योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा को बड़ी उड़ान, दीक्षा पर यूपी के 27 लाख से अधिक उपयोगकर्ता

योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा को बड़ी उड़ान, दीक्षा पर यूपी के 27 लाख से अधिक उपयोगकर्ता

DIKSHA App UP Users: किताब, ब्लैकबोर्ड और कक्षा से आगे बढ़कर जब पढ़ाई मोबाइल, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास तक पहुंचती है, तो ज्ञान की पहुंच भी व्यापक होती है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को इसी व्यापक पहुंच से जोड़ते हुए दीक्षा (DIKSHA) के उपयोग और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार पर जोर दिया है। इसका परिणाम प्रदेश में बने 27.01 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के बड़े आधार के रूप में सामने आया है, जो देश के कुल पंजीकृत दीक्षा उपयोगकर्ताओं का लगभग 12 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ता दीक्षा से जुड़े रहे, जबकि इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ता भी इस डिजिटल मंच से जुड़े।

योगी सरकार की पहल से गांव-गांव पहुंच रही डिजिटल पढ़ाई

डिजिटल शिक्षा को शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर 16 हजार से अधिक क्यूआरलिंक्ड शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए हैं। संबंधित पाठ में दिए क्यूआर कोड के माध्यम से शिक्षक और विद्यार्थी शिक्षण वीडियो तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इससे विद्यालयों में उपलब्ध पाठ्य सामग्री को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने और बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। इसके साथ गेम आधारित आकलन, प्री लोडेड स्मार्ट क्लास सामग्री और बहुभाषी पाठ्य सामग्री जैसे नवाचार भी डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बनाए गए हैं। इससे शिक्षकों को विषयों को समझाने के लिए अतिरिक्त डिजिटल संसाधन मिल रहे हैं और बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और रोचक बनाया जा रहा है।  

समावेशी शिक्षा को भी मिला डिजिटल सहारा

योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा पहल में समावेशिता पर भी ध्यान दिया गया है। दीक्षा पर भारतीय सांकेतिक भाषा में कंटेंट उपलब्ध कराया गया है, जिससे विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए भी डिजिटल शिक्षण संसाधनों की पहुंच बेहतर हो सके। वहीं दीक्षा पॉकेट बुकलेट जैसे प्रयासों के माध्यम से डिजिटल संसाधनों के उपयोग को विद्यालय स्तर पर अधिक सहज बनाने की दिशा में काम किया गया है।

हर दिन हजारों उपयोगकर्ता कर रहे इस्तेमाल

वर्ष 2025-26 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ताओं का दीक्षा से जुड़े रहना इसके नियमित उपयोग को दर्शाता है। इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ताओं का जुड़ना भी प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते आधार की तस्वीर सामने रखता है। यानी दीक्षा के माध्यम से उपलब्ध शिक्षण सामग्री का उपयोग लगातार नए शिक्षकों और अन्य उपयोगकर्ताओं तक पहुंच रहा है।

सिर्फ अनुपात से नहीं दिखती पूरी तस्वीर

केवल प्रति हजार उपयोगकर्ताओं के अनुपात को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश की दीक्षा उपलब्धि का आकलन करने से तस्वीर पूरी तरह सामने नहीं आती। प्रदेश की बड़ी आबादी और व्यापक विद्यालयी पहुंच को देखते हुए 27.01 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का आधार डिजिटल शिक्षा की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। देश के कुल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर मजबूत डिजिटल शिक्षा आधार तैयार किया है।

डिजिटल संसाधनों से मजबूत होगी बच्चों की सीख

योगी सरकार का प्रयास डिजिटल संसाधनों को केवल तकनीकी सुविधा के रूप में उपलब्ध कराने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें शिक्षक और विद्यार्थी के नियमित शिक्षण-अधिगम अनुभव से जोड़ना है। क्यूआरलिंक्ड वीडियो से लेकर स्मार्ट-क्लास सामग्री, गेम-आधारित आकलन, बहुभाषी कंटेंट और भारतीय सांकेतिक भाषा की सामग्री तक, विभिन्न माध्यमों से डिजिटल शिक्षा को अधिक उपयोगी और समावेशी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 

राज्य के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के मुताबिक, दीक्षा के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर बच्चे और शिक्षक तक पहुंचाना योगी सरकार की प्राथमिकता है। लाखों उपयोगकर्ताओं की भागीदारी डिजिटल शिक्षा की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। हमारा लक्ष्य तकनीक के माध्यम से बच्चों की सीख को और बेहतर बनाना है।

कल का मौसम: 20 अगस्त को इन 15+ राज्यों में होगी आफत की बारिश! हिमाचल से यूपी-बिहार तक IMD का अलर्ट जारी, ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त के लिए मौसम का डिटेल्ड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक 15 से भी अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर बेहद आक्रामक रहने वाला है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 20 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर जारी रहेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में 20 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश से भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट भी देखने को मिलेगी।

बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और कड़कती बिजली का साया

20 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का गखतरा मंडरा रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम और भी ज्यादा उग्र रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर के विभिन्न इलाकों में भी सिर्फ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनी

मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बन रहे मौसमी दबाव के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिमी-मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने की आशंका जताई गई है।

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अयोध्या पुलिस का राजस्थान में बड़ा कांड! ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते SI समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, SSP ने किया सस्पेंड

अयोध्या पुलिस का राजस्थान में बड़ा कांड! ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते SI समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, SSP ने किया सस्पेंड

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​राजस्थान के एक पीड़ित को साइबर फ्रॉड केस में जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत मांगने वाले अयोध्या पुलिस के 4 जवानों पर गाज गिरी है। सीकर पहुँची राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 2.80 लाख रुपये घूस लेते हुए सब-इंस्पेक्टर समेत चारों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों दबोच लिया। मामले की जानकारी मिलते ही अयोध्या के एसएसपी (SSP) गौरव ग्रोवर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

 

​क्या है पूरा मामला?

 

​जेल भेजने की धमकी और घूस की मांग: अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में तैनात पुलिस टीम ने राजस्थान के सीकर निवासी एक व्यक्ति को नोटिस देकर पूछताछ के लिए अयोध्या बुलाया था। आरोप है कि पीड़ित का नाम साइबर फ्रॉड केस से हटाने और उसे जेल न भेजने के बदले पुलिसकर्मियों ने 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में सौदा 2.80 लाख रुपये में तय हुआ।

 

​सीकर ACB में शिकायत और सत्यापन: पीड़ित ने इस जबरन वसूली की शिकायत राजस्थान ACB की सीकर यूनिट से की। ACB ने 17 अगस्त को शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई।

 

​रंगे हाथों गिरफ्तारी और भागने की कोशिश नाकाम

18 अगस्त को ACB ने ट्रैप बिछाया। अयोध्या साइबर पुलिस की टीम रिश्वत की रकम लेने खुद सीकर पहुँची। जैसे ही कांस्टेबल सोहनलाल ने परिवादी से पैसों से भरा बैग लिया, ACB की टीम ने उन्हें घेर लिया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने अपनी कार से ACB की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने का प्रयास भी किया, लेकिन सतर्क अधिकारियों ने घेराबंदी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई है। 

 

​निलंबित किए गए आरोपी पुलिसकर्मियों के नाम

  • ​यशवंत सिंह (उप-निरीक्षक / SI)
  • ​पवन कुमार त्रिपाठी (कांस्टेबल)
  • ​सोहन लाल (कांस्टेबल)
  • ​गौरव चारग / चिराग (कांस्टेबल)
  • ​अयोध्या SSP का बड़ा एक्शन

 

​राजस्थान में हुई इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अयोध्या SSP गौरव ग्रोवर ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

योगी सरकार का बड़ा कदम, 82000 से ज्यादा स्कूली वाहनों की हो रही निगरानी

योगी सरकार का बड़ा कदम, 82000 से ज्यादा स्कूली वाहनों की हो रही निगरानी

UP School Vehicles Safety Drive: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश में मिशन सेफ फ्यूचर के साथ ही कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के साथ-साथ वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन भी करा रहा है। मुख्यमंत्री ने हाल में स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने और चालकों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।

 

परिवहन विभाग के 13 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 19,680 स्कूल हैं। इनमें 74,337 वाहन स्कूल के नाम से पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन स्कूलों से अनुबंधित हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 82,259 स्कूली वाहन हैं।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर फोकस

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने बताया कि मिशन सेफ फ्यूचर समेत अन्य सभी अभियान के तहत परिवहन विभाग का जोर स्कूली वाहनों को फिट रखने और चालकों का सत्यापन कराने पर है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों व चालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

जांच में 6,066 वाहन अनफिट मिले

विभिन्न अभियानों के दौरान प्रदेशभर में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में 6,066 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए। इन वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। वहीं प्रवर्तन टीमों ने 1,072 स्कूली वाहनों का चालान किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 356 वाहनों को बंद यानी सीज किया।

27,066 चालकों का चरित्र सत्यापन

अभियान के तहत अब तक 27,066 स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन कराया जा चुका है। परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के चालकों की सुरक्षा जांच को लेकर सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिए हैं।

सभी बोर्ड के स्कूलों को अहम निर्देश

परिवहन विभाग ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड, यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड व अन्य बोर्ड के स्कूलों को बस और वैन चालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन और मेडिकल परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से इसके लिए पत्र भी जारी किया गया है। इसमें संबंधित बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।

2027 के चुनाव से पहले BJP को क्यों याद आईं स्मृति ईरानी? समझें पूरा सियासी समीकरण

Smriti Irani: BJP ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को फिर से राष्ट्रीय महासचिव बनाकर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एक बड़ा चेहरा दे दिया है। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी राजनीतिक पकड़, दमदार भाषण शैली और खासतौर पर महिला वोटरों के बीच उनकी लोकप्रियता यूपी में चुनावी अभियान को मजबूती देने में मदद करेगी।

बता दें कि स्मृति ईरानी उन आठ नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश से BJP अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। इससे साफ है कि पार्टी उत्तर प्रदेश को कितनी अहमियत दे रही है। ईरानी और पूर्व बस्ती सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वहीं, पूर्व धौरहरा सांसद रेखा वर्मा और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। जबकि अमर पाल मौर्य को BJP OBC मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष कुंवर बासित अली को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।

हालांकि, स्मृति ईरानी के लिए यह नई जिम्मेदारी खास तौर पर अहम मानी जा रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार के बाद से ईरानी के पास पार्टी में कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं थी। अब उत्तर प्रदेश में होने वाले बेहद अहम चुनाव से पहले उन्हें राष्ट्रीय संगठन में वापस लाया गया है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि BJP इस चुनाव में महिला वोटरों के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में ईरानी की वापसी को पार्टी की चुनावी रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषक मनोज भद्रा ने कहा,  “ऐसे समय में जब सभी राजनीतिक दल महिला मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तब भाजपा स्मृति ईरानी की वापसी के माध्यम से एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है। वह एक प्रभावशाली वक्ता हैं और कई भाषाओं में भाषण दे सकती हैं। वह विशेष रूप से महिलाओं के बीच लोकप्रिय हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण, राष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपस्थिति से पार्टी महिला मतदाताओं को फिर से लुभाने और उन्हें अपने पाले में एकजुट करने के लिए जोरदार प्रयास करेगी।”

हालांकि, भाजपा के लिए ईरानी की राजनीतिक उपयोगिता केवल महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता तक ही सीमित नहीं है। उनकी आक्रामक शैली और कांग्रेस नेतृत्व से उनकी अच्छी जान-पहचान उन्हें उस राज्य में पार्टी के प्रमुख प्रचारकों में से एक बना सकती है, जहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के भाजपा के खिलाफ संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने की उम्मीद है। उनका राजनीतिक कद उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव दोनों को चुनौती देने में भी सक्षम बनाता है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश ईरानी के लिए एक जाना-पहचाना राजनीतिक क्षेत्र है। उन्होंने पहली बार 2014 में अमेठी से चुनाव लड़ा था, जहां उन्होंने कांग्रेस के गढ़ में राहुल गांधी को चुनौती दी थी। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करना जारी रखा और मतदाताओं से संपर्क बनाए रखा। भाजपा नेता अमेठी में पार्टी का संगठनात्मक आधार मजबूत करने में उनकी निरंतर जमीनी भागीदारी को श्रेय देते हैं।

ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को हराया था

उनके प्रयासों का फल 2019 के लोकसभा चुनाव में मिला, जब उन्होंने राहुल गांधी को सीधे मुकाबले में हराकर अमेठी पर गांधी परिवार के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को समाप्त कर दिया। इस जीत ने ईरानी को भाजपा के सबसे प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं में से एक बना दिया और उन्हें “जायंट किलर” का खिताब दिलाया।

हालांकि, 2024 की हार उनके राजनीतिक करियर में एक झटका साबित हुई। वह अमेठी सीट किशोरी लाल शर्मा से हार गईं। उस हार के बाद, उन्हें अपनी हालिया नियुक्ति तक कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी गई।

अमेठी में भाजपा नेताओं का मानना ​​है कि उनकी वापसी से क्षेत्र में पार्टी के चुनाव प्रचार को नई ऊर्जा मिल सकती है। अमेठी और रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर उनकी नियुक्ति का जश्न मनाया। समर्थकों का कहना है कि ‘दीदी’ के नाम से मशहूर ईरानी जल्द ही जमीनी स्तर पर वापसी करेंगी।

भाजपा के अमेठी स्थानीय नेता जनमजय शर्मा ने कहा कि ईरानी ने इस क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने कहा कि 2014 में राहुल गांधी से हारने के बावजूद, वह नियमित रूप से अमेठी आती रहीं और लोगों के दिलों में उनकी एक खास जगह है।

हालांकि, अमेठी और पड़ोसी रायबरेली में चुनावी समीकरण भाजपा के लिए अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। 2022 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने अमेठी की चार सीटों में से दो, तिलोई और जगदीशपुर सीटें जीतीं। जबकि सपा ने गौरीगंज और अमेठी की सीटें जीतीं थी। हालांकि, गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

वहीं, रायबरेली में सपा ने 6 विधानसभा सीटों में से चार सीटें – बछरावां, हरचंदपुर, सरेनी और ऊंचाहार – जीतीं, जबकि भाजपा ने रायबरेली और सलोन सीटें जीतीं। हालांकि, ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडे बाद में भाजपा में शामिल हो गए और अब योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं।

ईरानी जल्द शुरू कर सकती हैं यूपी का दौरा

भाजपा सूत्रों के अनुसार, ईरानी जल्द ही उत्तर प्रदेश में व्यापक दौरे शुरू कर सकती हैं और विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए विशेष रूप से अमेठी और रायबरेली पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, “स्मृति ईरानी एक जाना-पहचाना चेहरा हैं, उन्होंने अमेठी से चुनाव जीता है और भाजपा के लिए भीड़ जुटाना आसान है।” उन्होंने आगे कहा, “दूसरा, वह राहुल गांधी का मुकाबला करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगी… और इस खींचतान को मीडिया कवरेज मिलेगा, जिससे पार्टी को फायदा होगा।”

‘तुलसी’ से सियासत तक का सफर

बता दें कि ईरानी का राजनीतिक सफर टेलीविजन से शुरू हुआ, जहां लोकप्रिय धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में तुलसी विरानी के किरदार से वे घर-घर में मशहूर हो गईं। उन्होंने 2003 में भाजपा में प्रवेश किया और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्य किया। बाद में उन्होंने गुजरात और महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य किया और 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार में शिक्षा, वस्त्र, सूचना एवं प्रसारण, महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों सहित कई विभागों का कार्यभार संभाला।

अब 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में स्मृति ईरानी की BJP के राष्ट्रीय संगठन में वापसी पार्टी के लिए काफी अहम मानी जा रही है। उनके पास उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार का अनुभव है और वह पार्टी के लिए एक पहचाना हुआ और आक्रामक चेहरा हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्मृति ईरानी 2019 में अमेठी की ऐतिहासिक जीत से बनी अपनी राजनीतिक पकड़ को पूरे उत्तर प्रदेश में BJP के लिए चुनावी फायदे में बदल पाएंगी? यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि पार्टी राज्य में अगले चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू कर रही है।

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Bank Holidays: आज बुधवार को इस राज्य के बैंकों में छुट्टी, जानिए क्यों दिया गया हॉलिडे, अगस्त में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक?

Bank Holidays August 19, 2026: अगर आप आज यानी बुधवार, 19 अगस्त को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने घर से निकलने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, आज देश के एक राज्य में सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

यह छुट्टी किसी राष्ट्रीय पर्व के कारण नहीं, बल्कि एक विशेष राज्य दिवस और ऐतिहासिक राजा की जयंती के उपलक्ष्य में दी गई है। आइए जानते हैं कि आज किस राज्य में बैंक बंद हैं और इस महीने आगे छुट्टियों का क्या शेड्यूल रहने वाला है।

आज 19 अगस्त (बुधवार) को कहां बंद रहेंगे बैंक?

आज 19 अगस्त को त्रिपुरा राज्य में सभी बैंक बंद रहेंगे। त्रिपुरा में आज महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती मनाई जा रही है। महाराजा बीर बिक्रम को आधुनिक त्रिपुरा का निर्माता माना जाता है। उन्होंने राज्य में शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के विकास में अहम योगदान दिया था। उनके सम्मान में राज्य सरकार और आरबीआई ने आज के दिन बैंक अवकाश घोषित किया है।

अगस्त 2026 में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

अगस्त के बचे हुए दिनों में त्यौहारों और वीकेंड्स के कारण कई दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। देखिए पूरी लिस्ट:

  • 22 अगस्त (चौथा शनिवार): महीने के चौथे शनिवार के कारण पूरे देश में सभी बैंक बंद रहेंगे।
  • 23 अगस्त (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (देशभर में छुट्टी)।
  • 25 अगस्त (मंगलवार): मिलाद-उन-नबी / पहला ओणम के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।
  • 26 अगस्त (बुधवार): मिलाद-उन-नबी (ईद-ए-मिलाद) / तिरुवोनम के चलते दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में बैंकों में ताले लटके रहेंगे।
  • 28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के त्यौहार पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।
  • 30 अगस्त (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (देशभर में छुट्टी)।

ब्रांच बंद रहने पर भी काम आएंगी ये सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऑनलाइन डिजिटल सेवाएं 24×7 काम करती रहेंगी। मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए आप तुरंत फंड ट्रांसफर (NEFT/RTGS/IMPS/UPI) कर सकते हैं। कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम की सेवाएं बिना रुकावट जारी रहेंगी। चेक क्लीयरेंस, पासबुक प्रिंटिंग या ड्राफ्ट बनवाने के लिए आपको बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

उद्योगों को त्वरित बिजली कनेक्शन देने पर योगी सरकार का फोकस, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

उद्योगों को त्वरित बिजली कनेक्शन देने पर योगी सरकार का फोकस, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

CM Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश में उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के लिए योगी सरकार ने विद्युत कनेक्शन प्रक्रिया को और तेज व पारदर्शी बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
 

उन्होंने कहा कि सरकार की उद्योगों एवं व्यापारिक गतिविधि को बढ़ावा देना प्रमुख प्राथमिकता है। इसलिये निवेश मित्र पोर्टल आदि पर कनेक्शन के आवेदनों का अतिशीघ्र निस्तारण होना चाहिए। 

 

लंबित मामलों के समाधान पर विशेष जोर

 

यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने कहा कि कनेक्शन देना हमारा काम है, इसमें विलंब ठीक नहीं है। अगर कहीं विलंब की शिकायत आएगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्युत निगमों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि विद्युत कनेक्शन देने में आनाकानी या विलंब की शिकायत आने पर कार्रवाई के साथ जिम्मेदार अधिकारी की विजिलेंस जांच भी कराई जाएगी। झटपट एवं निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को आवेदनवार स्थिति की निगरानी करने तथा जहां आवश्यक हो, आवेदकों से तत्काल संपर्क कर लंबित मामलों का समाधान कराने को भी कहा है।

 

उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के निर्देश

 

यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने बैठक में नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें।

साथ ही विद्युत बिलों में सुधार के लिए लगाए जा रहे शिविरों की प्रगति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। 

 

निर्देश दिए कि शिविरों के माध्यम से उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायतों का मौके पर अधिक से अधिक निस्तारण किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई की जानकारी लेते हुए फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्यवाई करने के निर्देश दिए हैं।

 

*लाइन हानि कम करने और राजस्व बढ़ाने पर जोर*

 

वितरण निगमों में केंद्रीकृत सामग्री की निविदाओं, क्षतिग्रस्त वितरण परिवर्तकों की स्थिति तथा इनके लिए उत्तरदायी कार्मिकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी ली। 100 केवीए से कम क्षमता वाले वितरण परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने की प्रगति में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि, लाइन हानियों में कमी, बेहतर बिलिंग, स्मार्ट मीटर की प्रभावी मॉनिटरिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लक्ष्य तभी पूरे होंगे जब प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित निगरानी करते हुए परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी एवं निर्बाध विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शक्ति भवन में हुई इस समीक्षा बैठक में कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मेरठ में महिला दारोगा अनु रानी सस्पेंड, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक लाइव-रील वायरल, साइबर सेल करेगी जांच

मेरठ में महिला दारोगा अनु रानी सस्पेंड, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक लाइव-रील वायरल, साइबर सेल करेगी जांच

merreth

सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने का शौक किस कदर भारी पड़ सकता है, इसका ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आया है। यहाँ एक महिला दारोगा का आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला दारोगा अनु रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
 

​उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया नीति का उल्लंघन

महिला दारोगा पर विभागीय सोशल मीडिया नीति का स्पष्ट रूप से उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में आला अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
 

​जांच के प्रमुख बिंदु:

​साइबर सेल करेगी तकनीकी जांच: वायरल वीडियो की सत्यता परखने का जिम्मा साइबर सेल को सौंपा गया है। टीम इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि वीडियो असली है या इसके साथ कोई तकनीकी छेड़छाड़ की गई है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कहाँ से और कैसे वायरल हुआ।
 

​सीओ सौम्या सिंह को विभागीय जांच : निलंबन के बाद पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच सीओ कार्यालय में तैनात अधिकारी सौम्या सिंह को सौंपी गई है। वह पुलिस नियमावली की अनदेखी और नीति उल्लंघन से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगी।
 

​एसपी क्राइम का बयान

मेरठ के एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए महिला दारोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक व विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

अमिताभ बच्चन ने किया यूपी की ‘खाकी’ को सलाम, ‘खाकी का सितारा’ में दिखी पुलिस के जज्बे की पूरी कहानी

अमिताभ बच्चन ने किया यूपी की 'खाकी' को सलाम, ‘खाकी का सितारा’ में दिखी पुलिस के जज्बे की पूरी कहानी

up police

उत्तरप्रदेश पुलिस के पहले आधिकारिक एंथम ‘खाकी का सितारा’ का 6.5 मिनट का पूरा वीडियो यूट्यूब पर रिलीज हो गया है। महानायक अमिताभ बच्चन ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस के पोस्ट को कोट ट्वीट करते हुए इस एंथम को अपने खास अंदाज में सलाम किया। अमिताभ बच्चन ने लिखा, 'कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ ख़ाकी पहनकर ज़मीन पर। ख़ाकी का सितारा।'

 

‘खाकी का सितारा’ सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारियों और उसके कामकाज के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाने की कोशिश है। एंथम में कानून-व्यवस्था से लेकर महिला सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, तकनीक, आपदा एवं राहत कार्य, जनसेवा और रोजमर्रा की पुलिसिंग तक खाकी के अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं।

 

खास बात यह है कि इस एंथम की शूटिंग एक-दो दिन में नहीं, बल्कि महाकुंभ 2025 से स्वतंत्रता दिवस 2026 तक अलग-अलग मौकों और परिस्थितियों में की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस के इस इन-हाउस क्रिएटिव प्रोडक्शन को तैयार करने में एक वर्ष से अधिक का समय लगा। महाकुंभ की विशाल पुलिस व्यवस्था से लेकर अलग-अलग मौकों पर कानून-व्यवस्था संभालते पुलिसकर्मियों तक, कैमरे ने खाकी की ड्यूटी के कई पहलुओं को रिकॉर्ड किया।

 

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रही है। ऐसे में ‘खाकी का सितारा’ के जरिए पुलिस की उसी भूमिका को एक अलग अंदाज में पेश किया गया है। वीडियो में पुलिस को केवल कार्रवाई करने वाली एजेंसी के तौर पर नहीं, बल्कि संकट के समय सबसे पहले पहुंचने वाली और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली व्यवस्था के रूप में दिखाया गया है।

 

त्योहार हो या आपदा, भीड़ का दबाव हो या कानून-व्यवस्था की चुनौती- खाकी हर जगह मौजूद दिखाई देती है। यही इस एंथम का मूल संदेश है। वीडियो में वर्दी के पीछे के उस इंसान को भी दिखाने की कोशिश की गई है, जो अपने परिवार और निजी जीवन से दूर रहकर ड्यूटी करता है और कई बार बिना किसी पहचान या अपेक्षा के अपना कर्तव्य निभाता है।

 

इस एंथम को देश के जाने-माने कलाकारों ने अपनी आवाज और प्रतिभा दी है। इसमें अमिताभ बच्चन की प्रभावशाली आवाज, पद्मश्री शंकर महादेवन का स्वर और संगीत तथा जाने-माने कवि एवं गीतकार आलोक श्रीवास्तव के शब्द हैं। अभिनेता करण आनंद ने इसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है।

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14 अगस्त को लोक भवन में हुआ था लॉन्च

 

‘खाकी का सितारा’ का औपचारिक लॉन्च 14 अगस्त को लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इस मौके पर पद्मश्री शंकर महादेवन, पद्मश्री नाना पाटेकर, गीतकार आलोक श्रीवास्तव, अभिनेता करण आनंद सहित फिल्म और संगीत जगत से जुड़े कई कलाकार मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और पुलिसकर्मी भी शामिल हुए।

 

लॉन्च के दौरान शंकर महादेवन ने ‘खाकी का सितारा’ से जुड़ने को अपने जीवन के खास पलों में से एक बताया। उन्होंने इस एंथम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार को समर्पित किया। उन्होंने गीत की पंक्तियां “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” और “हम डटे रहे, हम खड़े रहे, चट्टानों जैसे अड़े रहे” सुनाते हुए कहा कि संगीत के जरिए पुलिस की सेवा, साहस और संकल्प को आवाज देना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।

 

खाकी के कई रंग, एक ही संकल्प

 

‘खाकी का सितारा’ में पुलिस की सख्ती के साथ उसकी संवेदनशीलता को भी जगह दी गई है। कहीं कानून-व्यवस्था संभालते जवान नजर आते हैं, तो कहीं महिला सुरक्षा और जनसेवा में जुटी पुलिस दिखाई देती है। कहीं महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन की जिम्मेदारी है, तो कहीं आपदा और राहत के बीच लोगों तक पहुंचती खाकी।

यानी यह एंथम सिर्फ पुलिस की वर्दी का गीत नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी की कहानी है जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस हर दिन निभाती है। “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” के संदेश के साथ ‘खाकी का सितारा’ योगी सरकार के उस कानून-व्यवस्था मॉडल की भी तस्वीर पेश करता है, जिसमें पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता की सुरक्षा, सेवा और भरोसे की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

अमिताभ बच्चन के शब्दों में कहें तो कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं और कुछ खाकी पहनकर जमीन पर- ‘खाकी का सितारा’ इसी जमीन पर चमकने वाली खाकी को समर्पित है।