अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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Weather Update: दिल्ली-NCR में अगले 48 घंटे भारी! IMD का अलर्ट, इन राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का खतरा

Weather Update Today: देशभर में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर तेज रहेगा। सबसे ज्यादा असर गुजरात में देखने को मिलेगा, जहां कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

गुजरात में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। जबकि राजस्थान, दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

IMD के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण अगले कुछ दिनों तक देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को तेज बनाए रखेंगे। मौसम विभाग ने विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में सतर्क रहने की सलाह दी है।

गुजरात में हाई अलर्ट

IMD के अनुसार, गुजरात में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कई जिलों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

दिल्ली-NCR में अब तेज होगी बारिश

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कल यानी 27 जुलाई हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 जुलाई से बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और उमस बनी रहेगी।

राजस्थान के पूर्वी जिलों में भारी बारिश की आशंका

पूर्वी राजस्थान के जयपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

मध्य प्रदेश में दो दिन तक होगी तेज बारिश

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा

दोनों पहाड़ी राज्यों में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई से कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली

पंजाब और हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 जुलाई से कई इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

बिहार और पश्चिम बंगाल

बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

ओडिशा

राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है।

असम, मेघालय और पूर्वोत्तर

असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

मुंबई, कोंकण और गोवा

मुंबई, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। IMD फोरकास्ट के मुताबिक, निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है।

दक्षिण भारत

तेलंगाना: भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं के चलने की आशंका है।

कर्नाटक: आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। जबकि तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु: हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

IMD की लोगों को सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में नहीं जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

जगह ऐसी की जन्नत से कम नहीं लगेगी, लेकिन मानसून में भूलकर भी न जाएं इन 5 डेस्टिनेशन पर!

मानसून भारत की कई जगहों को बेहद खूबसूरत बना देता है, लेकिन कुछ पहाड़ी और ज्यादा बारिश वाले इलाकों में यही मौसम ट्रिप के दौरान परेशानी भी खड़ी कर सकता है। भारी बारिश, लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़, सड़क बंद होने और खराब मौसम के कारण ट्रिप इफेक्ट हो सकती है। अगर आप मानसून में इन जगहों की ट्रिप करने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो ये बातें जरूर ध्यान रखे:

1. चेरापूंजी और मौसिनराम, मेघालय

Meghalaya Monsoon Travel: झरनों, धुंध और बारिश में बिताएं छुट्टियां! मेघालय की ये 5 जगहें कराएंगी आपको जन्नत की सैर - News18 हिंदी

चेरापूंजी और मौसिनराम दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश वाली जगहों में शामिल हैं। मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कई बार छोटे-बड़े लैंडस्लाइड की सिचुएशन बन जाती है। पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करते समय वाहन चलाना मुश्किल हो सकता है और कुछ जगहों पर रास्ते टेम्परेरी बंद भी हो सकते हैं।

घूमने की जगहें: लिविंग रूट ब्रिज, नोहकलिकाई फॉल्स, मावसमाई गुफाएं और डबल डेकर रूट ब्रिज यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले मौसम और रोड कंडीशन जरूर चेक करे। बारिश के दौरान नदी, झरने या तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें और जरूरी दवाइयां व रेन गियर साथ रखें।

 

2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

Darjeeling in Monsoon: Best Travel Guide, Places & Tips

दार्जिलिंग मानसून में हरे-भरे पहाड़ों और धुंध के कारण बेहद खूबसूरत लगता है, लेकिन भारी बारिश के समय यहां लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है। पहाड़ी सड़कों पर पत्थर गिरने और रास्ते बंद होने की समस्या आ सकती है।

घूमने की जगहें: टाइगर हिल, बतासिया लूप, चाय के बागान, हिमालयन रेलवे और शांति स्तूप यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

सावधानी रखें: बारिश के मौसम में ट्रैवल प्लान फ्लेक्सिबल रखें। लोकल अथॉरिटी की सलाह मानें और रात के समय पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। होटल बुकिंग ऐसी जगह करें जहां जरूरत पड़ने पर ज्यादा दिन रुक सकें।

3. मुन्नार और पश्चिमी घाट, केरल

1,400+ The Western Ghats Around Munnar India Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

केरल के पश्चिमी घाट मानसून में हरियाली से भर जाते हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण यहां लैंडस्लाइड, पानी भरने और सड़क खराब होने की समस्या हो सकती है। पहाड़ी एरिया में अचानक मौसम बदल सकता है।

घूमने की जगहें: चाय के बागान, एराविकुलम नेशनल पार्क, मट्टुपेट्टी डैम, टॉप स्टेशन और झरने यहां देखने लायक हैं।

सावधानी रखें: तेज बारिश के दौरान ट्रेकिंग और जंगल क्षेत्रों में जाने से बचें। नदी और झरनों के पास सेफ्टी गाइडलाइन का पालन करें। ट्रैवल से पहले लोकल वेदर अपडेट जरूर देखें।

4. केदारनाथ, उत्तराखंड

उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, तीन दिन के लिए स्थगित

केदारनाथ हिमालय क्षेत्र में एक पॉपुलर धार्मिक स्थल है, लेकिन मानसून के दौरान यहां मौसम तेजी से बदल सकता है। भारी बारिश के कारण रास्तों पर लैंडस्लैड, पत्थर गिरने और ट्रिप रोड इफेक्ट होने की संभावना रहती है।

घूमने की जगहें: केदारनाथ मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, मंदाकिनी नदी और आसपास के हिमालयी सीन अट्रेक्टिव हैं।

सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले मौसम और रोड की कंडीशन जरूर चेक करे। बारिश में पैदल ट्रैवल करते समय सावधानी रखें, खराब मौसम में ट्रिप रोकना बेहतर होता है।

 

5. चार धाम हाईवे, उत्तराखंड

Char Dham Yatra Route Map, Distance And Road Condition

उत्तराखंड के चार धाम मार्ग पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हैं, इसलिए मानसून में यहां लैंडस्लाइड और सड़क बाधित होने की संभावना रहती है। बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा गिर सकता है और कई बार ट्रैफिक रुक जाता है।

घूमने वाले प्रमुख स्थान: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ यहां के मुख्य धार्मिक स्थल हैं।

सावधानी रखें: यात्रा से पहले रोड कंडीशन और मौसम की जानकारी लें। रात में ड्राइविंग से बचें और जरूरी सामान साथ रखें।

6. मनाली-लेह और श्रीनगर-लेह हाईवे

मनाली-लेह हाईवे : क्यों बेसब्री से इसके खुलने का इंतजार कर रहे थे पर्यटक, जाने वजह! | Leh-Manali Highway: Why tourists were eagerly waiting for its opening, know reason - Hindi Nativeplanet

लद्दाख जाने वाले ये हाईवे अपने शानदार पहाड़ी नजारों के लिए पॉपुलर हैं, लेकिन मानसून और खराब मौसम में कई जगहों पर भूस्खलन, सड़क टूटने और अचानक मौसम बदलाव की समस्या आ सकती है।

घूमने की जगहें: मनाली, रोहतांग क्षेत्र, जोजिला पास, कारगिल, लेह, पैंगोंग झील और नुब्रा वैली बहुत सुंदर हैं।

सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले सड़क खुली है या नहीं, इसकी जानकारी जरूर लें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे ट्रैवल करें और शरीर को मौसम से ढलने का समय दें। जरूरी दवाइयां, गर्म कपड़े, पानी और स्नैक्स साथ रखें।

मानसून में पहाड़ी इलाकों की ट्रिप के लिए जरूरी टिप्स

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मानसून में ट्रैवल करते समय सेफ्टी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। भारी बारिश के दिनों में ट्रेकिंग, नदी किनारे जाने और जोखिम वाली जगहों पर जाने से बचें। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट, अच्छे जूते और जरूरी दवाइयां जरूर रखें। पहाड़ी इलाकों में रात के समय ड्राइविंग करने से बचें और होटल व ट्रांसपोर्ट की बुकिंग में बदलाव की सुविधा रखें। स्थानीय लोगों और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और इमरजेंसी के लिए पावर बैंक, जरूरी दस्तावेज और कुछ नकद पैसे हमेशा साथ रखें।

कल का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, बिहार से MP तक बवाली मौसम, यहां रेड जोन जैसे हालात

India Weather Update for 7th July: देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड वॉच अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। इससे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बवाली मौसम के आसार बन गए हैं।

यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश व पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिसके कारण अगले 3 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून बेहद एक्टिव फेज (सक्रिय चरण) में रहेगा।

रेड जोन जैसे हालात: इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं:-

तटीय कर्नाटक

गुजरात राज्य

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

इन सभी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह अलर्ट बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

बिहार से मध्य प्रदेश तक बहुत भारी बारिश

7 जुलाई को मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बवाली मौसम का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है:-

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: यहां मानसून की मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र): इन क्षेत्रों में डिप्रेशन के असर से बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

आंतरिक कर्नाटक: तटीय इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रखी है।

हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान: उत्तर-पश्चिम भारत के इन दोनों पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे वज्रपात की भी आशंका है।

येलो अलर्ट: दिल्ली-NCR, यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में 7 जुलाई को भारी बारिश के साथ तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने का डबल अटैक देखने को मिलेगा:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

पंजाब और राजस्थान: पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन दोनों राज्यों में भारी बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के दो राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:-

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान की संभावना है जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उठेगा तूफान

समुद्र में बेहद खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:-

उत्तरी कोंकण तट और अरब सागर: उत्तरी कोंकण तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दक्षिण कोंकण, गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) दर्ज की जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

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मॉनसून की स्थिति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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Monsoon arrived in Delhi: दिल्ली पहुंचा मानसून, जानिए सैटेलाइट तस्वीरों में क्या-क्या दिखा, IMD ने बारिश-आंधी पर ये अलर्ट दिया

Monsoon Watch 2nd July: दिल्लीवालों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। झुलसाती गर्मी और शुष्क जून के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 2 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। मानसून अपने सामान्य आगमन की तारीख (27 जून) से 5 दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा है। इसके आते ही राजधानी के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो गया है। इससे फिलहाल मौसम सुहावना हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक साल 2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून ने जुलाई के महीने में दिल्ली में प्रवेश किया है।

पिछले 5 सालों में सबसे देरी से पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में मानसून के दिल्ली पहुंचने का पैटर्न कुछ ऐसा रहा है:-

2026: 2 जुलाई (5 दिन की देरी)

2025: 29 जून

2024: 28 जून

2023: 25 जून

2022: 30 जून

2021: 13 जुलाई

2021 में मानसून काफी देरी से 13 जुलाई को आया था। इसके बाद अब 2026 में इसने जुलाई के महीने में दस्तक दी है। मौसम विभाग ने आज दिन भर दिल्ली के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है।

दिल्ली के लिए IMD का वेदर अलर्ट: तेज हवाओं के साथ होगी बौछारें

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए तात्कालिक अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से बुधवार को जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति देखी गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी दिखाई दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के बादल छितराए हुए नहीं हैं बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सक्रिय मानसून परिसंचरण की शुरुआत का सीधा संकेत है। ये विशाल बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं। ये एक साथ कई राज्यों में भारी बारिश कराने में सक्षम हैं।

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तस्वीरों से पता चलता है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ से आने वाली नमी से लदी हवाएं उत्तर भारत के ऊपर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके साथ ही मानसून की ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है। इससे मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार तेज

देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक के बाद मानसून ने उत्तर भारत में जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में आगे बढ़ चुका था।

इसके बाद अगले 24 घंटों के भीतर मानसून ने तेजी से उत्तर की ओर रुख किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार रात से गुरुवार दोपहर के बीच दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और हरियाणा व पंजाब के कई और हिस्सों में मानसूनी हवाएं और शुरुआती गरज-चमक के साथ बारिश का दौर चल रहा है।

Monsoon Watch: दिल्ली-NCR और यूपी हीटवेव से बेहाल दिखे, इस बीच मानसून एंट्री और बारिश को लेकर IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon updates: देश की राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली में रविवार को फील्स लाइक टेंप्रेचर (हीट इंडेक्स) 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की एंट्री और आगामी बारिश को लेकर राहत भरा अपडेट जारी किया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की कमी के कारण हाल के दिनों में हीट स्ट्रेस काफी बढ़ गया है। वैसे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून की एंट्री को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

मानसून अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों और उत्तराखंड में आगे बढ़ेगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को कवर कर लेगा।

दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून थी। लेकिन इस बार इसमें करीब एक हफ्ते की देरी है। स्काईमेट के मुताबिक अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में मानसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है। अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?

स्काईमेट के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पालावत के मुताबिक मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं। पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं। जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं।

जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं। लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात

दिल्ली में रविवार को गर्मी ने पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह रही। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था। दिल्ली का लोधी रोड इलाका 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।म

दिल्ली के लिए आगे का पूर्वानुमान

दिल्ली में सोमवार 29 जून को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 1 जुलाई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे आने और 3 जुलाई तक 35 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 5 से 6 डिग्री की क्रमिक गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री, हीटवेव का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

अन्य राज्यों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

1- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

उत्तराखंड: देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 37.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून मौसम केंद्र ने पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज से बहुत तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य में 4 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 30 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और आंधी का अलर्ट है। बीते 24 घंटों में शिमला, कांगड़ा और मंडी में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

2- पंजाब और हरियाणा

इन दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। IMD ने 29 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने (जो 60 किमी/घंटे तक जा सकती हैं) की चेतावनी दी गई है।

3- जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 33.8 डिग्री और जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में 29 जून को प्री-मानसून बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें व तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

4- राजस्थान

राजस्थान के बड़े हिस्से में उमस भरा मौसम बना हुआ है। हालांकि कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हुई है। झुंझुनू जिले के पिलानी में सुबह से 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

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India Weather Today: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश, यूपी-बिहार समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

Aaj Ka Mausam 29 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 29 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (29 जून) देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 26 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

IMD के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर एवं मांडला, झारखंड के डालटनगंज और बिहार के मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन राज्यों में अत्यंत भारी और बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और अत्यधिक भीषण बारिश की चेतावनी दी है। इसकी वजह से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है:-

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी आशंका है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बहुत भारी बारिश: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में आज भारी बारिश

देश के 14 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश होने की संभावना है:-

मध्य और पूर्वी भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।

पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

यूपी-बिहार समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है।

40 से 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी और बिजली

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह। यहां 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से झोंके चलने की आशंका है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं और गरज-चमक

उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

सिर्फ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और पूर्वेत्तर के राज्य (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा)। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज बहुत तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में आज लू का आखिरी दौर, मिलेगी राहत

एक तरफ जहां मानसून आगे बढ़ रहा है। वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ मैदानी इलाके आज भी गर्मी की चपेट में रहेंगे।

यूपी-बिहार और दिल्ली में हीटवेव: आज दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली), उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और बिहार के कुछ अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है।

तापमान में गिरावट: मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट आएगी, जिससे दिल्ली-यूपी के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में आज मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

समुद्र में खराब मौसम: मछुआरों को न जाने की सलाह

अरब सागर: सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम एवं पश्चिम-मध्य अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कोंकण-गोवा, कर्नाटक और केरल तटों के पास भी मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: दक्षिण श्रीलंका तट और मन्नार की खाड़ी व Comorin क्षेत्र में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।

India Weather Today: IMD ने बिहार समेत इन 21 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज बिहार, झारखंड, केरल और असम समेत देश के करीब 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा इस समय सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और यूपी-उत्तराखंड में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है। वहीं दिल्ली, यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में आज भी भीषण गर्मी और लू का कहर देखने को मिलेगा।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और रिकॉर्ड तोड़ बारिश का अनुमान जताया है। असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और कुछ अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश

आईएमडी के मुताबिक, कुछ राज्यों में आज मानसून की सक्रियता बहुत अधिक रहेगी, जिससे वहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

टदेश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले राज्य निम्नलिखित हैं:-

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, ओड़िशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश हो सकती है। मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली से यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र, ओड़िशा, कोंकण व गोवा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान है।

30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी बिजली चमकने के साथ आंधी आ सकती है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में लू का प्रकोप

बारिश के इस मौसम के बीच उत्तर भारत के कुछ राज्य अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। यूपी में आज मौसम का सबसे कड़ा रूप दिखेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ पॉकेट्स में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली) और बिहार के अलग-अलग इलाकों में आज लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को तीखी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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