Thali Price: घर का खाना हुआ महंगा, 5 महीने के हाई पर शाकाहारी और नॉन-वेज थाली की कीमत

Thali Price: जून में घर पर बनने वाली शाकाहारी और नॉन-वेज थाली दोनों की लागत पिछले पांच महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह टमाटर, प्याज, खाद्य तेल, रसोई गैस (LPG) और ब्रॉयलर चिकन की बढ़ती कीमतें रहीं। यह जानकारी Crisil Intelligence की मासिक Roti Rice Rate रिपोर्ट में दी गई है।

जून में शाकाहारी थाली की कीमत 28.4 रुपये रही, जो मई में 27.4 रुपये थी। यानी एक महीने में इसमें 4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, जून 2025 के मुकाबले यह 5% महंगी हो गई। दूसरी ओर, नॉन-वेज थाली की कीमत 58.2 रुपये रही, जो मई में 56.5 रुपये थी। यह मासिक आधार पर 3% और पिछले साल के मुकाबले 6% महंगी हुई।

टमाटर ने सबसे ज्यादा बढ़ाया खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, टमाटर की कीमत एक साल में 31% बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। जून 2025 में यह 32 रुपये प्रति किलो थी। फरवरी और मार्च में ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से गर्मियों की फसल की बुआई देर से हुई और उत्पादन भी कम रहा। इसी कारण टमाटर महंगा हुआ।

वहीं, प्याज की कीमत सालाना आधार पर 2% बढ़ी, क्योंकि बाजार में महंगे रबी स्टॉक की आवक शुरू हुई। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य तेल और LPG सिलेंडर की कीमतों में भी सालाना 10-10% की बढ़ोतरी हुई। इसकी एक वजह पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होना भी रही।

मई के मुकाबले जून में टमाटर 17%, आलू 5% और प्याज 8% महंगे हुए। इसी वजह से जून में शाकाहारी थाली की लागत और बढ़ गई। हालांकि, आलू की कीमतों में 14% की गिरावट आई। नई रबी फसल आने से इसकी कीमत कम हुई। इससे थाली की लागत में बढ़ोतरी कुछ हद तक सीमित रही।

नॉन-वेज थाली क्यों हुई महंगी?

नॉन-वेज थाली की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ब्रॉयलर चिकन रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रॉयलर की कीमत सालाना आधार पर करीब 7% बढ़ी, जबकि महीनेभर में इसमें करीब 2% की तेजी आई।

Crisil के अनुसार, नॉन-वेज थाली की कुल लागत का करीब आधा हिस्सा ब्रॉयलर पर निर्भर करता है। भीषण गर्मी की वजह से सप्लाई कम रही, जिससे चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली।

EPFO Pension: 10 साल नौकरी के बाद हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

EPFO Pension: 10 साल नौकरी के बाद हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

EPFO Pension:  श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 29 जून को Employees’ Pension Scheme (EPS) 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसके साथ ही EPS-1995 और 1971 फैमिली पेंशन स्कीम की जगह अब नई EPS-2026 लागू हो गई है। ऐसे में करीब 6 करोड़ EPFO सदस्यों के मन में सवाल है कि क्या अब पेंशन के नियम बदल गए हैं? क्या ज्यादा पेंशन मिलेगी? या रिटायरमेंट प्लानिंग में कुछ बदलाव करना होगा?

राहत की बात यह है कि मंथली पेंशन निकालने का फॉर्मूला और 10 साल की न्यूनतम सर्विस वाला नियम पहले जैसा ही रखा गया है।

10 साल की नौकरी पूरी करना जरूरी

अगर आप EPS के तहत हर महीने पेंशन चाहते हैं, तो आपको कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य नौकरी (Pensionable Service) पूरी करनी होगी। इसके बाद 58 साल की उम्र पूरी होने पर आपको मासिक पेंशन मिलनी शुरू होगी। अगर आप चाहें, तो 50 साल की उम्र के बाद कम पेंशन के साथ अर्ली पेंशन भी ले सकते हैं।

लेकिन अगर आपने 10 साल की नौकरी पूरी नहीं की, तो आपको हर महीने पेंशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आपके पास दो ही विकल्प होंगे। या तो EPS का पैसा निकाल लें, या स्कीम सर्टिफिकेट लेकर आगे की नौकरी में अपनी सर्विस जोड़ दें।

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कैसे निकलती है पेंशन?

EPFO एक फॉर्मूले के आधार पर पेंशन तय करता है।

मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70

यहां पेंशन योग्य वेतन का मतलब आपके आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारियों के लिए इसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये मानी जाती है।

15,000 रुपये सैलरी पर कितनी मिलेगी पेंशन?

अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी 15,000 रुपये है, तो 10 साल की नौकरी पर आपको करीब 2,143 रुपये महीने की पेंशन मिलेगी। रकम भले ज्यादा न लगे, लेकिन यह जीवनभर मिलने वाली गारंटीड पेंशन होती है।

वहीं, 20 साल की नौकरी पूरी करने पर यह बढ़कर करीब 4,286 रुपये हो जाएगी। वहीं, 35 साल की अधिकतम पेंशन योग्य सेवा पूरी करने पर आपको 7,500 रुपये प्रति माह पेंशन मिल सकती है। जितनी लंबी आपकी सेवा होगी, उतनी ही ज्यादा पेंशन मिलेगी।

न्यूनतम पेंशन अभी भी 1,000 रुपये

फिलहाल EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह ही है। इसका मतलब है कि अगर 10 साल की नौकरी के बाद आपकी पेंशन 1000 रुपये से कम बनती है, तो उसकी भरपाई सरकार करेगा। मिसाल के लिए, अगर आपकी पेंशन 500 रुपये बनती है, तो बाकी 500 सरकार देगी।

न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 5,000 से 7,500 रुपये करने की मांग काफी समय से उठ रही है। पेंशनधारकों का कहना है कि महंगाई काफी बढ़ चुकी है, ऐसे में 1000 रुपये की न्यूनतम पेंशन किसी भी सूरतेहाल में पर्याप्त नहीं। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है।

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नौकरी बदलते समय ये गलती न करें

अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो EPF और EPS को नई नौकरी में ट्रांसफर कराना जरूरी होता है। अगर 10 साल पूरे होने से पहले EPS की राशि निकाल लेते हैं, तो आपकी पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service) टूट सकती है। इससे भविष्य में मिलने वाली मासिक पेंशन पर असर पड़ सकता है।

नई नौकरी में UAN के जरिए EPF अकाउंट ट्रांसफर कराने से आपकी सर्विस लगातार जुड़ी रहती है। इससे 10 साल की पात्रता पूरी करने में आसानी होगी। फिर आपको रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का लाभ भी मिल सकेगा।

PF खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस तारीख को खाते में क्रेडिट होगा ब्याज का पैसा, जानें कितना मिलेगा ब्याज

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

Bank Nifty View : बुधवार दोपहर को बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त बिकवाली आई। इसके चलते बैंक निफ्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों के बाद बाजार का मूड खराब हो गया, जिससे इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑफ बिकवाली (जोखिम से बचने के लिए बिकवाली) शुरू हो गई। फिलहाल, निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.10 प्रतिशत गिरकर 56,977 के आसपास आ गया है जो 57,000 के स्तर से काफी नीचे है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.08 प्रतिशत गिरा है। पूरे मार्केट पर भी भारी दबाव दिख रहा है। सेंसेक्स 1,514.13 अंक या 1.94 प्रतिशत गिरकर 76,666.59 पर और निफ्टी 462.40 अंक या 1.90 प्रतिशत गिरकर 23,936.30 पर आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 25 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, जो मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है।

ट्रंप के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, बिकवाली (selloff) और तेज़ हो गई। ट्रंप के इस बयान से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट पर इसके संभावित असर को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

बैंकिंग शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली आई है। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इसके शेयर लगभग 3.4 प्रतिशत गिरे हैं। इसके बाद बैंक ऑफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। ICICI बैंक, केनरा बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, यस बैंक, HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडसइंड बैंक, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा। इनमें 1 से 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

बुधवार को आई इस भारी गिरावट के बावजूद, एनालिस्ट बैंक निफ्टी के बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर को अभी भी पॉजिटिव मान रहे हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है और 58,600-58,700 का जोन अभी भी अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। अगर यह इंडेक्स लगातार इस रेंज से ऊपर बना रहता है, तो इसके लिए 59,000 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

दूसरी ओर एनालिस्ट 57,800-57,500 के दायरे को निकट भविष्य के लिए एक अहम सपोर्ट जोन मान रहे हैं। बजाज ब्रोकिंग ने 57,000-56,800 के दायरे को एक अहम डिमांड एरिया बताया है, जहां पिछले तीन हफ्तों में खरीदारी देखी गई है। उनका कहना है कि अगर यह सपोर्ट जोन बना रहता है, तो मौजूदा कंसोलिडेशन को अच्छे बैंकिंग शेयरों को धीरे-धीरे जमा करने के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।

Trading Strategy : अभी फिलहाल कोई नया ट्रेड नहीं है, पश्चिम एशिया में होने वाले एक्शन पर बनी रहे नजर

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Ram Mandir Trust Wealth: राम मंदिर के पास कितना सोना, चांदी और कितने रुपये? FY26 की बैलेंस शीट से निकली ये जानकारी

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार अपने आय-व्यय और फंड का लेखा-जोखा जारी किया है। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर को 250 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान मिला। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में राम मंदिर ट्रस्ट की आय 250.04 करोड़ के करीब रही। वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कमाई का सबसे बड़ा जरिया अब लोगों का दान नहीं, बल्कि निवेश पर मिलने वाला ब्याज बन गया है।

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ट्रस्ट के बिना ऑडिट किए गए खातों के मुताबिक, निवेश पर ट्रस्ट को 151.80 करोड़ रुपये का ब्याज मिला। वहीं, श्रद्धालुओं से स्वैच्छिक दान के रूप में 149.36 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इन आंकड़ों से साफ है कि ट्रस्ट को अब अपने निवेश से मिलने वाली कमाई, नए दान से भी अधिक हो गई है।

ट्रस्ट के खातों के अनुसार, उसके पास कुल 1,876.30 करोड़ रुपये की राशि जमा है। इसमें से 1,771.22 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश किए गए हैं, जो कुल फंड का करीब 94 प्रतिशत है। इसके अलावा ट्रस्ट के पास 2.57 एकड़ जमीन, 323 किलोग्राम सोना, 751.98 किलोग्राम चांदी और वित्त वर्ष के अंत तक 7.74 लाख रुपये नकद भी मौजूद थे। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।

जांच कर रहे SIT के अधिकारियों ने पाया है कि अयोध्या के राम मंदिर में हर दिन मिलने वाले दान की रकम में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच शुरू होने के बाद देखने को मिली है। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि मामला सामने आने से पहले दान के रखरखाव और जमा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक, कथित चोरी का मामला सामने आने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में हर दिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये का दान जमा होता था। लेकिन एसआईटी की जांच शुरू होने के बाद यह राशि बढ़कर रोजाना करीब 24 से 26 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

रोजाना दान की रकम में 6 से 8 लाख रुपये की यह बढ़ोतरी अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह अंतर पहले दान में किसी तरह की गड़बड़ी या रकम के गलत इस्तेमाल का संकेत देता है। ट्रस्ट के खातों के अनुसार, वित्त वर्ष के दौरान उसे सभी स्रोतों से कुल 398.24 करोड़ रुपये की आय हुई। इसमें 149.36 करोड़ रुपये दान पेटियों, ऑनलाइन दान और श्रद्धालुओं के चढ़ावे से मिले। वहीं, निवेश पर मिले ब्याज से 151.80 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इसके अलावा बाकी राशि अनुदान और अन्य स्रोतों से प्राप्त हुई।

ट्रस्ट ने अपनी बड़ी राशि अलग-अलग बैंकों में निवेश कर रखी है। इसके तहत पंजाब नेशनल बैंक में 562.88 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा में 327.30 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक में 791.04 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा 90.10 करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए हैं, जबकि 24.77 करोड़ रुपये बचत खातों में रखे गए हैं। ट्रस्ट का सबसे बड़ा खर्च राम मंदिर का निर्माण है। वित्त वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्य पर कुल 237.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें मुख्य मंदिर के निर्माण पर 42.42 करोड़ रुपये, जमीन खरीदने पर 38.81 करोड़ रुपये, परिक्रमा मार्ग और अस्थायी ढांचों पर 21.52 करोड़ रुपये तथा मंदिर परिसर के अन्य विकास कार्यों पर भी बड़ी राशि खर्च की गई।

मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ ट्रस्ट का खर्च भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर परिसर के रखरखाव पर कुल 91.76 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें सुरक्षा व्यवस्था पर 31.48 करोड़ रुपये, सफाई और स्वच्छता पर 17.49 करोड़ रुपये, बिजली पर 23.08 करोड़ रुपये और श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र चलाने पर 8.96 करोड़ रुपये खर्च हुए। ट्रस्ट ने मंदिर के आसपास अपनी जमीन भी बढ़ाई है। साल भर में 14 खरीद समझौतों और 8 दान पत्रों के माध्यम से आसपास की संपत्तियां खरीदी गईं। इन जमीनों की खरीद पर ट्रस्ट ने कुल 15.74 करोड़ रुपये खर्च किए।

IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

Maruti Grand Vitara gets offers of up to Rs 95,000 in July 2026

Maruti Grand Vitara in a showroom

Maruti Suzuki is offering attractive offers across its premium Nexa range in July 2026. Depending on the model and variant, these include cash discounts, exchange or scrappage offers, corporate benefits and loyalty bonuses. Exchange and scrappage benefits cannot be claimed together. The loyalty bonus is available only to existing Maruti customers, and it can be combined only with the exchange bonus. Corporate benefits are exclusively offered to eligible organisations and approved finance partners.

Disclaimer: Discounts may vary by city and are subject to stock availability. Please check with your local dealer for the exact figures.

Maruti Invicto discounts in July 2026

Up to Rs 2.10 lakh

Maruti Invicto

Every Maruti Invicto trim gets benefits of up to Rs 2.10 lakh this month, which is slightly lower than in June. These offers include a cash discount of up to Rs 50,000, exchange benefits of up to Rs 1 lakh, a Rs 50,000 loyalty bonus and a Rs 10,000 corporate benefit. The Invicto MPV is Maruti’s version of the Toyota Innova Hycross, and it is priced between Rs 24.97 lakh and Rs 28.60 lakh.

Maruti Grand Vitara discounts in July 2026

Up to Rs 95,000

The Maruti Grand Vitara gets benefits of up to Rs 95,000 in July. The Sigma petrol MT variant attracts the highest discounts of up to Rs 95,000, while the Delta petrol gets benefits of up to Rs 85,000. Buyers of the Zeta petrol and Alpha petrol variants get a Rs 25,000 cash discount along with a complimentary 5-year extended warranty (it cannot be exchanged for cash, and is non-transferable).

The strong hybrid variants are available with zero road tax benefit, a complimentary 5-year extended warranty, up to Rs 50,000 exchange bonus, Rs 30,000 upgrade loyalty bonus and a Rs 10,000 corporate benefit. The Delta CNG and Zeta CNG variants also come with total benefits of up to Rs 90,000.  The Grand Vitara is priced between Rs 10.76 lakh and Rs 19.72 lakh.

Maruti Jimny discounts in July 2026

Up to Rs 45,000

Maruti Jimny

Like last month, a cash discount of Rs 45,000 is available with all Maruti Jimny variants. The compact off-roader is priced between Rs 12.39 lakh and Rs 14.52 lakh.

Maruti XL6 discounts in July 2026

Up to Rs 45,000

Next, the Maruti XL6 gets offers going up to Rs 45,000 on both petrol and CNG variants. Thes comprise a cash discount of up to Rs 20,000 and a scrappage bonus of up to Rs 25,000. The XL6 is the 6-seat, more premium version of the Ertiga (sold via Arena outlets) and it is priced from Rs 11.57 lakh to Rs 14.52 lakh.

Maruti Baleno discounts in July 2026

Up to Rs 40,000

Maruti Baleno

The Maruti Baleno is on sale with benefits of up to Rs 40,000 on petrol-manual variants and AMT variants. Meanwhile, the CNG variants attract benefits of up to Rs 35,000. The Baleno premium hatchback starts at Rs 5.99 lakh and goes up to Rs 9.17 lakh.

Maruti Fronx discounts in July 2026

Up to Rs 25,000

Lastly, the Maruti Fronx gets benefits of up to Rs 25,000 in July. The turbo-petrol variants are available with a Rs 10,000 cash discount and a Rs 15,000 scrappage bonus. Meanwhile, the naturally-aspirated petrol and CNG variants do not get a cash discount but are offered with a scrappage bonus of up to Rs 15,000. The Fronx price starts at Rs 6.85 lakh and tops out at Rs 11.84 lakh.

Ex-showroom prices mentioned above are as on July 8, 2026.

दूसरे टी-20 में भारतीय बल्लेबाजी का सरेंडर, इंग्लैंड के खिलाफ मिली 125 रनों की शर्मनाक हार

ENGvsIND

ENGvsIND जॉश टंग (28 रन पर चार विकेट) और जोफ्रा आर्चर (29 रन पर तीन विकेट) ने घातक गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया और इंग्लैंड ने तीसरा टी 20 मंगलवार को 125 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।फिल साल्ट (70) के शानदार अर्धशतक से इंग्लैंड ने सात विकेट पर 201 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

भारत को 114 ओवर में मात्र 76 रन पर ढेर कर दिया। भारत को 202 का लक्ष्य मिला था और एक धीमी पिच पर भारत के लिए यह लक्ष्य आसान नहीं रहने वाला था और इसकी झलक पावरप्ले में ही मिल गई जहां भारत ने इस प्रारूप में पहली बार पांच विकेट गंवा दिए।

 भारत ने इस प्रारूप का अपना दूसरा न्यूनतम स्कोर भी बनाया और भारत की ओर से सर्वाधिक स्कोर 13 रन का रहा जो वैभव सूर्यवंशी और इशान किशन ने बनाया। इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक चार विकेट जॉश टंग ने लिए और आर्चर को तीन विकेट मिले। स्पिनर जैक्स को एक और आदिल राशिद को दो विकेट हासिल हुए।

जोफ्रा आर्चर को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।अभिषेक शर्मा 10, कप्तान श्रेयस अय्यर पांच, अक्षर पटेल 10 और तिलक वर्मा तीन रन बनाकर आउट हुए। भारत की तरफ से सिर्फ चार बल्लेबाज ही दहाई की संख्या में पहुंच सके।

इससे पहले टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे इंग्लैंड को जोस बटलर (36) ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई थी लेकिन प्रिंस यादव ने आते ही बटलर को अपना शिकार बनाया और कुछ आक्रामक शॉट्स खेलने के बाद हैरी ब्रूक (16) भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद फ़िल सॉल्ट ने ज़िम्मेदारी संभाली और जैकब बेथेल (13) ने उनका साथ भी दिया। हालांकि हर्षित राणा ने वापसी करते हुए लगातार दो गेंदों पर बेथेल और टॉम बेंटन को अपना शिकार बनाया।

इसके बाद सैम करन (नाबाद 41) ने आने के बाद आक्रमण शुरू किया। सॉल्ट 44 गेंदों में सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 70 रन बनाकर अक्षर पटेल का शिकार बने लेकिन करन ने प्रहार जारी रखा। हालांकि अंतिम दो ओवर में भारत ने मात्र 14 रन दिए। करन 24 गेंदों में चार चौकों की मदद से 41 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लिए।

El Nino Impact: अल नीनो के खतरे पर PMO में हाई लेवल मीटिंग, खेती-जॉब से खाने-पीने के सामान तक अंदर से निकल कर आईं ये 5 बातें जानिए

El Nino Update: देश में खरीफ सीजन पर और इकॉनमी के दूसरे सेक्टर्स पर अल नीनो के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अलर्ट मोड में आ गया है। PIB की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की अध्यक्षता में 7 जुलाई पीएमओ में एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। इसमें कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, आर्थिक मामलों और उपभोक्ता मामलों सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक का उद्देश्य अल नीनो की वजह से पैदा होने वाले हालात और मंत्रालयों की तैयारियों का डिटेल में एनालिसिस करना था। आइए आपको बताते हैं कि इस बैठक से निकल कर क्या खास बातें सामने आई हैं:-

1- मानसून का हाल और अल नीनो का अनुमान

बैठक की शुरुआत में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून से लेकर 7 जुलाई तक देश में हुई बारिश का डिटेल पेश किया। मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून के आने में करीब 10 दिनों की देरी हुई। वैसे 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जुलाई और अगस्त में कमजोर से मध्यम अल नीनो रहने की उम्मीद है। चूंकि मानसून सीजन की 30% से अधिक बारिश जुलाई में ही होती है इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अल नीनो वर्ष का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उस साल सामान्य से कम या बहुत कम बारिश होगी।

2- कृषि और फसलों को लेकर सरकार की तैयारी

कृषि सचिव ने खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। देश के 262 संवेदनशील जिलों के लिए डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान को अपडेट किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने जिलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए भारतीय कृषि में अल नीनो जोखिमों के प्रबंधन पर SOP जारी की है।

बारिश, जलाशयों में पानी, फसल की बुवाई, बाजार के रुझान और कीट/बीमारी की स्थिति की निगरानी के लिए राज्यों के साथ फसल मौसम निगरानी समूह की वीकली बैठकें बुलाई जा रही हैं। कमजोर राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं।

3- खाद्य सामग्री और फर्टिलाइजर का बफर स्टॉक

देश में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खुदरा कीमतों की स्थिति और चावल, गेहूं और दालों के पर्याप्त बफर स्टॉक की जानकारी साझा की। उर्वरक विभाग ने बताया कि रबी सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। दोनों विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यक वस्तुओं और उर्वरकों की मैक्रो और माइक्रो दोनों स्तरों पर उपलब्धता की लगातार निगरानी करें।

4- पानी, बिजली और पशुओं के चारे पर फोकस

इस बैठक में पेयजल, सिंचाई और पशुपालन के मोर्चे पर भी मंत्रालयों ने अपनी रिपोर्ट पेश की। पेयजल और स्वच्छता विभाग ने बताया कि स्थिति स्थिर है लेकिन उन्हें संवेदनशील जिलों में माइक्रो लेवल पर प्लानिंग और निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्तमान में भूजल और जलाशयों की स्थिति स्थिर है लेकिन पूरे सीजन इस पर लगातार नजर रखी जाएगी। पशुपालन और डेयरी विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें। इसके लिए चारा विकास योजनाएं बनाने और राज्यों के साथ नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग ने भी उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति साझा की।

5- रोजगार, स्वास्थ्य और राज्यों के साथ तालमेल

बैठक में स्वास्थ्य अलर्ट और रोजगार योजनाओं पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि हीट वेव, हाई ह्यूमिडिटी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी के लिए एडवाइजरी जारी हुई हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने जानकारी दी कि 1 जुलाई से ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन’ के तहत काम शुरू हो गया है और अब तक 1 करोड़ मानव दिवस रोजगार पैदा किया गया है।

PMO का सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्थिति की लगातार निगरानी की जानी चाहिए। मंत्रालयों को कहा गया है कि वे राज्यों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर माइक्रो रणनीति के साथ काम करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कृषि और आर्थिक गतिविधियां अल नीनो से प्रभावित न हों।

‘अल नीनो’ का एनर्जी सिस्टम पर सबसे ज्यादा असर

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एक नए एनालिसिस के अनुसार, इस साल के अल नीनो का सबसे बड़ा ग्लोबल असर भारत के एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाला है। अल नीनो मौसम का एक ऐसा चक्र है जो बार-बार आता है। इससे दुनिया भर में तापमान बढ़ता है।

भारत के सामने दोहरी चुनौती

अल नीनो की वजह से हवा और बारिश कम होने से टरबाइन और हाइड्रोपावर से बिजली का उत्पादन घटेगा। जबकि तापमान बढ़ने से एयर कंडीशनिंग (AC) की मांग बढ़ेगी, जिसमें बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल भर कूलिंग अप्लायंसेज (ठंडा करने वाले उपकरण) के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की मांग 10 टेरावाट-घंटे (TWh) तक बढ़ सकती है, जो दिल्ली की सालाना बिजली खपत का एक-चौथाई हिस्सा है।

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यह एनालिसिस जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के लिए भारत के पावर सेक्टर पर ला नीना से अल नीनो में बदलाव के असर को दिखाता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत को बिजली देने में सौर ऊर्जा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अब यह दिन के समय बिजली की 24 प्रतिशत मांग को पूरा करती है। सौर ऊर्जा उत्पादन पर अल नीनो का बहुत कम असर पड़ता है, जिसका मतलब है कि भारत द्वारा लगाया गया हर अतिरिक्त सोलर पैनल और बैटरी ग्रिड को ऐसे खराब मौसम का सामना करने के लिए तैयार करने में मदद करता है।”

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2 गोल खाकर 10 मिनट में 3 गोल, अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ टाला उलटफेर

फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी की गत चैम्पियन अर्जेंटीना टीम ने मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद हैरतअंगेज वापसी करते हुए 13 मिनट के अंतराल में तीन गोल दागकर 3-2 से जीत हासिल करते हुए फीफा विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया। अर्जेंटीना इस तरह क्वार्टर फाइनल में जाने वाली सातवीं टीम बन गई।

मिस्र 2-0 की बढ़त के साथ सबसे बड़ा उलटफेर करता दिखाई दे रहा था लेकिन क्रिश्चियन रोमेरो ने 79 वें मिनट में अर्जेंटीना का पहला गोल दागा। इस गोल से जोश में आये अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मिस्र पर हमले बोले और खेल के जादूगर मेसी ने 83 वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से तीसरा और मैच विजयी गोल दाग दिया।अर्जेंटीना के प्रशंसक अंतिम सीटी बजते ही ख़ुशी से झूम उठे।

मुकाबले का पहला गोल मिस्र की तरफ से आया जब यासिर इब्राहिम ने 15वें मिनट में अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने दूसरा गोल कर मिस्र को 2-0 से आगे ले जाने का काम किया। 78वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे चल रहा था। वर्ल्ड कप जैसे दबाव भरे मैचों में गोल कर पाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अर्जेंटीना की उम्मीद तब जगी जब 79वें मिनट में क्रिश्चियन रोमेरो ने गोल दागा।

उसके 4 मिनट बाद ही लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में 21वां गोल आया। हालांकि मेसी इसी मुकाबले में पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। उस वक्त माहौल ऐसा था कि पूरा मैदान सन्न रह गया था। खैर फुल-टाइम तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहा। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडेज ने अर्जेंटीना के लिए तीसरा और मैच का निर्णायक गोल किया।क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।

South Indian Bank के शेयरों में 9% की भारी गिरावट, नए सीईओ का फीका स्वागत, इस कारण हुआ धड़ाम

South Indian Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंक साउथ इंडियन बैंक के शेयरों में आज 9% की भारी गिरावट आई। यह इसके शेयरों में तीन महीने में इंट्रा-डे में सबसे गिरावट आई है। यह गिरावट बैंक के उस ऐलान के बाद आई, जिसमें बैंक ने जानकारी दी है कि आरबीआई ने एमडी और सीईओ के तौर पर महेश मुरलीधर पई के नाम को मंजूरी दे दी है। बैंक ने मार्केट खुलने से पहले आज एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी भेजी थी और महज कुछ पैसे की बढ़त के साथ खुलने के बाद यह धड़ाम हो गया। नितले स्तर पर शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 6.91% की गिरावट के साथ ₹44.44 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 9.87% टूटकर ₹43.02 तक आ गया था।

Canara Bank से आ रहे South Indian Bank के अगले सीईओ

आरबीआई ने महेश मुरलीधर पई को 1 अक्टूबर 2026 से तीन साल के लिए साउथ इंडियन बैंक का अगला एमडी और सीईओ बनाने की मंजूरी दी है। अब 16 जुलाई को बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई जाएगी और फिर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी। 50 साल के महेश के चीफ जनरल मैनेजर हैं। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक उनके पास गवर्नेंस, स्ट्रैटेजी, ट्रेजरी, फॉरेन एक्सचेंज, रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई क्रेडिट में करीब तीन दशकों का अनुभव है। केनरा बैंक में उन्होंने गोल्ड लोन वर्टिकल के सेटअप समेत कई नई शुरुआत भी की है। उन्होंने देश के बाहर अमेरिका के न्यूयॉर्क और तंजानिया में भी केनरा बैंक का काम संभाला है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने धड़ाधड़ निवेशकों का पैसा बढ़ाया है। पिछले साल 5 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹28.13 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 77.39% उछलकर एक कारोबारी दिन पहले 7 जुलाई 2026 को ₹49.90 के भाव पर पहुंचा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

IRFC ने बचा लिया यह सपोर्ट लेवल, लगातार पांचवे दिन कमजोरी, इस कारण टूट रहे शेयर

Knack Packaging IPO Listing: ₹188 पर लिस्ट ₹170 का शेयर आईपीओ को मिली थी ताबड़तोड़ बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।