Ather scooters get new battery packs, LFP cells on Rizta

Ather Rizta and 450X front side static images

Ather Energy has implemented a small but crucial change to the battery capacity of both the 450 and Rizta and has also debuted an entirely new chemistry on the Rizta.

  1. Rizta now comes with both LFP & NMC chemistries; 450 only gets NMC
  2. Smaller battery packs, but no drop in range
  3. Warranty and performance remain unaffected as do prices

Let’s first start with the Rizta because this model has seen a change to both its battery capacity as well as chemistry. Earlier, the Rizta used to ship with 2.9kWh and 3.7kWh NMC (Nickel Manganese Cobalt) battery packs. Now, Ather has revised the size of the packs to 2.7kWh and and 3.5kWh, respectively. The claimed IDC range of 123km for the smaller pack stays the same, but the bigger one sees a small increment, rising from a claimed 159km to 161km. This is very heartening to see as despite using fewer cells in the pack, Ather is able to eke out a little more range, which is a win-win situation for both the company as well as the consumer.

Another change, and this one is far more significant, Ather now also uses LFP (Lithium Ferrous Phosphate) chemistry battery packs on the Rizta. In most cases, LFP packs usually have lower energy density than equivalent NMC ones but Ather actually claims a small improvement in range despite using a smaller battery pack of the lower energy dense chemistry. A look at the table below will highlight the difference more clearly.

Model

Old battery / IDC range

New Battery / IDC range

Rizta 

2.9kWh / 123km

2.7kWh / 123km

Rizta 

3.7kWh / 159km

3.5kWh / 161km

An important thing to bear in mind is that the claimed performance, charging times and more importantly, battery warranty across all Ather e-scooters remain the same, no matter the size or chemistry of the battery pack powering it.

Another point to note is that Ather will continue to use NMC cells on the Rizta as well, so some scooters will come with LFP cells while others will be NMC. Customers won’t be able to opt for one of the other and which pack will be used will be based on supply. 

Coming to the sporty 450 models, these continue to be offered exclusively with the relatively more energy-dense NMC batteries and this is primarily because its more powerful motor puts greater demands on the battery to deliver peak performance. While the battery capacity on the 450 models has dropped from 3.7kWh to 3.5kWh, IDC range stays unaffected at 161km. The smaller battery pack continues to have a capacity of 2.9kWh and its 126km (450X) / 122km (450S) IDC range remains unchanged.

Model

Old battery / IDC range

New Battery / IDC range

450S

3.7kWh / 161km

3.5kWh / 161km

450X

3.7kWh / 161km

3.5kWh / 161km

As battery technology evolves and Ather’s engineering division makes advances, the company has been able to extract the same amount of range from a smaller battery pack. This allows the company to reduce its input and production costs, and also creates security against disruptions in the supply chain which is currently a significant challenge for the EV industry.

While these changes will have no negative impact to the customer experience, the prices for the scooters remain the same as before.

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी दे रहे कंसोलिडेशन के संकेत, निफ्टी के लिए 24000-23950 के जोन में तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : 16 जुलाई को निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में सोमवार की 260 अंको की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और आखिर में मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान कैंडलस्टिक पैटर्न से कोई साफ संकेत नहीं मिला। बाजार US-ईरान के बीच तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रहा। तकनीकी तौर पर,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। 24,000-23,950 का जोन (20 डे और 50 डे EMA) इंडेक्स के लिए मजबूत और तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है।

अगर इंडेक्स इन लेवल से नीचे गिरता है,तो यह कंसोलिडेशन फेज में जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो अपट्रेंड की संभावना बढ़ जाएगी। जानकारों के मुताबिक,ऐसी स्थिति में 24,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 24,500-24,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बन सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,023, 23,974 और 23,893

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,183, 24,233 और 24,313

सोमवार की लॉन्ग ग्रीन कैंडल के अंदर,डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इंडेक्स ने क्लोजिंग के आधार पर अपने 20-दिन के EMA को बनाए रखा और 50-दिन के EMA से काफी ऊपर रहा। हालांकि,यह क्लोजिंग के आधार पर 10-दिन और 100-दिन के EMA से ऊपर टिक नहीं पाया।

इसके अलावा,8 जुलाई को एक लंबी बेयरिश कैंडल बनने के बाद से यह फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 50% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बीच ट्रेड कर रहा है। RSI 52.31 पर है और MACD अपनी-अपनी सिग्नल लाइनों से नीचे बने हुए हैं,हालांकि पिछले एक हफ्ते से दोनों साइडवेज चल रहे हैं। ये सभी बातें किसी खास दिशा में तेजी की कमी और लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,048, 58,190 और 58,421

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,587, 57,444 और 57,214

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने से पहले ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। इसने एक छोटी बॉडी वाली हरी कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी विक (wick)लंबी थी। यह रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली के दबाव का संकेत है। प्रॉफ़िट बुकिंग के बावजूद,बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। 50-दिन का EMA भी लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जो मार्केट के बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है।

यह लगातार चौथे सेशन में भी 1,000-पॉइंट की रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI 55.05 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा और साइडवेज चलता रहा, जबकि MACD भी अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा और नीचे की ओर बढ़ता रहा। हिस्टोग्राम लगातार सातवें सेशन में भी रेड ज़ोन में रहा। ये सभी बातें कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं,हालांकि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 3.49% की गिरावट आई और यह 13.27 पर आ गया। साथ ही यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के आसपास बना रहा। जब तक यह 15 के लेवल से नीचे रहता है,तब तक बुल्स को किसी बड़े जोखिम का सामना करने की संभावना कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 15 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से गिरकर 0.95 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 16 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद नजर आ रही है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,112 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार खत्म हुआ। सुबह हुई अच्छी बढ़त का अधिकांश हिस्सा बाद में कम हो गया,क्योंकि बैंकिंग, कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी ने मेटल,IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी के असर को खत्म कर दिया था। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,078.50 पर सेटल हुआ था।

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी है। इस हमले से ईरान भड़क गया है। उसकी तरफ से कह गया है कि जब तक US हमारी शर्तें नहीं मानेगा तब तक हॉर्मुज बंद रहेगा। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। वेस्ट एशिया टेंशन के बीच क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बरकरार है।

बाजार के लिए मिले-जुले संकेत, गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त

सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 2100 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई है। हालांकि इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs ने 3000 शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए हैं।

एशियाई बाजारों में गिरावट, बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों से संकेत अच्छे नहीं है। इनमें गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई तीन फीसदी तो कॉस्पी 7 फीसदी फिसला है। डाओ फ्यूचर्स भी फ्लैट कारोबार कर रहा है। उधर अमेरिका में चिप शेयरों में फिर बिकवाली दिखी है। हालांकि उतार-चढ़ाव के बीच US INDICES बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 अंक या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया,S&P 500 में 28.83 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,572.42 पर आ गया। नैस्डैक कम्पोजिट 162.22 अंक या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर पहुंच गया।

HDFC लाइफ के नतीजे अच्छे, ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा 46% घटा

पहली तिमाही में HDFC LIFE के नतीजे अच्छे रहे हैं। इसका न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़ा है। वहीं annual premium equivalent यानी APE में करीब 9% की बढ़त देखने को मिली है। VNB Margin हालांकि फ्लैट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ICICI LOMBARD का मुनाफा 46% घटा है। लेकिन Net Premier Earned में 16% की बढ़त रही।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, आज इन शेयरों पर रखें फोकस

एंजेल वन के Q1 मुनाफे और मार्जिन पर दबाव, HDB फाइनेंस के मुनाफे में 38% का उछाल

पहली तिमाही में एंजेल वन के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसका मुनाफा 27 परसेंट घटा है। आय पर भी दबाव देखने को मिला है। मार्जिन में 7 परसेंट की कमी आई है। उधर, HDB फाइनेंस का मुनाफा 38 परसेंट बढ़ा है। ब्याज से कमाई भी 20 परसेंट बढ़ी है।

टेक महिंद्रा,विप्रो,जियो फाइनेंस के नतीजे आज, वायदा की तीन कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

निफ्टी की तीन कंपनियां,टेक महिंद्रा,विप्रो और जियो फाइनेंस के रिजल्ट आज आएंगे। टेक महिंद्रा का Constant Currency Revenue एक परसेंट बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार संभव है। वहीं लार्ज कैप IT में विप्रो सबसे कमजोर रिजल्ट पेश कर सकती है। दूसरी ओर वायदा में BHEL,पॉलीकैब और 360 ONE के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटी

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है। डीजल एक्सपोर्ट पर 15.5 रुपए प्रति लीटर तो ATF एक्सपोर्ट पर 14.5 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी। ये दरें पहले के मुकाबले करीब दोगुनी कर दी गई हैं। वहीं पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास दिख रहा है। महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात को बल मिला है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा,जबकि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी का जोखिम भी पैदा हो गया है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.46 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेज़री बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.55% और 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त दिख रही है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है,जिसमें 0.18% की मज़बूती आई है। इसके बाद इंडोनेशियन रुपिया का नंबर है जिसमें 0.13% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी में 0.09% और फिलीपीन पेसो में भी 0.09% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर और जापानी येन में 0.07% की बढ़त हुई है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की मामूली बढ़त नजर आ रही है।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन अपने सबसे कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.06% की गिरावट आई है। जबकि थाई बहत भी पिछले क्लोज़ के मुकाबले 0.03% गिरकर ट्रेड कर रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; तीन लिस्टिंग और SBI, HDFC Bank, Exide समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 15 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 130.49 प्वाइंट्स यानी 0.17% के उछाल के साथ 77,185.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 26.45 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़, आईटीसी होटल्स, 360 वन WAM, 5पैसा कैपिटल, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), सिएट, मुथूट कैपिटल सर्विसेज, पिरामल फाइनेंस, पॉलीकैब इंडिया, साउथ इंडियन बैंक, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी और वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

HDFC Life Insurance Company Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का स्टैंडएलोन न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़कर ₹8,143 करोड़, APE (एनुअल प्रीमियम इक्विवैलेंट) 9% उछलकर ₹3,515 करोड़, रिटेल एपीई 7% बढ़कर ₹2,969 करोड़ और VNB (वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस) 9% चढ़कर ₹879 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान वीएनबी मार्जिन 25.1% से गिरकर 25% पर आ गया।

ICICI Lombard General Insurance Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 46% घटकर ₹403.2 करोड़ रह गया लेकिन प्रीमियम से नेट कमाई 15.8% बढ़कर ₹5,950 करोड़ और नेट कमीशन 32.9% उछलकर ₹1,250.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट तेजी से 64.3% फिसलकर ₹233.8 करोड़ पर आ गया तो अंडरराइटिंग लॉस बढ़कर ₹293.14 करोड़ से ₹629.88 करोड़ पर पहुंच गया।

Network18 Media & Investments Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नेटवर्क18 मीडिया एंड इंवेस्टमेंट्स का कंसालिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10.3% बढ़कर ₹516 करोड़, ईबीआईटीडीए ₹4 करोड़ से ₹8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 0.9% से 1.5% पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हैथवे का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 78% गिरकर ₹2.3 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 12.4% उछलकर ₹1,015.4 करोड़ पर पहुंच गया।

HDB Financial Services Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का प्रॉफिट 38.3% बढ़कर ₹785 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 20% उछलकर ₹2,509 करोड़ पर पहुंच गया।

Angel One Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 102.2% बढ़कर ₹231.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.4% उछलकर ₹1,429.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Sai Silks (Kalamandir) Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साई सिल्क्स (कलामंदिर) का प्रॉफिट 14.7% गिरकर ₹25.6 करोड़ और रेवेन्यू 1% फिसलकर ₹375.1 करोड़ पर आ गया।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स सालाना आधार पर ₹270.7 करोड़ के घाटे से ₹945.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 120.4% बढ़कर ₹38,254.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Jana Small Finance Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रॉफिट 52% बढ़कर ₹155 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 33.4% उछलकर ₹782 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही आधार पर ग्रास एनपीए 2.46% से गिरकर 2.39% और नेट एनपीए 0.92% से 0.91% पर आ गया यानी एसेट क्वालिटी सुधरी है।

Himadri Speciality Chemical Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हिमाद्रि स्पेशल्टी केमिकल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 26.3% बढ़कर ₹229.5 करोड़ और रेवेन्यू 28% उछलकर ₹1,431.9 करोड़ पर पहुंच गया।

मंथली बिजनेस अपडेट

GMR Airports (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर पैसेंजर ट्रैफिक 0.3% कम हुआ। घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक 0.4% कम हुआ तो इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक 0.1% बढ़ा। एयरक्राफ्ट यानी जहाजों की आवाजाही 2.4% कम हुई।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

State Bank of India (SBI)

सुनील रामगोपाल अग्रवाल 15 जुलाई से एसबीआई में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (डेजिनेट) के तौर पर शामिल हुए हैं। उन्हें 1 अगस्त से बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद मिल जाएगा।

Ather Energy

एथर एनर्जी के बोर्ड ने हीरो मोटोकॉर्प को प्रेफरेंशियल आधार पर 76.19 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दी है। प्रति वारंट ₹1,260 के जरिए कंपनी ₹960 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके अलावा कंपनी ने 15 जुलाई को QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) इश्यू लॉन्च किया और इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,169.70 फिक्स किया है जिसमें यह 5% तक का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Adani Power

अदाणी पावर ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के साथ 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) किया है। इसके तहत यह DBFOO (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट) मॉडल पर बनने वाले 2×800 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट से 1,600 MW बिजली की सप्लाई करेगी। पावर प्लांट के लिए कोयले की सप्लाई (कोल लिंकेज) केंद्र सरकार की शक्ति (SHAKTI) पॉलिसी के तहत तय की गई है।

India Pesticides

इंडिया पेस्टिसाइड्स को यूरोपियन यूनियन में अपने एक फंगीसाइड यानी फफूंदी खत्म करने वाले एक प्रोडक्ट के लिए टेक्निकल इक्विवेलेंस (TEQ) मंजूरी मिल गई है। इससे यूरोपियन मार्केट में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी और एक्सपोर्ट बिजनेस मजबूत होगा।

HDFC Bank

आरबीआई ने 15 जुलाई से तीन साल के लिए एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है। केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बने रहेंगे।

NTPC Green Energy

ओएनजीसी एनटीपीसी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी अयाना रिन्यूएबल पावर ने SECI (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) की ई-रिवर्स नीलामी में सफल बोली लगाई है। यह टेंडर भारत में टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत 2,000 MW के ISTS-कनेक्टेड विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए विंड पावर डेवलपर्स को चुनने के लिए था। अयाना ने ₹3.85 प्रति kWh के टैरिफ पर 50 MW की क्षमता हासिल की।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज ने राइट्स इश्यू के जरिए अपनी सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस (EESL) में ₹100 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश के साथ EESL में एक्साइड इंडस्ट्रीज का कुल निवेश बढ़कर ₹4,902.23 करोड़ हो गया है।

TVS Holdings

टीवीएस होल्डिंग्स की सब्सिडियरी होम क्रेडिट इंडिया ने ₹967 करोड़ में वर्थाना फाइनेंस में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है।

बल्क डील्स

Mrs Bectors Food Specialities

एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने प्रति शेयर ₹168.97 के भाव पर मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज के 29.39 लाख शेयर (0.95% हिस्सेदारी) ₹49.67 करोड़ में खरीद ली।

One Mobikwik Systems

विदेशी निवेशक एफएलसी इन्वेस्टको एलएलसी ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स के 7.12 लाख शेयर (0.9% हिस्सेदारी) ₹16.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹232.02 के भाव पर बेच दिए। मार्च 2026 तक एफएलसी इन्वेस्टको की कंपनी में 1.16% हिस्सेदारी (9.15 लाख शेयर) थी।

Safety Controls & Devices

वीबीक्यूब वेंचर्स ने अपनी दो स्कीमों के जरिए सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में ₹1.88 करोड़ में 1.27% हिस्सेदारी बेच दी। इसमें से वीबीक्यूब वेंचर्स फंड ने प्रति शेयर ₹74.65 और वीबीक्यूब वेंचर्स फंड II ने ₹74.60 के भाव पर 1.26 लाख शेयर बेचे। 10 अप्रैल तक दोनों फंडों के पास सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में 1.27% हिस्सेदारी (2.51 लाख शेयर) थे।

Jupiter Life Line Hospitals

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जुपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स के 9.37 लाख शेयर (1.42% होल्डिंग) ₹139 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,483.50 के भाव पर दो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स से खरीदे। मितुल नितिन ठक्कर ने ₹89.01 करोड़ के 6 लाख शेयर तो अरविंद राव कामिनी ने ₹49.99 करोड़ के 3.37 लाख शेयर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी मितुल की हिस्सेदारी 1.22% (7.99 लाख शेयर) और कामिनी के पास 1.63% हिस्सेदारी (10.66 लाख शेयर) थी।

TCI Express

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने एचडीएफसी म्यूचुअल फंड से टीसीआई एक्सप्रेस के 5 लाख शेयर (1.3% हिस्सेदारी) ₹28.1 करोड़ में प्रति शेयर ₹562 के भाव पर खरीदे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार एचडीएफसी एएमसी की लार्ज एंड मिड कैप फंड के ज़रिए टीसीआई एक्सप्रेस में 4.04% हिस्सेदारी थी, तो निप्पॉन इंडिया मल्टी कैप फंड के जरिए निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी की हिस्सेदारी 3.02% थी।

लिस्टिंग

लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो देवसन कैटेलिस्ट की बीएसई एसएमई और हैप्पी स्टील्स की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एडोर वेल्डिंग, बीएंडए पैकेजिंग इंडिया, बनारस होटल्स, कोरोमंडल इंटरनेशनल, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन, जीआरपी, वेजमन (Weizmann), विंडलास बायोटेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो फ्रेडुन फार्मा के बोनस के साथ-साथ प्रॉपशेयर सेलेस्टिया, प्रॉपशेयर प्लैटिना और प्रॉपशेयर टाइटेनिया एसएम आरईआईटी के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today : चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7% गिरा, निक्केई 2% से ज्यादा टूटा, जानें ग्लोबल मार्केट में कहां है हलचल

Asian Market : टेक्नोलॉजी शेयरों के ओवरवैल्यूएशन और मिडिल ईस्ट में चल रहे US-ईरान युद्ध की चिंताओं के बीच गुरुवार को एशियाई मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है । निक्केई करीब 2.69 फीसदी की गिरावट के साथ 66,903.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

ताइवान का बाजार 1.12फीसदी गिरकर 45,160.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.76 फीसदी की बढ़त के साथ 25,116.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 6.14 फीसदी की गिरावट के साथ 6,825.53 के स्तर पर कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 3,936.40 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार को US स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि महंगाई के नरम आंकड़ों ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को बेहतर बनाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 पॉइंट्स या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.83 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,572.42 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 162.22 पॉइंट्स या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 0.33% बढ़ी, AMD के शेयर 3.46% गिरे, इंटेल के शेयर 4.43% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 8.02% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.78% बढ़े, अमेज़न के शेयर 3.02% बढ़े, एप्पल के शेयर 4.01% बढ़े, मेटा के शेयर 3.07% बढ़े, पेपाल के शेयर 16.87% उछले, जबकि टेस्ला के शेयर 0.43% गिरे, और स्पेसएक्स के शेयर 0.60% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US ने हमलों की दो नई लहर शुरू की, जिसमें ईरानी मिलिट्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आज़ादी से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया गया था। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक US अपने “आक्रामक कामों” को खत्म नहीं कर देता, साथ ही चेतावनी दी कि दूसरे क्षेत्रीय तेल एक्सपोर्ट रूट भी निशाना बन सकते हैं।

US प्रोड्यूसर प्राइस

US प्रोड्यूसर प्राइस जून में अचानक गिर गए, जो 14 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट थी। फ़ाइनल डिमांड के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पिछले महीने 0.3% गिरा, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी, मई में 0.6% की कमी के बाद। रॉयटर्स द्वारा पोल किए गए अर्थशास्त्रियों ने मई में पहले बताई गई 1.1% की बढ़त के बाद PPI में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया था।

बैंक ऑफ़ कोरिया पॉलिसी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के सेंट्रल बैंक ने साढ़े तीन साल में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 2.75% कर दी। बैंक ऑफ़ कोरिया के सात सदस्यों वाले मॉनेटरी पॉलिसी बोर्ड ने सात दिन के रीपरचेज रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के लिए वोट किया।

कच्चे तेल की कीमतें

ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर US के नए हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई में रुकावट की आशंका के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $85.28 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.5% बढ़कर $80.02 प्रति बैरल हो गया।

आज सोने का रेट

हाल के US डेटा से पता चला कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है, इसलिए सोने की कीमतें स्थिर रहीं। स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,056.59 प्रति औंस पर थोड़ी बदली, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,062.50 हो गया। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.3% गिरकर $57.61 प्रति औंस हो गई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Semiconductor Mission 2.0: सरकार की ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर स्कीम, इन 10 स्टॉक्स को मिल सकता है तगड़ा फायदा

Semiconductor Mission 2.0: केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार का फोकस सिर्फ चिप फैक्ट्री लगाने पर नहीं है। अब चिप डिजाइन, मशीनें, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग, रिसर्च और पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित किया जाएगा।

ऐसे में कई भारतीय कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 10 कंपनियों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Tata Electronics

टाटा ग्रुप भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब लगाने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी पहले से इस सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है। ISM 2.0 से इसके विस्तार को और रफ्तार मिल सकती है।

CG Power & Industrial Solutions

CG Power सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है। कंपनी की चिप मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को सरकार की नई नीति से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।

Kaynes Technology

Kaynes Technology पहले ही सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक्टिव है। सरकार की ATMP और OSAT पर बढ़ती फोकस से कंपनी को फायदा हो सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में काम करती है। ISM 2.0 में डिजाइन कंपनियों को बढ़ावा मिलने से इसके लिए नए अवसर बन सकते हैं।

Dixon Technologies

Dixon भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन मजबूत होने का फायदा इसे भी मिल सकता है।

Syrma SGS Technology

Syrma SGS इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB असेंबली में काम करती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार से कंपनी का कारोबार बढ़ सकता है।

MosChip Technologies

MosChip चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेवाएं देती है। सरकार का डिजाइन और IP डेवलपमेंट पर जोर कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

HCL Technologies

HCLTech चिप डिजाइन और इंजीनियरिंग R&D सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ काम करती है। भारत में डिजाइन इकोसिस्टम बढ़ने से नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।

Tata Consultancy Services (TCS)

टटा ग्रुप यह आईटी कंपनी TCS सेमीकंडक्टर, AI और इंजीनियरिंग सेवाओं में दुनिया की कई चिप कंपनियों के साथ काम करती है। घरेलू निवेश बढ़ने से इस कारोबार में भी तेजी आ सकती है।

Cyient

Cyient सेमीकंडक्टर डिजाइन, एम्बेडेड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाएं देती है। नई नीति से इस क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह समझना जरूरी है कि सरकार ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया है। इस लिस्ट में कंपनियां उनके मौजूदा कारोबार और सेमीकंडक्टर सेक्टर में मौजूदगी के आधार पर चुनी गई हैं।

ISM 2.0 से इन्हें नए ऑर्डर, निवेश या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों को तुरंत या समान रूप से फायदा होगा। निवेश का फैसला हमेशा कंपनी के नतीजों, वैल्यूएशन और भविष्य की योजनाओं को देखकर ही करना चाहिए।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 16 जुलाई को इन 12 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 16 जुलाई के कारोबार के दौरान कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। इसकी वजह तिमाही नतीजे, बड़े ऑर्डर, अहम नियुक्तियां और कारोबार से जुड़े नए अपडेट हैं। आइए जानते हैं कि गुरुवार के कारोबारी सत्र में कौन से 12 स्टॉक्स निवेशकों और ट्रेडर्स के रडार पर रहेंगे।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank के पार्टटाइम चेयरमैन के रूप में राजीव कुमार की नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 15 जुलाई 2026 से तीन साल के लिए प्रभावी होगी।

Adani Power

पावर कंपनी Adani Power ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के साथ 25 साल के लिए 1,600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का समझौता किया है। इससे कंपनी के लंबे समय के रेवेन्यू को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Jana Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Jana Small Finance Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 52.3% बढ़कर ₹155 करोड़ हो गया। NII 33.6% बढ़कर ₹783 करोड़ रही। वहीं, ग्रॉस NPA 2.46% से घटकर 2.39% पर आ गया।

Sai Silks (Kalamandir)

रिटेल और एथनिक वियर कंपनी Sai Silks (Kalamandir) का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 14.7% घटकर ₹26 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 1% घटकर ₹375 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 15% से घटकर 13.8% पर आ गया।

TVS Holdings

ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज समूह TVS Holdings की सहायक कंपनी Home Credit India, Varthana Finance में 100% हिस्सेदारी ₹967 करोड़ में खरीदेगी। इस अधिग्रहण से कंपनी की वित्तीय सेवाओं के कारोबार का विस्तार होगा।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल कंपनी Himadri Speciality Chemical ने जून तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 26.3% बढ़कर ₹230 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹182 करोड़ था।

HDFC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का VNB और VNB मार्जिन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रोटेक्शन बिजनेस और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 38.3% बढ़कर ₹785 करोड़ पहुंच गया। यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा है।

Angel One

फिनटेक और ब्रोकिंग कंपनी Angel One का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में सालाना आधार पर 102% बढ़ गया। रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त रही। बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन से कंपनी का प्रॉफिट मजबूत हुआ।

Network18 Media & Investments

मीडिया कंपनी Network18 Media & Investments का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू जून तिमाही में 10% बढ़कर ₹516 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹468 करोड़ था।

ICICI Lombard General Insurance

जनरल इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% घटकर ₹403 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹747 करोड़ था। एकमुश्त खर्च (Exceptional Items) की वजह से कंपनी की कमाई पर असर पड़ा।

India Pesticides

एग्रोकेमिकल कंपनी India Pesticides को अपने एक फंगीसाइड प्रोडक्ट के लिए यूरोपीय संघ (EU) से Technical Equivalence (TEQ) की मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को आरबीआई की मंजूरी

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

India Semiconductor Mission (ISM 2.0): केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को India Semiconductor Mission (ISM 2.0) को मंजूरी दे दी। इस मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है। यह पहले चरण के ₹76,000 करोड़ से करीब 68% ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। अब पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन भारत में तैयार करने पर जोर रहेगा, ताकि देश आयात पर कम निर्भर हो और दुनिया का बड़ा चिप हब बन सके।

आखिर ISM 2.0 में नया क्या है?

पहले चरण यानी ISM 1.0 का फोकस चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लाने पर था। अब ISM 2.0 का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। सरकार अब चिप डिजाइन से लेकर मशीनें, केमिकल, गैस, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग और रिसर्च तक पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करना चाहती है।

6 बड़े पिलर पर तैयार हुआ मिशन

सरकार ने ISM 2.0 को छह बड़े हिस्सों में बांटा है।

  • सबसे पहले भारत को चिप डिजाइन के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाएगा। सरकार स्टार्टअप और डिजाइन कंपनियों को मदद देगी, ताकि वे दुनिया के लिए चिप डिजाइन कर सकें।
  • दूसरा फोकस सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर रहेगा। चिप बनाने वाली मशीनें, स्पेशलिटी केमिकल, गैस और जरूरी कच्चा माल देश में ही तैयार करने की कोशिश होगी।
  • तीसरे चरण में नई सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब और दूसरी निर्माण इकाइयों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
  • चौथा लक्ष्य ATMP और OSAT यानी चिप की एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता को मजबूत करना है।
  • पांचवें हिस्से में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ मौजूदा तकनीक तक सीमित न रहे, बल्कि अगली पीढ़ी की चिप टेक्नोलॉजी भी विकसित करे।
  • छठा फोकस स्किल डेवलपमेंट पर होगा। इस सेक्टर के लिए बड़ी संख्या में इंजीनियर और एक्सपर्ट तैयार किए जाएंगे।

105 स्टार्टअप पहले से कर रहे हैं काम

सरकार के मुताबिक, देश में 105 स्टार्टअप पहले से सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं। नई योजना के तहत इन्हें तकनीकी और वित्तीय मदद दी जाएगी। सरकार चाहती है कि भारत चिप डिजाइन के क्षेत्र में भी दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो।

2028 तक शुरू हो सकती है पहली चिप फैक्ट्री

सरकार ने कहा है कि भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) यूनिट 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे देश में चिप निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी।

पहले चरण में क्या हासिल हुआ?

सरकार के मुताबिक, India Semiconductor Mission (ISM) 1.0 के तहत अब तक 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले फैब और 9 पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं। इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश को मंजूरी मिली है।

Micron, Kaynes और CG Semi में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। एक और यूनिट इस साल के अंत तक प्रोडक्शन शुरू कर सकती है।

68 हजार छात्रों को मिली ट्रेनिंग

सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए कुशल ह्यूमन रिसोर्स भी तैयार कर रही है। अभी 315 विश्वविद्यालयों में आधुनिक Electronic Design Automation (EDA) टूल्स के जरिए पढ़ाई हो रही है। अब तक 68,000 से ज्यादा छात्रों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

बड़ी कंपनियों की भी दिलचस्पी

भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में विदेशी कंपनियों का भरोसा भी बढ़ रहा है। AMD और Applied Materials ने 40-40 करोड़ डॉलर, Microchip Technology ने 30 करोड़ डॉलर, Lam Research ने 110 करोड़ डॉलर और KLA ने 40 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।

वहीं ASML, Merck और IBL Electron ने टाटा ग्रुप के साथ समझौते किए हैं। इनका मकसद भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि भारत सिर्फ चिप आयात करने वाला देश नहीं बनना चाहता। सरकार का लक्ष्य पूरी वैल्यू चेन भारत में तैयार करना है। आने वाले वर्षों में भारत की सेमीकंडक्टर मांग 50 अरब डॉलर से बढ़कर 100 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार चाहती है कि इस बढ़ती मांग का बड़ा हिस्सा देश में ही पूरा हो।मजबूत बनाना है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बड़ी चेतावनी! अगर आप भी पीते हैं सिगरेट या शराब, तो आज ही जान लें हेल्थ इंश्योरेंस का यह नियम वरना फंस जाएगा क्लेम!

Smoking Impact Health Insurance Premium & Claims: जब भी लोग अपने लिए कोई नया हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं, तो उनका पूरा ध्यान पॉलिसी के कवरेज, प्रीमियम की लागत और कैशलेस अस्पतालों के नेटवर्क पर ही होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसी देने से पहले एक और बेहद महत्वपूर्ण चीज पर पैनी नजर रखती हैं? वह है आपका लाइफस्टाइल।

स्मोकिंग और अत्यधिक शराब पीने जैसी आदतें इंश्योरेंस कंपनियों के लिए जोखिम का आकलन करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। अधिकांश लोगों को यह अंदाजा नहीं होता कि ये आदतें प्रीमियम की कीमतों और पॉलिसी की शर्तों को कितना प्रभावित कर सकती हैं। आइए समझते हैं कि सिगरेट और शराब की लत से आपके हेल्थ इंश्योरेंस पर क्या असर पड़ता है।

धूम्रपान करने वालों के लिए क्यों महंगा होता है इंश्योरेंस?

मेडिकल साइंस में धूम्रपान को कई गंभीर बीमारियों की मुख्य वजह माना गया है। सिगरेट पीने से दिल की बीमारी, स्ट्रोक, कैंसर और सांस से जुड़ी कई खतरनाक बीमारियां होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

चूंकि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के बीमार होने की संभावना गैर-धूम्रपान करने वालों से अधिक होती है, इसलिए इंश्योरेंस कंपनियां उनसे समान कवरेज के लिए भी ज्यादा प्रीमियम वसूलती हैं।

कई मामलों में कंपनियां पॉलिसी जारी करने से पहले मेडिकल टेस्ट कराने की मांग भी कर सकती हैं। यह एक्स्ट्रा लागत आपकी उम्र, पहले से मौजूद बीमारियों और आप कितनी मात्रा में धूम्रपान करते हैं, इस पर निर्भर करती है।

शराब पीने की आदत का पॉलिसी पर क्या असर होता है?

अल्कोहल का सेवन करने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रीमियम हमेशा बढ़े, ऐसा जरूरी नहीं है। इंश्योरेंस कंपनियां रिस्क का आकलन करते समय आपकी ड्रिंकिंग फ्रीक्वेंसी और वॉल्यूम की जांच करती हैं। अत्यधिक शराब पीने से लिवर, दिल और शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी गंभीर बीमारियां होने का जोखिम रहता है।

अगर मेडिकल इवैल्यूएशन में शराब की वजह से स्वास्थ्य जोखिम अधिक पाया जाता है, तो कंपनियां प्रीमियम की रकम को बढ़ा देती हैं। आप कितनी भी कम मात्रा में शराब पीते हों, इसका खुलासा फॉर्म में करना बेहद अनिवार्य है।

पॉलिसी लेते समय सच बताना क्यों है बेहद जरूरी?

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण नियम है पूरी ईमानदारी। प्रपोजल फॉर्म भरते समय आवेदकों को तंबाकू, धूम्रपान और शराब के सेवन से जुड़ी सभी आदतों का बिल्कुल सही-सही जानकारी देना चाहिए।

अगर कोई निवेशक अपनी इन आदतों को छुपाता है, तो भविष्य में क्लेम के समय बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। गैर-प्रकटीकरण की स्थिति में कंपनियां क्लेम को रोककर मामले की गहन जांच शुरू कर देती हैं।

EPF New Rules: बदल गए पीएफ के नियम! ₹1 लाख का एक्स्ट्रा फायदा, विड्रॉल लिमिट और क्लेम पर बड़ा अपडेट; 10 पॉइंट्स में समझें

शुरुआत में ही सही और पूरी जानकारी देने से पॉलिसी सही शर्तों पर जारी होती है, जिससे भविष्य में क्लेम सेटलमेंट के दौरान किसी भी तरह के विवाद या क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना खत्म हो जाती है।

क्या स्मोकिंग या शराब पीने वालों का क्लेम रिजेक्ट हो जाता है?

केवल स्मोकिंग या शराब पीने की आदत होने की वजह से ही आपका क्लेम खारिज नहीं किया जाता है। असल समस्या तब आती है जब आपने पॉलिसी लेते समय इस बात को छिपाया हो। अगर आपने आवेदन के दौरान अपनी आदतों की बिल्कुल सटीक जानकारी दी है और आप पॉलिसी के नियमों व शर्तों का पालन कर रहे हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी बिना किसी रुकावट के आपके क्लेम को पास करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या धूम्रपान करने वालों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम हमेशा ज्यादा होता है?

जवाब: हां, अधिकांश मामलों में ऐसा ही होता है। धूम्रपान की वजह से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के कारण कंपनियों की नजर में ऐसे लोग ‘हाई-रिस्क’ केटेगरी में आते हैं, जिससे उनका प्रीमियम बढ़ जाता है।

2. क्या कभी-कभार शराब पीने से भी प्रीमियम पर असर पड़ता है?

जवाब: इसका सीधा असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शराब पीने की मात्रा से आपके बीमार होने की संभावना कितनी बढ़ रही है। हालांकि, इसकी जानकारी देना हर हाल में जरूरी है।

3. क्या क्लेम के समय धूम्रपान की आदत छिपाना भारी पड़ सकता है?

जवाब: बिल्कुल, अगर क्लेम के दौरान यह पाया गया कि आपने अपनी इस आदत को कंपनी से छिपाया था, तो आपकी क्लेम प्रक्रिया बेहद जटिल हो सकती है और क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।

Trading Plan : इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं, अभी इंट्राडे ही रहना है

Trading Plan : आज बाजार में तेजी टिक नहीं टिक पाई। निफ्टी ऊपरी स्तरों से 150 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 24050 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी ऊपरी स्तरों से करीब 400 अंक फिसला है। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप में रौनक कायम है। सरकारी बैंक,कैपिटल गुड्स और केमिकल शेयरों में अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। कैपिटल गुड्स में ABB,हिताची एनर्जी और GVT&D चार से पांच फीसदी तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं IT, मेटल और FMCG में हल्की नरमी है।

कैबिनेट से फर्टिलाइजर और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिला है। सूत्रों के मुताबिक यूरिया सेक्टर में इन्वेस्टमेंट से लिए गए 3 बड़े फैसले लिए गए हैं। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI 2.0 को भी हरी झंडी मिल गई है। इस खबर के चलते आरसीएफ,एनएफएल,फैक्ट,चंबल फर्टिलाइजर,डिक्शन टेक और अंबर जैसे शेयरों में एक्शन देखने को मिल रहा है।

बाजार: नहीं टिक पायी रैली?

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार अच्छी शुरुआत के बाद अचानक लड़खड़ाया। एक्जैक्ट 24,200-24,250 के जोन से निफ्टी फिसला। हमने सुबह बिकवाली के लिए इन्ही स्तरों की चर्चा की थी। बैंक निफ्टी भी ऊपरी स्तरों से हल्का हुआ है। हालांकि कुल मिलाकर आज का दिन बढिया ही रहा है। एडवांस/डिक्लाइन पूरे दिन अच्छा रहा। इंडिया VIX में भी आज नीचे का ही मूव रहा। IT में दोनों तरफ की चाल मिली। LTTS चला,लेकिन टाटा एलेक्सी गिरा। बडा सवाल यह है कि क्या अब हम एक रेंज में फंस गए हैं?

बाजार: अब क्या?

निफ्टी अब बेहद साफ रेंज में दिख रहा है। 23,800-24,300 की बेसिक रेंज है और 23,250 के करीब बिकवाली आती है। लेकिन 23,900-23,950 पर खरीदारी भी आती है। इसीलिए हमारा नजरिया भी इंट्रा-डे रहने का है और इसी रेंज को स्मार्टली प्ले करना है। बैंक निफ्टी में फिलहाल कोई बडी ट्रेड नहीं है। स्टॉक स्पेसिक मौके अभी भी शानदार हैं।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950-24,050 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,400 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं। अभी इंट्राडे ही रहना है। चुनिंदा शेयरों में मौके ज्यादा अच्छे हैं

 

 

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