Stocks to Watch: 8 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार, 8 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर फोकस में रह सकते हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, FPO, OFS, निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान शामिल हैं। अगर आप ट्रेडिंग या निवेश की तैयारी कर रहे हैं, तो इन शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।

Rashtriya Chemicals and Fertilizers

सरकारी उर्वरक कंपनी Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd के बोर्ड ने 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) लाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों, डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स और DIPAM की मंजूरी अभी बाकी है।

Cochin Shipyard

सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd के ऑफर फॉर सेल (OFS) को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। यह इश्यू 3.52 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसकी जानकारी DIPAM सचिव ने दी।

Uno Minda

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Uno Minda Ltd ने पैसेंजर व्हीकल सीटिंग सिस्टम कारोबार में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इस पर करीब 320 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

Poonawalla Fincorp

NBFC कंपनी Poonawalla Fincorp Ltd ने 200 करोड़ रुपये तक के टियर-II नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड के 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट में L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने से जुड़ा है।

Silver Touch Technologies

आईटी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी Silver Touch Technologies Ltd को RITES Ltd से बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी PARAKH नाम का AI बेस्ड प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट्स की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की जांच में मदद करेगा।

Pondy Oxides and Chemicals

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Pondy Oxides and Chemicals ने शेयर स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट 21 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों को 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटेगी। इस प्रस्ताव को 2 जुलाई को पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ)

ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के हेड-इन्वेंट्री (गोल्ड) संजय बिलिमोरिया ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 8 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने दूसरे करियर अवसरों के लिए यह फैसला लिया है।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller ने कर्जमुक्त बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसने 14 बैंकों के कंसोर्टियम में शामिल 2 बैंकों का पूरा कर्ज चुका दिया है। यह भुगतान 30 सितंबर 2024 के सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत किया गया है।

Titan

ज्वेलरी और लाइफस्टाइल कंपनी Titan Company की AAA (Stable) लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग ICRA ने बरकरार रखी है। एजेंसी ने कंपनी के 3,000 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम, 14,750 करोड़ रुपये की वर्किंग कैपिटल सुविधाओं और 1,000 करोड़ रुपये के टर्म लोन की रेटिंग भी दोहराई है।

IndiGo

एयरलाइन कंपनी IndiGo के शेयरों पर नजर रहेगी। DGCA के मुताबिक, मई में घरेलू हवाई यात्री ट्रैफिक 9.5% बढ़कर 1.54 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 65% से घटकर 64.9% रह गई। इसके बावजूद कंपनी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

J.B. Chemicals & Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी J.B. Chemicals & Pharmaceuticals ने बताया कि NCLT की अहमदाबाद बेंच ने उसके Torrent Pharmaceuticals के साथ प्रस्तावित मर्जर को मंजूरी दे दी है। कंपनी को आदेश की प्रमाणित कॉपी भी मिल गई है। अब आगे की नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने कहा है कि वह इनोवेटिव और कॉम्प्लेक्स दवाओं पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी R&D, नए प्रोडक्ट, अधिग्रहण और लाइसेंसिंग के जरिए कारोबार का विस्तार करेगी। साथ ही लागत घटाने और प्रमुख बाजारों में मौजूदगी मजबूत करने पर भी काम जारी रहेगा।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho की जनरल मैनेजर (बिजनेस) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मेघा अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ा है। 7 जुलाई 2026 से उन्हें आधिकारिक तौर पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2,031hp Venom F5-M revealed as the world’s most powerful manual car

Hennessey Venom F5-M rear quarter

Hennessey will be debuting the Venom F5-M (manual) Roadster at the Goodwill Festival of Speed in the UK on July 9, 2026. During its four days at Goodwood, the Roadster will be driven by British Le Mans champion Alex Brundle. The open-top hypercar features a new 6-speed manual gearbox with a gated shifter, a new chassis, unique aerodynamics and a bespoke interior, according to the boutique Texas-based brand.

  • Bespoke bodywork sports a 55-inch dorsal fin and an integrated roof scoop
  • Uses an aluminum & carbon-fibre shifter, carbon bucket seats and a yoke-style steering
  • Power comes from a 6.6-litre twin-turbo V8

Hennessey Venom F5-M design and personalisation

The manual F5 features a couple of design features that are exclusive to it

Hennessey Venom F5-M front quarter

While maintaining some of the general design cues from the Evolution series, the new Venom F5-M gets a few unique traits of its own. One of the most notable exterior features is a roof-mounted air intake scoop that sits right behind the removable roof. Then there’s the 55-inch (or 1.4-metre) long dorsal fin, which stretches from behind the scoop all the way to the aft-end of the F5. While the scoop serves cool air directly to the engine bay, the fin enhances aerodynamics at speeds beyond 320kph, as per Hennessey.

Hennessey Venom F5-M rear details

Customers of the manual Hennessey Venom F5 can provide inputs regarding personalisation options via the brand’s ‘Maverick’ division. The first customer commissioned their F5-M with hand-painted US and UK flags on either side of the fin finished in gold colour. The exterior of this UK car features exposed purple carbon fibre with anodised gold accents, a 24-karat gold ‘Hennessey’ badge on the nose, and ‘Sheikh’ lettering at the rear. This lettering is also found on the driver- and passenger-side knee pads. While the F5-M can be had with an aluminium & carbon-fibre shifter, this particular example has one made from billet aluminium.

Hennessey Venom F5-M interior

The interior also features a unique yoke-style steering with stitched leather and a whole set of physical buttons and dials. There’s exposed carbon fibre all across the Venon F5’M’s cabin, plus real metal and high-quality leather trim. The digital instrument panel is situated in the driver’s line of sight, while the short-throw gear lever offers a crisp and machined-metal clink, says Hennessey.

Hennessey Venom F5-M powertrain and chassis

The manual gearbox and updated chassis of the F5-M will make it to other F5 models

Powering the new Hennessey Venom F5-M is a 6.6-litre twin-turbocharged V8 that puts out 2,031hp. This so-called ‘Fury’ engine drives the rear wheels via a 6-speed manual transmission. While the American brand hasn’t disclosed the performance figures of the new Venom F5-M, it stated that the powertrain features a sophisticated traction control and engine management systems for precise and linear power delivery.

Hennessey Venom F5-M engine

Even though it didn’t specify a timeline, Hennessey claimed that this car’s updated chassis and manual gearbox will make it to other Coupe and Roadster variants of the Venom F5, too. The hypercar also comes with active suspension, which can alter damping based on the drive mode selected by the driver. Hennessey said that it will only produce 12 units of the new Venom F5-M Roadster for the whole planet, and prices start from USD 2.65 million (roughly Rs 25.24 crore).

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Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच GIFT Nifty ने Nifty50 के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत दिया। फ्यूचर्स 102 पॉइंट्स बढ़कर 24,586 पर कोटेड थे।ज़्यादातर एशियाई बाज़ार नीचे ट्रेड कर रहे थे, जिसमें साउथ कोरिया का कोस्पी सबसे ज़्यादा नुकसान में था। कोस्पी 5 परसेंट नीचे था, जबकि जापान का निक्केई 255 0.93 परसेंट गिरा।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर प्राइस 7 परसेंट गिर गया, जबकि कंपनी ने 89.4 ट्रिलियन वॉन का रिकॉर्ड शुरुआती ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट पोस्ट किया था।रात भर में, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल 0.29 परसेंट बढ़कर 53,055.91 के रिकॉर्ड क्लोजिंग पर सेटल हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट क्रमशः 0.72 परसेंट और 1.12 परसेंट ऊपर सेटल हुए।

तेल की कीमतें ऊपर ट्रेड कर रही थीं क्योंकि इन्वेस्टर्स सप्लाई रिकवरी और डिमांड पर ध्यान दे रहे थे। जुलाई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर $72.33 प्रति बैरल पर कोटेड था। सोने और चांदी के फ्यूचर्स क्रमशः 0.32 प्रतिशत और 0.63 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहे थे।

Stocks to Watch: 7 जुलाई को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 7 जुलाई को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कुछ ने अधिग्रहण, मर्जर, फंड जुटाने और नई साझेदारी जैसे बड़े ऐलान किए हैं। इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard में सरकार OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी। पहले 2.52% हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाई जाएगी। ज्यादा मांग होने पर इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 7 जुलाई को गैर-रिटेल और 8 जुलाई को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे।

Tata Motors PV

टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। Punch और Nexon का प्रोडक्शन 80,001 से बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। Curvv और Sierra की बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने जून तिमाही में अच्छा कारोबार किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 19% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Westside और Zudio स्टोर्स का लगातार विस्तार रहा।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals को कानूनी राहत मिली है। NCLT की अहमदाबाद बेंच ने JB Chemicals & Pharmaceuticals के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Tata Motors Passenger Vehicles

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में अपने ज्यादातर पैसेंजर व्हीकल मॉडल्स की बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, Punch, Nexon, Curvv, Sierra, Safari और Harrier जैसे मॉडल्स की मांग मजबूत रही।

Varun Beverages

एफएमसीजी कंपनी Varun Beverages Ltd ने केन्या में बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी की इकाई VBL Industries (Kenya) Ltd ने Devyani Food Industries (Kenya) Ltd के डेयरी ड्रिंक्स, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कारोबार को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की कीमत 3.2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 305 करोड़ रुपये है।

Titan

टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने जून तिमाही में दमदार कारोबार किया है। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में 41% की ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा। घड़ियों और आईकेयर कारोबार में भी 23-23% की बढ़ोतरी रही। कंपनी ने इस दौरान 77 नए स्टोर भी खोले।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies Ltd ने SmartRent Inc. के साथ नई साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस तैयार करेंगी। इनकी मदद से कस्टमर ऑपरेशंस और रेवेन्यू से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाया जाएगा।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का बोर्ड 10 जुलाई को बैठक करेगा। इस बैठक में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो कंपनी बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटा सकती है।

Blue Jet Healthcare

फार्मा कंपनी Blue Jet Healthcare ने ग्रोथ के लिए 600 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। इश्यू का सांकेतिक भाव 506 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव 572 रुपये से करीब 10% कम है। कंपनी ने SEBI के नियमों के तहत 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी तय किया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Metal Stocks : मेटल स्टॉक्स में गिरावट का डर, राकेश अरोड़ा बोले- अब तेजी आते ही करें मुनाफावसूली

Metal Stocks : अगर हाल के दिनों में मेटल शेयरों में तेजी देखकर आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाइए। GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का मानना है कि मेटल स्टॉक्स के अच्छे दिन खत्म होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि फिलहाल मेटल शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफा वसूलने पर विचार करना चाहिए।

उनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे मेटल कंपनियों के लिए अच्छे रह सकते हैं। लेकिन बाजार पहले ही इसकी उम्मीद लगा चुका है। यानी अच्छी खबर का असर काफी हद तक शेयरों की कीमतों में दिख चुका है। आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में कंपनियों की कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

Q1 नतीजों से पहले आ सकती है थोड़ी तेजी

राकेश अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयर 20% से 30% तक टूटे थे। इसलिए मजबूत जून तिमाही नतीजों से पहले इनमें थोड़ी तेजी या रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्हें नहीं लगता कि ये शेयर इतनी जल्दी अपने पुराने हाई पर पहुंच जाएंगे।

एल्युमिनियम कंपनियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता

राकेश अरोड़ा की सबसे बड़ी चिंता एल्युमिनियम सेक्टर को लेकर है। उनका कहना है कि कई ब्रोकरेज और एनालिस्ट अब भी अपने अनुमान में एल्युमिनियम का भाव करीब 3,200 डॉलर प्रति टन मान रहे हैं। लेकिन उनकी राय इससे अलग है।

उन्हें लगता है कि मिडिल ईस्ट और इंडोनेशिया से नई सप्लाई आने वाली है। इससे बाजार में एल्युमिनियम की उपलब्धता बढ़ेगी। ऐसे में कीमत घटकर करीब 2,600 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एल्युमिनियम कंपनियों की कमाई के अनुमान घटाने पड़ेंगे। इसका सीधा असर शेयरों पर भी दिख सकता है।

स्टील सेक्टर पर भी बहुत भरोसा नहीं

राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में स्टील कंपनियों के नतीजे अच्छे आ सकते हैं। Vedanta जैसी कंपनियां भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन स्टील की कीमतें अब अपना पीक देख चुकी हैं।

एक तरफ चीन से स्टील का निर्यात बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भारत की कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई ज्यादा हो सकती है। अगर सप्लाई बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।

इसी वजह से उनका मानना है कि स्टील शेयरों में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैल्यूएशन के लिहाज से ये एल्युमिनियम कंपनियों के मुकाबले सस्ते जरूर हैं।

वेदांता के आयरन और स्टील को लेकर क्या कहा?

हाल ही में Vedanta के डीमर्जर के बाद बने Vedanta Iron & Steel के कारोबार पर भी राकेश अरोड़ा ने अपनी राय रखी। उनका कहना है कि आयरन और स्टील कारोबार में होने वाले विस्तार का फायदा शेयर पहले ही कीमत में जोड़ चुका है। इसलिए यहां बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं बची है।

वहीं, ग्रुप के ऑयल एंड गैस कारोबार में उन्हें कुछ वैल्यू नजर आती है। लेकिन, रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से यह फिलहाल हाई-रिस्क निवेश है। यह वैल्यू ट्रैप भी साबित हो सकता है।

कॉपर सेक्टर पर भी दी चेतावनी

राकेश अरोड़ा मानते हैं कि लंबे समय में कॉपर की मांग अच्छी रह सकती है। लेकिन फिलहाल उन्हें कॉपर कंपनियों के शेयर महंगे लग रहे हैं।

उनका कहना है कि बाजार रिसाइकल्ड कॉपर की बढ़ती सप्लाई को गंभीरता से नहीं ले रहा। अगर रिसाइकल्ड कॉपर की उपलब्धता बढ़ती रही, तो कॉपर की कीमतों पर दबाव आ सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

राकेश अरोड़ा की सलाह है कि अगर मजबूत जून तिमाही नतीजों की वजह से मेटल शेयरों में तेजी आती है, तो उसे नई खरीदारी का संकेत मत मानिए। उनके मुताबिक, यह तेजी मुनाफावसूली का मौका हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने एक बात और कही। अगर अमेरिकी डॉलर लगातार कमजोर होता है, तो वैश्विक कमोडिटी कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में बेस मेटल्स का आउटलुक बेहतर हो सकता है। यही एक बड़ा फैक्टर है, जो उनके मौजूदा नजरिए को बदल सकता है।

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Agniveer Bharti 2026: अग्निवीरों को मिल सकती है बड़ी राहत! 25% नहीं, अब 50% से 75% तक को स्थायी नौकरी देने की तैयारी

Agniveer Bharti 2026: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच की चार साल की सेवा अवधि इस साल पूरी होने वाली है। इससे पहले भारतीय सशस्त्र बल अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने की मौजूदा 25% सीमा बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नौसेना 75% तक और सेना तथा वायुसेना करीब 50% अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखने का प्रस्ताव दे सकती हैं। हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा बदलाव जल्द ही संभव है। मौजूदा नियमों के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद प्रत्येक बैच के केवल 25% अग्निवीरों को मेरिट और संगठन की जरूरत के आधार पर नियमित सैनिक, नाविक या एयरमैन के रूप में नियुक्त किया जाता है।

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार अब तीनों सेनाएं इस सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। यह प्रस्ताव अभी रक्षा मामलों के विभाग (DMA) और तीनों सेनाओं के बीच चर्चा के चरण में है। सरकार या सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

क्या हो सकता है नया प्रस्ताव?

  • भारतीय नौसेना लगभग 75% अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने का प्रस्ताव दे सकती है।
  • भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना करीब 50% अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने की सिफारिश कर सकती हैं।
  • चार वर्षों की सेवा के दौरान अग्निवीर आधुनिक हथियार प्रणालियों, नई तकनीकों और फील्ड ऑपरेशन का अनुभव हासिल करते हैं।
  • सैन्य योजनाकारों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षित जवानों को अधिक संख्या में बनाए रखने से सेना की परिचालन क्षमता मजबूत हो सकती है।

स्पेशल यूनिटों में ज्यादा मौका

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि कुल रिटेंशन सीमा नहीं भी बढ़ती है, तब भी कुछ विशेष सैन्य यूनिट्स जैसे सेना की नई भैरव बटालियन में अनुभवी अग्निवीरों की संख्या अधिक रखी जा सकती है,। जबकि अन्य यूनिटों में चार साल के कार्यकाल वाले अग्निवीरों की तैनाती जारी रहेगी। फिलहाल अग्निपथ योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक बैच के केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट और संगठन की आवश्यकता के आधार पर नियमित सैनिक, नाविक या एयरमैन के रूप में नियुक्त किया जाता है।

भर्ती भी बढ़ेगी

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले ट्रेनिंग के दौरान करीब 70,000 अग्निवीरों ने सेना में हिस्सा लिया। अगले भर्ती में लगभग 90,000 पदों पर भर्तियां निकाली जा सकती हैं। इसके अलावा सेना अगले दो वर्षों में करीब 1.8 लाख कर्मियों की कमी को भी अग्निवीर भर्ती के जरिए पूरा करने की योजना बना रही है। अग्निवीरों की स्थायी भर्ती बढ़ाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। यह फिलहाल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर विचाराधीन प्रस्ताव है।

सेवा निधि पैकेज क्या है और कितना मिलता है? (Seva Nidhi Package)

4 साल की सेवा पूरी होने के बाद, जो 75% अग्निवीर बाहर आएंगे (या जो परमानेंट भी होंगे), उन्हें एकमुश्त सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। यह फंड इस तरह तैयार होता है:-

  • अग्निवीर का कुल 4 साल का योगदान: लगभग ₹5.02 लाख
  • सरकार का बराबर का योगदान: लगभग ₹5.02 लाख
  • कुल जमा राशि (ब्याज सहित): लगभग ₹11.71 लाख

सबसे बड़ा फायदा: यह ₹11.71 लाख का सेवा निधि पैकेज पूरी तरह से टैक्स-फ्री (Income Tax Free) होता है। इस पर कोई आयकर नहीं देना पड़ता।

अतिरिक्त भत्ते (Allowances): इस फिक्स सैलरी के अलावा अग्निवीरों को उनकी पोस्टिंग के हिसाब से रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता (Risk & Hardship Allowance), राशन भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और यात्रा भत्ता (Travel Allowance) भी मिलता है।

परमानेंट होने पर मिलने वाले फायदे (Permanent Salary & Benefits)

चार साल पूरे होने के बाद, बैच के 25% अग्निवीरों (जिसके बढ़ने की संभावना पर सेना विचार कर रही है) को भारतीय सेना के रेगुलर कैडर में शामिल किया जाएगा। परमानेंट होने के बाद उन्हें निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:-

नियमित सैलरी और रैंक: परमानेंट होते ही वे भारतीय सेना के फुल-टाइम सैनिक बन जाएंगे। उनका पे-स्केल (Pay Scale) रेगुलर सैनिकों जैसा हो जाएगा, जिसमें बेसिक पे, डीए (DA), एचआरए (HRA) और अन्य सभी मिलिट्री अलाउंस शामिल होंगे।

पेंशन का अधिकार (Pension Benefits): 4 साल की कॉन्ट्रैक्ट अवधि के दौरान पेंशन नहीं मिलती। लेकिन परमानेंट कैडर में चुने जाने के बाद, जब वे अपनी अगली 15 साल की न्यूनतम सेवा पूरी करके रिटायर होंगे, तो वे पूरी लाइफटाइम पेंशन और ग्रेच्युटी (Gratuity) के हकदार होंगे।

मेडिकल और कैंटीन की सुविधा: परमानेंट होने के बाद उन्हें और उनके परिवार को ECHS (भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) के तहत आजीवन मुफ्त इलाज और CSD कैंटीन की पूरी सुविधाएं मिलेंगी।

प्रमोशन और सर्विस: वे सेना में नियमित रूप से प्रमोशन (जैसे लांस नायक, नायक, हवलदार, जेसीओ) पा सकेंगे और उनके पास आगे अधिकारी (Officer) बनने के लिए विभागीय परीक्षाएं देने का मौका भी होगा।

अन्य लाभ (Other Security Benefits)

4 साल की सर्विस के दौरान सभी अग्निवीरों को ये सुरक्षा कवर भी दिए जाते हैं:-

लाइफ इंश्योरेंस: ₹48 लाख का गैर-अंशदायी (Non-contributory) जीवन बीमा कवर।

शहादत पर मुआवजा: ड्यूटी के दौरान शहीद होने पर परिवार को ₹44 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia), बचे हुए कार्यकाल की पूरी सैलरी और सेवा निधि पैकेज समेत कुल ₹1 करोड़ से अधिक की आर्थिक मदद मिलती है।

दिव्यांगता मुआवजा (Disability): सेवा के दौरान चोट लगने या दिव्यांग होने पर ₹44 लाख (100% दिव्यांगता पर), ₹25 लाख (75% पर) और ₹15 लाख (50% दिव्यांगता पर) एकमुश्त दिए जाते हैं।

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