इस म्यूचुअल फंड ने 10 लाख रुपये के निवेश को सिर्फ 5 साल में 20 लाख रुपये बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में एकमुश्त निवेश करने पर भी अच्छा रिटर्न मिलता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड ने एकमुश्त निवेश करने वाले इनवेस्टर्स का पैसा सिर्फ 5 साल में डबल कर दिया है। इस फंड की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी। तब अगर आपने इस फंड में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो 30 जून, 2026 को आपका पैसा बढ़कर 19.61 लाख रुपये हो गया होता। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने अपने इस फंड के रिटर्न का डेटा जारी किया है।

17 जुलाई, 2021 को हुई थी फंड की शुरुआत

ICICI Prudential Mutual Fund ने 17 जुलाई, 2026 को इस फंड के लॉन्च के 5 साल पूरे होने पर इसके रिटर्न का डेटा जारी किया है। ICICI Prudential Flexicap Fund की शुरुआत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुताबिक, इस फंड के रिटर्न का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 14.55 फीसदी है। यह फंड के बेंचमार्क BSE 500 Total Return Index (TRI) के 11.88 फीसदी सीएजीआर रिटर्न से काफी ज्यादा है।

5 साल में 10000 का मंथली सिप आज 8.47 लाख होता

किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें 10,000 रुपये का मंथली सिप शुरू किया होता तो आज उसका पैसा बढ़कर 8.47 लाख रुपये हो गया होता। यह 13.83 फीसदी सीएजीआर रिटर्न है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स किसी अच्छे फंड में SIP या एकमुश्त दोनों ही तरीकों से निवेश कर सकते हैं। जो निवेशक एकमुश्त निवेश नहीं कर सकते, सिप उनके लिए निवेश का आसान तरीका है।

यह ओपन-एंडेड फ्लेक्सीकैप इक्विटी स्कीम है

ICICI Prudential Mutual Fund एक ओपन-एंडेड इक्विटी फ्लेक्सी कैप स्कीम है। इसका मतलब है कि यह छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकती है। यह स्कीम निवेश में बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन एप्रोच का इस्तेमाल करती है। इसका फोकस उन कंपनियों की पहचान पर होता है, जिनमें लंबी अवधि में ग्रोथ की बड़ी संभावना होती है।

क्वालिटी बिजनेसेज के स्टॉक्स में निवेश पर फोकस

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीनियर फंड मैनेजर रजत चंडाक ने इस स्कीम के बारे में बताया, “स्कीम का फोकस रिसर्च के जरिए क्वालिटी बिजनेसेज के सेलेक्शन पर रहा है। स्कीम मार्केट की हर साइकिल के हिसाब से लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट एप्रोच का इस्तेमाल करती है।”

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61 फीसदी निवेश लार्जकैप स्टॉक्स में 

30 जून, 2026 को इस फंड का करीब 61 फीसदी निवेश लार्ज-कैप स्टॉक्स में था। 9 फीसदी मिडकैप स्टॉक्स में था। 25 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में था। अभी निवेश के मामले में इस फंड का झुकाव कंजम्प्शन-ओरिएंटेड स्टॉक्स में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि, इस फंड का रिटर्न अच्छा है, लेकिन निवेशकों को किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना चाहिए। इस फंड में निवेश से पहले इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लेनी चाहिए।

Axis Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 23% बढ़ा, NII में 8% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,806.14 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 38,321.57 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 18 जुलाई को तिमाही नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14,646 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 13,560 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,659.10 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 11,515.16 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.57 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.39 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.45 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और एडवांसेज

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 19 प्रतिशत बढ़कर 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सालाना आधार पर कॉर्पोरेट लोन में 38 प्रतिशत, SME एडवांसेज में 25 प्रतिशत और रिटेल लोन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक की बैलेंस शीट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपये हो गई।

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Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 20 जुलाई को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1328.95 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ रुपये है। शेयर एक साल में 14 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,041.30 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Weather Update 18 July : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा; यूपी में 21 जुलाई तक झमाझम बारिश

rain update 18 july

Weather Update 18 July : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी है तो पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर ही बना रहेगा। 

 

 

IMD ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आगामी 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 18 एवं 19 जुलाई, 2026 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। आगामी 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तथा अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों के कमजोर बने रहने की संभावना है।

 

17 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, केरल समेत 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी में मानसून के सक्रिय

भारी बारिश से उत्तरप्रदेश के गोरखपुर शहर में सड़कों पर पानी भर गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

 

केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा

मानसून के मौसम में केदारनाथ समेत केदार घाटी और रुद्रप्रयाग जिले के कई अन्य इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे हाईवे और केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों को संवेदनशील और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में तैनात किया गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है।

 

राजस्थान में 21 जुलाई से सक्रिय होगा मानसून

राजस्थान के 10 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में अब तक सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम हुई है। ब्रेक के बाद राज्य में 21 जुलाई से एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। 

Vida V2: Price and variants explained

Vida V2 studio image

The Hero Vida V2 is currently offered in two variants – Plus and Pro. Both use the same electric motor, producing 6kW of peak power, 3.9kW of continuous power and 25Nm of torque. They also share the same bodywork, chassis components, dimensions and 7-inch TFT touchscreen. The differences are primarily limited to battery capacity, range, performance and a handful of features.

Here’s what each variant offers.

Vida V2 variant breakdown

V2 Plus

The Vida V2 was previously also available in an entry-level Lite variant, but that has now been removed from the brand’s website, making the V2 Plus the entry point into the line-up. It uses a removable 3.44kWh battery pack split across two 1.72kWh units, offering a claimed IDC range of 143km. Charging from 0 to 80 percent takes a claimed 5 hours and 15 minutes using the portable home charger. The scooter can accelerate from a standstill to 40kph in a claimed 3.4 seconds and has a top speed of 80kph.

The Plus gets three riding modes – Eco, Ride and Sport – and has a kerb weight of 124kg. The Vida V2 Plus is priced at Rs 1.05 lakh.

V2 Pro

The range-topping V2 Pro steps up to a 3.94kWh battery pack, made up of two removable 1.97kWh units, increasing the claimed IDC range to 165km. Performance also improves, with the 0-40kph sprint dropping to a claimed 2.9 seconds and the top speed rising to 90kph, despite the Pro weighing a marginally higher 125kg.

Charging times increase slightly to accommodate the larger battery, with a 0-80 percent charge taking a claimed 5 hours and 55 minutes using the portable home charger. DC fast-charging speed remains unchanged at a claimed 1.2km/minute. The Pro also gets a fourth riding mode – Custom – in addition to Eco, Ride and Sport. The Vida V2 Pro is priced at Rs 1.10 lakh.

All prices are ex-showroom, Delhi, and include the portable charger and applicable state subsidy under the PM E-Drive Scheme.

Early Retirement Loss: 60 की बजाय 55 की उम्र में रिटायरमेंट? एक फैसले से हो सकता है ₹1.6 करोड़ का भारी नुकसान, समझें गणित

Retiring at 55 vs 60 Financial Loss Calculation: नौकरी से जल्दी मुक्ति पाना और अर्ली रिटायरमेंट का आनंद लेना आज के युवाओं का एक बड़ा सपना बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी तय उम्र से महज 5 साल पहले काम छोड़ना आपके बुढ़ापे के फंड को कितना बड़ा झटका दे सकता है?

फाइनेंशियल विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आप 60 वर्ष की बजाय 55 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का फैसला करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत रुकने से आपको ₹1.6 करोड़ तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि महज 5 साल पहले काम छोड़ने से आपके निवेश पर क्या असर पड़ता है और इसके पीछे का वित्तीय गणित क्या है।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर और वेल्थविशर फाइनेंशियल प्लानर्स के संस्थापक मधुपम कृष्णा के अनुसार, रिटायरमेंट फंड में आखिरी के 5 साल सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं:

प्लान A (60 साल में रिटायरमेंट): मान लीजिए आप 30 साल की उम्र से 60 साल की उम्र तक यानी 30 वर्षों के लिए हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं। अगर इस पर आपको औसतन 12% का रिटर्न मिलता है, तो आपका कुल निवेश ₹36 लाख होगा और 60 की उम्र में आपका कुल फंड करीब ₹3.5 करोड़ तैयार हो जाएगा।

प्लान B (55 साल में अर्ली रिटायरमेंट): अगर आप अपना इरादा बदलते हैं और 5 साल पहले यानी 55 की उम्र में ही रिटायर हो जाते हैं, तो आपका निवेश 25 साल ही चलेगा। इस स्थिति में आपका कुल निवेश ₹30 लाख होगा, लेकिन आपका अंतिम फंड घटकर सिर्फ ₹1.9 करोड़ रह जाएगा।

सीधा घाटा: ₹3.5 करोड़ – ₹1.9 करोड़ = ₹1.6 करोड़ का बड़ा नुकसान।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

आखिरी 5 सालों में ऐसा क्या होता है?

दरअसल निवेश में आखिरी वर्षों में ‘कंपाउंडिंग की ताकत’ सबसे तेजी से काम करती है। अगर आप 55 की उम्र के बाद ₹10,000 की मासिक किस्त देना बंद भी कर दें और उस ₹1.9 करोड़ के फंड को बिना छुए अगले 5 साल के लिए सिर्फ 12% रिटर्न पर छोड़ दें, तो यह जादुई रूप से ऐसे बढ़ेगा:

  • 56 वर्ष की उम्र में: ₹2.19 करोड़
  • 57 वर्ष की उम्र में: ₹2.49 करोड़
  • 58 वर्ष की उम्र में: ₹2.78 करोड़
  • 59 वर्ष की उम्र में: ₹3.12 करोड़
  • 60 वर्ष की उम्र में: ₹3.5 करोड़

यानी जो पैसा आपने अपने 30 और 40 के दशक में निवेश किया था, वह आखिरी 5 सालों में ‘रिटर्न पर रिटर्न’ बनाकर बर्फ के विशाल गोले की तरह बड़ा हो जाता है। अर्ली रिटायरमेंट लेकर आप इसी बंपर मुनाफे को खो देते हैं।

डबल मार: फंड छोटा और रिटायरमेंट की जिंदगी लंबी

जल्दी रिटायर होने का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि आपके पास पैसा कम होगा, बल्कि इसका एक और गंभीर पहलू है आपको अधिक वर्षों तक बिना सैलरी के गुजारा करना होगा।

20% लंबी रिटायरमेंट लाइफ: मान लीजिए औसत जीवन प्रत्याशा 85 वर्ष है। अगर आप 60 साल में रिटायर होते हैं, तो आपको 25 साल की जिंदगी के लिए फंड चाहिए। लेकिन अगर आप 55 में रिटायर होते हैं, तो आपको 30 साल की जिंदगी का खर्च उठाना होगा। यानी आपको 20% लंबी रिटायरमेंट लाइफ को फाइनेंस करना होगा।

महंगाई और हेल्थकेयर का जोखिम: मधुपम कृष्णा बताते हैं कि आपको अतिरिक्त 5 वर्षों तक महंगाई और तेजी से बढ़ती मेडिकल लागतों का सामना करना पड़ेगा, जो सामान्य महंगाई दर से भी ज्यादा रफ्तार से बढ़ती हैं।

क्या 55 की उम्र में रिटायर होना बिल्कुल गलत है?

प्लानरुपी इनवेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी के अनुसार, ऐसा कोई नियम नहीं है कि आप जल्दी रिटायर नहीं हो सकते, लेकिन ऐसा करने से पहले कुछ कड़े पैमानों को चेक कर लेना जरूरी है। आप 55 की उम्र में तभी रिटायर होने की सोचें जब आपके पास:

  1. पर्याप्त बड़ा कॉर्पस हो: जो बढ़ती उम्र और महंगाई के बावजूद अगले 30-40 साल तक खत्म न हो।
  2. मजबूत हेल्थ इंश्योरेंस हो: ताकि बुढ़ापे में बीमारी के चलते आपका मुख्य फंड खाली न हो जाए।
  3. कम्यूनिटी या पैसिव इनकम सोर्सेज हों: जैसे किराए से आने वाली इनकम, डिविडेंड या कोई गारंटेड पेंशन स्कीम।

एक्सपर्ट एडवाइस: केवल इसलिए नौकरी मत छोड़िए क्योंकि आप काम बंद करना चाहते हैं। रिटायरमेंट का फैसला तब लें जब आपकी वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत हो कि आप एक लंबी और सुरक्षित जिंदगी जी सकें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CBSE 12th Supplementary Exam Date 2026: 12वीं की सप्लिमेंट्री परीक्षा की डेटशीट जारी, जल्द जारी किया जाएगा एडमिट कार्ड

CBSE 12th Supplementary Exam Date 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से 12वीं कक्षा की सप्लिमेंट्री परीक्षा की डेटशीट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट है। बोर्ड ने सप्लिमेंट्री परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को सभी विषयों के लिए एक ही दिन में होगी। छात्र अब आधिकारिक डेटशीट के जरिए पूरा विषयवार कार्यक्रम और परीक्षा समय देख सकते हैं। बोर्ड जल्द ही सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री एडमिट कार्ड 2026 जारी कर सकता है।

सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री परीक्षा डेट 2026: एग्जाम शेड्यूल

आधिकारिक सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री डेट शीट 2026 के मुताबिक, परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को होगी। पेपर की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग विषयों की परीक्षा का समय अलग-अलग होगा।

अधिकांश बड़े विषय, जिनमें इंग्लिश कोर, हिंदी कोर, मैथेमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, जियोग्राफी, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज, फिजिकल एजुकेशन, हिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, होम साइंस, अप्लाइड मैथेमेटिक्स, और कई लैंग्वेज पेपर शामिल हैं, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होंगे।

कुछ वोकेशनल सब्जेक्ट, जिनमें फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन्स, बैंकिंग, मार्केटिंग, हेल्थ केयर, इंश्योरेंस, फैशन स्टडीज, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, और दूसरे शामिल हैं, सुबह 10:50 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होंगे।

इस बीच, पेंटिंग, हिंदुस्तानी म्यूजिक वोकल, हिंदुस्तानी म्यूजिक इंस्ट्रूमेंटल, अप्लाइड आर्ट, योगा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर, और अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन जैसे सब्जेक्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होंगे।

सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री डेट शीट 2026 कैसे डाउनलोड करें?

  • सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • “लेटेस्ट अनाउंसमेंट्स” सेक्शन खोलें।
  • सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री डेट शीट 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • फाइल को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए सेव करें।

सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री एडमिट कार्ड 2026 और एग्जाम के दिन के निर्देश

सीबीएसई बोर्ड जल्द ही निर्धारित आधिकारिक चैनलों के जरिए 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री एडमिट कार्ड 2026 जारी करेगा। छात्रों को अपना एडमिट कार्ड परीक्षा केंद्र पर ले जाना होगा, क्योंकि इसके बिना एंट्री की इजाजत नहीं होगी। बोर्ड ने छात्रों को यह भी निर्देश दिया है कि हर परीक्षा का समय ऑफिशियल डेट शीट और एडमिट कार्ड दोनों में बताया गया है। इसके अलावा, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले 15 मिनट पढ़ने का समय मिलेगा। इस अतिरिक्त समय का इस्तेमाल क्वेश्चन पेपर को ध्यान से पढ़ने और जवाबों की प्लानिंग करने में करना चाहिए। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए रिपोर्टिंग टाइम से काफी पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंच जाएं।

Lincoln Scholarship: बिहार की बेटी श्रेया ने जीती 3 करोड़ की लिंकन स्कॉलरशिप, इस साल यह उपलब्धि हासिल करने वाली अकेली भारतीय

ईरान पर अमेरिका का चौतरफा अटैक! 6 घंटे तक आसमान और समंदर से बरसे बम, बिजली और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरी तरह तबाह

US strikes Iran port and bridge: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बेहद खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर भीषण हमले किए। अमेरिका ने जहां ईरान के मुख्य बंदरगाहों और आंतरिक परिवहन संपर्कों (पुलों) को तबाह करने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी के अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ यह युद्ध अब पांचवें महीने में प्रवेश कर चुका है। दोनों ओर से लगातार हो रही बमबारी के कारण वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। आइए आपको बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में युद्ध के मैदान में क्या-क्या हुआ है.

अमेरिकी सेना का ‘नावल ब्लॉकेड’ और 6 घंटे की भीषण बमबारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9:30 बजे (ET) तक ईरान पर चौतरफा हमले किए गए. अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और युद्धपोतों ने ईरान के सर्विलांस ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, भूमिगत हथियार डिपो और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया।

राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से ‘नावल नाकेबंदी’ कर रही है। यह लगातार सातवीं रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई और समुद्री ऑपरेशन चलाया।

जवाब में ईरान का मिसाइल हमला, कुवैत और कतर निशाने पर

अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने खाड़ी के उन देशों पर मिसाइलें दागीं जो अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं। तेहरान ने कतर जो इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका भी निभा रहा है और कुवैत पर मिसाइलें बरसाईं। कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के इस मिसाइल हमले में उनके देश के एक बड़े ‘डिटेसिनेशन प्लांट’ यानी खारे पानी को पीने लायक बनाने वाली फैसिलिटी को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

चाबहार पोर्ट और बंदर खमीर के रणनीतिक पुलों को किया तबाह

इस ताजा हमले में अमेरिका ने ईरान की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले आर्थिक और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में चाबहार बंदरगाह पर स्थित एक बड़ा टावर मलबे में तब्दील हो गया।

बता दें कि चाबहार पोर्ट को भारत की मदद से विकसित किया गया था और यह अफगानिस्तान के लिए एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। अमेरिका का दावा है कि इस टावर का इस्तेमाल ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) जहाजों की जासूसी के लिए कर रही थी।

दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में तटीय शहर बंदर खमीर के पास बने प्रमुख पुलों को अमेरिकी हवाई हमलों में उड़ा दिया गया। इसका मकसद ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ का संपर्क राजधानी तेहरान और देश के अंदरूनी हिस्सों से पूरी तरह काटना है।

युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके पावर ग्रिड (बिजली नेटवर्क) को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण दक्षिणी प्रांतों में ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है।

दोनों तरफ भारी तबाही, अब तक सैकड़ों मौतें

शुक्रवार को हुए इन ताजा हमलों में दोनों पक्षों के सैन्य और नागरिक हताहत हुए हैं:

ईरान में नुकसान: ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक घायल हुए हैं. केवल पुल पर हुए हमले में 8 लोगों की जान गई।

अमेरिका को नुकसान: पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस हफ्ते सोमवार से अब तक 13 और अमेरिकी सैनिक (10 थल सेना और 3 नौसेना कर्मी) घायल हुए है। युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 14 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 427 घायल हुए हैं।

Yamaha EC-06 Performance Tested and Explained

Yamaha EC-06 being ridden through South Bombay

The Yamaha EC-06 electric scooter gets a 4kWh battery pack, a claimed IDC range of 169km, and a top speed of 79kph. 

Yamaha EC-06: Acceleration

During our test, the conditions were dry.

Acceleration

Time

0-40kph

3.46 seconds

0-60kph

6.82 seconds

0-80kph

15.50 seconds

The EC-06 gets three riding modes including Eco, Standard, and Power. We conducted this acceleration test in Power mode with the battery state of charge above 97 percent. In this riding mode, acceleration is fairly quick and the scooter managed to get from 0 to 80kph in 15.50 seconds. 

Yamaha EC-06: Roll-On Acceleration

The scooter delivers 6.7kW (8.9hp) of peak power.

Roll-On Acceleration

Time

20-50kph

3.31 seconds

30-70kph

7.34 seconds

50-80kph

10.96 seconds

In our roll-on acceleration tests, the scooter took 3.31 seconds to get from 20-50kph, 7.34 seconds from 30-70kph, and 10.96 seconds from 50-80kph. In the city, making quick overtakes is fairly easy while riding in Standard or Power mode. Eco mode can get to 50kph, but is a usable mode in the city and while climbing flyovers as well. 

Yamaha EC-06: Braking

Decent braking performance with good regenerative braking as well.

Braking

Distance

60-0kph

22.87 metres

The EC-06 gets disc brakes at both ends and features a combined braking system. The regenerative braking is also strong and at slow speeds, allows a rider to smoothly filter through stop-go traffic without having to constantly apply the brakes.

Yamaha EC-06: Specifications and price

Yamaha has co-developed the EC-06 with Bengaluru-based startup River. 

Peak Power

6.7kW

Max Torque

26Nm

Battery Capacity

4kWh

Kerb Weight

132kg

Brakes (F/R)

Disc / Disc

Tyres (F/R)

110/80-14  / 120/70-14 

Price (ex-showroom)

Rs 1.72 lakh (ex-showroom, Delhi)

Priced at Rs 1.72 lakh (ex-showroom, Delhi), this is one of the more expensive electric scooters on sale in India.

Gold Rate Today: सोना लगातार दूसरे दिन सस्ता, दिल्ली में ₹130790 पर आया 22 कैरेट; चांदी भी टूटी

देश में सोने की कीमत में गिरावट बनी हुई है। 18 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 142670 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में भाव 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 800 रुपये घटकर 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,992 डॉलर प्रति औंस पर है।

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ते तनाव ने ऊर्जा की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंता और बढ़ गई। इसके चलते अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा बेंचमार्क ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के अनुमानों को बल मिला है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 130790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 130640 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 142900 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 130990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 130640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली130790142670
मुंबई130640142520
अहमदाबाद130690142570
चेन्नई130990142900
कोलकाता130640142520
हैदराबाद130640142520
जयपुर130790142670
भोपाल130690142570
लखनऊ130790142670
चंडीगढ़130790142670

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट बरकरार है। 18 जुलाई की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। इसके अलावा लगातार प्रॉफिट-बुकिंग के कारण भी यह नीचे आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 55.37 डॉलर प्रति औंस है।