दिल्ली में सोना 800 रुपये गिरकर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर, चांदी 2000 रुपये फिसली

दिल्ली में 17 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इससे सोना की कीमत तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपये गिरकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी 2,000 रुपये गिरकर 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी और चांदी में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी बढ़कर 3,987.23 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.03 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस था। इस हफ्ते सोना 3 फीसदी से ज्यााद गिर चुका है। स्पॉट सिल्वर 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 55.18 डॉलर प्रित औंस था।

इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में शाम के कारोबार में यह 0.25 फीसदी यानी 348 रुपये गिरकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.84 फीसदी यानी 2,14,149 रुपये गिरकर प्रति किलोग्राम चल रहा था।

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ रहा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल है। क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है।

फॉरेक्स डॉट कॉम में मार्केट एनालिस्ट रजाकजादा ने कहा, “कीमतें नीचे जाने पर शॉर्ट सेलर्स मौके का फायदा उठाते हैं। अगर ऑयल की कीमतें और ऊपर जाती हैं तो इसका असर गोल्ड पर दिखेगा। इसकी वजह यह है कि ऑयल महंगा होने से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा होगा। इससे इंटरेस्ट रेट बढ़ेगा जिससे लोगों की दिलचस्पी बॉन्ड्स में बढ़ेगी।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में गोल्ड की चमक घटती है, क्योंकि गोल्ड ऐसा एसेट है जिसकी कोई यील्ड नहीं होती। ट्रेडर्स को अमेरिका में सितंबर में इंटरेस्ट बढ़ने की 50 फीसदी उम्मीद है।

इस साल जनवरी के बाद से लगातार सोने पर दबाव दिखा है। जनवरी के आखिर में इसकी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। यह रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों पर दबाव दिखा।

रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान

ayodhya ram mandir trust meeting

Ram Mandir Ayodhya Atonement Ritual: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामधन (दान और चढ़ावा) गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस महापाप का पूर्ण रूप से खुलासा होना अभी बाकी है। चोरी कितनी बड़ी है, क्या-क्या गायब हुआ है और इस घिनौने कृत्य में कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। इसी बीच, इस कृत्य से आहत राममंदिर ट्रस्ट ने प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने और मंदिर परिसर की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक 10 दिवसीय महाअनुष्ठान की शुरुआत की है।

​70 वैदिक आचार्यों ने संभाला जिम्मा

​रामलला के दरबार में शुरू हुए इस 10 दिवसीय अनुष्ठान को अत्यंत गुप्त और पवित्र तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। इसके लिए देश के 70 शीर्ष वैदिक आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ये आचार्य राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह से लेकर परकोटे (परिसर की बाहरी सीमा) तक विभिन्न स्थानों पर बैठकर विशेष मंत्रोच्चार, जप और आहुतियां दे रहे हैं। एक वैदिक आचार्य के मुताबिक प्रभु के धन पर डाका डालने वालों को कानून सजा देगा, लेकिन मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह प्रायश्चित पूजन अनिवार्य था।

​बड़े खुलासे की उम्मीद

​एक तरफ जहां मंदिर परिसर में मंत्रों के उच्चारण से माहौल को शुद्ध किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और जांच स्तर पर भी कार्रवाई तेज है। सूत्रों के मुताबिक, यह गबन एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम भक्तों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर रामलला के खजाने पर नजर डालने वाले वो 'अपराधी' कौन हैं।

EPFO Pension Calculation: 10 साल की नौकरी के बाद हर महीने कितनी मिलेगी पेंशन? ₹10,000 और ₹20,000 की सैलरी पर समझें पूरा गणित

EPFO EPS 2026 Pension Calculator: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्यों के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने पिछले दिनों नई कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 2026) को नोटिफाई कर दिया। इसके बाद से पेंशन कैलकुलेशन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। करीब 6 करोड़ ईपीएफओ सदस्यों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग सैलरी ब्रैकेट के हिसाब से रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितनी गारंटीड पेंशन मिलेगी?

राहत की बात यह है कि नई EPS 2026 में भी मंथली पेंशन निकालने का पुराना फॉर्मूला और न्यूनतम 10 साल की सेवा का नियम पहले जैसा ही बरकरार रखा गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 या ₹20,000 है, तो 10 साल की नौकरी के बाद आपको हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी।

पेंशन पाने का बेसिक नियम: 10 साल की सर्विस जरूरी

ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, हर महीने रेगुलर पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य नौकरी पूरी करना अनिवार्य है। 58 साल की उम्र पूरी होने पर मासिक पेंशन मिलनी शुरू होती है। हालांकि, 50 साल की उम्र के बाद कुछ कटौती के साथ अर्ली पेंशन का विकल्प भी मिलता है।

10 साल से कम नौकरी पर क्या होगा?

अगर आपकी कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो आपको मंथली पेंशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आप या तो स्कीम सर्टिफिकेट लेकर अगली नौकरी में सर्विस जोड़ सकते हैं, या फिर ईपीएस का पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं।

कैसे होती है पेंशन की गणना?

EPFO एक तय फॉर्मूले के आधार पर आपकी मासिक पेंशन तय करता है:

मासिक पेंशन= पेंशन योग्य वेतन×पेंशन योग्य सेवा/70

पेंशन योग्य वेतन: इसका मतलब आपके आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है।

अधिकतम सीमा (Wage Ceiling): सामान्य तौर पर ईपीएस के लिए अधिकतम पेंशन योग्य सैलरी की सीमा ₹15,000 तय है, लेकिन कई मामलों में यह वास्तविक सैलरी या तय मानक (जैसे- ₹10,000 या ₹20,000) के आधार पर कैलकुलेट की जाती है।

कैलकुलेशन 1: अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 है

अगर आपकी औसत बेसिक सैलरी और डीए ₹10,000 है, तो नौकरी के वर्षों के हिसाब से आपकी पेंशन इस प्रकार बनेगी:

10 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×10)÷70=₹1,428

मासिक पेंशन: आपको हर महीने करीब ₹1,428 की पेंशन मिलेगी।

20 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×20)÷70=₹2,857

मासिक पेंशन: यह बढ़कर करीब ₹2,857 प्रति माह हो जाएगी।

35 साल की अधिकतम नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×35)÷70=₹5,000

मासिक पेंशन: आपको अधिकतम ₹5,000 प्रति माह की पेंशन मिल सकती है।

कैलकुलेशन 2: अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹20,000 है

अगर आपकी वास्तविक सैलरी ₹20,000 है और आपका कंट्रीब्यूशन सीलिंग लिमिट से ऊपर वास्तविक वेतन पर है, तो कैलकुलेशन इस प्रकार होगी:

10 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×10)÷70=₹2,857

मासिक पेंशन: आपको हर महीने करीब ₹2,857 की गारंटेड पेंशन मिलेगी।

20 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×20)÷70=₹5,714

मासिक पेंशन: यह राशि बढ़कर करीब ₹5,714 प्रति माह हो जाएगी।

35 साल की अधिकतम नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×35)÷70=₹10,000

मासिक पेंशन: आपको लाइफटाइम ₹10,000 प्रति माह की ठीक-ठाक पेंशन मिल सकती है।

अगर आपकी सैलरी ₹10,000 या ₹20,000 है, तो 10 साल बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी?

न्यूनतम पेंशन का सुरक्षा कवच

ईपीएस के तहत वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय की गई है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी कर्मचारी की 10 साल की नौकरी के बाद ईपीएफओ के फॉर्मूले से पेंशन ₹1,000 से कम यानी मान लीजिए ₹80) बनती है, तो भी सरकार उसे बढ़ाकर न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह देना सुनिश्चित करेगी।

हालांकि, देश भर के पेंशनभोगी लंबे समय से इस ₹1,000 की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर ₹5,000 से ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार की ओर से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।

टैक्सपेयर्स और नौकरी बदलने वालों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप करियर के दौरान अपनी नौकरी बदल रहे हैं, तो कभी भी पुराने ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) के पैसे को एकमुश्त निकालने की गलती न करें। हमेशा अपने UAN के जरिए अपने पुराने पीएफ अकाउंट को नई कंपनी में ट्रांसफर कराएं। ऐसा करने से आपकी पेंशन योग्य सेवा लगातार जुड़ती रहती है और बिना किसी रुकावट के आपकी 10 साल की पात्रता आसानी से पूरी हो जाती है।

महंगे पेट्रोल-डीजल से मिलेगी राहत! हर महीने ₹1000 की सीधी बचत, जानें RBL, HDFC और Axis के फ्यूल कार्ड्स में कौन है सबसे बेस्ट?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2026 Maruti Brezza details leaked ahead of launch

Maruti Brezza side tracking

Ahead of its launch on July 24, 2026, specifications and features of the 2026 Maruti Brezza have been leaked on X (previously Twitter) via user @adityalala2000. The leak mentions a new turbo-petrol engine, along with new features and exterior paint options for the 2026 Maruti Brezza. Meanwhile, bookings of the Maruti compact SUV have already commenced. 

2026 Maruti Brezza: What was leaked?

Uptuned Boosterjet engine, underbody CNG kit, and ventilated front seats to come on the 2026 Brezza

The updated Maruti Brezza is expected to get a 1.0-litre ‘Boosterjet’ turbo-petrol unit as the Fronx but in a higher state of tune. On the Brezza, it is likely to produce 110hp and 170Nm, which is 10hp and 26Nm more than the unit powering the Fronx. This engine would be paired to a manual transmission, likely a six-speed unit that was spied on a prototype model.

On the other hand, the 103hp, 139Nm 1.5-litre naturally aspirated petrol engine is expected to be retained along with its manual and automatic transmissions. A CNG kit paired to this engine could continue to be offered, but is expected to have the Victoris CNG-like underbody tank setup.

Additionally, the updated Brezza is likely to have new feature additions, including a larger 10.1-inch infotainment display with built-in apps and Alexa support, ventilated front seats, an air purifier, and 64-colour ambient lighting. New safety features are expected to include blind spot warning, rear cross traffic alert, front parking sensors, and a tyre pressure monitoring system. On the outside, the updated Brezza will likely arrive with an updated look for the bumpers. New monotone paint options, namely Vivacious Orange and Luster Beige, and new dual-tone options, with a black roof for the Arctic White and Luster Beige shades, are likely.

जिसे Messi ने गोद में नहलाया, अब उसी से होगी FIFA World Cup Final की जंग! जानिए 19 साल पुरानी तस्वीर की कहानी

किस्मत कभी-कभी ऐसी कहानियां लिख देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। लगभग 19 साल पहले Lionel Messi ने एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान एक मासूम बच्चे को गोद में उठाकर नहलाया था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि वही बच्चा एक दिन FIFA World Cup Final में Messi की टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा होगा।

 

अब 39 वर्षीय Lionel Messi और 19 वर्षीय Lamine Yamal विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने होंगे। एक तरफ इतिहास रचने वाला महान खिलाड़ी, दूसरी तरफ भविष्य का सबसे चमकता सितारा।


 

कैसे हुई Messi और Lamine Yamal की पहली मुलाकात?

 

यह कहानी दिसंबर 2007 की है। उस समय Messi केवल 20 साल के थे और Barcelona की पहली टीम में अपनी जगह मजबूत कर रहे थे। दूसरी ओर Lamine Yama* महज पांच-छह महीने के थे।

 

दरअसल, स्पेन के अखबार Diario Sport और UNICEF ने एक चैरिटी अभियान चलाया था। इसमें कैटालोनिया के परिवारों के लिए एक रैफल (लॉटरी) आयोजित की गई थी। विजेता परिवारों को Barcelona के खिलाड़ियों के साथ अपने बच्चों का फोटोशूट कराने का मौका मिलता था।

 

किस्मत ने Lamine Yamal के परिवार का नाम चुना और Camp Nou के ड्रेसिंग रूम में उनकी मुलाकात Lionel Messi से कराई गई। फोटोशूट के दौरान Messi ने छोटे से Yamal को प्लास्टिक के बेबी बाथटब में गोद में उठाकर नहलाया। यही तस्वीर बाद में 2008 के चैरिटी कैलेंडर का हिस्सा बनी।

 

सालों तक गुम रहीं तस्वीरें, फिर ऐसे हुईं वायरल

 

यह तस्वीरें कई वर्षों तक लोगों की नजरों से दूर रहीं। 2024 में जब Lamine Yamal ने Spain को Euro Cup जिताने में अहम भूमिका निभाई, तब उनके पिता ने Instagram पर पुरानी तस्वीर साझा की और कैप्शन लिखा—”The beginning of two legends.”

 

इसके बाद तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हो गईं। कई लोगों को लगा कि ये AI या एडिटिंग का कमाल है, लेकिन UNICEF ने खुद पुष्टि की कि तस्वीरें पूरी तरह असली हैं। संगठन ने बताया कि ये फोटो उनके फंडरेजिंग अभियान के दौरान ली गई थीं और फोटोग्राफर Joan Monfort ने इन्हें कैमरे में कैद किया था।

 

फोटोग्राफर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
 

इन तस्वीरों को खींचने वाले फोटोग्राफर Joan Monfort ने बताया कि Messi उस समय बेहद शर्मीले स्वभाव के थे। जब उन्हें अचानक एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर फोटोशूट करने के लिए कहा गया तो शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि बच्चे को कैसे संभालें।

 

हालांकि कुछ ही देर में उन्होंने खुद को सहज कर लिया और पूरे फोटोशूट को बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरा किया। Monfort के मुताबिक, उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यही बच्चा आगे चलकर विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा युवा सितारा बनेगा।

 

Barcelona से World Cup Final तक का सफर

 

Messi ने Barcelona को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और क्लब की नंबर-10 जर्सी को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनके क्लब छोड़ने के कुछ साल बाद Lamine Yamal ने Barcelona की पहली टीम में जगह बनाई और आज वही नंबर-10 जर्सी पहन रहे हैं।

 

दिलचस्प बात यह भी है कि Lamine Yamal अपने आइडल Neymar Jr. को मानते हैं, लेकिन वह कई बार कह चुके हैं कि Lionel Messi उनके अनुसार फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।

 

अब World Cup Final में होगी सबसे खास टक्कर

 

अब कहानी वहीं लौट आई है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। जिस बच्चे को कभी Messi ने अपनी बाहों में उठाया था, वही अब World Cup Final में Argentina के सपनों के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है।

 

एक ओर Messi लगातार दूसरा World Cup जीतकर अपने सुनहरे करियर को यादगार विदाई देना चाहेंगे, वहीं दूसरी ओर Lamine Yamal बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब जीतकर नई पीढ़ी के सुपरस्टार के रूप में अपनी पहचान पक्की करना चाहेंगे।

 

यह मुकाबला सिर्फ Argentina और Spain के बीच नहीं होगा, बल्कि एक युग से दूसरे युग तक की विरासत का भी प्रतीक बनेगा। शायद इसी वजह से 19 साल पुरानी वह तस्वीर आज दुनिया की सबसे चर्चित फुटबॉल तस्वीरों में शामिल हो चुकी है।

Scooter industry posts best-ever first-half sales in 2026

graphic showing the activa, jupiter, and access

India’s scooter industry has delivered its strongest-ever first-half (H1) performance, with wholesales of 44.2 lakh units – up 33 percent year on year (YoY) and 11 lakh units higher than in the same period of 2025. Monthly sales crossed the 7 lakh-unit mark in five of the six months, with April being the only exception. At this pace, the segment is on course to surpass 90 lakh annual units for the first time in a calendar year.

  1. Scooter wholesales reach 44.2 lakh units in H1 2026
  2. Segment on course to cross 90 lakh units in CY2026

India scooter sales H1 2026: OEM breakdown

Honda Motorcycle & Scooter India

16.2 lakh units

Market leader Honda maintained its position with 16.2 lakh scooter dispatches, up 32 percent year-on-year, giving it a 37 percent market share as the Activa and Dio continued to drive volumes. Honda’s electric scooter sales, comprising the Activa e: and QC1, contributed 2,100 units in the first half, down 4 percent year-on-year. Honda’s share of the scooter market has fallen significantly over the past decade, from 57 percent in FY2017 to 37 percent today, as TVS and other manufacturers have gained ground.

TVS Motor Co

12.6 lakh units

TVS dispatched 12.6 lakh scooters in H1 2026, up 32 percent year-on-year. Its ICE scooters, led by the Jupiter, NTorq and Zest, contributed 10.24 lakh units (up 26 percent), while the electric iQube and Orbiter added 2.41 lakh units (up 66 percent). EVs now account for 19 percent of TVS’s scooter sales, up from 15 percent a year ago.

Suzuki Motorcycle India

5.95 lakh units

Suzuki dispatched 5.95 lakh scooters, up 11 percent year-on-year, although its market share fell to 13 percent from 16 percent as the broader market expanded at a faster pace. The Access 125 remained the brand’s volume leader, ahead of the Burgman Street and Avenis. The e-Access contributed 3,390 wholesale units in H1 2026, while retail sales stood at 2,042 units.

Hero MotoCorp

3.46 lakh units

Hero MotoCorp posted the strongest growth among the larger manufacturers, with 3.46 lakh scooter dispatches – up 72 percent year-on-year. ICE scooters contributed 2.44 lakh units (up 54 percent), while the Vida electric range added 1.02 lakh units (up 136 percent). Hero’s EV penetration has risen sharply, with Vida now accounting for 30 percent of its scooter sales, compared to 21 percent in H1 2025.

Bajaj Auto

2.07 lakh units

Bajaj Auto dispatched 2.07 lakh scooters, up 53 percent year-on-year, of which 2.04 lakh were Chetak electric scooters and 2,850 were Yulu e-bikes. Bajaj’s overall scooter market share edged up to around 5 percent from 4 percent a year ago.

India Yamaha Motor

1.89 lakh units

Yamaha posted 39 percent growth with 1.89 lakh scooter dispatches, with the Fascino and RayZR accounting for 1.75 lakh units of that total. The Aerox grew 15 percent to 12,590 units. Yamaha also dispatched 678 EC-06 electric scooters between March and June, before launching the Aerox-E earlier this month.

Ather 

1.64 lakh units

Ather Energy dispatched 1.64 lakh scooters, up 67 percent year-on-year, taking its share of the overall scooter market to 4 percent from 3 percent a year ago. The Rizta remained the company’s key volume driver alongside the 450 range. Ather recently became the fourth Indian EV manufacturer to cross 7 lakh cumulative retail sales.

Other manufacturers

Piaggio Vehicles (Aprilia and Vespa) dispatched 19,162 units, up 27 percent year-on-year. River Mobility, which became a SIAM member during the year, dispatched 11,569 River Indie scooters in the April-June quarter alone, including its highest-ever monthly wholesale of 5,217 units in June.

प्लेटफॉर्म टिकट से भी सस्ता! भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन का किराया जानकर रह जाएंगे हैरान

भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन शुरू करके ग्रीन रेल ट्रांसपोर्ट के एक नए दौर में कदम रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 17 जुलाई को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह सेवा क्लीन-एनर्जी टेक्नोलॉजी और इंडियन रेलवे नेटवर्क पर सबसे सस्ते टिकट दामों में से एक का मेल है।

नॉर्दर्न रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर चलने वाली यह ट्रेन भारत को उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल करती है, जिन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर रेल सर्विस शुरू की है। स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से विकसित इस प्रोजेक्ट का मकसद पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करते हुए साफ-सुथरे ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है।

लॉन्च के बाद सबसे ज़्यादा चर्चा ट्रेन के किराए को लेकर हो रही है। कम से कम टिकट की कीमत 5 रुपये तय की गई है। जबकि ज़्यादा से ज़्यादा किराया 25 रुपये है। यह तय की गई दूरी पर निर्भर करता है। उद्घाटन सेवा में यात्रा करने वाले यात्रियों ने भी 5 रुपये वाले टिकट ही खरीदे। इसका शुरुआती किराया कई रेलवे स्टेशनों पर लगने वाले प्लेटफ़ॉर्म टिकट से भी कम है, जिससे यह सेवा भविष्य की तकनीक वाली और सस्ती दोनों बन जाती है।

किराये पर एक नज़र

• कम से कम किराया- ₹5

• ज़्यादा से ज़्यादा किराया- ₹25

• किराया इस पर निर्भर करता है- तय की गई दूरी

रूट, स्टॉप और यात्रियों की क्षमता

हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन जींद जंक्शन और सोनीपत के बीच चलेगी और लगभग दो घंटे में करीब 90 किलोमीटर का सफ़र तय करेगी। इसे ज़्यादा से ज़्यादा 75 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलाने की मंज़ूरी मिली है, जबकि इसकी डिज़ाइन स्पीड 110 किमी/घंटा है।

रूट पर पड़ने वाले स्टेशन

•जींद जंक्शन

•जींद सिटी

•पांडु पिंडारा

•ललित खेड़ा हॉल्ट

•भंभेवा

•ईसापुर खेड़ी हॉल्ट

•बुटाना हॉल्ट

•खांडराई हॉल्ट

•राबराह हॉल्ट

•लाठ

•मोहाना

•बरवासनी हॉल्ट

•सोनीपत

10 कोच वाली इस ट्रेन में लगभग 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं और उम्मीद है कि यह इस रूट पर रोज़ाना यात्रा करने वालों के काम आएगी।

यह ट्रेन दूसरों से अलग क्यों है?

आम ट्रेनों के उलट, जो डीज़ल इंजन या ऊपर लगे तारों से मिलने वाली बिजली पर चलती हैं, यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल का इस्तेमाल करके खुद ही बिजली बनाती है। फ्यूल सेल के अंदर, हाइड्रोजन ऑक्सीजन के साथ मिलकर बिजली बनाती है। इस प्रक्रिया में बाई-प्रोडक्ट के तौर पर सिर्फ़ पानी की भाप और गर्मी निकलती है, जिससे यह ट्रांसपोर्ट का ज़ीरो-एमिशन (बिना प्रदूषण वाला) ज़रिया बन जाता है। इसे चलाने के लिए ज़रूरी हाइड्रोजन की सप्लाई जींद में बने एक खास प्लांट से की जाएगी।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की मुख्य विशेषताएं

• 10-कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन

• हाइड्रोजन से चलने वाली दो ड्राइविंग पावर कारें

• आठ ट्रेलर कोच और 1,200 kW का हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम

• लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता और अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 75 kmph

• डिज़ाइन स्पीड 110 kmph

• हाइड्रोजन लीक, धुआं, आग और ज़्यादा गर्म होने का पता लगाने के लिए एडवांस्ड सिस्टम

• बिना पारंपरिक ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों के चलती है

भारत की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन सुविधा

इस प्रोजेक्ट के तहत जींद में भारत की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन स्टोरेज और रीफ्यूलिंग सुविधा भी बनाई गई है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा में लगभग 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोर की जा सकती है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माने जाने वाले सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले इसकी स्वतंत्र सुरक्षा जांच भी की गई है।

भारत ग्लोबल हाइड्रोजन रेल नेटवर्क में शामिल हुआ

इस सर्विस के शुरू होने के साथ ही, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली रेल टेक्नोलॉजी अपनाई है। जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, इटली, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों में हाइड्रोजन ट्रेनें पहले से ही चल रही हैं या उनके ट्रायल चल रहे हैं। इस लॉन्च के साथ भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जो अगली पीढ़ी के, कम प्रदूषण वाले रेलवे सिस्टम में निवेश कर रहे हैं।

हरियाणा के CM ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस प्रोजेक्ट को देश की क्लीन एनर्जी यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विज़न को दिखाती है, साथ ही यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मज़बूत करती है और आर्थिक विकास में मदद करती है।

PM मोदी ने दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स भी लॉन्च किए

हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए सिरे से तैयार किए गए जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया और देश भर के 75 अपग्रेड किए गए रेलवे स्टेशनों को वर्चुअली देश को समर्पित किया।

उन्होंने अमृतसर और वाराणसी को जोड़ने वाली संत रविदास एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई। चंडीगढ़ दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री ने PGIMER में बड़े हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन किया, जिसमें ‘एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर’ भी शामिल है।

Stock Market Rally: शाइनिंग शुक्रवार, सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24300 के पार, निवेशकों पर ₹81698 करोड़ की बारिश

शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह काफी अच्छी रही। हरे निशान में ओपनिंग के बाद सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 1,095.68 अंक तक उछला। इसने 78,282.55 का मार्क छुआ। आईटी स्टॉक्स, बैंकिंग स्टॉक्स, ऑटो स्टॉक्स, रियल्टी स्टॉक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज व जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी के दम पर सेंसेक्स बाद में 964.58 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर दिन में पिछली क्लोजिंग से 294.55 अंक उछलकर 24,367.30 के हाई तक गया। बाद में यह 261.55 अंकों की बढ़त के साथ 24,334.30 पर सेटल हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 81,697.82 करोड़ रुपये बढ़ गया। गुरुवार, 16 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,80,10,512.78 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह बढ़कर 4,80,92,210.60 करोड़ रुपये हो गया।

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एक दिन पहले क्या रहा था मार्केट का हाल

गुरुवार को सेंसेक्स लगभग फ्लैट रहा था। सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 5.75 अंक गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ था। आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में तेजी रही थी।

रुपये की चाल

17 जुलाई को रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 96.42 पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में नए तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी ने घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव पड़ा।

वैश्विक बाजारों की चाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में गिरावट है। निक्केई 225 लगभग 5 प्रतिशत नीचे है। हेंग सेंग 2 प्रतिशत, शंघाई वेटेड 3 प्रतिशत और ताइवान वेटेड 7 प्रतिशत गिरा है। जकार्ता कंपोजिट में 1 प्रतिशत की तेजी है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश

जेप्टो के आईपीओ को नॉर्जेज के कई फंडों, नॉर्वेजियन सॉवरेन वेल्थ फंड, मोतीलाल ओसवाल और अन्य निवेशकों की बोलियां मिली हैं। इस मामले से जुड़े कई लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि जेप्टो के एंकर बुक का करीब 40-45 फीसदी हिस्सा नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल कवर कर सकती हैं।

जेप्टो के आईपीओ का प्रोसेस अभी चल रहा है। कुछ बड़े म्यूचुअल फंड्स ने भी जेप्टो पर दांव लगाने में दिलचस्पी दिखाई है। वह क्विक कॉमर्स कंपनी के फंड जुटाने के प्लान का हिस्सा बन सकते हैं। जेप्टो, नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल ने इस बारे में मनीकट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए।

गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल (GPFG) जैसे फंडों के जरिए नॉर्जेज ने पहले से ही कई न्यू-एज कंपनियों में निवेश कर रखा है। इनमें Eternal और Swiggy शामिल है। इनका क्विक कॉमर्स मार्केट में सीधे जेप्टो से मुकाबला है। क्विक कॉमर्स मार्केट में ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट भी मौजूद हैं।

जेप्टो की नई प्री-मनी वैल्यूएशन 4.3 अरब डॉलर और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब 5.1 अरब डॉलर है। यह अक्तूबर 2025 में US CALPERS और दूसरे निवेशकों के 45 करोड़ डॉलर के निवेश के लिए लगाई गई जेप्टो की 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का 27 फीसदी है।

जेप्टो की वैल्यूएशन में आई कमी की वजह कंपनी के लगातार निवेश (Cash Burn), मुनाफा बनाने की क्षमता और दूसरे पैमाने हैं, जिनको लेकर सवाल खड़े होते हैं। न्यू-एज कंपनियों के प्राइवेट मार्केट के मुकाबले पब्लिक मार्केट में वैल्यूएशन कम रखने के मामले पहले भी आ चुके हैं। Meesho सहित कुछ कंपनियां ऐसा कर चुकी हैं।

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जेप्टो ने पिछले महीने की शुरुआत में सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) फाइल किया था। कंपनी आईपीओ में नए शेयर इश्यू करेगी। साथ ही इसमें ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल होगा। इसके जरिए पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ 9,000-10,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।

2026 Lexus ES vs rivals: Prices and specifications compared

2026 Lexus ES vs rivals price specifications compared

The new-gen Lexus ES initially went on sale in India in all-electric 500e guise a few months ago. Lexus has now launched the strong hybrid 350h version of the new ES in India as well, completing the sedan’s powertrain line-up. We compare the 2026 Lexus ES to its rivals – the Mercedes-Benz E-Class, BMW 5 Series LWB and Audi A6 – on paper to find out how the Japanese luxury sedan stacks up.

2026 Lexus ES vs rivals: Dimensions

ES is one of the longest overall, but has the second-shortest wheelbase

2026 Lexus ES dimensions compared to rivals

 ESE-Class5 Series LWBA6
Length (mm)5,1455,0825,1754,939
Width (mm)1,9201,8801,9001,886
Height (mm)1,5751,4921,5181,470
Wheelbase (mm)2,9503,0943,1052,930
Boot space (litres)377540500530
Wheel size (inches)19-21181918-19

The ES is the widest and tallest car in its segment, and the second-longest overall, falling short of the 5 Series LWB by only 30mm. However, the ES’ wheelbase is trounced by those of the E-Class and 5 Series LWB, and the Lexus sedan also has the smallest boot here. The ES hybrid does get 19-inch wheels as standard, though, beating the likes of the E-Class and A6 – only the ES EV gets 21-inchers.

2026 Lexus ES vs rivals: Powertrains and performance

ES hybrid is not as powerful as 5 Series LWB and A6

2026 Lexus ES powertrains and performance compared to rivals

 ESE-Class5 Series LWBA6
Engine/battery2.5H / 74.68kWh2.0P / 2.0D / 3.0P2.0P2.0P
Motor setupNA / Front+rearNANANA
Mild hybrid systemNA48V48V12V
Cylinder count4 / NA4 / 4 / 644
Power (hp)247 / 343204 / 197 / 381258265
Torque (Nm)235 (E)+270 (M) / 438320 / 440 / 500400370
Gearboxe-CVT / 1-speed AT9-speed AT8-speed AT7-speed DCT
Drive layoutFWD / AWDRWD / RWD / AWDRWDFWD
0-100kph time (sec)7.7 / 5.57.5 / 7.6 / 4.56.56.7
Claimed range (km)– / 580km

H: Hybrid, P: Petrol, D: Diesel

E: Engine, M: Motor

As noted previously, the ES is the only luxury sedan in its class that can be had in strong hybrid and electric guises. The 2.5-litre engine of the ES 350h is the largest 4-cylinder mill in its segment, though it’s beaten in power output by the A6 and 5 Series LWB. The ES hybrid also claims the slowest 0-100kph time in this company, but it’s worth noting that this powertrain is geared more towards fuel efficiency and ease of driving instead of outright performance.

Coming to the ES 500e EV, it’s the second-most powerful here, with the 6-cyl E450 edging ahead – the E-Class stands out as the only sedan in its segment to offer diesel and 6-cyl petrol engine options. Both the ES 500e and E450 uniquely offer AWD as well, but Lexus’ electric sedan takes a full second longer to complete the 0-100kph sprint.

2026 Lexus ES vs rivals: Price

ES hybrid carries the second-lowest price tag in its class

2026 Lexus ES price compared to rivals

 Price range (Rs, lakh)
ES hybrid66.10-71.80
ES EV89.99
E-Class81.50-95.00
5 Series LWB76.60
A664.81-71.66

The Lexus ES 350h hybrid is the second-most affordable option in its segment, beaten only by the A6. It’s worth noting, however, that the A6 currently sold in India is quite old and there’s a new-gen model available globally. Still, the ES hybrid is a whopping Rs 10.5 lakh more affordable than the 5 Series LWB, and undercuts the base E-Class by a staggering Rs 15.4 lakh. As for the ES 500e EV, its price tag can be compared with that of the top-spec E450, which costs Rs 5 lakh more.

All prices are ex-showroom, India.