लखनऊ में घर खरीदने का सुनहरा मौका! LDA दे रहा फ्लैट्स पर ₹2 लाख तक की सीधी छूट, जानें कब तक है मौका

लखनऊ में अपना घर खरीदने का प्लान कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर चुनिंदा फ्लैट्स की कीमतों में खास छूट देने का ऐलान किया है। इससे खरीदारों को कम कीमत में अपना घर खरीदने का मौका मिल सकता है। ये ऑफर 4 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। यानी इस योजना के तहत घर खरीदने के लिए 11 दिनों का समय होगा। त्योहारों के मौके पर LDA ने अपने मौजूदा फ्लैट खरीदारों के लिए 2 लाख रुपये तक की छूट का विशेष ऑफर भी शुरू किया है। वहीं फ्लैट की बुकिंग से पहले इस ऑफर की पूरी जानकारी एक बार जरूर चेक कर लें।

इस ऑफर के तहत LDA की ‘पहले आओ, पहले पाओ’ योजना के कुछ चुनिंदा फ्लैट्स पर खरीदारों को विशेष छूट मिलेगी। LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरुवार को इस बारे में आदेश जारी किया।

किस फ्लैट पर मिल रही कितनी छूट

त्योहारी सीजन को देखते हुए LDA ने अपनी कुछ आवासीय योजनाओं में खास छूट देने का फैसला किया है। यह ऑफर FCFS योजना के तहत उपलब्ध चुनिंदा 1 BHK, 2 BHK और 3 BHK फ्लैट्स पर मिलेगा। LDA के फ्लैट्स पर मिलने वाली छूट उनकी कीमत के हिसाब से तय होगी। 20 से 50 लाख रुपये तक के फ्लैट पर 1 लाख रुपये, 50 से 75 लाख रुपये तक के फ्लैट पर 1.5 लाख रुपये और 75 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले फ्लैट पर 2 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। यानी महंगे फ्लैट खरीदने वालों को इस ऑफर में ज्यादा छूट का फायदा मिलेगा। जो लोग ऑफर की अवधि में LDA की वेबसाइट के जरिए इन फ्लैट्स की बुकिंग करेंगे, वे तय नियमों के अनुसार इस छूट का लाभ उठा सकेंगे।

नियमों को एक बार जरूर करें चेक

इस ऑफर में शामिल फ्लैट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिए जाएंगे। यानी खरीदार को लॉटरी का इंतजार नहीं करना होगा। फ्लैट की उपलब्धता और जरूरी बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र ग्राहक इसे खरीद सकेंगे। यह छूट सीमित समय के लिए दी जा रही है। घर खरीदने वालों को बुकिंग से पहले फ्लैट की उपलब्धता, पात्रता, कीमत और बाकी नियमों की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। फ्लैट की कीमत के हिसाब से खरीदारों को 1 लाख, 1.5 लाख और 2 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। ऐसे में LDA की आवासीय योजनाओं में घर खरीदने वालों के लिए यह ऑफर अच्छी बचत का मौका दे सकता है।

Hanuman Ansh Director: ‘जिन लोगों ने मेरी मदद नहीं की, वे अब मुझे बधाई दे रहे हैं’, ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर ने खोली बॉलीवुड की पोल

Hanuman Ansh Director: ‘हनुमान अंश’ एक ऐसी फिल्म साबित हुई है जिसे शुरू में ज़्यादा उम्मीद नहीं थी, लेकिन यह हाल के हफ़्तों की बॉक्स-ऑफ़िस पर सबसे चौंकाने वाली सफल फ़िल्मों में से एक बन गई है। 7 अगस्त को रिलीज़ हुई यह फ़िल्म देश भर में सैकड़ों शो के साथ सिनेमाघरों में शुरू हुई थी। शुरुआत में ‘हनुमान अंश’ के पूरे भारत में 350 से ज़्यादा शो थे। लेकिन दूसरी फ़िल्मों के साथ मुक़ाबले की वजह से सिनेमाघरों में इसकी मौजूदगी काफ़ी कम हो गई।

‘द रौनक पॉडकास्ट’ पर बात करते हुए विशाल ने कहा, “लोगों ने ही इस फ़िल्म को आगे बढ़ाया। जिन सिनेमाघरों में बड़ी फ़िल्में रिलीज़ होने वाली थीं, उन्होंने हमारी फ़िल्म के लिए स्क्रीन की संख्या कम कर दी। हमारे शो की संख्या 250 से घटकर 25 रह गई। अच्छी जगहों पर मौजूद PVR और सिनेपोलिस जैसे मल्टीप्लेक्स हमारे शो चलाने को लेकर हिचकिचा रहे थे।”

शो की संख्या में अचानक आई कमी से विशाल को लगा कि उनका यह पसंदीदा प्रोजेक्ट शायद फ़ेल हो गया है। इसी दौरान, इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट ने उन्हें उम्मीद से ज़्यादा हिम्मत दी। उन्होंने कहा, “इस अनिश्चितता के बीच, मुझे इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट दिखा, जिसे मैं आम तौर पर नज़रअंदाज़ कर देता हूं।

ये वो पोस्ट होते हैं जिन्हें लोग खुद लिखते हैं और महाराज जी के संदेश के तौर पर पेश करते हैं। मन ही मन मुझे लग रहा था कि मेरी फ़िल्म बुरी तरह पिट गई है। हालाँकि, ऐसे समय में उस पोस्ट में लिखा था, ‘अपना काम करो, बाकी मैं संभाल लूँगा।’ इसने पहले हफ़्ते के आखिर में मुझे अजीब तरह से प्रेरित किया।”

सिर्फ़ पारंपरिक प्रमोशन पर निर्भर रहने के बजाय, विशाल ने अपनी टीम के साथ यात्रा करने और दर्शकों से खुद मिलने का फ़ैसला किया। आज़ादी के दिन से पहले वाले शुक्रवार को, वह मुख्य अभिनेता शोबिनव सत्या और संगीतकार ऋषि पाठक के साथ सूरत गए। टीम तब पहुंची जब फ़िल्म की स्क्रीनिंग चल रही थी। दर्शकों से मिले रिस्पॉन्स ने आखिरकार फ़िल्म के प्रति थिएटर मालिक का नज़रिया बदल दिया।

उन्होंने बताया, “हम सूरत के लिए निकले, जहां उन्होंने सिर्फ़ एक शो रखा था। हम तब पहुंचे जब शो चल रहा था। जब उन्होंने हमें देखकर लोगों का रिएक्शन देखा—लोग हमें गले लगा रहे थे और रो रहे थे—तो थिएटर मालिक हैरान रह गए। उस व्यक्ति ने दूसरे थिएटरों को फ़ोन करना शुरू किया और शो की संख्या बढ़ गई। फिर हम वडोदरा और अलीगढ़ जैसी जगहों पर गए और शो की संख्या में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई।”

इसके बाद विशाल और उनकी टीम ने कई जगहों का दौरा किया, थिएटर और मंदिरों में गए और सीधे दर्शकों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में, उस हफ़्ते जोड़े गए पहले शो के सभी टिकट 15 मिनट में ही बिक गए।

इसके बाद फ़िल्म की थिएटर यात्रा ने रफ़्तार पकड़ी; फ़िल्ममेकर से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ अब 75 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब पहुँच रही है। उन्होंने यह भी बताया कि फ़िल्म 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ किया जाएगा।

‘हनुमान अंश’ थिएटर में ‘आवारापन 2’ और ‘बंटवारा’ के साथ रिलीज़ हुई थी। फ़िल्म की सफलता के बावजूद, विशाल ने कहा कि जब फ़िल्म संघर्ष कर रही थी, तब उन्हें हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री से वैसी मदद नहीं मिली जैसी उन्हें उम्मीद थी।

उन्होंने कहा, “फ़िल्म के अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, कई लोगों ने मुझे बधाई देने के लिए फ़ोन किया। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता। बधाई देने वालों में मधुर भंडारकर भी शामिल थे, जिनसे मैंने कोई मदद नहीं मांगी थी। हालांकि, मैं दूसरों का ज़िक्र नहीं कर रहा हूं क्योंकि मैंने उन लोगों से मदद मांगी थी और उन्होंने मेरी मदद नहीं की। इसलिए, मैं अभी उनके नाम नहीं लेना चाहता, सिर्फ़ इसलिए कि वे मुझे बधाई दे रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ज़्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि क्या चलेगा, फिर भी वे दूसरों को अपनी सलाह देते रहते हैं। इंडस्ट्री उलझन में पड़े लोगों से भरी हुई है। यहां दो तरह के लोग हैं – एक वे जो सच में फ़िल्में बनाना चाहते हैं, और दूसरे वे जिनमें कोई जुनून नहीं है और वे सोचते हैं कि फ़िल्म बनाना एक ऐसी चीज़ है जिसे उन्हें आज़माना चाहिए।”

SBI Scholarship 2026: स्टूडेंट्स को SBI दे रहा ₹15 लाख तक की स्कॉलरशिप! 19 सितंबर तक है मौका, जानें पूरी डिटेल्स

SBI Asha Scholarship 2026-27: अगर आप या आपके घर में कोई स्टूडेंट स्कूल, कॉलेज, IIT, IIM, मेडिकल या विदेश में पढ़ाई कर रहा है और पढ़ाई का खर्च आड़े आ रहा है, तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक की यह स्कीम आपके बड़े काम आ सकती है। एसबीआई फाउंडेशन ने ‘एसबीआई प्लेटिनम जुबली आशा स्कॉलरशिप 2026-27’ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्या है इस स्कीम में?

एसबीआई की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों को ₹15,000 से लेकर ₹15 लाख सालाना तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क और ऑनलाइन है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, 2026-27 सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट बढ़ाकर 19 सितंबर 2026 कर दी गई है।

किस कैटेगरी में मिलेगी कितनी स्कॉलरशिप?

एसबीआई आशा स्कॉलरशिप अलग-अलग शैक्षणिक स्तर के हिसाब से दी जा रही है:

  • कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र: ₹15,000 सालाना।
  • अंडरग्रेजुएट (UG) छात्र: ₹75,000 तक।
  • पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्र: ₹1.5 लाख तक।
  • MBBS (मेडिकल) छात्र: ₹2 लाख तक।
  • IITs (इंजीनियरिंग) छात्र: ₹2 लाख तक।
  • IIMs (MBA/PGDM) छात्र: ₹5 लाख तक।
  • विदेश में पढ़ाई करने वाले : ₹15 लाख तक।

कौन कर सकता है अप्लाई?

स्कॉलरशिप पाने के लिए एसबीआई फाउंडेशन ने कुछ शैक्षणिक और फैमिली इनकम की शर्तें तय की हैं:

कक्षा 9 से 12वीं के लिए: पिछली कक्षा में कम से कम 75% अंक या 7.5 CGPA होना अनिवार्य है। SC/ST छात्रों के लिए न्यूनतम अंक 65% और दिव्यांग छात्रों (PwBD) के लिए 60% तय किए गए हैं। पारिवारिक आय सीमा ₹3 लाख सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए।

ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन (UG/PG): UG छात्रों के लिए पारिवारिक आय सीमा ₹6 लाख सालाना है। कॉलेज/संस्थान NIRF ओवरऑल रैंकिंग की टॉप 300 सूची में या NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त होना चाहिए।

MBBS: AIIMS या NIRF टॉप 50 मेडिकल कॉलेज में एडमिशन होना चाहिए। साथ ही NEET स्कोरकार्ड अनिवार्य है।

IIT: देश के 23 IITs में से किसी एक में पढ़ाई और वैध JEE Advanced स्कोरकार्ड।

IIM: देश के 22 IIMs में अध्ययनरत छात्र और वैध CAT स्कोरकार्ड (आय सीमा व शैक्षणिक नियम लागू)।

विदेश में उच्च शिक्षा: QS टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर रहे या एडमिशन ऑफर लेटर पाने वाले भारतीय छात्र पात्र हैं। पारिवारिक आय ₹6 लाख सालाना से कम होनी चाहिए। वैध GRE, GMAT, MCAT, LNAT या LSAT स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है।

आवेदन कैसे करें और क्या-क्या डॉक्यूमेंट्स चाहिए?

पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक SBI Asha Scholarship पोर्टल पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं।

कैटेगरी चुनें: अपनी योग्यता के अनुसार सही स्कॉलरशिप कैटेगरी का चयन करें और फॉर्म भरें।

डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें: पिछली शैक्षणिक मार्कशीट, पहचान पत्र (Aadhaar/Govt ID), आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक डिटेल्स, एडमिशन/बोनाफाइड सर्टिफिकेट और फीस रसीद, प्रवेश परीक्षा स्कोरकार्ड (JEE/NEET/CAT/GRE/GMAT आदि), कास्ट सर्टिफिकेट या दिव्यांग प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)।

ध्यान दें: एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया जा सकेगा। शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों का टेलीफोनिक इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद फाइनल सिलेक्शन होगा।

Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

ESDS Software Solution Listing: ब्लॉकबस्टर एंट्री, शेयर 76% तक बढ़त में लिस्ट

Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Skoda Octavia RS second batch launched at Rs 56.69 lakh

Skoda Octavia RS second batch launched at Rs 56.69 lakh
Octy

Skoda has launched the second batch of the Octavia RS in India at Rs 56.69 lakh (ex-showroom), making it Rs 6.70 lakh more expensive than the first batch, which was priced at Rs 49.99 lakh. The previous batch was limited to 100 units and sold out ahead of its India launch last year. The second batch is limited to just 50 units, with deliveries set to begin next week.

  1. 265hp 2.0-litre turbo-petrol engine and 7-speed DSG
  2. Claimed 0-100kph in 6.4sec; top speed electronically limited to 250kph
  3. Gets 10 airbags, ADAS and 360-degree camera 

नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर

नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर

nepal tunnel rescue operation

नेपाल में आए भीषण बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के मलबे से 2 जिंदगियां बाहर निकली। इस रेस्क्यू ऑपरेशन से सुरंग में और भी लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बंधी है। इसके बाद बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने रसुवा समेत नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। इसके बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन में कई मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बनी थी।

 

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद और इंजीनियर श्री राम न्यौपाने के मुताबिक, बचाए गए दोनों लोगों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महारजन के रूप में हुई है। रेस्क्यू टीम को अभी भी सुरंग के अंदर कुछ और लोगों के मौजूद होने की जानकारी मिली है. इसलिए बचाव दल सुरंग के दूसरे हिस्सों में भी तलाश कर रहा है। ALSO READ: Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

 

सुरंगों में फंसे हैं 500 से ज्यादा वर्कर

गौरतलब है कि बाढ़ में अब तक 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से लगभग 900 वर्कर लापता हैं, जिनमें से करीब 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।

 

इस तरह चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन

सुरंग में फंसे कर्मचारियों और इंजीनियरों को निकालने के लिए नेपाली सेना के नेतृत्व में करीब 90 सदस्यीय संयुक्त टीम अभियान चला रही है। बचाव दल सुरंग तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग, खुदाई और नियंत्रित विस्फोट कर रहे हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद में बचाव दल ने ऊर्ध्वाधर रास्ते से ऑक्सीजन और हवा पहुंचानी शुरू कर दी है।

 

अंदर की स्थिति का पता लगाने के लिए कैमरा भी भेजा गया है। साथ ही खाने का सामान भी सुरंग के भीतर पहुंचाने का प्रयास किया गया है। मलबा बेहद ज्यादा होने के कारण बचाव दल रास्ते को चौड़ा करने में जुटा है। भारी मशीनों और नियंत्रित विस्फोटों की मदद से सुरंग के अंदर जाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। 

ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया

ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” वीडियो में होर्मुज स्ट्रेट का 3D नक्शा दिखता है। इस पर ‘माइन्सवीपर’ गेम खेला जा रहा है। इस गेम में खिलाड़ी को छिपी हुई समुद्री माइन्स (बारुदी सुरंगो) से बचना होता है। ईरान ने यह वीडियो ऐसे समय पोस्ट किया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान के रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया अमेरिका ने रविवार को होर्मुज के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन्स डालने के लिए कर सकता है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्गों से मुद्री माइन्स हटाई थीं। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने दोबारा समुद्री माइन्स बिछाईं तो उन्हें बिछाने वाले जहाज और बोट को नष्ट कर दिया जाएगा। शादी समारोह पर अमेरिकी हमले में 5 की मौत मंगलवार रात ईरान के सिरिक में अमेरिकी हवाई हमले के दौरान एक शादी समारोह पर मिसाइल गिरने से 5 लोग मारे गए। मृतकों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। अमेरिकी सेना ने सिरिक, खुजस्तान, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। इन हमलों में ईरान में कुल 19 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना ने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार किया है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने भारी नुकसान का दावा किया। वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने 8 मिसाइलों को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस, रडार, समुद्री ठिकानों, खदानें बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। खबर अपडेट हो रही…

Asian Games में नीरज की जगह यह भाला फेंक खिलाड़ी करेगा एथलेटिक्स दल की अगुवाई

javelin throw

राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले भाला फेंक के एथलीट यशवीर सिंह को जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए चोटिल नीरज चोपड़ा की जगह गुरुवार को 77 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया जबकि लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को कथित डोपिंग उल्लघंन के लिए नाडा (राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी) से नोटिस जारी किए जाने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया।

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 77 सदस्यीय ट्रैक एवं फील्ड टीम की घोषणा की। लुधियाना अभी राष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है।

पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के धावक तेजस शिरसे को भी टीम से बाहर कर दिया गया है क्योंकि वह हाल ही में ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान चोटिल हो गए थे।अभिषेक को पिछले महीने नाडा ने नोटिस भेजा था क्योंकि उनके डोपिंग नमूने में महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवा पाई गई थी।

खेल मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में 73 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम की घोषणा की थी जिसमें शिरसे और अभिषेक भी शामिल थे। मंत्रालय ने बुधवार को छह नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया।

इन खिलाड़ियों में 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा, 400 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली किरण पहल, पोल वॉल्टर सिंधुश्री जी, त्रिकूद की एथलीट आशा इलंगो, चक्का फेंक की खिलाड़ी सान्या यादव और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार शामिल हैं।

इस तरह से पहले घोषित किए गए 73 खिलाड़ियों में से दो खिलाड़ियों अभिषेक और शिरसे के बाहर होने और बुधवार को छह खिलाड़ियों के जुड़ने से अंतिम संख्या 77 हो गई है।AFI ने आयोजकों से यह भी अनुरोध किया है कि पिछले एशियाई खेलों के दोहरे पदक विजेता अविनाश साबले को 5000 मीटर दौड़ में भाग लेने की अनुमति दी जाए। साबले की पसंदीदा 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में उनकी भागीदारी सुनिश्चित है।

पिछले साल एसीएल सर्जरी कराने के बाद साबले ने इस सत्र में केवल एक ही दौड़ में हिस्सा लिया है। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था।

दस सितंबर को होने वाली प्रतियोगिता में एशियाई खेलों के लिए चुने गए अधिकतर एथलीट भाग लेंगे।गुलवीर सिंह और पारुल चौधरी एशियाई खेलों में तीन-तीन स्पर्धाओं में भाग लेंगे। गुलवीर 10,000 मीटर, 5000 मीटर और 1500 मीटर में जबकि पारुल 3000 मीटर स्टीपलचेज, 5000 मीटर और 1500 मीटर में हिस्सा लेंगी।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

swatantra bhardwaj and nishu azad

जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हुए हमले के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की धारा लगाने की मांग की है। ALSO READ: 'डरो मत, मैं साथ हूं': पिता पर हमले के बाद निशु आजाद के समर्थन में आए राहुल गांधी

 

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हमारी साथी निशु के पिता संजय के साथ मारपीट हुई, उनका सिर फोड़ा गया। खुलेआम ये घटना हुई। लगातार हमारी टीम सौरव और हमारी पूरी टीम दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को आप गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। 
 

उन्होंने कहा कि अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा, पूरी कोशिश थी उन्हें जान से मारने की। खुद कबूल कर रहे हैं कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा और भाजपा के गुंडों की शय पर उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया।

रांका ने कहा कि आज देश के लिए, हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां पर खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले लोग दावा करते हैं कि उन्होंने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमारी पूरी टीम निशु और उनके पिता, संजय के साथ पहले दिन से खड़ी रही है। हम दिल्ली पुलिस से मांग करेंगे कि इन गुंडों को, जिन्होंने खुद की पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई जाएं, जितनी भी संगीन धाराएं उन पर लगती हैं, लगाई जाएं।

 

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले का मामला फिर से सुर्खियों में है। 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर में चोट लग गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने यह दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था और राजनीतिक रसूख के चलते वह बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई

जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान किए दावे पर कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।

लंदन में सीक्रेट मीटिंग, मुनीर का मैसेज और पाकिस्तान का नक्शा बदलने का प्लान! इस नए दांव से उड़े जरदारी-शहबाज के होश

Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के बीच लंदन में हुई 90 मिनट की एक सीक्रेट बैठक ने इस्लामाबाद से लेकर लाहौर तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

CNN-News18 के सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, गृह मंत्री मोहसिन नकवी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक बेहद ‘सीक्रेट मैसेज’ लेकर लंदन में जरदारी के पास पहुंचे थे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पाकिस्तान के प्रशासनिक नक्शे को बदलना यानी नए प्रांत और प्रशासनिक इकाइयां बनाना था।

आइए आपको बताते हैं कि लंदन की इस बैठक का क्या मतलब है, पाक सेना नया नक्शा क्यों बनाना चाहती है और इसमें नवाज शरीफ की एंट्री कैसे हुई है।

असीम मुनीर का मैसेज और जरदारी की चाल

जानकारी के मुताबिक, पाक आर्मी देश में नए प्रांत बनाने के प्रस्ताव पर तेजी से काम आगे बढ़ाना चाहती है और इसके लिए राष्ट्रपति जरदारी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति जरदारी नए प्रांत बनाने के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे इसे बेहद धीमी और चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत लागू करना चाहते हैं।

जरदारी का सुझाव है कि नए प्रांतों के गठन की शुरुआत पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) से की जानी चाहिए, क्योंकि इन दोनों राज्यों की प्रांतीय असेंबलियों में नए प्रांत बनाने को लेकर पहले ही प्रस्ताव पारित हो चुके हैं।

PPP के लिए सिंध क्यों बना है सबसे बड़ा रोड़ा?

आसिफ अली जरदारी अपने राजनीतिक गढ़ सिंध के किसी भी तरह के बंटवारे के सख्त खिलाफ हैं। सिंध प्रांत पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की सत्ता का मुख्य आधार है। जरदारी को डर है कि सिंध को बांटने का कोई भी कदम उठाने पर वहां के राष्ट्रवादी गुट उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं, जिससे पीपीपी का सियासी वर्चस्व खत्म हो जाएगा।

वहीं बलूचिस्तान में पहले से जारी उग्रवाद और नाजुक सुरक्षा स्थितियों के कारण भी जरदारी वहां फिलहाल कोई नया प्रशासनिक प्रयोग करने से बच रहे हैं।

सीधा बंटवारा नहीं, तो क्या है अल्टरनेटिव प्लान?

संविधान में तुरंत संशोधन करके नक्शा बदलने के बजाय एक बीच का रास्ता भी तलाशा जा रहा है:

नई प्रशासनिक इकाइयां बनाना: पहले चरण में प्रांतों को विभाजित करने के बजाय नई प्रशासनिक इकाइयां बनाई जाएं और स्थानीय निकायों को मजबूत किया जाए।

संवैधानिक संशोधन: इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 140 और अनुच्छेद 160 में संशोधन पर विचार किया जा सकता है।

अनुच्छेद 140: स्थानीय सरकारों के ढांचे से संबंधित है।

अनुच्छेद 160: राष्ट्रीय वित्त आयोग (NFC) और केंद्र-राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के बंटवारे का फैसला करता है।

नवाज शरीफ की एंट्री और रायविंड में बड़ी बैठक

सैन्य प्रतिष्ठान के बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रपति जरदारी ने पीएमएल-एन (PML-N) के सुप्रीम नेता नवाज शरीफ से संपर्क साधा है। CNN-News18 के सूत्रों के अनुसार, हाल ही में लाहौर के रायविंड में नवाज शरीफ की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज मौजूद थीं। बैठक में तय हुआ कि नए प्रांतों के इस संवेदनशील मुद्दे पर पहला स्टैंड पीपीपी लेगी, जिसके बाद ही PML-N अपना अगला कदम तय करेगी।

पाक सेना क्यों बदलना चाहती है देश का नक्शा?

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना/सैन्य प्रतिष्ठान छोटे प्रांत या प्रशासनिक इकाइयां बनाकर PML-N (पंजाब में मजबूत) और PPP (सिंध में मजबूत) के पारंपरिक राजनीतिक वर्चस्व को कमजोर करना चाहती है।

अगर पंजाब और सिंध जैसे बड़े सूबों को बांटा जाता है, तो सत्ता के नए केंद्र बनेंगे और पुरानी स्थापित राजनीतिक पार्टियों की पकड़ ढीली पड़ जाएगी। यही वजह है कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान का राजनीतिक समीकरण बदलने वाला खेल है।