आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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Cabinet Decisions: गुवाहाटी से तेजपुर के बीच बनेगा शानदार 4-लेन हाईवे, कैबिनेट ने दी 8970 करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने गुरुवार को असम में NH-15 के 135.871 किलोमीटर लंबे, 4-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट NH(O) के तहत कुल 8970.20 करोड़ रुपये की लागत से ‘बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) टोल मोड पर विकसित किया जाएगा।

CCEA के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में तेजपुर बाईपास पर एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) (4.9 किमी) का निर्माण शामिल है। इसे भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है। इस कॉरिडोर के बनने से ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले मौजूदा NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

बनाए जाएंगे 5 बड़े बाईपास

इस प्रोजेक्ट के तहत 58.7 किलोमीटर लंबे 5 बड़े बाईपास भी बनाए जाएंगे। इससे घनी आबादी वाले इलाकों जैसे बाईहाटा चारियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, डेकीयाजुली और तेजपुर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और 1 हाथी अंडरपास (तेजपुर बाईपास पर) बनाने का प्रावधान है। ट्रैफिक की आवाजाही बनाए रखने के लिए प्रोजेक्ट के तहत 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को एक्सेस-कंट्रोल्ड (सीमित प्रवेश-निकास वाली सड़क) के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है।

सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की होगी बचत

CCEA ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाहनों की औसत रफ्तार करीब 100 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन पर आने वाला खर्च भी कम होगा। इससे क्षेत्र में आवाजाही आसान होगी और आर्थिक व सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

औद्योगिक पार्क, पर्यटन स्थल और लॉजिस्टिक हब से जुड़ेगा कॉरिडोर

इसके अलावा, अपग्रेड किए जाने वाले इस कॉरिडोर से PM गति शक्ति योजना के तहत चिन्हित 8 आर्थिक केंद्रों (8 इंडस्ट्रियल पार्कों), 2 सामाजिक केंद्रों (असम के आकांक्षी जिले दरांग और उदलगुड़ी), 3 पर्यटन स्थलों (मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरांग नेशनल पार्क) और 7 लॉजिस्टिक केंद्रों (3 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 जलमार्ग टर्मिनल) तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज और आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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India Weather Update: मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का व्यापक अलर्ट जारी किया है। देश के तटीय, मैदानी और पर्वतीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से जोर पकड़ रही हैं। IMD की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 7 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और केरल समेत देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश और खराब मौसम रहने की आशंका है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 7 अगस्त को देश के छह प्रमुख राज्यों व क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन राज्यों में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल और माहे, ओडिशा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। इन इलाकों में भारी बौछारों के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने का जोखिम बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की बुलेटिन के मुताबिक 7 अगस्त को देश के 19 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बिहार, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पश्चिमी और दक्षिणी भारत के इलाकों जैसे मध्य महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

गरज-चमक और 50 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके साथ ही बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है।

इन राज्यों में आकाशीय बिजली और तेज सतह हवाओं की आशंका

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

तटीय और प्रायद्वीपीय भारत के क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क किया है कि कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने की पूरी संभावना है। खराब मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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भारत का अनोखा गांव, जहां बादलों की गड़गड़ाहट और कोहरे के बीच आसमान से गिरते हैं परिंदे!

असम की डिमा हसाओ पहाड़ियों में बसा जटिंगा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एक रहस्यमयी घटना के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। हर साल मानसून के अंत में यहां पक्षियों से जुड़ी एक ऐसी घटना देखने को मिलती है, जिसने सालों से साइंटिस्ट, बर्ड स्पेशलिस्ट और टूरिस्ट का ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। आइए जानते हैं आखिर क्या है जटिंगा का रहस्य और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है:

 

शांत पहाड़ी गांव, लेकिन एक रहस्यमयी पहचान

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सालभर जटिंगा हरे-भरे जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है, लेकिन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में यह गांव एक अनोखी घटना की वजह से चर्चा में आ जाता है।

 

 

 

हर साल देखने को मिलती है अनोखी घटना

Assam's Jatinga Sheds 'Birds' Suicide Site' Tag But Faces Other Challenges

मानसून के अंत में शाम के समय कुछ पक्षी अचानक नीचे आने लगते हैं और पेड़ों, घरों या जमीन से टकरा जाते हैं। यह घटना कुछ घंटों तक ही देखने को मिलती है और खास बात यह है कि यह केवल गांव के एक छोटे से इलाके तक सीमित रहती है।

 

 

 

किन पक्षियों पर पड़ता है असर?

Picture a quiet village called Jatinga in Assam, India. It's a peaceful place with beautiful scenery, but it's known for something very strange. From August to November, a weird thing happens here:

इस घटना में शामिल पक्षियों की कई प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें किंगफिशर, ड्रोंगो, बगुले, बिटर्न, बी-ईटर और पिट्टा जैसे पक्षी शामिल हैं। एक्सपर्ट के अनुसार इनमें ज्यादातर यंग और दिन में एक्टिव रहने वाले पक्षी होते हैं।

 

 

 

लोककथाओं में छिपी रहस्य की कहानी

पेड़ पर पक्षी फोटो - मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले फोटो डाउनलोड करें | Magnific (पहले Freepik था)

पहले यहां के लोग इस घटना को अलौकिक शक्तियों से जोड़कर देखते थे। गांव में कई पीढ़ियों से ऐसी कहानियां सुनाई जाती रही हैं कि आसमान से आने वाली रहस्यमयी शक्तियां पक्षियों को अपनी ओर खींच लेती हैं। हालांकि समय के साथ इन मान्यताओं की जगह साइंटिफिक रिसर्च ने ले ली।

 

 

 

वैज्ञानिक क्या मानते हैं?

Nature Beyond | Jatinga

पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि घना कोहरा, कम ऊंचाई वाले बादल, तेज हवाएं और अर्टिफिशियल लाइट मिलकर पक्षियों के दिशा-ज्ञान को एफेक्ट कर सकती हैं। कुछ शोध चुंबकीय बदलाव की संभावना भी बताते हैं, लेकिन अब तक कोई एक कारण पूरी तरह साबित नहीं हो पाया है।

 

 

 

क्या पक्षी सच में सुसाइड करते हैं?

पेड़ पर पक्षी फोटो - मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले फोटो डाउनलोड करें | Magnific (पहले Freepik था)

साइंटिस्ट का कहना है कि इसे पक्षियों की ग्रुप सुसाइड कहना सही नहीं होगा। अवेलेबल रिसर्च के अनुसार पक्षी किसी कारण से डिस्ट्रैक्ट होकर अपनी दिशा खो बैठते हैं, जिसके चलते यह घटना होती है। इसकी असली कारण पर अब भी स्टडी जारी है।

 

 

 

जटिंगा कैसे पहुंचें?

A Trip to Jatinga Village from Kaziranga National Park | Kaziranga National Park News | Kaziranga National Park Blog

जटिंगा, असम के डिमा हसाओ जिले में है और हाफलोंग से करीब 9 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट गुवाहाटी का लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। रेल से आने वाले ट्रैवलर हाफलोंग हिल स्टेशन तक पहुंच सकते हैं, जबकि हाफलोंग से टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं। विजिट के दौरान फारेस्ट डिपार्टमेंट के रेगुलेशन और लोकल रेजिडेंट के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करना जरूरी है।

खराब मौसम की चेतावनी: इन राज्यों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश का खतरा, IMD ने दिल्ली-यूपी से बिहार तक दिया हैवी रेन का अलर्ट

India Weather Weekly Update: देशभर में मानसूनी हवाओं और कई मजबूत वायुमंडलीय प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से कई इलाकों में धुंआधार बारिश हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का पू्र्वानुमान दिया है। मौसम विभाग ने केरल में 6 अगस्त को एक्सट्रीमली हैवी भारी बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप और मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, असम और दिल्ली में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

देश में सक्रिय मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के मुताबिक अभी में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। इस समय मानसून ट्रफ रेखा का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा मध्य समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के पास बना हुआ है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में करीब 73° पूर्व देशांतर और 29° उत्तर अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है।

निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है जबकि दूसरा निचले व मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर मौजूद है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व गंगातटीय पश्चिम बंगाल के तटों के पास निचले क्षोभमंडल में एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पहाड़ों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 और 7 अगस्त को कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अगस्त और 9 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 9 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गति में तेजी देखी जा रही है। मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 7 से 11 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त और 8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश होगी जबकि 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अगस्त और 11 और 12 अगस्त को व्यापक बारिश और 6-7 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 6 से 10 अगस्त तक बारिश होगी। मौसम विभाग ने विदर्भ में 6 अगस्त को तथा छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में बिजली गिरने का खतरा

पूर्वी भारत में साइक्लोनिक एक्टिविटी के असर से बारिश का जोर रहेगा। बिहार में 6 से 9 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 6 से 8 अगस्त और 10 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के साथ 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 और 9 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जिसके बाद 8 से 12 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 तथा 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 6 अगस्त को झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत बनी हुई हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 से 12 अगस्त के दौरान भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 6 से 12 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें 6-7 अगस्त और 12 अगस्त को व्यापक वर्षा का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश में 7-8 अगस्त और 11-12 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के इलाकों में 6 से 10 अगस्त के दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट दिया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में झमाझम बरसेंगे बादल

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में मानसूनी असर दिख रहा है। कोंकण और गोवा में 6 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा के साथ 6 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 7 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 अगस्त को तथा सौराष्ट्र व कच्छ में 9 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 से 8 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (60 किमी/घंटे तक की झोंके) चलने और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं मराठवाड़ा में 6, 8 और 9 अगस्त को 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

दक्षिण भारत में मानसून अत्यधिक आक्रामक रूप दिखा रहा है। केरल और माहे में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय कर्नाटक में 6 से 12 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी और 8-9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में 6 और 7 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में हवा की गति भी तेज रहेगी। तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में 6 से 8 अगस्त के दौरान तथा उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 से 9 अगस्त के दौरान तेज सतह हवाएं चलने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

कल बेहद भारी बारिश का अलर्ट: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बरसेंगे बादल! IMD ने इन 25+ राज्यों के लिए जारी की चेतावनी

Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अगस्त के लिए देशभर के मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देश के उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक मानसूनी गतिविधियों के चलते मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। आईएमडी ने देश के 25 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

इन राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 6 अगस्त को देश के कई इलाकों में अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है। मैदानी और तटीय इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भारी जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से गंगातटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार समेत मैदानी राज्यों का हाल

उत्तर और मध्य भारत के मैदानी भागों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बादलों की आवाजाही के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।

IMD Weather

अंडमान-निकोबार में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल का खतरा

तटीय और द्वीप क्षेत्रों में समुद्री मौसम काफी आक्रामक रहने वाला है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने द्वीप क्षेत्र में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समुद्र तटों और खुले इलाकों से दूर रहने तथा विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कई राज्यों में 30 से 40 किमी/घंटे की हवाओं के साथ बिजली चमकने का अलर्ट

देश के मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिम के कई अन्य हिस्सों में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिलेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

इन पहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्यों में वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों में केवल आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। आईएमडी ने इन सभी राज्यों के नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

असम के CRPF कैंप में बड़ा हादसा, अधिकारी ने दो जवानों को मारी गोली, फिर खुद भी दी जान

असम के नागांव जिले में मंगलवार (4 अगस्त) सुबह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक कैंप में दर्दनाक घटना हुई। यहां एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) ने कथित तौर पर अपने साथियों पर गोली चला दी। इस घटना में दो सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। पुलिस ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 7 बजे नागांव के कटिमारी इलाके में स्थित सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन के कैंप में हुई।

अधिकारी ने 2 जवानों को मारी गोली

जानकारी के मुताबिक, कैंप के मेन गेट पर ड्यूटी कर रहे एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने अचानक अपने साथियों पर गोलियां चला दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी से पहले एएसआई ने कैंप के गार्ड रूम से इंसास राइफल उठाई थी। पुलिस ने बताया कि साथियों पर गोली चलाने के बाद उन्होंने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

खुद को भी मारी गोली

पुलिस के अनुसार, आरोपी एएसआई ने सबसे पहले हेड कॉन्स्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल पर गोली चलाई। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी कैंप में ही मौत हो गई। इसके बाद उसने सब-इंस्पेक्टर रामनवल सिंह यादव को निशाना बनाया। बताया गया कि वह दस्तावेजों की जांच के लिए कैंप आए थे। गोली लगने से उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। इस गोलीबारी में सीआरपीएफ की 171वीं बटालियन के एएसआई गोविंद श्रीपुल भी घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी 171वीं बटालियन की बैरक में गया और वहां खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौत हो गई। घायल जवान को पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया।

मामले की जांच है जारी

घटना की जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और असम पुलिस की टीम तुरंत कैंप पहुंच गई। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी ने गोलीबारी क्यों की। जांच टीम हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है और घटना की असली वजह जानने की कोशिश कर रही है। पुलिस और सीआरपीएफ ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह या अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल दोनों एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही हैं।

अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर में भूस्खलन का खतरा, उत्तर भारत में भी भारी बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

rain alert 4 august

Weather Alert 4 August:  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में सक्रिय मानसून को देखते हुए 4 अगस्त के लिए ताजा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ ही भूस्खलन होने की आशंका है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। ALSO READ: Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

 

जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटे

जम्मू-कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार मच गया। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे 4 युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका

आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।

 

 पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। 

 

वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। ALSO READ: उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

 

राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बदलाव

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

 

दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

सियासत ही नहीं, इन्वेस्टमेंट की पिच पर भी ‘ऑलराउंडर’ निकले प्रशांत किशोर! जानिए कहां-कहां लगाया है करोड़ों का दांव

Prashant Kishor Investment Portfolio: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाते हुए उन्होंने नीरज कुमार को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। इस सियासी जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की चर्चा तेज हो गई है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत संपत्ति ₹96.06 करोड़ है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास ₹101.93 करोड़ की संपत्ति है। यानी परिवार की कुल कुल संपत्ति करीब ₹198 करोड़ रुपये से अधिक है।

अनलिस्टेड इक्विटी में बड़ा दांव: वेधास वेंचर्स में 100% हिस्सेदारी

प्रशांत किशोर के पर्सनल वेल्थ मॉडल का सबसे बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट शेयरहोल्डिंग से आता है। प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति में सबसे बड़ा योगदान उनकी अनलिस्टेड कंपनी ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Vedhas Ventures Pvt Ltd) का है। इस कंपनी में उनकी 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है, जिसकी बुक वैल्यू लगभग ₹95.26 करोड़ आंकी गई है। यह उनके कुल मूवेबल पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा एसेट क्लास है।

₹7.36 करोड़ की कराई हुई है FD

शेयर बाजार की अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से बचने के लिए प्रशांत किशोर ने सेफ और फिक्स्ड-रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स में भारी निवेश कर रखा है:

HDFC बैंक में एफडी: प्रशांत किशोर के नाम पर एचडीएफसी बैंक में 5 मुख्य फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹7.36 करोड़ के करीब है।

पारिवारिक होल्डिंग: उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 4 एफडी हैं और उनके बेटे दैविक्ष भारद्वाज के नाम पर भी एचडीएफसी बैंक में 2 फिक्स्ड डिपॉजिट मौजूद हैं।

बाजार के जोखिम और भू-राजनीतिक तनावों के बीच एफडी जैसे सुरक्षित विकल्पों में फंड रखना पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

डायरेक्ट इक्विटी, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स

अनलिस्टेड शेयर्स और एफडी के अलावा प्रशांत किशोर और उनके परिवार ने डाइवर्सिफाइड एसेट एलोकेशन अपनाया है। स्टॉक मार्केट व म्यूचुअल फंड: प्रशांत किशोर का मार्केट इन्वेस्टमेंट्स और बैंक एफडी मिलाकर कुल निवेश ₹8 करोड़ से अधिक का है। उनके हलफनामे में लिस्टेड कंपनियों के शेयर, डेट बॉन्ड्स और म्यूचुअल फंड स्कीम्स में भी बैलेंस्ड एक्सपोजर दर्ज किया गया है।

पटना से दिल्ली तक अचल संपत्ति

प्रशांत किशोर के पोर्टफोलियो में अचल संपत्तियों का भी बड़ा योगदान है। प्रशांत किशोर के पास कुल ₹73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। इसमें पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी का आवासीय मकान, गाजियाबाद और नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्राइम प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इसके अलावा रोहतास और बक्सर में पैतृक व कृषि भूमि भी दर्ज है। उनकी पत्नी के पास ₹12.42 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें असम (गुवाहाटी) और नोएडा (जेपी ग्रींस) में प्रॉपर्टीज शामिल हैं।