किस रूट पर चलती है देश की इकलौती वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? जानिए टाइमिंग, किराया और लग्जरी सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे की सबसे खास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त क्रेज है। अगर आप भी इस हाई-स्पीड और लग्जरी स्लीपर ट्रेन में सफर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि, फिलहाल पूरे देश में सिर्फ एक ही रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ऑपरेशनल है।

यह नई नवेली ट्रेन पूर्वी भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन से असम के कामाख्या जंक्शन, गुवाहाटी के बीच दौड़ती है। आइए आपको बताते हैं कि आप इसे कहां से पकड़ सकते हैं, इसका शेड्यूल और कितना है किराया।

कहां से कहां के लिए पकड़ सकते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (ट्रेन नंबर 27575 / 27576) हावड़ा से कामाख्या के बीच 968 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करती है। अगर आप कोलकाता या उत्तर बंगाल के आसपास रहते हैं, तो आप इसे बांडेल जंक्शन, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), और न्यू कूचबिहार स्टेशनों से पकड़ सकते हैं।

टाइमिंग और शेड्यूल

यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलती है और रातभर के सफर में आपको आपकी मंजिल तक पहुंचा देती है:

हावड़ा ➔ कामाख्या (ट्रेन 27575): हावड़ा से शाम 06:20 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:20 AM पर कामाख्या पहुंचती है (गुरुवार को छोड़कर)।

कामाख्या ➔ हावड़ा (ट्रेन 27576): कामाख्या से शाम 06:15 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:15 AM पर हावड़ा पहुंचती है (बुधवार को छोड़कर)।

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ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रीमियम एयरलाइन जैसा अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। आपकी यात्रा को बेहद आसान और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं:

हाईटेक सस्पेंशन सिस्टम: ट्रेन में विशेष कपलर और सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जिससे हाई-स्पीड में भी झटके महसूस नहीं होते और रात में नींद में कोई खलल नहीं पड़ता।

एक्स्ट्रा कुशनिंग वाली बर्थ: इसके 3-टियर, 2-टियर और फर्स्ट एसी कोचों की बर्थ में अतिरिक्त फोम और कुशनिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो नॉर्मल ट्रेनों से काफी ज्यादा आरामदायक हैं।

सेंसर वाले ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच के एंट्री गेट और इंटर-कोच दरवाजे ऑटोमैटिक सेंसर आधारित हैं।

मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट और शॉवर: फर्स्ट एसी में गर्म पानी के शॉवर की सुविधा और सभी कोचों में एंटी-बैक्टीरियल मॉड्यूलर टॉयलेट दिए गए हैं।

रीडिंग लाइट्स और चार्जिंग प्वाइंट: हर बर्थ पर पर्सनल मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की सुविधा है।

इन्फोटेनमेंट और वाई-फाई: यात्रा के दौरान मनोरंजन के लिए वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन मौजूद हैं।

कितना है किराया?

आपको बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कोई भी स्लीपर या फिर जनरल कोच नहीं होता है। इसमें एसी- 3, एसी-2 और एसी फर्स्ट क्लास की सीटें है। इस लग्जरी ट्रेन का बेस फेयर कोच की कैटेगरी के हिसाब से ये है:

  • AC 3-Tier: ₹2,299 से शुरू
  • AC 2-Tier: ₹2,970 से शुरू
  • AC First Class: ₹3,640 से शुरू

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करती है, बल्कि यात्रियों को होटल जैसी सुख-सुविधाएं और सुरक्षा भी प्रदान करती है। जल्द ही भारतीय रेलवे अन्य रूटों पर भी दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की तैयारी में है।

Weather Update: अगले 48 घंटे भारी! यूपी, MP और झारखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम हुआ एक्टिव

IMD Weather Bulletin: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप पकड़ने की वजह से भारी बारिश का दौर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी इसमें राहत की उम्मीद नहीं दिख रही क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को जारी अपने वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बने डिप्रेशन (अवदाब) के असर से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है।

इसके चलते उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठा यह डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और आसपास के इलाकों में केंद्रित हो गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके इसी दिशा में झारखंड और बिहार से होकर गुजरने और धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। त्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि मानसूनी ट्रफ भी अपने सामान्य स्थान पर सक्रिय है।

पिछले 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

IMD के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिली है। उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेमी से अधिक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़, असम व मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेमी की बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भी 7 से 11 सेमी तक की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण-पूर्वी UP, MP और झारखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर भारत और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बेहद मूसलाधार यानी अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में 18 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 अगस्त के दौरान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग दिनों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में 18 से 24 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

मध्य भारत और ओडिशा-छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बरसेगी आफत

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 20 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 से 22 अगस्त के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। पूर्वी भारत में झारखंड में 18 अगस्त को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इनकी स्पीड 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 20 अगस्त के दौरान हल्की से मीडियम और कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों का हाल

पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 24 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और बिजली चमकने का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 18 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक देखने को मिलेगी।

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दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के अलग अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

El Nino Impact On Monsoon: अल-नीनो के साये में मानसून, समझिए कम बारिश से इकॉनमी पर पड़ सकता है कैसा असर

भारत में मानसून पर मंडराते अल-नीनो के खतरे ने आम लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि अल-नीनो के मजबूत होने की वजह से मानसूनी बारिश कमजोर पड़ सकती है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं और हाइड्रोपावर उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। वसे एजेंसी का यह भी मानना है कि अगर मौसम का यह झटका बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होता है तो भारत की समग्र अर्थव्यवस्था पर इसका असर सीमित रहने की उम्मीद है।

एसएंडपी के मुताबिक भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र की उन इकॉनमी (जैसे वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस) में शामिल है, जहां के लोग कीमतों में होने वाले उछाल के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन देशों में घरेलू बजट का एक बड़ा हिस्सा भोजन पर खर्च होता है और कृषि काफी हद तक मौसम की स्थितियों पर निर्भर करती है।

12% कम हुई बारिश, अगस्त में भी सुस्त रह सकता है मानसून

भारत के मानसूनी बारिश की स्थिति फिलहाल अच्छी नजर नहीं आ रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 11 अगस्त तक 2026 के मानसून सीजन के दौरान बारिश औसत से 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में मानसून और कमजोर हो सकता है।

भारत में सालाना होने वाली कुल बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा मानसून से ही मिलता है। ये खेती-किसानी के लिए बेहद जरूरी है। देश की लगभग आधी कृषि भूमि में सिंचाई की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे अधिकांश फसलें नियमित बारिश पर ही निर्भर रहती हैं।

दालों, सोयाबीन और मक्के की पैदावार पर पड़ सकता है असर

अगर बारिश में कमी का यह दौर लंबा खींचता है तो इससे दालों, सोयाबीन, कपास और मक्के जैसी फसलों की पैदावार में गिरावट आ सकती है। इस सीजन में किसानों को पहले से ही असमान बारिश का सामना करना पड़ा है। हालांकि जुलाई में हुई बेहतर बारिश ने शुरुआती सुस्त मानसून से हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई की थी, लेकिन अब फिर से जोखिम बढ़ गया है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों ने इन चिंताओं को और गहरा कर दिया है। विभाग ने अगस्त महीने में औसत से कम बारिश होने का अंदेशा जताया है जबकि इसी दौरान अल-नीनो की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो भारत में अल-नीनो का संबंध कमजोर या अनिश्चित मानसूनी बारिश से रहा है।

बिजली आपूर्ति और जलाशयों पर भी पड़ेगा प्रभाव

कम बारिश का असर सिर्फ भोजन और फसलों तक ही सीमित नहीं रहेगा। बारिश कम होने से देश के प्रमुख जलाशय खाली रह सकते हैं, जिससे हाइड्रो पावर प्रोडक्शन में कमी आ सकती है। इसका सीधा असर बारिश पर निर्भर रहने वाले क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति पर पड़ेगा और ऊर्जा संकट की स्थिति खड़ी हो सकती है।

सबसे बड़ा जोखिम आम परिवारों के बजट पर है। कृषि उत्पादन में कमी आने से बाजार में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति घट जाएगी और कीमतें ऊपर चढ़ जाएंगी। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, खासकर तब जब रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो जाएंगी।

भारत के पास चावल का पर्याप्त स्टॉक, लेकिन चुनौतियां बरकरार

तमाम जोखिमों के बावजूद भारत के पास खाद्य आपूर्ति के बड़े झटके से निपटने के लिए कुछ मजबूत सुरक्षा चक्र मौजूद हैं। देश के पास वर्तमान में चावल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा पिछले अल-नीनो दौर की तुलना में भारत की खेती के तरीकों, सिंचाई सुविधाओं और फसल तकनीकों में काफी सुधार हुआ है। इससे भी देश की खाद्य उत्पादन क्षमता मजबूत हुई है।

एसएंडपी का कहना है कि मौसम से जुड़ी अस्थायी रुकावट का मतलब यह नहीं है कि इकॉनमी को तुरंत कोई बड़ा नुकसान पहुंचेगा। नुकसान का पैमाना इस बात पर निर्भर करेगा कि मौसम कितना प्रतिकूल होता है और सरकार इससे निपटने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है। भारतीय उपभोक्ताओं के लिए तत्काल चिंता यही है कि अगर बारिश और कमजोर होती है तो रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। यह दबाव कितने समय तक रहेगा, यह काफी हद तक मानसून, फसल उत्पादन और आने वाले महीनों में अल-नीनो की ताकत पर निर्भर करेगा।

कल का मौसम: IMD की बड़ी चेतावनी! 18 अगस्त को 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा वेदर

18 अगस्त को मौसम विभाग ने बड़े पैमाने पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बहुत ज्यादा भारी बारिश की पूरी संभावना बन रही है। इसी तरह बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

झारखंड में आफत की बारिश, बिहार समेत 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

18 अगस्त को मौसम का सबसे भयानक रूप झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राज्य में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा देश के 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी UP और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 18 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 18 अगस्त को देश के अलग अलग हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।

इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 18 अगस्त को स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहेगी। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

कल का मौसम: 17 अगस्त दिल्ली-एनसीआर, UP और उत्तराखंड समेत 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, 2 राज्यों में रेड वॉर्निंग

Weather Alert: देश भर में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और 17 अगस्त को मौसम का रुख कई राज्यों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 17 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई मैदानी व पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

मौसम प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से पूर्व से लेकर उत्तर-पश्चिम भारत तक बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। तटीय और समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के चलने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में आफत की बारिश, इन 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन दोनों राज्यों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिलेगा, जिससे तटीय व निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा देश के 8 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की गई है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

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दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी मानसूनी बारिश का दौर तेज रहेगा। 17 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलावा पंजाब, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर रहने का खतरा बना हुआ है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 17 अगस्त को कई राज्यों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है। वहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 17 अगस्त को मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

चेहरे पर अपना खून लगाना कितना फायदेमंद? जानें Vampire Facial का पूरा प्रोसेस और खर्च

एक्ट्रेस और ट्रैवल होस्ट Shenaz Treasury ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने एक अनोखे ब्यूटी ट्रीटमेंट की झलक साझा की, जिसे देखकर कई लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई। उन्होंने ‘Vampire Facial’ कराया, जिसका नाम सुनकर ही यह किसी डरावनी प्रक्रिया जैसा लगता है। इस ट्रीटमेंट के दौरान पहले व्यक्ति के शरीर से थोड़ा खून लिया जाता है, फिर उसे प्रोसेस करके उसमें से खास प्लाज्मा अलग किया जाता है। इसके बाद चेहरे पर बेहद बारीक सुइयों से माइक्रो-नीडलिंग की जाती है और तैयार प्लाज्मा त्वचा पर लगाया जाता है। खास बात यह है कि इसमें किसी दूसरे व्यक्ति का खून इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि उसी व्यक्ति के अपने खून से Platelet-Rich Plasma यानी PRP तैयार किया जाता है।

इसे त्वचा की रंगत, टेक्सचर और उम्र के असर से जुड़ी कुछ समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसके फायदे और परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं और वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।

आखिर क्या होता है Vampire Facial?

Vampire Facial आमतौर पर PRP और Microneedling का कॉम्बिनेशन होता है। PRP बनाने के लिए व्यक्ति के शरीर से थोड़ा-सा खून लिया जाता है। इसे एक खास मशीन यानी Centrifuge में घुमाकर उसके अलग-अलग हिस्सों को अलग किया जाता है और प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा निकाला जाता है।  इसके बाद चेहरे पर Microneedling की जाती है और तैयार PRP को त्वचा पर लगाया जाता है। कुछ मामलों में PRP को त्वचा के खास हिस्सों में इंजेक्ट भी किया जा सकता है।

चेहरे पर क्यों कराया जाता है ये ट्रीटमेंट?

इस ट्रीटमेंट को आमतौर पर Fine Lines, झुर्रियां, असमान Skin Texture, dullness और उम्र के असर को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। Microneedling त्वचा में बेहद छोटे-छोटे छेद बनाकर उसकी Repair Process को सक्रिय करने की कोशिश करती है। वहीं PRP में मौजूद Platelets और Growth Factors को त्वचा की मरम्मत और Collagen बनने में मददगार माना जाता है। हालांकि, इसके फायदे को लेकर बहुत ज्यादा उम्मीद रखना सही नहीं है। उपलब्ध वैज्ञानिक सबूत अभी इतने मजबूत नहीं हैं कि इसे जवां या बेदाग त्वचा पाने का पक्का तरीका कहा जा सके।

कैसे होता है पूरा प्रोसेस?

 सबसे पहले हाथ से थोड़ी मात्रा में खून लिया जाता है। फिर उसे Centrifuge मशीन में रखा जाता है, जिससे PRP अलग किया जा सके। इसके बाद चेहरे को अच्छी तरह साफ किया जाता है और जरूरत पड़ने पर सुन्न करने वाली क्रीम लगाई जाती है। फिर Microneedling Device से चेहरे पर छोटे-छोटे चैनल बनाए जाते हैं। अंत में PRP को त्वचा पर लगाया जाता है, ताकि वह इन छोटे चैनलों के जरिए अंदर तक पहुंच सके।

क्या Vampire Facial दर्दनाक होता है? 

दर्द या असहजता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। Microneedling से पहले आमतौर पर Numbing Cream लगाई जाती है, जिससे परेशानी कम हो सके। ट्रीटमेंट के बाद कुछ समय तक चेहरा लाल, संवेदनशील या थोड़ा सूजा हुआ दिखाई दे सकता है। हल्की सूजन, दर्द या नीले निशान भी कुछ दिनों तक रह सकते हैं। इसलिए ट्रीटमेंट के तुरंत बाद दिखने वाली लाल त्वचा को ही अंतिम परिणाम समझना सही नहीं है।

रिजल्ट कब दिखाई देता है?

Vampire Facial से तुरंत चमकदार या जवां त्वचा मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति पर इसका असर होता है, तो परिणाम सामने आने में कई हफ्ते से लेकर कुछ महीने लग सकते हैं। कुछ लोगों को बेहतर परिणाम के लिए एक से ज्यादा सेशन की जरूरत भी पड़ सकती है। कितने सेशन जरूरी होंगे, यह त्वचा और ट्रीटमेंट के तरीके पर निर्भर करता है।

भारत में कितना खर्च आता है?

Vampire Facial की कीमत हर शहर और क्लिनिक में अलग हो सकती है। उपलब्ध क्लिनिक कीमतों के मुताबिक, Full-Face Vampire Facial की लागत लगभग ₹6,000 से ₹15,000 प्रति सेशन हो सकती है। वहीं, PRP को Microneedling के साथ कराने पर करीब ₹8,000 से ₹18,000 प्रति सेशन तक खर्च आ सकता है। अगर कई सेशन कराने हों, तो कुल खर्च काफी बढ़ सकता है।

क्या इसमें कोई जोखिम भी है?

अपना ही खून इस्तेमाल होने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी तरह Risk-Free नहीं है। ट्रीटमेंट के बाद दर्द, सूजन, लालिमा और Bruising जैसी समस्या हो सकती है। सबसे जरूरी बात है साफ-सफाई और Sterile Equipment। खून निकालने और उसे दोबारा त्वचा पर इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में लापरवाही से संक्रमण का खतरा हो सकता है। Microneedling त्वचा की ऊपरी परत को भी प्रभावित करती है, इसलिए Hygiene और बाद की देखभाल बेहद जरूरी है।

Salon Facial नहीं, Medical Procedure समझें

Vampire Facial को सामान्य Beauty Facial की तरह नहीं लेना चाहिए। यह एक Medical Cosmetic Procedure है। इसे कराने से पहले Qualified Dermatologist या प्रशिक्षित मेडिकल प्रोफेशनल से सलाह लेना बेहतर है। खासकर अगर किसी व्यक्ति को पहले से त्वचा से जुड़ी समस्या है, तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह ट्रीटमेंट करवाने से बचना चाहिए।

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आज 65 Km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! यूपी संग इन 5 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का ताजा अपडेट

IMD Weather Today: देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने आज यानी 16 अगस्त के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 5 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही समुद्र तटों और खाड़ी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

मैदानी, पर्वतीय और तटीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई जगहों पर निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल समेत इन 5 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन पांचों राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। आज हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली गिरने की आशंका

बारिश के साथ-साथ आज कई राज्यों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली कड़कने और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचेगी हवाओं की रफ्तार, समुद्र में मौसम खराब

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के कारण मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम अरब सागर से लगे इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुारियों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

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देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में मौसम में बदलाव की संभावना है। कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।  

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दिल्ली-NCR में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट

दिल्ली-NCR में 16 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है।

मध्य प्रदेश में इन जिलों में बारिश का अनुमान

 

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल, इंदौर, शिवपुरी, खंडवा और नर्मदापुरम में भारी बारिश और गरज-चमक हो सकती है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

 

यूपी में 60-70 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और अयोध्या समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। यहां हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

बिहार में भी भारी बारिश और गरज-चमक

बिहार के पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान हवाएं 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

 

पंजाब-हरियाणा में भी तेज बारिश और हवाएं

पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हरियाणा में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई इलाकों में मौसम में बदलाव जारी रहेगा।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का खतरा

 

उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, देहरादून और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। यहां हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और सोलन में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश और हवाओं का अनुमान

 

जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 

21 अगस्त तक पूर्वोत्तर में बारिश का दौर

 

पूर्वोत्तर भारत में 21 अगस्त तक मौसम गीला रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी परेशान कर सकती हैं।

16 अगस्त को बिगड़ेगा मौसम! यूपी, उत्तराखंड और बंगाल संग इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा अलर्ट, जानें IMD की चेतावनी

देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने 16 अगस्त को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने कई इलाकों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

तटीय इलाकों से लेकर मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों तक मानसूनी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। स्वतंत्रता दिवस के ठीक अगले दिन देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इसके अलावा देश के अन्य कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में गर्जना और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

समुद्री क्षेत्रों में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों के लिए एडवाइजरी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी है।

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।

बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।