Ameesha Patel: ‘हे भगवान….’, हार्दिक पांड्या संग नाम जुड़ने पर भड़की अमीषा पटेल

Ameesha Patel: हाल ही में अमीषा पटेल और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या को मुंबई के ताज महल पैलेस में देखा गया। सोशल मीडिया पर उनकी बातचीत का एक वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में ‘गदर’ एक्ट्रेस उन्हें अपने दोस्तों से मिलवाती हुई दिख रही हैं। एक X यूज़र ने यह क्लिप शेयर की और कहा कि उनकी बातचीत सिर्फ़ दोस्ती से कहीं ज़्यादा थी। अमीषा ने हार्दिक पांड्या के कंधे पर हाथ रखा था। अब अमीषा ने उस यूज़र को मजेदार जवाब दिया है और उस आम से हाव-भाव को रोमांस से जोड़ने के लिए उन पर तंज कसा है।

अमीषा पटेल ने हार्दिक पांड्या के साथ नाम जोड़े जाने पर यूज़र को आड़े हाथों लिया। X यूज़र ने अमीषा पटेल और हार्दिक पांड्या वाला वायरल वीडियो शेयर किया और लिखा, “बेंगलुरु के एक होटल में पार्टी के दौरान अमीषा पटेल ने जिस तरह हार्दिक पांड्या के कंधे पर हाथ रखा, उससे लगता है कि Reddit पर चल रही सारी अफ़वाहें सच हो रही हैं।”

अमीषा पटेल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर X यूज़र की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और क्रिकेटर के साथ अपना नाम जोड़े जाने पर उन्हें खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने उस यूज़र की सोच पर तंज कसते हुए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “बिल्कुल सही कहा। हे भगवान, तुम सही हो… सच में, जिस तरह से मेरा हाथ उन पर था, वह बहुत रोमांटिक था।”

ammisha

इसके बाद उन्होंने पोस्ट करने वाले व्यक्ति पर सीधा निशाना साधा। अमीषा ने लिखा, “मैं तुम्हें नहीं जानती, लेकिन पक्का तुम्हारी कोई दोस्त भी लड़की नहीं होगी। ऐसी चीज़ें पोस्ट करने से पहले तुम्हें किसी लड़की को दोस्त बनाना चाहिए…”

बता दें कि हार्दिक पांड्या मॉडल माहिका शर्मा को डेट कर रहे हैं। नताशा स्टेनकोविच से अलग होने के दो साल बाद, स्टार ऑलराउंडर माहिका के साथ रिश्ते में हैं । 10 अक्टूबर 2025 को, हार्दिक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर माहिका के साथ बीच पर अपनी एक फ़ोटो शेयर की और अपने रिश्ते को ‘इंस्टा-ऑफिशियल’ कर दिया।

अमीषा पटेल का वर्क फ्रंट

2023 में, अमीषा ‘गदर 2’ के लिए सनी देओल के साथ फिर से जुड़ीं और बॉक्स ऑफ़िस पर इतिहास रच दिया। उन्होंने फ़िल्म में सकीना का अपना मशहूर किरदार फिर से निभाया। इस सीक्वल में उत्कर्ष शर्मा, सिमरत कौर, मनीष वाधवा और गौरव चोपड़ा ने भी अहम भूमिकाएँ निभाईं। मई में, अमीषा पटेल ने कन्फर्म किया कि ‘गदर 3’ पर काम चल रहा है।

SBI Service Down: अचानक ठप हुई एसबीआई बैंक की ये बड़ी सेवाएं! UPI, IMPS और YONO से पेमेंट करने वालों के लिए जरूरी खबर

SBI Service Down: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ग्राहकों के लिए आज यानी रविवार (6 सितंबर) को एक अहम खबर सामने आई है। तकनीकी समस्या के चलते देश के सबसे बड़े बैंक की कुछ डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रुक-रुककर प्रभावित हो रही हैं। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, SBI UPI, IMPS और YONO सेवाओं में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि तकनीकी समस्या के कारण ये सेवाएं इंटरमिटेंट यानी बीच-बीच में प्रभावित हो रही हैं। बैंक के अनुसार, समस्या को दूर करने का काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि 6 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

ग्राहक फिलहाल क्या करें?

बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि जब तक डिजिटल सर्विस में आ रही परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक वे UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी अगर आपको तत्काल भुगतान करना है या कैश निकालने की जरूरत है, तो फिलहाल इन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बैंक ने जताया खेद

तकनीकी समस्या के कारण ग्राहकों को हो रही असुविधा पर बैंक ने खेद जताया है। स्टेट बैंक के आधिकारिक X हैंडल से एक पोस्ट में कहा गया, “तकनीकी खराबी के कारण, हमारी कुछ UPI, IMPS और YONO सेवाओं पर बीच-बीच में असर पड़ रहा है। सेवाएं 06.09.2026 को 12:30 बजे तक सामान्य हो जाएंगी। इस बीच, ग्राहकों को हमारी UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। असुविधा के लिए हमें खेद है और आपके धैर्य के लिए धन्यवाद।”

SBI बैंक ने ग्राहकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। SBI के एक अधिकारी ने कहा कि अगर UPI, IMPS या YONO से ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा है, तो बार-बार प्रयास करने के बजाय कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर UPI Lite या ATM का विकल्प इस्तेमाल करें।

ये भी पढ़ें- FY27 में SBI में 12000 तक कर्मचारियों की हो सकती है ​हायरिंग, खुलेंगी 250 नई ब्रांच

इस बीच, खबर आ रही है कि SBI चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने वाला है। बैंक का लगभग 250 नई ब्रांच खोलने का भी प्लान है। SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी का कहना है कि बैंक चालू वित्त वर्ष में क्लर्क और अधिकारी स्तर पर करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां करेगा।

Anubhav Sinha: ‘मिर्जापुर-हनुमान अंश को तुक्के से कामयाबी नहीं मिली हैं’, अनुभव सिन्हा ने कहा इंडस्ट्री इन बॉक्स ऑफिस सफलताओं पर दे ध्यान

Anubhav Sinha: ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने शुक्रवार को बॉक्स ऑफ़िस पर जबरदस्त शुरुआत की और शनिवार को भी इसमें बढ़त देखी जा रही है। वहीं, पिछले हफ़्ते ‘हनुमान अंश’ नाम की एक छोटी फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस पर धूम मचा दी और ‘टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फ़ॉर ग्रोन-अप्स’ जैसी बड़ी रिलीज़ को भी पीछे छोड़ दिया। फ़िल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने इन दोनों फ़िल्मों की बॉक्स ऑफ़िस सफलता पर ध्यान दिया और अपने X अकाउंट पर इस बारे में पोस्ट किया।

अनुभव ने क्या कहा

X पर उन्होंने कहा, “मिर्ज़ापुर टीम को बधाई!!! बहुत बढ़िया। अगर हम ध्यान से देखें, तो बॉक्स ऑफ़िस हमें एक कहानी बता रहा है। मिर्ज़ापुर और हनुमान अंश कोई अचानक मिली सफलता (freak hits) नहीं हैं। आसान नतीजे निकालना आसान भी है और खतरनाक भी।”

अनुभव एक फ़िल्ममेकर हैं जिन्होंने शुरुआत में कमर्शियल एक्शन और रोमांटिक फ़िल्में बनाईं और बाद में तारीफ़ पाने वाली सामाजिक-राजनीतिक ड्रामा फ़िल्में बनाने लगे। उनकी फ़िल्मों में ‘अस्सी’, ‘भीड़’, ‘थप्पड़’, ‘अनेक’ और ‘मुल्क’ शामिल हैं।

‘हनुमान अंश’ के बारे में

रिलीज़ के 30वें दिन, ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफ़िस पर अब तक ₹94 करोड़ की कमाई की है और रविवार तक यह ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी। सिर्फ़ ₹2 करोड़ के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफ़िस पर शुरुआत अच्छी नहीं रही थी; इसने पहले दिन सिर्फ़ ₹10 लाख कमाए थे। लेकिन थिएटर में तीन हफ़्ते पूरे करने के बाद फ़िल्म ने रफ़्तार पकड़नी शुरू की।

अपने चौथे वीकेंड में, ‘हनुमान अंश’ ने भारत में ₹28 करोड़ (नेट) कमाए। सोमवार को इसकी कमाई में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई, लेकिन मंगलवार को इसके प्रदर्शन ने सबको चौंका दिया। मंगलवार को, यानी थिएटर में इसके 26वें दिन, ‘हनुमान अंश’ की कमाई में 54% का उछाल आया और इसने भारत में ₹8.50 करोड़ कमाए। उसी दिन, हाल ही में रिलीज़ हुई बड़ी फ़िल्म ‘टॉक्सिक’ ने सिर्फ़ ₹8.20 करोड़ कमाए, जबकि वह पाँच भाषाओं में और ‘हनुमान अंश’ से 1500 ज़्यादा स्क्रीन्स पर चल रही थी।

‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ के बारे में

अमेज़न प्राइम वीडियो की सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ पर आधारित इस फ़िल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फ़ज़ल, दिव्येंदु और जितेंद्र कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। फ़िल्म ने उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को भारत में ₹24.75 करोड़ की ओपनिंग की, जो बॉलीवुड के इतिहास में किसी बड़े स्टार के बिना हुई सबसे बड़ी ओपनिंग में से एक है। ‘मिर्ज़ापुर’ की ओपनिंग-डे की कमाई हाल की ‘स्लीपर हिट’ फ़िल्मों जैसे ‘सैयारा’ (₹22 करोड़) और ‘आवारापन 2’ (₹21.50 करोड़) से ज़्यादा रही।

21 साल के बिट्टू तबाही की CM मोहन यादव से मुलाकात पर मचा बवाल! ध्रुव राठी ने कही ये बात

मध्य प्रदेश के 21 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने अपने दम पर प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। उनके इसी काम की वजह से वह न सिर्फ लोगों की नजरों में आए, बल्कि अब उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी हुई।

इसी मुलाकात को लेकर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सवाल उठाया, जिसके बाद बिट्टू तबाही ने सीधे उन्हें जवाब दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई मुलाकात

सुरेंद्र सिंह चौधरी हाल ही में भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नदी की सफाई के लिए उनके प्रयासों की सराहना की और उनके जज्बे की तारीफ की। मुलाकात का वीडियो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

ध्रुव राठी ने सरकार पर साधा निशाना

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ध्रुव राठी ने सरकार पर बिट्टू तबाही के काम का श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक युवक ने अकेले नदी की सफाई के लिए मेहनत की और जब उसका काम वायरल हुआ, तब उसे बुलाकर फोटोशूट किया गया। राठी ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार वास्तव में क्या कर रही है और केवल PR करने से क्या हासिल होगा। उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर चर्चा को और तेज कर दिया।

बिट्टू तबाही ने क्या दिया जवाब?

ध्रुव राठी की टिप्पणी पर सुरेंद्र सिंह चौधरी ने खुद जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी को श्रेय देने या लेने की बात नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार पहले भी उनके काम की सराहना कर चुकी है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा सिविक सेंस यानी नागरिक जिम्मेदारी का है। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि लोग सफाई और पर्यावरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझें और आगे आकर काम करें। बिट्टू के इस जवाब से साफ हुआ कि वह अपनी मुहिम को राजनीतिक बहस से ज्यादा लोगों की भागीदारी और जागरूकता से जोड़कर देखते हैं।

मोहन यादव ने भी की तारीफ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुरेंद्र के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत नहीं होती। कई बार एक व्यक्ति की ईमानदार पहल भी बदलाव की शुरुआत कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों को राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान से भी जोड़ा। यह अभियान जल स्रोतों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी पर जोर देता है।

नदी की सफाई ने विदेश तक पहुंचाई पहचान

अजनार नदी की सफाई को लेकर बिट्टू तबाही की मेहनत की चर्चा भारत से बाहर भी पहुंची। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नीदरलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने उन्हें नौकरी का ऑफर दिया।

एक X यूजर ने बिट्टू के काम की पहले और बाद की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि 21 वर्षीय सुरेंद्र कई महीनों से अकेले प्रदूषित अजनार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं।

90 लाख की नौकरी छोड़ी, माइक्रोग्रीन्स की खेती शुरू की, आज खड़ा कर दिया 1.44 करोड़ का बिजनेस

McDonald’s India पर गंभीर आरोप! इंटर्न का महीनों तक बिना सैलरी काम कराने का दावा, कहा- दो और नौकरियां करनी पड़ीं

सोशल मीडिया पर मैकडॉनल्ड्स इंडिया (McDonald’s India) से जुड़ा एक पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल पोस्ट में एक कथित इंटर्न ने आरोप लगाया है कि उसे कई महीनों तक किए गए काम का भुगतान नहीं किया गया और आर्थिक मजबूरी के चलते उसे दो अतिरिक्त नौकरियां तक करनी पड़ीं। हैरानी की बात यह है कि यह दावा McDonald’s India के आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए किया गया। हालांकि, McDonald’s India ने इस पोस्ट को कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

क्या है वायरल पोस्ट में दावा?

वायरल स्क्रीनशॉट में एक कथित इंटर्न ने McDonald’s India के सोशल मीडिया अकाउंट से ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराई है। पोस्ट में दावा किया गया है कि वह कंपनी में इंटर्न के तौर पर काम कर रहा था। लेकिन दिसंबर 2025 से उसका भुगतान नहीं किया गया। कथित इंटर्न ने यह भी दावा किया कि वह McDonald’s के कई एशियाई अकाउंट संभाल रहा था।

Clipboard07kj

लेकिन इसके बावजूद उसके काम का भुगतान नहीं किया गया। आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उसे दो अतिरिक्त नौकरियां करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यही दावा सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसे लेकर इंटर्नशिप, स्टाइपेंड और कंपनियों में युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर बहस शुरू हो गई है।

इंटर्नशिप या बिना भुगतान के काम?

इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है अगर किसी इंटर्न से नियमित कर्मचारी की तरह काम लिया जा रहा है, जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और लंबे समय तक काम कराया जा रहा है, तो क्या उसे उचित स्टाइपेंड या भुगतान नहीं मिलना चाहिए? भारत में इंटर्नशिप को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर बहस होती रही है। LinkedIn पर युवाओं की कई पोस्ट में ऐसे अनुभव शेयर किए गए हैं, जिनमें लंबे समय तक बिना भुगतान काम, फुल-टाइम उपलब्धता और वास्तविक सीखने के बजाय नियमित काम करवाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

यूजर्स ने क्या कहा?

वायरल दावे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मुख्य रूप से दो हिस्सों में नजर आती हैं। एक वर्ग ने कथित इंटर्न का समर्थन करते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों से युवाओं को बेहतर कार्य-संस्कृति और भुगतान की उम्मीद होती है। यूजर्स का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो कंपनी को मामले की जांच कर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

वहीं, कुछ यूजर्स ने बिना पूरी जानकारी के कंपनी को दोषी ठहराने से बचने की सलाह दी। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी स्क्रीनशॉट या पोस्ट को आखिरी सच मानने से पहले संबंधित कंपनी और कथित इंटर्न दोनों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

McDonald’s के लिए क्यों अहम है मामला?

यह मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है जब कंपनियों में इंटर्नशिप को लेकर युवाओं की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। किसी बड़े ब्रांड के साथ इंटर्नशिप को छात्र और युवा अक्सर अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं। McDonald’s India से जुड़ी इंटर्नशिप के पुराने रिकॉर्ड भी बताते हैं कि कंपनी के साथ विभिन्न समय पर इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध रहे हैं।

कुछ भूमिकाओं में स्टाइपेंड भी दिया गया था। उदाहरण के तौर पर 2017 के एक Internshala रिकॉर्ड में McDonald’s India (South & West) की HR इंटर्नशिप के लिए ₹7,500-15,000 मासिक स्टाइपेंड का उल्लेख था। इसलिए वायरल पोस्ट में लगाए गए वर्तमान आरोपों और कंपनी की सामान्य इंटर्नशिप नीतियों को एक ही चीज मानना सही नहीं होगा।

क्या कंपनी की ओर से कोई जवाब आया?

फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों में इस वायरल आरोप पर McDonald’s India का स्पष्ट आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि कथित इंटर्न को वास्तव में महीनों तक भुगतान नहीं किया गया या कंपनी ने जानबूझकर ऐसा किया। पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के लिए कथित इंटर्न की पहचान, उसका ऑफर/इंटर्नशिप दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

ये भी पढ़ें- IMD weather forecast September 6: इन 24 राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी! दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बरसेगा मानसून, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Sudivya Kumar Dies: झारखंड के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से गई जान

Sudivya Kumar Dies: झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार (5 सितंबर) देर रात निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। बताया गया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह के एक निजी अस्पताल मर्सी ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सुदिव्य कुमार गिरिडीह विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे थे। शनिवार रात उनके आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

हेमंत सोरेन सरकार में संभाली थीं कई अहम जिम्मेदारियां

सुदिव्य कुमार झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास नगर विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल और युवा कार्य जैसे विभाग भी थे। वह झारखंड की राजनीति में JMM के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। सुदिव्य कुमार संगठन के लिए लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

JMM ने जताया गहरा दुख

सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन पर JMM ने गहरा शोक जताया। राज्य में सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि अपने समर्पित नेता के असमय निधन से पूरा JMM परिवार स्तब्ध और बेहद दुखी है। पार्टी ने कहा कि सुधिव्या कुमार का जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। JMM ने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की प्रार्थना की।

JMM के आधिकारिक एक्स हैंडल से कहा गया, “जिंदगी की क्षणभंगुरता…कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है। उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं सभी साथियों को इस कठिन घड़ी में संबल दें। अंतिम जोहार।”

परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ हुए भावुक

झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री और JMM नेता दीपक बिरुआ ने भी सुदिव्य सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अपने सहयोगी और झारखंड सरकार में साथी मंत्री सुधिव्या सोनू के निधन से वह बेहद दुखी हैं। दीपक बिरुआ के मुताबिक, सुदिव्य सोनू की तबीयत रात में अचानक बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उन्होंने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।

उन्होंने भावुक संदेश में इसे JMM परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया और अपने दिवंगत साथी को अश्रुपूर्ण अंतिम ‘जोहार’ कहा। सुदिव्य कुमार के अचानक निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। महज 56 वर्ष की उम्र में उनका निधन JMM और राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके निधन से पार्टी ने एक सक्रिय वरिष्ठ नेता और सरकार ने एक महत्वपूर्ण मंत्री खो दिया है।

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी जताया शोक, बताया बड़ा भाई

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने X पर लिखा, “देर रात अपने बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं। सोनू भैया मेरे लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे बड़े भाई की तरह थे – स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा मेरे साथ रहेंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “झारखंड आंदोलन के दौर से ही वे स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया। झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी।”

ये भी पढ़ें- Iran-America War Update: अमेरिका-ईरान की जंग ने लिया खतरनाक मोड़! ईरानी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोतों को बनाया निशाना

सोरेन ने कहा, “आज उन्हें याद करते हुए मन बार-बार यही सोचता है कि ज़िंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज़ हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के लिए आपकी प्रतिबद्धता को मैं जीवनभर अपने साथ लेकर चलूंगा। आप हमेशा याद आएंगे भैया….”

‘आप तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं…’ सांसद कंगना रनौत ने MPLADS फंड खर्च न होने पर अफसरों को लगाई फटकार

Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर, शनिवार को BJP सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में राज्य सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाई।

BJP सांसद ने सांसद निधि (MPLADS) के तहत उपलब्ध फंड का पूरा इस्तेमाल न किए जाने को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनके MP फंड में करोड़ों रुपये उपलब्ध थे, लेकिन उनमें से केवल आधी रकम का ही इस्तेमाल किया गया है।

DISHA मीटिंग में कंगना रनौत का गुस्सा: वीडियो

रनौत ने अधिकारियों से कहा, “मुझे ये बेकार के जुमले (झूठे वादे) मत सुनाइए। मुझे हर DISHA कमिटी मीटिंग में यही सुनने को मिलता है।”

उन्होंने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDOs) से खर्च की रिपोर्ट मांगी। कंगना ने कहा कि इससे पहले अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि काम में कोई रुकावट नहीं है और सांसद निधि की करीब 90 फीसदी रकम खर्च की जा चुकी है।

कंगना ने आगे कहा, “अब बस काम पूरा करके दिखाइए। अब सिर्फ बातें करने का समय नहीं रहा। ये मामले दो साल पुराने हैं। कुछ डेढ़-दो साल पुराने मामले हैं। अब काम पूरा कीजिए और मुझे रिपोर्ट दीजिए कि काम हो गया है! कंगना ने 11 करोड़ रुपये दिए, फिर भी एक भी काम नहीं हुआ। यह कितनी अक्षमता और शर्मनाक बात है।”

रनौत ने आरोप लगाया कि बैठकों में दिखाए गए खर्च के आंकड़े असल खर्च से मेल नहीं खाते थे। उन्होंने एजेंसी की उन रिपोर्टों का भी जिक्र किया जिनमें दावा किया गया था कि MPLADS फंड का 30-40 प्रतिशत हिस्सा धोखाधड़ी करने वाले लाभार्थियों को दिया गया था और उसे वापस नहीं पाया जा सका।

‘अधिकारी तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं’

एक्टर से नेता बनीं रनौत ने कहा कि एक सांसद के तौर पर उनके काम को लेकर नेशनल मीडिया में उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अधिकारी तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडी के लोग रुके हुए प्रोजेक्ट्स के बारे में लगातार रील्स पोस्ट कर रहे हैं, जबकि अधिकारी अपने दफ्तरों में उन पर हंस रहे हैं और उन्हें “कोस” रहे हैं।

कंगना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिना किसी देरी के रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करें और उपलब्ध MPLADS फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़ें: ‘पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है?’ सांसद के बदले लुक पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट, Ozempic को लेकर भी किए दावे

‘पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है?’ सांसद के बदले लुक पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट, Ozempic को लेकर भी किए दावे

Pappu Yadav Viral Video: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद से जुड़े मामले पर खुलकर बात की। हालांकि, उनके बयान से ज्यादा लोगों का ध्यान उनके बदले हुए लुक पर गया।

बता दें कि सोशल मीडिया पर उनके घटे हुए वजन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। X पर कई यूजर्स ने कहा कि शुरू में तो उन्हें सांसद को पहचानने में भी मुश्किल हुई।

कई यूजर्स ने उनके शारीरिक बदलाव पर भी ध्यान दिया और उनके वजन में आई भारी कमी चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने मजाक में कहा, “पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है?”

एक और यूजर ने कहा, “फेक न्यूज फैलाना बंद करो? इसमें पप्पू यादव कहां से आ गए??”

कई यूजर्स ने तो यह भी कहा कि इस जबरदस्त बदलाव के पीछे ‘ओजेम्पिक’ (Ozempic) दवा का हाथ है। यह दवा मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के लिए दी जाती है और कभी-कभी डॉक्टर की देखरेख में वजन कम करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।

एक यूजर ने कहा, ‘ Ozempic एक चमत्कार है’।

हालांकि, अचानक वजन कम होने को लेकर पप्पू यादव या उनके ऑफिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।

यह भी पढ़ें: मैंने सिर फोड़ दिया था…’, दावा करने वाला ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्टर के पिता पर हमला करने का है आरोप

‘पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है?’ सांसद के बदले लुक पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट, Ozempic को लेकर भी किए दावे

Pappu Yadav Viral Video: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद से जुड़े मामले पर खुलकर बात की। हालांकि, उनके बयान से ज्यादा लोगों का ध्यान उनके बदले हुए लुक पर गया।

बता दें कि सोशल मीडिया पर उनके घटे हुए वजन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। X पर कई यूजर्स ने कहा कि शुरू में तो उन्हें सांसद को पहचानने में भी मुश्किल हुई।

कई यूजर्स ने उनके शारीरिक बदलाव पर भी ध्यान दिया और उनके वजन में आई भारी कमी चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने मजाक में कहा, “पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है?”

एक और यूजर ने कहा, “फेक न्यूज फैलाना बंद करो? इसमें पप्पू यादव कहां से आ गए??”

कई यूजर्स ने तो यह भी कहा कि इस जबरदस्त बदलाव के पीछे ‘ओजेम्पिक’ (Ozempic) दवा का हाथ है। यह दवा मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के लिए दी जाती है और कभी-कभी डॉक्टर की देखरेख में वजन कम करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।

एक यूजर ने कहा, ‘ Ozempic एक चमत्कार है’।

हालांकि, अचानक वजन कम होने को लेकर पप्पू यादव या उनके ऑफिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।

यह भी पढ़ें: मैंने सिर फोड़ दिया था…’, दावा करने वाला ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्टर के पिता पर हमला करने का है आरोप

8th Pay Commission Updates: 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर लेवल 7 एंप्लॉयीज का HRA कितना बढ़ जाएगा?

8th Pay Commission Updates: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर न सिर्फ केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी बल्कि एचआरए भी बढ़ेगा। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक पे में होने वाले बदलाव का सीधा असर हाउस रेंट अलाउन्स (एचआरए) पर पड़ेगा। खासकर बड़े शहरों में रहने वाले एंप्लॉयीज पर ज्यादा फर्क पड़ेगा।

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का HRA बेसिक पे के हिसाब से तय होता है। इसमें एंप्लॉयीज की पोस्टिंग के शहर के हिसाब से बदलाव देखने को मिलता है। 2017 में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर ने शहरों को तीन कैटेगरी X, Y और Z में बांटा था। यह तय किया गया था कि एक्स शहरों में एचआरए रेट 24 फीसदी होगा। Y शहरों में 16 फीसदी और Z शहरों में 8 फीसदी होगा।

इस कैलकुलेशन के आधार पर एक्स, वाय और जेड शहरों में मिनिमम HRA क्रमश: 5,400 रुपये, 3,600 रुपये और 1,800 रुपये है। यह भी कहा गया था कि महंगाई भत्ता (DA) 25 फीसदी पार कर जाने पर एचआरए बढ़कर 27 फीसदी, 18 फीसदी और 9 फीसदी हो जाएगा। DA के 50 फीसदी के पार करने के बाद यह 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हो जाएगा।

चूंकि DA 2024 में 50 फीसदी के पार हो गया, जिससे X, Y और Z शहरों के लिए एचआरए बढ़कर क्रमश: 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हो गया। यह समझ लेना जरूरी है कि एक्स कैटेगरी के तहत मेट्रो शहर आते हैं। इनमें Delhi, Mumbai, Kolkata, Chennai, Bengaluru और Hyderabad शामिल हैं। Y कैटेगरी के तहत ऐसे शहर आते हैं, जहां की आबादी 5 लाख से 50 लाख के बीच होती है। Z कैटेगरी के तहत जो एक्स और वाय कैटेगरी से बाहर हैं।

नीचे के इलेस्ट्रेशन में बताया गया है कि बेसिक पे बढ़ने पर अलग-अलग पे लेवल के एंप्लॉयीज के एचआरए पर किस तरह से असर पड़ेगा। इस कैलकुलेशन के लिए तीन फिटमेंट फैक्टर 2 गुना, 2.5 गुना और 3 गुना को ध्यान में रखा गया है। साथ ही एचआरए के लिए बेसिक पे के मौजूदा 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी रेट को ध्यान में रखा गया है।

table 1

केंद्र सरकार के लेवल 7 के एंप्लॉयीज के मामले में टेबल में यह माना गया है कि 3 गुना फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक बे बढ़कर 1,34,700 रुपये हो जाएगी। इस नए बेसिक पे पर एंप्लॉयीज का एचआरए उसके शहर की कैटेगरी पर निर्भर करेगा।

30 फीसदी HRA (X cities): ₹40,410

20 फीसदी HRA (Y cities): ₹26,940

10 फीसदी HRA (Z cities): ₹13,470

table2

2.5 गुना फिटमेंट फैक्टर पर एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़कर 1,40,250 रुपये हो जाएगा। इस बेसिक पे पर मंथली एचआरए इस तरह होगा:

30 फीसदी HRA (X cities): ₹33,675

20 फीसदी HRA (Y cities): ₹ 22,450

10 फीसदी HRA (Z cities): ₹ 11,225

table 3

इसी तरह अगर फिटमेंट फैक्टर 2 गुना रहता है तो लेवल 7 एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़कर 89,800 रुपये हो जाएगा। इस बेसिक पे पर शहर के हिसाब से एंप्लॉयीज का मंथली एचआरए इस तरह होगा:

30 फीसदी HRA (X cities): ₹40,410

20 फीसदी HRA (Y cities): ₹26,940

10 फीसदी HRA (Z cities): ₹ 13,470

आठवें वेतन आयोग के अगले साल मई-जून तक अपनी सिफारिशें सौंप देने की उम्मीद है। उसके बाद सरकार उस पर विचार करेगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा। अनुमान है कि इसे अगले साल के आखिर तक लागू किया जा सकता है। हालांकि, एंप्लॉयीज को इस साल जनवरी से एरियर का पेमेंट भी होगा।

यह भी पढ़ें: सुभाष चंद्रा की मुश्किल बढ़ी, अब CBI ने लोन फ्रॉड मामले में केस दर्ज किया