Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 18 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —
नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये
मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये
कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये
चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये
गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये
नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये
बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये
भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये
चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये
हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये
जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये
लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये
पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Delhi Weather Today: दिल्ली में आज पूरे दिन बादल छाए रहे सकते हैं, साथ ही शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के बाद शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें आंधी-तूफान, तेज हवाओं और थोड़ी देर बारिश की चेतावनी दी गई है।
IMD के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 36°C से 38°C और न्यूनतम तापमान 28°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय 20–25 किमी/घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बाद में धीमी होकर 10–15 किमी/घंटा रह जाएंगी।
आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट
IMD ने अनुमान लगाया है कि कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही, 20-30 किमी/घंटा की गति तेज जमीनी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसा खासकर सुबह और दोपहर से पहले के समय में होगा। हालांकि, पूरे शहर में बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर होने वाली बारिश से मौजूदा गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है।
शहर में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात रही
यह अनुमान दिल्ली में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आया है। बता दें कि सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री ज्यादा था। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान भी 38.8°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.6 डिग्री ज्यादा था। बीच-बीच में बादल छाए रहने के बावजूद गर्मी और उमस बनी रही।
यात्रियों के लिए सलाह
मौसम को देखते हुए IMD ने एडवाइजरी करते हुए लिखा, कुछ इलाकों में थोड़ी देर की बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा करते समय छाता साथ रखें और तूफान के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें।
SBI Recruitment 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक माना जाता है। इससे जुड़ने की इच्छा ढेरों युवाओं की होगी, मगर सबको ऐसा मौका नहीं मिल पाता है। लेकिन, अभी मेडिकल क्षेत्र से जुड़े युवाओं के पास इससे जुड़ने का मौका है। एसबीआई ने बैंक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। खास बात यह है कि इन पदों पर भर्ती के लास्ट डेट 14 जुलाई से बढ़ा कर 21 जुलाई कर दी गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एसबीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एसबीआई इस भर्ती के जरिए देश के 14 सर्किलों में मौजूद अपनी ब्रांचों में बैंक मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति करेगा।
एसबीआई बीएमओ भर्ती 2026: जरूरी जानकारी
बैंक : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
पद : बैंक मेडिकल ऑफिसर (BMO) (मिडल मैनेजमेंट ग्रेड-II)
शैक्षिक योग्यता : इन पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC)/राज्य मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त कॉलेज से एमबीबीएस डिग्री होनी चाहिए। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या पोस्ट ग्रेजुएट एमडी डिग्री/एमएस या समकक्ष योग्यता वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
अनुभव : एनएमसी एमबीबीएस के साथ बतौर जनरल प्रैक्टिश्नर कम से कम 5 साल का अनुभव भी होना चाहिए। यह अनुभव इंटर्नशिप की अवधि से अलग होना जरूरी है। अगर पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है, तो 3 साल का अनुभव मान्य होगा।
उम्र सीमा : 31 मई 2026 को कैंडिडेड की उम्र अधिकतम 35 साल तक होनी चाहिए। ऊपरी उम्र में (ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर) को 3 साल, एससी/एसटी को 5 साल, पीडब्ल्यूबीडी को 10-15 साल तक की छूट मिलेगी।
एसबीआई मेडिकल ऑफिसर चयन प्रक्रिया
ऑनलाइन रिटन टेस्ट : रिटन टेस्ट में रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, इंग्लिश लैंग्वेज और प्रोफेशनल नॉलेज से 100 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा की अवधि 45 मिनट की होगी। यह अगले महीने अगस्त में हो सकती है।
इंटरव्यू : ऑनलाइन रिटन टेस्ट के आधार पर अभ्यर्थियों को अगले स्टेज में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह 100 अंकों का होगा।
लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LLPT): आप जिस भी सर्किल से अप्लाई करते हैं, उससे जुड़ी भाषा में आपको लोंकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट भी क्लियर करना होगा। इसमें फेल अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए योग्य नहीं होंगे। अगर अभ्यर्थी ने 10वीं/12वीं में लोकल लैंग्वेज की पढाई की है, तो उन्हें इस टेस्ट से छूट मिलेगी।
एसबीआई मेडिकल भर्ती में कैसे अप्लाई करें?
आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर जाएं।
करियर सेक्शन में करंट ओपनिंग्स में विज्ञापन संख्या CRPD/SCO/2026-27/03 के टैब पर जाएं।
Apply Online के लिंक पर क्लिक करते ही आप ibpsreg.ibps.in पर पहुंच जाएंगे।
अगर आप यहां पहले से रजिस्टर्ड हैं, तो सीधे Login for already Registered Candidates पर क्लिक करें। नए उम्मीदवार होने पर Click here for New Registration के लिंक पर जाएं।
अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी की जानकारी भरकर सिक्योरिटी डालें और Save&Next करके आगे बढ़ें।
रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉगइन करें।
फॉर्म में आगे की डिटेल्स ध्यान से भरें।
अगले चरण में फोटो और हस्ताक्षर सही साइज में स्कैन करने के बाद सही से अपलोड करें।
आवेदन शुल्क का भुगतान करें और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक आवेदन पत्र अपने पास सुरक्षित रख लें।
आवेदन शुल्क
एसबीआई की इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए जनरल/ईडब्लयूएस/ओबीसी अभ्यर्थियों को 750 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा। वहीं एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवार निशुल्क फॉर्म भर सकते हैं।
मध्य प्रदेश में जुलाई से अक्टूबर का समय घूमने के लिए सबसे खूबसूरत माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मानसून की वजह से सूखे पहाड़, जंगल और घाटियां हरे-भरे हो जाते हैं। झरनों में पानी भर जाता है और नेचुरल नजारे बेहद शानदार दिखाई देते हैं। मध्य प्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसकी वजह सिर्फ इसकी जियोग्राफिकल लोकेशन नहीं, बल्कि इसकी अनोखी पहचान भी है। यहां प्राचीन धरोहरों से लेकर घने जंगल, आध्यात्मिक जगह और प्राकृतिक नज़ारे हर तरह के टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं। यहां ऐसी जगहें हैं जहां इस मौसम में नेचर का सबसे सुंदर रूप देखने को मिलता है:
रंग-बिरंगी संस्कृति और झीलों का अट्रैक्शन
मध्य प्रदेश प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी कल्चरल डाइवर्सिटी के लिए भी जाना जाता है। यहां की झीलें, हरियाली और शांत वातावरण टूरिस्ट को खास अट्रैक्ट करते हैं। राज्य में हिंदी के अलावा कई भाषाएं बोली जाती हैं। यही डाइवर्सिटी मध्य प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से बेहद खास बनाती है।
1. Pachmarhi, पचमढ़ी – सतपुड़ा की रानी
मध्य प्रदेश का सबसे पॉपुलर हिल स्टेशन पचमढ़ी मानसून में बेहद खूबसूरत हो जाता है। चारों तरफ हरियाली, बादलों से ढकी पहाड़ियां और बहते झरने इसे एक शानदार नेचुरल जगह बनाते हैं। यहां बी फॉल, अप्सरा विहार वॉटरफॉल और जटाशंकर गुफा जैसे जगह घूमने लायक हैं। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां की पहाड़ियां हरे रंग की चादर ओढ़ लेती हैं।
2. Bhedaghat, भेड़ाघाट – संगमरमर की चट्टानों और झरनों का नजारा
जबलपुर के पास भेड़ाघाट अपनी सफेद संगमरमर की चट्टानों और धुआंधार वॉटरफॉल के लिए पॉपुलर है। बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का बहाव बढ़ जाता है और धुआंधार झरना बेहद शक्तिशाली दिखाई देता है। यहां नाव की सवारी करते हुए दोनों ओर ऊंची संगमरमर की चट्टानों का व्यू बेहद अट्रैक्टिव लगता है।
3. Tamia, तामिया – छिपा हुआ हरा-भरा हिल स्टेशन
तामिया मध्य प्रदेश की कम भीड़ वाली खूबसूरत जगहों में से एक है। मानसून में यहां की घाटियां, जंगल और पहाड़ियां पूरी तरह हरी हो जाती हैं। पातालकोट घाटी के शानदार दृश्य यहां का मेन अट्रैक्शन हैं। बादलों से ढकी घाटियां और शांत वातावरण इसे नेचर लवर के लिए खास बनाते हैं।
4. Kapildhara Waterfall, कपिलधारा वॉटरफॉल – अमरकंटक का खूबसूरत झरना
अमरकंटक एरिया में कपिलधारा वॉटरफॉल बारिश के मौसम में अपने पूरे रूप में दिखाई देता है। ऊंचाई से गिरता पानी और आसपास फैली हरियाली मन को अट्रैक्ट करती है। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां का वातावरण बेहद ठंडा और सुहावना रहता है।
5. Raneh Falls, रानेह फॉल्स – रंग-बिरंगी चट्टानों के बीच झरना
खजुराहो के पास स्थित रानेह फॉल्स बारिश के मौसम में देखने लायक होता है। यहां केन नदी गहरी घाटी से होकर बहती है और आसपास अलग-अलग रंगों की ग्रेनाइट चट्टानें दिखाई देती हैं। मानसून के समय पानी का फ्लो बढ़ जाता है और पूरा क्षेत्र नेचुरल ब्यूटी से भर जाता है।
हजारों साल पुरानी धरोहरों की पहचान
मध्य प्रदेश का गौरवशाली इतिहास इसकी प्राचीन इमारतों, मंदिरों और स्मारकों में आज भी जीवित है। यहां मौजूद सदियों पुराने मंदिर अपनी यूनिक क्राफ्टमैनशिप और आर्किटेक्टर के लिए दुनियाभर में पॉपुलर हैं। बारीक नक्काशी, ऐतिहासिक किले और प्राचीन धरोहरें इस राज्य की समृद्ध विरासत को दिखाती हैं। इतिहास में इंटरेस्ट रखने वालों के लिए यह राज्य किसी खजाने से कम नहीं है।
6. Orchha, ओरछा – नदी, जंगल और नेचुरल ब्यूटी
ओरछा अपने ऐतिहासिक महलों और मंदिरों के लिए पॉपुलर है, लेकिन बारिश के मौसम में यहां की नेचुरल ब्यूटी भी देखने लायक होती है। बेतवा नदी का बहाव, आसपास की हरियाली और शांत वातावरण इसे मानसून ट्रिप के लिए शानदार जगह बनाते हैं। यहां हिस्ट्री और नेचर दोनों का आनंद लिया जा सकता है।
7. Tincha Waterfall, तिंचा वॉटरफॉल – इंदौर के पास मानसून का पसंदीदा स्थान
इंदौर के पास तिंचा फॉल्स बारिश के मौसम में बेहद अट्रैक्टिव हो जाता है। पहाड़ियों के बीच से गिरता पानी और आसपास की हरियाली यहां का मेन अट्रैक्शन है। यह जगह दोस्तों और परिवार के साथ एक दिन की ट्रिप के लिए काफी पॉपुलर है।
8. Patalpani Waterfall, पातालपानी वॉटरफॉल – झरने और पहाड़ियों का संगम
इंदौर के पास पातालपानी झरना मानसून में अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। ऊंचाई से गिरता पानी, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इसे अट्रैक्टिव बनाते हैं। बारिश के समय यहां का वातावरण काफी हरा-भरा हो जाता है।
बाघों का सबसे बड़ा ठिकाना
भारत में सबसे ज्यादा बाघ मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं, इसलिए इसे ‘टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है। यहां के घने जंगल और रिच बायोडाइवर्सिटी वाइल्डलाइफ के लिए अच्छा घर हैं। राज्य के नेशनल पार्क बाघों के साथ-साथ कई रेयर वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन के लिए भी पॉपुलर हैं। हर साल लाखों टूरिस्ट जंगल सफारी का रोमांच और बाघों की एक झलक पाने यहां पहुंचते हैं।
घूमने का सबसे अच्छा समय
जुलाई–सितंबर: झरनों और हरियाली का सबसे शानदार समय
अक्टूबर: मौसम सुहावना, ट्रेकिंग और घूमने के लिए परफेक्ट
बारिश के समय पहाड़ी इलाकों में जाते समय फिसलन और तेज बहाव वाले पानी से सावधानी रखना जरूरी है।
A sensible Panigale. Can such a thing even exist, and more importantly, should it? This was a consistent thought I grappled with in the approach to riding this bike. After all, on paper, it seems like a big step away from the previous-gen Pani V2. Yes, it lost a lot of weight, which is great, but it also dropped down from a solid 155hp to ‘just’ 120hp.
Not love at first sight
It’s not like these thoughts are lost when you first spot the bike in person. There are some beautiful details to take in at a close glance, including that crafted swingarm, the gorgeous monoshock mounts and that sculpted fairing. But step back, and it’s just missing something – the drop-dead gorgeous sex appeal that the Panigale name is supposed to carry simply isn’t there. The design is almost an amalgamation of a Panigale and a SuperSport 950; and given that the latter is no longer made, perhaps that explains it. Hmm.
The design is not as stunning as its predecessor.
Swing a leg over the tall 837mm seat, and you’ll be greeted by ergonomics that reflect the SuperSport design vibes, with surprisingly high and wide bars and footpegs lower than you’d expect. As a tall human with poor flexibility and shameful levels of fitness, this is something you won’t hear me complain about. But it does further drive home the point of just how different this new Panigale is.
Unexpected impressions
Anyhow, time has taught me that sometimes it’s best to stop thinking and let the bike do the talking. On the first lap out, my immediate impression was one that you will read in no review of this motorcycle anywhere in the world – it felt heavy! This is exactly the opposite of what anyone would normally think, because the new V2 has had a massive weight loss, and I knew that this problem was entirely in my own head. After all, I’d just spent the previous day riding a mind-bendingly light, 132kg, national championship-winning Pro Stock RACR race bike.
The S variant gets Öhlins suspension.
What was not just in my head was that something could improve with the suspension setup. It felt way too soft, and the bike wasn’t gelling with the Madras International Circuit’s many bumps. With some help from racing legend Rajini Krishnan and the super-helpful folks at Ducati Chennai, we dialed in the manually adjustable Öhlins (only on this S model), and I headed out for my second track session. This time, things felt much better, and the bike behaved more predictably over bumps. I got a real confidence boost after the session ended when I saw the lap times. In just the second session of the day, I’d gone faster than I managed all of the previous day on the race bike. That was unexpected!
Termignoni exhaust sounds fab, but is for track use only and will set you back by Rs 3.64 lakh.
It all makes sense
To have broken just under the 2min barrier at the MIC so quickly was a revelation about how easy and encouraging this bike was to ride. This character was extra valuable in the brutally hot and humid weather one gets treated to in Chennai in May. But for all the comfort from the relatively kind ergos, I felt no limitations in pushing the bike to my limits. The only area that needed caution was in not putting unwanted leverage into the tall and wide handlebars, which was easy to do in certain situations.
The best way to sum up the V2’s handling is friendly and forgiving. It turns when you ask and exactly how you expect, which is great for confidence. The light handling, as well as the bike’s ability to forgive poor or corrective inputs from the rider, is what I fell in love with, along with the fact that it’s not as exhausting to ride as a proper crotch rocket can be. The seating position is also quite spacious for taller riders, and it’s easy to hold onto the bike as well, thanks to more grippy footpegs than on the bigger V4.
I ended the day setting 1min:56s lap times, which is quite quick, but nowhere close to professional racer pace. Incredibly talented riders like that will probably want more committed riding positions and perhaps firmer suspension, but for the rest of us ‘normies’, this new V2 is a spicy treat on the track while remaining easy to digest.
Baby boomer
The new 890cc 90-degree V-twin engine plays a big role in this. The lower power is a downer on paper, but man does this engine impress in person. It feels light, quick revving and goes up surprisingly high, making peak power at 10,750rpm before the limiter kicks in at around 11,000rpm. But meeting that limiter was a rare occurrence because the 93.3Nm of torque was so rich and easy to access that the engine didn’t need to be constantly screaming at the limit. With the low 187kg kerb weight, the V2 was quick enough to just kiss 200kph on the display before some of the braking zones. That’s not bad considering the MIC has no massive straights, and you never see 6th gear here on a bike like this.
This particular dealer bike was also garnished with an official Ducati accessory exhaust. This carbon-fibre beauty from Italian specialist Termignoni produces a delicious bark on track that really elevates the riding experience, especially on rapid usage of the bi-directional quickshifter. The downsides are that it’s not road legal and it will set you back by a further Rs 3.63 lakh.
Braking is handled by twin front discs bitten down on by Brembo M50 calipers. These aren’t the latest or greatest in the world of production bike brakes, which is disappointing on such an expensive bike, but there is no doubt that they work very well. The Pirelli Diablo Rosso 4 tyres are just about okay for fast track work, and you’d undoubtedly find more confidence on more appropriate tyres. Nevertheless, like all Ducatis, the new V2 has comprehensive and excellent rider aids – keeping the traction control on at a lower level provided some valuable peace of mind when cracking open the gas at big lean angles.
TFT dash is easy to read and use but a bit small.
If you can
At Rs 21.53 lakh for this S model (Rs 19.5 lakh for the standard V2), value is not a part of this conversation – as it has become with all Ducatis of late. A Rs 12.5 lakh Kawasaki ZX-6R will do a similar job for far less, although it lacks the Ducati’s advanced electronics and is a noticeable step down in the suspension and braking departments. In fact, the V2’s price is up there with proper 1000s like the ZX-10R and even the base BMW S 1000 RR.
Tempting as that may be, I have seen over the years that far too many folks jump onto 1000s at track days and then struggle. Those bikes are mind-blowingly capable and have the most spectacular spec sheets – but they also demand tremendous skill and fitness to satisfyingly exploit. Come to think of it, I myself have never jumped off a litre-class superbike on a racetrack feeling particularly good about myself as a rider…
But this smaller V2 bike is a revelation in that regard because it’s far easier to exploit, doesn’t completely overwhelm you physically and, most importantly, leaves you feeling good! So, if you can afford it, I’d go so far as recommending this over a Panigale V4 for most people, especially those just getting into the track-riding scene.
It’s a fantastic little thing, and it has carved out a space in my money-no-object imaginary garage. Not a lot of bikes do that.
Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कई लोगों के लिए आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। किसी के लिए निवेश पर ध्यान देने का समय है तो किसी के लिए खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। वहीं कुछ लोगों को नई कमाई के अवसर मिल सकते हैं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन
मूलांक 1
अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में समझदारी दिखाने की जरूरत है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए बजट और निवेश की समीक्षा करें। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें और बचत बढ़ाने पर ध्यान दें। सही योजना आपके आर्थिक भविष्य को मजबूत बना सकती है।
मूलांक 2
अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। तकनीक, ऑनलाइन काम या नए कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा होने की संभावना है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। लंबे समय के निवेश और सही योजना से आगे चलकर अच्छा लाभ मिल सकता है।
मूलांक 3
अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। यह समय नई शुरुआत करने की बजाय अपनी पुरानी योजनाओं की समीक्षा करने का है। अपने भविष्य के लक्ष्य तय करें और उसी के अनुसार वित्तीय योजना बनाएं।
मूलांक 4
अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं। सरकारी काम या कानूनी मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नया ग्राहक मिल सकता है। आमदनी और खर्च में संतुलन रहेगा, लेकिन बड़े खर्च करने से पहले अच्छी तरह सोच लें।
मूलांक 5
अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आय बढ़ाने के नए मौके मिल सकते हैं। तकनीक, सलाहकार सेवाओं या व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है। पुराने कारोबारी साथी के साथ नई साझेदारी की बात बन सकती है। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी।
मूलांक 6
अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा सकता है। पहले किए गए निवेश का लाभ मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नया ऑर्डर मिल सकता है। आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन वे जरूरी कामों पर होंगे। परिवार का सहयोग भी मिलेगा।
मूलांक 7
अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। अपने बजट और निवेश की दोबारा जांच करें। फिजूल खर्च से बचें और बचत बढ़ाने पर ध्यान दें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आने वाले समय में आर्थिक मजबूती देगा।
मूलांक 8
अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज नई योजनाओं और निवेश के अवसर मिल सकते हैं। खासकर तकनीक और नए कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रह सकता है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। जल्दबाजी से बचें और लंबे समय के फायदे को ध्यान में रखकर निर्णय लें।
मूलांक 9
अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने की बजाय भविष्य की योजना बनाने पर ध्यान दें। अपने पुराने निवेश और वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें। जल्दबाजी से बचें और आने वाले समय के लिए मजबूत रणनीति तैयार करें। सही तैयारी भविष्य में बेहतर परिणाम दिला सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया।
2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए
सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है।
कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है
सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है।
आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी
सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं।
10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान
सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है।
सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया
सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है।
एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है।
2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली
सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था।
कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं
सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था।
एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास
सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे।
आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।
रिलायंस रिटेल वेंचर्स का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 84,171 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से एबिड्टा 1.8 फीसदी गिरककर 5,935 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,044 करोड़ रुपये था।
टैक्स बाद प्रॉफिट 2806 करोड़ रुपये
रिलायंस रिटेल का टैक्स बाद प्रॉफिट जून तिमाही में 2,806 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 80 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 7.9 फीसदी रहा। कंपनी ने 17 जुलाई को यह जानकारी दी। रिलायंस रिटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल इकाई है।
सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल का अच्छा प्रदर्शन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “जून तिमाही में रिलायंस रिटेल की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। हमारा ओमिनी-चैनल करोड़ों भारतीय कंज्यूमर्स को सेवाएं दे रहा है। मुझे भरोसा है कि इसे लंबी अवधि में भारत में कंजम्प्शन ग्रोथ का फायदा मिलेगा।”
जून तिमाही में कंपनी ने 252 नए स्टोर ओपन किए
रिलायंस रिटेल ने जून तिमाही में 252 नए स्टोर ओपन किए। इससे कंपनी के स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 20,169 पहुंच गई। रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 10 फीसदी बढ़कर 39.6 करोड़ हो गई। कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट का प्रदर्शन भी स्ट्रॉन्ग रहा। ग्रॉसरी ऑर्डर की संख्या साल दर साल आधार पर 116 फीदी बढ़ी।
सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ
आरआरवीएल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “रिलायंस रिटेल ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। डिजिटल कॉमर्स में हमारे लगातार निवेश से हमारे डिजिटल प्लेफॉर्म्स में आ रहे बदलाव का पता चलता है।”
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का भी अच्छा प्रदर्शन
कंपनी के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इसमें एयर कंडिशनर्स, लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्मॉल अप्लायंसेज की अच्छी सेल्स का हाथ रहा। फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रही। इसकी लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4 फीसदी रही। इसमें Shein और Ajio Luxe का हाथ रहा।
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मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर शुक्रवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद करीब 10 लाख लोगों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। अमेरिकी एजेंसी USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र मेक्सिको के प्यूर्टो मडेरो शहर के पास था। यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे आसपास के इलाकों में तेज झटकों की आशंका बढ़ गई है। US सुनामी वार्निंग सिस्टम ने इस क्षेत्र के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया है। 7.4 तीव्रता के भूकंप को ‘मेजर’ कैटेगरी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं। भूकंप के झटके मेक्सिको के पड़ोसी देश ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस किए गए। फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़ा यह वीडियो वायरल है… पिछले 30 दिनों में 22 भूकंप दर्ज भूकंप ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ में आया, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला करीब 40 हजार किलोमीटर लंबा घोड़े की नाल के आकार का इलाका है। यह दुनिया का सबसे एक्टिव भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यहां दुनिया के करीब 75% सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखी हैं और लगभग 90% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं। पिछले 30 दिनों में इस इलाके में 22 भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें शुक्रवार का 7.4 तीव्रता वाला भूकंप सबसे शक्तिशाली बताया जा रहा है। भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने कहा कि समुद्र में उठने वाली ऊंची और खतरनाक लहरें तटीय इलाकों में बाढ़ ला सकती हैं। लोगों से संभावित बाढ़, तेज समुद्री धाराओं और ऊंची लहरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। हालांकि, अमेरिका के नेशनल सुनामी वार्निंग सेंटर ने साफ किया है कि अमेरिका के पश्चिमी तट, ब्रिटिश कोलंबिया और अलास्का के लिए सुनामी का कोई खतरा नहीं है। भूकंप क्यों आते हैं
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं।
टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इसमें प्रदोष काल में पूजा का विधान है। माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में महादेव अपने निवास स्थान कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते हैं। इस समय मां पार्वती संग शिव परिवार का पूजन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
प्रदोष व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस समय आषाढ़ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है। इस माह का अंतिम प्रदोष व्रत रविवार के दिन रखा जाएगा, क्योंकि आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि रविवार के दिन पड़ रही है। खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और इंद्र योग बन रहा है। साथ ही इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र लगने से इसका महत्व और बढ़ गया है। आइए जानें आषाढ़ माह का अंतिम प्रदोष व्रत किस दिन किया जाएगा?
जुलाई का अंतिम प्रदोष 2026 तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार, 26 जुलाई को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर में 1 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि की समाप्ति 27 जुलाई को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगी। इस व्रत में उदयातिथि की गणना नहीं होती है, प्रदोष काल का महत्व होता है। इस आधार पर जुलाई का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई दिन रविवार को है। रविवार को होने वाले प्रदोष की वजह से यह रवि प्रदोष व्रत होगा।
रवि प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त
आषाढ़ माह के अंतिम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 7 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा। यह मुहूर्त रात को 9 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगा। प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:16 ए एम से लेकर 04:58 ए एम तक है, वहीं अभिजित मुहूर्त ठीक दोपहर 12:00 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त देर रात 12:07 ए एम से लेकर 12:49 ए एम तक है।
रवि प्रदोष व्रत में रहेगा सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का संयोग
रवि प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 07 बजकर 34 मिनट पर बनेगा और अगले दिन 27 जुलाई को सुबह में 05 बजकर 40 मिनट तक है। इस योग में प्रदोष व्रत की पूजा सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली होगी। इसके अलावा प्रदोष पर इंद्र योग प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से वैधृति योग बनेगा। उस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 07 बजकर 34 मिनट तक है, उसके बाद मूल नक्षत्र होगा।