RBI MPC Meeting August 2026: 10 बजे RBI गवर्नर करेंगे बड़ा ऐलान! जानिए कहां देखें पॉलिसी का लाइव टेलीकास्ट

RBI Monetary Policy Committee Live Updates: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक का फैसला आज यानी बुधवार, 5 अगस्त 2026 को आने वाला है। देश के करोड़ों बैंक ग्राहक, होम लोन की EMI चुकाने वाले आम लोग और शेयर बाजार के निवेशक इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 10 बजे मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे।

कब और कहां देखें RBI गवर्नर का संबोधन LIVE?

तारीख और समय: बुधवार, 5 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे पॉलिसी का ऐलान होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस: दोपहर 12:00 बजे RBI गवर्नर मीडिया से रूबरू होंगे।

कहां देखें लाइव: RBI गवर्नर का यह संबोधन रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, उसके आधिकारिक YouTube चैनल और X हैंडल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

अगस्त पॉलिसी से क्या हैं बाजार की उम्मीदें?

मनीकंट्रोल के पोल में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि छह सदस्यीय एमपीसी लगातार चौथी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी। वर्तमान में रेपो रेट 5.25% पर है और इसके इसी स्तर पर बरकरार रहने की पूरी संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल अनिश्चितताओं और मिडिल ईस्ट के संघर्ष को देखते हुए केंद्रीय बैंक फिलहाल सतर्कता भरा रुख अपना सकता है।

जून की पिछली MPC बैठक में क्या हुआ था?

इससे पहले 3 से 5 जून 2026 के बीच हुई MPC बैठक में भी RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा था और अपना रुख ‘न्यूट्रल’ बरकरार रखा था। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट को 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट को 5.5% पर बरकरार रखा गया था। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 6.6% और रिटेल महंगाई 5.1% रहने का अनुमान जताया है।

जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावटें बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को झेलने के लिए पूरी तरह मजबूत है।

आम जनता के लिए क्यों अहम है RBI MPC बैठक?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक कमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है। अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा होता है, जिससे आपके होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI बढ़ जाती है। वहीं, रेपो रेट स्थिर रहने से आपकी EMI पर तुरंत कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता और एफडी (FD) के निवेशकों को भी स्थिर रिटर्न की गारंटी मिलती रहती है।

अगर आप RBI गवर्नर के इस बड़े ऐलान की हर छोटी-बड़ी अपडेट, लोन की EMI पर असर और शेयर बाजार का रिएक्शन सबसे पहले पाना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल हिन्दी के इस लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें।

Vijay Varma: ‘वह गलत तरीके से छूने की कोशिश कर रहा था’, विजय वर्मा ने मॉडल कोऑर्डिनेटर के साथ हुए डरावने एक्सपीरिएंस को किया याद

Vijay Varma: विजय वर्मा ने हिंदी सिनेमा में सबसे भरोसेमंद कलाकारों में से एक के तौर पर अपनी खास जगह बनाई है। इतने सालों में, उन्होंने अपनी अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने की काबिलियत से दर्शकों को प्रभावित किया है और वे आसानी से बिल्कुल अलग-अलग किरदारों में ढल जाते हैं। चाहे मुख्य किरदार हो या सहायक भूमिका, इस एक्टर ने हमेशा अपनी एक्टिंग से लोगों पर गहरी छाप छोड़ी है। हालांकि, उनकी कामयाबी का सफ़र आसान नहीं था। हाल ही में एक इंटरव्यू में, विजय ने शोहरत मिलने से पहले के मुश्किल दिनों को याद किया और बताया कि कैसे करियर की शुरुआत में एक मॉडलिंग कोऑर्डिनेटर के साथ हुए बुरे अनुभव ने लगभग उनका आत्मविश्वास तोड़ दिया था।

अपने YouTube चैनल पर प्रखर गुप्ता से बात करते हुए, विजय वर्मा ने बताया कि कैसे एक “अजीब मॉडल कोऑर्डिनेटर” ने उनके साथ बदतमीज़ी शुरू कर दी और उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करने लगा। एक्टर ने कहा, “मैंने हैदराबाद में मॉडलिंग करने की कोशिश की, बस छोटे-मोटे, शौकिया लेवल का काम था। लेकिन मेरी मुलाक़ात एक अजीब मॉडल कोऑर्डिनेटर से हुई। उसने मेरे साथ थोड़ी बदतमीज़ी शुरू कर दी, जैसे मुझे गलत तरीके से छूने की कोशिश करना। मैंने कहा, ‘भाई, यह क्या है? तुम क्या कर रहे हो?’ तो मैं तुरंत निराश हो गया। जब आप नए होते हैं, तो बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं। फिर मैंने सोचा कि मुझे इसका डटकर सामना करना चाहिए। अगर मुझे एक्टिंग ही करनी है, तो मुझे यह करना ही होगा।”

विजय ने आगे बताया कि उन्होंने एक बार एक्टिंग सीखने के लिए हैदराबाद के ‘सूत्रधार स्कूल ऑफ़ एक्टिंग’ से संपर्क किया था, लेकिन उनकी रिक्वेस्ट ठुकरा दी गई। एक्टर के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ने उनसे कहा कि एक्टिंग के लिए कमिटमेंट और डेडिकेशन की ज़रूरत होती है; यह ऐसी चीज़ नहीं है जिसे कुछ दिन करके छोड़ दिया जाए। उस घटना को याद करते हुए विजय ने माना कि उस समय उन्हें निराशा हुई थी, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें खुद को साबित करने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “फिर मैंने FTII में अप्लाई किया। मुझे पता चला कि वहां दो साल का एक्टिंग कोर्स होता है। मैंने अप्लाई किया, फ़ाइनल राउंड तक पहुंचा, लेकिन रिजेक्ट हो गया। और पहली बार मुझे एहसास हुआ कि आपके सपने पूरी तरह आपके हाथ में नहीं होते। ऐसा नहीं है कि आप कुछ चाहें और वह आपको अपने-आप मिल जाए। ऐसा नहीं होता।”

शुरुआती मुश्किलों से मिले सबक को याद करते हुए विजय ने कहा कि इन अनुभवों से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि बाहरी दुनिया घर के आरामदायक माहौल से बहुत अलग तरह से काम करती है। उन्होंने बताया, “जब आप बड़े हो रहे होते हैं, तो आपको एक तरह का हक महसूस होता है। आपके माता-पिता और परिवार आपके साथ होते हैं, और हर चीज़ का ध्यान रखा जाता है। आपको जो चाहिए होता है, वह मिल जाता है। आखिरकार, आपको अपनी मनचाही चीज़ मिल ही जाती है। लेकिन फिर आपको एहसास होता है कि बाहरी दुनिया में अपनी मनचाही चीज़ पाना आसान नहीं है, चाहे वह कॉलेज में सीट पाना हो या अपनी पसंद का काम करना हो।”

बाद में विजय ने ‘फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया’ (FTII) में फिर से अप्लाई किया और आखिरकार उन्हें इसके एक्टिंग प्रोग्राम में दाखिला मिल गया। यह उनके एक्टर बनने के सफ़र में एक बहुत बड़ा मोड़ साबित हुआ।

5 लगातार मेडन ओवर में 5 पाकिस्तानी टेस्ट विकेट, कैरिबियाई गेंदबाज का कहर (Video)

वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रीव्स ने सोमवार को एक ऐसा कारनामा कर दिया जिससे उनका नाम टेस्ट इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट में लगातार 5 मेडन ओवर डालकर 5 विकेट निकाले। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले वह पहले गेंदबाज बन गए। उनके इस स्पेल से वेस्टइंडीज को दूसरे दिन पाकिस्तान पर पहली पारी के आधार पर 29 रनों की बढ़त मिल गई जबकि पाक टीम 3 विकेट खोकर 199 रनों पर औसत स्थिति पर थी।

कुल 11 ओवर में उन्होंने 6 मेडन ओवर डालकर सिर्फ 27 रन दिए और 5 पाकिस्तानी बल्लेबाज को चलता किया। पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद 88 रन बनाकर नाबाद थे और उन्होंने अपना शतक पूरा किया।पाकिस्तान ने अपने छह विकेट 38 रन पर गंवा दिए। इस तरह से शान मसूद (109) के सातवें टेस्ट शतक के बावजूद पाकिस्तान की टीम अपनी पहली पारी में 282 रन पर आउट हो गई।

इसके बाद पाकिस्तान के गेंदबाजों ने भी कहर बरपाया और पहली पारी में 311 रन बनाने वाले वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को नहीं चलने दिया। पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद अब्बास ने अभी तक 14 रन देकर तीन विकेट लिए हैं जबकि खुर्रम शहजाद ने दो विकेट हासिल किए हैं।वेस्टइंडीज की तरफ से तेगनारायण चंद्रपाल ही कुछ संघर्ष कर पाए। उन्होंने 35 रन बनाए।

बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने के बाद भी नहीं छोड़ा सपना, लगातार मेहनत कर IIT बॉम्बे तक पहुंचा छात्र

बोर्ड परीक्षा के नतीजे अक्सर छात्रों के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। कई बार कम अंक आने पर विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि उनका भविष्य अब बेहतर नहीं हो सकता। लेकिन सच यह है कि किसी एक परीक्षा का परिणाम पूरी जिंदगी तय नहीं करता। सही दिशा, लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा किसी भी असफलता को सफलता में बदल सकता है। ऐसे ही एक छात्र की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। 10वीं में उम्मीद से काफी कम अंक मिलने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी कमियों को पहचाना, पढ़ाई का तरीका बदला और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा।

समय के साथ उसकी मेहनत रंग लाई और उसने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर IIT बॉम्बे तक का सफर तय किया। उसकी यह कहानी साबित करती है कि सफलता अंकों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से मिलती है।

10वीं के नतीजे ने दिया बड़ा झटका

जैनेंद्रजीत ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों की उम्मीद की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद से बिल्कुल अलग रहा। उसे कुल 54% अंक मिले। गणित में 41 और विज्ञान में 48 अंक आने से वह काफी निराश हुआ। रिजल्ट देखने के बाद उसे कुछ देर तक यकीन ही नहीं हुआ कि ये उसके ही नंबर हैं।

बीमारी बनी पढ़ाई में सबसे बड़ी रुकावट

बोर्ड परीक्षा से पहले जैनेंद्रजीत करीब 40 से 50 दिनों तक बेड रेस्ट पर रहा। लंबी बीमारी के कारण उसकी तैयारी प्रभावित हुई। वहीं उसके कई दोस्तों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, जिससे उसे अपनी कमियों का एहसास हुआ।

हार नहीं मानी, खुद को बदलने का लिया फैसला

निराश होने के बजाय उसने खुद से कहा, “यह मेरी असली पहचान नहीं है, मैं इससे बेहतर कर सकता हूं।” इसी सोच ने उसे आगे बढ़ने की ताकत दी। उसने तय किया कि अब बहाने नहीं, सिर्फ मेहनत ही उसकी पहचान बनेगी।

बदली पढ़ाई की पूरी रणनीति

11वीं में पहुंचने के बाद जैनेंद्रजीत ने पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल दिया। उसने तय समय पर पढ़ाई शुरू की, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई करने लगा। उसका मानना था कि सिर्फ लंबे समय तक पढ़ना काफी नहीं, बल्कि सही तरीके से पढ़ना ज्यादा जरूरी है।

क्लास से पहले ही समझ लेता था पूरा टॉपिक

उसने एक नई आदत अपनाई। क्लास में पढ़ाए जाने वाले विषय को पहले ही YouTube के जरिए समझ लेता था। इससे लेक्चर के दौरान कॉन्सेप्ट आसानी से समझ आते थे और पढ़ाई ज्यादा प्रभावी हो गई।

रोजाना बनाता था छोटे-छोटे लक्ष्य

बिना योजना के पढ़ाई करने के बजाय उसने हर दिन के छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए। हर चैप्टर पूरा होने के बाद Previous Year Questions (PYQs) हल करता था। इससे परीक्षा का पैटर्न समझने और सवाल हल करने की क्षमता मजबूत हुई।

मेहनत ने बदली किस्मत

लगातार मेहनत और अनुशासन का नतीजा यह रहा कि जैनेंद्रजीत ने JEE Main 2023 में 99.98 पर्सेंटाइल हासिल किया। इसके बाद JEE Advanced में AIR 349 रैंक के साथ IIT बॉम्बे के प्रतिष्ठित कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला मिला।

मेहनत हर चीज पर भारी पड़ती है’

अपनी सफलता पर जैनेंद्रजीत ने कहा, “अगर जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना है तो बहाने नहीं, मेहनत करनी होगी। मेहनत हर चीज पर भारी पड़ती है।”

सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ

यूट्यूब पर अपनी कहानी साझा करने के बाद हजारों लोगों ने उसकी सराहना की। किसी ने लिखा, “Hard work pays off,” तो किसी ने उसकी हिम्मत और समर्पण को सलाम किया। कई छात्रों ने कहा कि उसकी कहानी उन्हें मुश्किल हालात में भी अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहने की प्रेरणा देती है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की गई यूजर-जनरेटेड सामग्री पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

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700 बार रिजेक्ट हुआ, फिर भी नहीं मानी हार… आज 22 LPA की नौकरी कर रहा है ये युवक

कैरियर में बदलाव का फैसला अक्सर आसान नहीं होता। इसके साथ अनिश्चितता, नई चुनौतियां और खुद को फिर से साबित करने का दबाव भी जुड़ा होता है। कई लोग सुरक्षित रास्ता चुनते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने सपनों के लिए जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते। नई स्किल्स सीखना, लगातार मेहनत करना और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। हाल ही में ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। एक 24 वर्षीय युवक ने अपने संघर्ष, करियर बदलने के फैसले और सफलता तक पहुंचने के सफर को साझा किया।

उसकी कहानी बताती है कि सही दिशा में लगातार प्रयास, धैर्य और सीखने की इच्छा हो तो सीमित संसाधन या अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बनती। यही वजह है कि आज उसकी यह कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

CAT की तैयारी छोड़ चुना अलग रास्ता

2022 में BBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवक CAT परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन उसे लगा कि अच्छे बिजनेस स्कूल में दाखिला पाने के लिए कई साल लग सकते हैं। इसलिए उसने इंतजार करने के बजाय नया रास्ता चुनने का फैसला किया।

बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के सीखी Data Science

युवक ने Data Science में करियर बनाने का फैसला किया, जबकि उसके पास न इंजीनियरिंग की डिग्री थी और न ही कोडिंग का अनुभव। उसने करीब डेढ़ साल तक YouTube और Udemy की मदद से SQL, Python और अन्य जरूरी स्किल्स सीखी।

उसके मुताबिक, यह दौर बेहद कठिन था। जहां उसके दोस्त नौकरी कर रहे थे या विदेश पढ़ाई के लिए जा रहे थे, वहीं वह रोज घंटों बैठकर कोडिंग सीख रहा था।

अकेलापन, तनाव और Panic Attacks ने बढ़ाई मुश्किलें

सिर्फ पढ़ाई ही चुनौती नहीं थी। गैर-तकनीकी बैकग्राउंड होने की वजह से लोगों की आलोचना, परिवार और दोस्तों का कम समर्थन और भविष्य की चिंता उसे लगातार परेशान करती रही। उसने बताया कि कई बार रात में घबराहट और Panic Attacks तक आते थे।

700 से ज्यादा आवेदन, फिर मिली पहली नौकरी

नई स्किल्स सीखने के बाद भी नौकरी मिलना आसान नहीं था। अधिकांश HR इंटरव्यू से पहले ही उसका रिज्यूमे रिजेक्ट कर देते थे क्योंकि उसके पास टेक्निकल डिग्री और अनुभव नहीं था। करीब 700 से अधिक आवेदन करने के बाद उसे पहली नौकरी मिली, जहां उसकी सैलरी 25 हजार रुपये प्रति माह थी।

पहली नौकरी भी छूटी, दो महीने की सैलरी भी नहीं मिली

सिर्फ तीन महीने बाद स्टार्टअप में काम खत्म होने की वजह से उसकी नौकरी चली गई। इतना ही नहीं, कंपनी ने आखिरी दो महीने का वेतन भी नहीं दिया। उसने यह बात घरवालों से भी छिपाकर रखी और अगले ही दिन फिर से नौकरी की तलाश शुरू कर दी।

दूसरी नौकरी से मिली नई उड़ान

करीब चार महीने बाद उसे 6 LPA की नौकरी मिली। यहां काम करते हुए उसने लगातार नई स्किल्स सीखीं और लगभग 1.7 साल बाद बेहतर अवसर की तलाश में नौकरी बदली।

इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि आज वह एक अमेरिकी MNC में 22 LPA के पैकेज पर काम कर रहा है।

इन स्किल्स ने दिलाई बड़ी सफलता

युवक के अनुसार Data Analyst बनने के लिए इन स्किल्स पर मजबूत पकड़ जरूरी है—

  • SQL
  • Python
  • Power BI
  • Tableau
  • Communication Skills

उसका कहना है कि इंटरव्यू में सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपने विचार स्पष्ट तरीके से रखना भी बेहद जरूरी होता है।

नौकरी पाने के लिए अपनाई ये खास रणनीति

उसने बताया कि केवल ऑनलाइन आवेदन करना काफी नहीं होता। उसने अपना रिज्यूमे ATS फ्रेंडली बनाया, हर जॉब पोस्ट के मुताबिक जरूरी Keywords जोड़े और LinkedIn पर संबंधित कंपनियों के कर्मचारियों से Referral भी मांगा। इसी रणनीति से उसे कई इंटरव्यू कॉल मिले।

अब खुद की कंपनी बनाने का सपना

24 वर्षीय युवक का अगला लक्ष्य अपनी खुद की कंपनी शुरू करना है, जो Data Science और Analytics Solutions उपलब्ध कराए। उसका मानना है कि लगातार सीखने और मेहनत करने से किसी भी बैकग्राउंड का व्यक्ति अपने करियर में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

फ्रांस बना पहला EU देश, जहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, जानें दुनिया में क्या हैं उम्र के नियम

France Social Media Ban: फ्रांस यूरोपीय संघ (EU) का पहला देश बन गया है, जिसने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। यह नियम इस साल सितंबर से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और जनवरी 2027 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा।

दुनियाभर में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की उम्र सीमा क्या है? News18 की पूरी जानकारी

फ्रांस में सोशल मीडिया बैन

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के समर्थन से लागू किए जा रहे इस नियम के तहत, फ्रांस ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की तैयारी की है। इसे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए डिजिटल दुनिया में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस बैन की खास संरचनात्मक, कानूनी और ऑपरेशनल डिटेल्स इस प्रकार हैं:

सितंबर 2026 (पहला चरण): सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 15 साल से कम उम्र के बच्चों के नए अकाउंट बनाने पर रोक लगानी होगी। सभी नए रजिस्ट्रेशन पर अनिवार्य रूप से उम्र की पुष्टि (age-verification) करने वाले कंट्रोल लागू होंगे।

जनवरी 2027 (दूसरा चरण): यह पाबंदी पहले से मौजूद सभी अकाउंट्स पर भी लागू होगी। सोशल मीडिया कंपनियों को 15 साल से कम उम्र के यूजर्स के सभी एक्टिव अकाउंट्स को हटाना या पूरी तरह से सस्पेंड करना होगा।

TikTok, Instagram, Snapchat और YouTube पर सख्ती

TikTok, Instagram, Snapchat और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म को उम्र की पुष्टि करने के लिए सख्त नियम लागू करने होंगे। इन टूल्स की जांच और मंजूरी फ्रांस के प्राइवेसी और डेटा रेगुलेटर द्वारा की जाएगी।

बता दें कि फ्रांस के डिजिटल मामलों का मंत्रालय उन कमर्शियल सोशल नेटवर्किंग सेवाओं की एक खास सूची बना रहा है जिन पर प्रतिबंध लागू होगा। इसमें ऐसे प्लेटफॉर्म पर ध्यान दिया जा रहा है जिनके एल्गोरिदम बहुत ज्यादा लत लगाने वाले हैं।

हालांकि, इस प्रतिबंध में साफ तौर पर नॉन-कमर्शियल डिजिटल रिसोर्स को शामिल नहीं किया गया है। 15 साल से कम उम्र के बच्चे अभी भी ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया (जैसे Wikipedia), एजुकेशनल टूल्स और साइंटिफिक डायरेक्टरी का पूरा इस्तेमाल कर सकेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी और जांच की जिम्मेदारी फ्रांस के ऑडियोविजुअल और डिजिटल कम्युनिकेशन रेगुलेटर Arcom को दी जाएगी।

इस डिजिटल बैन के साथ-साथ, नए कानून में एक और बड़ा फैसला शामिल किया गया है। इसके तहत फ्रांस के सभी हाई स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की नीति तुरंत लागू की जाएगी।

क्यों लाया गया सोशल मीडिया बैन कानून?

यह कानूनी कदम फ्रांस की हेल्थ वॉचडॉग की एक विस्तृत रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। इस रिपोर्ट में पता चला है कि 12 से 17 साल की उम्र के लगभग 90% बच्चे रोजाना स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, और इनमें से आधे से ज्यादा बच्चे दिन में पांच घंटे तक ऑनलाइन बिताते हैं।

ऐसे में कई फ्रांसीसी परिवारों ने बड़ी टेक कंपनियों पर एल्गोरिदम के जरिए बच्चों को ज्यादा समय तक ऑनलाइन रखने, गंभीर मानसिक तनाव, डिप्रेशन और युवाओं में खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी समस्याओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मुकदम किए थे। साथ ही प्रोडक्ट की जवाबदेही को लेकर गंभीर चिंताएं भी जताई थीं। जिसके बाद संसद में इस कानून को तेजी से आगे बढ़ाया गया।

दुनियाभर में सोशल मीडिया इस्तेमाल की उम्र सीमा

ऑस्ट्रेलिया

न्यूनतम उम्र: 16 साल

दिसंबर 2024 में सख्त कानून पास किया गया। इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को हटाना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर कंपनियों पर 5 करोड़ ऑस्ट्रेलियन डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

यूनाइटेड किंगडम

न्यूनतम उम्र: 16 साल

देशभर में लागू होने वाला प्रतिबंध जनवरी 2027 से लागू किए जाने की योजना है।

फ्रांस

न्यूनतम उम्र: 15 साल

फ्रांस ने कानून पास कर दिया है। इसके तहत सितंबर 2026 से नए अकाउंट और जनवरी 2027 से पुराने अकाउंट भी इस नियम के दायरे में आएंगे।

स्पेन

न्यूनतम उम्र: 16 साल

16 साल से कम उम्र के लोगों की पहुंच सीमित करने के लिए सरकार ने प्रस्तावित प्रतिबंधों की घोषणा की है।

ग्रीस और डेनमार्क

न्यूनतम उम्र: 15 साल / स्थानीय नियमों के अनुसार अलग-अलग

इन देशों की सरकारों ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध जैसे नियम लागू करने की योजनाएं पेश की हैं।

यूरोपीय संघ (EU)

न्यूनतम उम्र: 13 से 16 साल

EU में सोशल मीडिया उम्र सीमा डिजिटल सर्विसेज एक्ट और GDPR जैसे नियमों के तहत तय होती है। हर देश डिजिटल उम्र की अपनी सीमा खुद तय करता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

न्यूनतम उम्र: 13 साल

यग COPPA (चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट) कानून के तहत नियंत्रित। इसके अनुसार, 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा इकट्ठा करने के लिए माता-पिता की सहमति जरूरी है।

Samsung Galaxy Unpacked 2026: Z Fold 8 Ultra से Android XR Glasses तक, जानें क्या-क्या होगा लॉन्च?

Samsung Galaxy Unpacked 2026: Samsung बस कुछ ही घंटों में अपने नए जनरेशन के फोल्डेबल स्मार्टफोन पेश करने वाला है। दक्षिण कोरियाई स्मार्टफोन कंपनी आज रात लंदन में अपना ‘Galaxy Unpacked 2026’ इवेंट आयोजित करेगी। उम्मीद है कि इस इवेंट में ‘Galaxy Z Fold 8’ लाइनअप के साथ-साथ नई Galaxy स्मार्टवॉच और शायद इसके Android XR स्मार्ट ग्लास भी पेश किए जाएंगे। हालांकि, Samsung ने फाइनल प्रोडक्ट लाइनअप के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन लीक से पहले ही काफी कुछ पता चल गया है कि कंपनी क्या-क्या लॉन्च कर सकती है। अब आइए हम आपको Samsung Galaxy Unpacked 2026 इवेंट से जुड़ी वो जानकारी देते हैं, जहां आपको पता चलेगा की लाइवस्ट्रीम कब और कहां देखें और इस इवेंट से क्या उम्मीद की जा सकती है।

सैमसंग क्या लॉन्च कर सकता है?

कई लीक के अनुसार, यह टेक कंपनी तीन फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है: Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8।

माना जा रहा है कि Galaxy Z Fold 8 Ultra Samsung का अब तक का सबसे प्रीमियम फोल्डेबल फोन होगा, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग 2,09,990 रुपये हो सकती है। स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 की शुरुआती कीमत लगभग 1,84,999 रुपये होने की उम्मीद है, जबकि Galaxy Z Flip 8 की शुरुआती कीमत लगभग 1,34,999 रुपये हो सकती है।

वहीं, फोल्डेबल डिवाइस के साथ-साथ, ऐसी भी चर्चा है कि कंपनी Galaxy Watch 9 और Galaxy Watch Ultra 2 भी लॉन्च कर सकती है। हालिया लीक से यह भी पता चलता है कि इन दोनों स्मार्टवॉच में Qualcomm का नया Snapdragon Wear Elite चिपसेट और बड़ी बैटरी हो सकती है, जबकि इनकी डिस्प्ले पिछली जनरेशन जैसी ही रहेगी।

इसके अलावा, एक और प्रोडक्ट है जिसे लेकर काफी उत्साह है और वह है सैमसंग के Android XR Glasses। उम्मीद है कि यह वियरेबल डिवाइस AI-पावर्ड कॉन्टेक्चुअल अवेयरनेस के लिए काफी हद तक Google Gemini पर निर्भर करेगा, और इसमें लगे कैमरे सीन को पहचानने और वीडियो कैप्चर करने में मदद करेंगे।

Galaxy Unpacked 2026: तारीख, समय और लाइवस्ट्रीम की जानकारी

दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी ने लंदन में बुधवार, 22 जुलाई को Galaxy Unpacked 2026 इवेंट तय किया है। यह इवेंट दोपहर 2:00 बजे BST (शाम 6:30 बजे IST) शुरू होगा और इसे दुनिया भर में लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। जो लोग इसे देखना चाहते हैं, वे Samsung.com और Samsung के ऑफिशियल YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

उम्मीद है कि Samsung इस इवेंट में अपने नए फोल्डेबल डिवाइस दिखाएगा और नए वियरेबल्स और AI-पावर्ड प्रोडक्ट्स के साथ अपने प्रीमियम Galaxy इकोसिस्टम का पेश करेगा।

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Skyroot Vikram-1: भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ऐतिहासिक उड़ान को तैयार, जानें कब और कहां से देखें इसकी लॉन्चिंग

Skyroot Vikram-1 Update: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज 18 जुलाई का दिन एक स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। देश की निजी स्पेस एजेंसी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले पूर्ण विकसित और स्वदेशी ऑर्बिटल-क्लास (कक्षीय श्रेणी) रॉकेट विक्रम-1 को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस ऐतिहासिक मिशन को मिशन आगमन नाम दिया गया है। ये वैश्विक लॉन्चिंग कारोबार में भारत के प्राइवेट सेक्टर की धमाकेदार एंट्री का प्रतीक बनने जा रहा है। यह पहली बार होगा जब पूरी तरह से किसी निजी कंपनी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया ऑर्बिटल-श्रेणी का रॉकेट भारतीय धरती से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेगा।

आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी और आप इसे घर बैठे लाइव कैसे देख सकते हैं।

कब और कहां से होगी लॉन्चिंग?

विक्रम-1 रॉकेट की यह पहली टेस्ट फ्लाइट आज यानी शनिवार को सुबह 11:30 बजे उड़ान भरेगी। यह 7 मंजिला ऊंचा रॉकेट आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) के ऐतिहासिक ‘प्रथम लॉन्च पैड’ से गरजना भरते हुए अंतरिक्ष की ओर रवाना होगा।

घर बैठे कहां और कैसे देखें लाइव लॉन्चिंग?

यदि आप भारत के इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहते हैं, तो स्काईरूट एयरोस्पेस इस पूरे इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग करने जा रहा है। कंपनी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जानकारी दी है कि भारत के इस पहले प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च को आज YouTube पर लाइव देखा जा सकता है। आप नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक पर जाकर अपना रिमाइंडर सेट कर सकते हैं और सीधे लाइव लॉन्चिंग देख सकते हैं-

स्काईरूट विक्रम-1 लॉन्च लाइव यूट्यूब लिंक (https://www।youtube।com/live/-lLd1cI7v0U)

अंतरिक्ष जाएगा पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश

इस मिशन की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि ‘विक्रम-1’ अपने साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद खास संदेश लेकर अंतरिक्ष जा रहा है। स्काईरूट एयरोस्पेस के मुताबिक, इस टेस्ट फ्लाइट के विशेष पेलोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने हाथों से लिखा गया एक पोस्टकार्ड शामिल है। इस पोस्टकार्ड पर वंदे मातरम लिखा हुआ है जिस पर पीएम मोदी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। इस हस्तलिखित पोस्टकार्ड पर 26 जून 2026 की तारीख दर्ज है।

कितना शक्तिशाली है ‘विक्रम-1’ और क्या है इसकी खासियत?

इस रॉकेट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले महान वैज्ञानिक डॉ विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। नवंबर 2022 में स्काईरूट द्वारा लॉन्च किए गए विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट की सफलता के बाद यह कंपनी का अगला सबसे बड़ा मील का पत्थर है। विक्रम-एस केवल सबऑर्बिटल फ्लाइट पर गया था (जो कुछ समय के लिए अंतरिक्ष में जाकर वापस आ गया था) लेकिन विक्रम-1 एक ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है। इसका मतलब है कि यह सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की एक निश्चित और स्थिर कक्षा में स्थापित करने में सक्षम है।

इस मिशन के तहत रॉकेट का लक्ष्य 60° झुकाव पर 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) तक पहुंचना है। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक के छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की निचली कक्षा (LEO) में ले जाने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। 7 मंजिला ऊंचे इस बहु-चरणीय रॉकेट का निर्माण पूरी तरह से कार्बन-मिश्रित संरचना से किया गया है। इसे ताकत देने के लिए कंपनी का खुद का प्रोपल्शन सिस्टम लगा है जिसमें 3D-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं।

इस टेस्ट फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य क्या है?

स्काईरूट एयरोस्पेस के अनुसार, 18 जुलाई की यह उड़ान मुख्य रूप से एक टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन (तकनीकी प्रदर्शन) फ्लाइट है। इसका मुख्य मकसद यह जांचना है कि स्काईरूट की बनाई गई तकनीक और उसके ऑनबोर्ड सिस्टम असल उड़ान की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। इस मिशन के दौरान जो भी डेटा मिलेगा, उसका इस्तेमाल कंपनी अपनी तकनीक को गहराई से सीखने, उसमें सुधार करने, भविष्य के वर्शन्स को और बेहतर बनाने और नियमित लॉन्च ऑपरेशन्स स्थापित करने की अपनी योजनाओं को सहारा देने के लिए करेगी।

इस ऐतिहासिक मिशन में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कंपनियों जैसे ग्रेहा स्पेस, डीक्यूब्ड और कॉस्मोसर्व के कई तकनीकी प्रदर्शन पेलोड भी शामिल हैं, जो देश के स्पेस इकोसिस्टम में प्राइवेट प्लेयर्स की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।

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सौरव जोशी के E20 फ्यूल वाले वायरल वीडियो के बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने जारी किया बयान, कस्टमर्स को बताईं ये जरूरी बातें

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के ऑफिशियल हैंडल ने कहा कि “सभी मर्सिडीज-बेंज पेट्रोल BS VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ पूरी तरह से इस्तेमाल के लायक हैं और संबंधित अधिकारियों ने इसे सर्टिफाइड भी किया है।” भारत के पॉपुलर डेली व्लॉगर सौरव जोशी ने हाल ही में YouTube पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी मर्सिडीज-बेंज लग्जरी गाड़ी का माइलेज सिर्फ दो दिनों में 17 से घटकर 5 हो गया।

उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी की एफिशिएंसी सिर्फ 48 घंटों में बहुत ज़्यादा गिर गई है। जोशी ने अपने दर्शकों से कहा, “कल मैंने आपको दिखाया था कि हमारी कार का माइलेज 17 से सीधे 9 पर आ गया था।” उन्होंने आगे कहा, “और क्या आपको पता है कि आज यह कितना हो गया है? आज यह पाच पर पहुंच गया है… इसे देखिए, यह पांच का माइलेज दिखा रहा है।”

जोशी ने इसके लिए लोकल फिलिंग स्टेशनों पर मिलने वाले फ्यूल को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “एथेनॉल की वजह से ही ऐसा हुआ है।” व्लॉगर ने बताया कि पहले पेट्रोल की एक फुल टैंक से गाड़ी लगभग 800 किलोमीटर तक चलती थी, लेकिन अब रिफिलिंग के बाद अनुमानित रेंज सिर्फ 480 किलोमीटर ही दिखाती है। उन्होंने कहा कि रेंज में आई इस भारी कमी की वजह से उन्हें जर्मन SUV के पेट्रोल इंजन में संभावित मैकेनिकल खराबी की चिंता हो रही है।

उन्होंने कहा, “पता नहीं यह कार कब खराब हो जाए… आजकल पेट्रोल भरवाने में भी बहुत डर लगता है।” जोशी ने यह भी बताया कि उनके पास G-Wagon (एक और मर्सिडीज SUV) का इलेक्ट्रिक वर्जन है, जिससे उन्हें इथेनॉल से जुड़ी चिंताओं की कोई फिक्र नहीं रहती। जोशी का वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के कुछ ही समय बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने ग्राहकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की। हालांकि इस बयान में जोशी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन इसमें E20 पेट्रोल को लेकर उनकी चिंताओं का जिक्र किया गया।

जर्मन कार कंपनी ने कहा, “मर्सिडीज़-बेंज के लिए ग्राहकों की सुरक्षा, गाड़ी की भरोसेमंदता और परफॉर्मेंस सबसे जरूरी हैं। मर्सिडीज-बेंज की सभी पेट्रोल BS VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से सही हैं और संबंधित अधिकारियों ने उन्हें इसके लिए सर्टिफाई भी किया है।”

“हम ग्राहकों की किसी भी तकनीकी सवाल में मदद करने के लिए तैयार हैं। मर्सिडीज-बेंज सस्टेनेबल मोबिलिटी (पर्यावरण के अनुकूल परिवहन) के लिए प्रतिबद्ध है।”E20 फ्यूल एक मिला-जुला मोटर फ्यूल है जिसमें 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। भारत में E20 फ्यूल को बढ़ावा देने का मुद्दा विवादित हो गया है क्योंकि ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि इससे पुरानी गाड़ियों (जो इसके लिए नहीं बनी हैं) के इंजन खराब हो सकते हैं और माइलेज भी कम हो सकता है।

हालांकि, शुक्रवार को सरकार ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल प्रोग्राम का बचाव किया। सरकार ने इंजन खराब होने और माइलेज कम होने की चिंताओं के बीच कहा कि इस स्कीम से चीनी अर्थव्यवस्था को मदद मिली है, किसानों की आय बढ़ी है और 2014-15 से देश के ₹1.90 लाख करोड़ से ज़्यादा विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

Imtiaz Ali Daughter Engaged: कौन हैं कृष अग्रवाल? नॉर्वे के बीच पर इम्तियाज अली की बेटी इदा को पहनाई डायमंड रिंग

Imtiaz Ali Daughter Engaged: फिल्ममेकर और राइटर इदा अली के लिए प्यार का मौसम है। मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली की बेटी ने अपने लंबे समय से बॉयफ्रेंड रहे कृष अग्रवाल को ‘हां’ कह दिया है। उन्होंने एक बेहद प्यारे वीडियो के जरिए अपनी सगाई का ऐलान किया।

रविवार को इदा ने इंस्टाग्राम पर एक बहुत ही प्यारा वीडियो शेयर किया, जिसमें कपल का एक खास पल कैद था। इसने ऑनलाइन फैंस का दिल जीत लिया। वीडियो सिंपल होने के बावजूद दिल को छू लेने वाला है। इसकी शुरुआत पहाड़ों के बीच बसे एक शांत बीच के शॉट से होती है, जिसके बाद इदा अपनी डायमंड रिंग दिखाने के लिए अपना हाथ ऊपर उठाती हैं। फिर वह मुस्कुराती हुई दिखती हैं और जब उन्हें असलियत का एहसास होता है, तो वह कुछ पल के लिए अपना मुंह ढक लेती हैं। कुछ ही देर बाद, कृष भी फ्रेम में उनके साथ आ जाते हैं और कपल खूबसूरत नजारे के सामने एक खुशमिजाज सेल्फी के साथ इस पल को यादगार बना लेता है।

वीडियो शेयर करते हुए इदा ने पोस्ट का कैप्शन लिखा, “01/07/26 11pm Ytresand”। बाद में, इदा ने प्रपोजल की कई तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें इस खास पल को करीब से देखा जा सकता है। तस्वीरों में कृष एक घुटने पर बैठकर प्रपोज करते हुए दिख रहे हैं, जबकि बेहद खुश इदा का रिएक्शन साफ ​​तौर पर उत्साह से भरा है। एक खास तौर पर दिल को छू लेने वाली तस्वीर में वह हैरानी और खुशी से मुस्कुराती हुई दिख रही हैं, जब कृष सगाई की अंगूठी आगे बढ़ाते हैं।

जैसे ही इम्तियाज अली की बेटी ने यह खुशी की खबर शेयर की, कमेंट सेक्शन दोस्तों और फैन्स की बधाईयों से भर गया। इस कपल को बधाई देने वालों में ‘मैं वापस आऊंगा’ के उनके को-स्टार्स शरवरी और वेदांग रैना भी शामिल थे, जिन्होंने नए-नए इंगेज्ड हुए इस कपल को अपना प्यार और शुभकामनाएं भेजीं। ओरहान अवत्रामणि, मंजरी फडनीस और आलिया कश्यप ने भी आइडा और कृष को बधाई दी।

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इदा के उलट, कृष ज़्यादातर लाइमलाइट से दूर ही रहे हैं। हालांकि, वे इदा के सोशल मीडिया पर अक्सर दिखते रहे हैं। इदा कभी-कभी अपनी छुट्टियों, सेलिब्रेशन और ज़िंदगी के दूसरे खास पलों की झलकियां शेयर करती रही हैं। अब सगाई की बात तो पक्की हो गई है, लेकिन कपल ने अपनी शादी के प्लान के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है।

इडा ने कैलिफोर्निया की चैपमैन यूनिवर्सिटी के ‘डॉज कॉलेज ऑफ़ फ़िल्म एंड मीडिया आर्ट्स’ से फिल्ममेकिंग की पढ़ाई की है। 2021 में, उन्होंने अनुराग कश्यप की बेटी आलिया को लेकर YouTube पर एक शॉर्ट फिल्म बनाई थी। उन्होंने यह शॉर्ट फिल्म अपने स्कूल प्रोजेक्ट के लिए बनाई थी और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में इसके बारे में बात भी की थी।

‘गायत्री’ नाम की साढ़े तीन मिनट की इस फिल्म में आलिया मुख्य भूमिका में थीं। 2017 में, इदा ने ‘लिफ़्ट’ नाम की अपनी पहली शॉर्ट फ़िल्म लिखी और डायरेक्ट की थी। इम्तियाज़ ने इस शॉर्ट फ़िल्म को Facebook पर शेयर किया था। इदा, इम्तियाज और प्रीति अली की बेटी हैं। इम्तियाज और प्रीति का 2012 में तलाक हो गया था।

कृष अग्रवाल ने इदा अली का दिल जीता है, लेकिन वे बॉलीवुड की लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं। वे इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल के तौर पर अपना करियर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। वे हमेशा इदा के लिए सपोर्ट का जरिया रहे हैं और दोनों के बीच भरोसा, आपसी समझ और एक जैसी सोच पर आधारित मजबूत रिश्ता है। इदा ने अक्सर इंस्टाग्राम पर कृष के साथ पोस्ट शेयर किए हैं, लेकिन कभी उन्हें टैग नहीं किया।