iQOO Z11 आ रहा है धमाल मचाने! 9020mAh बैटरी, 144Hz AMOLED और 90W चार्जिंग से होगा लैस

iQOO Z11 को भारत में लॉन्च होने में सिर्फ 12 दिन बचे हैं और ऐसे में ब्रांड ने पहले ही इस डिवाइस की कुछ खास खूबियां बता दी हैं। टीजर के मुताबिक, यह फोन दो कलर ऑप्शन में आएगा और इसमें MediaTek Dimensity प्रोसेसर होगा। इसके पिछले हिस्से में डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ रिंग फ्लैश भी देखने को मिलेगा। वहीं, बैक पैनल के निचले हिस्से पर iQOO की ब्रांडिंग दी गई है। अब आइए जानकारियों के आधार पर जानते हैं कि iQOO Z11 में क्या-क्या फीचर्स मिल सकते हैं।

भारत में iQOO Z11 की कीमत और लॉन्च डेट

यह कन्फर्म हो चुका है कि iQOO Z11 भारतीय बाजार में 20 अगस्त, 2026 को लॉन्च होगा। हालांकि, अभी तक फोन की कीमत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन अनुमान है कि इसकी कीमत 35,000 रुपये से 40,000 रुपये के बीच होगी। यह भी कन्फर्म हो गया है कि यह फोन दो कलर ऑप्शन Celestial Blue और Aurora Green में उपलब्ध होगा।

iQOO Z11 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

ब्रांड ने कन्फर्म किया है कि iQOO Z11 में MediaTek Dimensity 7500 प्रोसेसर होगा। इसके साथ ही इस फोन में 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, फोन में शायद 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी।

अटकलें हैं कि यह फोन Android 16 पर चल सकता है और इसके ऊपर कंपनी का OriginOS 6.0 इंटरफेस देखने को मिल सकता है। पावर के लिए फोन में 9,020mAh की बड़ी बैटरी दिए जाने की उम्मीद है, जो 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 7.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।

कैमरा सेटअप की बात करें तो, iQOO Z11 में डुअल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी शूटर और एक सेकेंडरी सेंसर शामिल होगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल करने के लिए, फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा।

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इंडियन एयरफोर्स का ऑफिसर कैसे हुआ हनीट्रैप, पाकिस्तान को भेजा सीक्रेट डेटा?

IAF Officer Honey Trap: सोशल मीडिया पर एक महिला से हुई बातचीत धीरे-धीरे कथित तौर पर ‘हनी ट्रैप’ में बदल गई। इंडियन एयरफोर्स का एक विंग कमांडर पाकिस्‍तानी हनी ट्रैप का शिकार हुआ है। आरोप है कि इस दौरान भारतीय वायु सेना के एक विंग कमांडर ने महिला के साथ रक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर दी। इंडियन एयरफोर्स की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि IAF का विंग कमांडर इस जाल में कैसे फंसा ?

मामले की जानकारी मिलने के बाद इंडियन एयरफोर्स की खुफिया शाखा ने दिल्ली पुलिस के साथ जरूरी जानकारी साझा की। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 30 मई की रात विंग कमांडर को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। अब इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जांच में एक बड़े जासूसी नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इस नेटवर्क का मकसद देश की रणनीतिक सैन्य खुफिया जानकारी हासिल करना था।

चैट और वीडियो कॉल के जरिए बढ़ी नजदीकी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विंग कमांडर एक फील्ड यूनिट में तैनात थे। इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए एक महिला ने उनसे संपर्क किया। दोनों के बीच पहले चैट और फिर वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे महिला ने कथित तौर पर अधिकारी का भरोसा जीत लिया। आरोप है कि महिला ने विंग कमांडर से सैन्य गतिविधियों, सैनिकों की तैनाती और दूसरी अहम जानकारियों के साथ-साथ तस्वीरें और वीडियो भी साझा करने को कहा। जांचकर्ताओं के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि अधिकारी ने कथित तौर पर डिजिटल माध्यमों के जरिए महिला को महत्वपूर्ण दस्तावेज और डेटा भेजे थे।

डेटा चुराने वाला ऐप कैसे सामने आया

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि महिला ने कथित तौर पर विंग कमांडर से अपने एक साथी अधिकारी के मोबाइल फोन में एक खास ऐप इंस्टॉल करने को कहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला ने पहले विंग कमांडर से जरूरी जानकारी हासिल की और इसके बाद उनसे दूसरे अधिकारी के फोन में यह ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा। जांचकर्ताओं का कहना है कि यह ऐप सामान्य ऐप नहीं था, बल्कि स्पाइवेयर या रिमोट एक्सेस मैलवेयर की तरह काम कर सकता था। ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मोबाइल से डेटा चुराने, उसकी लोकेशन पता करने या बातचीत पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने दूसरे अधिकारी के मोबाइल फोन में यह संदिग्ध ऐप इंस्टॉल किया था। जांच में इस ऐप की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस जांच में यह भी पता चला कि जब महिला ने विंग कमांडर से संपर्क किया था, उस समय वह अपनी निजी जिंदगी में मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।

पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स की भूमिका की जांच

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए विंग कमांडर से संपर्क करने वाली महिला कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे कुछ हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी ने महिला के साथ कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की थी और क्या यह पूरा मामला किसी बड़े जासूसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां विंग कमांडर और महिला के बीच हुई चैट, वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल बातचीत के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों के बीच कब से संपर्क था और इस दौरान किस तरह की जानकारी साझा की गई।

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने 10 साल छोटे यशस्वी जायसवाल संग डेटिंग की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘जेन जेड से…’

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि वह क्रिकेटर यशस्वी जयसवाल को डेट कर रही हैं। 34 वर्षीय मृणाल को 24 वर्षीय यशस्वी से तब जोड़ा गया जब उन्हें मुंबई के बांद्रा पश्चिम में एक ही कैफे से बाहर निकलते देखा गया। यह क्लिप तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और प्रशंसकों ने अटकलें लगाना शुरू कर दिया। हालांकि, मृणाल ने अब अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

मृणाल ने यशस्वी के साथ अपनी क्लिप के कमेंट बॉक्स में लिखा, “भाई आराम से… मुझे एक साथ कहां दिखाओ? कैसे यार, आप लोग इतने पढ़े-लिखे लोग ऐसे अफवाओ को सच मानने लगते हैं?” उन्होंने कहा, “देश में क्या कुछ नहीं हो रहा है। जेन जेड से कुछ सीखिए और सही मुद्दों पर वीडियो बनाइए और ज्यादा व्यूज मिलेंगे।”

हालांकि यह कमेंट अब वीडियो के नीचे दिखाई नहीं दे रही है, फ्री प्रेस जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस बीच, मृणाल के प्रशंसक भी उनका समर्थन करने के लिए सामने आए। एक शख्स ने लिखा, “क्या झूठी खबर चला रहे हो ।” किसी और ने कहा, “वह मेरा प्यार है।” एक अन्य लिखा था, “भाई एमएलटीबी एक रेस्टोरेंट में जा भी नहीं सकता क्या कोई उसी दिन पे।” किसी ने लिखा, “कुछ भी।”

इससे पहले, 2025 में मृणाल ठाकुर का नाम एक्टर धनुष के साथ जोड़ा गया था। खबरों में यह भी दावा किया गया था कि दोनों स्टार्स 2026 में शादी करने वाले हैं। हालांकि, दोनों एक्टर्स और उनके करीबी लोगों ने इन अटकलों को पूरी तरह से गलत बताया।

कौन हैं क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल?

यशस्वी ने भारत के सबसे होनहार युवा क्रिकेट स्टार्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यादगार शतक के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से ही वे सभी फॉर्मेट्स में रेगुलर खिलाड़ी बन गए हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी, जो घरेलू क्रिकेट में मुंबई और IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं, आखिरी बार भारत-अफगानिस्तान ODI सीरीज में नजर आए थे। थोड़े ब्रेक के बाद, उनके श्रीलंका के खिलाफ भारत की आने वाली टेस्ट सीरीज में वापसी करने की उम्मीद है।

UPI : क्या यूपीआई से पेमेंट करना अब महंगा हो जाएगा? जानें अपने हर सवाल का जवाब

यूपीआई पेमेंट से जुड़ी कई खबरें आपने देखी होगी। इसकी वजह इससे जुड़े नियमों में कुछ बदलाव है। इन खबरों को देख पेमेंट के लिए रोजाना यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोग चिंतित हैं। उन्हें लगता है कि यूपीआई से पेमेंट करना अब महंगा हो जाएगा। क्या सच में ऐसा होने जा रहा है? आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पेमेंट की सुविधा पूरी तरह से फ्री रहेगी। पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने 7 अगस्त को यह साफ कर दिया था। उसने कहा था कि यूपीआई कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना बना रहेगा। साथ ही छोटे दुकानदारों को भी यूपीआई से से पेमेंट लेने पर कोई फीस नहीं चुकानी होगी।

अब सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले यूपीआई पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe के सीईओ समीर निगम ने भी यह बात साफ कर दी है। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया ऐप X पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि यूपीआई पेमेंट्स कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना रहेगा। दरअसल, लोकसभा में नया टैक्स अमेंडमेंट बिल पारित होने के बाद इस बारे में कनफ्यूजन बढ़ा है।

कुछ खास यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का प्रस्ताव है। इससे कंज्यूमर्स के बीच कनफ्यूजन बढ़ा है। कई कंज्यूमर्स को लगता है कि उब यूपीआई से पेमेंट करने पर उन्हें फीस चुकानी होगी। हालांकि, पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। उसने कहा है कि अगर कहीं मर्चेंट सर्विस चार्ज लगता है तो यह मर्चेंट्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच का अरेंजमेंट है। इसका मतलब यह नहीं है कि कंज्यूमर्स को डिजिटल पेमेंट के लिए कोई चार्ज देना होगा।

PCI ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई चार्ज लगने वाला होगा तो उसका पेमेंट कमर्शियल अरेंजमेंट के तहत मर्चेंट को करना होगा। यह चार्ज कंज्यूमर्स यानी यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम आदमी से नहीं लिया जाएगा। दरअसल, टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 के तहत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के कुछ खास तरीकों पर एमडीआर लगाने का अधिकार सरकार को मिल गया है।

इस बिल के तहत 2,000 रुपये के कुछ खास बिजनेस-डायरेक्टेड यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर 0.25 से 0.4 फीसदी चार्ज लगाने का प्रस्ताव है। लेकिन, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होने वाला पेमेंट इस लेवी के दायरे में नहीं आएगा। इसका मतलब है कि प्रस्तावित फ्रेमवर्क कुछ ट्रांजेक्शंस के लिए मर्चेंट या बिजनेसेज के लिए है।

मर्चें डिस्काउंट रेट (MDR) एक तरह की फीस है, जो डिजिटल पेमेंट से जुड़ी है। आम तौर पर यह फीस मर्चेंट उन कंपनियों को चुकाता है जो ट्रांजेक्शन की प्रोसेसिंग में शामिल होती हैं। जहां तक यूपीआई की बात है तो अभी तक ज्यादातर ट्रांजेक्शंस बगैर एमडीआर के होते रहे हैं। इसका मतलब है कि इनमें मर्चेंट्स को कोई फीस नहीं चुकानी पड़ी है। इस ईकोसिस्टम पर आने वाले खर्च का बोझ बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और दूसरे पार्टिसिपेंट्स उठाते आ रहे हैं।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जापान के 26 वर्षीय करोड़पति जासो ने खुद को कुत्ते जैसा दिखाने के लिए करीब 220 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और अब उनका हाव-भाव और रहन-सहन कुत्ते जैसा है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि जासो ने अपनी शक्ल और शरीर को कुत्ते जैसा बनाने के लिए बड़ी रकम खर्च की। दावा यह भी है कि सर्जरी के बाद वह कुत्ते की तरह चलने-फिरने और रहने की कोशिश करते हैं। वीडियो के साथ शेयर किया गया यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और देखते ही देखते लोग इस असामान्य कहानी पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।

करोड़पति ने चुना ऐसा अजीब शौक?

वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि अगर किसी व्यक्ति के पास करोड़ों रुपये हैं तो वह उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक खर्च कर सकता है, लेकिन 220 करोड़ रुपये खर्च कर खुद को कुत्ते जैसा बनाने का दावा लोगों को असामान्य लगा। कुछ यूजर्स ने इस पर मजेदार टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ ने इसे इंसान के अनोखे शौक की मिसाल बताया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। कुछ लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि आमतौर पर करोड़पति महंगी कार, बंगला या लग्जरी लाइफस्टाइल पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल अलग है। वहीं, कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर हैरानी जताई और कहा कि अगर यह दावा सही है तो इतनी बड़ी रकम खर्च करने का फैसला वाकई चौंकाने वाला है।

कुछ लोगों ने वीडियो पर ही उठाए सवाल

हर कोई वायरल दावे को सच मानने के लिए तैयार नहीं है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन है और क्या वाकई उसने इतनी बड़ी रकम सर्जरी पर खर्च की है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों और वीडियो के साथ कई बार अधूरी या गलत जानकारी जोड़ दी जाती है। ऐसे में केवल पोस्ट या वीडियो के आधार पर किसी बड़े दावे को सच मानना सही नहीं होगा।

अभी तक दावे की पुष्टि नहीं

फिलहाल जासो के बारे में किए जा रहे इन दावों की किसी विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत से पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए 220 करोड़ रुपये खर्च करने, कई सर्जरी कराने या कुत्ते जैसा जीवन जीने की बात को फिलहाल सोशल मीडिया का दावा ही माना जाना चाहिए। वीडियो जरूर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक कहानी क्या है, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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‘देश को आपकी जरूरत है…’, CJP प्रोटेस्ट के बाद PM मोदी का Gen Z को बड़ा संदेश

PM Modi: नई दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं की क्षमता और ताकत पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को युवा पीढ़ी की जरूरत है। बता दें कि पीएम मोदी ने यह बात दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के वार्षिक दीक्षांत समारोह में कही।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में छात्रों से कहा, “हमें आप पर भरोसा है, और देश को आपकी जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी की देश के प्रति जिम्मेदारी होती है और युवाओं के लक्ष्यों में देश का सर्वांगीण विकास शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा, “आप सभी जानते हैं कि हर पीढ़ी को अपने समय की खास चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है… अगले 30 से 35 सालों में आप जो कुछ भी करेंगे, उसका असर ‘विकसित भारत’ की ओर हमारे सफर पर पड़ेगा। इसलिए, आपके हर फैसले का आधार यह भी होना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा होगा? इससे देश की कौन-सी जरूरतें पूरी होंगी?”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में टेक्नोलॉजी अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग इन बदलावों के हिसाब से खुद को ढाल लेंगे, वे “आखिरकार जीतेंगे”।

उन्होंने कहा, “…ग्लोबल स्ट्रैटेजिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ग्लोबल पावर बैलेंस हर पल बदल रहा है, और इसकी मुख्य वजह टेक्नोलॉजी में हो रही तेजी से तरक्की है। कोई भी पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि अगले 20 या 30 सालों में दुनिया कैसी दिखेगी… दुनिया, टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और प्रोफेशन, सभी में बदलाव आएंगे। लेकिन इन सबके बीच एक बात याद रखें: जो लोग सीखते रहेंगे, वे ही सफल होंगे।”

प्रधानमंत्री के संबोधन में Gen Z की झलक

स्काईरूट के विक्रम-1 रॉकेट के सफल लॉन्च का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने युवाओं को अपना योगदान देने के लिए कई रास्ते खोले हैं।

उन्होंने कहा, “हमने ऐसे कई रास्ते खोले हैं जिनसे हमारे युवा योगदान दे सकते हैं। नए सेक्टर खुले हैं। मैंने पहले भी स्पेस सेक्टर के बारे में बात की थी। आज वही स्पेस सेक्टर हमारे युवाओं के लिए आसमान की ऊंचाइयों को छूने का जरिया बन गया है।”

अपने संबोधन में Gen Z वाली बात जोड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा: “आज हमारे युवा कह रहे हैं, ‘अपने परिवार में रॉकेट बनाने वाला मैं पहला व्यक्ति हूं’। आज हमारे युवा रॉकेट लॉन्च कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि देश का ड्रोन सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है। आज ड्रोन का इस्तेमाल सिर्फ तकनीक के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर दवाइयां पहुंचाने जैसे जरूरी कामों में भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं और यह सेक्टर आने वाले समय में देश की तरक्की में अहम भूमिका निभा सकता है।

बता दें कि पीएम मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इस विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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Siddhant Chaturvedi: सिद्धांत चतुर्वेदी ने खरीदा 12.63 करोड़ रुपये का अपार्टमेंट, कुछ वीक पहले भी 13.91 करोड़ की प्रॉर्पटी में कर चुके हैं इनवेस्ट

Siddhant Chaturvedi: खबरों के मुताबिक सिद्धांत चतुर्वेदी ने मुंबई में अपनी प्रॉपर्टी के कलेक्शन में एक और लग्ज़री अपार्टमेंट शामिल किया है। यह खरीदारी उन्होंने अपनी मां के साथ एक और महंगी चीज़ खरीदने के कुछ हफ़्ते बाद ही की है।

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म ‘लियासेस फोरस’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, सिद्धांत और उनकी मां मीनल लक्ष्मण चतुर्वेदी ने मुंबई के विले पार्ले वेस्ट में 12.63 करोड़ रुपये में एक अपार्टमेंट खरीदा है। यह डील 31 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी।

यह अपार्टमेंट विले पार्ले वेस्ट में 10 N S रोड पर स्थित ‘नमो कृष्णा’ नाम की एक रिहायशी इमारत की सातवीं मंज़िल पर है। इस घर का RERA कारपेट एरिया 1,640.63 स्क्वायर फ़ीट है, जबकि इसका कुल एरिया 1,804.67 स्क्वायर फ़ीट है। इस प्रॉपर्टी के साथ ऑटोमैटिक रोबोटिक कार पार्किंग की सुविधा भी मिलती है। सिद्धांत और मीनल ने यह अपार्टमेंट रेलकॉन इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से खरीदा और स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर 75.76 लाख रुपये का भुगतान किया।

इस हालिया खरीद की दिलचस्प बात यह है कि ‘गली बॉय’ एक्टर ने कुछ हफ़्ते पहले ही इसी इमारत में एक और अपार्टमेंट खरीदा था। 19 जून, 2026 को एक्टर और उनकी माँ ने 13.91 करोड़ रुपये में छठी मंज़िल पर एक अपार्टमेंट खरीदा। इस प्रॉपर्टी का कारपेट एरिया 2,173.87 स्क्वायर फ़ीट और बिल्ट-अप एरिया 222.24 स्क्वायर मीटर है। इसे सुचिता रमेश देवरा से ‘एग्रीमेंट फ़ॉर सेल’ (बिक्री के समझौते) के ज़रिए खरीदा गया था।

इस नई खरीद के साथ, सिद्धांत और उनकी मां ने दो महीने से भी कम समय में एक ही बिल्डिंग में दो अपार्टमेंट पर 26.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च कर दिए हैं। सिद्धांत चतुर्वेदी ने सबसे पहले अमेज़न प्राइम वीडियो सीरीज़ ‘इनसाइड एज’ (2017–19) में एक टीनएज क्रिकेटर का रोल निभाया था।

इसके बाद उन्होंने म्यूज़िकल ड्रामा ‘गली बॉय’ (2019) में एक स्ट्रीट रैपर के सपोर्टिंग रोल के साथ फ़िल्मों में कदम रखा। अगले कुछ सालों में, चतुर्वेदी ने लीड रोल करने शुरू किए। कमर्शियल तौर पर कुछ मुश्किल दौर के बाद, उन्हें रोमांटिक ड्रामा ‘गहराइयां’ (2022) और ‘खो गए हम कहां’ (2023) जैसी स्ट्रीमिंग फ़िल्मों से सफलता मिली।

NEET UG Counselling 2026: पहले राउंड की काउंसलिंग शुरू, 13 अगस्त तक भर सकते हैं अपनी प्राथमिकता

NEET UG Counselling 2026: नीटी यूजी परीक्षा में सफल छात्रों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया का पहला राउंड शुरू हो गया है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने राउंड 1 चॉइस फिलिंग प्रोसेस शुरू कर दिया है। कैंडिडेट अब आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स सबमिट कर सकते हैं। चॉइस फिलिंग पूरी करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त, 2026 सुबह 11 बजे तक है। कैंडिडेट को अपनी प्राथमिकता लिस्ट तैयार कर लेनी चाहिए क्योंकि काउंसलिंग के दौरान सबमिट की गई चॉइस सीट अलॉटमेंट में अहम भूमिका निभाएंगी। एमसीसी, नीट यूजी स्कोर और लागू प्रवेश नियमों के आधार पर मेडिकल कोर्स के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस फिलिंग डेट्स

एमसीसी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 शेड्यूल के अनुसार, चॉइस फिलिंग 7 अगस्त को शाम 4 बजे शुरू हुई। कैंडिडेट 13 अगस्त तक अपनी पसंद जोड़ या बदल सकते हैं। नीचे चॉइस भरने की जरूरी तारीखें देखें :

चॉइस भरना शुरू : 7 अगस्त, शाम 4 बजे

चॉइस लॉक करना शुरू : 12 अगस्त, शाम 4 बजे

चॉइस भरना/लॉक करना खत्म : 13 अगस्त, सुबह 11 बजे

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 चॉइस भरना कैसे पूरा करें?

  • एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।
  • यूजी मेडिकल टैब पर क्लिक करें।
  • ज़रूरी क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • कैंडिडेट डैशबोर्ड पर चॉइस-फिलिंग सेक्शन खोलें।
  • उपलब्ध कॉलेज और कोर्स देखें।
  • पसंद के हिसाब से चॉइस चुनें और अरेंज करें।
  • सभी चॉइस रिव्यू करें और पसंद सेव करें।
  • लॉकिंग विंडो खुलने के बाद फाइनल चॉइस लॉक करें।
  • भविष्य में इस्तेमाल के लिए सबमिट की गई चॉइस डाउनलोड या प्रिंट करें।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 सीट अलॉटमेंट, नीट यूजी रैंक, सबमिट की गई चॉइस, सीट की उपलब्धता और लागू रिज़र्वेशन नियमों जैसे फैक्टर पर आधारित होगा। इसलिए, स्टूडेंट्स को रैंडम तरीके से कॉलेज चुनने के बजाय एक बैलेंस्ड प्रेफरेंस लिस्ट बनानी चाहिए।

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SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 1000 रुपये बढ़ाने से पैसा अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये बढ़ जाता है, यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

सिर्फ 1000 रुपये के निवेश से क्या हो जाएगा? क्या आप भी ऐसा सोचते हैं? अगर हां तो यह रिपोर्ट आपके लिए है। अगर आप अपने सिप अमाउंट को हर साल 1,000 रुपये बढ़ाते हैं तो बहुत बड़ा फर्क पड़ता है। मंथली सिप को हर साल सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से 25 साल में आप अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।

हर साल सिप अमाउंट को थोड़ा बढ़ाना मुश्किल नहीं 

कई लोग सिप के अमाउंट को बढ़ाते नहीं हैं। कई सालों तक वे सिप के जरिए एक ही अमाउंट का निवेश करते रहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सिप के अमाउंट को हर साल बढ़ाया जाए तो लंबी अवधि में बहुत बड़ा फर्क दिख सकता है। आपका पैसा अनुमान के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ता है। हर साल सिप अमाउंट को थोड़ा बढ़ाना मुश्किल नहीं है।

सिर्फ 1000 रुपये सिप अमाउंट बढ़ाने से बड़ा फर्क

व्हाइटओक कैपिटल ने एक दिलचस्प एनालिसिस पेश किया है। इसमें बताया गया है कि हर साल सिप अमाउंट सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से लंबी अवधि में बहुत बड़ा फंड तैयार होता है। इसमें कंपाउंडिंग के पावर का बड़ा हाथ है। जो इनवेस्टर्स पावर ऑफ कंपाउंडिंग को समझते हैं, उनके लिए इसे समझना आसान होता है।

25 साल में अतिरिक्त 1.18 करोड़ का फंड तैयार

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। अगर आप हर महीने 10,000 रुपये के सिप से निवेश करते हैं 25 साल में आपका पैसा बढ़कर 2.30 करोड़ रुपये हो जाता है। अगर आप सिप अमाउंट को हर साल 1,000 रुपये बढ़ाते हैं तो 25 साल में आपका पैसा बढ़कर 3.49 करोड़ रुपये हो जाता है। इसका मतलब है कि सिप अमाउंट को सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से आपका पैसा अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये बढ़ जाता है।

ऐसे आसानी से समझें यहां पूरा कैलकुलेशन 

इस उदाहरण में आप मंथली 10,000 रुपये के SIP से निवेश शुरू करते हैं। हर साल आप सिप अमाउंट को 1,000 रुपये बढ़ा देते हैं। इसका मतलब है कि पहले साल आप हर महीने 10,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। दूसरे साल आप हर महीने 11,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। तीसरे साल आप हर महीने 12,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। इस तरह आपका सिप अमाउंट हर साल बढ़ता रहता है। 25वें साल यह बढ़कर 34,000 रुपये हो जाता है।

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ऐसे तेजी से बढ़ने लगता है आपका पैसा

कुछ साल बाद आपका पैसा तेजी से बढ़ने लगता है। पांच साल बाद दोनों स्ट्रेटेजी यानी फिक्स्ड सिप अमाउंट और बढ़ता सिप अमाउंट से निवेश के बीच का फर्क सिर्फ 1.25 लाख रुपये रहता है। उसके बाद यह फर्क तेजी से बढ़ता है। 10 साल में अतिरिक्त पैसा बढ़कर 7.38 लाख रुपये हो जाता है। 15 साल में यह 22.59 लाख रुपये हो जाता है। 20 साल बाद यह 53.47 लाख रुपये हो जाता है। 25 साल बाद यह फर्क 1.18 करोड़ रुपये हो जाता है।

हर साल सिप अमाउंट बढ़ाने की सलाह दे रहे एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले इनवेस्टर्स को वे सिप से हर महीने अनुशासित तरीके से निवेश करने की सलाह देते थे। वे अब निवेशकों को हर साल सिप अमाउंट बढ़ाने की सलाह देते हैं। नौकरी करने वाले लोगों के लिए हर साल सिप अमाउंट बढ़ाना आसान होता है। दूसरे लोग भी कोशिश करने पर सिप अमाउंट हर साल बढ़ा सकते हैं। हर साल सिप अमाउंट 1,000 रुपये बढ़ाना मुश्किल नहीं है।

NEET UG Counselling 2026: 12 अगस्त तक खुला रहेगा रीसेट का विकल्प, नीट यूजी काउंसलिंग में गलती सुधारने का मौका

NEET UG Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 के लिए पंजीकरण रीसेट का विकल्प एक्टिवेट कर दिया है। यह सुविधा उन उम्मीदवारों की मदद के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया पूरा करते समय गलती से गलत जानकारी डाल दी हो या गलत ऑप्शन चुन लिए हों।

आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, योग्य उम्मीदवार अनलॉक/री-सेट रजिस्ट्रेशन विकल्प का इस्तेमाल करके अपनी पंजीकरण डिटेल्स ठीक कर सकते हैं। यह सुधार विंडो 12 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी। कैंडिडेट्स को यह भी सलाह दी गई है कि वे काउंसलिंग से जुड़ी ताजा घोषणा और अपडेट के लिए नियमित एमसीसी वेबसाइट देखते रहें।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1: जरूरी तारीखें

रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट: 5 अगस्त से 12 अगस्त, 2026 (दोपहर 03:00 बजे तक)

पेमेंट की सुविधा बंद होने की तारीख: 12 अगस्त, 2026 (शाम 06:00 बजे)

चॉइस फिलिंग: 6 अगस्त से 13 अगस्त, 2026 (सुबह 11:00 बजे तक)

चॉइस लॉकिंग: 11 अगस्त (शाम 4:00 बजे) से 13 अगस्त (सुबह 11:00 बजे)

सीट अलॉटमेंट प्रोसेसिंग: 13 अगस्त से 16 अगस्त, 2026

राउंड 1 रिजल्ट: 17 अगस्त, 2026

रिपोर्टिंग/जॉइनिंग: 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2026

इंस्टीट्यूट द्वारा जॉइन किए गए कैंडिडेट का वेरिफिकेशन: 23 अगस्त, 2026

रजिस्ट्रेशन रीसेट सुविधा का इस्तेमाल कौन कर सकता है?

  • रजिस्ट्रेशन रीसेट ऑप्शन उन कैंडिडेट्स के लिए है जिन्होंने:
  • रजिस्टर करते समय गलत जानकारी दी हो।
  • रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान गलत ऑप्शन चुने हों।
  • राउंड 1 की डेडलाइन से पहले अपनी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स ठीक करनी हों।

एमसीसी ने सभी उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी है कि वे आगे के किसी भी नोटिफिकेशन, बदले हुए शेड्यूल या काउंसलिंग से जुड़ी घोषणाओं के लिए रेगुलर ऑफिशियल वेबसाइट देखते रहें। जिन कैंडिडेट्स को अपने राउंड 1 रजिस्ट्रेशन में सुधार चाहिए, उन्हें 12 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे से पहले रीसेट सुविधा का इस्तेमाल करना चाहिए।

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