कल का मौसम: IMD ने केरल-तमिलनाडु में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों शामिल हैं। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR में भी दिन के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही, शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तराखंड में भी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

शनिवार के लिए IMD का अलर्ट

IMD ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को केरल और माहे में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और 50 किमी/घंटा तक के तेज झोंके आने का अनुमान है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 10 और 11 अक्टूबर को इन इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

कल यूपी का मौसम

शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों ही इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। IMD ने 9 और 10 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।

वीकेंड पर राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि ताजा अनुमान में इस दौरान उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान का मौसम

उत्तराखंड में 10 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की भी उम्मीद है। IMD ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है, साथ ही कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।

पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

झारखंड, बिहार और ओडिशा का मौसम

शनिवार को झारखंड, बिहार और ओडिशा में कहीं जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इस इलाके के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को बिहार में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD ने शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

शनिवार को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शुक्रवार को कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को काफी बड़े इलाके में या व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में मौसम का पूर्वानुमान

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 से 11 अक्टूबर के बीच भी ऐसी ही स्थिति रह सकती है, और 13 व 14 अक्टूबर को बारिश का एक और दौर आने की उम्मीद है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी अनुमान है।

मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 11 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की संभावना है; 11 अक्टूबर को भी ऐसे ही हालात रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत का मौसम

शनिवार को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है; केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान है।

केरल और माहे में 10 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं, शुक्रवार और शनिवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 12 अक्टूबर तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के साथ-साथ रायलसीमा में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। जमीन के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, साथ ही शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। तटीय कर्नाटक में भी 14 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, लक्षद्वीप में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी

IMD ने शुक्रवार और शनिवार को कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान लगाया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौजूदा मौसम की वजह से परेशानी हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा अनुमान

आने वाले दिनों में भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में और बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। साथ ही, 10 और 11 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, खासकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में। इस दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

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छोटे भाई का अंतिम संस्कार मेरा इंतजार कर रहा है, ट्रेन लेट मत करना… पैसेंजर ने की भावुक अपील तो रेलवे ने दिया ये जवाब

अपने किसी करीबी को आखिरी विदाई देना जिंदगी के सबसे मुश्किल पलों में से एक होता है। ऐसे समय में अगर ट्रेन लेट हो जाए, तो परिवार तक समय पर पहुंचने की चिंता और बढ़ जाती है। कुछ ऐसी ही परेशानी का सामना एक यात्री को करना पड़ा, जिसने ट्रेन नंबर 15910, अवध असम एक्सप्रेस के लेट होने पर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय रेलवे से मदद मांगी। यात्री ने बताया कि उसके छोटे भाई की अंतिम यात्रा उसका इंतजार कर रही है और वह समय पर पहुंचना चाहता है। उसकी इस अपील ने रेलवे की समयबद्ध सेवा और यात्रियों की आपात परिस्थितियों से जुड़े सवाल को सामने ला दिया।

‘कृपया ट्रेन को और लेट न करें‘, यात्री ने लगाई गुहार

9 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:20 बजे किए गए पोस्ट में यात्री ने भारतीय रेलवे और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए अपनी परेशानी साझा की। उसने अनुरोध किया कि अवध असम एक्सप्रेस को और देर न हो, क्योंकि उसे अपने छोटे भाई की अंतिम यात्रा में शामिल होना है।

यात्री की अपील का भाव साफ था वह किसी सामान्य काम के लिए नहीं, बल्कि अपने भाई को आखिरी विदाई देने के लिए समय पर पहुंचना चाहता था। ऐसे संवेदनशील मौके पर ट्रेन की देरी उसके लिए बेहद मुश्किल स्थिति पैदा कर रही थी।

रेलवे ने बताई ट्रेन लेट होने की वजह

यात्री की पोस्ट पर मुरादाबाद मंडल के आधिकारिक अकाउंट @drm_mb ने जवाब दिया। रेलवे के मुताबिक, ट्रेन पिछले मंडल से ही देरी से पहुंची थी। इसके बाद संबंधित रेल सेक्शन में भारी भीड़ और ट्रेनों के एक साथ चलने के कारण भी देरी बढ़ गई।

मंडल ने बताया कि यात्री की शिकायत ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों तक पहुंचा दी गई है। कर्मचारियों से ट्रेन की निगरानी करने और संभव होने पर देरी कम करने की कोशिश करने को कहा गया। रेलवे ने यात्री को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने का भरोसा भी दिया और हुई असुविधा पर खेद जताया।

RailwaySeva ने भी दिया जवाब, साझा करने को कहा यात्रा का विवरण

इस मामले में रेलवे की आधिकारिक सहायता सेवा RailwaySeva ने भी प्रतिक्रिया दी। उसने यात्री से अनुरोध किया कि वह अपना पीएनआर या यूटीएस नंबर और मोबाइल नंबर निजी संदेश (DM) के जरिए साझा करे, ताकि मामले में तत्काल कार्रवाई की जा सके। रेलवे ने शिकायत दर्ज कराने के लिए RailMadad पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 139 का विकल्प भी बताया।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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IMD Rain Forecast: मानसून की विदाई के बीच दिल्ली-NCR से बिहार तक भारी बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में गरज-चमक के आसार

IMD Rain Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से वापसी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 8 अक्टूबर को मानसून महाराष्ट्र के शेष हिस्सों के साथ गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ और हिस्सों से भी पीछे हट गया है। इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक 8 अक्टूबर को बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 9 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जबकि 8 से 10 अक्टूबर के बीच केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश

पिछले 24 घंटे में भी कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 8 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक बिहार के सहरसा में 11 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो सबसे अधिक रही। मौसम विभाग ने एक बार फिर से बिहार के कुछ जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के शारदानगर में 9 सेंटीमीटर, उत्तराखंड के बेरीनाग में 8 सेंटीमीटर तथा ओडिशा के कोरापुट, झारखंड के मधुपुर और तमिलनाडु के कोयंबटूर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पश्चिम में 14 अक्टूबर तक बारिश के आसार

उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 8 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 11 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का वेदर फोरकास्ट

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 8 और 10 अक्टूबर को व्यापक बारिश की संभावना है। 8 अक्टूबर को राजधानी में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। बिहार में 8 से 11 अक्टूबर, ओडिशा में 8 से 14 अक्टूबर और झारखंड में 9-10 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 8 अक्टूबर को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की संभावना है।

इस दौरान बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार में 8 और 9 अक्टूबर को भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर

दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। केरल और माहे में 8 से 10 अक्टूबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु में 8 से 12 अक्टूबर तक गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में भी 8 से 10 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर, असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 14 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

गोवा-कोंकण में उमस भरी गर्मी

मानसून की वापसी के बावजूद कोंकण और गोवा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। यानी यहां बारिश की गतिविधि कम रहने पर भी लोगों को उमस और गर्मी परेशान कर सकती है।

मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी बिहार के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। बिहार से तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है। दक्षिण केरल तट और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के आसपास बने सिस्टम भी दक्षिण भारत में बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

Who was Maharaja Agrasen, Learn about his principles of justice

Maharaja Agrasen Jayanti 2026: भारत के महान लोकनायक एवं महाराजा अग्रसेन की जयंती 11 अक्टूबर, रविवार 2026 को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, उनका जन्म आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को हुआ था। महाराजा अग्रसेन समानता पर आधारित आर्थिक नीति को अपनाने वाले संसार के प्रथम सम्राट थे। महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का अग्रदूत भी कहा जाता है। महाराजा अग्रसेन की न्यायनीति प्राचीन भारत के इतिहास में सबसे अनोखी, मानवीय और प्रेरणादायक मानी जाती है। आइए जानते हैं महाराजा अग्रसेन की न्यायनीति और उनके जीवन के बारे में विस्‍तार से…

 

कौन थे महाराजा अग्रसेन?

महाराजा अग्रसेन का जन्म सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा वल्लभ सेन के यहां हुआ था जो प्रतापनगर के राजा थे। मान्यता के अनुसार इनका जन्म मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्रीराम की 34वीं पीढ़ी में द्वापर के अंतिमकाल और कलियुग के प्रारंभ में आज से 5000 वर्ष पूर्व हुआ था।

 

यह भी कहा जाता है कि उनका जन्म विक्रम संवत प्रारंभ होने के करीब 3130 साल पहले हुआ था। कहते हैं कि महाभारत के युद्ध के समय महाराज अग्रसेन 15 वर्ष के थे। महाराज अग्रसेन ने 108 वर्षों तक राज किया। उनके 18 पुत्र हुए जिनसे 18 गोत्र चले। गोत्रों के नाम गुरुओं के गोत्रों पर रखे गए।

 

‘1 रुपया और 1 ईंट’ का स्वर्णिम सिद्धांत

महाराजा अग्रसेन की न्यायनीति का सबसे बड़ा स्तंभ उनकी सामाजिक सहायता प्रणाली थी। जब भी कोई नया परिवार उनके राज्य (अग्रोहा) में आकर बसता था तो राज्य का प्रत्येक नागरिक उसे 1 रुपया और 1 ईंट भेंट करता था।

इसका उद्देश्‍य यह था कि 1 ईंट से वह व्यक्ति अपने रहने के लिए घर बना लेता था और रुपयों से अपना व्यापार शुरू कर पाता था। इस व्यवस्था से कोई भी व्यक्ति असहाय या गरीब रहकर अपराध (जैसे चोरी या लूट) की ओर प्रवृत्त नहीं होता था। उन्होंने समाज से असमानता मिटाकर अपराध की संभावना को ही समाप्त कर दिया था।

 

अहिंसात्मक एवं सुधारात्मक दंडनीति

महाराजा अग्रसेन शारीरिक हिंसा, मृत्युदंड या कठोर कारावास के घोर विरोधी थे। यदि कोई नागरिक पहली बार कोई अपराध या गलती करता था, तो उसे तुरंत कठोर दंड देने के बजाय सुधरने का अवसर दिया जाता था। दंड ऐसा होता था जिससे अपराधी में पश्चाताप की भावना जागे, न कि प्रतिशोध की।

महाराजा अग्रसेन का न्याय केवल अपराध की सजा देने तक सीमित नहीं था, बल्कि अपराध की जड़ (गरीबी और लाचारी) को समाप्त करने और समाज में समानता स्थापित करने पर केंद्रित था।

 

आर्थिक समानता और स्वाभिमान

महाराजा अग्रसेन ने अपने राज्य में ऐसी व्यवस्था बनाई थी जहां कोई भी व्यक्ति याचक (भिखारी) न बने। उनका मानना था कि किसी को बिना काम किए दान देना उसके स्वाभिमान को चोट पहुंचाता है। इसलिए उन्होंने ऐसी नीति बनाई जिससे हर व्यक्ति को व्यापार या कृषि का साधन मिले और वह स्वाभिमान से अपनी जीविका चला सके।

 

प्रजातांत्रिक एवं लोकतांत्रिक न्याय

महाराजा अग्रसेन ने राजतंत्र में भी लोकतांत्रिक सिद्धांतों को लागू किया। उन्होंने राज्य को 18 प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया था और 18 यज्ञों के माध्यम से 18 गोत्रों की स्थापना की। निर्णय अकेले राजा द्वारा नहीं, बल्कि गणराज्य के प्रतिनिधियों और गुरुओं की सलाह व सहमति से निष्पक्ष रूप से लिए जाते थे।

 

राजा और प्रजा के बीच विश्वास

उनकी न्यायनीति इतनी पारदर्शी और लोककल्याणकारी थी कि प्रजा को कभी अदालती चक्करों या शोषण का सामना नहीं करना पड़ता था। राज्य में विश्वास और बंधुत्व का वातावरण था, जिससे अपराध दर न के बराबर थी।

महाराजा अग्रसेन की न्यायनीति केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह कल्याणकारी राज्य और व्यवहारिक समाजवाद का पहला ऐतिहासिक उदाहरण थी, जहां न्याय का अर्थ समाज के हर व्यक्ति को बराबरी का अवसर और सम्मान देना था।

 

पशु हिंसा पर प्रतिबंध

उन्होंने अपने राज्य में यज्ञों में दी जाने वाली बलि और पशु हिंसा पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया था। उनका मानना था कि जीव हत्या अन्याय है।

 

महाराज अग्रसेन के मुख्‍य 3 आदर्श

महाराज अग्रसेन ने एक ओर हिन्दू धर्मग्रंथों में वैश्य वर्ण के लिए निर्देशित कर्मक्षेत्र को स्वीकार किया और दूसरी ओर देशकाल के परिप्रेक्ष्य में नए आदर्श स्थापित किए। उनके जीवन के मूल रूप से 3 आदर्श हैं- लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, आर्थिक समरूपता एवं सामाजिक समानता।

उपचुनाव में रिकॉर्ड वोट पड़े

नई दिल्ली। चार राज्यों की पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर शांतिपूर्ण तरीके से उपचुनाव संपन्न हो गया। सभी सीटों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल में प्रतिष्ठा का मुद्दा बनी नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ। हालांकि मतदान को प्रभावित करने के आरोप में एजेपी के नेता और रेजिनगर के पूर्व विधायक हुमायूं करीब को गिरफ्तार कर लिया गया। तमिलनाडु में मतदान से पहले चुनाव अधिकारी को भी बदला गया।

चुनाव आयोग की ओर से जारी शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक मतदान तमिलनाडु की मदुरंतकम सीट पर हुआ। इस सीट पर 83 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम सीट पर 80 फीसदी मतदान हुआ। उधर बंगाल में रेजिनगर सीट खाली करने वाले विधायक हुमायूं कबीर को मुर्शिदाबाद में उनके पार्टी कार्यालय से पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने उन पर चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनके बेटे गुलाम नबी आजाद रेजीनगर से उम्मीदवार हैं। रेजिनगर में भी 80 फीसदी के करीब वोट पड़े।

उधर नंदीग्राम से मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया है कि उनके पोलिंग एजेंट्स को जबरन उठाया जा रहा है। बहरहाल, मंगलवार को जिन सीटों पर मतदान हुआ, उनमें पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट शामिल हैं। सभी सीटों के नतीजे नौ अक्टूबर को आएंगे।

पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

RBI क्या 7 अक्तूबर को बढ़ाएगा इंटरेस्ट रेट, क्या होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन होंगे महंगा ?

आरबीआई 7 अक्तूबर यानी बुधवार को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की मीटिंग 5 अक्तूबर को शुरू हुई। इसके नतीजे बुधवार को आएंगे। सवाल है कि क्या केंद्रीय बैंक इसमें रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान करेगा?

रेपो रेट एक चौथाई-फीसदी बढ़ सकता है

इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि RBI 7 अक्तूबर को रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक चौथाई-फीसदी बढ़ा सकता है। इसकी वजह यह है कि रिटेल इनफ्लेशन लगातार बीते कई महीनों से केंद्रीय बैंक के 4 फीसदी के तय लक्ष्य से ऊपर बना हुआ है। मध्यपूर्व में अमेरिका-ईरान की लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इसने इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ाया है।

फेडरल रिजर्व ने बढ़ाया था इंटरेस्ट रेट

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में ग्लोबल चीफ इकोनॉमिस्ट्स पॉल ग्रुएनवाल्ड ने कहा कि आरबीआई उन केंद्रीय बैंकों की लिस्ट में शामिल है सकता है, जिन्होंने महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, उनका मानना है कि दुनिया में इंटरेस्ट रेट में होने वाली वृद्धि सीमित रहेगी।

दिसंबर में भी बढ़ सकता है रेपो रेट 

क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डी के जोशी का भी मानना है कि आरबीआई अक्तूबर की पॉलिसी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा सकता है। हालांकि, उनका कहना है कि फिर दिसंबर की पॉलिसी में भी इंटरेस्ट रेट बढ़ने की काफी उम्मीद है। उसके बाद इंटरेस्ट रेट में वृद्धि इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगी।

अगले साल आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी वृद्धि

जोशी ने कहा, “हमारा मानना है कि इंटरेस्ट रेट में वृद्धि दिसंबर में भी होगी। उसके बाद इसके बढ़ने की कम उम्मीद है। हालांकि, यह इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगा।” उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट में आक्रामक वृद्धि का साइकिल शुरू करने की जगह नापतौल कर इस बारे में फैसला लेगा।

अगस्त की पॉलिसी के बाद हुए हैं तीन बड़े बदलाव 

उन्होंने अगस्त की आरबीआई की पॉलिसी के बाद हुए तीन बदलावों का जिक्र किया। मानसून की बारिश कम हुई है और असमान रही है। पश्चिम एशिया में स्थिति गंभीर हुई है। ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। इस बीच. पहली तिमाही में देश में जीडीपी की ग्रोथ आरबीआई की उम्मीद से ज्यादा रही है।

इनफ्लेशन पर दबाव जारी रहने के आसार 

उपर्युक्त वजहों से इनफ्लेशन पर दबाव बना रह सकता है। अमेरिका और भारत के इंटरेस्ट रेट के बीच घटता फर्क दूसरी ब़ड़ी वजह है, जिसका असर पॉलिसी से जुड़े आरबीआई के फैसले पर पड़ सकता है। जोशी ने कहा कि 10 साल की भारत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच का फर्क घटकर 190 बेसिस प्वाइंट्स रह गया है, जो तीन साल पहले करीब 450 बेसिस प्वाइंट्स था। फेडरल रिजर्व भी इस महीने के आखिर में पॉलिसी का ऐलान करेगा। वह लगातार दूसरी बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

रिटेल इनफ्लेशन अगस्त में 4.82 फीसदी पहुंचा

भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की फाउंडिंग और मैनेजिंग ट्रस्टी लक्ष्मी वेंकटरमण ने कहा कि अगस्त में भारत में रिटेल इनफ्लेशन बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गया। यह जुलाई में 4.45 फीसदी था। हालांकि, इंडस्ट्रियल आउटपुट जुलाई के 6.7 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 8 फीसदी रहा। ऐसे में दोनों के बीच बैलेंस जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का फोकस मैक्रोइकोनॉमिक स्टैबिलिटी पर होगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक की कोशिश कर्ज तक आसान पहुंच बनाए रखने पर भी होगी।

क्या नया विपक्ष उभर सकता है

यह बड़ा सवाल है कि क्या देश में नया विपक्ष उभर सकता है? कांग्रेस के नेता इस सवाल को भाजपा की साजिश थ्योरी का हिस्सा मान रहे हैं लेकिन उस राजनीतिक पहलू को छोड़ दें तब भी यह स्पष्ट दिख रहा है कि देश में एक नए किस्म का विमर्श चल रहा है, जिसमें न तो भाजपा फिट हो रही है और न कांग्रेस। यह सिर्फ ‘जेन जी’ का विमर्श नहीं है, बल्कि आम आदमी का विमर्श है, जिसमें वह रोजमर्रा की समस्याओं के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों को समान रूप से जिम्मेदार मान रहा है।

यह एक व्यापक नैरेटिव का भी हिस्सा है, जिसके दम पर भाजपा ने बरसों तक कांग्रेस को किनारे किए रखा। आम लोग कांग्रेस के विपक्ष में होने के बावजूद यह मानते रहे कि उनकी और देश की समस्याओं के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। तभी भाजपा द्वारा स्थापित किया हुआ यह नैरेटिव चला कि मोदी या भाजपा को नहीं वोट दें तो क्या राहुल और अखिलेश या तेजस्वी को दे दें?

अब इस प्रश्न में नए आयाम जुड़ गए हैं। अगर लोग केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारों से उबे हैं या उनको लग रहा है कि भाजपा का कांग्रेसीकरण हो रहा है या उनको धीरे धीरे यह यकीन होता जा रहा है कि भाजपा के पास भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं है लेकिन वे राहुल, अखिलेश या तेजस्वी को भी वोट नहीं देना चाहते, तो उनके सामने क्या विकल्प है? यह सवाल इसलिए प्रासंगिक हो गया है क्योंकि अलग अलग राज्यों में लोगों ने नए विकल्प आजमाने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी का जीतना इसका एक उदाहरण है।

ऐसा नहीं है कि दोनों राज्यों में कांग्रेस का विकल्प नहीं था। दिल्ली में भाजपा और पंजाब में अकाली दल के रूप में मजबूत विकल्प था लेकिन लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना। ऐसे ही तमिलनाडु में डीएमके और अन्ना डीएमके एक दूसरे के विकल्प के रूप में करीब सात दशक से थे। लेकिन उन्हें ठुकरा कर लोगों ने सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके को चुना। इससे पहले 2019 में आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को हराने के लिए लोगों ने टीडीपी का विकल्प नहीं चुना, बल्कि जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस को चुना। नए बने राज्य तेलंगाना में भी के चंद्रशेखर राव की पार्टी लगातार दो बार जीती।

तर्क के नाते कहा जा सकता है कि पहले भी अलग अलग राज्यों में प्रादेशिक पार्टियों का उदय हुआ और उन्होंने चुनाव भी जीते। बिहार में राजद, उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा, पश्चिम बंगाल में टीएमसी, आंध्र प्रदेश में टीडीपी आदि। इनके अलावा भी कई राज्यों में प्रादेशिक पार्टियां मजबूत रहीं और चुनाव जीत कर सरकार बनाई। इसलिए अभी अगर राज्यों में नई पार्टियों का उदय हो रहा है तो यह कहना जल्दबाजी होगी कि राष्ट्रीय स्तर पर कोई नया विपक्ष उभर रहा है। लेकिन यहां दोनों परिघटनाओं के बीच के अंतर को समझना होगा।

इससे पहले जितनी भी प्रादेशिक पार्टियां बनीं उनमें से किसी के नेता की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा नहीं रही। प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा भले रही हो लेकिन किसी ने पार्टी का विस्तार दूसरे राज्यों में करने के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। कुछ पार्टियों ने एक से ज्यादा राज्यों में विस्तार किया लेकिन उनका विस्तार बहुत सीमित रहा। बहुजन समाज पार्टी इसका अपवाद है। लेकिन अब वह पार्टी भी अंतिम सांसें गिन रही है। एक दूसरा अंतर यह था कि पहले बनी ज्यादातर प्रादेशिक पार्टियां किसी स्थानीय मुद्दे या क्षेत्रीय पहचान के आधार पर बनी थीं।

पहली बार ऐसा हो रहा है कि अखिल भारतीय मुद्दों पर नई ताकतें आंदोलन कर रही हैं। आम आदमी पार्टी का उभरना किसी स्थानीय मुद्दे या प्रादेशिक पहचान का मामला नहीं है। उसने राजकाज को राजनीतिक विचारधारा बना कर राजनीति की और अपनी स्थापना के एक दशक बाद ही राष्ट्रीय पार्टी बन गई। इसी तरह कॉकरोच जनता पार्टी अभी एक राजनीतक दल नहीं बनी है फिर भी उसके मुद्दे अखिल भारतीय महत्व के हैं और किसी दूसरी पार्टी के मुकाबले देश के नौजवान उसकी बातों पर ज्यादा यकीन कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए मुश्किल खड़ी की है।

दोनों इस धारणा को जनता के बीच पहुंचा रहे हैं कि अगर भाजपा से नाराजगी है और लोग उसे बदलना चाहते हैं तो उसका स्वाभाविक विकल्प कांग्रेस नहीं है। यह बहुत बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है और इसे इसी रूप में देखने की जरुरत है। कांग्रेस इस बात को समझ रही है कि भाजपा ने पहले उसे सत्ता से बेदखल किया और अब उसे स्वाभाविक विपक्ष की जगह से भी खिसकाने का अभियान चल रहा है। कांग्रेस इसके पीछे भाजपा की साजिश भी देख रही है। हो सकता है कि भाजपा धारणा के स्तर पर इस विचार को बढ़ावा दे रही हो और यह भी संभव है कि संसाधन से भी मदद मुहैया करा रही हो लेकिन अंततः यह उसके लिए भी घातक हो सकता है।

कांग्रेस पार्टी ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को इस रूप में नहीं देखा था। उसके नेता मानते रहे कि चीफ जस्टिस की टिप्पणी से त्वरित रूप में बने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से युवा जुड़े हैं और उसने युवाओं का मुद्दा उठाया है। लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन ने कांग्रेस को अलर्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को लेफ्ट और सिविल सोसायटी का साथ मिल रहा है तो कॉकरोच जनता पार्टी को आप का सपोर्ट मिल रहा है। कुछ और प्रादेशिक पार्टियां उनको समर्थन दे रही हैं। तभी कांग्रेस के साथ सीजेपी का विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता सीजेपी को आम आदमी पार्टी का फ्रंट और आप को भाजपा का फ्रंट बता रहे हैं।

कांग्रेस की इस बात को लेकर सीजेपी ने उसके ऊपर तीखा हमला किया है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने ‘सेल्फ स्टाइल लिबरल इकोसिस्टम’ पर निशाना साधा है और कहा है, ‘यह सिस्टम अभिजीत दीपके को खारिज कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि बहुत अरसे बाद ऐसा हुआ है कि किसी ने आम लोगों के इमेजिवनेशन को कैप्चर किया है’। विवाद की शुरुआत कांग्रेस के एक प्रवक्ता के बयान से हुई थी, जिन्होंने कहा था कि आशुतोष रांका असम गए तो वहां कांग्रेस नेताओं से नहीं मिले, जबकि कांग्रेस ने सीजेपी के लोगों को पुलिस के बचाया था।

इसके बाद रांका ने एक पोस्ट लिखा और उस पोस्ट को सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि, एक खास तबका, सिर्फ भाजपा नहीं, बल्कि दूसरी पार्टी भी सोचती है कि ‘सेविंग इंडिया, सेविंग कांस्टीट्यूशन’ उन्हीं का काम है। उन्होंने आगे कहा कि ये लोग, ‘सेल्फ डिक्लेयर्ड लिबरल्स’ औऱ ‘सेल्फ डिक्लेयर्ड ठेकेदार ऑफ कांस्टीट्यूशन’ हैं। सौरव दास का कहना है कि ‘य़ह भाजपा से खराब काम करने वाला इकोसिस्टम है’।

रांका और दास का सीधा हमला कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम पर है।

यह एक शुरुआत है, नया विपक्ष बनाने की। इसमें कितनी कामयाबी मिलेगी और कब मिलेगी यह नहीं कहा जा सकता है। लेकिन भाजपा और कांग्रेस से अलग नए विपक्ष के बारे में विचार शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के साथ साथ कॉकरोच जनता पार्टी पर नजर रखने की जरुरत है। इनके अलावा बिहार में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी, उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर की भीम आर्मी, तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय की टीवीके, पंजाब में अमृतपाल की अकाली दल वारिस पंजाब दे, असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम, हुमायूं कबीर की एजेपी, बदरूद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ जैसी पार्टियों पर भी नजर ऱखने की जरुरत है।

Dussehra 2026: कब मनाया जाएगा इस साल दशहरा? जानें तारीख, समय, विजय मुहूर्त और महत्व

Dussehra 2026: दशहरा का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह भगवान राम की रावण पर जीत के साथ-साथ देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत से भी जुड़ा है।इसे विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व इस साल मंगलवार, 20 अक्टूबर, 2026 को मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, अश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 2:11 बजे खत्म होगी।

दशहरा 2026 की तारीख और समय

दशहरा/विजयादशमी : मंगलवार, 20 अक्टूबर, 2026

दशमी तिथि शुरू : 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे

दशमी तिथि खत्म : 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे

विजय मुहूर्त : शहर के हिसाब से अलग-अलग

नई दिल्ली विजय मुहूर्त : दोपहर 1:59 बजे से दोपहर 2:45 बजे

मुंबई विजय मुहूर्त : दोपहर 2:19 बजे से दोपहर 3:06 बजे

कोलकाता बंगाल विजयदशमी : बुधवार, 21 अक्टूबर

कोलकाता अपरान्ह पूजा : दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:49 बजे

क्यों अलग-अलग होती है दशहरा की तारीख?

भारत के ज़्यादातर हिस्सों में, विजयदशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हालांकि, बंगाल में, बिजॉय दशमी बुधवार, 21 अक्टूबर को इलाके के दुर्गा पूजा कैलेंडर के हिसाब से मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर और 21 अक्टूबर के बीच अंतर मुख्य रूप से क्षेत्रीय परंपराओं और स्थानीय पंचांग की गणना की वजह से है।

दशहरा 2026 पर विजय मुहूर्त क्या है?

विजय मुहूर्त को पारंपरिक रूप से दशहरा से जुड़े कुछ रीति-रिवाजों और औपचारिकताओं के लिए एक शुभ समय माना जाता है।

नई दिल्ली : 20 अक्टूबर को दोपहर 1:59 PM–2:45 PM

मुंबई : 20 अक्टूबर को दोपहर 2:19 PM–3:06 PM

कोलकाता : 20 अक्टूबर को दोपहर 1:17 PM–2:03 PM

दशहरा क्यों मनाया जाता है?

पूरे भारत में दशहरा के कई धार्मिक और सांस्कृतिक मतलब हैं।

भगवान राम की रावण पर जीत : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयदशमी भगवान राम की राक्षस राज रावण पर जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस घटना को अधर्म पर धर्म की जीत के तौर पर याद किया जाता है। इसलिए दशहरा के मौके पर पारंपरिक तौर पर मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ रावण के बड़े पुतले जलाए जाते हैं।

देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत : विजयदशमी देवी दुर्गा की महिषासुर, भैंसे जैसे राक्षस पर जीत से भी जुड़ी है। पूर्वी भारत, खासकर बंगाल, ओडिशा और असम में, यह दिन दुर्गा पूजा के खत्म होने और देवी दुर्गा की विदाई से जुड़ा है।

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