‘उसे सब पता था…’, पत्नी की हत्या के बाद SBI कर्मचारी के WhatsApp स्टेटस में आया यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा का नाम

Divya Mishra Murder: लखनऊ में दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। दरअसल, दिव्या की मौत से पहले उनके पति मानस वाजपेयी ने एक WhatsApp स्टेटस लगाया था, जिसमें उसने ने दावा किया था कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और आरोप लगाया कि उसने उसे धोखा दिया था। मानस ने स्टेटस में यह भी लिखा कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत को “सब कुछ पता था।”

बता दें कि मशहूर हिंदी यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या को गुरुवार दोपहर गोमती नगर में ICICI बैंक की ब्रांच के बाहर गोली मार दी गई थी, जहां वह काम करती थीं। जिसके बाद उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

‘उसे सब पता है’: स्टेटस में क्या लिखा था

38 वर्षीय मानस, जो SBI में कर्मचारी था उस पर आरोप है कि वह दिव्या के ऑफिस पहुंचा और उसे गोली मार दी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद वह घर लौटा और अपनी 28 साल की बहन शिवा वाजपेयी (जो मानसिक रूप से बीमार थी) को गोली मारी, और फिर खुद को भी गोली मार ली।

मानस ने अपने WhatsApp स्टेटस में बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है और उस पर धोखा देने का आरोप लगाया। उसने प्रज्ञा और उसके पति का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें “सब पता था।”

खास बात यह है कि यह स्टेटस दिव्या की मौत की खबर आने से पहले शेयर किया गया था।

बहन को ऑफिस के बाहर मारी गई गोली

प्रज्ञा ने दोपहर करीब 1:26 बजे X पर एक पोस्ट कर इस हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली है कि उनकी बहन को गोमती नगर में गोली मार दी गई है और उनका इलाज लोहिया अस्पताल में चल रहा है। प्रज्ञा ने लोगों से दिव्या के लिए दुआ और प्रार्थना करने की अपील भी की।

बता दें कि प्रज्ञा पहले न्यूज टेलीविजन चैनलों के साथ काम कर चुकी हैं। अब वह अपने YouTube चैनल ‘उल्टा चश्मा’ के लिए जानी जाती हैं, जिसके 85 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

पति-पत्नी एक साल से ज्यादा समय से अलग रह रहे थे

दिव्या और मानस की शादी को 12 साल हो चुके थे, लेकिन वे एक साल से ज्यादा समय से अलग-अलग रह रहे थे। दिव्या ने पिछले साल तलाक के लिए अर्जी भी दी थी।

पुलिस ने बताया कि मानस ने अपनी बहन शिवा की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि उसे लगता था कि उसकी मौत के बाद उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होगा।

पड़ोसी को मानस मृत अवस्था में मिला

मानस के घर के पास रहने वाले एक दुकानदार ने NDTV को बताया कि वह दोपहर करीब 12:30 बजे घर लौटा था। वह जल्दबाजी में लग रहा था और उसे बहुत पसीना आ रहा था। पड़ोसी ने बताया कि मानस अंदर गया और उसने हनुमान चालीसा बजाई।

इसके बाद जब पड़ोसी ने मानस का WhatsApp स्टेटस देखा, तो वह घर के अंदर गया। वहां उसने मानस को मृत पाया।

हत्याओं के इस घटनाक्रम के बाद जांचकर्ता अब कपल के खराब रिश्तों और मानस के आखिरी WhatsApp स्टेटस में लगाए गए आरोपों से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

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Samsung Galaxy इवेंट की डेट कन्फर्म, इस दिन Galaxy S26 FE होगा लॉन्च, जानें फीचर्स

दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी Samsung ने Galaxy S26 FE को लॉन्च करने के लिए ‘Galaxy Event’ की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह इवेंट 27 अगस्त, 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए वर्चुअल इवेंट भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार शाम 5:30 बजे शुरू होगा और इसे YouTube पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

Samsung की आधिकारिक घोषणा में कहा गया है, ’27 अगस्त को सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ‘Galaxy Event August 2026′ आयोजित करेगा, जिसमें Galaxy S26 परिवार में सबसे नया स्मार्टफोन पेश किया जाएगा। इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने लिए सबसे जरूरी चीजों को महत्व देते हैं। इसमें कैमरा से लेकर AI तक के मुख्य Galaxy S26 अनुभव और लेटेस्ट One UI शामिल हैं।’

इस इवेंट की एक बड़ी खासियत Samsung Galaxy S26 FE का लॉन्च हो सकता है। ऐसी भी चर्चा है कि कंपनी Galaxy Tab S12 को भी बाजार में उतार सकती है। इसी सिलसिले में, आइए जानते हैं Samsung के आने वाले इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स, कैमरा और दूसरे खास फीचर्स के बारे में।

Samsung Galaxy S26 FE: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। इसमें OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा, 12MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 8MP का टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है।

सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 12MP का Sony IMX825 सेंसर मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, ये जानकारी फिलहाल सामने आई रिपोर्ट्स और लीक्स पर आधारित है।

Samsung Galaxy S26 FE में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.7-इंच का FHD+ डिस्प्ले हो सकता है। वहीं, इस डिवाइस में Samsung Exynos 2500 प्रोसेसर के साथ 12GB RAM और बेस वेरिएंट में 256GB इंटरनल स्टोरेज मिल सकता है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह फोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होगा, जिसमें ऊपर One UI 9 स्किन होगी। अफवाहों के अनुसार, इस फोन में 4,900mAh की बैटरी होगी, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

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Redmi Note 17 सीरीज की ग्लोबल लॉन्च डेट कन्फर्म, 10,000mAh बैटरी समेत इन फीचर्स का हुआ खुलासा

Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi ने ऐलान किया है कि Redmi Note 17 सीरीज जल्द ही ग्लोबल मार्केट में दस्तक देने वाली है। कंपनी ने सोमवार को इसकी लॉन्च डेट की जानकारी दी। बता दें कि इस सीरीज के फोन जुलाई में चीन में लॉन्च किए गए थे, और ब्रांड ने Redmi Note 17 के 5G और 4G वेरिएंट भी ग्लोबल लेवल पर पेश किए थे। उम्मीद है कि ग्लोबल लाइनअप में तीन मॉडल होंगे — Redmi Note 17, Note 17 Pro और एक नया Note 17 Pro Max। इनमें से आखिरी वाले (Pro Max) के कई स्पेसिफिकेशन भी अब सामने आ गए हैं।

Redmi Note 17 सीरीज की लॉन्च डेट

Xiaomi ने X पर एक पोस्ट में घोषणा की कि Redmi Note 17 सीरीज को 27 अगस्त को ग्लोबल लेवल पर लॉन्च किया जाएगा। Xiaomi की ग्लोबल वेबसाइट पर एक नई माइक्रोसाइट से Redmi Note 17 Pro Max नाम के एक नए मॉडल के जल्द लॉन्च होने की पुष्टि होती है। डिजाइन की बात करें तो, इस लाइनअप में फोटोक्रोमिक टेक्नोलॉजी होगी। Redmi का कहना है कि इसमें एक नया ‘क्लाउड ब्लश’ एलिमेंट है जो सूरज की रोशनी के साथ रिएक्ट कर सकता है।

आने वाली Redmi Note 17 सीरीज में 6.83 इंच का CrystalRes AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 1.5K रेजोल्यूशन के साथ आएगा। फोन में Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट दिया जाएगा। इसके साथ 24GB तक रैम मिलेगी, जिसमें वर्चुअल रैम का सपोर्ट भी शामिल होगा। Redmi का दावा है कि फोन 72 महीने तक स्मूद परफॉर्मेंस बनाए रखेगा।

माइक्रोसाइट से धूल और पानी से बचाव के लिए IP66 + IP68 + IP69 + IP69K रेटिंग्स का भी पता चलता है। Xiaomi के सब-ब्रांड का कहना है कि उनके फोन SGS और TÜV SÜD दोनों से सर्टिफाइड हैं।

कैमरे की बात करें तो अभी इसके बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कंपनी ने कन्फर्म किया है कि Note 17 सीरीज में AI-पावर्ड पोर्ट्रेट एन्हांसमेंट फीचर होगा। ब्रांड द्वारा शेयर किए गए कैमरा सैंपल में f/1.5 अपर्चर, 26mm फोकल लेंथ, 1/60-सेकंड शटर स्पीड और ISO 125 की जानकारी मिलती है।

हालांकि, सबसे खास बात इसकी बैटरी क्षमता है, जो 10,000mAh की है। जानकारी से पता चलता है कि यह Redmi 17 Pro Max के लिए है, जो 100W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा, हालांकि Xiaomi ने कन्फर्म किया है कि वे बॉक्स में पावर एडॉप्टर नहीं देंगे। Redmi Note 17 सीरीज खरीदने पर ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के 2 महीने का YouTube Premium, तीन महीने का Spotify Premium, छह महीने का Google One प्लान, 24 महीने के अंदर एक बार फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट और 36 महीने के अंदर एक बार फ्री बैटरी सर्विस मिलेगी।

पिछली रिपोर्ट्स के अनुसार, Redmi Note 17 सीरीज भारत में 18 या 20 सितंबर को लॉन्च हो सकती है। लीक से यह भी पता चलता है कि Redmi Note 17 Pro Max में 50MP (f/1.8) का प्राइमरी रियर कैमरा हो सकता है, साथ ही 8MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल लेंस और सेल्फी व वीडियो कॉल के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा भी हो सकता है। हालांकि, पहले सामने आई जानकारी में फोन में 9,210mAh बैटरी होने की बात कही गई थी।

लेकिन अब ग्लोबल लॉन्च डेट कन्फर्म होने के बाद, हम उम्मीद कर सकते हैं कि Redmi Note 17 सीरीज के लॉन्च से पहले के दिनों में और भी जानकारी सामने आएगी।

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2 बार JEE में फेल हुआ लड़का, आज ₹2 लाख महीना कमाता है, Ankur Warikoo ने बताई कहानी

बिजनेसमैन अंकुर वारिकू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत में टैलेंट और सफलता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने इंदौर के एक डिजाइनर नमन की कहानी साझा की, जो दो बार JEE में सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बिना किसी प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री के अपने दम पर प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। YouTube से सीखते हुए नमन ने धीरे-धीरे अपने कौशल को निखारा और फ्रीलांसिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज उनकी कमाई करीब 2 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है।

नमन की कहानी साझा करते हुए वारिकू ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, बल्कि लोगों को पहचानने का नजरिया सीमित है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की काबिलियत केवल कॉलेज, डिग्री या नौकरी के नाम से तय नहीं होनी चाहिए। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि सफलता के लिए डिग्री जरूरी है या असली हुनर।

‘भारत में टैलेंट की नहीं, लेबल की समस्या है’

अंकुर वारिकू ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “India does not have a talent problem. It has a label problem.” उनका कहना है कि भारत में लोगों की काबिलियत को अक्सर उनके कॉलेज, डिग्री और नौकरी के नाम से आंका जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार बेहतरीन टैलेंट सिर्फ इसलिए सामने नहीं आ पाता, क्योंकि उसके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री या मशहूर कंपनी का अनुभव नहीं होता।

JEE में दो बार फेल, फिर YouTube से सीखा डिजाइन

वारिकू ने इंदौर के डिजाइनर नमन का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, नमन दो बार JEE में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने रात में YouTube की मदद से खुद प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपना पोर्टफोलियो तैयार किया और फ्रीलांस काम शुरू किया। वारिकू के अनुसार, आज नमन हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते हैं।

‘डिग्री यह नहीं बता सकती कि आप कितनी दूर जाएंगे’

वारिकू ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति की डिग्री या पुराने अनुभव से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह भविष्य में कितना सफल होगा। उनके मुताबिक, क्रेडेंशियल्स बताते हैं कि कोई व्यक्ति अब तक कहां पहुंचा है, लेकिन यह नहीं बताते कि वह आगे कितनी दूर जा सकता है।

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय

वारिकू की पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मिली-जुली रहीं। कुछ यूजर्स ने नमन की सफलता को प्रेरणादायक बताया, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि ऐसी कहानियां अपवाद हो सकती हैं। एक यूजर ने कहा कि कई IIT ग्रेजुएट भी कम उम्र में 2 लाख रुपये महीने नहीं कमा पाते। वहीं, दूसरे यूजर ने IIT से तुलना पर सवाल उठाते हुए कहा कि JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करना भी किसी व्यक्ति की समस्या सुलझाने की क्षमता दिखाता है।

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स्वीडन में अचानक चली गई नौकरी, फिर ज्योति ने उठाया ऐसा कदम, आज हर महीने कमा रही हैं 1 लाख रुपये

विदेश में जाकर करियर और नई पहचान बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। नए माहौल में खुद को ढालने के साथ नौकरी, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक पहचान बनाने की चुनौती भी रहती है। मुंबई की ज्योति वाकचौरे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब वह पति के साथ स्वीडन पहुंचीं। शुरुआत में उन्होंने वहां नौकरी की, लेकिन अचानक नौकरी चले जाने से उनके सामने मुश्किल खड़ी हो गई। इस झटके के बाद उन्होंने पीछे हटने के बजाय खुद के लिए एक नई राह तलाशने का फैसला किया। धीरे-धीरे उन्होंने कंटेंट क्रिएशन शुरू किया और फिर इसी अनुभव को अपने बिजनेस में बदल दिया।

आज उनकी कहानी सोशल मीडिया, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है। विदेश में शुरू हुआ यह सफर कैसे एक नई पहचान और कमाई के रास्ते में बदला, यही उनकी कहानी को खास बनाता है।

पति की नौकरी के चलते पहुंचीं स्वीडन

ज्योति 2016 में अपने पति के साथ स्वीडन के गोथेनबर्ग चली गई थीं। उनके पति को वहां नौकरी मिली थी और ज्योति डिपेंडेंट वीजा पर स्वीडन पहुंचीं। नए देश में शुरुआत करना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें वहां अपना करियर और पहचान दोनों नए सिरे से बनानी थी।

अचानक चली गई नौकरी

स्वीडन में रहते हुए ज्योति ने नौकरी शुरू की, लेकिन एक दिन उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया गया। उनके लिए यह अनुभव काफी परेशान करने वाला था। उन्होंने इस घटना को अचानक, चौंकाने वाला और अनुचित बताया। हालांकि, उन्होंने इस झटके को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। धीरे-धीरे उन्होंने इसी मुश्किल को अपने लिए नई राह बनाने की प्रेरणा में बदल दिया।

YouTube से शुरू हुआ नया सफर

नौकरी के साथ ज्योति ने कंटेंट बनाना शुरू किया। उन्होंने 2018 में अपना YouTube चैनल लॉन्च किया। शुरुआत भले ही साइड हसल के तौर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे उनकी ऑनलाइन पहचान बढ़ने लगी। कंटेंट के जरिए उन्हें स्वीडन में नए लोगों से जुड़ने और अपना नेटवर्क बनाने का मौका मिला। यही नेटवर्क आगे चलकर उनके बिजनेस के लिए भी काफी काम आया।

महामारी में शुरू की अपनी कंपनी

साल 2020 में जब कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में कारोबार प्रभावित हो रहे थे, उसी दौरान ज्योति ने अपनी सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी शुरू कर दी। शुरुआत में उन्होंने छोटे स्थानीय कारोबारों के साथ काम किया। समय के साथ उनका नेटवर्क बढ़ा और उन्हें स्वीडन के स्थानीय ग्राहकों से भी काम मिलने लगा।

अब हर महीने करीब ₹1 लाख की कमाई

कंटेंट क्रिएशन और सोशल मीडिया मार्केटिंग के सफर ने ज्योति को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया। मौजूदा समय में उनके बिजनेस से औसतन करीब 1 लाख रुपये प्रति महीने की कमाई होने की बात सामने आई है। उनकी कहानी खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े ऑफिस या भारी निवेश के बिना अपना काम खड़ा किया।

कम खर्च में चल रहा है बिजनेस

ज्योति ने अपने बिजनेस के खर्चों को काफी सीमित रखा है। उनके मुताबिक, हर महीने करीब 15 हजार रुपये मुख्य रूप से ऐप्स और वीडियो एडिटिंग जैसे सॉफ्टवेयर पर खर्च होते हैं। वह ज्यादातर काम घर से करती हैं, इसलिए ऑफिस का किराया और उससे जुड़े दूसरे खर्च नहीं हैं। कम ऑपरेशनल कॉस्ट उनके बिजनेस को चलाने में मदद करती है।

भारत में निवेश, अब स्वीडन में भी कदम

ज्योति ने बताया कि उनके ज्यादातर निवेश अभी भारत में हैं और खासतौर पर प्रॉपर्टी में निवेश किया गया है। हालांकि, अब उन्होंने स्वीडन में भी निवेश करना शुरू कर दिया है। यानी विदेश में रहते हुए भी उन्होंने भारत से अपना आर्थिक जुड़ाव बनाए रखा है और धीरे-धीरे स्वीडन में भी अपनी वित्तीय मौजूदगी बढ़ा रही हैं।

स्वीडन ने बदली उनकी सोच और जिंदगी

ज्योति के मुताबिक, स्वीडन में रहने का असर सिर्फ उनके करियर पर नहीं पड़ा, बल्कि उनके व्यक्तित्व में भी बदलाव आया। वह खुद को अब पहले से ज्यादा शांत, दयालु, समय की पाबंद और आत्मनिर्भर मानती हैं। लंबे समय तक स्वीडन में रहने के बाद वह वहां के जीवन और संस्कृति के साथ काफी सहज हो चुकी हैं।

बेटी का जन्म बनी सबसे खूबसूरत याद

स्वीडन में बिताए समय की उनकी सबसे खास यादों में बेटी का जन्म शामिल है। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत और यादगार पलों में से एक बताया। यह व्यक्तिगत अनुभव उनके लिए स्वीडन को सिर्फ एक रहने की जगह से कहीं ज्यादा खास बनाता है।

नौकरी छूटने से मिली नई पहचान

ज्योति की कहानी इस बात की मिसाल है कि जिंदगी में आया कोई बड़ा झटका हमेशा अंत नहीं होता। नौकरी जाने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय कंटेंट क्रिएशन और उद्यमिता की राह चुनी। पति की नौकरी के लिए विदेश पहुंची ज्योति ने धीरे-धीरे वहां अपनी खुद की पहचान बनाई। आज उनका सफर नौकरी छूटने से लेकर अपना बिजनेस खड़ा करने और आत्मनिर्भर बनने तक पहुंच चुका है।

गाँव की लड़की ने YouTube से बदली किस्मत | Poonam Kushwaha | Desi Food Creator | Madhya Pradesh

गाँव की लड़की ने YouTube से बदली किस्मत | Poonam Kushwaha | Desi Food Creator | Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाँव शिवपुरी की रहने वाली पूनम कुशवाहा ने YouTube और Instagram पर देसी खाना बनाकर अपनी किस्मत बदल दी।
200 वीडियो तक सिर्फ 1000 views मिलने के बाद भी हार नहीं मानी और एक दिन 35 Million views के साथ Viral हो गई।
आज वीडियो पर व्यूज भी आते है और लोगों का प्यार भी। इस सफर में उनका साथ दिया उनके छोटे भाई नरेंद्र ने जिन्होंने हर मुश्किल वक्त पर भी बहन का साथ नहीं छोड़ा।

@poonamk.official

Desi Food Vlogger, Brother Sister Bond, Small Village Success Story

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‘लड़कियों को रेप में मजा आता है…’ NEET प्रोटेस्ट पर विवादित टिप्पणी करने के लिए दक्षिणपंथी कमेंटेटर टीजी मोहनदास गिरफ्तार

केरल पुलिस ने सोमवार को पॉलिटिकल कमेंटेटर टीजी मोहनदास को औपचारिक रूप से गिरफ़्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों के बारे में एक YouTube वीडियो में भड़काऊ बातें कही थीं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोहनदास को रविवार को कोच्चि में मट्टनचेरी के पास कूवापादम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया और तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां आधी रात के आसपास उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। उम्मीद है कि उन्हें सोमवार को बाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

पुलिस ने मोहनदास के यूट्यूब चैनल से जुड़ी जानकारी जुटाई

इस मामले की जांच कर रही साइबर पुलिस टीम ने मोहनदास के यूट्यूब चैनल ‘पत्रिका’ से जुड़ी जानकारी भी जुटाई और उन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त किया जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर वीडियो रिकॉर्ड और अपलोड करने के लिए किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इन डिवाइस को कोर्ट में पेश किए जाने और बाद में उनकी फॉरेंसिक जांच किए जाने की उम्मीद है।

पुलिस ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं।

बता दें कि यह मामला एक शिकायत से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद, 24 और 25 जुलाई को मोहनदास के चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो का मकसद अशांति फैलाना और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना था।

महिलाओं को “रेप होने में मजा आता है”

पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में छात्रों के जमावड़े का जिक्र करते हुए मोहनदास ने विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के बारे में कई विवादित बातें कहीं। खबरों के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से “गैंग रेप की घटनाएं हो सकती हैं” और दावा किया कि इसकी कोई शिकायत नहीं होगी क्योंकि “प्रदर्शन में शामिल लोगों को रेप पसंद है” और कुछ महिलाओं को “रेप होने में मजा आता है”।

वीडियो में मोहनदास ने यह भी बताया कि अगर हालात की जिम्मेदारी उनके पास होती, तो वे क्या करते। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास कर्फ्यू लगा देते और प्रदर्शनकारियों को वहां से चले जाने के लिए कहते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे नहीं मानते, तो वे “गोली चलवा देते”।

पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और केरल पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें हिंसा भड़काने, गलत जानकारी फैलाने और बातचीत के जरिए परेशानी या उपद्रव पैदा करने जैसे आरोप शामिल हैं।

अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी संपर्क किया है और उस विवादित वीडियो को हटाने की मांग की है।

विरोध प्रदर्शन की आशंका

फिलहाल, इस मामले की जांच तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि वे साइबर पुलिस स्टेशन और कोर्ट के आसपास सुरक्षा के एहतियाती कदम उठा रहे हैं क्योंकि विरोध-प्रदर्शन की आशंका है। बता दें कि रविवार को जब मोहनदास को हिरासत में लिया गया था, तो उनके घर के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई थी।

ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहले ही मोहनदास से दूरी बना ली थी और कहा था कि उनकी टिप्पणियां संगठन का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।

मोहनदास संगठन में किसी भी पद पर नहीं- RSS 

27 जुलाई को जारी एक बयान में, RSS के दक्षिण केरल प्रांत सह-कार्यवाह केबी श्रीकुमार ने कहा कि मोहनदास संगठन में किसी भी पद पर नहीं हैं।

श्रीकुमार ने कहा, “हालिया विरोध प्रदर्शन पर टीजी मोहनदास की टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं। वह किसी भी स्तर पर RSS के पदाधिकारी नहीं हैं। RSS उनके विचारों से सहमत नहीं है। संगठन मानता है कि ऐसे विचारों की कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए।”

RSS का यह स्पष्टीकरण मोहनदास को हिरासत में लिए जाने से पहले और उनके बयानों को लेकर मचे विवाद के बीच आया था।

बता दें कि दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग को लेकर हुआ था।

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Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत भले ही उनके लिए खास नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। यहां उनके बल्ले से लगातार अच्छी पारियां देखने को मिलीं और उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। कम उम्र में दबाव से निकलकर इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाता है। वहीं वैभव की उम्र को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस समय वैभव की उम्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी उनकी क्रिकेट प्रतिभा है।

वैभव को लेकर ली ने क्या कहा

बीयर बाइसेप्स YouTube चैनल पर बात करते हुए ब्रेट ली ने कहा, “वह जबरदस्त है। भारत से बाहर हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या वह 15 साल का है? क्या वह 15 साल का है? शायद इस समय दुनिया भर में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है।” ली ने आगे कहा, “अगर वह 15 साल का है, तो शानदार है, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है। यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। वह भारत के लिए एक बहुत बड़ी खोज है और आने वाले समय में वह इससे भी बड़ी और बेहतर उपलब्धियां हासिल करेगा।”

कम समय में मिली ज्यादा तारीफ

ली ने कहा, “उन्होंने इतने कम समय में IPL में धूम मचा दी है। SRH के खिलाफ उन्होंने जो 97 रन बनाए, वह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ थे। वे बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे और वह उनके खिलाफ बेखौफ होकर हुक शॉट खेल रहे थे।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी के खेल की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और समझ काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी माना कि सूर्यवंशी ने IPL में तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना डरे जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनकी खासियत है। लेकिन, ली के मुताबिक आगे बढ़ने के साथ सूर्यवंशी पर लोगों की उम्मीदें और मीडिया का ध्यान भी बढ़ेगा, जिसे संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

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Video: नाई की दुकान से इंटरनेट तक… Techie ने 90s के गानों वाला ऐसा डिजिटल अड्डा बनाया कि Paytm फाउंडर भी तारीफ करने लगे

आज के दौर में जब हेयरकट के साथ प्रीमियम सैलून, हेयर स्पा और महंगे हेयर ट्रीटमेंट आम हो गए हैं, वहीं इंटरनेट पर एक छोटे से डिजिटल प्रयोग ने लोगों को पुराने दिनों की याद दिला दी है। टेक प्रोफेशनल यश भारद्वाज ने एक ऐसा अनोखा प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच पुरानी यादों का पिटारा खोल दिया। यह पहल उस दौर की झलक दिखाती है, जब मोहल्ले की छोटी-सी नाई की दुकान सिर्फ बाल कटवाने की जगह नहीं होती थी, बल्कि वहां बैठकर गाने सुनना और आसपास के लोगों से बातचीत करना भी अनुभव का हिस्सा हुआ करता था। आज की तेज रफ्तार जिंदगी के बीच 90s की ऐसी यादों को डिजिटल अंदाज में दोबारा सामने लाने की कोशिश लोगों को काफी पसंद आ रही है।

आखिर इस वेबसाइट में ऐसा क्या खास है, जिसने इंटरनेट यूजर्स को पुराने जमाने में पहुंचा दिया? यही वजह है कि यह अनोखा प्रयोग तेजी से चर्चा में आ गया है।

Yash Bhardwaj ने बनाया Salon.wtf

डेवलपर यश भारद्वाज ने इस प्रोजेक्ट को Salon.wtf नाम दिया है। वेबसाइट पर ऐसे गानों का संग्रह उपलब्ध है, जो पुराने भारतीय बार्बरशॉप की याद दिलाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने प्रोजेक्ट को साझा करते हुए लिखा कि यह वेबसाइट उस दौर की याद दिलाती है, जब लोग महंगे सैलून के बजाय ‘सैलून’ या मोहल्ले की नाई की दुकान पर जाते थे और करीब ₹20 में साधारण हेयरकट के साथ ऐसे गाने सुनते थे, जो माहौल को खास बना देते थे।

इंटरनेट यूजर्स बोले- ‘इसने तो पुराना जमाना याद दिला दिया’

वेबसाइट सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उन्हें ऐसे समय में वापस ले गया, जब इंटरनेट और प्रीमियम सैलून रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा नहीं थे। एक यूजर ने इसे इंटरनेट पर इंसानी रचनात्मकता का शानदार उदाहरण बताया और कहा कि ऐसी चीजें इंटरनेट की असली खूबसूरती दिखाती हैं।

वेबसाइट में गाने इस्तेमाल करने पर उठा कॉपीराइट सवाल

प्रोजेक्ट को लेकर सिर्फ तारीफ ही नहीं हुई, बल्कि इसके कानूनी पहलू पर भी सवाल उठे। एक यूजर ने, जो खुद कुछ इसी तरह के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, भारद्वाज से पूछा कि ऑनलाइन संगीत इस्तेमाल करते समय कॉपीराइट से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस पर भारद्वाज ने बताया कि वेबसाइट अपने सर्वर पर गाने स्टोर नहीं करती।

‘गाने मेरे सर्वर पर नहीं हैं’

भारद्वाज के अनुसार, वेबसाइट YouTube की मौजूदा प्लेबैक व्यवस्था का इस्तेमाल करती है। उन्होंने बताया कि वीडियो और frame को वेबसाइट के इंटरफेस में छिपाकर केवल ऑडियो अनुभव रखा गया है। उनके मुताबिक, गाने YouTube के माध्यम से ही चल रहे हैं और उन्होंने मूल प्लेयर को अपने तरीके से पेश किया है। हालांकि, किसी वेबसाइट का इस तरह का संगीत उपयोग वास्तव में कानूनी रूप से अनुमत है या नहीं, यह संबंधित प्लेटफॉर्म की शर्तों और लागू कॉपीराइट कानूनों पर निर्भर कर सकता है।

Paytm के संस्थापक भी हुए पुराने दिनों के फैन

वेबसाइट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ यह पोस्ट Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा तक भी पहुंच गई। उन्होंने X पर इस प्रोजेक्ट को साझा किया और इसकी तारीफ की। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को भारत की पुरानी मोहल्ला बार्बरशॉप और उस दौर के संगीत से जुड़ी यादों को फिर से जीवंत करने वाली कोशिश के तौर पर सराहा।

एक वेबसाइट ने खोल दिया यादों का पिटारा

Salon.wtf की खासियत सिर्फ पुराने गाने नहीं हैं। इसकी लोकप्रियता इस बात को दिखाती है कि तकनीक के जरिए पुरानी यादों को किस तरह नए अंदाज में पेश किया जा सकता है। जहां आज लोग हेयरकट के लिए चमकदार सैलून और डिजिटल अपॉइंटमेंट पसंद करते हैं, वहीं यह छोटा-सा इंटरनेट प्रोजेक्ट लोगों को उस दौर में वापस ले जा रहा है, जब ₹20 का हेयरकट, रेडियो पर बजता गाना और मोहल्ले की नाई की दुकान ही एक अलग तरह का अनुभव हुआ करता था।

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PM मोदी का वीडियो हटाने पर Meta को 3 दिन का अल्टीमेटम, संसदीय समिति ने दी बड़ी चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो कुछ घंटों के लिए फेसबुक से हटाए जाने के मामले में संसदीय समिति ने Meta को कड़ी चेतावनी दी है। समिति ने कहा है कि अगर कंपनी तीन दिनों के भीतर इस मामले पर उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो भारत में उसे मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbour) कानूनी सुरक्षा खत्म की जा सकती है।

Firstpost की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी तब दी गई जब कम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर बनी संसदीय स्थायी समिति ने मेटा के प्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री का वीडियो हटाए जाने के बारे में सवाल किए। यह वीडियो फेसबुक पर लगभग पांच घंटे तक उपलब्ध नहीं था। पैनल ने इस घटना के लिए मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग से जवाबदेही और व्यक्तिगत माफी की मांग की है।

बता दें कि यह विवाद फेसबुक के एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट’ (NEET) का पेपर लीक होने के विरोध में हो रहे देशव्यापी प्रदर्शनों पर बात की थी और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था।

संसदीय समिति ने जवाबदेही की मांग की

समिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने कहा कि जब तक इस चूक के लिए जिम्मेदारी तय नहीं की जाती, तब तक सिर्फ माफी मांगना काफी नहीं होगा। उन्होंने जकरबर्ग से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने को कहा और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 79 के तहत मेटा को मिलने वाले ‘सेफ हार्बर’ प्रोटेक्शन की समीक्षा की जा सकती है।

यह सुरक्षा ऑनलाइन मध्यस्थों (intermediaries) को थर्ड-पार्टी कंटेंट के लिए जिम्मेदारी से बचाती है, बशर्ते वे जरूरी सावधानी (due diligence) के नियमों का पालन करें।

समिति ने Meta को तीन दिनों के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो समिति भारत में Meta की इंटरमीडियरी (मध्यस्थ) सुरक्षा खत्म करने की सिफारिश कर सकती है।

Meta से मुश्किल सवाल

बैठक के दौरान, कमेटी के सदस्यों ने Meta से पूछा कि प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने का फ़ैसला किसने लिया और इसे क्यों हटाया गया, जबकि प्लेटफॉर्म पर दूसरे आपत्तिजनक कंटेंट मौजूद थे। सदस्यों ने एल्गोरिदम के पक्षपाती होने और आम यूजर्स की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अगर प्रधानमंत्री का वीडियो भी हटाया जा सकता है, तो आम लोगों के कंटेंट की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में Meta के प्रतिनिधियों ने इस घटना पर खेद जताया और संसदीय समिति से माफी मांगी। हालांकि, समिति के सदस्यों का कहना था कि केवल माफी काफी नहीं है। इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए।

सरकार की जांच-पड़ताल तेज हुई

यह घटनाक्रम तब हुआ है जब MeitY ने Meta की ग्लोबल टीम को PM मोदी के वीडियो से जुड़े विवाद, कथित एल्गोरिदम बायस (पक्षपात), प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) और वेरिफाइड अकाउंट्स की सुरक्षा के उपायों पर चर्चा के लिए बुलाया है। सरकार सोशल मीडिया कंपनी की जांच-पड़ताल तेज कर रही है, इसलिए ये बैठकें दो दिनों तक चलेंगी।

संसदीय समिति की इस बैठक में Meta, Google, YouTube और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ MeitY और केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह पूरी कवायद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही, ऑनलाइन सुरक्षा और भारतीय कानूनों के पालन की समीक्षा के तहत की जा रही है।

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