Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Skoda Octavia RS second batch launched at Rs 56.69 lakh

Skoda Octavia RS second batch launched at Rs 56.69 lakh
Octy

Skoda has launched the second batch of the Octavia RS in India at Rs 56.69 lakh (ex-showroom), making it Rs 6.70 lakh more expensive than the first batch, which was priced at Rs 49.99 lakh. The previous batch was limited to 100 units and sold out ahead of its India launch last year. The second batch is limited to just 50 units, with deliveries set to begin next week.

  1. 265hp 2.0-litre turbo-petrol engine and 7-speed DSG
  2. Claimed 0-100kph in 6.4sec; top speed electronically limited to 250kph
  3. Gets 10 airbags, ADAS and 360-degree camera 

नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर

नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर

nepal tunnel rescue operation

नेपाल में आए भीषण बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के मलबे से 2 जिंदगियां बाहर निकली। इस रेस्क्यू ऑपरेशन से सुरंग में और भी लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बंधी है। इसके बाद बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने रसुवा समेत नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। इसके बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन में कई मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बनी थी।

 

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद और इंजीनियर श्री राम न्यौपाने के मुताबिक, बचाए गए दोनों लोगों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महारजन के रूप में हुई है। रेस्क्यू टीम को अभी भी सुरंग के अंदर कुछ और लोगों के मौजूद होने की जानकारी मिली है. इसलिए बचाव दल सुरंग के दूसरे हिस्सों में भी तलाश कर रहा है। ALSO READ: Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

 

सुरंगों में फंसे हैं 500 से ज्यादा वर्कर

गौरतलब है कि बाढ़ में अब तक 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से लगभग 900 वर्कर लापता हैं, जिनमें से करीब 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।

 

इस तरह चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन

सुरंग में फंसे कर्मचारियों और इंजीनियरों को निकालने के लिए नेपाली सेना के नेतृत्व में करीब 90 सदस्यीय संयुक्त टीम अभियान चला रही है। बचाव दल सुरंग तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग, खुदाई और नियंत्रित विस्फोट कर रहे हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद में बचाव दल ने ऊर्ध्वाधर रास्ते से ऑक्सीजन और हवा पहुंचानी शुरू कर दी है।

 

अंदर की स्थिति का पता लगाने के लिए कैमरा भी भेजा गया है। साथ ही खाने का सामान भी सुरंग के भीतर पहुंचाने का प्रयास किया गया है। मलबा बेहद ज्यादा होने के कारण बचाव दल रास्ते को चौड़ा करने में जुटा है। भारी मशीनों और नियंत्रित विस्फोटों की मदद से सुरंग के अंदर जाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। 

ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया

ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” वीडियो में होर्मुज स्ट्रेट का 3D नक्शा दिखता है। इस पर ‘माइन्सवीपर’ गेम खेला जा रहा है। इस गेम में खिलाड़ी को छिपी हुई समुद्री माइन्स (बारुदी सुरंगो) से बचना होता है। ईरान ने यह वीडियो ऐसे समय पोस्ट किया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान के रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया अमेरिका ने रविवार को होर्मुज के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन्स डालने के लिए कर सकता है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्गों से मुद्री माइन्स हटाई थीं। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने दोबारा समुद्री माइन्स बिछाईं तो उन्हें बिछाने वाले जहाज और बोट को नष्ट कर दिया जाएगा। शादी समारोह पर अमेरिकी हमले में 5 की मौत मंगलवार रात ईरान के सिरिक में अमेरिकी हवाई हमले के दौरान एक शादी समारोह पर मिसाइल गिरने से 5 लोग मारे गए। मृतकों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। अमेरिकी सेना ने सिरिक, खुजस्तान, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। इन हमलों में ईरान में कुल 19 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना ने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार किया है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने भारी नुकसान का दावा किया। वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने 8 मिसाइलों को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस, रडार, समुद्री ठिकानों, खदानें बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। खबर अपडेट हो रही…

Asian Games में नीरज की जगह यह भाला फेंक खिलाड़ी करेगा एथलेटिक्स दल की अगुवाई

javelin throw

राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले भाला फेंक के एथलीट यशवीर सिंह को जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए चोटिल नीरज चोपड़ा की जगह गुरुवार को 77 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया जबकि लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को कथित डोपिंग उल्लघंन के लिए नाडा (राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी) से नोटिस जारी किए जाने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया।

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 77 सदस्यीय ट्रैक एवं फील्ड टीम की घोषणा की। लुधियाना अभी राष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है।

पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के धावक तेजस शिरसे को भी टीम से बाहर कर दिया गया है क्योंकि वह हाल ही में ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान चोटिल हो गए थे।अभिषेक को पिछले महीने नाडा ने नोटिस भेजा था क्योंकि उनके डोपिंग नमूने में महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवा पाई गई थी।

खेल मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में 73 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम की घोषणा की थी जिसमें शिरसे और अभिषेक भी शामिल थे। मंत्रालय ने बुधवार को छह नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया।

इन खिलाड़ियों में 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा, 400 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली किरण पहल, पोल वॉल्टर सिंधुश्री जी, त्रिकूद की एथलीट आशा इलंगो, चक्का फेंक की खिलाड़ी सान्या यादव और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार शामिल हैं।

इस तरह से पहले घोषित किए गए 73 खिलाड़ियों में से दो खिलाड़ियों अभिषेक और शिरसे के बाहर होने और बुधवार को छह खिलाड़ियों के जुड़ने से अंतिम संख्या 77 हो गई है।AFI ने आयोजकों से यह भी अनुरोध किया है कि पिछले एशियाई खेलों के दोहरे पदक विजेता अविनाश साबले को 5000 मीटर दौड़ में भाग लेने की अनुमति दी जाए। साबले की पसंदीदा 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में उनकी भागीदारी सुनिश्चित है।

पिछले साल एसीएल सर्जरी कराने के बाद साबले ने इस सत्र में केवल एक ही दौड़ में हिस्सा लिया है। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था।

दस सितंबर को होने वाली प्रतियोगिता में एशियाई खेलों के लिए चुने गए अधिकतर एथलीट भाग लेंगे।गुलवीर सिंह और पारुल चौधरी एशियाई खेलों में तीन-तीन स्पर्धाओं में भाग लेंगे। गुलवीर 10,000 मीटर, 5000 मीटर और 1500 मीटर में जबकि पारुल 3000 मीटर स्टीपलचेज, 5000 मीटर और 1500 मीटर में हिस्सा लेंगी।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

swatantra bhardwaj and nishu azad

जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हुए हमले के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की धारा लगाने की मांग की है। ALSO READ: 'डरो मत, मैं साथ हूं': पिता पर हमले के बाद निशु आजाद के समर्थन में आए राहुल गांधी

 

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हमारी साथी निशु के पिता संजय के साथ मारपीट हुई, उनका सिर फोड़ा गया। खुलेआम ये घटना हुई। लगातार हमारी टीम सौरव और हमारी पूरी टीम दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को आप गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। 
 

उन्होंने कहा कि अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा, पूरी कोशिश थी उन्हें जान से मारने की। खुद कबूल कर रहे हैं कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा और भाजपा के गुंडों की शय पर उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया।

रांका ने कहा कि आज देश के लिए, हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां पर खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले लोग दावा करते हैं कि उन्होंने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमारी पूरी टीम निशु और उनके पिता, संजय के साथ पहले दिन से खड़ी रही है। हम दिल्ली पुलिस से मांग करेंगे कि इन गुंडों को, जिन्होंने खुद की पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई जाएं, जितनी भी संगीन धाराएं उन पर लगती हैं, लगाई जाएं।

 

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले का मामला फिर से सुर्खियों में है। 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर में चोट लग गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने यह दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था और राजनीतिक रसूख के चलते वह बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई

जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान किए दावे पर कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।

लंदन में सीक्रेट मीटिंग, मुनीर का मैसेज और पाकिस्तान का नक्शा बदलने का प्लान! इस नए दांव से उड़े जरदारी-शहबाज के होश

Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के बीच लंदन में हुई 90 मिनट की एक सीक्रेट बैठक ने इस्लामाबाद से लेकर लाहौर तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

CNN-News18 के सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, गृह मंत्री मोहसिन नकवी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक बेहद ‘सीक्रेट मैसेज’ लेकर लंदन में जरदारी के पास पहुंचे थे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पाकिस्तान के प्रशासनिक नक्शे को बदलना यानी नए प्रांत और प्रशासनिक इकाइयां बनाना था।

आइए आपको बताते हैं कि लंदन की इस बैठक का क्या मतलब है, पाक सेना नया नक्शा क्यों बनाना चाहती है और इसमें नवाज शरीफ की एंट्री कैसे हुई है।

असीम मुनीर का मैसेज और जरदारी की चाल

जानकारी के मुताबिक, पाक आर्मी देश में नए प्रांत बनाने के प्रस्ताव पर तेजी से काम आगे बढ़ाना चाहती है और इसके लिए राष्ट्रपति जरदारी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति जरदारी नए प्रांत बनाने के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे इसे बेहद धीमी और चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत लागू करना चाहते हैं।

जरदारी का सुझाव है कि नए प्रांतों के गठन की शुरुआत पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) से की जानी चाहिए, क्योंकि इन दोनों राज्यों की प्रांतीय असेंबलियों में नए प्रांत बनाने को लेकर पहले ही प्रस्ताव पारित हो चुके हैं।

PPP के लिए सिंध क्यों बना है सबसे बड़ा रोड़ा?

आसिफ अली जरदारी अपने राजनीतिक गढ़ सिंध के किसी भी तरह के बंटवारे के सख्त खिलाफ हैं। सिंध प्रांत पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की सत्ता का मुख्य आधार है। जरदारी को डर है कि सिंध को बांटने का कोई भी कदम उठाने पर वहां के राष्ट्रवादी गुट उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं, जिससे पीपीपी का सियासी वर्चस्व खत्म हो जाएगा।

वहीं बलूचिस्तान में पहले से जारी उग्रवाद और नाजुक सुरक्षा स्थितियों के कारण भी जरदारी वहां फिलहाल कोई नया प्रशासनिक प्रयोग करने से बच रहे हैं।

सीधा बंटवारा नहीं, तो क्या है अल्टरनेटिव प्लान?

संविधान में तुरंत संशोधन करके नक्शा बदलने के बजाय एक बीच का रास्ता भी तलाशा जा रहा है:

नई प्रशासनिक इकाइयां बनाना: पहले चरण में प्रांतों को विभाजित करने के बजाय नई प्रशासनिक इकाइयां बनाई जाएं और स्थानीय निकायों को मजबूत किया जाए।

संवैधानिक संशोधन: इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 140 और अनुच्छेद 160 में संशोधन पर विचार किया जा सकता है।

अनुच्छेद 140: स्थानीय सरकारों के ढांचे से संबंधित है।

अनुच्छेद 160: राष्ट्रीय वित्त आयोग (NFC) और केंद्र-राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के बंटवारे का फैसला करता है।

नवाज शरीफ की एंट्री और रायविंड में बड़ी बैठक

सैन्य प्रतिष्ठान के बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रपति जरदारी ने पीएमएल-एन (PML-N) के सुप्रीम नेता नवाज शरीफ से संपर्क साधा है। CNN-News18 के सूत्रों के अनुसार, हाल ही में लाहौर के रायविंड में नवाज शरीफ की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज मौजूद थीं। बैठक में तय हुआ कि नए प्रांतों के इस संवेदनशील मुद्दे पर पहला स्टैंड पीपीपी लेगी, जिसके बाद ही PML-N अपना अगला कदम तय करेगी।

पाक सेना क्यों बदलना चाहती है देश का नक्शा?

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना/सैन्य प्रतिष्ठान छोटे प्रांत या प्रशासनिक इकाइयां बनाकर PML-N (पंजाब में मजबूत) और PPP (सिंध में मजबूत) के पारंपरिक राजनीतिक वर्चस्व को कमजोर करना चाहती है।

अगर पंजाब और सिंध जैसे बड़े सूबों को बांटा जाता है, तो सत्ता के नए केंद्र बनेंगे और पुरानी स्थापित राजनीतिक पार्टियों की पकड़ ढीली पड़ जाएगी। यही वजह है कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान का राजनीतिक समीकरण बदलने वाला खेल है।

SIAM elects Shenu Agarwal as President for 2026-27

SIAM elects Shenu Agarwal as President for 2026-27
SIAM elects Shenu Agarwal as President for 2026-27

The Society of India Automobile Manufacturers (SIAM) elected Shenu Agarwal, Managing Director and Chief Executive Officer of Ashok Leyland, as President for the 2026-27 term. SIAM is the apex national body representing all major vehicle and vehicular engine manufacturers in India. The decision was finalised at an executive committee meeting during the 2026 SIAM Annual Convention on Thursday.

  1. Shenu Agarwal succeeds Tata Motors’s Shailesh Chandra as SIAM President
  2. Agarwal served as SIAM Vice President during his previous term

Agarwal has served as SIAM Vice President during his previous term. Taking over as President, he succeeds Shailesh Chandra, Managing Director and CEO of Tata Motors Passenger Vehicles.

K N Radhakrishnan (left), Santosh Iyer (right).
K N Radhakrishnan (left), Santosh Iyer (right).

K N Radhakrishnan, Director and CEO of TVS Motor, was elected Vice President by SIAM. Santosh Iyer, Managing Director and CEO of Mercedes-Benz India, took over as Treasurer for the current term.

ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें खिलाड़ियों को अवैध प्रवासियों को पकड़ने, डिपोर्ट करने और अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। वेबसाइट पर मौजूद एक गेम ‘रियो रन’ क्लासिक आर्केड गेम ‘स्नेक’ पर बेस्ड है। इसमें अमेरिकी बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन का डिजिटल किरदार रियो ग्रांडे नदी के पास माइग्रेंट्स का पीछा करता है। वहीं दूसरे गेम ‘बिल्ड द वॉल’ में खिलाड़ियों को ब्लॉक जोड़कर अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का टास्क दिया गया है। इसमें लिखा है- “आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करें।” व्हाइट हाउस बोला- उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश व्हाइट हाउस के एक्स अकाउंट ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी MAGA लोगो से मिलता-जुलता एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा था- “जीतना बंद नहीं कर सकते। दीवार बनाओ। डिपोर्ट करो। ट्रम्प अकाउंट भरो।” व्हाइट हाउस ने कहा कि इन गेम्स के जरिए प्रशासन राष्ट्रपति की उपलब्धियों और नीतियों को ऐसे तरीके से लोगों तक पहुंचाना चाहता है, जो हर अमेरिकी से जुड़ सके। मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी गेम्स लॉन्च होने के बाद अधिकार संगठनों ने व्हाइट हाउस की आलोचना की। टेक्सास के ईगल पास में फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा था और अब उसने इसे वीडियो गेम का रूप दे दिया है। बॉर्डर पर काम करने वाली संस्था AMIGOS सैन डिएगो कम्युनिटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने कहा कि इन आर्केड गेम्स से प्रशासन की गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रवासियों को अमानवीय और मजाक का विषय बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत हो रही है। उनके मुताबिक, “यह मुद्दे को ऐसे पेश करता है जैसे यह कोई गेम हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है।” खबर अपडेट हो रही है…

ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है। इसमें खिलाड़ी अवैध प्रवासियों का पीछा कर उन्हें पकड़ सकते हैं, डिपोर्ट कर सकते हैं और अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बना सकते हैं। वेबसाइट का एक गेम ‘रियो रन’ क्लासिक ‘स्नेक’ पर बेस्ड है। इसमें अमेरिकी बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन का डिजिटल किरदार रियो ग्रांडे नदी के पास प्रवासियों का पीछा करता है। दूसरा गेम ‘बिल्ड द वॉल’ है। इसमें खिलाड़ी ब्लॉक्स जोड़कर अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाते हैं। गेम में लिखा है- “आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करें।” व्हाइट हाउस बोला- नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का तरीका व्हाइट हाउस के एक्स अकाउंट ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) लोगो से मिलता-जुलता एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा था- “जीतना बंद नहीं कर सकते। दीवार बनाओ। डिपोर्ट करो। ट्रम्प अकाउंट भरो।” व्हाइट हाउस ने कहा कि इन गेम्स के जरिए राष्ट्रपति की उपलब्धियों और नीतियों को लोगों तक ऐसे तरीके से पहुंचाया जा रहा है, जो उन्हें आसानी से समझ आए और उनसे जुड़ सके। मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की गेम्स लॉन्च होते ही मानवाधिकार संगठनों ने व्हाइट हाउस की आलोचना शुरू कर दी। टेक्सास के ईगल पास में फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा था, अब उसने इसे सचमुच वीडियो गेम बना दिया है। बॉर्डर पर काम करने वाली संस्था AMIGOS सैन डिएगो कम्युनिटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने कहा कि इन गेम्स से प्रशासन के रवैये में गंभीरता की कमी दिखती है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को अमानवीय और मजाक का विषय बनाया जा रहा है, जबकि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत हो रही है। उनके मुताबिक, “यह मुद्दे को ऐसे दिखाता है जैसे यह कोई गेम हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है।” ट्रम्प ने सबसे बड़े मास डिपोर्टेशन का वादा किया था ट्रम्प ने 2024 के चुनाव प्रचार में अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा मास डिपोर्टेशन अभियान चलाने का वादा किया था। जनवरी 2025 में सत्ता में लौटने के बाद उनकी सरकार ने इस पर तेजी से काम शुरू किया। प्रशासन ने बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की गिरफ्तारी और देश से बाहर भेजने के लिए इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) को ज्यादा अधिकार दिए। अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई और अवैध तरीके से दाखिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई सख्त की गई। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का मकसद अवैध सीमा पार करने पर रोक लगाना और बिना वैध दस्तावेज अमेरिका में रह रहे लोगों को तेजी से देश से बाहर भेजना है। खबर अपडेट हो रही है…