Hyundai Motor India Share Price: मुनाफा 35% घटने के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, शेयर 9% तक भागा

हुंडई मोटर इंडिया के शेयर में 31 जुलाई को दिन में 9 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 2,208.90 रुपये के हाई तक गया। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा गिरने और रेवेन्यू कम रहने के बावजूद शेयर चढ़ा है। इसकी वजह है कि शेयर पर ब्रोकरेज अभी भी बुलिश हैं। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

जून 2026 तिमाही में हुंडई मोटर इंडिया का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35 प्रतिशत घटकर 888.62 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1369.23 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16,334.63 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 16,412.88 करोड़ रुपये था। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 15,407.35 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 14,780.47 करोड़ रुपये था।

हुंडई मोटर इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 21 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड पर 26 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद पेमेंट किया जाएगा।

Hyundai Motor India शेयर पर ब्रोकरेज की राय

CLSA ने 2,300 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग को दोहराया है। कहा है कि हुंडई का EBITDA मार्जिन 9.3 प्रतिशत रहा, जो उम्मीद के मुताबिक था। एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 40 बेसिस पॉइंट्स कम रहा। ब्रोकरेज ने कहा कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, डिस्काउंट में कमी और लागत कम करने के उपायों से कंपनी को कमोडिटी की लागत के दबाव के बावजूद ग्रॉस मार्जिन को मैनेज करने में मदद मिली। कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने अपने मार्जिन गाइडेंस को दोहराया है।

नोमुरा ने हुंडई मोटर इंडिया के स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 2,498 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि हुंडई का पहली तिमाही का EBITDA मार्जिन उम्मीद के मुताबिक रहा। उम्मीद है कि जुलाई-सितंबर 2026 में 2 नए मॉडल लॉन्च होने से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर होगा। नोमुरा का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से कंपनी की ग्रोथ इंडस्ट्री की ग्रोथ से बेहतर रहेगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) ने भी हुंडई मोटर इंडिया पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 2,334 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा उसके अनुमान से अधिक रहा। कमोडिटी की महंगाई और कम वॉल्यूम के कारण EBITDA मार्जिन पर असर पड़ा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी का वॉल्यूम FY26-28 के दौरान 9 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) और अर्निंग्स 16 प्रतिशत CAGR से बढ़ेगी।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

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Asian Paints Share : पहली तिमाही में एशियन पेंट्स की आय 18 फीसदी और मुनाफा करीब 40 फीसदी बढ़ा है। इस अवधि में कंपनी की EBITDA ग्रोथ भी करीब 34 फीसदी रही है। इसके साथ ही मार्जिन भी 2.5 फीसदी बढ़कर 20.2 फीसदी पर रहे हैं। कंपनी के डेकोरेटिव सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ भी 9 फीसदी रही है। नतीजों के बाद आई कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री में कहा गया है कि वॉल्यूम और प्राइस बढ़ाने से ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। इंडस्ट्रियल कोटिंग्स में मिड टीन ग्रोथ रही है। VAM-VAE का फेज पहली छमाही में कमीशन होगा कंपनी ने आगे लिए दिए गए गाइडेंस में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है। मार्जिन भी 18-20% रहने की उम्मीद है।

पेंट इंडस्ट्री में डिमांड की स्थिति मजबूत

नतीजे और ग्रोथ आउटलुक पर बातचीत करते हुए कंपनी के MD & CEO अमित सिंगले ने कहा कि पहली तिमाही कंपनी के लिए काफी अच्छी रही। पहली तिमाही में वैल्यू ग्रोथ 18% रही है। पेंट इंडस्ट्री में डिमांड स्थिति मजबूत रही है। ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत डिमांड बरकरार है। अर्बन क्षेत्र में B2B बिजनेस ग्रोथ अच्छी रही है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। कीमतें बढ़ाने का नतीजों पर पॉजिटव असर देखने को मिला है। Q2 में भी वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है।

कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद

उन्होनें आगे कहा कि तिमाही में प्रोडक्ट कीमतें 12-14% तक बढ़ाई गई हैं। अप्रैल और जून में प्रोडक्ट के दाम बढ़ाए गए हैं। कच्चे माल के दाम में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ कमोडिटी के दाम कम होना शुरु हुए हैं। कुछ कमोडिटी के दाम स्थिर बने हुए है। जरूरत पड़ने पर कीमतों की समीक्षा करेंगे। कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद है।

कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं

अप्रैल में डीलर्स की तरफ से काफी स्टॉकिंग हुई है। फेस्टिवल से पहले स्टॉकिंग बढ़ जाती है। कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं होगा। आगे भी डिमांड में कोई कमी नहीं आएगी।

ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ

B2B सेगमेंट में काफी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। अर्बन क्षेत्र में डिमांड में मजबूती देखने को मिली है। कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ने से भी मांग मजबूत हुई है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। डेकोरेटिव और प्रीमियम प्रोडक्ट की मांग बेहतर रही है। ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ रही है।

टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को मिला सपोर्ट

एशियन पेंट्स  ने पहली तिमाही में एंटी डैम्प प्रोडक्ट लॉन्च किया है। एंटी डैम्प प्रोडक्ट की प्राइसिंग कम रही है। नए टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को सपोर्ट मिला है। नया एंटी इमलशन भी लॉन्च किए गए हैं।

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स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

प्रभुदास लीलाधर ने 29 जुलाई,2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में एशियन पेंट्स के लिए 2,720 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इस शेयर में बने रहने की सलाह दी है। उधर जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का कहना है कि कंपनी के प्रोडक्टस की अच्छी मांग बनी हुई है और ऊंचे बेस और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए वॉल्यूम ग्रोथ का अपना अनुमान बरकरार रखा है। 29 जुलाई जारी एक नोट में,नोमुरा ने कंपनी के लिए पहली तिमाही को शानदार बताया है। ब्रोकरेज में इस स्टॉक पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस को 3,600 रुपये से बढ़ाकर 3,750 रुपये कर दिया है।

शेयर की चाल पर एक नजर

12.40 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 31.90 रुपए यानी 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 2730 रुपए के आसपास नजर आ रहा था। आज का इसकी इंट्राडे लो 2,666.20 रुपए है। वहीं, इसका दिन का हाई 2,767.90 रुपए है। 1 हफ्ते में यह शेयर 2.37 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 3.63 फीसदी तेजी आई है। इस साल अब तक यह शेयर 1.39 फीसदी गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 13.01 फीसदी की तेजी दिखाई है। जबकि, 3 साल में इसने 19.52 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bank of Baroda Share Price: नोमुरा ने जून तिमाही के नतीजों के बाद घटाया टारगेट प्राइस, शेयर गिरा

बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के शेयर में 28 जुलाई को गिरावट दिखी। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने बीओबी के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। उसने बैंक के जून तिमाही के नतीजों के बाद ऐसा किया है। उसने टारगेट प्राइस को 300 रुपये से घटाकर 280 रुपये कर दिया है। हालांकि, शेयर पर उसने अपनी रेटिंग ‘न्यूट्रल’ बनाए रखी है।

नोमुरा ने कहा है, “बीओबी के जून तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। प्रोविजनिंग से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 6480 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 13 फीसदी ज्यादा है। लेकिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 19 फीसदी कम है। यह अनुमान से 4 फीसदी कम है।”

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “जून तिमाही में बैंक की फीस से इनकम कम रही। इसका असर मुनाफे पर पड़ा। हालाांकि, कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही दर तिमाही आधार पर स्टेबल रहा।” हालांकि, रिपोर्ट में यह कहा गया है कि बैंक को एनएमसी ग्रुप के साथ 56.8 अरब रुपये के सेटलमेंट के असर को बर्दाश्त करना पड़ा।

जून तिमाही में ऑपरेटिंग प्रदर्शन कमजोर रहने के बावजूद क्रेडिट कॉस्ट कम रहने से प्रॉफिट को सपोर्ट मिला। बैंक की ग्रॉस लोन ग्रोथ साल दर साल आधार पर 18 फीसदी रही। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर एडवान्सेज में 1 फीसदी गिरावट आई। डिपॉजिट ग्रोथ साल दर साल आधार पर 14 फीसदी रही। लेकिन, CASA रेशियो तिमाही दर तिमाही आधार पर 117 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 37.7 फीसदी पर आ गया।

नोमुरा ने बैंक ऑफ बड़ौदा के FY27 के प्रति शेयर अर्निंग्स के अनुमान को 13 फीसदी तक घटाया है। इसकी बड़ी वजह एनएमसी सेटलमेंट है। हालांकि, उसने FY28 के प्रति शेयर अर्निंग्स अनुमान को अपरिवर्तित रखा है। बीओबी का शेयर 25 जुलाई को 2.05 फीसदी गिरकर 239 रुपये पर बंद हुआ। 2026 में यह शेयर 20 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

28 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक कारोबार के अंतिम कुछ मिनटों में हरे से लाल निशान में आ गए। सेंसेक्स 0.05 फीसदी यानी 46 अंक गिरकर 76,796 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.02 फीसदी यानी 7 अंक गिरकर 23,990 पर क्लोज हुआ।

SpaceX आया रिकॉर्ड हाई से 50% नीचे, इस कारण कमजोर हो रहा Elon Musk का शेयर

Elon Musk’s SpaceX Big Fall: एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री की। इसने निवेशकों को मालामाल कर दिया और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क और अमीर हो गए और वह दुनिया के इकलौते ट्रिलेनियनर यानी कि एक ट्रिलियन डॉलर यानी $1 लाख करोड़ की दौलत वाले शख्स बन गए। हालांकि अब स्पेसएक्स के शेयरों की भारी गिरावट ने मस्क की दौलत गिरा दी और अब वह ट्रिलेनियनर नहीं रह गए। 24 जुलाई को एलॉन मस्क ने X (पूर्व नाम Twitter) पर मजाकिया अंदाज में लिखा, पूर्व ट्रिलेनियर।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को $135 के भाव पर जारी हुए थे। 12 जून को मार्केट में इसकी $150 के भाव पर एंट्री हुई थी और पहले ही कारोबारी दिन $176.52 के हाई पर पहुंचने के बाद $160.95 के भाव पर बंद हुआ। इसके दो ही दिन बाद 16 जून को यह $225.64 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था लेकिन अब नास्डाक पर यह $113.50 पर यानी कि हाई लेवल से यह 49.70% नीचे आ चुका है। वैसे इसका रिकॉर्ड निचला स्तर $108.66 है जो इसने 27 जुलाई को इंट्रा-डे में छुआ।

क्यों टूट रहा SpaceX का शेयर?

स्पेसएक्स के आईपीओ फाइलिंग में सामने आया था कि कंपनी कितना खर्च कर रही है और इसका टारगेट क्या है। अब जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे से लेटेस्ट तस्वीर सामने आई है जैसे कि कंपनी को जून तिमाही में करीब $430 करोड़ का नेट लॉस हुआ, $470 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ, कैपिटल एक्सपेंडिचर $1010 करोड़ रहा जिसमें से $772 करोड़ सिर्फ एआई पर खर्च हुए। जब शेयर चढ़ रहे थे तो निवेशकों ने इन खर्चों पर ध्यान नहीं दिया और इसे एलॉन मस्क के उस अनुमान से भी सपोर्ट मिला जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2030 के आखिरी तक स्पेसएक्स सालाना $1 ट्रिलियन रेवेन्यू हासिल कर सकती है जोकि साल 2025 के $1870 करोड़ के रेवेन्यू से 50 गुना से भी अधिक है।

हालांकि निवेशक अब इसके खर्चों पर ध्यान दे रहे हैं जिसके चलते शेयरों पर दबाव दिखा। इसके अलावा स्टारशिप की 13वीं टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से इसके मार्केट कैप में करीब $10 हजार करोड़ की गिरावट आई। स्पेसएक्स के लिए स्टारशिप काफी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, क्योंकि इसी से कंपनी की भविष्य की एआई और मंगल ग्रह से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अब आगे कैसी रहेगी चाल?

निवेशकों की नजरें अब 4 अगस्त को आने वाले स्पेसएक्स के कारोबारी नतीजे पर हैं। यह पहली बार होगा, जब एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी के तौर पर यह अपना रिजल्ट पेश करेगी। इसके अवावा 6 अगस्त को लॉक-अप एक्सपायरी होने को लेकर भी निवेशकों की नजर है। लॉक-अप एक्सपायरी से लाखों शेयर मार्केट में आ सकते हैं तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

ट्रेडिंगकी की रिपोर्ट के मुताबिक इसे कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स ने 12 महीने के लिए इसका औसत टारगेट प्राइस $235.18 तय किया है। एनालिस्ट्स के मुताबिक हाइएस्ट टारगेट प्राइस $800 और लोएस्ट टारगेट $115 का है। स्पेसएक्स में शुरुआती दौर में निवेश करने वाले और Atreides Management के सीआईओ गैविन बेकर ने सीएनबीसी पर कहा कि उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि आईपीओ के बाद शुरुआती दौर में गिरावट सामान्य बात है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kalyan Jewellers में एक म्यूचुअल फंड हाउस बेच सकता है 5 करोड़ शेयर, कीमत फिसली

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयरों में 27 जुलाई को गिरावट है। दिन में शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक नीचे आया। BSE पर कीमत 563.65 रुपये के लो तक गई। ऐसी खबर है कि एक बड़ा घरेलू म्यूचुअल फंड हाउस ब्लॉक डील के जरिए कल्याण ज्वेलर्स के लगभग 5 करोड़ शेयर बेच सकता है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर में कम समय में आए तेज उछाल को देखते हुए म्यूचुअल फंड कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। इस डील के लिए दो बैंकर नियुक्त किए गए हैं।

शेयर बिक्री करने वाले म्यूचुअल फंड का नाम सामने नहीं आया है। कल्याण ज्वेलर्स में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 37.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसमें से 15.41 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंड्स के पास था। सुंदरम म्यूचुअल फंड के पास सुंदरम मिड कैप फंड के जरिए 1.33 प्रतिशत, फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड के पास 1.64 प्रतिशत और मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड के पास 9.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कल्याण ज्वेलर्स का मार्केट कैप 58500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। 2 सप्ताह में यह लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी 4 अगस्त को अपने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करेगी। जून तिमाही में कंपनी ने 12 कल्याण शोरूम और 5 कैंडेरे स्टोर खोले। 30 जून तक इसके कुल आउटलेट्स की संख्या 524 तक पहुंच गई।

Kalyan Jewellers पर सिटी है बुलिश

जुलाई महीने की शुरुआत में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर के लिए ब्रोकरेज सिटीग्रुप ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस 750 रुपये प्रति शेयर बरकरार रखा था। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी के बिजनेस पर अपडेट सामने आने के बाद ब्रोकरेज ने अपना व्यू दिया था। तिमाही के दौरान कल्याण ज्वेलर्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 38 प्रतिशत बढ़ा। इंटरनेशनल ऑपरेशंस से रेवेन्यू में लगभग 35 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई। तिमाही के दौरान इंटरनेशनल मार्केट ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान दिया।

सिटी ने स्टॉक पर अपना कंस्ट्रक्टिव लॉन्ग-टर्म व्यू बरकरार रखा है। उसे उम्मीद है कि कंपनी की फ्रेंचाइजी-लेड एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी प्रॉफिटेबल ग्रोथ को सपोर्ट करती रहेगी, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड (RoCE) में भी सुधार करेगी।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 240 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 30 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 335 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह पिछली क्लोजिंग से 81 प्रतिशत तक ज्यादा है। ब्रोकरेज का यह व्यू मीशो के जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद आया है।

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही के दौरान मीशो का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर 54 प्रतिशत घटकर 132.83 करोड़ रुपये रह गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया। घाटा घटने की वजह ज्यादा बिक्री और ऑर्डर कैंसिलेशन (ऑर्डर रद्द होने) में कमी रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) सालाना आधार पर लगभग 26 प्रतिशत बढ़कर 19,054 करोड़ रुपये हो गई। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) यानि कि डिलीवर किए गए ऑर्डर की वैल्यू साल-दर-साल आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 11,614 करोड़ रुपये हो गई।

कुल खर्च बढ़कर 3959.24 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2777.64 करोड़ रुपये के थे। मीशो को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यूजर्स की संख्या और खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी दिखेगी, लेकिन NMV की ग्रोथ धीमी रहेगी।

Meesho पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-2031 के दौरान मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 27.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगी। यह मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते ATU (एक्टिव ट्रांजेक्टिंग यूजर्स) और ऑर्डर करने की थोड़ी ज्यादा फ्रीक्वेंसी से प्रेरित होगी। इसके साथ ही, मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से वित्त वर्ष 2031 तक Meesho के एडजस्टेड मार्केटप्लेस EBITDA मार्जिन में 760 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा दिख सकता है। यह आंकड़ा 4.75% तक पहुंच सकता है।

ज्यादा ऐड मॉनेटाइजेशन और लॉजिस्टिक्स स्प्रेड के नॉर्मलाइजेशन से वित्त वर्ष 2031 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में 400 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और यह 7.5% तक पहुंच सकता है। वहीं, 255 बेसिस पॉइंट्स ऑपरेटिंग लेवरेज से वित्त वर्ष 2031 तक एडजस्टेड EBITDA ₹4,800 करोड़ (3.75% मार्जिन पर) तक पहुंच सकता है।

Bank of Baroda: Q1 नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट, 75% अभी भी ‘बाय’ रेटिंग के साथ; शेयर 2% गिरा

Meesho का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट

ब्रोकरेज का कहना है कि Meesho एक मल्टी-साइडेड मार्केटप्लेस चलाती है, जो कंज्यूमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़ता है। इससे एक ऐसा सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग फ्लाईव्हील बनता है जो प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है और इसके कॉस्ट एडवांटेज को बनाए रखता है। कंपनी ने कम लागत वाले लॉजिस्टिक्स, जीरो सेलर कमीशन और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों व सेलर्स के लिए ऑनबोर्डिंग की मुश्किलों को कम करके चीजों को सस्ता और आसान बनाया है।

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पारंपरिक रिटेलर्स और दूसरे इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के उलट, Meesho का बिजनेस मॉडल असल में एसेट-लाइट है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर या इन्वेंट्री पर बहुत कम पूंजीगत खर्च (CAPEX) की जरूरत होती है। कंपनी नेगेटिव वर्किंग कैपिटल पर भी काम करती है, जिससे बड़ी फ्लोट इनकम होती है और काफी फ्री कैश फ्लो जेनरेट होता है। मीशो के स्टॉक को कवर करने वाले 14 एनालिस्ट्स में से 8 ने “बाय” रेटिंग दी है। 3 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

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HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर में आगे 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 470 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 381.25 रुपये से 23 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक पर ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सरकारी कंपनी HPCL को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी को 4,575.87 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी ​आई। लेकिन फिर भी HPCL ने पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचा। इसकी वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया। कंपनी का मुनाफा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस LPG की बिक्री पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.19 लाख करोड़ रुपये था।

HPCL पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि HPCL ने मार्केटिंग मार्जिन उम्मीद से कम रहने के कारण ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। अनुमान ₹161.3 अरब के ऑपरेटिंग लॉस का था। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (इन्वेंट्री सहित) नेगेटिव ₹14.9/लीटर रहा, जबकि अनुमान नेगेटिव ₹9.4/लीटर का था। LPG अंडर-रिकवरी ₹56 अरब रही। ब्रोकरेज को अनुमान है कि HPCL वित्त वर्ष 2028 में इक्विटी पर 17.3 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज करेगी।

HPCL का मार्केट कैप 81100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 23 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 54.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जेफरीज और नोमुरा का रुख

HPCL के शेयर पर जेफरीज ने “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस ₹325 प्रति शेयर रखा है। जून तिमाही में कंपनी का नुकसान ब्रोकरेज के अनुमान से कम था। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि HPCL पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए घाटा दर्ज कर सकती है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्पॉट मार्केटिंग मार्जिन फिर से घाटे में चले गए हैं।

नोमुरा ने HPCL के लिए “न्यूट्रल” रेटिंग और ₹440 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। HPCL पर नजर रखने वाले 33 एनालिस्ट्स में से 15 ने “बाय” रेटिंग दी है। 7 ने “होल्ड” रेटिंग और 11 ने “सेल” रेटिंग दी है।

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