बिकवाली थोड़ा सा निगेटिव फैक्टर है।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमने 23,700 के करीब से शुक्रवार से लॉन्ग का नजरिया लिया था। वहां से 300 अंकों की रैली आ चुकी है। हमारा मानना है कि अब हम वापस रेंज के बीच में हैं। यहां से निचला स्तर 23,800 और ऊपरी स्तर 24,300 है। अगर आपके पास लॉन्ग हैं तो कल के निचले स्तर का SL रखें और अगर कल का हाई पार हो तो लॉन्ग पोजिशंस जोड़ें। ऑप्शन राइटर्स की रेंज है 23,800-24,100 । स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी शानदार हैं। आपको चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना होगा। सबसे मजबूत पॉकेट अभी भी मिडकैप IT ही है। आज कोफोर्ज के नतीजों पर देखना होगा बाजार कैसे रिएक्ट करता है। इंफोसिस में मल्टी ईयर लो से अच्छी रैली की उम्मीद है। लगभग यही मामला TCS और HCL Tech का भी है।

इस बार IT रैली फेल होती नहीं दिख रही है,ट्रेंडलाइन भी यही दिखा रही है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में भी अच्छी रैली हो रही है। आज HUL और L&T के नतीजे बाजार के लिए काफी अहम हैं। अगर HUL की वॉल्यूम ग्रोथ ने चौंकाया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। L&T के नतीजों पर युद्ध का असर रहेगा,लेकिन कमेंट्री ज्यादा अहम होगी।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी में ऑप्शन राइटर्स की रेंज 23,800-24,100 है। कल का निचला स्तर 23,891 है। कल का हाई 24,012 है। सबसे बड़ा रजिस्टेंस जोन 24,050-24,100 है। 24,100 के ऊपर 24,300 तक बड़ी रैली संभव है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,900-23,950 है। स्टॉप लॉस 23,850 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज की बेसिक रेंज 56,800-57,350 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 56,700-56,900 है। इसके लिए 56,500 पर स्टॉप लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 57,300-57,450 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 57,550 पर रखें।

 

Trading Plan: मंथली F&O एक्सपायरी के दिन कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, जानिए निफ्टी-बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति

 

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