क्या UPI पेमेंट पर आपको देना होगा चार्ज और कटेगा आपका पैसा? करोड़ों यूजर्स के लिए Payments Council of India ने दिया बड़ा अपडेट

UPI Payment Update: देश में डिजिटल पेमेंट का आधार बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा? इस पूरे विवाद और चर्चाओं के बीच पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक डिटेल्ड Q&A शेयर कर कई जरूरी चीजों पर स्थिति साफ की है। हमारे सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक PCI और केंद्र सरकार दोनों ने साफ कर दिया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट पूरी तरह से मुफ्त है और रहेगा। इस पूरी बहस का मुख्य केंद्र उपभोक्ता नहीं बल्कि भारत के इस विशाल डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने पर आने वाली लागत है।

आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के लिए UPI रहेगा बिल्कुल फ्री

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के मुताबिक UPI के इस्तेमाल और UPI पेमेंट्स स्वीकार करने के बीच के फर्क को समझना जरूरी है। 2016 में अपनी शुरुआत से लेकर अब तक आम यूजर्स के लिए UPI पूरी तरह से फ्री रहा है। कस्टमर बिना किसी ट्रांजैक्शन चार्ज के एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तुरंत पैसे भेज सकते हैं। किराना दुकानों सहित देश के छोटे व्यापारियों के लिए भी UPI पेमेंट स्वीकार करने पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगता है। भारत के सबसे छोटे व्यवसायों तक डिजिटल भुगतान को सुलभ बनाए रखना इस प्लेटफॉर्म के विस्तार का मुख्य आधार रहा है।

फ्री होने के बावजूद क्यों उठ रहे हैं फंडिंग और लागत से जुड़े सवाल?

अगर ग्राहकों और छोटे व्यापारियों से कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है, तो फिर UPI पर खर्च कौन उठा रहा है? PCI ने स्पष्ट किया है कि भले ही यह सेवा यूजर्स के लिए मुफ्त है लेकिन इसका इंफ्रास्ट्रक्चर मुफ्त में काम नहीं करता। UPI इकोसिस्टम को चलाने के लिए टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम, कंप्लायंस, कस्टमर सपोर्ट और इनोवेशन में लगातार इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है। पिछले लगभग एक दशक में बैंकों, पेमेंट कंपनियों, फिनटेक फर्मों, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मिलकर इस नेटवर्क को बनाने और इसे बनाए रखने में भारी निवेश किया है। PCI के मुताबिक यह बहस किसी यूजर के रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन पर फीस लगाने के बारे में नहीं है बल्कि ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बढ़ने के साथ पेमेंट सिस्टम के सस्टेनेबल फंडिंग को लेकर है।

मर्चेंट सर्विस चार्ज को लेकर क्या है स्थिति?

सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मर्चेंट सर्विस चार्ज (जहां लागू हो) व्यापारियों और उनके पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच की वाणिज्यिक व्यवस्था होती है। ऐसे किसी भी शुल्क का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आम ग्राहकों को UPI का इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने पड़ेंगे। UPI अब सिर्फ एक पेमेंट ऑप्शन नहीं रह गया है बल्कि यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसका इस्तेमाल करोड़ों आम लोग और बिजनेस कर रहे हैं। 24×7 सुरक्षित, मजबूत और बिना किसी बाधा के सर्विस देने के लिए साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पर लगातार फंडिंग की जरूरत होती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्पष्टीकरण और संसद का नया विधेयक

UPI पर MDR और चार्जेस को लेकर हाल ही में उठी आशंकाओं पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अगर कभी MDR पेश किया भी जाता है तो वह मर्चेंट्स (व्यापारियों) पर लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं। यह स्पष्टीकरण टैक्सेशन और दूसरे कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के बाद पैदा हुई चिंताओं के जवाब में आया है। हालांकि इस विधेयक के तहत UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR या नई फीस लागू नहीं की गई है। यह बिल सिर्फ एक कानूनी ढांचा तैयार करता है, जो सरकार को भविष्य की अधिसूचनाओं के माध्यम से मौजूदा जीरो-MDR व्यवस्था में संशोधन करने का अधिकार देता है।

MDR क्या होता है और आगे क्या होगा?

MDR वह शुल्क होता है जो पेमेंट लेने वाला व्यापारी देता है, न कि पेमेंट करने वाला ग्राहक। आमतौर पर यह शुल्क ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाले अधिग्रहणकर्ता बैंक, जारीकर्ता बैंक, पेमेंट नेटवर्क और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच बांटा जाता है। बैंकों और पेमेंट कंपनियों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और सिस्टम अपग्रेडेशन के बढ़ते खर्चों पर चिंता जताई है। वित्त मंत्री ने जानकारी दी है कि संसद द्वारा विधेयक पारित किए जाने के बाद ही NPCI की अध्यक्षता वाली UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी इस मुद्दे की समीक्षा करेगी। फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है और जीरो-कॉस्ट पेमेंट की मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

KCC: किसान क्रेडिट कार्ड में किसानों को कैसे मिलता है सस्ता लोन? कौन कर सकता है अप्लाई, जानें पूरा प्रोसेस

भारत में खेती और उससे जुड़ी एक्टिविटीज को आर्थिक मजबूती देने के लिए बैंक और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूतम तमाम स्कीम चलाते हैं। इनमें सबसे अहम और और पॉपुलर स्कीम है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना। अगस्त 1998 में पब्लिक सेक्टर्स के बैंकों द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों को खेती-किसानी की जरूरतों के लिए समय पर और कम दरों पर क्रेडिट यानी कि लोन उपलब्ध कराती है। शुरुआत में इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ मौसमी फसलों के खर्चों को पूरा करना था, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़ाकर डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, पशुपालन और मधुमक्खी पालन जैसी एक्टिविटीज तक इसका विस्तार किया गया।

किसान क्रेडिट कार्ड से कैसे मिलता है बेहद सस्ता लोन?

किसान क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इस पर मिलने वाली बेहद कम ब्याज दरें और सरकारी छूट हैं। भारत सरकार की संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत बैंकों को KCC पर अधिकतम 3.00 लाख रुपये तक के कुल लोन पर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लोन उपलब्ध कराने के लिए सहायता दी जाती है। जो किसान अपने लोन का भुगतान समय पर करते हैं, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज छूट दी जाती है। इस तरह देखें तो समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से सस्ता लोन मिल जाता है। इस ब्याज छूट का कैलकुलेशन लोन मिलने या पैसे विड्रॉल करने की तारीख से से लेकर लोन चुकाने की असल तारीख या बैंक द्वारा तय की गई तारीख (जो भी पहले हो) तक अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए की जाती है।

कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?

किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ समाज के हर वर्ग के किसान और पशुपालक उठा सकते हैं। योजना के तहत पात्र आवेदकों की श्रेणियां नीचे दी गई हैं-

व्यक्तिगत/संयुक्त भू-स्वामी: ऐसे किसान जो स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं।

पट्टेदार व बटाईदार: पट्टेदार किसान , मौखिक पट्टेदार और साझा कृषक या बटाईदार।

समूह और संस्थाएं: किसानों, पट्टेदारों या बटाईदारों के स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG)।

दूसरी गतिविधियों से जुड़े किसान: पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, मशरूम खेती और अन्य गतिविधियों में लगे व्यक्ति।

सरकार के नियमों के अनुसार, KCC योजना के तहत संशोधित ब्याज सबवेंशन का लाभ उठाने के लिए बैंक खातों को आधार से लिंक करना अनिवार्य है।

KCC लोन की सीमा और उपलब्ध फंड की राशि

KCC के तहत लोन की सीमा किसान की भूमि, फसल के प्रकार और गतिविधियों के आधार पर तय की जाती है। योजना में फंड की सीमा को भी तय किया गया है। फसलों की खेती और कटाई के बाद के खर्चों के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक की क्रेडिट सीमा तय की गई है। पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम पालन, मधुमक्खी पालन आदि के लिए वर्किंग कैपिटल के रूप में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सीमा मिलती है। 1 हेक्टेयर तक की जोत वाले सीमांत किसानों के लिए 10000 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक की फ्लेक्सी केसीसी दी जाती है। इसमें जमीन के मूल्य से जोड़े बिना खेती के खर्च, घरेलू जरूरतों और छोटे उपकरणों की खरीद के लिए 5 साल की अवधि के लिए लिमिट तय की जाती है।

क्रेडिट लिमिट और लोन की राशि का आकलन कैसे होता है?

KCC लोन की सीमा 5 वर्षों की अवधि के लिए तय की जाती है और यह एक रिवॉल्विंग क्रेडिट लिमिट के रूप में काम करती है। पहले वर्ष की लोन सीमा का निर्धारण इस फॉर्मूले से होता है:

पहले वर्ष की सीमा = (जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा तय फसल का पैमाना × खेती का क्षेत्रफल) + (कटाई बाद/घरेलू जरूरतों के लिए सीमा का 10%) + (फार्म परिसंपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए सीमा का 20%) + फसल/दुर्घटना बीमा प्रीमियम।

दूसरे से पांचवें साल की सीमा: अगले प्रत्येक वर्ष (2nd, 3rd, 4th और 5th ईयर) के लिए लागत वृद्धि के रूप में सीमा में 10% की बढ़ोतरी की जाती है।

टर्म लोन: भूमि विकास, सिंचाई, कृषि उपकरण खरीदने आदि के लिए 5 साल के समय के लिए टर्म लोन घटक भी इसमें जोड़ा जाता है। 5वें वर्ष की तय अल्पकालिक सीमा और टर्म लोन की कुल राशि मिलाकर कार्ड की मैक्सिमम पर्मिसेबल लिमिट तय होती है।

KCC क्रेडिट की प्रमुख विशेषताएं और इस्तेमाल

किसान क्रेडिट कार्ड योजना सिंगल के तहत किसानों की तमाम जरूरतों को पूरा करती है। अल्पकालिक फसल जरूरतों के तहत इसका फायदा मौसमी फसलों, सब्जियों, फल-फूलों, वृक्षारोपण, मसालों और औषधीय पौधों की खेती के लिए उठाया जा सकता है। उपज की कटाई के बाद के खर्चों और e-NWR (इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद) के एवज में लोन लेने के लिए। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए फसल ऋण के पुनर्गठन पर पहले वर्ष के लिए ब्याज सबवेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

इसके अलावा केसीसी में छोटे और सीमांत किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद मजबूरी में कम कीमत पर उपज बेचने से रोकने के लिए वेयरहाउसिंग अथॉरिटी से पंजीकृत गोदामों में रखी उपज की रसीद पर 6 महीने तक ब्याज सबवेंशन मिलता है।

कहां से मिलेगा KCC और आवेदन की प्रक्रिया

किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए किसान अलग अलग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन में आवेदन कर सकते हैं। KCC जारी करने के लिए अधिकृत संस्थानों की बात करें तो इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, ग्रामीण सहकारी बैंक, लघु वित्त बैंक, कंप्यूटरीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियां शामिल हैं।

केसीसी के लिए आवेदन की प्रक्रिया

किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट/पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज (या पट्टेदारी का प्रमाण) और आधार कार्ड लगाना होता है। बैंक द्वारा एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद KCC जारी कर दिया जाता है।

Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ा भाव; वैश्विक कीमत में इस हफ्ते 7% से ज्यादा उछाल

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल कितना महंगा या सस्ता? यहां देखें नए दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 08 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Surya Ketu Yuti: इस दिन अपनी राशि में पहुंचेंगे सूर्य और केतु के साथ बनाएंगे संयोग, 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

Surya Ketu Yuti: 17 अगस्त 2026 को सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह राशि में गोचर करने जा रहे हैं, जहां वे लगभग 30 दिनों तक विराजमान रहेंगे। सिंह राशि में पहले से ही केतु ग्रह विराजमान हैं। ऐसे में 17 अगस्त से सिंह राशि में सूर्य और केतु की युति बनेगी, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य स्वराशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक मामलों में प्रभाव बढ़ता है। हालांकि केतु के साथ उपस्थिति के कारण कुछ राशियों को सतर्क रहने और कुछ को विशेष लाभ मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में केतु के साथ बनने वाली यह युति कुछ राशियों के लिए भाग्योदय, सफलता, मान-सम्मान और मनचाहे परिणामों के मौके लेकर आ सकती है। इसके अलावा जातकों की बंद किस्मत का ताला इस अवधि में खुलने के योग हैं। आइए इन लकी राशियों को जानते हैं।

तीन राशियों के जीवन में आएंगी खुशियां

सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए यह युति बेहद शुभ साबित हो सकती है। सूर्य आपकी ही राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। घर, परिवार और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। सूर्य के प्रभाव से आपकी निर्णय क्षमता बेहतर होगी और आकर्षण भी बढ़ेगा।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए यह समय लाभदायक रहेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। धन लाभ होने से आप किसी वस्तु की खरीदारी करेंगे।

मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए यह युति सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकती है। करियर और कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा।

सूर्य-केतु युति का प्रभाव बढ़ाएं

सूर्य और केतु की युति का प्रभाव एक महीने तक रहेगा। शुभ फलों की प्राप्ति के लिए आप ये उपाय अपना सकते हैं:

  • प्रतिदिन सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल, रोली और अक्षत डालकर ‘ॐ सूर्याय नमः’ का जाप करें।
  • केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए काला और सफेद तिल या कंबल का दान करें।
  • सूर्य का प्रभाव अनुशासन मांगता है, इसलिए इस दौरान आलस का त्याग करें। अपने कार्यस्थल पर पूरी ईमानदारी से काम करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ा भाव; वैश्विक कीमत में इस हफ्ते 7% से ज्यादा उछाल

देश में सोने की कीमत और बढ़ गई है। 8 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 150050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। मुंबई और कोलकाता में भाव 149900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और विदेशी बाजारों में सोने की कीमत में उछाल के कारण देश के अंदर भी सोने के भाव में तेजी है। जुलाई में U.S. नॉन-फार्म पेरोल में 23000 जॉब्स की गिरावट दर्ज की गई। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से प्रमुख ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना कम हो गई है।

बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक ​नेगेटिव फैक्टर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने की वैश्विक कीमत इस सप्ताह में अब तक 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ऐसी उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से पूरी तरह खुल जाएगा। इस उम्मीद ने महंगाई की चिंताओं को कम किया है। इससे भी अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने को लेकर कम हुई है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 150050 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 137410 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 149900 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 149990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137510 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 149900 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 137410 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली137560150050
मुंबई137410149900
अहमदाबाद137460149950
चेन्नई137490149990
कोलकाता137410149900
हैदराबाद137410149900
जयपुर137560150050
भोपाल137460149950
लखनऊ137560150050
चंडीगढ़137560150050

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में 8 अगस्त की सुबह देश के अंदर गिरावट है। चांदी अब 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.29 डॉलर प्रति औंस है।

घर को देना है महंगा और लग्जरी लुक! पुराने गहनों का करें ऐसा इस्तेमाल

घर में पुराने आर्टिफिशियल गहनों का फैशन पुराना हो जाता है या वे टूट जाते हैं, इसलिए उनका इस्तेमाल बंद हो जाता है। लेकिन इन्हें फेंकने की बजाय थोड़ी-सी क्रिएटिविटी के साथ दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। पुराने झुमके, हार, चूड़ियां, मोती और पेंडेंट से घर की खूबसूरत डेकोरेशन किया जा सकता है। इससे न सिर्फ घर को नया लुक मिलता है, बल्कि बेकार पड़े गहनों का भी शानदार उपयोग हो जाता है।

मोमबत्ती स्टैंड

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पुराने लॉकेट, पेंडेंट, मोती या रंग-बिरंगे स्टोन की मदद से सिंपल कैंडल स्टैंड को नया और अट्रैक्टिव लुक दिया जा सकता है। इन्हें ग्लू की मदद से कैंडल होल्डर के चारों ओर सजाएं। जब मोमबत्ती जलेगी, तो इन गहनों की चमक और भी खूबसूरत दिखाई देगी। यह डाइनिंग टेबल, ड्रॉइंग रूम या पूजा की जगह की सजावट के लिए भी अच्छा ऑप्शन है।

वॉल डेकोरेशन

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टूटे हुए झुमके, ब्रोच, अंगूठियां, पेंडेंट और पुराने हार को किसी फोटो फ्रेम या लकड़ी के बोर्ड पर फूल, दिल, तितली या किसी डिजाइन में चिपकाकर सुंदर वॉल आर्ट तैयार की जा सकती है। इसे बेडरूम, लिविंग रूम या एंट्रेंस की दीवार पर लगाया जा सकता है। यह घर को अलग और क्रिएटिव लुक देता है।

फोटो फ्रेम

Golden Frame Mockup with Nature Elements Perfect for Art ...

घर में कोई सिंपल फोटो फ्रेम रखा है, तो उसे पुराने आर्टिफिशियल गहनों से नया रूप दिया जा सकता है। फ्रेम के किनारों पर मोती, झुमके, चूड़ियों के टुकड़े या रंगीन स्टोन चिपकाकर उसे अट्रैक्टिव बनाया जा सकता है। इसमें परिवार की पसंदीदा तस्वीर लगाकर स्पेशल बनाया जा सकता है।

केबिनेट हैंडल

पुराने और केबिनेट या अलमारी के हैंडल को बड़े ब्रोच, डेकोरेटिव रिंग या खूबसूरत पेंडेंट से बदलकर नया डिजाइनर लुक दिया जा सकता है। इससे पुराने फर्नीचर में भी नई जान आ जाती है और बिना खर्च किए घर का इंटीरियर स्टाइलिश दिखने लगता है।

डेकोरेटिव ट्रे

प्लास्टिक, लकड़ी या स्टील की ट्रे को पुराने मोती, टूटे हार, छोटे स्टोन और रंगीन गहनों के टुकड़ों से सजाया जा सकता है। यह ट्रे चाय-नाश्ता सर्व करने के साथ-साथ परफ्यूम, मेकअप, मोमबत्ती या छोटी सजावटी चीजें रखने के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है। इससे ट्रे का लुक पूरी तरह बदल जाता है।

पर्दे की सजावट

लंबे मोतियों वाले हार, मनकों की चेन या पुराने कंगनों को पर्दे बांधने के टाई-बैक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पर्दों को एक रॉयल और अट्रैक्टिव लुक मिलता है। यह तरीका लिविंग रूम, बेडरूम या ड्रॉइंग रूम के डेकोरेशन को और भी खूबसूरत बना देता है।

NTPC Jobs 2026: एनटीपीसी में डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन, हर महीने मिलेगी 70,000 से 2 लाख रुपये तक सैलरी

NTPC Jobs 2026: अच्छे सैलरी पैकेज के साथ ऊंचे पद पर नौकरी करना चाहते हैं, तो ये मौका आपको देश की प्रतिष्ठित कंपनी एनटीपीसी में मिल सकता है। एनटीपीसी ने डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सी एंड आई (C&I)विभाग में कुल 135 पदों योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार 12 अगस्त 2026 से 26 अगस्त 2026 तक एनटीपीसी की आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

इन विभागों में होगी भर्ती

एनटीपीसी की यह भर्ती तीन प्रमुख तकनीकी विभागों के लिए निकाली गई है। इनमें इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन (C&I) विभाग शामिल हैं। सभी पद डिप्टी मैनेजर के स्तर के हैं और इन पर अनुभवी उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी।

आवेदन के लिए जरूरी योग्यता

हर पद के लिए संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में फुल टाइम बीई या बीटेक डिग्री होना जरूरी है।

डिप्टी मैनेजर (इलेक्ट्रिकल)पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में फुल टाइम बीई/बीटेक डिग्री होनी चाहिए।

डिप्टी मैनेजर (मैकेनिकल) पद के लिए मैकेनिकल,प्रोडक्शन,थर्मल या संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में फुल टाइम बीई/बीटेक डिग्री आवश्यक है।

डिप्टी मैनेजर (C&I)पद के लिए उम्मीदवार के पास इंस्ट्रूमेंटेशन,कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन,इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन या इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में फुल टाइम बीई/बीटेक डिग्री होनी चाहिए।

अनुभवी उम्मीदवारों को मिलेगा मौका

एनटीपीसी ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती अनुभवी उम्मीदवारों के लिए है। अभ्यर्थियों के पास डिग्री पूरी करने के बाद संबंधित क्षेत्र में निर्धारित कार्य अनुभव होना चाहिए। अनुभव की अवधि और अन्य पात्रता से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में दी गई है। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सभी शर्तें ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

चयन प्रक्रिया

एनटीपीसी डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के अनुभव की जांच करेगा। इसके आधार पर योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इंटरव्यू में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी होगी।

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति ई-4 (E4) ग्रेड में की जाएगी। इस पद के लिए वेतनमान 70,000 रुपये से 2,00,000 रुपये प्रति माह (IDA Pay Scale)निर्धारित किया गया है। इसके अलावा एनटीपीसी के नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।

12 अगस्त से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

एनटीपीसी ने आवेदन की तारीखें भी घोषित कर दी हैं। ऑनलाइन आवेदन 12 अगस्त 2026 से शुरू होंगे और 26 अगस्त 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे। इसके बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

आवेदन करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को NTPC की आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाना होगा। वहां Recruitment/Careers सेक्शन में जाकर NTPC Deputy Manager Recruitment 2026 के लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद नया रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाना होगा। फिर आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव से जुड़ी सभी जानकारी भरनी होगी। उम्मीदवारों को अपनी फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होंगे। यदि आवेदन शुल्क लागू है तो उसका ऑनलाइन भुगतान करना होगा। अंत में सभी जानकारी अच्छी तरह जांचकर आवेदन फॉर्म सबमिट करना होगा और भविष्य के लिए उसका प्रिंट या कॉपी सुरक्षित रखनी चाहिए।

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नर्सरी जाने की जरूरत नहीं! एक छोटी सी कटिंग का बड़ा कमाल, फूल ही फूल से घर गार्डन बन जायेगा

घर की बालकनी या गार्डन को हरा-भरा बनाने के लिए कम खर्च में मानसून का मौसम सबसे अच्छा होता है। इस मौसम में कई पौधे सिर्फ एक छोटी-सी कटिंग से आसानी से उग जाते हैं। सही तरीका अपनाकर बिना नए पौधे खरीदे भी गार्डन में कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे न केवल पैसों की बचत होती है, बल्कि घर की हरियाली भी तेजी से बढ़ती है।

 

गुड़हल

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गुड़हल की थोड़ी मोटी और मजबूत टहनी कटिंग के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। इसे अच्छी मिट्टी वाले गमले में लगाने के बाद ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती। मानसून की नमी इसकी जड़ों को जल्दी बनने में मदद करती है। कुछ समय बाद नई पत्तियां निकलने लगती हैं और पौधा तेजी से बढ़ने लगता है। सही देखभाल मिलने पर इसमें सुंदर और बड़े फूल भी आने लगते हैं।

 

 

गुलाब

घर में पहले से गुलाब का पौधा है, तो उसकी एक मजबूत और स्वस्थ टहनी काटकर नए गमले में लगा सकते हैं। कटिंग लेते समय ऐसी टहनी चुनें जिसमें कोई बीमारी या कीड़े न लगे हों। अच्छी मिट्टी में लगाने और हल्की नमी बनाए रखने से कुछ ही हफ्तों में नई जड़ें बनने लगती हैं। धीरे-धीरे नई पत्तियां निकलती हैं और पौधा बढ़ने लगता है। सही देखभाल मिलने पर यही पौधा कुछ महीनों बाद सुंदर फूल भी देने लगता है।

 

 

मनी प्लांट

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मनी प्लांट कटिंग से सबसे आसानी से उगने वाले पौधों में से एक है। इसकी टहनी पर बनी गांठ के नीचे से कटिंग लेकर आप इसे पानी या मिट्टी, दोनों में लगा सकते हैं। बारिश के मौसम में इसकी जड़ें बहुत जल्दी बनती हैं और नया पौधा तेजी से बढ़ने लगता है। यह पौधा घर की सुंदरता बढ़ाता है। इसकी देखभाल भी बहुत आसान होती है।

 

 

बोगनवेलिया

अगर आप रंग-बिरंगे फूलों वाला पौधा लगाना चाहते हैं, तो बोगनवेलिया अच्छा ऑप्शन है। इसकी मजबूत टहनी की कटिंग मानसून में जल्दी जड़ पकड़ लेती है। सही मिट्टी और हल्की देखभाल के साथ यह तेजी से बढ़ता है और कुछ समय बाद खूबसूरत फूलों से भर जाता है। यह घर की दीवार, गेट या बालकनी की सुंदरता भी बढ़ाता है।

 

 

स्नेक प्लांट

स्नेक प्लांट उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम देखभाल वाले पौधे पसंद करते हैं। इसकी पत्ती या छोटे हिस्से को अलग करके मिट्टी में लगाने से नया पौधा तैयार किया जा सकता है। यह पौधा कम पानी में भी अच्छी तरह बढ़ता है और ज्यादा देखभाल नहीं मांगता। साथ ही इसे घर के अंदर भी आसानी से रखा जा सकता है। यह हवा को साफ रखने में भी मदद करता है।

 

 

जेड प्लांट

जेड प्लांट अपनी छोटी, मोटी और चमकदार पत्तियों की वजह से बहुत पसंद किया जाता है। इसकी एक छोटी टहनी या पत्ती से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है। बारिश के मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहने से इसकी जड़ें जल्दी बढ़ती हैं और पौधा तेजी से बढ़ने लगता है। कई लोग इसे घर में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी मानते हैं। यह कम देखभाल में भी लंबे समय तक हरा-भरा रहता है।

 

 

देखभाल टिप्स

कटिंग से पौधे उगाने के लिए हमेशा स्वस्थ और मजबूत टहनी का ही चुनाव करें। पौधा लगाने के बाद मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन उसमें पानी जमा न होने दें। गमले को शुरुआत में ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप या अच्छी रोशनी आती हो। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। समय-समय पर पौधे की निगरानी करते रहें और सूखी या खराब पत्तियों को हटा दें। थोड़ी-सी देखभाल से कटिंग पौधे में बदल जाएगी।

Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी का व्रत इस दिन होगा, नोट करें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Kamika Ekadashi 2026: सावन माह में आने वाले पहले एकादशी व्रत को कामिका एकदशी व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण करने वाले भक्तों के सारे पाप मिट जाते हैं। पुराणों अनुसार कामिका एकादशी का व्रत हजार गौ दान के बराबर पुण्य देता है। कहते हैं इस दिन तीर्थ स्थानों पर स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।

हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी व्रत का सौभाग्य मिलता है। सावन माह की पहली एकादशी तिथि को लेकर लोगों को भ्रम हो रहा है कि ये 8 अगस्त को किया जाएगा या 9 अगस्त को किया जाएगा। असल में एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर से शुरू हो रही है और हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत और त्योहार उदयातिथि को देखते हुए मनाए जाते हैं। इसलिए सावन माह की पहली एकादशी तिथि का व्रत 9 अगस्त को किया जाएगा। आइए जानें इसके बारे में

कामिका एकादशी 2026 सही तारीख

पंचांग अनुसार कामिका एकादशी तिथि 8 अगस्त की दोपहर 01:59 से शुरू होकर 9 अगस्त की सुबह 11:04 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 10 अगस्त को किया जाएगा और पारण का समय सुबह 05:47 से 08 बजे तक रहेगा।

कामिका एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

ब्रह्म मुहूर्त – 04:22 AM से 05:04 AM

प्रातः सन्ध्या – 04:43 AM से 05:47 AM

अभिजित मुहूर्त – 12:00 PM से 12:53 PM

विजय मुहूर्त – 02:40 PM से 03:33 PM

गोधूलि मुहूर्त – 07:06 PM से 07:27 PM

सायाह्न सन्ध्या – 07:06 PM से 08:10 PM

अमृत काल – 06:42 AM से 08:09 AM

द्विपुष्कर योग – 11:04 AM से 02:43 PM

इस दिन बन रहे हैं शुभ योग

कामिका एकादशी पर इस बार दो शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक द्विपुष्कर योग रहेगा। वहीं, पूरे दिन हर्षण योग प्रभावी रहेगा और इसका समापन 10 अगस्त को रात 2 बजकर 4 मिनट पर होगा। धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के हर दुख को हर लेते हैं।

कामिका एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं अनुसार कामिका एकादशी का व्रत रखने से सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। साथ ही पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन तुलसी का पूजन भी जरूर करें। साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते भी अवश्य चढ़ाएं, इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। साथ ही मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होगी।

कामिका एकादशी व्रत पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान से निवृत्त होकर पहले व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। भगवान को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत, तुलसी आदि जरूर अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें। साथ ही कामिका एकादशी की कथा पढ़ें। दिन भर फलाहारी व्रत रहें और एकादशी के अगले दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर अपना व्रत खोलें।

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Rashifal Today: कैसा रहेगा आपका आज का दिन, जानें किन बातों का रखना होगा खास ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। यह न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक दिन है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना सोचे-समझे खर्च न करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले आपको आर्थिक स्थिरता देंगे। धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामलों में आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाएं। बिना सोचे-समझे या भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें। तय बजट के अनुसार चलेंगे तो आगे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ देंगे।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आय और खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है। फिजूल खर्च से बचें और जरूरी खर्चों की सूची बनाकर आगे बढ़ें। लंबे समय के लिए बचत और निवेश की योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपको कोई नया आर्थिक अवसर मिल सकता है। अपनी वित्तीय योजना साफ रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और समय के अनुसार सही कदम उठाएं। पुराने खर्चों की समीक्षा करें और जरूरत हो तो बजट में बदलाव करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए अपने बजट का ध्यान रखें। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। सही योजना से आप भविष्य की आर्थिक परेशानियों से बच सकते हैं।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। अपनी आय और खर्च का सही हिसाब रखें। बचत बढ़ाने की कोशिश करें और बेवजह खर्च न करें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो सोच-समझकर करें। नई आर्थिक योजनाएं भविष्य में अच्छा लाभ दे सकती हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने बजट को व्यवस्थित रखने की जरूरत है। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और छोटी-छोटी आर्थिक गलतियों से बचें। आय और खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखें। सही योजना और अनुशासन से भविष्य में आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में अच्छा रहेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। खासकर महंगी और लग्जरी चीजों पर ज्यादा पैसा खर्च करने से बचें। अपने लंबे समय के आर्थिक लक्ष्य तय करें और उसी दिशा में काम करें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक दिन है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना सोचे-समझे खर्च न करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले आपको आर्थिक स्थिरता देंगे। धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा। जल्दबाजी या भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। अपने बचत और निवेश की योजनाओं की समीक्षा करें। धैर्य के साथ आगे बढ़ेंगे तो भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।