IDBI Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़कर हुआ ₹2115 करोड़, NII में 10% का इजाफा

हिस्सेदारी बिक्री की राह तक रहे IDBI Bank ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 2115.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 2007.36 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 1.35 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 8,573 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 8,458 करोड़ रुपये थी।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,166 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 2,167.81 करोड़ रुपये रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2,354 करोड़ रुपये था।

NPA का हाल

जून 2026 तिमाही में IDBI Bank का ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 2.30 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.93 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.16 प्रतिशत पर आ गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.21 प्रतिशत था। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.89 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2.01 प्रतिशत था।

IDBI Bank के शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर

IDBI Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 87.02 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 93500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 16 प्रतिशत मजबूत हुआ है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।

रणनीतिक बिक्री के लिए मिलीं नई बोलियां

हाल ही में सरकार को IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी से संशोधित वित्तीय बोलियां मिली हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सफल बोली लगाने वाले के बारे में अंतिम फैसला वित्तीय बोलियां खुलने के बाद लिया जाएगा। ऐसा बहुत जल्द होने की संभावना है। सरकार और LIC की IDBI Bank में कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Most watched Movies On OTT 2026: ओटीटी पर सबसे ज्यादा बार देखी गईं ये टॉप 10 फिल्में, रणवीर सिंह से कृति सेनन तक लिस्ट में शामिल

Most watched Movies On OTT 2026: 2026 के पहले छह महीनों का OTT रिपोर्ट कार्ड आ गया है और लेटेस्ट स्ट्रीमिंग नंबर डिजिटल स्पेस में थिएटर रिलीज के बढ़ते असर को दिखाते हैं। इसमें देश के दो सबसे बड़े स्टार, रणवीर सिंह और कृति सेनन सबसे आगे हैं, जिनकी फिल्में जनवरी और जून 2026 के बीच स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले बॉलीवुड टाइटल्स में शामिल हुई हैं।

रणवीर सिंह

एक्टर धुरंधर और धुरंधर 2 दोनों के साथ चार्ट में सबसे ऊपर हैं, जो इस फ्रैंचाइजी की थिएटर रन से परे भी जबरदस्त पॉपुलैरिटी को कन्फर्म करता है। धुरंधर ने 35.2 मिलियन व्यूज के साथ टॉप स्पॉट हासिल किया, जबकि धुरंधर 2 27.8 मिलियन व्यूज के साथ उसके ठीक पीछे रहा। दोनों फिल्मों को मिलाकर 63 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं, जिससे यह फ्रेंचाइजी इस साल की अब तक की सबसे बड़ी OTT सक्सेस स्टोरी बन गई है।

कृति सेनन

जहां रणवीर सिंह का बड़ा सिनेमैटिक यूनिवर्स बस अछूता है, वहीं कृति सेनन ने चुपचाप और शान से खुद को OTT व्यूअरशिप की बिना किसी शक के क्वीन का ताज पहनाया है! पिछले साल, उन्होंने दो पत्ती से राज किया, और उससे पहले, क्रू ने OTT स्पेस पर राज किया था!

कृति सेनन ने तेरे इश्क में के साथ अपना शानदार डिजिटल रन जारी रखा, जिसने 12 मिलियन व्यूज के साथ लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल किया। यह परफॉर्मेंस उनकी पिछली OTT रिलीज़ की सफलता के बाद, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कृति की लगातार अपील को और मजबूत करती है। अलग-अलग जॉनर में दर्शकों को खींचने की उनकी काबिलियत ने उन्हें डिजिटल स्पेस में भी लीडिंग फीमेल स्टार्स में से एक बना दिया है।

जहां मेल एक्टर्स ने हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ मुकाबला किया, वहीं कृति सनेन इमोशनल स्पेस में पूरी तरह से हावी रहीं। आनंद एल राय की हिट रोमांटिक ड्रामा तेरे इश्क में ने 12 मिलियन व्यूज के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस बीच, नेटफ्लिक्स ने इस चार्ट पर राज किया, जिसने टॉप 10 में से 9 स्लॉट हासिल किए, उसके बाद जियोहॉटस्टार ने धुरंधर के लिए दो स्थान साझा किए।

ओटीटी पर 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा देखी गई बॉलीवुड फिल्में देखें। ये फिल्में या तो सीधे ओटीटी पर आईं या अपनी थिएट्रिकल रन पूरी करने के बाद।

1. धुरंधर – 35.2 मिलियन-नेटफ्लिक्स-जियोहॉटस्टार

2. धुरंधर 2 – 27.8 मिलियन-नेटफ्लिक्स-जियोहॉटस्टार

3. तेरे इश्क में – 12 मिलियन-नेटफ्लिक्स

4. भूत बांग्ला – 11.6 मिलियन-NetFlix

5. मर्दानी 3 – 10.7 मिलियन-NetFlix

6. हक – 9.6 मिलियन-नेटफ्लिक्स

7. दे दे प्यार दे 2 – 9.5 मिलियन-नेटफ्लिक्स

8. बॉर्डर 2 – 8.4 मिलियन-नेटफ्लिक्स

9. किस किस को प्यार करूं 2 – 8.3 मिलियन-जियोहॉटस्टार

10. दो दीवाने शहर में – 5.1 मिलियन-नेटफ्लिक्स

थियेटर ब्लॉकबस्टर्स को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार मज़बूती मिल रही है, 2026 के पहले छह महीनों में एक बार फिर भारत के बड़े सितारों का डिजिटल आकर्षण दिखा है। रणवीर सिंह की धुरंधर फ्रैंचाइज़ी ने OTT व्यूअरशिप के लिए बेंचमार्क सेट किया है, जबकि कृति सनोन की तेरे इश्क में इस साल स्ट्रीमिंग पर सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली महिला-प्रधान बॉलीवुड फ़िल्म बन गई है।

₹1 लाख का लोन लेकर शुरू किया काम, अब सालाना ₹8 लाख की कमाई! मिलिए छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ दिलमति से

Chhattisgarh Lakhpati Didi Dilmati Success Story: पारंपरिक खेती से जैसे-तैसे गुजारा करने से लेकर आज सालाना ₹8 लाख तक की कमाई करने तक, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की दिलमति की कहानी देश के ग्रामीण इलाकों में आ रहे बड़े बदलाव की मिसाल है। दिलमति ने एक सफल सुअर पालन व्यवसाय खड़ा करके न केवल अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाला, बल्कि वे छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ बनकर उभरी हैं।

उनकी इस सफलता ने उनके गांव के कई अन्य परिवारों को भी इस बिजनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। आइए जानते हैं दिलमति के संघर्ष और उनकी कामयाबी की पूरी कहानी।

कौन हैं लखपति दीदी दिलमति?

दिलमति छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले के लादुवा गांव की रहने वाली हैं। वे स्थानीय ‘मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) की एक सक्रिय सदस्य हैं। कुछ साल पहले तक दिलमति का परिवार पूरी तरह से पारंपरिक खेती पर निर्भर था। सीमित आय के कारण उन्हें घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।दिलमति की जिंदगी में यू-टर्न तब आया जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहां उन्हें सरकार द्वारा समर्थित आजीविका के अवसरों और योजनाओं के बारे में जानकारी मिली।

₹1 लाख के लोन से ऐसे खड़ा किया साम्राज्य

समूह के अधिकारियों और जानकारों से प्रोत्साहन मिलने के बाद दिलमति ने एक साहसिक कदम उठाया। दिलमति ने स्वयं सहायता समूह (SHG) के जरिए ₹1 लाख का लोन लिया। इस रकम से उन्होंने सुअर पालन का काम शुरू करने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड से 10 सुअर खरीदे।

धीरे-धीरे उनका यह बिजनेस मुनाफे में बदल गया। उनके फार्म में प्रत्येक मादा सुअर 9 से 10 बच्चों (पिगलेट्स) को जन्म देती है, और एक-एक बच्चा बाजार में करीब ₹5,000 में बिकता है। आज के समय में दिलमति के पास 9 मादा सुअर हैं, जिससे उनकी सालाना आमदनी ₹7 लाख से ₹8 लाख के बीच हो जाती है।

कमाई से तैयार किए कमाई के नए साधन

दिलमति केवल सुअर पालन तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने इस बिजनेस से होने वाली कमाई को समझदारी से दूसरी जगहों पर री-इन्वेस्ट किया:

  1. उन्होंने सुअरों के रहने के लिए एक पक्का और आधुनिक शेड बनवाया है।
  2. खेती को आसान बनाने के लिए धान और मक्का की थ्रेशिंग (मिसाई) मशीनें खरीदीं।
  3. अपनी खेती में ड्रिप इरिगेशन तकनीक को अपनाया और बड़े पैमाने पर जैविक सब्जियों की खेती शुरू की।
  4. इन सब अलग-अलग जरियों से अब उनके परिवार के पास कमाई के कई माध्यम तैयार हो चुके हैं।

गांव की महिलाओं के लिए बनीं रोल मॉडल, प्रशासन भी करेगा मदद

दिलमति की इस बड़ी सफलता ने लादुवा गांव की तस्वीर बदल दी है। दिलमति की कामयाबी को देखकर गांव के करीब 10 से 15 अन्य परिवारों ने भी सुअर पालन को अपनी आजीविका के रूप में अपना लिया है। दिलमति खुद अब दूसरी महिलाओं को नियमित बचत करने, समूहों से जुड़ने और लोन लेकर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं।

दिलमति की इस उपलब्धि को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन अब इस तरह की आजीविका पहलों को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की योजना बना रहा है। बलरामपुर के कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मुताबिक, प्रशासन अब एक ‘गोट क्लस्टर प्रोजेक्ट’ तैयार कर रहा है। इसके तहत और भी अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।

हर शेयर पर ₹656 का बंपर डिविडेंड, 24 जुलाई से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 2 सप्ताह में 8% मजबूत

फार्मा कंपनी एबॉट इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 656 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 131 रुपये का स्पेशल और 525 रुपये का फाइनल डिविडेंड शामिल है। रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

दोनों तरह के डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। प्रपोजल पर 13 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद डिविडेंड का पेमेंट 18 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

एबॉट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 475 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसका डिविडेंड देने का अच्छा इतिहास है। कंपनी साल 2003 से लगातार डिविडेंड दे रही है। 525 रुपये प्रति शेयर, एबॉट का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।

Abbott India का शेयर एक साल में 18 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 28013.60 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 59500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 18 प्रतिशत नीचे आया है। एबॉट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 35,280 रुपये और एडजस्टेड लो 25,164 रुपये है।

ICICI Bank Q1 Results: मुनाफे में 16% का उछाल, इनकम 5% बढ़ी; एसेट क्वालिटी और सुधरी

कंपनी की वित्तीय सेहत

एबॉट इंडिया का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,709.51 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 394.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,929 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,552 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी Abbott Laboratories की ​सब्सिडियरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है।

सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे।
मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।”

एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है।

भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है।

बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं।

अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।”

कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Yes Bank Q1 FY27 Financial Results: यस बैंक ने आज, 18 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। साथ ही बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी तगड़ा उछाल आया है।

हालांकि, तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी लोन डूबने की आशंका में रखी रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आइए आपको बताते हैं यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों की हर एक बड़ी बात।

मुनाफा 33.5% बढ़ा, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी उछाल

यस बैंक के लिए मुनाफे और कोर इनकम के मोर्चे पर यह तिमाही बेहतर साबित हुई है। जून तिमाही में यस बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5% बढ़कर ₹1,070 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा कम था। यह प्रदर्शन सीएनबीसी-टीवी18 के पोल के अनुमान (₹1,100 करोड़) के बिल्कुल करीब रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17.5% की ग्रोथ के साथ ₹2,786.3 करोड़ रही है।

तिमाही आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़े प्रोविजंस

नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा प्रोविजंस का रहा है। मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में यस बैंक का प्रोविजन 100% से भी ज्यादा बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹187 करोड़ था। प्रोविजंस का बढ़ना यह दिखाता है कि बैंक ने संभावित खराब लोन से निपटने के लिए सुरक्षित फंड की राशि को बढ़ाया है।

एसेट क्वालिटी रही पूरी तरह स्थिर, नहीं बढ़ा एनपीए

प्रोविजंस बढ़ने के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी पिछली तिमाही के स्तर पर ही पूरी तरह टिकी हुई है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के समान ही 1.3% पर स्थिर रहा। हालांकि वैल्यू के हिसाब से यह मार्च के ₹3,604 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹3,704 करोड़ रहा है। नेट एनपीए भी बिना किसी बदलाव के 0.2% पर बरकरार रहा। वैल्यू के मामले में यह पिछली तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले ₹677 करोड़ रहा है।

लोन और डिपॉजिट का कैसा रहा हाल?

यस बैंक के लोन ग्रोथ नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही के मुकाबले भी यह 4.3% बढ़ा है। बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.3% की बढ़त हुई है और यह ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मार्च के मुकाबले डिपॉजिट में 1.1% की मामूली गिरावट देखी गई है।

निफ्टी बैंक में वापसी के बाद शेयरों की स्थिति

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन नतीजों से ठीक पहले यस बैंक का शेयर 0.9% की मामूली गिरावट के साथ ₹23.53 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत से बात करें तो यस बैंक के शेयर ने निवेशकों को करीब 10% का रिटर्न दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में इंडेक्स रिशफल के दौरान यस बैंक को दोबारा निफ्टी बैंक इंडेक्स में शामिल कर लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर बढ़ा है।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

किचन में कुत्ते की एक मासूम हरकत बनी बड़ी तबाही! टोस्टर ऑन होते ही जल उठा पूरा घर, 3 पालतू जानवरों की मौत [VIDEO]

पालतू जानवर परिवार का हिस्सा होते हैं, लेकिन उनकी एक अनजानी हरकत भी कभी-कभी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। अमेरिका के Maryland में ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया, जहां घर में अकेले छोड़े गए एक पालतू कुत्ते ने गलती से टोस्टर (Toaster) ऑन कर दिया। देखते ही देखते पूरे घर में आग लग गई। इस हादसे में परिवार के तीन पालतू जानवरों की मौत हो गई, जबकि घर को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

 

यह घटना 10 जुलाई को Belcamp, Maryland के एक घर में हुई। उस समय घर के मालिक बाहर गए हुए थे और अंदर केवल उनके पालतू कुत्ते और बिल्लियां मौजूद थीं। बाद में घर में लगे Ring Security Camera की फुटेज ने आग लगने की पूरी वजह सामने ला दी।

 

कैसे लगी आग? CCTV में कैद हुई पूरी घटना

 

जांच में सामने आया कि परिवार का पालतू कुत्ता Bo खेलते-खेलते किचन के काउंटर पर चढ़ गया। काउंटर पर रखा टोस्टर पहले से बिजली के प्लग में लगा हुआ था। कुत्ते के शरीर के संपर्क में आने से टोस्टर का स्विच ऑन हो गया।

 

कुछ ही देर में टोस्टर गर्म होने लगा और उसके आसपास रखा ज्वलनशील सामान आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने पूरे किचन और फिर घर के बाकी हिस्सों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

 

फायर अधिकारियों ने सुरक्षा कैमरे की फुटेज देखने के बाद स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह एक दुर्घटना थी और आग लगने की वजह गलती से चालू हुआ टोस्टर था।

दो पालतू जानवर बच गए, तीन की चली गई जान

 

आग लगते ही आसपास के लोगों ने धुआं उठता देखा और तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। पड़ोसियों ने बहादुरी दिखाते हुए दो कुत्तों Bo और Addie को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

 

हालांकि तीसरे कुत्ते Dakota और परिवार की दो बिल्लियां आग और धुएं में फंस गईं। उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई।

 

सूचना मिलते ही करीब 30 दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और लगभग 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधिकारियों के अनुसार, घर की संरचना को करीब 1.5 लाख डॉलर और अंदर रखे सामान को करीब 50 हजार डॉलर का नुकसान हुआ।

 

हर साल पालतू जानवरों की वजह से लगती हैं सैकड़ों आग

 

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसे बेहद दुर्लभ नहीं हैं। National Fire Protection Association (NFPA) के मुताबिक, अमेरिका में हर साल करीब 1,000 घरों में पालतू जानवरों की वजह से आग लग जाती है।** कई बार कुत्ते या बिल्लियां गलती से स्टोव, टोस्टर या दूसरे किचन उपकरण चालू कर देते हैं। वहीं मोमबत्तियां गिरने या बिजली के तारों को नुकसान पहुंचने से भी आग लगने के मामले सामने आते हैं।

 

NFPA का अनुमान है कि हर साल करीब 5 लाख पालतू जानवर किसी न किसी रूप में घर में लगी आग से प्रभावित होते हैं।

 

ऐसे हादसों से कैसे बचें?

 

फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स लोगों को सलाह देते हैं कि घर से बाहर निकलते समय टोस्टर, ओवन और दूसरे इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों का प्लग जरूर निकाल दें। किचन काउंटर पर ज्वलनशील सामान न रखें और जहां पालतू जानवर हों वहां स्टोव नॉब कवर या अन्य सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें।

 

इसके अलावा घर में स्मोक अलार्म सही स्थिति में होना भी बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते अलर्ट मिल सके और जान-माल का नुकसान कम किया जा सके।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।

नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी

PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:

मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।

टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।

ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर

अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।

बैंक का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।

बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं।

हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव

सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:

ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।

डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।

PNB के शेयरों का क्या है हाल?

नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।

Kotak Mahindra Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर हुआ ₹4123 करोड़, एसेट क्वालिटी में सुधार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

3 reasons to buy the Mahindra Thar and 3 to skip it

Thar

The Mahindra Thar is one of India’s most capable off-road SUVs and is available with petrol and diesel engines, rear-wheel drive and four-wheel drive options. Priced from Rs 10.32 lakh (ex-showroom), it prioritises off-road ability over outright practicality. Here are three reasons to buy the Thar and three reasons why you may want to look elsewhere.

Reasons to buy

Built for serious off-roading

Purpose-built hardware makes it exceptionally capable off road

Few SUVs at this price can match the performance of the Thar once the road ends. Its ladder-frame construction, low-range transfer case and mechanical locking differential on 4×4 variants allow it to tackle steep climbs, deep ruts and loose surfaces with confidence. Even difficult trails are handled with surprising ease, making the Thar one of the most capable off-road SUVs currently on sale.

Strong petrol and diesel engines

Both petrol and diesel engines are refined and offer strong performance

The Thar is available with three engine options. The 1.5-litre diesel (4×2 only) produces 119hp and 300Nm, while the larger 2.2-litre diesel develops 132hp and 300Nm. The 2.0-litre turbo-petrol, meanwhile, makes 152hp and 300Nm. All engines come paired with a 6-speed manual gearbox, while the 2.2-litre diesel and 2.0-litre petrol can also be had with a 6-speed torque-converter automatic.

The diesel engine stands out for its refinement and strong low-end torque, making it particularly well-suited to off-road driving. Buyers looking for stronger on-road performance, meanwhile, will appreciate the punch of the turbo-petrol engine.

Better equipped than before

Recent updates make the cabin easier to live with

The latest updates have addressed several everyday usability issues. The Thar now gets a larger 10.25-inch touchscreen, rear-view camera, rear washer and wiper, rear AC vents, Type-C charging port, revised centre console with an adjustable armrest, grab handles on the A-pillars and relocated power window switches. While these are relatively small changes individually, together they make the Thar noticeably easier to use every day.

Reasons to skip

Rear-seat access remains inconvenient

Three-door body style limits practicality

Getting into the rear seats remains one of the Thar’s biggest compromises. The front seats need to be folded and slid forward, making access inconvenient, particularly for older passengers and those travelling with children. Boot space is also limited, leaving little room for luggage when all four seats are occupied. Buyers who frequently travel with family or need a more practical everyday SUV may find five-door alternatives better suited to their needs.

Ride comfort isn’t its forte

Suspension prioritises off-road ability over comfort

The Thar’s suspension is designed primarily for off-road use and it feels bouncy over broken roads. While Mahindra has improved the setup over the years, it isn’t as settled or comfortable as most monocoque SUVs. The hydraulically assisted steering is heavier than the electrically assisted systems used by most rivals and can kick back when driving over potholes or other sharp road imperfections.

Not particularly fuel efficient

Petrol and diesel engines aren’t efficiency focused

The Thar’s engines deliver strong performance, but fuel efficiency is not one of its strengths. In our 2021 Thar road test, the petrol automatic returned 7kpl in the city and 9.3kpl on the highway. The diesel manual performed better, managing 12kpl in the city and 12.6kpl on the highway, but it still trails many similarly priced monocoque SUVs. Buyers covering high annual running may find more economical alternatives elsewhere.