China: ट्रक के टायर पर बैठ 3 घंटे तक बाढ़ में तैरता रहा शख्स, वजह जानकर भावुक हो जाएंगे आप

दक्षिणी चीन से सामने आई एक भावुक कर देने वाली कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया है। गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में रहने वाले 30 साल के जी (Xie) ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की चिंता में ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। लगातार बारिश और भयानक बाढ़ के कारण जब माता-पिता से संपर्क टूट गया, तो बेटे ने इंतजार करने के बजाय खुद उन्हें खोजने का फैसला किया। खतरनाक बाढ़ के पानी, तेज बहाव और मुश्किल हालात के बीच शिए करीब तीन घंटे तक तैरता रहा और अपने माता-पिता तक पहुंचने की कोशिश करता रहा।

इस दौरान उसकी हिम्मत और परिवार के प्रति प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। जी (Xie) की ये कहानी बताती है कि अपनों की चिंता इंसान को बड़े से बड़े खतरे का सामना करने की ताकत दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग उसकी बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।

बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

गुआंग्शी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई लोगों की जान भी चली गई। जी (Xie) के माता-पिता किनझोउ शहर के पास एक गांव में रहते थे, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल था।

पिता चावल बचाने गए और फिर नहीं लौटे

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ का पानी घर के आसपास बढ़ने लगा था। घटना से एक रात पहले जी (Xie) की मां ने उसे फोन कर बताया कि उसके पिता हाल ही में कटे हुए चावल को बचाने के लिए बाहर गए हैं, लेकिन काफी समय बाद भी वापस नहीं लौटे। बिजली कटने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण जी (Xie) अपने माता-पिता से दोबारा संपर्क नहीं कर पाया। उसे डर सताने लगा कि कहीं उसके 63 वर्षीय पिता बाढ़ के तेज बहाव में बह तो नहीं गए।

टायरों के सहारे शुरू किया खतरनाक सफर

अगली सुबह शिए ने अपने एक दोस्त के साथ माता-पिता के गांव जाने का फैसला किया। शहर से गांव की दूरी करीब 10 किलोमीटर थी और रास्ते में हर तरफ पानी भरा हुआ था। बाढ़ पार करने के लिए दोनों ने एक स्थानीय दुकान से ट्रक के दो पुराने टायर खरीदे और उन्हें तैरने के सहारे के रूप में इस्तेमाल किया।

तेज धार और ठंडे पानी के बीच जारी रही जंग

जी (Xie)पहले से अच्छा तैराक था, लेकिन उसने माना कि यह सफर आसान नहीं था। रास्ते में तेज बहाव और ठंडे पानी ने मुश्किलें बढ़ा दीं। कई जगह उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। बताया गया कि अंतिम एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही लगभग एक घंटा लग गया।

ऊपरी मंजिल पर फंसे मिले पिता

कई घंटों की मेहनत के बाद जब शिए अपने घर पहुंचा, तो उसने देखा कि बढ़ते पानी के कारण उसके पिता घर की ऊपरी मंजिल पर फंस गए थे। पिता को सुरक्षित देखकर बेटे को राहत मिली। इसके बाद जी (Xie) ने अपने पिता को घर के पीछे बने संकरे रास्ते से निकालकर ऊंचाई वाले दूसरे घर तक पहुंचाया, जहां वह सुरक्षित रह सके।

बेटे ने पहले बचाया, फिर पिता को समझाया

पिता को सुरक्षित देखने के बाद जी (Xie) ने उन्हें डांट भी लगाई। उसने कहा कि चावल बचाने के लिए अपनी जिंदगी खतरे में डालना सही फैसला नहीं था। शिए ने बताया कि पिता उसे देखकर मुस्कुराए थे, लेकिन उसने तुरंत उन्हें समझाया कि किसी भी सामान से ज्यादा जरूरी इंसान की जिंदगी होती है।

मुश्किल समय में बेटे के प्यार की मिसाल

जी (Xie) की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बाढ़ जैसी खतरनाक स्थिति में अपने माता-पिता के लिए उसकी हिम्मत, चिंता और प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। यह घटना दिखाती है कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी और अपनापन इंसान को मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना करने की ताकत दे सकता है।

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Renault Duster 1.3L turbo MT vs DCT: Performance compared

Renault Duster 1.3L turbo MT vs DCT: Real world performance comparison

The Renault Duster was one of the first midsize SUVs in India, which was relaunched in 2026 after being absent from the Indian automotive space since 2022. With the new-generation model, Renault has equipped the Duster with not only a fresh design and more modern-day amenities, but also two turbo-petrol engine options. Among these, the larger 1.3-litre turbo-petrol mill is offered with both manual and DCT choices. But which one offers better real-world performance? Let us find out.

Renault Duster 1.3L turbo MT vs DCT: Specifications and price

The MT’s lower weight helps it with higher power- and torque-to-weight ratios

Renault Duster 1.3L turbo-petrol MT vs DCT: Specifications and price

 

Duster 1.3TP MT

Duster 1.3TP DCT

Engine

4-cyl, turbo-petrol

4-cyl, turbo-petrol

Displacement (cc)

1333

1333

Power (hp)

163

163

Torque (Nm)

280

280

Gearbox

6-speed MT

6-speed DCT

Kerb weight

1372

1393

Power-to-weight*

118.80

117.01

Torque-to-weight^

204.08

201

Price range (Rs, lakh)

12.99-17.19

14.49-18.49

*Power-to-weight figures are hp per tonne

^Torque-to-weight figures are Nm per tonne

The Renault Duster’s 1.3-litre turbo-petrol engine offers the same output (163hp, 280Nm) with the 6-speed manual and the 6-speed dual-clutch transmission (DCT) options. However, as the manual version is 21kg lighter, it has slightly better power-to-weight and torque-to-weight ratios than the DCT version.

The manual transmission variants have lower price tags than the DCT variants. The Duster manual starts at Rs 12.99 lakh, which is Rs 1.5 lakh cheaper than the entry-spec DCT, and goes up to Rs 17.19 lakh, which is Rs 1.30 lakh less than the top-spec DCT.

Renault Duster 1.3L turbo MT vs DCT: 0-100kph acceleration test

The manual option offers quicker acceleration off the line compared to the DCT

Renault Duster 1.3L turbo-petrol MT vs DCT: Acceleration from rest (in seconds)

 

Duster 1.3TP MT

Duster 1.3TP DCT

20kph

1.15

1.71

40kph

2.42

3.55

60kph

4.61

5.52

80kph

6.65

7.94

100kph

10.32

11.33

120kph

13.86

15.37

In our 0-100kph tests, we found that the Duster’s turbo-petrol manual version was faster than the DCT at all speeds. The manual version starts strongly, clocking 20kph 0.56 seconds faster, taking the difference to over a second by the time it reaches 40kph. The DCT catches up slightly at 60kph, reducing the difference to 0.91 seconds. However, the MT starts pulling faster again, and by the time it reaches 100kph, it has a 1.01-second lead.

In our experience, the manual feels engaging and rewarding when the engine is in the rev band. The clutch is light, and the shift action is precise too, which increases the powertrain’s likeability among enthusiasts. However, at slow speeds, turbo lag is evident, which, coupled with the tall gearing ratios, leads to a cumbersome city driving experience. It requires an extra downshift for a smoother drive experience.

The DCT’s wet clutch makes it the better option for city driving, as it prioritises smoothness over outright acceleration, feeling similar to a torque converter gearbox. While tall gearing is an issue at low-speed driving here too, the paddle shifters add an extra layer of engagement. 

Renault Duster 1.3L turbo MT vs DCT: Rolling acceleration tests

The DCT version clocked considerably quicker in-gear acceleration times

Renault Duster 1.3L turbo-petrol MT vs DCT: Rolling acceleration (in seconds)

 

Duster 1.3TP MT

Duster 1.3TP DCT

20-80kph (3rd gear)

10.33

6.07

40-100kph (4th gear)

11.08

7.60

Unlike the outright 0-100kph acceleration times, the DCT version posted quicker in-gear acceleration times. In the third gear, it had a 4.26-second lead in the 20-80kph time, and in fourth gear, it was quicker by 3.48 seconds to record a 40-100kph run. 

Autocar India’s testing standards

Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendation and ensure the car has a full tank of fuel. The car is then tested in a controlled environment with two people on board, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.

Prices are ex-showroom, India. 

Video: देखते ही देखते पानी में समा गया मासूम, बहराइच में मगरमच्छ के हमले का डरावना वीडियो आया सामने

उत्तर प्रदेश के बहराइच से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस हादसे की भयावह तस्वीर सामने ला दी, जिसमें एक मगरमच्छ के हमले के बाद एक मासूम बच्चे की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल है। 12 साल के सुनील की मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया, क्योंकि वह पहले ही अपने माता-पिता को खो चुका था और अपने छोटे भाई-बहन के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ था।

ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किनारे हुए इस हादसे में सुनील को बचाने के लिए उसके चाचा ने पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। इस घटना ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मां-बाप का साया पहले ही उठ चुका था

सुनील की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी थी। कम उम्र में ही उसने माता-पिता को खो दिया था। वह अपने छोटे भाई और बहन के साथ चाचा के घर रहकर पढ़ाई करता था और घर के कामों में भी मदद करता था। सुनील का सपना था कि वह पढ़-लिखकर अपने भाई-बहन का सहारा बने, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

नदी किनारे हुआ खौफनाक हादसा

घटना के बाद गांव का माहौल गम और डर से भर गया। जिस नदी किनारे सुनील पर हमला हुआ, वहां पहुंचकर ग्रामीण आज भी सहम जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यही वह जगह थी, जहां सुनील और मगरमच्छ के बीच जिंदगी की आखिरी लड़ाई हुई थी।

चाचा ने बचाने के लिए लगाई पूरी ताकत

बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच सुनील अपने चाचा के साथ खेत में धान की रोपाई में मदद कर रहा था। खेत नदी के बेहद करीब था। कुछ देर बाद जब सुनील नदी किनारे गया, तभी मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। आवाज सुनकर चाचा मौके पर पहुंचे और बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद गए। उन्होंने सुनील का हाथ पकड़ लिया, जबकि मगरमच्छ उसे अपनी ओर खींच रहा था।

10-15 मिनट तक चली जिंदगी बचाने की जद्दोजहद

सुनील को बचाने के लिए चाचा और मगरमच्छ के बीच करीब 10 से 15 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान सुनील की चचेरी बहन भी वहां पहुंच गई और उसने भी अपने पिता को पीछे खींचने की कोशिश की। लेकिन आखिरकार मगरमच्छ सुनील को पानी के अंदर खींचकर ले गया।

वन विभाग ने संभाली स्थिति, ग्रामीणों को चेतावनी

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की। सुनील के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

दो मासूमों के सिर से उठा आखिरी सहारा

सुनील की मौत ने पूरे गांव को दुख में डुबो दिया है। सबसे बड़ा सवाल अब उसके छोटे भाई और बहन के भविष्य को लेकर है, जिनके लिए सुनील ही सबसे बड़ा सहारा था। यह हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द बन गया है।

JK Cement Q1 Result: 20% बढ़ा रेवेन्यू लेकिन 14% गिरा मुनाफा, ये है वजह, सोमवार को रहेगी शेयरों पर नजर

JK Cement Q1 Result: सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी जेके सीमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत मिली-जुली रही। एक तरफ इसके रेवेन्यू में 20% से अधिक की तेजी आई तो दूसरी तरफ ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी को झटका लगा और शुद्ध मुनाफा भी 14% से अधिक घट गया। कंपनी ने 18 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश किए और अब सोमवार 20 जुलाई को मार्केट खुलने पर शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो 17 जुलाई को बीएसई पर यह 0.65% की गिरावट के साथ ₹5388.90 (JK Cement Share Price)s पर बंद हुआ था। पिछले साल 20 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹7,565 पर था जिससे 10 महीने में यह 38.27% फिसलकर 12 जून 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹4,670.05 पर आ गया था।

JK Cement Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जेके सीमेंट का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 20.3% बढ़कर ₹4,031.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा इस दौरान 14.5% गिरकर ₹277 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी को जून तिमाही में दबाव झेलना पड़ा। इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.8% गिरकर जून तिमाही में ₹647.7 करोड़ पर आ गया तो ईबीआईटीडीए मार्जिन भी सिकुड़कर 20.5% से 16.1% पर आ गया। मार्जिन में गिरावट के चलते इसकी कमाई पर दबाव पड़ा और रेवेन्यू में दोहरे अंकों की ग्रोथ के बावजूद शुद्ध मुनाफा नीचे आया।

जून तिमाही में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत बनी रही और सालाना आधार पर इसमें 18% की तेजी आई। ग्रे सीमेंट का वॉल्यूम 19% तो व्हाइट सीमेंट और पुट्टी का वॉल्यूम 11% बढ़ा। जून तिमाही में ग्रे सीमेंट की बिक्री 59.6 लाख टन रही तो व्हाइट सीमेंट की बिक्री 5.4 लाख टन रही जोकि सालाना आधार पर 29% अधिक रहा।

कंपनी के मुताबिक दोहरे अंकों में वॉल्यूम ग्रोथ की वजह वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में शुरू हुए 6 MTPA क्षमता विस्तार और यूएई से कम आयात पर व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में हुई बढ़ोतरी है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट को लेकर कंपनी का कहना है कि प्राइस हाइक और व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में तेजी के बावजूद मेंटेनेंस और पैकेजिंग कॉस्ट में उछाल के चलते इसे झटका लगा।

विस्तार की योजना को लेकर कंपनी का कहना है कि ग्रे सीमेंट कैपेसिटी बढ़ाने का काम योजना के मुताबिक ही बढ़ रहा है। अभी इसकी क्षमता 32.3 MTPA है जिसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2028 तक 40 MTPA और वित्त वर्ष 2030 तक 50 MTPA करने की योजना है। इसे लेकर कंपनी ने अगले दो साल में ₹5000-₹6000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की योजना बनाई है।

Stock in Focus: 20 जुलाई को इस नवरत्न कंपनी के शेयरों पर रहेगी नजर, विलय के बड़े प्लान को बोर्ड की मंजूरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। सिर्फ कंपनी के प्रमोटर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओएफएस में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे

Lohia Corp कानपुर की कंपनी है। यह टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाती है। ऑफर फॉर सेल में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे। 23 जुलाई को ही दो और आईपीओ आ रहे हैं। इसलिए इनवेस्टर्स को सोच-समझकर आईपीओ में निवेश करने की सलाह है। आईपीओ से आने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स की जेब में जाएगा। कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।

30 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे शेयर 

कंपनी ने ओएफएस में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटा दी है। पहले ओएफएस में 4.22 करोड़ शेयरों को बेचने का प्लान था। इस इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 27 जुलाई तक इनवेस्ट कर सकते हैं। शेयरों का ऐलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर स्टॉक एक्सचेंज में 30 जुलाई को लिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज के लिए 2 लाख शेयर रिजर्व किए हैं। कंपनी ने अभी प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया है।

कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी बनाती है

इस आईपीओ का सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ओएफएस में लोहिया फैमिली अपने शेयर्स बेचेगी। लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह टेप एक्सट्रूशन लाइंस, सर्कुलर लूम, कोटिंग एंड लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग एंड कनवर्सन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है।

FY26 में प्रॉफिट में 64.2 फीसदी का उछाल

FY26 में कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 64.2 फीसदी बढ़कर 193.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले प्रॉफिट 117.8 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 24.7 फीसदी बढ़कर 1,717 करोड़ रुपये रहा। Rajoo Engineers, Lakshmi Machine Works (LMW) और ममता मशीनरी इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां हैं।

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शेयर बाजार के सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट 

यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है। अमेरिका-ईरान की लड़ाई फिर से उग्र रूप धारण करने और क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद शेयर बाजारों में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24,000 अंक के लेवल के ऊपर बना हुआ है। 17 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में जबर्दस्त तेजी आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Gold Price Today: सोने-चांदी के भाव स्थिर, 7 दिनों में ₹1040 गिरा गोल्ड, चेक करें 24 से 18 कैरट का लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: करीब छह दिनों तक उठा-पटक के बाद आज गोल्ड के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने और युद्ध की आंच गहराने पर महंगाई की तेज रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ी तो इससे अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के आसार बढ़ा दिए। इससे गोल्ड जैसी ब्याज नहीं देने वाले एसेट्स का आकर्षक कम हुआ तो इस पर दबाव बढ़ा। हालांकि आज गोल्ड के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन इससे पहले 11 जून को स्थिर रहने के बाद छह दिनों में उठा-पटक के साथ 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1040 और 22 कैरट वाला ₹950 सस्ता हुआ था। चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है। हालांकि आज एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन इसकी चमक स्थिर बनी हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,43,440₹1,31,450₹1,07,620
मुंबई ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
कोलकाता ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
चेन्नई  ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,09,500
बेंगलुरू ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
हैदराबाद ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
लखनऊ ₹1,43,440 ₹1,31,450 ₹1,07,620
पटना ₹1,43,340 ₹1,31,400 ₹1,07,520
जयपुर  ₹1,43,440 ₹1,31,450 ₹1,07,620
अहमदाबाद ₹1,43,340  ₹1,31,400 ₹1,07,520

एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन स्थिर चांदी

चांदी की बात करें तो 11 जून को एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी और उसके बाद लगातार पांच दिनों तक यह स्थिर रही और फिर 17 जुलाई को ₹5 हजार फिर सस्ती हुई। इसके बाद लगातार दो दिन इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी बिना किसी बदलाव के ₹2,30,000 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,35,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

Petrol Diesel Price Today: आज के पेट्रोल-डीजल रेट हुए जारी, देखें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 19 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Rashifal Today: आज के दिन जल्दबाजी में ना लें कोई फैसला, जानें क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज का दिन ज्यादातर लोगों के लिए पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। जल्दबाजी में खर्च करने से बचने और भविष्य के लिए बेहतर आर्थिक योजना बनाने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक फैसले लेने का दिन है। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें। अपनी आय और खर्च का हिसाब देखें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। अगर आप अभी अनुशासन बनाए रखेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान देना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। बजट की समीक्षा करें और देखें कि कहीं अनावश्यक खर्च तो नहीं हो रहा। निवेश और बचत की योजनाओं पर विचार करने का अच्छा समय है। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ देंगे।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में योजना बनाकर चलना जरूरी है। खर्च और निवेश दोनों में संतुलन रखें। किसी भी नए वित्तीय अवसर को समझने के बाद ही फैसला लें। साथ ही, अचानक आने वाले खर्चों के लिए कुछ अतिरिक्त बचत रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। ऐसा बजट बनाएं जिसमें जरूरी जरूरतों के साथ थोड़ी अतिरिक्त गुंजाइश भी रहे। लंबे समय को ध्यान में रखकर लिए गए आर्थिक फैसले बेहतर परिणाम देंगे।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आय और खर्च का पूरा हिसाब रखने की जरूरत है। गैर-जरूरी खर्च कम करें और भविष्य की जरूरतों के लिए बचत बढ़ाएं। अगर कोई नया निवेश या अवसर सामने आए तो पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करें। सही योजना आपको आर्थिक मजबूती दे सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज व्यवस्थित तरीके से वित्तीय योजना बनाने का समय है। अपने खर्चों को प्राथमिकता दें और केवल जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करें। छोटी-छोटी बचत भी भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। अपनी आर्थिक रणनीति की समीक्षा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको बचत और लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। लग्जरी चीजों पर खर्च करने से बचें और अपनी जरूरतों के अनुसार बजट तैयार करें। अनुशासन के साथ लिया गया हर फैसला भविष्य में आर्थिक स्थिरता देगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा है। बिना सोचे कोई बड़ा खर्च न करें। अपने निवेश और बचत की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें। समझदारी से लिए गए फैसले आगे चलकर अच्छा लाभ दे सकते हैं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। जोखिम उठाने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें। अपने आर्थिक लक्ष्य तय रखें और उसी के अनुसार आगे बढ़ें। बजट पर नियंत्रण बनाए रखने से भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।