कल का मौसम: 24 अगस्त को सावधान! यूपी-बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक बिगड़ेगा मौसम, 18 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!

Weather update for August 24: देश भर में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम हिस्सों में मानसूनी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। IMD ने खराब मौसम को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

इन 3 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन इलाकों में लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आने की संभावना बनी हुई है।

यूपी और बिहार समेत 18 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 18 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दूर-दराज के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी।

मध्य भारत और उससे सटे क्षेत्रों में पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में कड़कती बिजली और तूफानी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का पूर्वानुमान

बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और तेलंगाना में आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

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अरब सागर और तटीय इलाकों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सोमालिया और ओमान तटों के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों के साथ-साथ लक्षद्वीप और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। ये बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

UP News: सरकारी स्कूलों के रसोइयों की सैलरी में ₹1000 की बढ़ोतरी, 3.54 लाख कर्मचारियों के लिए हेल्थ कवर का भी ऐलान

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिड-डे मील’ योजना के तहत काम करने वाली रसोइयों के हित में चार अहम ऐलान किया है। योगी सरकार ने दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश यानी मैटरनिटी लीव लेने की अनिवार्य दो साल की उम्र-अंतर की शर्त खत्म कर दी है। यानी अब दोनों बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने पर भी पात्र महिला कर्मचारी मैटरनिटी लीव ले सकेंगी। इसके अलावा करीब 3.5 लाख रसोइयों का मासिक मानदेय सितंबर से 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जो साल में 10 महीने मिलेगा।

साथ ही योगी सरकार ने 3.54 लाख कर्मचारियों के लिए हेल्थ कवर का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य के मिड-डे मील प्रोग्राम के तहत काम करने वाले 3.54 लाख रसोइयों के लिए कैशलेस मेडिकल कार्ड शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने इस पहल को उनकी सेहत, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूल की रसोई में खाना बनाना सिर्फ भोजन तैयार करने तक सीमित नहीं है, क्योंकि यह लाखों बच्चों की सेहत, शिक्षा और भविष्य में योगदान देता है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए रविवार को कैशलेस मेडिकल कार्ड वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

सीएम योगी ने रविवार को X पर लिखा, “रक्षाबंधन के पहले प्रदेश के रसोइयों हेतु चार उपहार…1- मानदेय में वृद्धि…2- दुर्घटना होने पर परिवार को ₹2 लाख की सहायता…3- प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार… 4- साड़ी के लिए धनराशि बढ़ाकर ₹1,000।” सीएम योगी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “रसोइयों का मानदेय ₹1,000 से बढ़ाकर अब ₹3,000 कर दिया गया है..।”

मुख्यमंत्री ने ‘पीएम पोषण योजना’ के तहत रसोइयों के तौर पर काम करने वाली महिलाओं की तारीफ की। सीएम योगी ने उन्हें प्रोग्राम की ‘बुनियादी ताकत’ बताते हुए स्कूली बच्चों को खाना खिलाने में उनके योगदान का जिक्र किया।

उनके ट्वीट में लिखा, “हमारी रसोइया माताएं और बहनें, जो अपनी मेहनत और ममता से इस पवित्र काम को पूरा करती हैं, वे पीएम पोषण की असली बुनियादी ताकत हैं।” मंत्रिमंडल ने बुलंदशहर में नए बस अड्डों और अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को चार लेन करने की संशोधित परियोजना को भी मंजूरी दी है।

जर्जर स्कूलों के वीडियो पर CM योगी का SP पर हमला

योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सोशल मीडिया पर प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों के वीडियो साझा कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। जबकि इनमें से कई इमारतें 2017 से पहले की हैं, जब प्रदेश में सपा की सरकार थी।

लखनऊ में आयोजित ‘मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पुराने और जर्जर स्कूल भवनों को चिन्हित कर उन्हें नए भवनों से बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पुराने भवनों की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने कई पुराने और खराब हो चुके स्कूल भवनों को नए भवनों से बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जो भवन अभी भी जर्जर स्थिति में हैं, उनकी पहचान की जा रही है और उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था दोनों की स्थिति खराब थी। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में गरीबों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हुई तथा प्रदेश में दंगे और अव्यवस्था आम बात थी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। सीएम योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित भवन और विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan Yojana) के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में काम कर रहे करीब 3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान भी किए। सीएम योगी ने कहा कि मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोइये बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार उनके हितों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल स्कूल भवनों तक सीमित नहीं है। बल्कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ उनसे जुड़े कर्मचारियों और रसोइयों के कल्याण पर भी सरकार का ध्यान है।

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पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

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बौद्ध विरासत के केंद्र सारनाथ, ऐतिहासिक चुनारगढ़ और मानसून में अपनी रंगत में नजर आने वाले देवदरी व राजदरी जलप्रपात अब एडवेंचर टूरिज्म के नए आकर्षण के रूप में उभरेंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन ने इन स्थलों को जोड़ते हुए युवाओं और बाइकिंग के शौकीनों के लिए खास वीकेंड यात्रा तैयार की है। शनिवार को 'द राइडिंग चैप्टर्स' के दूसरे संस्करण के तहत 80 बाइक सवार लखनऊ से दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के जरिए पर्यटन विभाग का प्रयास प्रदेश के उन समृद्ध लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित (अल्पज्ञात) स्थलों को नई पहचान दिलाना है, जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन सर्किट का हिस्सा नहीं बन सके हैं।

 

उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने सुबह 8 बजे 1090 चौराहे से दो दिवसीय बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। बाइकर्स का दल सुल्तानपुर और जौनपुर होते हुए बौद्ध स्थली सारनाथ पहुंचेगा। इसके बाद चुनार की ओर बढ़ेगा। इस तरह यह यात्रा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को करीब से जानने-समझने का अवसर भी देगी।

 

गंगा किनारे इतिहास का प्रहरी चुनारगढ़

गंगा नदी के किनारे बसा ऐतिहासिक चुनारगढ़ इस यात्रा का अहम पड़ाव है। शेरशाह सूरी से लेकर मुगल और ब्रिटिश शासनकाल तक के दौर का साक्षी रहा यह किला  विशाल पत्थर की दीवारों, सामरिक महत्व और गंगा तट पर बसे भव्य स्वरूप के लिए जाना जाता है। स्वयं में इतिहास की कई परतों को समेटे चुनारगढ़ आज भी पूर्वी उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का अहम प्रतीक है, जहां पर्यटन की संभावनाओं को और विस्तार देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

 

'बेहतर कनेक्टिविटी से नए पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान'

यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा का माहौल पर्यटन के नए और अल्पज्ञात स्थलों तक पहुंच को आसान बना रहा है। उन्होंने कहा कि 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' के माध्यम से युवाओं को रोमांच और प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए ऐसे पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक सामान्य यात्रा कार्यक्रमों से बाहर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं को उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से इतर इतिहास, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से जुड़े अनदेखे अनुभवों को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।

 

आस्था से एडवेंचर तक

रात्रि विश्राम के बाद रविवार को बाइकर्स काशी आनंदम से अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे। यहां से दल शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगा, जहां दर्शन-गंगा आरती के बाद यात्रा देवदरी और राजदरी वाटरफॉल की ओर बढ़ेगी। घने जंगलों व हरियाली के बीच स्थित देवदरी और राजदरी जलप्रपात मानसून में पूरे उफान पर रहते हैं। ऐसे में यात्रा का दूसरा दिन बाइकिंग के रोमांच के साथ प्रकृति और एडवेंचर टूरिज्म का विशेष अनुभव कराएगा।

 

..ताकि पर्यटन मानचित्र पर दिखें अल्पज्ञात स्थल 

'द राइडिंग चैप्टर्स' का पहला संस्करण इस माह के शुरुआत में लखनऊ से कालिंजर किले तक आयोजित किया गया था। पहली बाइक यात्रा को मिली सफलता के बाद शनिवार को इसके दूसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाई गई। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत पर्यटन विभाग सुनियोजित सड़क यात्राओं के जरिए प्रदेश की विरासत और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को पर्यटकों से रूबरू कराते हुए इन्हें प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल कर रहा है।

Raksha Bandhan Gift: रक्षाबंधन पर यूपी की महिलाओं को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, एक साथी के साथ दो दिन बस में फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं

Raksha Bandhan Gift: उत्तर प्रदेश के मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर महिलाओं और उनके एक सहयात्री को सरकारी बसों में फ्री यात्रा की सौगात दी है। खास बात यह है कि यह फ्री सेवा एक नहीं बल्कि दो दिन तक जारी रहेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (23 अगस्त) को कहा कि रक्षाबंधन पर 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। आपको बता दें कि इस साल रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

सीएम योगी ने इस संबंध में परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन को मिलकर व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाएं त्योहार के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने घर पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘एंटी-रोमियो स्क्वॉड’ को सक्रिय रखने और प्रमुख रूट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिलों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में उन्होंने प्रदेश में जलभराव, बाढ़ की स्थिति, रक्षाबंधन पर महिला यात्रियों के लिए परिवहन व्यवस्था, चीनी की उपलब्धता, आगामी गन्ना पेराई सत्र तथा स्कूलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मद्देनजर बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चालक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाएं।

सीएम आदित्यनाथ ने बैठक में प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जिलों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के मण्डलायुक्तों तथा नोएडा प्राधिकरण से जलभराव वाले क्षेत्रों और उसके कारणों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी अनावश्यक जलभराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निचले क्षेत्रों को चिह्नित कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।

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मुख्यमंत्री ने सभी मेयर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था देखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों पर जहां भी अतिक्रमण है, उसे चिह्नित कर तत्काल हटाया जाए। सीएम योगी ने यूपी के 19 बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने बलिया, गोण्डा, बहराइच, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली।

Weather Forecast: यूपी-बिहार के लिए अगले 24 घंटे होंगे खतरनाक! IMD ने बारिश-तूफान का दिया अलर्ट

Weather Alert: देश के कई इलाकों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदल गया है। मौसम में बदलाव के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त को दिल्ली और बिहार समेत 19 राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में आईएमडी लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की संभावना जताई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मेघालय, केरल और असम में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 23 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिन के दौरान बारिश की संभावना जताई है। लेकिन, बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यूपी-बिहार में होगी तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 23 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के नोएडा, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। लखनऊ में तापमान 33 डिग्री और पटना में 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दोनों शहरों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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अराजक या एंग्री यंग मैन? राहुल गांधी- भारतीय राजनीति का सबसे आक्रामक नेता प्रतिपक्ष

अराजक या एंग्री यंग मैन? राहुल गांधी- भारतीय राजनीति का सबसे आक्रामक नेता प्रतिपक्ष

Rahul Gandhi Anarchist or Angry Young Man?:

Rahul Gandhi Anarchist or Angry Young Man?: राहुल गांधी को समझना आसान नहीं है। पिछले 15 वर्षों में उनकी राजनीति ने कई चेहरे देखे हैं—‘पप्पूसे लेकर भारत जोड़ो यात्रा के यात्री तक, और अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में सत्ता को खुली चुनौती देने वाले नेता तक।

लेकिन राहुल गांधी की कहानी का एक पहलू ऐसा भी है जिसे राजनीति अक्सर ढक देती है—उनकी सहजता, परिवार के प्रति लगाव और आम आदमी के साथ बिना औपचारिकता घुलने-मिलने की कोशिश।
यही विरोधाभास राहुल को दिलचस्प बनाता है।

एक तरफ संसद और सड़क पर बेहद आक्रामक राहुल गांधी, दूसरी तरफ मां सोनिया का हाथ थामे, बहन प्रियंका को टॉफी देते या किसी साधारण मोची के घर बैठकर जूते सिलना सीखते राहुल गांधी।

तो आखिर राहुल गांधी कौन हैं?

अराजक? एंग्री यंग मैन? या भारतीय राजनीति का वह नेता जिसे विरोधी भले नापसंद करें, लेकिन आम आदमी अब भला इंसानमानने लगा है?

2011 का राहुल और 2026 का राहुल

करीब डेढ़ दशक पहले राहुल गांधी के पास विरासत बहुत थी, लेकिन अपनी राजनीतिक पहचान कम। 2014 में कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई। 2019 में वे अमेठी हार गए। ‘पप्पू’ की छवि इतनी मजबूत थी कि उनके गंभीर राजनीतिक प्रयास भी अक्सर मजाक में बदल जाते थे।

लेकिन हार ने राहुल को बदला।

उनकी भाषा बदली। तेवर बदले। संसद से सड़क तक उनकी मौजूदगी बढ़ी।

फिर आई भारत जोड़ो यात्रा। यह राहुल गांधी का राजनीतिक पुनर्जन्म था।
कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चलने वाला नेता लोगों के बीच बैठा, बच्चों से मिला, किसानों से बात की, युवाओं के सवाल सुने। पहली बार राहुल गांधी को टीवी के मंच पर नहीं, सड़क पर देखा गया।
और यहीं ‘पप्पू’ वाली छवि में पहली बड़ी दरार पड़ी।

राहुल की राजनीति में गुस्सा है, लेकिन आदमी में सहजता

राहुल गांधी की राजनीति आज जितनी आक्रामक है, उनका सार्वजनिक व्यवहार अक्सर उतना ही सहज दिखाई देता है। यही शायद उनकी सबसे बड़ी मानवीय ताकत है।

2024 में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के मोची रामचेत की दुकान पर रुकना और उनसे जूते सिलना सीखना केवल राजनीतिक फोटो-ऑप था या नहीं, इस पर बहस हो सकती है। लेकिन इसके महीनों बाद रामचेत और उनके परिवार को दिल्ली स्थित अपने घर बुलाना एक अलग तस्वीर पेश करता है। राहुल ने उन्हें गले लगाया; प्रियंका और सोनिया गांधी ने भी उनके परिवार से मुलाकात की।

यह वह राहुल है जिसे राजनीति की शब्दावली में आसानी से फिट नहीं किया जा सकता।

वह नेता जो संसद में प्रधानमंत्री पर सबसे तीखे हमले कर सकता है, वही किसी आम आदमी के घर बैठकर उसकी कहानी भी सुन सकता है।

यही भारतीय समाज की उस पुरानी परंपरा से जुड़ता है जिसमें राजनीति चाहे जितनी कठोर हो, परिवार और रिश्तों में आदमी की पहचान उसके व्यवहार से होती है।

भारत में नेता केवल भाषण से नहीं बनता। लोग यह भी देखते हैं कि वह अपनी मां के साथ कैसा है, बहन के साथ कैसा है, गरीब के साथ कैसा है और कमजोर आदमी के सामने उसका व्यवहार कैसा है।

सोनिया और प्रियंका : राहुल के राजनीतिक व्यक्तित्व का मानवीय पक्ष

राहुल गांधी को परिवार से अलग करके देखना संभव भी नहीं है और शायद सही भी नहीं। सोनिया गांधी उनकी मां ही नहीं, उनकी सबसे लंबी राजनीतिक छाया भी रही हैं।

हाल के दिनों में सोनिया गांधी की आने वाली आत्मकथा के संदर्भ में राहुल और प्रियंका दोनों का अपनी मां के प्रति भावनात्मक सार्वजनिक संदेश इस रिश्ते के निजी पक्ष को सामने लाता है। राहुल ने पिता राजीव गांधी का संदर्भ देते हुए मां के जीवन और संघर्ष के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

और प्रियंका? यह रिश्ता शायद राहुल गांधी के व्यक्तित्व का सबसे सहज आईना है।

राजनीति में दोनों भाई-बहन एक-दूसरे के सहयोगी हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में कई बार उनका रिश्ता बिल्कुल आम भाई-बहन जैसा दिखाई देता है।

रक्षाबंधन पर दोनों का स्नेहपूर्ण संवाद हो या संसद परिसर में राहुल का प्रियंका को टॉफी देकर कहना—“Have a sweet”—इन छोटे क्षणों में नेता नहीं, भाई दिखाई देता है।

फरवरी 2026 में राहुल ने मजाकिया अंदाज में यह भी बताया कि एक समय प्रियंका उनसे नाराज थीं और वायनाड के एक प्रसंग ने दोनों के बीच का तनाव खत्म किया। यह किस्सा जितना सामान्य लगता है, उतना ही महत्वपूर्ण भी है—क्योंकि राजनीति में परिवार अक्सर केवल शक्ति-समीकरण बन जाता है, जबकि राहुल-प्रियंका के रिश्ते में भाई-बहन की सहजता अब भी दिखाई देती है।

यही राहुल गांधी का दूसरा चेहरा है।

जो नेता सत्ता से लड़ते समय तल्ख हो सकता है, वही परिवार में बेहद सहज और भावुक भी है।

और शायद यही Gen-Z को आकर्षित कर रहा है

आज का Gen-Z नेता में ‘महानता’ से ज्यादा ऑथेंटिसिटी खोजता है। उसे बहुत बनावटी भाषण पसंद नहीं। उसे ऐसा नेता चाहिए जो सवाल सुने, गलती स्वीकार करे, हंसे, मजाक करे और जरूरत पड़े तो उसके साथ जमीन पर बैठे।

राहुल गांधी ने पिछले कुछ समय में इसी भाषा को अपनाया है।

वे युवाओं से बेरोजगारी पर बात करते हैं, छात्रों से NEET और परीक्षा व्यवस्था पर संवाद करते हैं और रोजगार को राजनीतिक बहस के केंद्र में रखते हैं। 2022 की भारत जोड़ो यात्रा में बेरोजगारी पर युवाओं के साथ उनका संवाद इसी राजनीति का हिस्सा था।

2024 में NEET छात्रों से उनकी मुलाकात और लगातार युवा मुद्दों को उठाना भी इसी दिशा में देखा जा सकता है। और उनका छात्रों की गूंज कार्यक्रम भी इसी संवाद की निरंतरता है, जिसका उद्देश्य छात्रों के सवाल सुनना और उनसे सीधे चर्चा करना है।

लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि Gen-Z राहुल गांधी का नया वोट बैंक बन चुका है।

लेकिन इतना जरूर है— राहुल अब युवाओं के बीच केवल एक राजनीतिक चुटकुला नहीं हैं। वे बातचीत का विषय हैं। और राजनीति में perception का बदलना कभी छोटी बात नहीं होती।

एंग्री यंग मैनउम्र से नहीं, तेवर से

राहुल गांधी अब युवा नहीं हैं। लेकिन उनकी राजनीति में ‘एंग्री यंग मैन’ का तेवर जरूर है।

  • व्यवस्था से नाराजगी।
  • बेरोजगारी पर गुस्सा।
  • असमानता पर सवाल।
  • संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर बेचैनी।
  • और सत्ता से लगातार टकराने की इच्छा।

21 अगस्त 2026 को छात्र प्रदर्शन में घायल युवक के लिए दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर करीब घंटों धरने पर बैठना इसका ताजा उदाहरण है। उनके साथ प्रियंका गांधी भी थीं।

इसे कोई अराजकता कह सकता है। कोई राजनीतिक नौटंकी। लेकिन समर्थक इसे विपक्ष के सड़क पर उतरने की जिम्मेदारी कहेंगे। यही राहुल की राजनीति का नया चरित्र है—वे अब लड़ने से कतराते नहीं हैं।

लेकिन क्या वे अराजक हैं?

आक्रामक होना और अराजक होना एक बात नहीं। लोकतंत्र में विपक्ष का काम सत्ता से सवाल पूछना है। संसद में विरोध करना, सड़क पर उतरना और सरकार को चुनौती देना उसका अधिकार है।

समस्या तब शुरू होती है जब राजनीतिक विरोध और संस्थाओं पर अविश्वास के बीच की रेखा मिटने लगे। ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं। इसलिए उनके साथ गंभीर प्रमाण भी जरूरी हैं।

राहुल की सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ा जोखिम एक ही है— वे अब पीछे हटने वाले नेता नहीं हैं।

जनता की नजर में राहुल : नेता नहीं, पहले भला आदमी?

शायद राहुल गांधी की छवि में सबसे बड़ा बदलाव यही है। एक समय जनता उन्हें केवल ‘गांधी परिवार के बेटे’ के रूप में देखती थी।

आज एक वर्ग उन्हें पहले भला इंसान, फिर नेता के रूप में देखने लगा है। यह बदलाव चुनावी जीत की गारंटी नहीं है।

लेकिन राजनीति में किसी नेता के प्रति ‘भला आदमी’ वाली धारणा महत्वपूर्ण होती है। भारतीय मतदाता नेता की नीतियों से असहमत हो सकता है, लेकिन अगर उसे लगता है कि आदमी नीयत से ठीक है, तो राजनीतिक रिश्ते की एक जमीन तैयार हो जाती है।

राहुल गांधी शायद इसी जमीन पर खड़े हैं। उनके आलोचक उनकी राजनीति को नकारात्मक मान सकते हैं। उनके विरोधी उनकी शैली को आक्रामक कह सकते हैं। 

लेकिन उनके समर्थक और बढ़ता युवा वर्ग उनमें एक ऐसा नेता देखता है जो कम से कम सुनता है, लोगों के बीच जाता है और सत्ता से सवाल पूछने में डरता नहीं।

सबसे आक्रामक नेता प्रतिपक्ष?

आज राहुल गांधी निश्चित रूप से भारत के सबसे मुखर और आक्रामक विपक्षी नेताओं में हैं।

वे संसद में लड़ते हैं। सड़क पर लड़ते हैं। चुनाव में लड़ते हैं। सरकार से लड़ते हैं।

और अब युवाओं के सवालों और हक के लिए भी सड़क पर उतरते हैं। लेकिन आक्रामकता अपने आप में नेतृत्व नहीं है। नेतृत्व तब साबित होगा जब वही गुस्सा नीति में बदले, विरोध विकल्प में बदले और आंदोलन शासन की क्षमता में।

पप्पूसे पॉलिटिकल चैलेंजरतक

‘पप्पू’ से ‘पॉलिटिकल चैलेंजर’ बनने की यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि शायद यही है कि उन्होंने अपने विरोधियों को भी अपनी राजनीति पर बात करने के लिए मजबूर किया है। राहुल गांधी की 15 साल की कहानी शायद तीन शब्दों में लिखी जा सकती है—

पप्पू → भला आदमी → पॉलिटिकल चैलेंजर।

पहला नाम उनके विरोधियों ने दिया। दूसरी छवि जनता के एक हिस्से ने बनाई। तीसरी पहचान राहुल गांधी खुद बनाने की कोशिश कर रहे हैं। और शायद यहीं उनके नाम का अर्थ फिर लौटता है।

राहुल—दुःखों पर विजय पाने वाला। यह दावा नहीं कि राहुल गांधी ने राजनीति जीत ली है।

अभी नहीं। लेकिन उन्होंने एक बात जरूर साबित की है— उपहास किसी नेता का अंतिम परिचय नहीं होता।
महात्मा गांधी को पीटरमारित्जबर्ग की एक ठंडी रात ने बदल दिया था। शायद राहुल को वर्षों के राजनीतिक उपहास ने। गांधीजी ने अपमान के बाद संघर्ष चुना। राहुल ने उपहास के बाद पुनर्निर्माण। दोनों की यात्रा समान नहीं है, इतिहास दोनों को एक तराजू में नहीं तौल सकता।

लेकिन एक सबक समान जरूर है— जिसे आप सार्वजनिक रूप से छोटा समझते हैं, वही कभी-कभी सबसे लंबी लड़ाई लड़ने की जिद लेकर खड़ा हो जाता है।

राहुल ने उपहास से सम्मान तक की दूरी तय कर ली है। अब सम्मान से विश्वास तक जाना बाकी है।  2029 में सवाल यह नहीं होगा कि राहुल गांधी नरेंद्र मोदी की सत्ता पर कितनी जोरदार चोट करते हैं।

सवाल होगा— क्या वे उस युवा भारत के विश्वसनीय विकल्प बन पाएंगे, जो नौकरी चाहता है, अवसर चाहता है, अपनी आवाज चाहता हैऔर साथ ही ऐसा नेता भी चाहता है जो सत्ता में बैठकर भी इंसान बना रहे?
क्योंकि सरकार गिराने के लिए जनता का आक्रोश काफी है। लेकिन सरकार चलाने के लिए नीति, क्षमता और विश्वास—तीनों चाहिए। और राहुल गांधी की अगली राजनीतिक लड़ाई इन्हीं तीन शब्दों की है।

कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम नागरिक कतई परेशान न हों। प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है। चीनी मिलों ने दो महीने (जून-जुलाई) में 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलें 15 अक्टूबर से संचालित की जाएं।

15 अक्टूबर से संचालित की जाए चीनी मिलें 

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल (कुल 179.38 लाख क्विंटल) चीनी प्रदेश में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जून व जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है, इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए।

भ्रम फैलाने व कालाबाजारी करने वालों पर करें कार्रवाई 

सीएम योगी ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी बताकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने भारत सरकार के निर्देश के क्रम में कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत विक्रित चीनी को विक्रय की तिथि से 7 दिन से अधिक अवधि तक गोदाम में नहीं रोकेंगी। 

सीएम ने दिया निर्देश- भौतिक सत्यापन कराएं जिलाधिकारी

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक धारित करने अथवा जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में चीनी की उपलब्धता एवं मूल्य पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी अथवा मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराएं।

48 लाख किसानों को किया गया 32,554 करोड़ का भुगतान 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग 4 लाख टन है। पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया गया है।

एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश, अधिकारियों ने बैठक कर बनाई रणनीति

एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश, अधिकारियों ने बैठक कर बनाई रणनीति

NCR Air Pollution: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए है। अभी हाल ही में मुख्य सचिव ने पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

बैठक में विशेष रूप से पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों और कृषि मशीनरी की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को पराली प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक बेलर एवं अन्य कृषि मशीनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मशीनरी की कमी को दूर करने के लिए लंबित टेंडर प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खेत स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए और किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाए। इसके साथ ही पराली प्रबंधन के उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

 

बैठक में वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच की जाए तथा नियमों का पालन न करने वाले उद्योगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि संबंधित प्रत्येक विभाग द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण की रोकथाम से जुड़े कार्यों की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

 

मुख्य सचिव ने धान की पराली (पैडी स्ट्रॉ) के प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। पराली प्रबंधन में उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी की कमी को दूर करने के लिए बेलर एवं अन्य आवश्यक कृषि मशीनों की व्यवस्था हेतु टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण कराई जाए, ताकि फसल अवशेषों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सड़क विकास एवं रखरखाव कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि रोड रिडेवलपमेंट तथा रोड डस्ट की रोकथाम से संबंधित आवश्यक टेंडर समय से कराकर कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने गड्ढों (पॉटहोल्स) की मरम्मत तथा क्षतिग्रस्त फुटपाथों के पुनर्स्थापन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।

 

मुख्य सचिव ने कहा कि लोक निर्माण, नगर निकायों/स्थानीय निकायों, हाउसिंग एवं अर्बन से जुड़े विभागों की क्षतिग्रस्त सड़कों की सूचना संबंधित विभागों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य समयबद्ध रूप से कराया जा सके। वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक उपकरण स्थापित करने हेतु निर्देशित किया जाए। उन्होंने ईवी सिटी बसों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक ईवी चार्जिंग पॉइंट्स की संभावित लोकेशन तत्काल चिन्हित कर नेडा को उपलब्ध कराने को कहा, जिससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाई जा सके।

 

बैठक में विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए प्रत्येक संबंधित विभाग द्वारा नोडल अधिकारी नामित किए जाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि पवन पोर्टल पर संबंधित विभागों द्वारा सही, पूर्ण एवं अद्यतन डेटा अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्यों की वास्तविक प्रगति का प्रभावी आकलन किया जा सके। उन्होंने एंड टू एंड वाहनों को जब्त किए जाने की कार्रवाई में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपेक्षित प्रगति न करने वाले जनपदों के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए तथा कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। जनजागरूकता के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाएं।