कल का मौसम 2 अगस्त: 16 राज्यों में हैवी बारिश और 7 राज्यों में बहुत भारी बरसात का अलर्ट, दिल्ली-यूपी से बिहार तक बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश

  • देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।
  • पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय।

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इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

बदल जाएगी संस्कारधानी की सूरत, सीएम डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के लिए खोला सौगातों का पिटारा

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने यहां 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया, कठौंदा, ललपुर और तेवर में बने तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया। उन्होंने सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री की सौगात दी, गुरंदी में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने नए मछली बाजार का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पीएम स्वनिधि के हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड भी प्रदान किए। इतना ही नहीं, उन्होंने जबलपुर में इमारती लकड़ियों से फर्नीचर निर्माण के लिए फर्नीचर कलस्टर स्थापित करने और सांदीपनि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जबलपुर फर्नीचर निर्माण का नया केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में  'कैच द रेन' अभियान के तहत 11 लाख पौधरोपण महाअभियान का भी शुभारंभ हुआ। 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से आकाशवाणी को नई पहचान दी और युवाओं को संचार तकनीक से परिचित कराया। देश की 80 करोड़ आबादी को नि:शुल्क राशन, पक्का मकान, नि:शुल्क शौचालय, हर घर नल से जल, आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा मिल रही है। रेहड़ी वाले छोटे व्यापारियों को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभ मिल रहा है। आज जबलपुर के अनेक हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड प्रदान किए गए हैं। हर गरीब के जीवन में सुख का सूरज निकले, राज्य सरकार सहयोग की भावना से कार्य कर रही है। सरकार का अर्थ सहकार और सहकार का अर्थ परिवार की सहायता करना है। 

 

ऋषि-मुनियों के समान हैं पेड़-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुनिया के सामने भारत वसुधैब कुटुम्बकम का एक आदर्श उदाहरण है। भारतीय परंपरा प्राचीनकाल से इसी भाव से आगे बढ़ती रही है। प्रकृति के साथ रिश्ता बनाने के लिए आज जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने के लिए पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। पेड़ हमारे जीवन में ऋषि-मुनियों के समान हैं, जिनसे हमें स्वच्छ हवा मिलती है। वृक्षारोपण के लिए नई मियावाकी पद्धति से एक एकड़ भूमि पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं। यह क्षेत्र तीन साल में सघन वन बन जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां हरे-भरे सघन वन हैं। नदियां जंगलों को आबाद रखती हैं। लोगों को जल मिलता है। सभी को खुशहाली और आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। नर्मदा नदी से गुजरात और राजस्थान को भी समृद्धि मिलती है।

मध्यप्रदेश की जलराशि गंगा बेसिन और यमुना नदी से माध्यम से गंगा सागर तक जाकर समुद्र में मिलती हैं। चंबल और सोन जैसी नदियां गंगा-यमुना की धारा को रफ्तार देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री की सौगात दी गई है। वहीं, गुरंदी में मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए 2.5 करोड़ रुपये की लागत से पक्के मत्स्य बाजार का लोकार्पण किया गया है। खुले में मछली बिकने से इसे नहीं खाने वालों को बड़ी कठिनाई होती है। दूसरी ओर, खाने वालों के लिए खानपान की शुद्धता पर असर पड़ता है। 


यूसीसी की दिशा में आगे बढ़े हम-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने समाज को वोट बैंक के चश्मे से देखा। धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश की गई। रहीम और रसखान की रचनाएं देखिए, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का चित्रण मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद देश में कहीं कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई। यह बदलते दौर का भारत है। मध्यप्रदेश सरकार ने इसी भावना से हिंदू और मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। यूसीसी लागू करने के लिए राज्य सरकार ने 3 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे, जिसके बाद 10 लाख से अधिक सुझाव समिति के पास आए। इन सुझावों में 74 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने यूसीसी लागू करने का समर्थन किया। एक जैसे हैं, वैसे ही सभी हैं। इसी भावना से एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़े हैं।

 

देश के लिए हमारे काम बने मॉडल-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश में सबसे अच्छा काम करने वाला विभाग है। हमारे द्वारा लागू कई काम देश में लागू हो रहे हैं। मध्यप्रदेश ने ब्रिटिशकाल के राजमार्ग कानून और फायर सेफ्टी एक्ट में संशोधन किया। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता के प्रतीक हैं। हमारे बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा मिले, इसीलिए प्रदेशभर में भव्य सांदीपनि विद्यालय बनाए गए हैं। युवाओं का भविष्य संवारने के लिए दो साल में 10 हजार शिक्षक और पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर भर्ती की गई है। सभी विभागों के लगभग ढाई लाख से अधिक शासकीय सेवकों को पदोन्नति दी गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ पुलिस विभाग में ही 25 हजार अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हुए। देश की आजादी के बाद केवल सागर और उज्जैन में ही विश्वविद्यालय थे। लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती गई। वर्तमान समय में 75 से अधिक विश्वविद्यालय हो चुके हैं। हमारी यूनिवर्सिटी ऐसी बनें, जहां विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता के साथ शिक्षा मिले। भविष्य में जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी एक प्रकार से प्रदेश के एम्स की तर्ज पर विकसित होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। 

 

और निखरेगी संस्कारधानी-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर के समग्र विकास के लिए अधिकारी मेट्रोपोलिटन सिटी का ड्राफ्ट तैयार करें। सरकार एक साल के अंदर जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाएगी। यहां चारों दिशा में नैसर्गिक सौंदर्य है। मदन महल के पास एक बड़ा जू (चिड़ियाघर) बनाया जाएगा, जो देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट तो पहले से है, अब तो चीता भी मध्यप्रदेश में जीता है। यह हमारा सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश मगरमच्छ, घड़ियाल, गिद्ध, तेंदुआ जैसे वन्यजीवों के मामले में भी अग्रणी राज्य है। एशिया महाद्वीप से चीता विलुप्त हो गया था, लेकिन मध्यप्रदेश की धरती पर आते ही उनकी संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गए। उन्होंने कहा कि यह हमारे सहअस्तित्व की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। हम जीयो और जीने दो की भावना के साथ वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रदेश की धरती से 100 साल पहले हाथी लुप्त हो गए थे। अब इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। असम से जंगली भैंसे लाए गए हैं। भविष्य में गैंडे और किंग कोबरा जैसे जीवों को भी लाकर बसाया जाएगा। वनों की समृद्धि के लिए और पर्यटन से रोजगार के अवसर दिलवाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

कैसा रहेगा रविवार को मौसम का मिजाज? कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात में बढ़ सकती है मुश्किल

Weather update for Sunday (August 2, 2026): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 2 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी तटों, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

 

तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

इन स्थानों पर हो सकती है मूसलाधार बारिश

गुजरात (सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र सहित) में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद 2 अगस्त को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मुंबई, ठाणे और तटीय महाराष्ट्र के इलाकों में ऑरेंज-येलो अलर्ट के बीच रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में में मूसलाधार बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में रुक-रुक कर भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी के कारण सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इन इलाकों में रहेगी बाढ़ की आशंका

गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और कोंकण क्षेत्र के निचले इलाकों में पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। 2 अगस्त को भी इन इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और शहरी जलभराव का जोखिम बना रहेगा। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण अचानक बाढ़ आने की आशंका है। 

प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°-35°C के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।

 

पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कई जिलों में 2 अगस्त से मानसून का नया स्पेल शुरू हो रहा है। कोलकाता, पटना और रांची में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान (जैसे कोटा, जयपुर, उदयपुर) और पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। बेंगलुरु में रुक-रुक कर झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। चेन्नई में बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।

 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तटीय और पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड संभावित रास्तों और तटीय इलाकों की यात्रा टालें। 

 

आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंका

गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्ट

महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादल

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंके

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Weather Forecast Tomorrow : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2026 के लिए मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश, तेज हवाओं के चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी जताया गया है और पूरे सूबे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

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इन 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

 

1 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

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पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किल

 

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।

 

ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

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पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

 

असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

गुजरात से केरल तक भी मौसम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार तट से दूर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिणी गुजरात से उत्तरी केरल तक फैले मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

कल 1 अगस्त मौसम की चेतावनी: बिहार से राजस्थान तक इन 20+ राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल

India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

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गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

गुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिश

इसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश भर में मानसून के एक्टिव होने से भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। आने वाला पूरा सप्ताह भी एक बार फिर जोरगार बारिश का गवाह बनने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने विस्तृत वीकली मौसम बुलेटिन में देश के 20 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के बड़े हिस्से में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। डिप्रेशन के असर से गुजरात रीजन में 31 जुलाई को अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश और 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में 2 अगस्त को भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

मध्य महाराष्ट्र में 31 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश और 2 व 3 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। कोंकण और गोवा में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 31 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी, पंजाब और राजस्थान तक उत्तर भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 31 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस दौरान भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 3 से 5 अगस्त तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 31 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा से लेकर 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में पूर्वी राजस्थान में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है जबकि पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का दौर

मध्य भारत में विदर्भ और मध्य प्रदेश पर बने डिप्रेशन का असर दिख रहा है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (आंधी में 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 31 जुलाई तथा 3 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 3 से 6 अगस्त तक भारी बारिश होगी। विदर्भ में 31 जुलाई, 1 अगस्त और 6 अगस्त को बारिश का जोर रहेगा, जबकि 1 से 4 अगस्त के बीच आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, बंगाल, ओडिशा और असम का पूर्वानुमान

पूर्व भारत में बिहार में 1 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और 1 से 6 अगस्त तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 से 6 अगस्त और ओडिशा में 2 से 6 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और झारखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 अगस्त को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को 50-60 किमी/घंटा (आंधी में 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल चलने की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 40 से 60 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

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बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

Yashasvini Raje Singh Support CJP

Yashasvini Raje Singh Support CJP: नीट धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के शांत होते ही एक बड़े राजनीतिक भूचाल ने दस्तक दे दी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हुए प्रदर्शन का सत्तारूढ़ भाजपा के ही एक बड़े नेता की बेटी ने खुलकर समर्थन किया है। पेशे से कंटेंट क्रिएटर यशस्विनी राजे सिंह ने न सिर्फ अपनी ही सरकार के नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी सरेआम मजाक उड़ाया है।

 

यूपी के फतेहपुर सदर से पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी ने सीजेपी का समर्थन करते हुए सीधे केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। 'अल जजीरा' को दिए इंटरव्यू में यशस्विनी ने प्रह्लाद जोशी को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाए जाने के फैसले पर तीखा तंज कसते हुए इसे 'एक बेहद भद्दा मजाक' करार दिया। ALSO READ: धमकी के बाद छिपकर रहे थे दीपके के माता-पिता, CJP नए आंदोलन की तैयारी में

 

पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया 'शहादत का ड्रामा'

नीट परीक्षा विवाद के बाद 25 जुलाई को जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया, तो यशस्विनी ने उनके पत्र की धज्जियां उड़ा दीं। यशस्विनी ने कहा कि इस्तीफे की भाषा देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि धर्मेंद्र प्रधान को अपने किए पर जरा भी पछतावा है या वे अपनी गलती मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्र की भाषा ऐसी है जैसे कोई खुद को 'शहीद' साबित करने की कोशिश कर रहा हो। 
 

गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा था कि वे छात्रों के नुकसान को रोकने और 'राष्ट्रविरोधी ताकतों' से देश को बचाने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

परिवार और पिता की राजनीति से पूरी तरह बनाई दूरी

बीजेपी नेता की बेटी होने के बावजूद यशस्विनी का यह रुख हर किसी को हैरान कर रहा है। हालांकि, यशस्विनी ने साफ किया कि वे पिछले साढ़े तीन सालों से अपने परिवार से अलग रह रही हैं। वे अपने पिता से राजनीति पर कोई बात नहीं करतीं और सालों से उनके निर्वाचन क्षेत्र भी नहीं गई हैं। यशस्विनी के मुताबिक, इसी आजादी और दूरी की वजह से वे बिना किसी पाखंड या डर के अपनी बात बेबाकी से रख पाती हैं।

कौन हैं यशस्विनी?

यशस्विनी राजे सिंह पेशे से एक कंटेंट क्रिएटर हैं। वे उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं। सिंह भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। यशस्विनी पिछले साढ़े तीन साल से अपने परिवार से अलग रहकर स्वतंत्र जीवन जी रही हैं और उन्होंने CJP के तहत जंतर-मंतर पर हुए नीट आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया है। ALSO READ: NEET विवाद, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, छात्रों के उत्पीड़न का लगाया आरोप

 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी भाजपा नेताओं, यहां तक कि वर्तमान सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहड़ ने भी सीजेपी प्रोटेस्ट का समर्थन किया था। अर्चिता ने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाते हुए स्टोरी पोस्ट की और लिखा- “पूरा भाजपा परिवार और मेरे संबंधी डीपी (धर्मेंद्र प्रधान) के साथ हैं, लेकिन मैं छात्रों के साथ हूं।

 

जब उनकी पोस्ट हटाने को लेकर दबाव बनाने के दावे सोशल मीडिया पर चले, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया कि वे अपनी पोस्ट डिलीट नहीं करेंगी। इनके साथ ही असम सरकार में कैबिनेट मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता ने भी सीजेपी का समर्थन किया था। 

SEOC Sachet Portal : आपदा के समय गुजरात की मजबूत सुरक्षा ढाल बना स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

State Emergency Operations Center served as robust security shield for Gujarat during disaster

State Emergency Operation Center : आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, लेकिन गुजरात सरकार ने आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के आधार पर ऐसा मजबूत आपदा प्रबंधन ढांचा विकसित किया है, जो संकट के समय लाखों नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) राज्य के प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल हब के रूप में 24 घंटे कार्यरत रहकर भूकंप, चक्रवात, बाढ़ सहित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान पूरे प्रशासनिक तंत्र का समन्वय करता है।

 

कच्छ भूकंप के बाद विकसित हुआ आधुनिक ढांचा

वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप से मिले अनुभवों के आधार पर गुजरात सरकार ने विश्वस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। आज SEOC राज्य के आपदा प्रबंधन का केंद्रबिंदु बन चुका है, जहां से राज्यभर के सभी जिला एवं तहसील स्तर के कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है।

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पूरे राज्य में त्रि-स्तरीय नेटवर्क

गुजरात का आपदा प्रबंधन केवल एक कंट्रोल रूम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। इसमें गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अलावा सभी 33 जिलों में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC), 248 तहसील इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (TEOC) तथा पांच क्षेत्रीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ERC) कार्यरत हैं। ये सभी केंद्र गुजरात स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (GSWAN) की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जुड़े हुए हैं।

 

'सचेत' पोर्टल से करोड़ों लोगों को समय पर चेतावनी

राज्य सरकार ने SEOC Sachet Portal और मास एसएमएस प्रणाली के माध्यम से अब तक प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 2864 करोड़ से अधिक अलर्ट संदेश भेजे हैं। इसके अलावा 6 करोड़ से अधिक मोबाइल एप उपयोगकर्ताओं और 5.3 लाख से अधिक वेब एक्सेस के जरिए नागरिकों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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आपदा के दौरान यदि सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाए, तब भी सैटेलाइट फोन, GSWAN हॉटलाइन, लैंडलाइन, ई-मेल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, पुलिस वायरलेस तथा हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रहती हैं।

 

विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय

SEOC भारतीय मौसम विभाग (IMD), इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR), ISRO, INCOIS, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज सहित विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय बनाए रखता है। इससे भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी, सूखा, हीटवेव, महामारी तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना संभव हो पाता है।

 

NDRF और SDRF की टीमें हमेशा तैयार

राज्य में जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF की 17 टीमें और SDRF की 32 टीमें तैनात रहती हैं। इसके अलावा आवश्यकता होने पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ भी सीधा समन्वय किया जाता है।

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24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन

आपदा के समय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर 1070 तथा जिला स्तर पर 1077 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे संचालित किए जाते हैं।

 

गुजरात की प्रमुख उपलब्धियां

गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2003 में अलग डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) की स्थापना की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए GSDMA को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित सासाकावा अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है।

 

'जीरो कैजुअल्टी' नीति की सफलता

हाल के वर्षों में आए बिपरजॉय और ताउते जैसे भीषण चक्रवातों के दौरान गुजरात सरकार ने समय रहते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर जनहानि को न्यूनतम रखने में सफलता हासिल की। इसके अलावा समुद्री तटों पर आधुनिक साइक्लोन शेल्टर, अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा 'आपदा मित्र' योजना के तहत हजारों स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर सामुदायिक आपदा प्रबंधन को भी मजबूत बनाया गया है।

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गुजरात की सुरक्षा ढाल

आधुनिक तकनीक, त्वरित संचार व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और प्रशिक्षित राहत एवं बचाव दलों के कारण गुजरात का स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) आज देश के लिए आपदा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को सफल बनाने में SEOC महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आपदा के समय लाखों नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है।

Top News 31 July: ITR भरने की आखिरी तारीख आज, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भिवंडी हादसा समेत 5 बड़ी खबरें

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Top News 31 July : आज इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है। मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी। संसद में एंटी पेपर लिक बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर जारी किया वीडियो मैसेज। प्रियंका गांधी की  IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई टिप्पणी पर बवाल। 31 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

ITR भरने की आज आखिरी तारीख

आईटीआर भरने की आज आखिरी तारीख है। अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो जल्द कर लें। समय पर आईटीआर भरने से आपका टैक्स रिकॉर्ड सही रहता है, ज्यादा कटा हुआ टैक्स वापस (रिफंड) मिल सकता है और बाद में जुर्माने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

IMD का 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

 

भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी

महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात एक निर्माणाधिन 4 मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। NDRF समेत कई टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी।

 

एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर क्या बोले पीएम मोदी?

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। ALSO READ: Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

 

प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर बवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई कथित ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 214 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर वाले एक खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद के प्रति अनुचित बताया गया है। ALSO READ: Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र एक्सपर्ट' टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज