एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रैक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई करीब 768 करोड़ रुपए की एक डील है। सौदे के तहत भारतीय कंपनी से जुड़ी इटली की एक फर्म को गोला-बारूद सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। आरोप है कि कंपनी के पास तोप के गोले बनाने या बेचने का अनुभव नहीं था। इसके बावजूद उसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया और भारी रकम एडवांस में दी गई। कंपनी के साथ किए गए थे 4 समझौते 2024 में एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट ने तोप के गोलों की खरीद के लिए डेटासेल एसआरएल के साथ चार समझौते किए। यह कंपनी इटली में रजिस्टर्ड है। मार्च 2024 में इसे भारतीय कंपनी नेको डिफेंस म्यूनिशंस ने खरीदा था। पहला कॉन्ट्रैक्ट अगस्त 2024 में हुआ था। इसके तहत करीब 1.5 करोड़ यूरो एडवांस दिए गए। इसके बाद दूसरे और फिर दो अन्य कॉन्ट्रैक्ट किए गए। चारों सौदों में एडवांस भुगतान करीब 7 करोड़ यूरो तक पहुंच गया। नवंबर 2024 तक यूक्रेन पहुंचने थे गोले गोला-बारूद का पहला बैच नवंबर 2024 में यूक्रेन पहुंचना था, लेकिन डेटासेल ने देरी की। बाद में जो सामान पहुंचा, उसे लेकर भी सवाल उठाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ खेप अधूरी थी और उसमें गोले चलाने के लिए जरूरी हिस्से मौजूद नहीं थे। इनमें फ्यूज, प्रोपेलेंट चार्ज और प्राइमर जैसे हिस्से शामिल बताए गए हैं। इसलिए एस्टोनिया ने कुछ सामान को स्वीकार नहीं किया। कंपनी ने आरोपों को खारिज किया डेटासेल ने एस्टोनिया के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि उसने बड़ी मात्रा में सामान तैयार किया और उसकी सप्लाई के लिए बिल भी दिए। कंपनी ने यह भी कहा कि डिलीवरी में देरी के पीछे अलग-अलग देशों से मंजूरी और जरूरी दस्तावेज मिलने में हुई देरी जैसी वजहें थीं। एस्टोनिया के 768 करोड़ रुपए अटके एस्टोनिया ने इस सौदे में करीब 768 करोड़ रुपए दिए थे। अब वह इस रकम को वापस पाने की कोशिश कर रहा है। अनुबंध को लेकर मामला मध्यस्थता तक पहुंच गया है। अगर पैसा वापस नहीं मिला तो एस्टोनिया पर इस रकम का वित्तीय बोझ पड़ सकता है। यूरोपीय आयोग भी एस्टोनिया के साथ इस मामले पर बातचीत कर रहा है। EU के फंड से आया था पैसा इस सौदे में इस्तेमाल हुआ पैसा यूरोपीय संघ की यूरोपियन पीस फैसिलिटी (EPF) से आया था। यह फंड यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि अगर एस्टोनिया कंपनी से पैसा वापस नहीं ले पाया तो इस फंड का क्या होगा। यूरोपीय आयोग इस मामले में एस्टोनियाई अधिकारियों के संपर्क में है। मंत्री बोले- हर सौदे की जिम्मेदारी मेरी रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने कहा कि मंत्री खुद हर हथियार खरीद के कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने संबंधित कॉन्ट्रैक्ट व्यक्तिगत रूप से नहीं पढ़े थे। लेकिन उनके मुताबिक, मंत्रालय के काम की राजनीतिक जिम्मेदारी रक्षा मंत्री की होती है। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। जांच में खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल एस्टोनिया के राष्ट्रीय लेखा कार्यालय ने इस सौदे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच का एक बड़ा मुद्दा यह है कि इतने बड़े रक्षा सौदे में ऐसी कंपनी को कैसे चुना गया, जिसके पास तोप के गोले की सप्लाई का पहले का अनुभव नहीं था। यानी विवाद सिर्फ इस बात पर नहीं है कि गोले समय पर पहुंचे या नहीं। सवाल यह भी है कि कंपनी का चयन कैसे हुआ और इतनी बड़ी रकम एडवांस में क्यों दी गई। ————————- यह खबर भी पढ़ें… जयशंकर बोले- तेल खरीद पर रोक से जंग नहीं थमेगी: बातचीत से ही खत्म होगी, भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए मध्यस्थता को तैयार केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि रूस-यूक्रेन जंग का समाधान इस बात से नहीं निकलेगा कि कोई देश रूसी तेल खरीदता है या नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 20 महीने के एरियर से खाते में आएंगे एकमुश्त ₹14 लाख? जानिए पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Arrears Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर देश के 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि, इस इंतजार के पीछे एक राहत भरी खबर भी छिपी है। अगर आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को एकमुश्त मिलने वाला एरियर काफी बड़ा हो सकता है।

कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर 8वां वेतन आयोग लागू होने में 20 महीने की देरी होती है, तो लेवल 7 के कर्मचारियों को 20 महीने के एरियर के रूप में ₹14 लाख से अधिक की भारी-भरकम एकमुश्त राशि मिल सकती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अलग-अलग पे-लेवल (Level 4 से Level 7) के कर्मचारियों को एरियर के रूप में कितना पैसा मिल सकता है और इसका पूरा गणित क्या है।

क्यों बढ़ रहा है एरियर का आंकड़ा?

वेतन आयोग के कार्यान्वयन में जितनी देरी होगी, बकाया यानी एरियर की रकम उतनी ही बड़ी होती जाएगी। सूत्रों और विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू होने में करीब 20 महीने या उससे अधिक का समय लग सकता है। अगर सरकार 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी का पुनरीक्षण करती है, तो कर्मचारियों की मासिक बेसिक पे में भारी उछाल आएगा, जिसका सीधा फायदा बकाया एरियर के रूप में मिलेगा।

लेवल के हिसाब से समझिए संभावित एरियर का गणित

अगर 20 महीने के बकाया का हिसाब लगाया जाए, तो बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के आधार पर विभिन्न लेवल के कर्मचारियों को अनुमानित इतना एरियर मिल सकता है:

1. लेवल 7 (Level 7) – ₹14.09 लाख तक का एरियर

मौजूदा बेसिक पे (7th CPC): ₹44,900

अनुमानित नई बेसिक पे (8th CPC): ₹1,15,393

मासिक अंतर: ₹70,493

20 महीने का कुल एरियर: ₹70,493 ✕ 20 = ₹14,09,860 (लगभग ₹14.10 लाख)

2. लेवल 6 (Level 6) – ₹11.11 लाख तक का एरियर

लेवल 6 के अधिकारियों की बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के हिसाब से 20 महीने का संभावित एरियर लगभग ₹11.11 लाख तक बैठ सकता है।

3. लेवल 5 (Level 5) – ₹9.13 लाख तक का एरियर

मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200

20 महीने के अंतर के आधार पर लेवल 5 के कर्मचारियों का संभावित एरियर लगभग ₹9.13 लाख बनता है।

4. लेवल 4 (Level 4) – ₹8 लाख तक का एरियर

मौजूदा बेसिक पे: ₹25,000

शुरुआती बेसिक सैलरी ₹25,000 के आधार पर 20 महीने का एरियर लगभग ₹8 लाख तक हो सकता है।

क्या ₹14 लाख की यह रकम फाइनल है?

इस एरियर कैलकुलेशन को लेकर कर्मचारियों को कुछ मुख्य बातें ध्यान में रखनी चाहिए। ऊपर बताया गया ₹14.09 लाख का आंकड़ा केवल बेसिक सैलरी में आने वाले अंतर पर आधारित है। इसमें हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस (TA) या डियरनेस अलाउंस (DA) के एरियर को शामिल नहीं किया गया है।

यह एक अनुमानित कैलकुलेशन है। अंतिम एरियर की रकम सरकार द्वारा तय किए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर, कार्यान्वयन की आधिकारिक तारीख और बकाया की वास्तविक अवधि पर निर्भर करेगी।

रोहित शर्मा को शामिल करने पर अड़ी BCCI इसलिए आगरकर ने चिढकर ज्वाइन नहीं की मीटिंग

बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की रिव्यू मीटिंग में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बीसीसीआई और मुख्य चयनकर्ता एक राय पर नहीं दिखे। जब यह खबर आई कि चयनकर्ता 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित को नहीं चाहते और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच होगा, तो बीसीसीआई ने तुरंत इसका खंडन किया। लगभग ऐसा ही जवाब बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने इस बार दिया है।

उन्होंने यह कहा कि रोहित शर्मा अभी औसत से बेहतर खेल रहे हैं और टीम की योजना को लेकर उनकी भूमिका पर कोई संशय नहीं है। मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर इस मीटिंग में हीं थे। शायद उनको पहले ही बोर्ड का विचार पता लग गया होगा। यह अफवाह है कि रोहित की पैरवी के कारण ही वह इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। 

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

आगरकर से जुड़ी खबर में इस बात का भी जिक्र है कि कई चयनकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है क्योंकि उनको लगता है कि रोहित के रहते भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप नहीं जीत सकती जबकि बीसीसीआइ के कुछ बड़े लोग सोशल मीडिया को देखकर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।

मुख्य चयनकर्ता और चयनसमिती की पसंद यशस्वी जायसवाल 

एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए मुख्य चयनकर्ता और चयन समिती की पहली पसंद यशस्वी जासवाल है जो 3 पारियो में दो एकदिवसीय शतक लगा चुके हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जमाया था। लेकिन बोर्ड संभवत प्रसारणकर्ता के दबाव के कारण बुरे फॉर्स से गुजर रहे रोहित शर्मा को बरकरार रखना चाहती है।

रोहित शर्मा का साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

770 करोड़ के डिफेंस सौदे पर बवाल, एस्टोनिया के रक्षा मंत्री का इस्तीफा, क्या है मामले का भारत से कनेक्शन?

770 करोड़ के डिफेंस सौदे पर बवाल, एस्टोनिया के रक्षा मंत्री का इस्तीफा, क्या है मामले का भारत से कनेक्शन?

Estonia Defence Minister Hanno Pevkur

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर ने एक बड़े हथियार सौदे को लेकर उपजे विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह विवाद लगभग 770 करोड़ (लगभग 70 मिलियन यूरो) के एक रक्षा समझौते से जुड़ा है, जिसके तहत यूक्रेन के लिए गोला-बारूद खरीदे जाने थे। डाटासेल नामक इटली की जिस कंपनी से रक्षा सौदा हुआ था उसे हाल ही भारत की कंपनी ने अधिग्रहित किया। ALSO READ: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

 

बिना अनुभव वाली कंपनी से सौदा

इस पूरे विवाद के केंद्र में इटली की एक कंपनी 'डाटासेल' (Datasell) है, जिसे कुछ समय पहले भारत की एक कंपनी ने अधिग्रहित (acquire) किया था। हैरानी की बात यह है कि इस सौदे के बावजूद डाटासेल ने कभी भी अपने इतिहास में एक भी तोप का गोला नहीं बनाया था। कंपनी की साख और उत्पादन क्षमताओं पर उठे इन सवालों के बाद ही यह पूरा मामला तूल पकड़ा।

फ्रीज किए गए रूसी फंड का इस्तेमाल

एस्टोनिया ने इस रक्षा सौदे के लिए यूरोप में जब्त किए गए रूस के खातों से प्राप्त फंड का उपयोग किया था। इस डील के तहत खरीदे जाने वाले तोप के गोलों को सीधे यूक्रेन भेजना तय हुआ था, ताकि रूस के खिलाफ युद्ध के मैदान में उनका इस्तेमाल किया जा सके।

 

ऑर्डर पर ऑडिट एजेंसी के सवाल और इस्तीफा

एस्टोनिया की राष्ट्रीय ऑडिट एजेंसी ने डाटासेल कंपनी की क्षमताओं और उसकी पृष्ठभूमि पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। एजेंसी की रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में राजनीतिक दबाव बढ़ गया, जिसके चलते रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर को इस्तीफा देना पड़ा। ALSO READ: पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, जानें मंदिर गिराने पर क्या बोली सरकार

 

रक्षा मंत्री की सफाई

इस्तीफे के बाद अपनी सफाई देते हुए पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने सौदे से जुड़ी मूल फाइलों को नहीं पढ़ा था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि रक्षा मंत्री का मुख्य काम बड़े सौदों को केवल मंजूरी देना होता है, इसके बावजूद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना उचित समझा। इस संवेदनशील मामले पर अभी तक संबंधित भारतीय कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Commodity Market: कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल! ब्रेंट $95 के पार, जानिए सोने-चांदी का हाल

Commodity Market Updates: आज शुक्रवार, 4 सितंबर को वैश्विक कमोडिटी बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व में गहराते सैन्य तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर से भड़की तबाही की चिंगारी के चलते कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। दूसरी ओर, अमेरिकी एंप्लॉयमेंट डेटा से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती व स्थिरता बनी हुई है।

कच्चे तेल में आई यह तेजी मध्य जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर इशारा कर रही है। आइए आपको बताते हैं कमोडिटी बाजार का पूरा अपडेट।

कच्चे तेल की कीमतों में उबाल: ब्रेंट $95 और WTI $91 के पार

मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई रुकने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों की कीमतों में शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 15 सेंट (0.2%) चढ़कर $95.67 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वीकली आधार पर इसमें 7.1% की भारी बढ़त देखी जा रही है। वही अमेरिकी WTI क्रूड 26 सेंट (0.3%) की बढ़त के साथ $91.56 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। हफ्ते भर में WTI में 9.8% का उछाल दर्ज किया गया है। यह 20 जुलाई के बाद कच्चे तेल में दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी है।

सोने-चांदी का हाल: US Fed के नरम रुख से मिला सहारा

कच्चे तेल की आग के बीच सोने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है और यह भी मामूली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,477.10 प्रति औंस के मजबूत स्तर पर टिका हुआ है। दिसंबर का अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर $4,522.60 प्रति औंस पर रहा। सिल्वर (चांदी) 0.1% बढ़कर $66.90 प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में मामूली सुस्ती रही।

निवेशक अब आज शाम जारी होने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर अगला कदम उठाने का संकेत मिलेगा।

गुरुवार को गोल्ड में क्यों आई थी 2% की तेजी?

अमेरिकी फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने कहा था कि अगर महंगाई दर स्थिर रहती है तो वे ब्याज दरें न बढ़ाने का समर्थन करेंगे। उनके इस बयान के बाद ट्रेडर्स ने सितंबर में रेट हाइक की उम्मीदें कम कर दीं, जिससे गुरुवार को सोने में 2% का बड़ा उछाल आया था।

डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी

दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05% घटकर 99.54 पर आ गया। डॉलर कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में कोटेड कमोडिटी (सोना-तेल) खरीदना तुलनात्मक रूप से सस्ता हो जाता है, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है।

यूरो (Euro): $1.1589 पर स्थिर।

जापानी येन (Yen): डॉलर के मुकाबले 0.07% मजबूत होकर 158.59 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Stock Market Rise: 4 दिन बाद शानदार तेजी, सेंसेक्स 594 अंक तक उछला; लेकिन निवेशकों ने गंवाए ₹18000 करोड़

शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 सितंबर को सुबह के कारोबार में शानदार तेजी है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर करीब 594 अंक तक उछल गया। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 18000 करोड़ रुपये घट गया। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 76,746.80 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर 76.4 अंकों की बढ़त के साथ 23,949.85 के हाई तक गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह 4,88,53,640.70 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 18,052.644 करोड़ रुपये की कमी।

एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Stocks to Watch: 4 सितंबर को Gland Pharma, RVNL, Avalon Tech, Coal India समेत ये शेयर फोकस में, 4 कंपनियां होंगी लि​स्ट

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 94.46 पर पहुंच गया। एक दिन पहले अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price 4 Sept: चांदी खरीदने का बना रहे हैं प्लान? दिल्ली-कोलकाता तक जानें अपने शहर का रेट

Silver Price 4 September: अगर आप चांदी खरीदने या इसमें निवेश करने की योजना बना रहे तो इससे पहले आज का भाव जानना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है। अलग-अलग शहरों और बाजारों में चांदी की कीमतों में थोड़ा अंतर है। वहीं, चांदी के भाव में आज हल्की तेजी देखने को मिली है। ऐसे में आइए जानते हैं कि 2 सितंबर 2026 को चांदी किस भाव पर बिक रही है और पिछले कारोबारी दिन की तुलना में इसमें कितना बदलाव आया है।

जानें अपने शहर में चांदी का दाम

आज 4 सितंबर को 999 फाइन चांदी की कीमत 2,41,990 रुपये प्रति किलोग्राम रही, वहीं 925 स्टर्लिंग चांदी 2,23,841 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिकी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में 999 फाइन चांदी के दाम करीब 6 फीसदी बढ़े हैं। वहीं, पिछले एक साल में चांदी की कीमत में 95 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

शहर के हिसाब से चांदी के रेट

मेट्रो शहरों में सिल्वर 999 फाइन के दाम

मुंबई: 2,41,560 रुपये प्रति किलो

दिल्ली: 2,41,140 रुपये प्रति किलो

चेन्नई: 2,42,260 रुपये प्रति किलो

कोलकाता: 2,41,240 रुपये प्रति किलो

बेंगलुरु: 2,41,750 रुपये प्रति किलो

हैदराबाद: 2,41,940 रुपये प्रति किलो

चांदी की कीमतों पर पड़ा असर

शुक्रवार को चांदी की कीमत 67.38 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी रही। जानकारों के मुताबिक, बॉन्ड बाजार में कमजोरी का फायदा कीमती धातुओं को मिला। इसके अलावा अमेरिका में रोजगार से जुड़े आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपनाने की संभावना बढ़ी है। इसका असर चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला।

गुरुवार, 3 सितंबर को एमसीएक्स पर सोने और चांदी के भाव में मामूली बदलाव देखने को मिला। सोना 0.05 फीसदी की गिरावट के साथ 1,55,701 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी 0.02 फीसदी की बढ़त के साथ 2,42,391 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका: GSRTC में 2510 हेल्पर पदों पर ऑनलाइन भर्ती शुरू

सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका: GSRTC में 2510 हेल्पर पदों पर ऑनलाइन भर्ती शुरू

GSRTC

GSRTC द्वारा हेल्पर की बड़ी भर्ती की घोषणा गुजरात राज्य मार्ग परिवहन निगम (GSRTC) द्वारा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। निगम द्वारा 'हेल्पर' के कुल 2510 पदों के लिए नई भर्ती की घोषणा की गई है। इस भर्ती के लिए पात्र उम्मीदवार आने वाली 7 सितंबर से आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ALSO READ: गुजरात बोर्ड का बड़ा एक्शन! 10वीं-12वीं की कॉपी जांच में गलती करने वाले 3,334 शिक्षकों पर जुर्माना

 

पदों का आरक्षण और मासिक फिक्स वेतन इस भर्ती के अंतर्गत घोषित कुल 2510 पदों में से नियमानुसार 502 पद पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए और 52 पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। भर्ती प्रक्रिया में अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती 5 वर्षों की अवधि के लिए ₹21,100 प्रति माह का फिक्स वेतन दिया जाएगा।
 

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और चयन के मानदंड भर्ती के लिए पूरी आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को राज्य सरकार के आधिकारिक OJAS पोर्टल (ojas.gujarat.gov.in) पर जाकर ही अपना आवेदन जमा करना होगा। उम्मीदवारों का चयन प्रतिस्पर्धी परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसमें शैक्षणिक योग्यता और अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ALSO READ: GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम'

 

OJAS पोर्टल पर आवेदन करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका: 

स्टेप 1: आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को OJAS वेबसाइट पर 'Apply Online' विकल्प में 'Helper' पोस्ट चुनकर 'Apply Now' पर क्लिक करना होगा। 

स्टेप 2: वहां अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और कंप्यूटर ज्ञान का विवरण भरकर फॉर्म सेव करना होगा। 

स्टेप 3: इसके बाद जनरेट हुए आवेदन नंबर के आधार पर निर्धारित साइज (फोटो: 5cm x 3.6cm, हस्ताक्षर: 2.5cm x 7.5cm, अधिकतम 10KB) में फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे।
स्टेप 4: विवरण की जांच करके आवेदन कन्फर्म करने के बाद मिले कन्फर्मेशन नंबर के जरिए ऑनलाइन फीस का भुगतान करें और फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल लें।

Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है और कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए मध्य भारत से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र के असर के चलते मध्य प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।

मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट और मध्य भारत की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश आज बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते यहां ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश और बिजली गिरने के इस खतरे को देखते हुए लोगों को खुले क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली-यूपी और उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में आज बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून काफी सक्रिय नजर आ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने और पहाड़ी ढलानों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

IMD Weather (3)

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, बिजली चमकने और भारी बारिश होने का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बिजली चमकने का अंदेशा है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत का वेदर अपडेट

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में मौसमी प्रभाव की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, पुडुचेरी और कराईकल में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिनभर मजबूत सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं समुद्र में मौसम के मिजाज को देखते हुए सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और इसके बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।