क्या लोन डिफॉल्ट होने पर बैंक आपका मोबाइल या लैपटॉप बंद कर सकेंगे? RBI के बड़े फैसले की हर डिटेल

आरबीआई ने लोन के रीपेमेंट में डिफॉल्ट पर एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि अगर ग्राहक होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के रीपेमेंट पर डिफॉल्ट करता है तो बैंक लोन की रिकवरी के लिए ग्राहक के मोबाइल फोन और लैपटॉप को बंद नहीं कर सकेंगे। बैंक लैपटॉप और मोबाइल फोन को तभी बंद कर सकते हैं, जब इन्हें (लैपटॉप-मोबाइल) खरीदने के लिए उन्होंने ग्राहक को लोन दिया हो।

आरबीआई ने नए सर्कुलर में क्या कहा है

RBI ने कहा है कि बैंकों को खास मामलों में जिनमें उन्हें लोन रिकवरी के लिए डिवाइसेज को बंद करने की इजाजत है, शुरू में ही ऐसा करने के बजाय धीरे-धीरे इस तरफ बढ़ना चाहिए। दरअसल, कई ग्राहकों ने बकाए लोन की रिकवरी में उनके साथ होने वाले व्यवहार और रिकवरी एजेंसियों के खिलाफ कई शिकायतें की थीं। इनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल शामिल है।

रिकवरी से जुड़े नए नियम 1 जनवरी से लागू होंगे

केंद्रीय बैंक के सर्कुलर के मुताबिक, ये नियम 1 जनवरी, 2027 से लागू होंगे। इस सर्कुलर में कहा गया है, “कोई बैंक रिकवरी टूल के रूप में ऐसे टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैकेनिज्म का इस्तेमाल नहीं कर सकता, जिससे बॉरोअर के मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसे डिवाइसेज काम करना बंद कर दें। वह सिर्फ ऐसे मामले में लोन की रिकवरी के लिए ऐसा कर सकता है, जब डिवाइस बैंक के लोन के पैसे से खरीदा गया हो। “

शुरुआत में ही बैंक लैपटॉप-मोबाइल फोन बंद नहीं कर सकते

आरबीआई ने यह भी कहा है कि ऐसे मामलों में जिनमें ग्राहक ने बैंक से लोन लेकर ऐसे डिवाइसेज (लैपटॉप, मोबाइल फोन या टैबलेट) खरीदा है, उनमें बैंक शुरू में ही डिवाइस को बंद करने की जगह धीरे-धीरे ऐसा करने की तरफ बढ़ सकता है। इसके अलावा बैंक ऐसे फंक्सनलिटीज को बंद (restrict/disable) नहीं कर सकते, जिन्हें इनकॉमिंग कॉल, एसएमएस और इमर्जेंसी एसओएस फीचर्स के लिए जरूरी माना जाता है।

आरबीआई ने लोन रिकवरी ड्राफ्ट पर कई फीडबैक स्वीकार किए हैं

इस साल मई की शुरुआत में आरबीआई ने लोन की रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स के इस्तेमाल में रेगुलेटेडेट एंटिटीज के व्यवहार से जुड़े नियमों का एक ड्राफ्ट पेश किया था। इस ड्राफ्ट पर आरबीआई को काफी फीडबैक मिले थे। केंद्रीय बैंक ने कई फीडबैक को स्वीकार करने के बाद कहा है कि टेक्नोलॉजी-बेस्ड रिकवरी मैकेनिज्म का इस्तेमाल करने वाले आरई (रेगुलेटेड एंटिटीज) और थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर को डिवाइस बनाने वाली कंपनी या ऑपरेटिंग सिस्टम प्लेटफॉर्म से सर्टिफिकेशन हासिल करना होगा।

SBI Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 10% बढ़ा, NII में 15% का इजाफा; NPA घटा

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 19,160.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 2.86 प्रतिशत रहा।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी कुल स्टैंडअलोन इनकम सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 1,35,341.55 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 33,529.18 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 30,544.47 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी कितनी सुधरी

जून 2026 तिमाही में SBI की एसेट क्वालिटी में और सुधार आया है। ग्रॉस NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो गिरकर 1.47 प्रतिशत रह गया। एक साल पहले यह 1.83 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 0.47 प्रतिशत था। तिमाही आधार पर भी NPA रेशियो में गिरावट है। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.11 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 1.14 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही के आखिर तक SBI के डिपॉजिट 60,05,805.24 करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 54,73,253.70 करोड़ रुपये के थे। एडवांसेज 49,92,003.69 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही के आखिर तक 41,96,205.12 करोड़ रुपये के थे।

Ola Electric Q1 Results: इलेक्ट्रिक टूव्हीलर मेकर के तिमाही नतीजे आज, 7 अगस्त को; शेयर 1% तक लुढ़का

SBI का शेयर 3 प्रतिशत चढ़ा

SBI के शेयर में 7 अगस्त को तेजी है। तिमाही नतीजे सामने आने के बाद शेयर BSE पर 3.6 प्रतिशत तक चढ़कर 1124.40 रुपये के हाई तक गया। बैंक का मार्केट कैप 10.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। 2 सप्ताह में कीमत 10 प्रतिशत मजबूत हुई है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 55.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Top Stock Picks : केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में काफी अच्छे निवेश के मौके, ये तीन ऑटो शेयर करेंगे कमाल

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने के मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,550 के आस-पास बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 505.76 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 78,449 पर और निफ्टी 100.05 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 24,535.95 पर आ गया है। । सेक्टर के हिसाब से प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.90 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि बैंक निफ्टी में 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई है। बाजार की कमजोरी के बावजूद IT और ऑटो शेयरों में तेजी बनी हुई है। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 2.63 फीसदी बढ़ा है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में क्रूड की वोलेटिलिटी और जियोपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी का असर देखने को मिल रहा है। लेकिन उसके बावजूद भी हमारे बाजार ने एक बहुत ही बढ़िया मजबूती दिखाई है। ब्रॉड बेस मार्केट में अप्रैल महीने से अभी तक जिस तरह की रिकवरी देखने को मिली है वह इस बात का क्लियर रिफ्लेक्शन है कि अब कहीं ना कहीं बाजार इस अनसर्टेनिटी को पचाने की क्षमता दिखाना शुरू कर चुका है।

ये सिर्फ सेंटीमेंटल रिकवरी नहीं है। सभी सेक्टरों के पहली तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। कई तिमाहियों के बाद हमें इस तरह के उत्साहजनक आंकड़ें देखने को नजर आ रहे हैं। खासतौर पर स्माल कैप ने सबसे ज्यादा सरप्राइज किया है। यहां पर हमें 28% तक की टॉप लाइन एबिट और पैट ग्रोथ देखने को नजर आई है। अभी तक जो रिजल्ट्स उनको देखते हुए बाजार का ट्रेंड साफतौर पर काफी स्ट्रांग है।

ऐसे में अगर हम थीम स्पेसिफिक बात करें तो पूरा ईएमएस स्पेस ही काफी अच्छा लग रहा है। इस सेक्टर के लिए सेमीकॉन 2.0 और सरकारी प्रोत्साहन काफी पॉजिटव फैक्टर है। ऐसे में हमें आगे सिरमा और एवलॉन जैसी कंपनियों में इसका काफी पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। केन्स (Kynes Tech) जैसा शेयर भी बड़े करेक्शन के बाद तेजी के लिए तैयार दिख रहा है।

इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में भी काफी अच्छे निवेश के मौके दिख रहे हैं। नवीन फ्लोरिन, न्यूलैंड लैब्स और डीवीज लैब जैसी कंपनियों ने जिस तरह के स्ट्रांग टॉप लाइन ग्रोथ और प्रॉफिट ग्रोथ दिखाए हैं, उनको देखकर लगता है कि मार्केट इनको लगातार रिवॉर्ड करता हुआ नजर आएगा।

आशीष चतुरमोहता को इनके अलवा डिफेंस में भी अच्छे मौके दिख रहे हैं। डिफेंस के दिग्गज प्लेयर्स अब तक थोड़े साइडवेज थे। अब ये भी तेजी पकड़ते दिख रहे हैं। डिफेंस कंपनियों की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी इंप्रूव होती हुई नजर आ सकती है और जिसका बेनिफिट एचएल जैसे स्टॉक में भी देखने को नजर आ सकता है।

टू व्हीलर स्पेस पर अपनी राय रखते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही में अक्रॉस द बोर्ड पैसेंजर व्हीकल,कमर्शियल व्हीकल,टू व्हीलर,इलेक्ट्रिक व्हीकल इन सबके नंबर्स बहुत ही ज्यादा अच्छे आए। इनमें डबल डिजिट और किसी-किसी सेगमेंट में तो 20% की भी ग्रोथ देखने को मिली है। अब तो फेस्टिव सीजन भी आने वाला है। ऐसे में नंबर्स यहां से और बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। इसका बहुत अच्छा फायदा M&M, TVS मोटर्स और एथर एनर्जी को हो सकता है। वैसे तो पूरी थीम ही काफी अच्छी लग रही। लेकिन ये तीन शेयर खास हैं, क्योंकि इन्होंने लगातार मार्केट शेयर गेन किया है और नई कैटेगरी क्रिएट करके वहां पर मार्केट लीडर बने हैं।

एसयूवी ईवी सेगमेंट में पैसेंजर व्हीकल की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा लगातार लीड बनाए हुए है। टू व्हीलर की बात करें तो TVS मोटर्स टू व्हीलर में तो अच्छा कर ही रहा है, ईवी सेगमेंट के अंदर भी इसका लगभग 25% का मार्केट शेयर हो गया है। इसी तरह एथर एनर्जी जो कि एक नया खलाड़ी था, पहली बार प्रॉफिटेबल हुआ है। कंपनी का कहना है अब उसकी प्रॉब्लम डिमांड नहीं है। डिमांड तो काफी ज्यादा आ रही। मेन प्रॉब्लम सप्लाई साइड से है। इसका मतलब उनको कैपेसिटी और बढ़ानी पड़ेगी। ऐसे में हमें लगता है यह कंपनी भी बहुत स्ट्रांग टर्न अराउंड फेस में एंटर हो रही है। ऐसे में इस समय ऑटो स्पेस और ऑटो एंसिलरी का स्पेस काफी प्रॉमिसिंग दिख रहा है।

 

Market View : ऑटो और ऑटो एंसिलियरी का फ्यूचर अच्छा, आईटी सेक्टर को लेकर रहें सतर्क-हेमंत कानावाला

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

थाईलैंड के स्कूल में 8वीं के छात्र ने की फायरिंग, एक टीचर की मौत, खुद को भी मारी गोली, 15 घायल

Thailand School Shooting: थाईलैंड के बांग क्रूई जिले में शुक्रवार को एक स्कूल में कथित तौर पर एक छात्र ने गोलीबारी कर दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में एक शिक्षक की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, घटना की खबर सामने आने के शुरुआती समय में न तो पीड़ितों की संख्या स्पष्ट थी और न ही उनसे जुड़ी कोई अन्य जानकारी मिल पाई थी। बाद में रॉयटर्स के हवाले से सामने आया कि अधिकारियों ने पुष्टि की कि गोलीबारी में मारे गए लोगों में एक शिक्षक भी शामिल है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, स्कूल में फायरिंग करने के बाद हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

हमलावर निकला 8वीं कक्षा का छात्र 

बैंकॉक पोस्ट के अनुसार, यह हमला नोंथाबुरी प्रांत के देबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में हुआ। बताया जाता है कि यह प्रांत राजधानी बैंकॉक से मात्र 20 किलोमीटर दूर है।

इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलावर आठवीं कक्षा का छात्र है। उसने कथित तौर पर स्कूल भवन की तीसरी मंजिल पर खुद को बंद कर लिया था।

थाईलैंड के स्थानीय ब्रॉडकास्टर Thai PBS के अनुसार, जिस स्कूल से गोलीबारी की सूचना मिली है, वह काफी फेमस है।

‘पहले लगा की पटाखे फूट रहे हैं’

रॉयटर्स के अनुसार, 18 साल के एक युवक ने बताया कि जब गोलीबारी शुरू हुई, तो उसे लगा कि कहीं पटाखे फूट रहे हैं या कोई कुछ पीट रहा है।

उसने कहा, “पहले तो मुझे लगा ही नहीं कि यह बंदूक है। कई गोलियां चलीं: बैंग बैंग बैंग। फिर सन्नाटा छा गया। फिर आवाजें तेज हो गईं।”

बचाव कर्मियों ने शेयर की तस्वीरें

घटना के बाद आपातकालीन बचाव कर्मियों द्वारा साझा की गई तस्वीरों में बैंकॉक के उत्तर-पश्चिमी बाहरी इलाके में स्थित देबसिरिन नोनथाबुरी स्कूल से छात्रों को बाहर निकलते हुए दिखाया गया है, जबकि एम्बुलेंस मौके पर मौजूद थीं। एक तस्वीर में एक व्यक्ति एम्बुलेंस के बाहर स्ट्रेचर पर लेटा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को पास ही मौजूद बचाव कर्मी द्वारा चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

जिला अधिकारियों ने बताया कि 2025 के शैक्षणिक वर्ष में स्कूल में लगभग 3,100 छात्र और 147 शिक्षक नामांकित थे।

शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

थाईलैंड के शिक्षा मंत्री प्रसर्ट चंतारारुआंगथोंग ने स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना के बाद तुरंत कार्रवाई और मदद का भरोसा दिलाया और संवेदनशील जानकारी शेयर करने में सावधानी बरतने की अपील की। X पर उन्होंने कहा, “मैं अभी उबोन रत्चाथानी प्रांत में सरकारी काम से हूं और लगातार हालात पर नजर रखे हुए हूं। मैंने शिक्षा मंत्रालय के तहत सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित अधिकारियों और संगठनों के साथ मिलकर तेजी से काम करें ताकि स्थिति को जल्द सुलझाया जा सके, छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा सके, और प्रभावित सभी लोगों की शारीरिक और मानसिक स्थिति का तुरंत आकलन करके उन्हें पूरी मदद और सहयोग दिया जा सके।”

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थाईलैंड के स्कूल में छात्र ने फायरिंग की:6 लोगों की मौत, कई घायल; हमलावर छात्र अस्पताल में भर्ती

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास एक हाई स्कूल में शुक्रवार को एक छात्र ने अचानक गोलियां चला दीं। फायरिंग में 3 टीचर और 3 छात्रों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना नोंथाबुरी प्रांत के डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में हुई। फायरिंग करने वाले छात्र को भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्र ने जिस बंदूक से फायरिंग की, वह उसके परिवार के किसी सदस्य की थी। उसने हमला क्यों किया, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है। गोलियां चलते ही क्लासरूम में छिप गए छात्र प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही गोलियों की आवाज आई, छात्र अपनी जान बचाने के लिए क्लासरूम में छिप गए। कुछ देर बाद पुलिस ने दरवाजा खटखटाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और बाहर मौजूद लोग एक-दूसरे को संभालते नजर आए। थाईलैंड में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं थाईलैंड में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं। इसी साल फरवरी में दक्षिणी थाईलैंड के एक पब्लिक हाई स्कूल में 17 साल के एक छात्र ने पुलिस से बंदूक चुराकर फायरिंग की थी। उस दो घंटे के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो लोग घायल हुए थे। वहीं, 2023 में बैंकॉक के एक बड़े शॉपिंग मॉल में 14 साल के लड़के पर फायरिंग करने का आरोप लगा था।

Market Insight : वीकेंड में कोई ट्रेड लेकर ना जाएं, जो भी है उससे आज ही निपटा कर जाएं

Market Insight : गैप डाउन के बाद बाजार में हल्की रिकवरी आई है। निफ्टी करीब 60 प्वाइंट की गिरावट के साथ 24600 के करीब दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी करीब 200 प्वाइंट नीचे है। मिड और स्मॉलकैप फ्लैट कारोबार कर रहे हैं। उधर INDIA VIX 2 फीसदी ऊपर दिख रहा है। IT शेयरों में आज तूफानी तेजी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। TCS और टेक महिंद्रा करीब 1.5 फीसदी की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। साथ ही परसिस्टेंट LTM और एम्फैसिस में भी अच्छी खरीदारी आई है।

IT के बाद ऑटो स्पेस में भी जोश दिख रहा है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 1 फीसदी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। साथ ही रियल्टी और FMCG में भी रौनक है। लेकिन फाइनेंशियल शेयरों पर प्रेशर है। बजाज फाइनेंस और फिनसर्व निफ्टी के टॉप लूजरों में शामिल हैं।

सट्टा नहीं करना है

ऐसे में बाजार पर अपनी आज की रणनीति बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उनकी लाइन सिंपल है– सट्टा मत करिए। ऑप्शंस में 3:15 के बाद की ट्रेडिंग सट्टा है। हीरो-जीरो ट्रेड के चक्कर में पैसा मत बर्बाद करें। सभी ऑप्शंस पोजिशंस 3:15 तक निपटा लें। अगर आप F&O ट्रेडर हैं तो ये मानें कि बाजार 3:15 पर बंद हो रहा है।

बाजार: अब कहां हो नजर?

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि ग्लोबल बाजारों के लिए एक बड़ा वीकेंड है। सोमवार सुबह बाजार को बहुत कुछ रिएक्ट करना होगा। आज शाम को US का पेरोल डाटा आएगा। FT की रिपोर्ट के मुताबिक बाजार के विरोध के बावजूद चेयरमैन केविन वार्श फेड के संदेश पर टिके रहेंगे। फेड/वार्श सितंबर में दरें बढ़ाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में डॉलर इंडेक्स और US बॉन्ड यील्ड पर नजर रखें। इसमें आप US-ईरान युद्ध का फैक्टर भी जोड़ दीजिए। इसीलिए वीकेंड में कोई ट्रेड लेकर ना जाएं, जो भी है उससे आज ही निपटा कर जाएं।

कच्चे तेल और डॉलर का वापस ऊपर आना IT के लिए एल्गो पॉजिटिव है। कल रिलायंस में बड़ा ब्रेकआउट आया, आज उसका टेस्ट होगा। रिलायंस करीब 52-हफ्ते का निचला स्तर छूने के बाद भागा है। HDFC बैंक बाजार की सबसे कमजोर कड़ी है। HDFC बैंक में आज शायद 52-हफ्ते का नया निचला स्तर लगे। लगातार हमारा नजरिया रहा है HDFC बैंक से दूर रहें।

इनके अलावा आज हीरो मोटो और ब्रिटानिया के नतीजों पर रिएक्शन दिखेगा। आज SBI के नतीजे बैंक निफ्टी के लिए मेक और ब्रेक होंगे। पिछली तिमाही में SBI ने काफी निराश किया था।

बाजार: क्या हो रणनीति?

दिक्कत ये है कि बाजार में फॉलो थ्रू नहीं है। लेकिन निफ्टी अपनी रेंज से बाहर आ चुका है। कल बैंक निफ्टी ने ब्रेकआउट के संकेत दिए थे। लेकिन आज फिर कमजोरी के संकेत हैं। बैंकों से ज्यादा NBFCs में मजबूती रही है। कल भी श्रीराम फाइनेंस और PNB हाउसिंग अच्छे भागे थे। आज मेटल्स की चाल देखने वाली होगी। मेटल के भाव ऊपर आए लेकिन डॉलर भी ऊपर आया है।

हीरो मोटो ने बहुत ही शानदार नतीजे पेश किए हैं। 2-व्हीलर पैक इस समय सबसे ज्यादा मजबूती में है। शेयर चल चुके हैं,फिर भी बने रहें और गिरावट में जोड़ें जरूर। इसके अलावा आज ट्रेंट और ब्रिटानिया पर भी नजर होगी। ब्रिटानिया के नतीजे थोड़े फीके रहे लेकिन कमेंट्री और वॉल्यूम अच्छे हैं। ल्यूपिन के नतीजे काफी अच्छे हैं,आज फार्मा फिर फोकस में होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,500-24,550 पर और बड़ा सपोर्ट 24,350-24,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 24,650-24,700 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,450-24,550 पर है। इसके लिए SL 24,400 पर रखे। 24,650-24,700 रिजेक्ट होने पर बेचें, SL 24,750 पर सेट करें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए 57,400-57,500 मेक ऑर ब्रेक जोन है। अगर इसके नीचे फिसले तभी रैली फेल होगी। लेकिन बड़ी तेजी के लिए 58,200 के ऊपर बंद होना जरूरी है।

 

 

Market Trend : दायरे में फंसे बाजार में इन दो शेयरों में दिख रहे अच्छी कमाई के मौके, इनसे न चूके नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Fall: निफ्टी 24570 से नीचे, सेंसेक्स 503 अंक तक फिसला; बाजार 6 कारणों से लाल

शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को गिरावट है। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी रही थी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 78,516.08 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से करीब 503 अंक तक टूटकर 78,451.99 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,538.90 पर खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 107 अंक तक टूटकर 24,529.20 के लो तक गया। गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को लौटी गिरावट के अहम कारण डिटेल में…

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी है। यह 1.3% चढ़कर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की महंगाई भारत के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की बढ़ती कीमतें आयात की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है। साथ ही देश के अंदर महंगाई भी बढ़ सकती है।

वित्तीय शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को फाइनेंशियल स्टॉक्स ​दबाव में हैं। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.3 प्रतिशत तक लुढ़का। इसकी पेरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व में भी 3.6 प्रतिशत की गिरावट दिखी। निफ्टी बैंक 0.3 प्रतिशत नीचे है, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स और PSU बैंक इंडेक्स में भी गिरावट आई।

FII की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख है। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में है। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

रुपये में गिरावट

शुक्रवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

India VIX में बढ़ोतरी

मार्केट में अस्थिरता का पैमाना India VIX 3 प्रतिशत बढ़कर 12.46 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Hot Stocks: निफ्टी में जल्द ही 24900 का टारगेट मुमकिन, इस ज्वेलरी शेयर में देखने को मिल सकती है जबरदस्त रफ्तार

Hot Stocks: सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन गुरुवार 6 अगस्त को बाजार हल्की बढ़त पर बंद हुए थे। सेंसेक्स 374 प्वाइंट चढ़कर 78,955 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 11 प्वाइंट चढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला था। डिफेंस,बैंकिंग,तेल-गैस शेयरों में खरीदारी आई थी। रियल्टी,ऑटो,मेटल इंडेक्स गिरावट पर बंद हुए थे।

कल निफ्टी के 50 में से 34 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में बिकवाली आई थी। बैंक निफ्टी 324 प्वाइंट चढ़कर 58,064 पर बंद हुआ था। मिडकैप 278 प्वाइंट गिरकर 63,327 पर बंद हुआ था। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में खरीदारी आई थी। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 95.22/$ पर बंद हुआ था।

जानिए आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स के पंकज रांदड़ ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी कल दायरे में बंद होते हुए नजर आया। हालांकि, बैंक निफ्टी में बार्गेनिंग पावर थोड़ी अच्छी लग रही है। सरकारी बैंकों में उछाल देखने मिल रहा है। अगर निफ्टी में लेवल्स की बात करें तो इसके साइडवेज पॉजिटिव रहने की उम्मीद दिख रही। निफ्टी में फ्यूचर्स की लेवल की बात करें तो इसके लिए 24650 के आपास स्ट्रांग सपोर्ट दिख रहा है। इसमें 24,650 के आसपास खरीदारी की सलाह होगी। इस ट्रेज के लिए 24,580 पर स्टॉप लॉस रखें मेंटेन करके चलिए। ऊपरी लेवल पर नफ्टी में 24,900 तक के टारगेट्स हासिल हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी में इस समय बार्गिंग पावर ज्यादा है। पीएसयूस काफी अच्छे करते हुए नजर आ सकते हैं। ये काउंटर कल 51,200 के करीब क्लोज होते हुए नजर आया है। बैंक निफ्टी के लिए 58,000 पर काफी स्ट्रांग सपोर्ट है। इसके जितना नजदीक हो सके खरीदारी की सलाह रहेगी। बैंक निफ्टी में 57,750 के स्टॉप लॉस के साथ 58,900 तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी करें।

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि उनकी कल्याण ज्वेलर्स के फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। यह काउंटर अपने सभी मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके साथ ही पिछले एक हफ्ते की गिरावट के बाद इस काउंटर ने काफी मजबूती दिखाई है। आरएसआई काफी पॉजिटिव डायवर्जन के साथ ट्रेड कर रहा है। ऐसे में कल्याण ज्वेलर्स के फ्यूचर्स में ₹600 की करीब खरीदारी की सलाह रहेगी। 590 का एक स्टॉप लॉस के साथ ₹620 के टारगेट सेट करें।

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उछाल और वेस्ट एशिया को लेकर बढ़ा कंफ्यूजन क्या बाजार पर दिखाएगा असर, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, Wall Street में रात भर हुई गिरावट और US के अहम जॉब्स डेटा से पहले एशियाई बाजारों में सावधानी के माहौल के बीच GIFT Nifty आज सुबह गिरा। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के कारण जियोपॉलिटिकल जोखिम बने हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी से कुछ सहारा मिल सकता है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 24,647 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले सेशन की क्लोजिंग से 101 अंक या 0.41 फीसदी नीचे था। हालांकि, यह गुरुवार को Nifty 50 की 24,636 की क्लोजिंग से थोड़ा ऊपर बना रहा, जिससे घरेलू बेंचमार्क के लिए फ्लैट से नेगेटिव शुरुआत का संकेत मिलता है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। PSU बैंकों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि मेटल, मीडिया और रियल्टी शेयरों में कमजोरी ने बढ़त को सीमित कर दिया।

US जॉब्स डेटा से पहले एशियाई बाजार सर्तक

शुक्रवार को एशियाई शेयरों में सावधानी के साथ कारोबार हुआ क्योंकि निवेशक US के रोजगार डेटा का इंतजार कर रहे थे, जो अगले महीने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के फैसले पर उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स फ्लैट रहा और इसमें साप्ताहिक आधार पर 0.4 फीसदी की गिरावट की ओर बढ़ रहा था। जापान का Nikkei 225 0.9 फीसदी गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi 0.5 फीसदी नीचे आया। हालांकि, चीन के CSI 300 में 0.2 फीसदी की बढ़त हुई।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी सुस्त रहे। Nasdaq फ्यूचर्स फ्लैट रहे और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 फीसदी नीचे रहे। गुरुवार को US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की, साथ ही वे कॉर्पोरेट नतीजों और US-ईरान संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों से जुड़े घटनाक्रमों का आकलन कर रहे थे। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.85 फीसदी गिरा, S&P 500 में 0.18 फीसदी की गिरावट आई और नैस्डैक कम्पोजिट 0.06 फीसदी नीचे आया।

यह गिरावट हफ्ते की मजबूत शुरुआत के बाद आई है, जिसमें डाऊ और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। इसकी वजह मजबूत अर्निंग्स सीज़न और मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव के संभावित डिप्लोमैटिक समाधान को लेकर उम्मीद थी।

क्रूड में उछाल

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई क्योंकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से शिपिंग को लेकर अनिश्चितता फिर से सामने आ गई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत बढ़कर $83.48 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.1 प्रतिशत बढ़कर $78.84 हो गया। यह बढ़ोतरी गुरुवार को $3 प्रति बैरल से ज़्यादा की बढ़त के बाद हुई।

नई चिंताएं तब सामने आईं जब ईरान ने ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में दुश्मन माने जाने वाले जहाज़ों पर पाबंदियां लगाने और प्रस्तावित नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज़ों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए क्या है अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि मिडिल ईस्ट में संभावित डिप्लोमैटिक सफलता को लेकर उम्मीदें किसी औपचारिक समझौते के न होने से कमज़ोर पड़ गई हैं, जिससे बाज़ार जियोपॉलिटिकल खबरों के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। उन्होंने एशियाई इक्विटी में कमज़ोरी की ओर भी इशारा किया, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी, जो ग्लोबल निवेशकों के बीच लगातार सावधानी का संकेत है।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी का व्यापक टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और अगर यह स्तर लगातार टूटता है तो 24,800-25,000 की ओर मोमेंटम मज़बूत हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,600 तत्काल सपोर्ट है, उसके बाद 24,500 है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

Gold Silver price Today: देश और दुनिया में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। COMEX पर, सोने के वायदा (futures) $4,319.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे, जो $19.70 या 0.46% ज़्यादा थे। शुरुआती कारोबार में चांदी के वायदा 1.48% बढ़कर $62.515 प्रति औंस हो गए, जिससे उसने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया।

निवेशक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के बारे में नए संकेत पाने के लिए US की ‘नॉन-फार्म पेरोल’ रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। सबकी नजरें US की जुलाई की जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी हैं,जो आज बाद में आने वाली है।

इस डेटा से बाजार की उम्मीदें तय होने की संभावना है कि क्या फेडरल रिज़र्व सितंबर में अपनी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नहीं।

क्रूड में गिरावट ने सोने को दिया सपोर्ट

सोना जनवरी के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। इस कीमती धातु को कच्चे तेल की कीमतों में कमी से सहारा मिला है, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। ऊर्जा की कम कीमतों से इस उम्मीद में कमी आ सकती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी; यह एक ऐसा कारक है जो आम तौर पर सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों की मांग को बढ़ाता है।

हालांकि, बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स US में एक और बार ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को ध्यान में रख रहे हैं।

इन डेटा पर होगी नजर

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाज़ार अभी सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग 55% मान रहा है। फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों ने भी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें ऊंची रखी हैं। सेंट लुइस फेड के प्रेसिडेंट अल्बर्टो मुसालेम ने कहा कि सेंट्रल बैंक को जुलाई की मीटिंग में दरें बढ़ानी चाहिए थीं, जबकि पॉलिसी बनाने वालों ने बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5%-3.75% पर ही बनाए रखा, भले ही महंगाई फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई थी।

इस बीच, रात में जारी US लेबर मार्केट डेटा ने मिली-जुली तस्वीर पेश की। पिछले हफ़्ते शुरुआती बेरोज़गारी दावों (initial jobless claims) में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि जुलाई में छंटनी (layoffs) दो साल के निचले स्तर पर आ गई, जिससे पता चलता है कि लेबर मार्केट मोटे तौर पर मज़बूत बना हुआ है।

निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो सकता है, हालांकि उन्होंने कुछ सैन्य उपकरणों को प्रभावित करने वाली सप्लाई की समस्याओं को भी स्वीकार किया।

US की रोज़गार रिपोर्ट, साथ ही वेतन वृद्धि और बेरोजगारी के डेटा के निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक होने की उम्मीद है। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें और मजबूत हो सकती हैं, जबकि कमज़ोर आंकड़े मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) में रोक लगने की उम्मीद बढ़ाकर बुलियन (कीमती धातुओं) को बढ़ावा दे सकते हैं।

Gold Rate Today: सोने का भाव और बढ़ा; मुंबई, कोलकाता में ₹137260 पर 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।