पेट्रोल डीजल के दामों में लगी आग तो सड़कों पर उतर गए पाकिस्तानी और IMF को लगे कोसने

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ईंधन के महंगे होने, नई पेट्रोलियम लेवी और बढ़ती महंगाई के विरोध में माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों ने देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार से शुरू हुई इस हड़ताल का असर देश में सामान की आवाजाही पर पड़ सकता है। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के साथ बातचीत में अपनी मांगें पूरी नहीं होने के बाद ट्रक चालक, ट्रेलर ऑपरेटर और तेल टैंकर कंपनियां भी हड़ताल में शामिल हो गई हैं।

ट्रांसपोर्टरों के इस कदम से बाजारों तक सामान पहुंचाने में परेशानी बढ़ सकती है। इसका असर जरूरी सामान की सप्लाई पर भी पड़ने की आशंका है। यह हड़ताल ऐसे समय में शुरू हुई है, जब जमात-ए-इस्लामी ने पेट्रोलियम लेवी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों और कारोबार पर पड़ने को लेकर पाकिस्तान सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।

ट्रांसपोर्टरों ने क्यों शुरू की हड़ताल?

पाकिस्तान के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि गाड़ियों को चलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में माल ढोने वाली गाड़ियां चलाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। ट्रांसपोर्टर सरकार से डीजल की कीमत कम करने, मोटरवे टोल घटाने और विदहोल्डिंग टैक्स में राहत देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, ट्रांसपोर्टर चाहते हैं कि पूरे पाकिस्तान में एक्सल-लोड के नियम एक जैसे लागू किए जाएं। उनकी मांग है कि 10 पहियों वाले ट्रकों को 35 टन तक सामान ले जाने की अनुमति दी जाए।

ट्रांसपोर्टरों की दूसरी मांगों में कस्टम के नियमों में बदलाव और हाईवे पर जुर्माना कम करना शामिल है। वे यह भी चाहते हैं कि पंजाब हाईवे पेट्रोल से कमर्शियल गाड़ियों के चालान काटने का अधिकार वापस लिया जाए। इसके अलावा, भारी माल ढोने वाली गाड़ियों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से जारी करने की भी मांग की गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान नहीं होने तक कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच बातचीत बेनतीजा

शुक्रवार को ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों और पाकिस्तान के संचार मंत्री अलीम खान के बीच बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट इत्तेहाद के प्रवक्ता मोहम्मद ओवैस चौधरी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के सामने अपनी सभी समस्याएं और मांगें रख दी हैं। सरकार ने बातचीत के लिए सोमवार को एक और बैठक करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इस हड़ताल से पाकिस्तान में माल की आवाजाही और सामान की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है।

पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें इतनी ज्यादा क्यों हैं?

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की लागत में बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़े तनाव के कारण ईंधन की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। मार्च से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका असर पाकिस्तान में भी पड़ा है और सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बार-बार बदलाव करना पड़ा है। अप्रैल में पेट्रोल की कीमत बढ़कर रिकॉर्ड 459 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। वहीं, डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी।

पाकिस्तान के लिए डीजल बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश में सड़क के जरिए होने वाले माल परिवहन का बड़ा हिस्सा डीजल से चलता है। ऐसे में डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर ट्रकों और दूसरी कमर्शियल गाड़ियों के संचालन खर्च पर पड़ता है। इससे सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की लागत भी बढ़ जाती है। इसके अलावा, सरकार ने पेट्रोलियम लेवी भी लागू की है। यह लेवी ईंधन की अंतिम कीमत में जुड़ती है और इसका बोझ सीधे ग्राहकों पर पड़ता है। यही वजह है कि पाकिस्तान में बढ़ती ईंधन कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सामान की कीमतों और आम लोगों के घरेलू बजट पर भी पड़ रहा है।

पेट्रोलियम लेवी क्या है?

पेट्रोलियम लेवी ईंधन पर सरकार की ओर से लगाया जाने वाला एक शुल्क है। इसे पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों पर वसूला जाता है। इससे सरकार को राजस्व मिलता है। पाकिस्तान में यह लेवी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है, क्योंकि इसे पहले से महंगे ईंधन के ऊपर लगाया गया है। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने सरकार से पेट्रोलियम लेवी हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की आर्थिक और वित्तीय नीतियों का बोझ सीधे आम लोगों पर डाला जा रहा है।

शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हाफिज नईम-उर-रहमान ने कहा कि यह लेवी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी सरकार से इसे खत्म करने की अपील की। उन्होंने सरकार की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि पेट्रोलियम लेवी कम करने से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ पाकिस्तान की प्रतिबद्धताओं पर असर पड़ सकता है।

सड़कों पर उतरे आम पाकिस्तानी

ट्रांसपोर्टरों की लंबी हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है। अगर हड़ताल ज्यादा दिनों तक जारी रहती है, तो देशभर में सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है। ट्रक और ट्रेलर शहरों के बीच खाने-पीने की चीजें, रोजमर्रा का सामान, कारखानों के लिए कच्चा माल और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाते हैं। वहीं, तेल टैंकर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई का काम करते हैं।

अगर ट्रांसपोर्ट का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक बंद रहता है, तो कंपनियों को सामान पहुंचाने में देरी हो सकती है। साथ ही, उन्हें ढुलाई और सामान पहुंचाने पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। इसका असर आगे चलकर सामान की कीमतों पर पड़ सकता है और कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाली हड़ताल पाकिस्तान में महंगाई का दबाव और बढ़ा सकती है। यही महंगाई पहले से लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है और इसी के विरोध में प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

तेल टैंकर ऑपरेटरों के हड़ताल में शामिल होने से चिंता और बढ़ गई है। अगर ईंधन की ढुलाई प्रभावित होती है, तो पेट्रोल पंपों और दूसरे ईंधन वितरण केंद्रों तक पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इससे आने वाले दिनों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी खड़ी हो सकती है।

ठाणे के पति-पत्नी से शेयर बाजार के नाम पर ₹20.31 लाख की ठगी, जानें कैसे बिछाया गया जाल

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस के अनुसार, 42 वर्षीय व्यक्ति को निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया गया था। इसके बाद साइबर ठगों ने उससे करीब 20.31 लाख रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

कैसे हुआ धोखाधड़ी

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे के इस व्यक्ति ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित करने के इरादे से शेयर बाजार में निवेश करने का फैसला किया था। इसी दौरान उसने ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले एक लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया और उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। इसके बाद ठगों ने व्यक्ति को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया और निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पीड़ित और उसकी पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 20,31,047 रुपये आरोपियों को भेज दिए।

कब पता चला ठगी के बारे में

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को जब निवेश पर वादा किया गया मुनाफा नहीं मिला और अपनी लगाई हुई रकम भी वापस नहीं मिली, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पहले साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और फिर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

ये मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के एक आम तरीके को दिखाता है। ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच देते हैं और फिर उन्हें फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। पुलिस ने लोगों को ऐसे अनजान लिंक से सावधान रहने और ज्यादा रिटर्न के लालच में पैसे निवेश न करने की सलाह दी है।

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Property Rules In Hills: पहाड़ों में जमीन खरीद घर बनाने का है सपना? जानें हिमाचल, उत्तराखंड समेत इन पहाड़ी राज्यों के लैंड रूल्स

भारत के पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती हमेशा लोगों को अपनी ओर खींचती है। कई लोग यहां घूमने के साथ अपना घर या प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, लेकिन पहाड़ी राज्यों में जमीन खरीदने के नियम अलग हैं। इसलिए इन राज्यों में जमीन लेना बाकी जगहों की तुलना में थोड़ा मुश्किल होता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और कई नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में स्थानीय लोगों के हितों और जमीन की सुरक्षा के लिए अलग-अलग नियम लागू हैं। लेकिन इन नियमों के बावजूद कुछ मामलों में बाहरी लोग तय शर्तों और सरकारी मंजूरी के तहत जमीन खरीद सकते हैं।

कई पहाड़ी और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में जमीन खरीदने को लेकर सख्त नियम लागू हैं। इन नियमों के तहत बाहर के लोग कुछ खास तरह की जमीन आसानी से नहीं खरीद सकते। इन कानूनों का उद्देश्य स्थानीय लोगों के अधिकार, खेती की जमीन, संस्कृति और पहाड़ी इलाकों के पर्यावरण को सेफ रखना है।

इन जगहों पर घर लेना मुश्किल

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और कई पूर्वोत्तर राज्यों में जमीन खरीदने के लिए अलग-अलग नियम लागू हैं। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और मेघालय जैसे राज्यों में भी बाहरी लोगों के लिए कुछ जमीन खरीदने या उसे अपने नाम कराने पर पाबंदियां हैं। लेकिन, जमीन से जुड़े नियम और शर्तें हर राज्य में अलग-अलग हैं। पहाड़ी राज्यों में जमीन खरीदने के नियम हर राज्य में अलग हैं और जमीन के प्रकार व जगह के हिसाब से भी बदल सकते हैं। खेती की जमीन, आदिवासी जमीन, घर बनाने वाली जमीन और शहर के इलाकों में अलग-अलग नियम लागू होते हैं। उदाहरण के लिए, हिमाचल प्रदेश में कुछ मामलों में छूट और सरकार से अनुमति लेकर जमीन खरीदने का प्रावधान है।

पहाड़ों पर घर लेने के हैं खास नियम

हिमाचल प्रदेश में जमीन खरीदने को लेकर खास नियम हैं। हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 118 के तहत गैर-कृषकों के लिए जमीन खरीदना आम तौर पर आसान नहीं है। लेकिन कुछ मामलों में कानून के तहत छूट मिल सकती है और राज्य सरकार खास जरूरतों के लिए जमीन खरीदने की अनुमति भी दे सकती है। वहीं जम्मू-कश्मीर में 2019 के बाद जमीन से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। इसके बावजूद, मौजूदा कानूनों के तहत कुछ खास तरह की जमीन और कुछ इलाकों में जमीन खरीदने पर अभी भी कुछ पाबंदियां लागू हैं।

नॉर्थ-ईस्ट में क्या है कानून

नॉर्थ-ईस्ट के कई राज्यों में जमीन से जुड़े अधिकारों को लेकर विशेष नियम बनाए गए हैं। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और मेघालय में जमीन की खरीद-बिक्री और मालिकाना हक पर खास पाबंदियां हैं, ताकि स्थानीय और आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकार सुरक्षित रहें। सिक्किम में भी जमीन के मालिकाना हक और ट्रांसफर को लेकर अलग नियम लागू हैं।

क्यों मुश्किल है पहाड़ों में घर लेना

पहाड़ी इलाकों में मैदानी क्षेत्रों के मुकाबले जमीन कम होती है। अगर बाहर के लोग ज्यादा जमीन खरीदते हैं, तो इसके दाम बढ़ सकते हैं और स्थानीय लोगों के लिए जमीन खरीदना मुश्किल हो सकता है। यहां जमीन लोगों की रोजी-रोटी, संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ी होती है। इसके अलावा, पहाड़ों का पर्यावरण भी काफी नाजुक होता है। ज्यादा निर्माण, अनियोजित पर्यटन और बढ़ते शहरों से जंगल, पानी के स्रोत और पहाड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए कई राज्यों में जमीन खरीदने और निर्माण को लेकर खास नियम बनाए गए हैं।

न कॉलेज डिग्री, न अंग्रेजी! अरबपति बिजनेसमैन कैसे बने वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल?

वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल देश के जाने-माने बिजनेसमैन हैं।  पटना से शुरू हुआ उनका सफर एक बड़ी ग्लोबल नेचुरल रिसोर्स कंपनी के प्रमुख बनने तक पहुंचा। उनका जीवन एक कारोबारी के रूप में मेहनत और मजबूत इरादे की मिसाल माना जाता है। खास बात यह है कि अनिल अग्रवाल ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ के मुताबिक, अनिल अग्रवाल ने बिहार की राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई नहीं की और उनके पास कॉलेज की डिग्री भी नहीं है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी या आगे की पढ़ाई करने के बजाय अपने पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल के कारोबार में शामिल होने का फैसला किया। उनके पिता एल्युमीनियम के कंडक्टर बनाने का काम करते थे। यहीं से अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर की शुरुआत हुई। आगे चलकर उन्होंने अपने कारोबार को बड़ा किया और वेदांता समूह को एक बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित किया।

19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे अनिल अग्रवाल

बिजनेस के नए मौके तलाशने के लिए अनिल अग्रवाल ने 19 साल की उम्र में पटना छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया। वेदांता की ओर से उनके सफर के बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक, जब वह मुंबई पहुंचे, तब उनके पास साधन सीमित थे। हालांकि, एक सफल कारोबारी बनने का उनका इरादा मजबूत था। मुंबई पहुंचने के बाद शुरुआती दौर में उन्होंने कई तरह के कारोबार में हाथ आजमाया। कई कोशिशों के बाद आखिरकार उन्हें धातु और खनन के क्षेत्र में सफलता मिली।

साल 1976 में अनिल अग्रवाल ने उस कारोबार की नींव रखनी शुरू की, जो आगे चलकर वेदांता समूह बना। समय के साथ उनका कारोबार लगातार बढ़ता गया और एल्युमीनियम, जिंक, कॉपर, लौह अयस्क, तेल और गैस समेत कई नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्रों तक फैल गया। इस तरह पटना से शुरू हुआ अनिल अग्रवाल का सफर धीरे-धीरे एक बड़े कारोबारी समूह के निर्माण तक पहुंच गया।

2003 में बदली कारोबार की तस्वीर

अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर में साल 2003 एक बड़ा पड़ाव साबित हुआ। इसी साल वेदांता रिसोर्सेज लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई। यह लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस लिस्टिंग के बाद अनिल अग्रवाल के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिली। कॉलेज की डिग्री न होने के बावजूद अनिल अग्रवाल ने अपने व्यावहारिक अनुभव, जोखिम लेने की हिम्मत और कारोबार की समझ के दम पर एक बड़ा कारोबारी समूह खड़ा किया। पटना में स्कूल की पढ़ाई पूरी करने से लेकर वेदांता समूह का नेतृत्व करने तक का उनका सफर बताता है कि किसी कारोबारी की सफलता में सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि अनुभव, मेहनत और मजबूत इरादा भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि सीमित साधनों के बावजूद सही मौके पहचानकर और लगातार कोशिश करते हुए एक बड़ा कारोबार खड़ा किया जा सकता है।

Sawan Shivratri 2026: सावन की शिवरात्रि पर रहेगा भद्रा का साया, जानें तारीख और क्या भद्रा में कर सकते हैं शिव-शंभु का जलाभिषेक

Sawan Shivratri 2026: इस समय भगवान शिव का अति प्रिय श्रावण मास चल रहा है। यूं तो, सावन के सभी दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने पर पुण्य मिलता है। लेकिन कुछ खास दिन ऐसे हैं, जब भगवान शिव की विशेष पूजा, उपवास और जलाभिषेक करने पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। शिवरात्रि का दिन भी इनमें से एक है। वैसे तो, हिंदू कैलेंडर के हर माह में शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि तिथि का विशेष महत्व है। शिवरात्रि का पर्व श्रावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है।

इस साल यह पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही शिवालयों में शिव भक्तों की धूम रहेगी, कांवड़िये महादेव का जलाभिषेक करेंगे, कुछ लोग उपवास और विशेष पूजा या रुद्राभिषक का भी आयोजन करेंगे। पंचांग के अनुसार, माना जा रहा है कि इस साल शिवरात्रि पर भद्र लग रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ रहा है कि भद्रा काल में देवाधिदेव का जलाभिषेक किया जाएगा या नहीं? सावन शिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक का समय, भद्रा काल और पूजा विधि से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:

सावन शिवरात्रि 2026 तिथि

व्रत एवं पूजन तिथि : मंगलवार, 11 अगस्त 2026

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ : 11 अगस्त 2026, प्रातः 04:43 AM

चतुर्दशी तिथि समाप्त : 12 अगस्त 2026, रात्रि 01:51 AM

भद्रा काल का समय

भद्रा का समय : 11 अगस्त 2026, प्रातः 04:56 AM से दोपहर 03:24 PM तक।

मान्यता : शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन भगवान शिव की पूजा, मंत्र जाप और भक्ति में भद्रा का दोष नहीं लगता। इसलिए भक्त पूरे दिन श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

आप पूरे दिन चतुर्दशी तिथि के दौरान जलाभिषेक कर सकते हैं। विशेष फलदाई मुहूर्त इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 05:23 AM से 06:00 AM

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:06 PM से 12:58 PM

गोधूलि मुहूर्त : सायं 09:13 PM से 09:32 PM

निशिता काल (मुख्य मध्यरात्रि पूजा): 11-12 अगस्त की रात्रि 12:05 AM से 12:48 AM तक

चार प्रहर की पूजा का समय

प्रथम प्रहर : सायं 07:04 PM से रात्रि 09:45 PM

द्वितीय प्रहर : रात्रि 09:45 PM से मध्यरात्रि 12:26 AM

तृतीय प्रहर : मध्यरात्रि 12:26 AM से तड़के 03:07 AM (12 अगस्त)

चतुर्थ प्रहर : तड़के 03:07 AM से प्रातः 05:49 AM (12 अगस्त)

शिव पूजा विधि

  • सावन शिवरात्रि के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
  • मंदिर या घर पर शिवलिंग पर गंगाजल व शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर बेलपत्र (अखंडित), धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद आंकड़े के फूल, चंदन और भस्म चढ़ाएं।
  • पूजा करते समय ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें।
  • अंत में धूप-दीप जलाकर शिव जी की आरती करें और सात्विक भोग या फल अर्पित करें।
  • शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, सिंदूर, रोली, हल्दी और केतकी के फूल न चढ़ाएं।

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Gold Outlook: सोने में अगली तेजी में Gen Z का होगा बड़ा हाथ, जानिए WGC की रिपोर्ट क्या कहती है

Gold Outlook: गोल्ड के साथ रिश्ता बदल रहा है। इसमें जेनजी का बड़ा हाथ है। इस बारे में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की नई रिपोर्ट में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि इंडिया में गोल्ड में अगली बड़ी तेजी में सिर्फ ज्वेलरी की खरीदारी नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल फाइनेंस और न्यू-एज इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स का हाथ होगा।

गोल्ड में निवेश के तरीके में आ रहा है बदलाव

WGC की स्वर्णिम उड़ान 20247 में कई दिलचस्प बातें बताई गई हैं। यह रिपोर्ट तब आई है, जब सोने की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़ी तेजी से लोगों की खरीदारी की आदत में बदलाव आ रहा है। हालांकि, अब भी भारत में लोग ज्वेलरी पर काफी पैसे खर्च कर रहे हैं।

भारत में लोगों के पास 31000 टन सोना

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोगों के पास 31,000 टन सोना है। इसकी कीमत करीब 315 लाख करोड़ रुपये (3.4 ट्रिलियन डॉलर) है। इसमें से ज्यादातर सोना घरों में बेकार पड़ा है। इस वजह से भारत में यह सबसे ज्यादा अंडरयूटिलाइज्ड एसेट है। हालांकि, इसके पीछे सोने को लेकर लोगों की पारंपरिक सोच है।

Gen Z गोल्ड को अलग नजरिए से देख रहे

WGC के मुताबिक, 1997 से 2012 के बीच जन्म लेने वाले लोग सोने को सिर्फ विरासत में मिले एसेट के रूप में नहीं देखते हैं। उनका जोर सोने की लिक्विडिटी और डिजिटल एक्सेस जैसी चीजों पर भी है। यही वजह है कि सिर्फ फिजिकल ज्वेलरी के बजाय वे डिजिटल गोल्ड और टेक्नोलॉजी आधारित इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

ज्वेलर्स युवा खरीदारों को अट्रैक्ट करने के तरीके तलाश रहे

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि युवा इनवेस्टर्स गोल्ड में निवेश करने से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं। इस वजह से ज्वेलर्स इन नए कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के तरीके तलाश रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 2035 तक जेनजी की कंज्यूमर स्पेंडिंग करीब 2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है। इसका असर भविष्य में इंडिया के गोल्ड मार्केट पर दिखेगा।

फाइनेंशियल ईकोसिस्टम का हिस्सा बना रहा गोल्ड

डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, इंडिया में गोल्ड की डिमांड अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित रहने वाली नहीं है। गोल्ड अब फाइनेंशियल ईकोसिस्टम का हिस्सा बन रहा है। इसमें गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम, रिसाइक्लिंग नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स, डिजिटल गोल्ड और बुलियन बैंकिंग का बड़ा हाथ हो सकता है। इस इंटिग्रेशन से घरों में पड़ा सोना भी इकोनॉमी का हिस्सा बन सकता है।

111 साल की महिला ने बताया लंबी उम्र का राज, रोज खाती हैं मछली और लेती हैं 2 झपकी

सोशल मीडिया पर चीन की वांग गेयिंग की कहानी काफी वायरल हो रही है। 111 साल की चीनी महिला वांग गेयिंग की लंबी उम्र लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। गेयिंग ने बताया कि, लंबी उम्र के लिए हमेशा कोई खास या मुश्किल तरीका अपनाना जरूरी नहीं होता। उनके रोजमर्रा के जीवन की साधारण आदतें और आसान दिनचर्या ही उनकी लंबी और स्वस्थ जिंदगी का हिस्सा रही हैं। सोशल मीडिया पर ये कहानी काफी वायरल हो रही है। आइए जानते हैं इनकी पूरी कहानी

चीन के जिआंग्सू प्रांत के रुगाओ शहर की रहने वाली वांग गेयिंग 111 साल की उम्र में भी अपने रोजमर्रा के काम खुद करने की कोशिश करती हैं। 100 साल की उम्र पार करने के बाद भी उनकी एक्टिव बनी हुई है। उनकी दिनचर्या की आदतें उन्हें इस उम्र में भी एक्टिव और आत्मनिर्भर रखती हैं।

100 साल की उम्र में करती है काम

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, वांग गेयिंग उम्र बढ़ने के बावजूद काफी एक्टिव रही हैं। 100 साल की उम्र में भी वह खेतों में काम करती थीं और मूंगफली व तरबूज तोड़ने जैसे कामों में हाथ बंटाती थीं। 111 साल की वांग आज भी घर के छोटे-मोटे काम खुद करती हैं। वह टेबल साफ करती हैं, कपड़े तह करती हैं और घर के दूसरे हल्के कामों में हाथ बंटाती हैं। परिवार के लोग उन्हें कई बार आराम करने की सलाह देते हैं, लेकिन वांग के मुताबिक, शरीर को एक्टिव रखना जरूरी है। वह किसी खास एक्सरसाइज रूटीन का पालन नहीं करतीं, बल्कि घर के काम करते हुए ही उनका शरीर चलता-फिरता रहता है। उनका कहना है कि इससे शरीर के अंग सक्रिय रहते हैं और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर बना रहता है।

वांग की लंबी उम्र को उनके शहर रुगाओ से भी जोड़कर देखा जाता है। चीन के पूर्वी हिस्से में स्थित जिआंग्सू प्रांत का ये शहर लंबे समय से अपनी ज्यादा उम्र तक जीने वाली आबादी के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने 100 साल या उससे ज्यादा की उम्र पूरी की है।

रुगाओ में 672 लोग है 100 के पार

जियांगहाई इवनिंग न्यूज के मुताबिक, फरवरी तक रुगाओ में 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के 672 लोग जीवित थे। इसी वजह से यह शहर चीन के उन इलाकों में शामिल है, जहां इतनी ज्यादा उम्र तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। शोध में रुगाओ की मिट्टी में मौजूद खनिजों और स्थानीय वातावरण में पाए जाने वाले सूक्ष्म तत्वों का भी अध्ययन किया गया है। साइंटिस्ट्स ने रुगाओ के वातावरण को समझने के लिए वहां की मिट्टी, फसलों और पीने के पानी की जांच की है।

खान-पान का रखती है ध्यान

शोध के मुताबिक, रुगाओ का स्थानीय वातावरण लोगों की सेहत और लंबी उम्र से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी कोई एक वजह साफ नहीं है। वहीं, वांग कम मात्रा में अलग-अलग तरह का खाना खाती हैं। उन्हें मछली पसंद है और वह ज्यादा खाने से बचती हैं। वांग की दिनचर्या में सिर्फ खान-पान और शारीरिक गतिविधियां ही शामिल नहीं हैं, बल्कि वह छोटी-छोटी खुशियों को भी महत्व देती हैं। वह हर दिन कोई न कोई अच्छा काम करने की कोशिश करती हैं। कभी वह परिवार के किसी सदस्य की तारीफ करती हैं तो कभी किसी पुराने दोस्त को छोटा सा संदेश भेजती हैं। जब कोई बात वांग को परेशान करती है, तो वह उसे लेकर रातभर चिंता करने के बजाय सो जाना पसंद करती हैं।

वांग का सोने-जागने का समय भी तय है। वह शाम 7 बजे सोती हैं और सुबह 7 बजे उठती हैं। दिन में एक-दो बार आराम भी करती हैं। वांग अपने परिवार की पांच पीढ़ियों के साथ रहती हैं और उनका एक पोता 60 साल का है। पांच पीढ़ियों के परिवार के साथ रहते हुए भी वह अपनी क्षमता के अनुसार रोजमर्रा के काम खुद करती हैं।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Toxic Trailer Release: चेहरे पे नकाब डालकर अपने गम को छिपा सकते हो, लेकिन नसीब में लिखी बर्बादी को नहीं….

Toxic Trailer Release: यश स्टारर ‘टॉक्सिक’ फिल्म का ट्रेलर का फैंस को बेसब्री से इंतजार था। फिल्म के टीजर ने खूब चर्चा बटोरी थी। कई लोगों को टीजर काफी बोल्ड लगा था, जबकि कई लोगों को बेहद पसंद आया था। वहीं फिल्म के गानों पर भी विवाद हुआ। अब ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। तो चलिए देखते हैं इसमें क्या कुछ है खास…

फिल्म का ट्रेलर रिलीज

यश स्टारर टॉक्सिक का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर कि शुरुआत यश और उसके बेटे से होती है। इसके बाद शुरू होता है खूनखराबा। ट्रेलर से आप फिल्म की कहानी का ज्यादा पता नहीं लगा सकते हैं। किरदार काफी हैं। वहीं इतना जरूर पता लगता है कि फिल्म बाप-बेटे के की दुश्मनी पर बेस्ड होने वाली है। एक्शन सीन काफी डार्क हैं। फिल्म में यश डबल रोल में दिखने वाले हैं।

ट्रेलर रिलीज की डेट और टाइम

मेकर्स ने 8 अगस्त को सुबह ही फिल्म का नया पोस्टर रिलीज करते हुए ‘टॉक्सिक’ के ट्रेलर की डेट और समय को बताया था। नए पोस्टर में लिखा था ट्रेलर अगस्त, 2026 को शाम 7:01 बजे रिलीज होगा। दर्शकों की एक्साइटमेंट देखते हुए मेकर्स ने बेंगलुरू में एक बड़े इवेंट में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया है। नए पोस्टर में यश आग और तबाही के बीच दिक रहे हैं। कैप्शन में लिखा है, “डेटोनेटिंग (विस्फोट)।

‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में स्टारकास्ट

‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में यश के अलावा कियारा आडवाणी (नादिया), नयनतारा (गंगा), हुमा कुरैशी (एलिज़ाबेथ), तारा सुतारिया (रेबेका) और रुक्मिणी वसंत (मेलिसा) के रोल में दिखेंगी। पिछले दिनों में ही टॉक्सिक का ‘लेडीज एंड लेडीज’ टीजर सामने आया था, जिसमें फिल्म की सभी एक्ट्रेसेस दिखी थीं। टीजर में नयनारा दमदार अंदाज में बाइक की सवारी करती दिखीं, जबकि कियारा एक डांसर के तौर पर नजर आईं। वहीं तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी का भी दमदार अंदाज दिखा है। यह कन्नड़ एक्शन थ्रिलर फिल्म KVN प्रोडक्शंस और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले तैयार की गई है। फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के 8 अगस्त शाम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटे में भी दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में 16 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि रोहतक, झज्जर,फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश

9 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों के लिए खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश का दौर रह सकता है। आगे 10 और 11 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में 8-9 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश

बिहार में 9 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य में 8 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश के आसार

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण स्थिति खराब हो सकती है।

बारिश के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली से जुड़ी चीजों से दूर रहना बेहतर होगा।

Kiara Advani: ‘टॉक्सिक’ ट्रेलर रिलीज से पहले कियारा आडवाणी ने दिखाईं दिलकश अदाएं, कैप्शन लिखा खास

Kiara Advani: ‘Toxic’ का इंतजार अब और भी रोमांचक हो गया है। टीजर और अपडेट्स से फैन्स की उत्सुकता बढ़ाने के बाद मेकर्स कुछ ही देर में आखिरकार फिल्म का ट्रेलर रिलीज करने वाले हैं। इससे पहले कियारा आडवाणी ने सोशल मीडिया का पारा अपने लुक से हाई कर दिया है। उन्होंने अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।

कियारा आडवाणी ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ फोटोज को शेयर किया है। इन फोटोज में वह सफेद ऑफशोल्ड ड्रेस में दिखाई दे रही हैं। एक्ट्रेस ने एक से बढ़कर एक पोज दिए हैं। कियारा की तस्वीरों से नजर हटाना नामुमकिन हो गया है। एक्ट्रेस ने तस्वीरों के साथ कैप्शन में लिखा- अराजकता से लड़ने का एकमात्र तरीका अराजकता ही है…TOXIC के ट्रेलर लॉन्च पर मिलते हैं।

यश के जन्मदिन पर 8 जनवरी को ‘टॉक्सिक’ का पहला लुक सामने आया। एक्शन से भरपूर इस क्लिप की शुरुआत में एक्टर को एक कार के अंदर एक महिला के साथ करीबी पलों में दिखाया गया, और फिर सीन बदलकर उन्हें कब्रिस्तान में कई लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया।

इस टीजर पर ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ दर्शकों ने इसे “अश्लील” बताया। एक ईसाई संगठन और राज्य महिला आयोग की ओर से शिकायतें भी दर्ज कराई गईं और फिल्म के मेकर्स के खिलाफ FIR भी हुई। हालांकि, अनुराग कश्यप और राम गोपाल वर्मा समेत कई फिल्ममेकर्स इस फर्स्ट-लुक वीडियो के बचाव में सामने आए।

गीतू मोहनदास द्वारा निर्देशित, ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को वेंकट के. नारायण और यश ने KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के तहत प्रोड्यूस किया है। कन्नड़ और अंग्रेजी में लिखी और शूट की गई इस फिल्म के हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम डब वर्शन भी रिलीज किए जाएंगे।

इस फिल्म में यश, नयनतारा, हुमा कुरैशी, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे शानदार कलाकार हैं। यह फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।